गुरुवार, 21 जून 2012


सौ करोड़ से ज्यादा पूंजी वाले बैंक का होगा अपना एटीएम

(महेश रावलानी)

नई दिल्ली (साई)। भारतीय रिजर्व बैंक ने ऐसी गैर बैंकिंग इकाइयों को अपने प्रायोजक बैंक की ओर से ए.टी.एम. लगाने की अनुमति दे दी है जिनके पास कम से कम सौ करोड़ रुपए की पूंजी हो। रिजर्व बैंक की अधिसूचना में कहा गया है कि गैर बैंकिंग इकाइयों की इन आटोमेटिक टेलर मशीनों को व्हाइट लेबल ए.टी.एम. के नाम से जाना जाएगा।
रिजर्व बैंक ने कहा है कि इनमें से प्रत्येक नए ए.टी.एम. ऑपरेटर को कोई बैंक प्रायोजित करेगा। नियमित ए.टी.एम. पर मिलने वाली डेबिट कार्ड या क्रेडिट कार्ड जैसी वर्तमान सभी सुविधाएं इन व्हाइट लेबल ए.टी.एम. में भी उपलब्ध रहेंगी। सभी बैंकों के ग्राहक नए ए.टी.एम. नेटवर्क का इस्तेमाल कर सकेंगे। अबतक सिर्फ बैंकों को ही ए.टी.एम. लगाने की इजाजत थी। देश में करीब ९० हजार ए.टी.एम. हैं।

14 और सेवाएं सेवाकर से मुक्त


14 और सेवाएं सेवाकर से मुक्त

(महेंद्र देशमुख)

नई दिल्ली (साई)। सरकार ने १४ और सेवाओं को सेवा कर के भुगतान से छूट दे दी है। इन सेवाओं को नकारात्मक सूची में शामिल कर लिया गया है। यह फैसला पहली जुलाई से लागू होगा। इन १४ सेवाओं को शामिल किए जाने के बाद नकारात्मक सूची में सेवाओं की संख्या बढ़कर ३८ हो गई है। सूची में जो सेवाएं शामिल नहीं हैं, उन पर सेवा कर का भुगतान करना होगा।
वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने कल सेवा कर पर आधारित एक पुस्तक टैक्सेशन इन सर्विस ऐन एजूकेशन गाइड का विमोचन किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि सेवा कर के दायरे में विस्तार से मौजूदा वित्त वर्ष में एक लाख २४ हजार करोड़ रूपये के संग्रह के लक्ष्य को आसानी से पूरा किया जा सकेगा।
जिन १४ सेवाओं को कर के भुगतान से छूट दी गई है, उनमें किताबों को पढ़ने के लिए देना और सार्वजनिक पुस्तकालयों द्वारा ज्ञानवर्धक सामग्री का प्रकाशन शामिल है।

मिश्र ने देश प्रमुख के परिणामों की घोषणा टाली


मिश्र ने देश प्रमुख के परिणामों की घोषणा टाली

(सोनाली मजूमदार)

काहिरा (साई)। मिस्र में राष्ट्रपति चुनाव के परिणामों की घोषणा अगले सप्ताह तक टाल दी गई है। राष्ट्रपति चुनाव से संबद्ध आयोग ने कल रात कहा कि दोनों उम्मीदवारों की अपील पर सुनवाई के लिए अभी और समय लगेगा। मुख्य मुकाबला मुस्लिम ब्रदरहुड के उम्मीदवार मोहम्मद मुर्सी और पूर्व राष्ट्रपति हुस्नी मुबारक के कार्यकाल के दौरान प्रधानमंत्री रहे अहमद शफीक के बीच है। चुनाव के नतीजों की घोषणा आज की जानी थी।
आयोग के बयान में कहा गया है कि दोनों उम्मीदवारों की ओर से चार सौ से ज्यादा अपील दर्ज कराई गई हैं लेकिन मुख्य अपील में आरोप लगाया गया है कि मतदान केन्द्रों पर पंजीकृत मतदाताओं और डाले गए मतों की संख्या में अनियमितताएं हैं। चुनावों में तीस साल के बाद मिस्र में राष्ट्रपति पद के पहले स्वतंत्र चुनाव की रस्साकशी ने दिखला दिया है कि लोकतंत्र की राह आसान नहीं है।
गौरतलब होगा कि नये राष्ट्रपति एक ऐसे वक्त बागडोर संभालेंगे जब न तो कोई संसद होगी, न ही कोई संविधान। सैनिक शासकों ने एक संवैधानिक अधिघोषणा के जरिये भंग हुई संसद के तमाम अधिकार अपने पास ले लिये हैं। अभी यह भी तय नहीं हुआ कि नये राष्ट्रपति का अधिकार क्या होगा। सैनिक शासकों ने नये संविधान की रचना में भी अपने पास एक तरह से वीटो पॉवर रखा हुआ है और नागरिको की गिरफ्तारी के अधिकार हासिल कर लिये हैं।

