बुधवार, 19 दिसंबर 2012

मंडी चुनाव जिले के 5 मंडी क्षेत्रों में 148 अभ्यर्थी मैदान में


मंडी चुनाव जिले के 5 मंडी क्षेत्रों में 148 अभ्यर्थी मैदान में

(संजय कौशल)

नरसिंहपुर (साई)। मंडी आम निर्वाचन 2012 के तहत जिले के 5 मंडी क्षेत्रों नरसिंहपुर, गाडरवारा, करेली, गोटेगांव एवं तेंदूखेड़ा में कृषक प्रतिनिधि, व्यापारी प्रतिनिधि व हम्माल- तुलैया प्रतिनिधि के कुल 50 पदों के लिए 148 अभ्यर्थी मैदान में है। कृषक प्रतिनिधि के 46 पदों के लिए 139, व्यापारी प्रतिनिधि के 3 पदों के लिए 6 और हम्माल- तुलैया प्रतिनिधि के 1 पद के लिए 3 अभ्यर्थी मैदान में है। चार कृषक प्रतिनिधि, दो व्यापारी प्रतिनिधि और चार हम्माल- तुलैया प्रतिनिधि निर्विरोध निर्वाचित हो चुके हैं। प्रत्येक मंडी क्षेत्र में 10 कृषक प्रतिनिधि, एक व्यापारी प्रतिनिधि एवं एक हम्मालदृ तुलैया प्रतिनिधि समेत 12 प्रतिनिधियों का चुनाव होगा। इस तरह जिले के 5 मंडी क्षेत्रों में कुल 60 पद होंगे, जिनमें से 10 पदों पर निर्विरोध निर्वाचन हुआ है।
जिले के 5 मंडी क्षेत्रों में 50 कृषक प्रतिनिधि निर्वाचित होंगे, जिनमें से 4 कृषक प्रतिनिधि निर्विरोध निर्वाचित हो चुके हैं। शेष 46 कृषक प्रतिनिधियों के लिए 139 अभ्यर्थी मैदान में हैं। कृषक प्रतिनिधि के लिए मंडी क्षेत्र नरसिंहपुर में वार्ड क्रमांक 08 बरहटा, गाडरवारा में वार्ड क्रमांक 02 बम्हौरी और करेली में वार्ड क्रमांक 08 आमगांव बड़ा तथा वार्ड क्रमांक 10 सिमरियाकलां से निर्विरोध निर्वाचन हुआ है।
जिले के 5 मंडी क्षेत्रों से 5 व्यापारी प्रतिनिधि होंगे, जिनमें से 2 व्यापारी प्रतिनिधि निर्विरोध निर्वाचित हो चुके है। गाडरवारा एवं तेंदूखेड़ा मंडी क्षेत्र से एक- एक व्यापारी प्रतिनिधि का निर्विरोध निर्वाचन हुआ है। व्यापारी सदस्य के लिए मंडी क्षेत्र नरसिंहपुर के तहत 2 अभ्यर्थी भूपेश कुमार शर्मा व लाल साहब जाट, करेली के तहत 2 अभ्यर्थी अमित एवं मनोज और गोटेगांव के तहत 2 अभ्यर्थी नारायण प्रसाद व सुरेन्द्र कुमार के बीच मुकाबला होगा। इस तरह 3 मंडी क्षेत्रों नरसिंहपुर, करेली एवं गोटेगांव में व्यापारी प्रतिनिधि के लिए चुनाव होगा। इन मंडी क्षेत्रों में 3 व्यापारी प्रतिनिधियों के लिए 6 अभ्यर्थी मैदान में हैं।
जिले के 5 मंडी क्षेत्रों से 5 हम्माल- तुलैया प्रतिनिधि चुने जायेंगे, जिनमें से 4 मंडी क्षेत्रों नरसिंहपुर, करेली, गोटेगांव और तेंदूखेड़ा में हम्माल दृ तुलैया प्रतिनिधि निर्विरोध निर्वाचित हुए हैं। हम्माल- तुलैया प्रतिनिधि के लिए केवल गाडरवारा मंडी क्षेत्र में चुनाव होगा। गाडरवारा मंडी क्षेत्र के तहत हम्माल- तुलैया प्रतिनिधि हेतु 3 अभ्यर्थी पूरनलाल, भोजराज जाटव व मंगल सिंह मैदान में हैं।
