शनिवार, 11 फ़रवरी 2012

जारी रहेगी हुक्का बार पर रोक


जारी रहेगी हुक्का बार पर रोक

(शैलेन्द्र कुमार)

जयपुर (साई)। जयपुर में हुक्का बारों पर लगाई गई रोक जारी रहेगी। आज गृह विभाग ने इस बारे में एक अधिसूचना जारी की। गौरतलब है कि जयपुर पुलिस द्वारा हुक्का बारों पर लगाई गई रोक की अवधि कल समाप्त हो गई थी। हुक्का बारों में इस्तेमाल होने वाले तम्बाकू और निकोटिन से स्वास्थ्य पर पड़ने वाले हानिकारक असर को देखते हुए यह फैसला लिया गया है। हुक्का बार चलाने वाले लोगों पर भारतीय दण्ड संहिता की धारा 188 के तहत मामला दर्ज किया जा सकेगा।

भाजपा का डैमेज कंट्रोल आरंभ


भाजपा का डैमेज कंट्रोल आरंभ

(आशय अर्गल)

शिमला (साई)। दिल्ली में आला कमान की बैठक के बाद प्रदेश भाजपा ने डैमेज कन्ट््रोल के प्रयास शुरू कर दिए हैं। पार्टी के प्रदेश महामन्त्री राम स्वरूप शर्मा ने आज शिमला में बताया कि भाजपा राष्ट््रीय महामन्त्री जगत प्रकाश नड्डा व राष्ट््रीय सचिव श्याम जाजू 12 से 14 फरवरी तक शिमला में तीन दिवसीय दौरे के दौरान स्थिति का जायजा लेगें।
इस कड़ी में 12 फरवरी को पार्टी नेता शिमला के प्रदेश पार्टी कार्यालय दीपकमल में कार्यकर्ताओं से एक बैठक में सरकार के विकास कार्यक्रमों पर चर्चा करेंगे। दोपहरबाद विभिन्न निगमों व बोर्डो के अध्यक्षों व उपाध्यक्षों से मिलेंगे व उसी दिन शाम को भाजपा प्रदेश अध्यक्ष खीमींराम शर्मा सहित अन्य पदाधिकारियों व जिला अध्यक्षों की एक बैठक में भी ये राष्ट््रीय नेता शिरकत करेंगे। राम स्वरूप शर्मा ने बताया कि 1314 फरवरी को मन्त्री मण्डल के सदस्यों और विधायकों के साथ बैठक कर ये नेता विभिन्न पहलुओं का आंकलन कर आगे की रणनीति तैयार करेंगे।

आरोप लगाने के पहले अपनी गिरेबां में झांक ले भाजपा: इमरान


आरोप लगाने के पहले अपनी गिरेबां में झांक ले भाजपा: इमरान



(अखिलेश दुबे)

सिवनी (साई)।। ‘‘फोरलेन की जर्जर हालत के लिए कांग्रेस पर आरोप लगाने के पहले भारतीय जनता पार्टी अपने गिरेबां में झांक ले। फोरलेन का काम क्यों और कैसे रूका है, इस बारे में खुलासे दर खुलासे से साफ होने लगा है कि प्रदेश की शिवराज सिंह चौहान सरकार की मंशा ही इस फोरलेन को बनाने की नहीं है।‘‘ उक्ताशय की बात नगर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष इमरान पटेल ने कहीं हैं।
आज नगर कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता फिरोज खान द्वारा जारी विज्ञप्ति कहा गया है कि नगर कांग्रेस के अध्यक्ष इमरान पटेल ने कहा है कि पुरोहित के दो सौ रूपए चुराने वाली भाजपा की सिवनी विधायक श्रीमति नीता पटेरिया ने इस संबंध में अब तक विधान सभा में प्रश्न क्यों नही लगाया है कि फोरलेन से संबंधित प्रपत्र अब तक वन विभाग द्वारा राज्य शासन के माध्यम से केंद्र को नहीं भेजे हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी की सरकार है फिर क्या वजह है कि दिसंबर 2008 को तत्कालीन जिला कलेक्टर के आदेश भाजपा द्वारा निरस्त नहीं करवाया गया।
उन्होंने कहा कि जब तब मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा फोरलेन के बारे में बड़े बड़े दावे किए जाते हैं। मध्य प्रदेश के घोषणावीर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा कहा गया था कि भले ही सूरज पश्चिम से निकलने लगे पर फोरलेन यहीं से जाएगा। घोषणावीर मुख्यमंत्री को जमीनी हकीकत का पता ही नहीं है। उन्हें यह भी नहीं पता है कि उनके मातहत कर्मचारी अधिकारियों द्वारा ही प्रस्ताव अब तक केंद्र को नहीं भेजा है।
इमरान पटेल ने आगे कहा कि एक सप्ताह में दो सौ गांव का दौरा करने वाली सिवनी की विधायक श्रीमति नीता पटेरिया यह बताने का जतन करेंगी कि इतने कम समय में दो सौ गांव का दौरा उन्होंने किस तरह कर लिया। क्या भाजपा विधायक श्रीमति पटेरिया गांव गांव जाकर धूल उड़ाने का काम कर रही हैं। गांव गांव जाकर श्रीमति नीता पटेरिया द्वारा जो भूमिपूजन आदि किए जा रहे हैं वे आखिर किस मद में बनाए जाने हैं? क्या यह राशि राज्य सरकार की है? क्या भाजपा इस बात का खुलासा करेगी कि सांसद रहते हुए श्रीमति नीता पटेरिया द्वारा एक दिन में सात सौ किलोमीटर का जनसंपर्क किस तरह करके सरकारी खजाने से भुगतान पाया था।
नगर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष ने कहा कि सिवनी की जनता इस बात को भली भांति समझ चुकी है कि 2008 में विधानसभा चुनावों की आचार संहिता के दौरान कलेक्टर ने किसके इशारे पर मोहगांव से खवासा तक का सड़क निर्माण का काम परोक्ष तौर पर रोका था। जब मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान दुबारा मुख्यमंत्री बन गए तब इस आदेश को अब तक निरस्त नहीं करवाया जाना साफ दर्शाता है कि श्रीमति नीता पटेरिया सहित भाजपा के विधायक यहां तक कि भाजपा ही नहीं चाहती की फोरलेन का निर्माण हो। वहीं दूसरी ओर अपनी गल्तियों पर पर्दा डालने के लिए भाजपा द्वारा अनेकों बार कांग्रेस पर अनर्गल आरोप लगाए जाते रहे हैं, जिनकी सच्चाई से जनता भली भांति परिचित हो चुकी है। अब जबकि भाजपा की पोल खुल गई है तब भाजपा द्वारा जनता को बरगलाने का असफल प्रयास किया जा रहा है।