नन्ही बी के प्रति बढ़ी प्रशंसकों की क्योरिसिटी


नन्ही बी के प्रति बढ़ी प्रशंसकों की क्योरिसिटी

(दीपक अग्रवाल)

मुंबई (साई)। सदी के महानायक अमिताभ बच्चन की पोती अराध्या के बारे में उनके प्रशंसकों की व्याग्रता बढ़ती ही जा रही है। उसके चेहरे मोहरे के बारे में अभी तक आधिकारिक तौर पर कुछ नहीं जारी होने से बस कयास ही लगाए जा रहे हैं। वैसे बच्चन खानदान की बेटी-बी यानी आराध्या की पहली झलक पाने का इंतजार कर रहे फैन्स के लिए अच्छी खबर है।
बिग बी की अर्धांग्नी, दादी-बी जया बच्चन ने पहली बार आराध्या के लुक्स का खुलासा किया है। बकौल जया, 7 महीने की आराध्या में उसके पैरंट्स अभिषेक और ऐश्वर्या दोनों की थोड़ी-थोड़ी झलक दिखाई देती है। बॉलिवुड के शहंशाह अमिताभ बच्चन की पत्नी, राज्यसभा सांसद और ऐक्ट्रेस रह चुकीं जया बच्चन ने मीडिया को दिए इंटरव्यू में यह बताया। पोती के जन्म के बाद पहली बार मीडिया के सामने इस मुद्दे पर बोलीं जया ने बताया कि आराध्या बेहद प्यारी है।
जया के मुताबिक, ऐश्वर्या ने मां की भूमिका बहुत शानदार तरीके से निभाई है। हां, कभी-कभी वह थोड़ी ज्यादा सतर्कता बरतती हैं। मैं कई बार ऐश्वर्या को यह कहकर चिढ़ाती हूं कि आराध्या बहुत लकी बच्ची है। जरा सोचिए, एक मिस वर्ल्ड आराध्या की नर्स बनकर देखभाल कर रही है। सबसे अच्छी बात यह है कि ऐश्वर्या पूरी तरह कूल हैं, वह किसी पर निर्भर नहीं हैं। मैं चाहती हूं कि अब ऐश्वर्या बाहर जाना शुरू करें।
ऐश्वर्या राय बच्चन ने एक इंटरव्यू में कहा कि आराध्या के जन्म के बाद मेरी जिंदगी में काफी अच्छे चेंज आए हैं। अब जिंदगी बेहद शांत हो गई है, जो अच्छी बात है। मैं आराध्या के साथ काफी वक्त गुजार रही हूं। परिवार के साथ समय बिताना अच्छा लग रहा है। ही परिवार मेरी प्राथमिकता है। ट्रैवल करते समय या ब्रैंड एंडोर्समेंट में आने वाली मुश्किलों पर ऐश्वर्या ने कहा कि मैंने टाइम को बेहतर ढंग से मैनेज करना सीख लिया है। आराध्या के साथ ट्रैवल करते वक्त उसे संभालने में मेरी मां मदद करती हैं। फिल्मों में लौटने के बारे में ऐश्वर्या ने कहा कि सही रोल मिलने पर ही वापसी करूंगी।

अब मिलकर करें दुआ काका के लिए

अब मिलकर करें दुआ काका के लिए

(अतुल खरे)