कृषक प्रतिनिधि के लिए मंडी समिति क्षेत्र 211- नरसिंहपुर के वार्ड क्रमांक 01- केरपानी से 3 अभ्यर्थी श्रीमती ममता बाई लोधी, श्रीमती लक्ष्मी बाई पटैल व श्रीमती सुनीता बाई लोधी, 02- उमरिया से 3 अभ्यर्थी केहर सिंह ठाकुर, रामचरन ठाकुर व श्यामलाल गौंड़, 03- नयागांव से 2 अभ्यर्थी बसंती व सत्यवती बाई, 04- नरसिंहपुर से 6 अभ्यर्थी अजय प्रताप सिंह पटैल, चेन सिंह लोधी, बैनीसिंह गुमास्ता, विश्वनाथ सिंह गुमास्ता, सपलेन्द्र सिंह जाट व साहब सिंह, 05- निवारी से 3 अभ्यर्थी बसंत झारिया, मोतीलाल व लखनसिंह, 06- डांगीढाना से 3 अभ्यर्थी केशव जाट, मनु किलेदार व महेश कुमार, 07- बहोरीपार से 2 अभ्यर्थी धनीराम व मालक सिंह, 09- मुंगवानी से 3 अभ्यर्थी कमलेश मिश्रा, कैलाश पटैल व रविन्द्र पटैल और 10- गोरखपुर से 3 अभ्यर्थी कमला बाई, रामाबाई ठाकुर व श्रीमती समदाबाई गौंड़ मैदान में हैं, जबकि वार्ड क्रमांक 08- बरहटा से निर्विरोध निर्वाचन हुआ है। इस तरह मंडी क्षेत्र नरसिंहपुर में 9 कृषक प्रतिनिधि पद के निर्वाचन के लिए कुल 28 अभ्यर्थी शेष हैं।
कृषक प्रतिनिधि के लिए मंडी समिति क्षेत्र 212- गाडरवारा के वार्ड क्रमांक 01- सांईखेड़ा से 2 अभ्यर्थी गोविंद प्रसाद व हरि सिंह, 03- पलोहा से 3 अभ्यर्थी चंद्रभान, बाबूलाल दीक्षित व सुजान सिंह गूजर, 04- गाडरवारा से 4 अभ्यर्थी बेजनाथ, मंझा बाई, राजा लाल देवी सिंह व सम्मर सिंह, 05- आमगांव छोटा से 6 अभ्यर्थी गंगाराम, बृजमोहन, रोहित कुमार, विनोद कुमार तिवारी, संतोष व हाकम, 06- बाबई कलां से 2 अभ्यर्थी गयाप्रसाद व छोटेलाल, 07- बारहाबड़ा से 2 अभ्यर्थी कमला बाई व त्रिवेणी बाई, 08- चीचली से 2 अभ्यर्थी मंग्गोबाई व सुषमा बाई, 09- कल्याणपुर से 3 अभ्यर्थी इमरत लाल, नंदकिशोर पालीवाल व भैयाजी और 10- करपगांव से 3 अभ्यर्थी देवी सिंह, देवेन्द्र व धाधू प्रसाद मैदान में हैं, जबकि वार्ड क्रमांक 02- बम्हौरी से निर्विरोध निर्वाचन हुआ है। इस तरह मंडी क्षेत्र गाडरवारा में 9 कृषक प्रतिनिधि पद के निर्वाचन के लिए कुल 27 अभ्यर्थी शेष हैं।
कृषक प्रतिनिधि के लिए मंडी समिति क्षेत्र 213- करेली के वार्ड क्रमांक 01- बम्हनी से 3 अभ्यर्थी धनुष कुमारी, पार्वती बाई व मुलाम बाई, 02- रीछई से 3 अभ्यर्थी धनसिंह, पूरन व शरद, 03- हिरनपुर से 2 अभ्यर्थी मथुराबाई व सावित्री बाई, 04- बरमानकलां से 4 अभ्यर्थी कुमेर सिंह, राव नेतराज सिंह, भगवान व सत्येन्द्र, 05- रांकई-पिपरिया से 2 अभ्यर्थी जुम्मी बी व