श्री कृष्ण स्वयं है पीपल


हर्बल खजाना ----------------- 21

श्री कृष्ण स्वयं है पीपल



(डॉ दीपक आचार्य)

अहमदाबाद (साई)। भगवान श्री कृष्ण गीता उपदेश में इस वृक्ष की महिमा का बखान करते हुए कहा है कि पीपल पेड़ों में उत्तम और दिव्य गुणों से सम्पन्न है और मैं स्वयं पीपल हूँ। पीपल के औषधिय गुणों का बखान आयुर्वेद में भी देखा जा सकता है। पीपल का वानस्पतिक नाम फ़ाइकस रिलिजियोसा है।
इसके सूखे फ़ल मूत्र संबंधित रोगों के निवारण के लिये काफ़ी अच्छे होते है। आदिवासी हल्कों में इसकी कोमल जडों को उस महिला को दिया जाता है जो संतान प्राप्ति चाहती हैं। पीपल के फ़ल, छाल, जडों और नयी कलियों को एकत्र कर दूध में पकाया जाता है और फ़िर इसमें घी, शक्कर और शहद मिलाया जाता है, आदिवासियों के अनुसार यह मिश्रण नपुँसकता दूर करता है।
पातालकोट जैसे आदिवासी बाहुल्य भागों में जिन महिलाओं को संतान प्राप्ति नहीं हो रही हो, उन्हे पीपल वृक्ष पर लगे वान्दा (रसना) पौधे को दूध में उबालकर दिया जाता है। इनका मानना है कि यह दूध गर्भाशय की गरमी को दूर करता है जिससे महिला के गर्भवती होने की संभावना बढ जाती है।
मुँह में छाले हो जाने की दशा में यदि पीपल की छाल और पत्तियों के चूर्ण से कुल्ला किया जाए तो आराम मिलता है। पीपल की एक विशेषता यह है कि यह चर्म-विकारों को जैसे-कुष्ठ, फोड़े-फुन्सी दाद-खाज और खुजली को नष्ट करता है। डाँगी आदिवासी पीपल की छाल घिसकर चर्म रोगों पर लगाने की राय देते हैं। कुष्ठ रोग में पीपल के पत्तों को कुचलकर रोगग्रस्त स्थान पर लगाया जाता है तथा पत्तों का रस तैयार कर पिलाया जाता है। 

(साई फीचर्स)
www.abhumka.com
deepak@abhumka.com

शुक्रवार, 10 फ़रवरी 2012

भट्टा परसौला न बन जाए घंसौर


0 घंसौर को झुलसाने की तैयारी पूरी . . .  61

भट्टा परसौला न बन जाए घंसौर

जनसेवकों का मौन संदिग्ध



(लिमटी खरे)

नई दिल्ली (साई)। जिस तरह जमीन के मुआवजे को लेकर उत्तर प्रदेश के भट्टा परसौला में किसानों का आदोलन छेड़ा था, उसी तर्ज पर अब मध्य प्रदेश के सिवनी जिले का केंद्र सरकार की छटवीं अनुसूची में अधिसूचित आदिवासी बाहुल्य घंसौर तहसील जाते दिख रहा है। आदिवासियों की जमीनों पर जबरिया कब्जे के आरोप देश के मशहूर उद्योगपति गौतम थापर के स्वामित्व वाले अवंथा समूह के सहयोगी प्रतिष्ठान मेसर्स झाबुआ पावर लिमिटेड पर लगने लगे हैं।
आदिवासियों के नाम पर सत्ता का सुख भोगने वाले राजनैतिक दलों के जनसेवकों द्वारा भी इस मामले में मौन साधे रहना आश्चर्यजनक ही माना जा रहा है। चर्चा है कि मेसर्स झाबुआ पावर लिमिटेड द्वारा सिवनी जिले के सांसद विधायकों को भी जमकर उपकृत किया गया है, संभवतः यही कारण है कि सांसद विधायकों द्वारा भी इस संबंध में मौन ही साधे रखा गया है। किसी ने भी इस मसले में लोकसभा या विधानसभा में प्रश्न पूछने की जहमत नहीं उठाई है।
बताया जाता है कि घंसौर क्षेत्र के आदिवासियों की स्थिति इतनी दयनीय हो गई है कि बिचौलियों के हाथों जमीन बेचने के बाद अब आदिवासी रोजगार की तलाश में पलायन को मजबूर हो रहे हैं। जमीन का अधिग्रहण करते वक्त मेसर्स झाबुआ पावर लिमिटेड द्वारा आदिवासियों को जो सब्ज बाग दिखाए गए थे, वे अब तार तार हो रहे हैं। आलम यह है कि भोजन पानी के जुगाड़ में आदिवासी अब यत्र तत्र मेहनत मजदूरी को विवश हैं।
आदिवासियों के वोट बैंक पर राजनीति करने वाली कांग्रेस और भाजपा की नकारात्मक दृष्टि का खामियाजा क्षेत्र के आदिवासी भुगत रहे हैं। क्षेत्र के आदिवासियों को उनकी जमीन का वाजिब हक और मूल्य न मिल पाने एवं मेसर्स झाबुआ पावर लिमिटेड के कोल आधारित पावर प्लांट के डलने से उतपन्न होने वाले प्रदूषण से आदिवासी भयाक्रांत नजर आ रहे हैं। आदिवासियों में उपजे रोष और असंतोष को देखकर लगने लगा है कि कहीं आदिवासी बाहुल्य घंसौर तहसील भी यूपी के भट्टा परसौला में तब्दील न हो जाए।
कुल मिलाकर सिवनी जिले की आदिवासी बाहुल्य तहसील घंसौर में पर्यावरण बिगड़े, प्रदूषण फैले, क्षेत्र झुलसे या आदिवासियों के साथ अन्याय हो इस बात से मध्य प्रदेश सरकार के प्रदूषण नियंत्रण मण्डल और केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय को कुछ लेना देना नहीं है। यह सब देखने सुनने के बाद भी केंद्र सरकार का वन एवं पर्यावरण मंत्रालय, मध्य प्रदेश सरकार, मध्य प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण मण्डल, जिला प्रशासन सिवनी सहित भाजपा के सांसद के।डी।देशमुख विधायक श्रीमति नीता पटेरिया, कमल मस्कोले, एवं क्षेत्रीय विधायक जो स्वयं भी आदिवासी समुदाय से हैं श्रीमति शशि ठाकुर, कांग्रेस के क्षेत्रीय सांसद बसोरी सिंह मसराम एवं सिवनी जिले के हितचिंतक माने जाने वाले केवलारी विधायक एवं विधानसभा उपाध्यक्ष हरवंश सिंह ठाकुर चुपचाप नियम कायदों का माखौल सरेआम उड़ते देख रहे हैं।
कुल मिलाकर सिवनी जिले की आदिवासी बाहुल्य तहसील घंसौर में पर्यावरण बिगड़े, प्रदूषण फैले, क्षेत्र झुलसे या आदिवासियों के साथ अन्याय हो इस बात से मध्य प्रदेश सरकार के प्रदूषण नियंत्रण मण्डल और केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय को कुछ लेना देना नहीं है। यह सब देखने सुनने के बाद भी केंद्र सरकार का वन एवं पर्यावरण मंत्रालय, मध्य प्रदेश सरकार, मध्य प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण मण्डल, जिला प्रशासन सिवनी सहित भाजपा के सांसद के।डी।देशमुख विधायक श्रीमति नीता पटेरिया, कमल मस्कोले, एवं क्षेत्रीय विधायक जो स्वयं भी आदिवासी समुदाय से हैं श्रीमति शशि ठाकुर, कांग्रेस के क्षेत्रीय सांसद बसोरी सिंह मसराम एवं सिवनी जिले के हितचिंतक माने जाने वाले केवलारी विधायक एवं विधानसभा उपाध्यक्ष हरवंश सिंह ठाकुर चुपचाप नियम कायदों का माखौल सरेआम उड़ते देख रहे हैं।