मुंबई (साई)। गुजरे जमाने के सुपर स्टार राजेश खन्ना इन दिनों काफी बीमार चल रहे हैं। एक समय में काका यानी राजेश खन्ना के दीवानों की देश भर में कमी नहीं थी। लगभग सत्तर वर्षीय काका यानी राजेश खन्ना बीमार हैं। उन्होंने तीन-चार दिनों से भोजन लेना भी छोड़ दिया है। उनके मनेजर अश्विन ने कहा कि खाने के लिए वह मुंह नहीं खोल रहें हैं व खाना उनके मुंह में नहीं जा पा रहा है।
सत्तर के दशक के हिंदी सिनेमा का चमकता सितारा राजेश खन्ना स्वस्थ नहीं हैं। उन्होंने खाना खाना भी छोड़ दिया है। उनसे अलग रह रहीं उनकी पत्नी डिंपल कपाड़िया फिलहाल उनका ख्याल रख रही हैं। लंबे अरसे बाद टीवी के एक विज्ञापन में इन दिनों वह नजर आ रहे हैं। उनके मुंह से बाबू मोशाय सुनकर उनके प्रशंसकों का दिल खिल उठता है।
काका के नाम से लोकप्रिय राजेश खन्ना अप्रैल में भी अस्वस्थ हो गए थे। पीठ दर्द की शिकायत पर उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उनकी अस्वस्थता की जानकारी बुधवार सुबह मुंबई पहुंचीं छोटी बेटी रिंकी खन्ना को दी गई। अश्विन ने बताया कि रिंकी और उनकी मां डिंपल उनकी देखभाल कर रही हैं। चर्चा यह भी है कि डिंपल और राजेश खन्ना की बड़ी बेटी ट्विंकल बॉलीवुड स्टार अक्षय कुमार के दूसरे बच्चे की मां बनने वाली हैं।
राजेश खन्ना हिंदी सिनेमा के पहले सुपर स्टार माने जाते हैं। उन्होंने अभिनय में अपने कॅरियर की शुरुआत 1966 में फिल्म आखिरी खत से शुरू की थी। इसके बाद 1969 से 1972 के बीच राज, दो रास्ते, दुश्मन, हाथी मेरे साथी, आराधना, अमर प्रेम जैसी फिल्मों ने उन्हें प्रसिद्धि दिलाई।

प्रतिनियुक्ति की मलाई पर राज्य भी सख्त


प्रतिनियुक्ति की मलाई पर राज्य भी सख्त

(आकाश कुमार)

नई दिल्ली (साई)। देश भर की राज्य सरकारों की मांग है कि दिल्ली में प्रति-नियुक्ति पर आए उनके अधिकारियों को वापस भेजा जाए। राज्यों की इस मांग पर डीओपीटी ने जब ऐसे अधिकारियों की लिस्ट बनाई तो वह खुद हैरान रह गई। ऐसा पाया गया कि अगर सभी अधिकारियों को एक साथ भेज दिया जाए तो फिर केंद्र सरकार का कामकाज प्रभावित हो जाएगा। मामले को सुलझाने के लिए एक उच्च स्तरीय समिति बनाई गई है।
कौन-कौन अधिकारी दिल्ली में रहेेंगे और किन्हें उनके गृह राज्य भेजा जाएगा इस पर अंतिम फैसला समिति 31 जुलाई तक करेगी। इस उच्च स्तरीय समिति में सभी विभागों के विभागाध्यक्षों को शामिल हैं और उन्हें यह बताने को कहा गया है कि वे किन अधिकारियों को रखना चाहते हैं। उन्हें यह भी बताना है कि इन अधिकारियों की जरूरत कितने वक्त तक होगी।
तमाम राज्यों को मिलाकर वर्तमान में आईएएस और आईपीएस के लगभग 3100 पद खाली हैं। हालांकि दूसरे सर्विस काडर में खाली पदों की संख्या इस लिहाज से कम है। इस वजह से तमाम राज्यों में गवर्नेंस से जुडे़ काम प्रभावित हो रहे हैं और तमाम राज्य अपने अधिकारियों को लौटाने की मांग कर रहे हैं।
खाली पड़े तमाम पदों को कैसे और कब तक भरा जाए इस बारे में एक निर्णायक मीटिंग अगले महीने होने वाली है। मीटिंग में डीओपीटी के अधिकारियों के साथ-साथ यूपीएसएसी के अधिकारी भी शामिल होंगे। डीओपीटी ने इस बारे में इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन (आईआईपीए) के एक्सपर्ट्स से कार्य योजना बनाने को कहा था। आईआईपीए ने इस बारे में रिपोर्ट सौंप दी है। आईपीएस की कमी दूर करने के लिए होम मिनिस्ट्री पहले ही अपनी योजनाओं को पेश कर चुकी है।