लक्ष्मीबाई, 06- करेली से 2 अभ्यर्थी राजा राम व मो. समद, 07- भुगवारा से 2 अभ्यर्थी कृष्णकुमार व संतोष और 09- बारहाछोटा से 2 अभ्यर्थी मातवर सिंह व संतोष और मैदान में हैं, जबकि वार्ड क्रमांक 08- आमगांव बड़ा तथा 10- सिमरिया कलां से निर्विरोध निर्वाचन हुआ है। इस तरह मंडी क्षेत्र करेली में 8 कृषक प्रतिनिधि पद के निर्वाचन के लिए कुल 20 अभ्यर्थी शेष हैं।                          
कृषक प्रतिनिधि के लिए मंडी समिति क्षेत्र 214- गोटेगांव के वार्ड क्रमांक 01- बढ़ैयाखेड़ा से 4 अभ्यर्थी दीपा बाई, प्रभाबाई लोधी, बेटीबाई व लक्ष्मीबाई, 02- कमोद से 3 अभ्यर्थी करन गौड, नवलकिशोर उर्फ गवलकिशोर व प्यारेलाल/ सुम्मा, 03- खमरिया से 3 अभ्यर्थी चमेली बाई, चंदाबाई उर्फ चंद्राबाई व रूकमणीबाई, 04- कुकलाह से 3 अभ्यर्थी नीमाबाई, सुमंत्राबाई व त्रिवेणी, 05- गोटेगांव से 4 अभ्यर्थी नरेन्द्र सिंह/ भूपत सिंह, राजकुमार पटैल, शरदनारायण/ मोहन सिंह व हरिराम, 06- करकबेल से 4 अभ्यर्थी तुलसाबाई, दुर्गाबाई, प्यारीबाई व शीलाबाई, 07- देवनगर-पुराना से 6 अभ्यर्थी अंजनी बाई, गनेशीबाई, मीराबाई, मुन्नीबाई, लक्ष्मीबाई व श्यामबाई/ कुसुमबाई, 08- बगासपुर से 2 अभ्यर्थी अरसद मोहम्मद व महेश/ छत्रर कुर्मी, 09- श्रीनगर से 4 अभ्यर्थी गोविन्द सिंह, चंदगुप्ता उर्फ चंद्रगुप्त, नेमचंद/ हुकुमचंद व हाकम सिंह/ रूपसिंह और 10- उमरिया से 5 अभ्यर्थी कालूराम/ कढ़ोरीलाल, गोपाल, डेलनसिंह/ कोदूलाल, पूरन चौधरी व मैथिलीशरण पाण्डेय मैदान में हैं। इस तरह मंडी क्षेत्र गोटेगांव में 10 कृषक प्रतिनिधि पद के निर्वाचन के लिए कुल 38 अभ्यर्थी शेष हैं।
कृषक प्रतिनिधि के लिए मंडी समिति क्षेत्र 215- तेंदूखेड़ा के वार्ड क्रमांक 01- तेंदूखेड़ा से 4 अभ्यर्थी कीरत सिंह, बलराम पटैल, राजू व रामजी गौंड़, 02- बिलहरा से 2 अभ्यर्थी श्रीमती उर्मिलाबाई व दशोदाबाई, 03- भामा से 2 अभ्यर्थी ममताबाई व सरजूबाई, 04- डोभी से 2 अभ्यर्थी रामेश्वर पटैल व विश्वनाथ सिंह, 05- चांवरपाठा से 3 अभ्यर्थी ओंकार प्रसाद, श्यामलाल व सीताराम, 06- कौंड़िया से 2 अभ्यर्थी अनूप कुमार व राजेश/ मोहनलाल, 07- बोहानी से 3 अभ्यर्थी कुंवर शैलेश सिंह, नर्मदीप्रसाद व राजेश, 08- सिहोरा से 3 अभ्यर्थी रमेश कुमार, सुदर्शन पेठिया/ घनश्यामदास व संतोष कुमार/ खेमकरनदास, 09- भौंरझिर से 3 अभ्यर्थी मुन्नालाल/ दल्ला, यशवंत सिंह जूदेव व हेमराज और 10- मड़ेसुर से 2 अभ्यर्थी क्रांतिबाई व शीलाबाई मैदान में हैं। इस तरह मंडी क्षेत्र तेंदूखेड़ा में 10 कृषक प्रतिनिधि पद के निर्वाचन के लिए कुल 26 अभ्यर्थी शेष हैं।