(क्रमशः जारी)

बंग्लादेश विवाद खा गया हरीश खरे को


बजट तक शायद चलें मनमोहन. . . 83

बंग्लादेश विवाद खा गया हरीश खरे को



(लिमटी खरे)

नई दिल्ली (साई)। तीक्ष्ण बुद्धि के धनी प्रधानमंत्री डॉ.मनमोहन सिंह के मीडिया एडवाईजर हरीश खरे को पीएमओ से रूखसत कराने में बंग्लादेश का विवाद भी प्रमुख भूमिका निभा गया। हरीश खरे और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार शिवशंकर मेनन के बीच की खटापटी भी हरीश खरे की बिदाई में अहम भूमिका निभा गई। मध्य प्रदेश काडर के भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी उदय कुमार वर्मा की टीप अंततः खरे को पीएमओ से निकलवाने में सहायक साबित हुई।
गौरतलब है कि जब संपादकों की टोली से चर्चा के दौरान प्रधानमंत्री ने ऑफ द रिकार्ड बंग्लादेश पर बयान दिया और वह पीएमओ के माध्यम से पत्र सूचना कार्यालय की वेब साईट पर आ गया तब जमकर हंगामा हुआ। इसी बीच इस विवाद के लिए जिम्मेदार शख्स को खोजने के लिए एक समीति का गठन किया गया। इसके लिए गठित औपचारिक आंतरिक जांच समिति के गठन के साथ ही शिवशंकर मेनन और हरीश खरे में मनमुटाव आरंभ हुआ।
पीएमओ के सूत्रों का कहना है कि हरीश खरे और मेनन दोनों ही एक दूसरे पर यह आरोप मढ़ रहे थे कि पीआईबी की वेब साईट पर यह अपलोड उन्हीं के कारण हुआ है। इस विवाद में मेनन भारी पड़े क्योंकि उन्होंने कहा कि पीआईबी की वेब साईट पर अपलोड करने के पहले हरीश खरे ने टांसस्क्रिप्ट नहीं देखी। हरीश खरे को इसकी कीमत अंततः चुकाना ही पड़ा। सूत्रों के अनुसार चूंकि शिवशंकर मेनन प्रधानमंत्री डॉ.मनमोहन सिंह, वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी, रक्षा मंत्री ए.के.अंटोनी के नवरत्नों में से हैं इसलिए उनकी जान बच गई और हरीश खरे को पीएमओ से रूखसत होना पड़ा।
सूचना प्रसारण मंत्री अंबिका सोनी के करीबी सूत्रों के अनुसार सोनिया गांधी के नयनों के तारे पुलक चटर्जी के पीएमओ में प्रधान सचिव के पद पर आसीन होने के उपरांत चटर्जी ने सूचना प्रसारण मंत्री अंबिका सोनी को बुलवाकर पीएम के मीडिया एडवाईजर की खोज करने को कहा। अंबिका सोनी ने तत्काल अपने सबसे विश्वस्त और मध्य प्रदेश काडर के आईएएस एवं सूचना प्रसारण मंत्रालय के सचिव उदय कुमार वर्मा को इस काम के लिए पाबंद कर दिया।
सूत्रों की मानें तो उदय कुमार वर्मा ने अपने मध्य प्रदेश के संबंधों का इस्तेमाल करते हुए तीन नाम सुझाए जिसमें पंकज पचौरी के अलावा मध्य प्रदेश कोटे से केंद्रीय मंत्री का पीआर देखने वाले एक पत्रकार का नाम भी शामिल था। अंत में हरीश खरे को विश्वास में लिए बिना ही पीएमओ में पंकज पचौरी की तैनाती का फरमान आ गया। फिर क्या था हरीश खरे को मजबूरन त्यागपत्र देना पड़ा। सूत्रों ने कहा है कि पंकज पचौरी पीएम के मीडिया एडवाईजर का काम अवश्य देख रहे हैं पर अभी भी पुलक चटर्जी पीएम के सटीक मीडिया एडवाईजर की खोज में लगे ही हैं।

(क्रमशः जारी)

माल गडियों को प्राथमिकता मिलेगी


माल गडियों को प्राथमिकता मिलेगी

(शरद खरे)