जोशी से मिल सड़का का दुखड़ा रोया शिव ने


जोशी से मिल सड़का का दुखड़ा रोया शिव ने

(मणिका सोनल)

नई दिल्ली (साई)। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान यहां केन्द्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री सी.पी. जोशी से मुलाकात कर प्रदेश के राष्ट्रीय राजमार्गों और अन्य सड़कों की खराब एवं खस्ता हालत की स्थिति से अवगत कराया। बैठक में मुख्यमंत्री के साथ नेता प्रतिपक्ष लोकसभा श्रीमती सुषमा स्वराज सहित केन्द्र और राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। चौहान ने केन्द्रीय मंत्री को प्रदेश की सड़कों की खराब हालत के बारे में बताते हुए कहा कि खराब सड़कों से जनता काफी असंतुष्ट है। सड़कों में जगह-जगह बड़े गड्ढे बने हुए हैं और यातायात की दृष्टि से ठीक नहीं हैं। इससे कभी भी दुर्घटना होने की आशंका बनी रहती है। उन्होंने कहा कि सड़कों को ठीक करने और उसके रख-रखाव की जिम्मेदारी केन्द्र और राज्य सरकार दोनों की है। चौहान ने बताया कि राज्य सरकार अपने संसाधनों से खराब सड़कों की मरम्मत के लिए सवा सौ करोड़ रुपये खर्च कर चुकी है जोकि पर्याप्त नहीं है। लेकिन राष्ट्रीय राजमार्गों की स्थिति अभी भी काफी खराब है और जिनका अविलम्ब ठीक किया जाना बहुत जरूरी है। उन्होंने कहा कि उत्तर से दक्षिण और पूरब से पश्चिम भारत जाने के लिए सभी राष्ट्रीय राजमार्ग मध्यप्रदेश से होकर निकलते हैं। अतः उनको समय रहते ठीक कराया जाना अति आवश्यक है। चौहान ने केन्द्र सरकार से इन राष्ट्रीय राजमार्गों की मरम्मत के लिए सहयोग की अपेक्षा की।
श्री चौहान ने केन्द्रीय मंत्री से मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम से संबंधित लंबित मुद्दों पर चर्चा की। इसमें मुख्यतः वी.जी.एफ. से संबंधित दावों का भुगतान, यूटिलिटी शिफ्टिंग, योजनाओं के भूमि अधिग्रहण के लिए आवश्यक राशि के भुगतान आदि हैं। इसके साथ ही चौहान ने भू-अधिग्रहण के लिए धारा 3 (ए) तथा 3 (डी) के नोटिफिकेशन तथा राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक 75 के झांसी-बमीठा सेक्शन के निर्माण के संबंध में भी बात की।
श्री चौहान ने राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण से जुड़े मुद्दे जैसे राजमार्गों के निर्माण के लिए दिए गए अनुबंध निष्पादित किये जाने के उपरांत इन राजमार्गों के कार्य में निर्माणाधीन हिस्सों के रख-रखाव के बारे में चर्चा की। इसके साथ ही लोक निर्माण विभाग के अंतर्गत आने वाले राष्ट्रीय राजमार्गों से संबंधित विषयों पर केन्द्रीय मंत्री का ध्यान आकर्षित किया। उन्होंने साधारण मरम्मत एवं बाढ़ क्षति मद के अंतर्गत पर्याप्त धनराशि उपलब्ध कराये जाने की मांग की। चौहान ने राष्ट्रीय राजमार्ग के अंतर्गत कार्य की स्वीकृति एवं संपादन की प्रक्रिया के सरलीकरण किये जाने की मांग की। उन्होंने बताया कि वर्ष 2012-13 में लगभग 13 प्राक्कलनों की स्वीकृति के अतिरिक्त वार्षिक योजना से संबंधित मंत्रालय में सात पुनरीक्षित प्राक्कलनों की स्वीकृति के बाद क्रियान्वयन के लिए लंबित है।
केन्द्रीय सड़क परिवहन मंत्री जोशी ने मुख्यमंत्री चौहान के द्वारा उठाये गये मुद्दों को ध्यानपूर्वक सुना और शीघ्र ही सकारात्मक उचित कार्यवाही किये जाने का आश्वासन दिया।