नई दिल्ली (साई)। प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह ने केन्द्रीय मंत्रालयों को रेलवे की माल गलियारा परियोजना को उच्च प्राथमिकता देने को कहा है। इस परियोजना पर लगभग एक लाख करोड़ रूपये की लागत आएगी। कल नई दिल्ली में प्रधानमंत्री कार्यालय में हुई बैठक में राज्यों के प्रतिनिधियों और मुख्य सचिवों ने इस परियोजना के लिए पूरा सहयोग देने का आश्वासन दिया।
बैठक में फैसला किया गया कि इस परियोजना के लिए तेजी से जमीन लेने और इससे जुड़े अन्य मुद्दे सुलझाने के लिए राज्य सरकारें निगरानी समितियां बनाएंगी। प्रधानमंत्री कार्यालय भी इस पर पूरी नजर रखेगा जिससे हर कार्रवाई समयबद्ध तरीके से की जा सके। ये परियोजना तीन हजार तीन सौ किलोमीटर से अधिक के दायरे में देश के विभिन्न स्थानों को जोड़ेगी।
ी � e � � `� � �� आदेश दिए गए हैं। नेपाल से लगने वाली अंतरराष्ट्रीय सीमा और बिहार से लगने वाली अंतरराज्यीय सीमा सील कर दी गई है। गंगा, सरयू और घाघरा नदियों में सशस्त्र सुरक्षा दस्ता तैनात किए गए हैं। निर्वाचन आयोग ने मतदान में लोगों की भागीदारी बढ़ाने के लिए प्रत्येक मतदान केंद्र पर सहायता केंद्र बनाया है और मतदाता स्लिप का भी वितरण कराया है। कांग्रेस, बहुुजन समाज पार्टी और समाजवादी पार्टी ने सभी ५९ क्षेत्रों में अपने उम्मीदवार उतारे हैं, जबकि भारतीय जनता पार्टी ने चार सीटें अपने सहयोगी दल जनवादी पार्टी के लिए छोड़ दी हैं।
इस बीच, चुनाव आयोग ने पांच फरवरी को चंदौली में चुनाव सभा के दौरान चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन करने पर सत्तारूढ़ बहुजन समाज पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव सतीश चंद्र मिश्र को नोटिस जारी किया है। आयोग ने उनसे १२ फरवरी तक नोटिस का जवाब देने को कहा है। श्री मिश्र पर आरोप है कि उन्होंने चुनाव सभा के दौरान जाति के नाम पर वोट मांगे। इस बीच, छठे चरण के लिए नामांकन पत्रों की आज जांच होगी। इस चरण में २८ फरवरी को वोट डाले जाएंगे।

यूपी में दूसरे चरण का मतदान कल


यूपी में दूसरे चरण का मतदान कल

(दीपांकर श्रीवास्तव)

लखनऊ (साई)। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण का प्रचार कल समाप्त हो गया। इस चरण में कल वोट डाले जाएंगे। मतदान के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई है। मतदान सुबह सात बजे शुरू होगा और पांच बजे तक चलेगा। मतदान कर्मचारी आज मतदान केंद्रों पर पहुचेंगे, जबकि सुरक्षाबल पहले से ही तैनात हैं। इस चरण में राज्य के पूर्वी क्षेत्र के नौ जिलों में ५९ निर्वाचन क्षेत्रों में ७६ महिलाओं सहित एक हजार ५८ उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं।
 निर्वाचन आयोग ने बाहरी लोगों से उन इलाकों को छोड़ देने को कहा है जहां कल वोट डाले जाएंगे। अधिकारियों को इसके लिए होटल, लॉज और अन्य सार्वजनिक आवासीय स्थलों की जांच के आदेश दिए गए हैं। नेपाल से लगने वाली अंतरराष्ट्रीय सीमा और बिहार से लगने वाली अंतरराज्यीय सीमा सील कर दी गई है। गंगा, सरयू और घाघरा नदियों में सशस्त्र सुरक्षा दस्ता तैनात किए गए हैं। निर्वाचन आयोग ने मतदान में लोगों की भागीदारी बढ़ाने के लिए प्रत्येक मतदान केंद्र पर सहायता केंद्र बनाया है और मतदाता स्लिप का भी वितरण कराया है। कांग्रेस, बहुुजन समाज पार्टी और समाजवादी पार्टी ने सभी ५९ क्षेत्रों में अपने उम्मीदवार उतारे हैं, जबकि भारतीय जनता पार्टी ने चार सीटें अपने सहयोगी दल जनवादी पार्टी के लिए छोड़ दी हैं।
इस बीच, चुनाव आयोग ने पांच फरवरी को चंदौली में चुनाव सभा के दौरान चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन करने पर सत्तारूढ़ बहुजन समाज पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव सतीश चंद्र मिश्र को नोटिस जारी किया है। आयोग ने उनसे १२ फरवरी तक नोटिस का जवाब देने को कहा है। श्री मिश्र पर आरोप है कि उन्होंने चुनाव सभा के दौरान जाति के नाम पर वोट मांगे। इस बीच, छठे चरण के लिए नामांकन पत्रों की आज जांच होगी। इस चरण में २८ फरवरी को वोट डाले जाएंगे।

आग से नो मरे


आग से नो मरे

(दिशा कुमारी)

हरिद्वार (साई)। हरिद्वार में मंगलोर इलाके के मंडावली में इलेक्ट्रॉनिक सामान बनाने वाले एक कारखाने में भीषण आग लगने से नौ लोगों की मृत्यु हो गई। पुलिस के अनुसार बुधवार शाम को लगी आग बुझा दी गई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार पुलिस का कहना है कि तलाशी और बचाव कार्य जारी है।
पुलिस प्रशासन ने राहत और बचाव कार्य के बीच बुरी तरह जले हुए नौ शव बरामद किए हैं जिनके पहचान के लिए डीएनए टेस्ट की भी व्यवस्था की जा रही है। पुलिस के अनुसार आग लगने की असली वजह तो जांच के बाद ही पता चलेगी। लेकिन जानकारों का मानना है कि कारखाने के ऊपर के हिस्से में वेल्डिंग के काम के दौरान निकलने वाली चिंगारी से भड़की आग ने पूरी फैक्ट्री को खाक कर दिया। मुख्यमंत्री बी सी खंडूरी ने मृतकों के परिजनों को एक-एक लाख रूपए की सहायता की घोषणा करते हुए हादसे के मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश दिए हैं।