साप्ताहिक जनसुनवाई में पहुंचे ९१ आवेदक



साप्ताहिक जनसुनवाई में पहुंचे ९१ आवेदक

(एस.के.खरे)

सिवनी (साई)। साप्ताहिक जनसुनवाई कायर््ाक्रम के तहत कलेक्टर अजीत कुमार एवं अपर कलेक्टर आर.बी. प्रजापति ने साप्ताहिक जनसुनवाई की। जनसुनवाई के दौरान आज जिले के ९१ आवेदकों ने अपने समस्य्ाा आवेदन दिय्ो। कलेक्टर अजीत कुमार ने उन्हे प्राप्त सभी प्रकार के प्रकरणों में सुनवाई कर दूरभाष पर संबंधित विभागाधिकारिय्ाों को इन प्रकरणों का त्वरित निराकरण करने के निर्देश दिय्ो। जनसुनवाई में आज श्रीमती जानकीबाई अपनी माता रूठाबाई के साथ आई थीं।
जानकीबाई ने बताय्ाा कि उसके पिता को सरकार द्वारा आवास पट्टा दिय्ाा गय्ाा था, परन्तु कुछ लोग उनके पट्टे की जमीन पर अवैध रूप से अतिक्रमण कर उन्हें उनकी भूमि को हडपने के लिय्ो परेशान कर रहे है। जानकीबाई ने कहा कि वे लोग दो पीढिय्ाों से पट्टे की भूमि पर निवास कर रहे हैं, परन्तु कुछ दिनों से य्ो लोग उन्हें बेवजह परेशान कर रहे है। कलेक्टर ने मामले को गंभीरता से संज्ञान में लेते हुए आवेदिका को आश्वस्त कराय्ाा कि उन्हें परेशान करने वाले सभी लोगों पर सख्त कानूनी कायर््ावाही की जाय्ोगी।
रूबरू होकर जनसुनवाई के तहत दूरदराज से आय्ो आवेदकों द्वारा अपनी पट्टे की जमीन/निज सम्पत्ति पर किसी अन्य्ा द्वारा अतिक्रमण/अवैध कब्जा हटवाने, गंभीर बीमारी के इलाज हेतु सहाय्ाता राशि दिय्ो जाने, राजस्व अभिलेखों में सुधार किय्ो जाने, बी.पी.एल. का राशन कार्ड बनवाने, अनुकम्पा निय्ाुक्ति दिलाने, विकलांग पेंशन दिलाने, पति द्वारा त्य्ाक्त कर दिय्ो जाने पर भरण पोषण की राशि दिलवाने, घरेलू हिन्सा से निजात दिलाने, बीमारी का इलाज करवाने, लाडली लक्ष्मी य्ाोजना का लाभ दिलाने तथा अन्य्ा विविध प्रकार के आवेदन दिय्ो गय्ो। कलेक्टर ने संबंधित अधिकारिय्ाों को भेजकर उन्हें सभी श्रेणी के प्रकरणों का संवेदनशीलतापूर्वक निदान करने को कहा है।

द्वारकापुरी जाने २१ दिसंबर तक करें आवेदन


द्वारकापुरी जाने २१ दिसंबर तक करें आवेदन

(शिवेश नामदेव)

सिवनी (साई)। मुख्य्ामंत्र्ाी तीर्थदर्शन य्ाोजना के तहत सिवनी जिले के तीर्थ य्ाात्र्ािय्ाों को लेकर तीसरी तीर्थ दर्शन ट्रेन ४ जनवरी को २४३ य्ाात्र्ािय्ाों को द्वारकापुरी के लिय्ो छिन्दवाडा से रवाना होगी। य्ाह ट्रेन ८ जनवरी को वापस आय्ोगी। तीर्थ दर्शन के चौथे चरण में २॰ जनवरी को २७॰ य्ाात्र्ािय्ाों को तिरूपति बालाजी के लिय्ो छिन्दवाडा रेल्वे स्टेशन से ही रवाना किय्ाा जाय्ोगा। य्ाह ट्रेन २५ जनवरी को वापस आय्ोगी। य्ाह तीर्थय्ाात्र्ाा पूरी तरह निःशुल्क रहेगी, जिसमें तीर्थ य्ाात्र्ािय्ाों के चाय्ा-नाश्ते से लेकर भोजन, आवास, परिवहन तथा गाइड आदि की व्य्ावस्था भी पूर्णतः निःशुल्क होगी। इन तीर्थ य्ाात्र्ााओं के लिय्ो जिला प्रशासन सिवनी की ओर से आवेदन पत्र्ा आमंत्र्ाित किय्ो गय्ो हैं।
य्ाात्र्ाा के तीसरे चरण में द्वारकापुरी की य्ाात्र्ाा के लिय्ो आवेदन २१ दिसंबर तक दिय्ो जा सकते है। चौथे चरण में तिरूपति बालाजी की य्ाात्र्ाा के लिय्ो आवेदन ३१ दिसंबर तक किय्ो जा सकेंगे। य्ाोजना का लाभ लेने के लिय्ो पात्र्ा वरिष्ठ नागरिकगण अपने आवेदन शासन द्वारा निर्धारित प्रारूप में (दो सेट में) संबंधित तहसील/उपतहसील/ नगरपालिका/नगरपरिषद कायर््ाालय्ा में प्रस्तुत कर सकते हैं। इस य्ाोजना एवं फार्म आदि की जानकारी संबंधित एस.डी.एम./तहसीलदार/मुख्य्ा नगरपालिका अधिकारी से प्राप्त कर आवेदन भी इन्ही कायर््ाालय्ाों में जमा कर सकते है।   
इस य्ाोजना के अंतर्गत मध्य्ाप्रदेश के ६॰ वर्ष य्ाा इससे अधिक आय्ाु के ऐसे व्य्ाक्तिय्ाों, जो आय्ाकरदाता नहीं है को प्रदेश के बाहर स्थित विभिन्न अधिसूचित तीर्थ स्थानों य्ाथा बद्रीनाथ, केदारनाथ, अमरनाथ, जगन्नाथपुरी, द्वारकापुरी, रामेश्वरम, माता वैष्णोंदेवी, अजमेर शरीफ दरबार, काशी, अमृतसर साहिब दरबार, हरिद्वार, तिरूपति बालाजी, शिर्डी, गय्ाा, सम्मेद शिखर, श्रवणबेलगोला एवं बेलांगणी चर्च, नागपट्टनम (तमिलनाडु) में से किसी एक स्थान की तीर्थ य्ाात्र्ाा सुलभ कराने का प्रावधान है। इस य्ाोजना के अंतर्गत उपरोक्तानुसार पात्र्ा कोई भी वरिष्ठ नागरिक अपने जीवनकाल में केवल एक बार ही तीर्थ य्ाात्र्ाा कर सकेगा। 