जहरीली शराब से मरने वाले 35 हुए


जहरीली शराब से मरने वाले 35 हुए

(शिल्प)

भुवनेश्वर(साई)। ओड़ीशा में जहरीली शराब से हुई त्रासदी में मरने वालों की संख्या बढ़कर ३५ हो गई है। जहरीली शराब पीकर बीमार हुए ११० से अधिक लोगों को कटक के एससीबी मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जबकि कई लोगों का इलाज भुवनेश्वर के विभिन्न निजी अस्पतालों में चल रहा है।
इस बीच, पुलिस और आबकारी विभाग के अधिकारी समूचे राज्य में शराब कारखानों, दुकानों और दवा कारखानों पर छापे मार रहे हैं। खबर है कि इन छापों के दौरान बड़ी संख्या में ईपीकार्म और सिनामोन दवाइयों की बोतलें बरामद की गई हैं। माना जा रहा है कि जानलेवा शराब की घोल में इन्हीं दावाइयों को मिलाया गया था जिन्हें पीकर लोग बीमार हुए। विपक्षी कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी ने मांग की है कि जहरीली शराब की त्रासदी की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए मुख्यमंत्री नवीन पटनायक को इस्तीफा देना चाहिए।

शिखर सम्मेलन आज से


शिखर सम्मेलन आज से

(प्रियंका श्रीवास्वत)

नई दिल्ली। १२वां भारत-यूरोपीय संघ शिखर सम्मेलन आज नई दिल्ली में हो रहा है। यूरोपीय संघ का प्रतिनिधित्व यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष हरमन वेन रोम्पी और यूरोपीय आयोग के अध्यक्ष जॉर्ज मैन्युअल बरोसो करेंगे, जबकि भारत का प्रतिनिधित्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह करेंगे। २००९ में यूरोपीय संघ की लिस्बन संधि लागू होने के बाद भारत में होने वाला यह पहला भारत-यूरोपीय संघ शिखर सम्मेलन है। यह शिखर सम्मेलन हर साल बारी-बारी से भारत और यूरोप में होता है।
भारत और यूरोपीय संघ के देश द्विपक्षीय व्यापार और निवेश को व्यापक बनाने के लिए कई वर्षों से बातचीत कर रहे हैं। भारत में यूरोपीय संघ के राजदूत ने कहा है कि हालांकि इस शिखर सम्मेलन के दौरान कोई व्यापार संधि नहीं होगी, फिर भी उम्मीद की जाती है कि ऐसा माहौल तैयार हो पाएगा जिससे वर्ष के मध्य में व्यापार संधि पर सहमति बन  सके। यूरोपीय संघ भारत का सबसे बड़ा व्यापार सहभागी है और दोनों के बीच ७५ करोड़ अमरीकी डॉलर से ज्यादा का कारोबार होता है। इसके अलावा आतंकवाद और अन्य मुद्दों पर भी बातचीत होगी।

गुरुवार, 9 फ़रवरी 2012

विकास के नाम पर पर्यावरण की चढ़ाई जा रही बली


0 घंसौर को झुलसाने की तैयारी पूरी . . .  60

विकास के नाम पर पर्यावरण की चढ़ाई जा रही बली

पावर प्लांट के प्रदूषण के होंगे अनेक दुष्प्रभाव



(लिमटी खरे)

नई दिल्ली (साई)। पुण्य सलिला जीवन दायनी मां नर्मदा के नाम पर सामाजिक कुंभ भरवाकर, करोड़ों रूपए पानी में बहाने, घर घर जाकर चंदा और अनाज मांगने का स्वांग करने वाली देश के हृदय प्रदेश में शासन करने वाली भारतीय जनता पार्टी द्वारा विकास के नाम पर पर्यावरण को छलनी करने के मार्ग प्रशस्त किए जा रहे हैं। भाजपा द्वारा अपने पितृ संगठन राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ की मंशाओं पर भी पानी फेरने से गुरेज नहीं किया जा रहा है।
उस मां नर्मदा को प्रदूषण का शिकार बनाने का जतन किया जा रहा है जिस मां नर्मदा की जयंती पर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान अपने परिवार के साथ जाकर हजारों मीटर की चुनरी को अर्पित किया जाता है। भारतीय जनता पार्टी के असंगठित मजदूर संगठन के नेशनल प्रेजीडेंट प्रहलाद सिंह पटेल के साथ ही साथ संसद सदस्य अनिल माधव दवे द्वारा मां नर्मदा की यात्रा की जाती है, बावजूद इसके भाजपा सरकार द्वारा नर्मदा को प्रदूषण की गोद में भेजने की तैयारी कर ही ली गई है।
गौरतलब है कि जब रानी अवंती बाई सागर परियोजना अर्थात बरगी बांध की आधार शिला रखी गई थी तब मध्य प्रदेश के किसानों के चेहरों पर गजब का तेज नजर आया था। किसानों को लगा था कि इसके बनने से अथाह जलराशि एकत्र होगी जो साल भर खेती किसानी के काम आएगी। वस्तुतः हुआ भी यही, नर्मदा के तीरे बसे शहर, कस्बे, गांव, मजरे टोले आदि में खेती किसानी के साथ ही साथ दिनचर्या के लिए पानी सुलभ हो गया।
कालांतर में नर्मदा का जल प्रदूषित होना आरंभ हुआ। मध्य प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण मण्डल के सर्वेक्षण में खुलासा हुआ है कि जीवनदायनी मां नर्मदा अमरकंटक से निकलने के कुछ किलोमीटर बाद ही प्रदूषित होना आरंभ हो गई। जबलपुर के उपरांत कई स्थानों पर इसका पानी पीने योग्य भी नहीं बचा।
विडम्बना देखिए, एमपी पीसीबी द्वारा खुद सर्वेक्षण करवाया गया और अब एमपी पीसीबी द्वारा खुद ही मेसर्स झाबुआ पावर लिमिटेड को नर्मदा नदी के मुहाने पर कोल आधारित पावर प्लांट लगाने की अनुमति प्रदाय की जा रही है। इस पावर प्लांट की लगभग एक हजार फुट उंची चिमनी से उड़ने वाली राख जब बरगी बांध में समाएगी तो रानी अवंती बाई सागर परियोजना का पानी जहरीला होने से कोई नहीं रोक सकेगा।
कुल मिलाकर सिवनी जिले की आदिवासी बाहुल्य तहसील घंसौर में पर्यावरण बिगड़े, प्रदूषण फैले, क्षेत्र झुलसे या आदिवासियों के साथ अन्याय हो इस बात से मध्य प्रदेश सरकार के प्रदूषण नियंत्रण मण्डल और केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय को कुछ लेना देना नहीं है। यह सब देखने सुनने के बाद भी केंद्र सरकार का वन एवं पर्यावरण मंत्रालय, मध्य प्रदेश सरकार, मध्य प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण मण्डल, जिला प्रशासन सिवनी सहित भाजपा के सांसद के।डी।देशमुख विधायक श्रीमति नीता पटेरिया, कमल मस्कोले, एवं क्षेत्रीय विधायक जो स्वयं भी आदिवासी समुदाय से हैं श्रीमति शशि ठाकुर, कांग्रेस के क्षेत्रीय सांसद बसोरी सिंह मसराम एवं सिवनी जिले के हितचिंतक माने जाने वाले केवलारी विधायक एवं विधानसभा उपाध्यक्ष हरवंश सिंह ठाकुर चुपचाप नियम कायदों का माखौल सरेआम उड़ते देख रहे हैं।

(क्रमशः जारी)

गलत समय में पीएमओ पहुंचे थे खरे


बजट तक शायद चलें मनमोहन. . . 82

गलत समय में पीएमओ पहुंचे थे खरे

(लिमटी खरे)

नई दिल्ली (साई)। तीक्ष्ण बुद्धि के धनी हरीश खरे को वज़ीरे आज़म डॉक्टर मनमोहन सिंह ने प्रधानमंत्री कार्यालय में लाकर बेहद ही अच्छा काम किया था, किन्तु हरीश खरे ने शायद राहुकाल में पीएमओ ज्वाईन किया था, यही कारण है कि विवादों के साथ उनका समूचा कार्यकाल चर्चित रहा। दरअसल, हरीश खरे को जब पीएमओ ले जाया गया तब, केंद्र की कांग्रेसनीत संप्रग सरकार आकंइ भ्रष्टाचार में डूबी हुई थी।
हरीश खरे के सामने सबसे बड़ी चुनौति यह थी कि उनकी ज्वाईनिंग के साथ ही टू जी घोटाला, अंतरिक्ष घोटाला, कामन वेल्थ गेम्स घोटाला, एस बेण्ड घोटाला, आदर्श सोसायटी और न जाने कितने घोटाले परवान चढ़ रहे थे। हरीश खरे के बस में यह कतई नहीं था कि वे न्यायपलिका को इस बात के लिए प्रेरित कर पाते कि वह सरकार के पक्ष में नरम रवैया अपनाए।
इतना ही नहीं मीडिया में भी इस बात को उछलने से रोकना इसलिए भी संभव नहीं था क्योंकि मीडिया के पास इन सारी बातों के पुख्ता सबूत थे। इन सबूतों के प्रकाश में मीडिया शांत रहने की स्थिति में नहीं दिख रही थी। मनमोहन सरकार के मंत्री और कांग्रेस के आला नेता भ्रष्टाचार की गंगा में डुबकी लगा रहे थे और उसकी कालिख को पोंछना हरीश खरे के बस की बात कतई ही नहीं दिखाई पड़ रही थी।
हरीश खरे की परेशानी यह भी थी कि जैसे ही घपले घोटाले की खबरें मीडिया की सुर्खियां बनतीं वैसे ही राजनेता और जनसेवक अपने इन काले कारनामों को मीडिया में उछलने के लिए प्रधानमंत्री के मीडिया एडवाईजर को ही दोषी करार देकर कटघरे में खड़ा कर देते। पीएमओ के सूत्रों का कहना है कि हरीश खरे अपनी सफाई में पीएम से कई बार मंत्रियों के भ्रष्टाचार को रोकने की बात कह चुके थे किन्तु मंत्री थे कि पीएम को भी नीचा दिखाने से नहीं चूक रहे थे।
सूत्रों ने यहां तक कहा कि जब प्रधानमंत्री डॉ.मनमोहन सिंह ने एक मंत्री को बुलाकर भ्रष्टाचार के बारे में फटकार लगाना चाहा तो उस मंत्री ने साफ तौर पर कह दिया कि वह भ्रष्टाचार खुद के लिए नहीं वरन पार्टी के लिए कर रहे हैं। पार्टी के कोषाध्यक्ष महोदय ने उन्हें टारगेट दिया है। सूत्रों ने कहा कि दरअसल, जिन राज्यों में कांग्रेस की सत्ता नहीं है, उन राज्यों की प्रदेश कांग्रेस कमेटी के दैनिक खर्चे आखिर एआईसीसी से ही पूरे किए जाते हैं।

(क्रमशः जारी)

यूआईडीए और खाद्य निगम द्वारा एमपी की प्रशंसा


यूआईडीए और खाद्य निगम द्वारा एमपी की प्रशंसा

(धीरेंद्र श्रीवास्तव)

नई दिल्ली (साई)। मध्यप्रदेश में राशन कार्डों को डिजिटाइजेशन और मंडी आवक कार्य का कम्प्यूटरीकरण किये जाने पर यूआईडीए और भारतीय खाद्य निगम के चेयरमेन ने प्रशंसा की है। यहां आयोजित दो दिवसीय सार्वजनिक वितरण प्रणाली तथा खाद्य सुरक्षा संबंधी राष्ट्रस्तरीय बैठक में मध्यप्रदेश के अपर मुख्य सचिव एंटनी डीसा ने मध्यप्रदेश में किये गये कार्यों की जानकारी दी और विभिन्न समस्याओं से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश में इस साल 65 लाख मीट्रिक टन गेहूं का उपार्जन किया जायेगा जो देश में पंजाब के बाद सर्वाधिक होगा। प्रदेश में गेहूं भण्डारण बढ़ाने के लिए विशेष प्रयास किये जा रहे हैं।
बैठक में श्री डीसा ने बताया कि मध्यप्रदेश में गेहूं खरीदी के लिए ई-उपार्जन प्रणाली अपनायी गयी है। अभी तक प्रदेश में दस लाख किसानों का पंजीयन किया जा चुका है। इस प्रणाली के तहत पंजीकृत किसानों को एस.एम.एस. से संदेश भेजकर गेहूं खरीदी केन्द्रों पर गेहूं बेचने के लिए आने की सूचना दी जायगी। किसानों से खरीदे गये गेहूं के मूल्य का भुगतान भी एकांउट पेई चैक के माध्यम से किया जायगा। बैठक में चर्चा के दौरान स्पष्ट हुआ कि ई-उपार्जन प्रणाली केवल मध्यप्रदेश में ही लागू की गयी है। भारतीय खाद्य निगम के चेयरमेन ने इस कार्य के लिए मध्यप्रदेश की सराहना की।
श्री डीसा ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली के कार्यों की जानकारी देते हुए बताया कि मध्यप्रदेश में एक करोड़ से ज्यादा राशन कार्डों का डिजिटाइजेशन अभी तक किया जा चुका है। प्रदेश के छह जिलों में बायोमैट्रिक कार्ड दिये गये हैं। प्रदेश में हुए इस कार्य की यूडीआईए के चेयरमेन ने विशेष तौर पर प्रशंसा की।
उन्होंने खाद्य सुरक्षा अधिनियम के संबंध में प्रदेश की आपत्तियां बतायीं और कहा कि प्रस्तावित अधिनियम में आबादी के प्रतिशत का आधार अवैज्ञानिक है। इसके स्थान पर मापदंडों में ऐसा प्रावधान किया जाय कि क्षेत्र विशेष में पात्र सभी व्यक्ति इसका लाभ ले सकें। उन्होंने कहा कि अधिनियम के तहत स्टेट फूड कमीशन स्थापित होना है और जिला स्तर पर सैल गठित होना है। इसमें होने वाले व्यय की पूर्ति केन्द्र द्वारा की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि अधिनियम में ऐसे प्रदेशों के लिए कोई प्रावधान नहीं किया गया है जहां पहले से ही कार्य किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि इन प्रावधानों को लचीला बनाये जाने की आवश्यकता है।

मारन के खिलाफ मामला दर्ज


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(प्रियंका श्रीवास्तव)

नई दिल्ली (साई)। प्रवर्तन निदेशालय ने टूजी स्पैक्ट्रम आवंटन घोटाले के सिलसिले में पूर्व केंद्रीय मंत्री दया निधि मारन और उनके भाई कला निधि पर मनी लांडरिंग का मामला दर्ज किया है। मनी लांडरिंग निरोधक कानून के तहत दर्ज मामला मारन बंधुओं को एयर सैल - मैक्सिस सौदे में कथित रूप से मिली करीब साढ़े पांच सौ करोड़ रूपये की अवैध रकम से संबंधित है।
पूर्व दूर संचार मंत्री दया निधि मारन ने पिछले वर्ष इन आरोपों के बाद त्याग पत्र दे दिया था कि उन्होंने २००४-२००५ में दूर संचार लाइसेंस देने के लिए एयर सैल के मुकाबले मलेशिया के कंपनी मैक्सिस का पक्ष लिया था। श्री मारन ने इन आरोपों से इंकार किया था।
इन आरोपों के सिलसिले में सीबीआई भी श्री मारन और सन टीवी के प्रबंध निदेशक कला निधि मारन की जांच कर रही है। सीबीआई इस सौदे में विदेशी मुद्रा के नियमों के कथित उल्लंघन की भी छानबीन कर रही है।

मोबाईल टावर के लिए सख्ती से बने नियम


मोबाईल टावर के लिए सख्ती से बने नियम

(यशवंत श्रीवास्तव)

नई दिल्ली (साई)। सरकार ने कहा है कि वह यह सुनिश्चित करेगी कि देश भर में मोबाइल फोन और टावर से होने वाला वि$द्युत-चुम्बकीय विकिरण निर्धारित सीमा के भीतर हो। कल नई दिल्ली में भारत के एसोसिएटिड वाणिज्य और उद्योग मंडल संघ - एसोचौम द्वारा आयोजित अन्तर्राष्ट्रीय स्वास्थ्य सम्मेलन में पत्रकारों से बातचीत करते हुए दूरसंचार मंत्री कपिल सिब्बल ने कहा कि सरकार ने हाल ही में एक अंतर मंत्रालय समिति गठित की है, जिसका निष्कर्ष है कि बेस ट्रांसीवर स्टेशनों से होने वाला उत्सर्जन निर्धारित सीमा के भीतर है और इसलिए इंसानों को इससे कोई खतरा नहीं है। मोबाइल फोन और टावर से होने वाले विकिरण के नियमों की समीक्षा की मांग के बारे में उन्होंने कहा कि सरकार विशेषज्ञों से बातचीत करने पर तभी विचार करेगी, जब इस बात को साबित करने के लिए पर्याप्त सबूत होंगे कि निर्धारित मानक सही नहीं है।

नदियों की स्थिति पहले से बेहतर


नदियों की स्थिति पहले से बेहतर

(शरद खरे)

नई दिल्ली (साई)। केन्द्रीय जल आयोग ने कहा है कि इस समय देश की अधिकांश बड़ी नदियों के जलाशयों  में मौजूद पानी की मात्रा पिछले दस साल के औसत से ज्यादा है। आयोग ने एक बयान में कहा कि जनवरी के आखिरी सप्ताह में उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार गंगा, सिन्धु, नर्मदा, तापी, माही, साबरमती और कच्छ की नदियों सहित प्रमुख नदियों में पानी पिछले दस वर्षों के औसत से बेहतर है और गोदावरी तथा कृष्णा थालों में सामान्य के करीब है। आयोग ने कहा कि पिछले साल पहली जून से मॉनसून शुरू होने पर इन सभी जलाशयों में उनकी तय क्षमता का २४ प्रतिशत पानी था और इस वर्ष २५ जनवरी तक यह ५५ प्रतिशत था। आयोग का कहना है कि इस समय इनमें पिछले वर्ष के संग्रह का ८९ प्रतिशत और इसी अवधि के दौरान पिछले १० वर्षों के औसत जल संग्रह का १२२ प्रतिशत है।

यूपी में हुआ रिकार्ड मतदान


यूपी में हुआ रिकार्ड मतदान

(दीपांकर श्रीवास्तव)

लखनऊ (साई)। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में कल पहले चरण में ५५ निर्वाचन क्षेत्रों में ६२ प्रतिशत से अधिक रिकॉर्ड मतदान हुआ। इस बार पिछले विधानसभा चुनाव की तुलना में १६ प्रतिशत अधिक वोट डाले गए। मुख्य निर्वाचन आयुक्त एस वाई कुरैशी ने मतदान का प्रतिशत बढ़ने का श्रेय मतदाताओ ंको जागरूक करने और अधिक से अधिक संख्या में नए मतदाताओं के पंजीकरण के लिए चुनाव आयोग के प्रयासों को दिया।
इस बीच, फरूखाबाद जिले में चुनाव अधिकारियों ने कांग्रेस उम्मीदवार लुई खुर्शीद को उपहार बांटने के मामले में कारण बताओ नोटिस दिया है। चुनाव अधिकारी ने उनसे दो दिन के भीतर स्थिति स्पष्ट करने को कहा है नहीं तो उन पर आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन की कार्रवाई की जायेगी।
दूसरे चरण के लिए नौ जिलों के ५९ निर्वाचन क्षेत्रों में प्रचार आज शाम समाप्त हो जाएगा। इस चरण में मतदान शनिवार को होना है। समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया के संवाददाता ने बताया है कि छठे चरण के लिए नामांकन पत्र भरने का समय आज शाम समाप्त हो रहा है।
दूसरे चरण के चुनाव में कल एक हजार ९९ उम्मीदवार मैदान हैं। इस चरण में पूर्वी उत्तर प्रदेश के संत कबीरनगर, महाराजगंज, गोरखपुर, देवरिया, कुशीनगर, आजमगढ़, मऊ, बलिया, और गाजीपुर जिलों में मतदान होना है। इस चरण में कई महत्वपूण राजनीतिक व्यक्तियों के चुनाव भाग्य का फैसला होगा। ३१ वर्तमान विधायक और चौबीस पूर्व मंत्री भी चुनाव मैदान में हैं। पांचवे चरण में लिए नाम वापसी का समय समाप्त होने के बाद अब कुल आठ सौ चालीस उम्मीदवार मैदान में रह गए हैं।

मोदी को अदालत की फटकार


मोदी को अदालत की फटकार

(आनंद कुमार)

अहमदाबाद (साई)। गुजरात में २००२ गोधरा कांड के बाद हुए दंगों की जांच कर रहे विशेष जांच दल-एसआईटी ने अहमदाबाद में एक स्थानीय अदालत में अपनी अंतिम रिपोर्ट दाखिल कर दी है। प्राप्त जानकारी के अनुसार पिछले साल १२ सितम्बर को उच्चतम न्यायालय ने दंगों पर काबू पाने में मोदी सरकार की कथित निष्क्रियता पर कोई आदेश देने से इनकार कर दिया था और मजिस्ट्रेट अदालत पर यह जिम्मेदारी छोड़ दी थी कि वह एसआईटी की रिपोर्ट के आधार पर उनके खिलाफ कार्रवाई का फैसला लें।
कल गुजरात हाई कोर्ट द्वारा राज्य की नरेन्द्र मोदी सरकार को २००२ के साम्प्रदायिक दंगों में निष्क्रियता बरतने के लिए बड़ी फटकार मिलने के बाद विशेष जांच दल द्वारा दायर अंतिम रिपोर्ट काफी महत्वपूर्ण है। बंद लिफाफे में दायर की गई अंतिम रिपोर्ट आज खोली जा सकती है। गुलबर्ग हत्या कांड में कांग्रेस के सांसद एहसान जाफरी सहित अनेक लोग मारे गए थे और उनकी पत्नी जकिया जाफरी की शिकायत के आधार पर सुप्रीम कोर्ट ने मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी सहित ६३ लोगों की भूमिका के बारे में विशेष जांच दल गठित किया था।
उधर एक अन्य मामले में गुजरात उच्च न्यायालय ने इस्लामिक रिलीफ कमेटी ऑफ गुजरात की याचिका पर सुनवाई करते हुए गोधरा दंगों के दौरान ध्वस्त हुए लगभग पांच सौ धार्मिक स्थलों के लिए मुआवजा देने का आदेश दिया। न्यायालय ने कहा कि ऐसे ढांचों की मरम्मत और मुआवजे की जिम्मेदारी राज्य सरकार की है।

भृंगराज: रोके असमय बालों का पकना


हर्बल खजाना ----------------- 20

भृंगराज: रोके असमय बालों का पकना



(डॉ दीपक आचार्य)

अहमदाबाद (साई)। नदी, नालों, मैदानी इलाकों, खेत और उद्यानों मे अक्सर देखा जाने वाला भृंगराज आयुर्वेद के अनुसार बडा ही महत्वपूर्ण औषधिय पौधा है। ग्रामीण अंचलों मे ब्लैक बोर्ड को काला करने के लिये जिस पौधे को घिसा जाता है, वही भृंगराज है। इसका वानस्पतिक नाम एक्लिप्टा प्रोस्ट्रेटा है।
इस पौधे का रस पीलिया में भी दिया जाता है। भृंगराज की पत्तियों का रस शहद के साथ मिलाकर देने से बच्चों को खाँसी में काफ़ी फ़ायदा होता है। पातालकोट के आदिवासियों का मानना है कि यदि इसकी पत्तियों के रस को मसूडों पर लगाया जाए और कुछ मात्रा माथे या ललाट पर लगायी जाए तो सरदर्द में अतिशीघ्र आराम मिलता है।
हाथीपाँव या एलिफ़ेंटेयासिस होने पर तिल के तेल के साथ पत्तियों के रस को मिलाकर पाँव पर लेपित करने से फ़ायदा होता है। एसिडिटी होने पर पौधे को सुखाकर चूर्ण बना लिया जाए और हर्रा के फ़लों के चूर्ण के साथ समान मात्रा में लेकर गुड के साथ सेवन कर लिया जाए तो एसिडिटी की समस्या से निजात मिल सकती है।
माईग्रेन या आधा सीसी दर्द होने पर भृंगराज की पत्तियों को बकरी के दूध में उबाला जाए व इस दूध की कुछ बूँदें नाक में डाली जाए तो आराम मिलता है। डाँग- गुजरात के हर्बल जानकार त्रिफला, नील और भृंगराज तीनों एक एक चम्मच लेकर ५० मिली पानी में मिलाकर रात को लोहे की कड़ाही में रख देते है। प्रातः इसे बालों में लगाकर, इसके सूख जाने के बाद नहा लिया जाता है। आदिवासियों के अनुसार ये बालों को असमय पकने से रोकता है।

(साई फीचर्स)
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