प्रदेश सरकार अल्पसंख्यकों के लिए संजीदा: चितरंजन


प्रदेश सरकार अल्पसंख्यकों के लिए संजीदा: चितरंजन

(सचिन धीमान)

मुजफ्फरनगर। (साई)। प्रदेश के नगर विकास, जल सम्पूर्ति, संसदीय कार्य व शहरी समग्र विकास राज्यमंत्री चितरंजन स्वरूप ने कहा कि मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने अल्पसंख्यकों के कल्याणार्थ व उत्थान के लिए जो वायदे किये थे उन्हें अमली जामा पहनाया है। स्वरूप ने कहा कि अल्पसंख्यकों के प्रोत्साहन के लिए अनेकों योजनाएं शुरू की गई हैं तथा अन्य कई योजनाएं अभी लागू करनी हैं।  उन्होंने कहा कि संविधान में अल्पसंख्यकों के उत्थान के लिए बहुत कुछ है लेकिन इसके लिए अभी बहुत कुछ कार्य करना बाकी है। हमारी सरकार ने आते ही अल्पसंख्यकों के अतिरिक्त अन्य वर्गों के लिए कल्याणकारी योजनाएं शुरू की हैं जिनका शीघ्र ही लोगों को लाभ मिलेगा। मंत्री ने अल्पसंख्यकों के विकास के लिए चलाई जा रही योजनाओं के बारे में ग्राम प्रधानों से कहा कि वे इन योजनाओं का प्रचार प्रसार करें ताकि योजनाओं का लाभ पात्र व्यक्तियों को मिल सके।
उक्त विचार प्रदेश के मंत्री चितरंजन स्वरूप ने स्थानीय पंचायत सभागार में अल्पसंख्यक अधिकार दिवस में मुख्य अतिथि के रूप में बोलते हुए कहे।
इस अवसर पर डीएम सुरेन्द्र सिंह ने कहा कि अल्पसंख्यक अधिकार दिवस का महत्व इसलिए आवष्यक है कि अल्पसंख्यकों के लिए सरकार अनेकों महत्वपूर्ण योजनाएं संचालित कर रही है। अल्पसंख्यकों को विकास योजनाओं की जानकारी देना आवश्यक है तकि अल्पसंख्यक इन स्कीमों से लाभान्वित हो सके। डीएम ने कहा कि जिला मुजफ्फरनगर में मल्टी सेक्टोरल डिस्ट्रिक्ट डवलपमेंट प्लान के तहत अल्पसंख्यकों के विकास व कल्याणार्थ 24 करोड़ रूपये के प्रोजक्ट शासन से स्वीकृत हो चुके हैं इनमें तीन आईटीआई, तीन जीआईसी, एक पॉलिटैक्निक कालिज तथा एक प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र अल्पसंख्यक बाहुल्य क्षेत्रों में खोले जायेंगे। डीएम ने उपस्थित अधिकारियों को निर्देश दिये कि वे विकासीय योजनाओं को ग्राम पंचायत स्तर तक पहुंचायें ताकि जिनके लिए विभागीय योजनाएं शुरू की गई हैं उन तक पहुंच सकें। डीएम ने कहा कि ग्राम प्रधान भी इन योजनाओं को जन जन तक पहुंचायें ताकि पात्रों को संचालित योजनाओं का लाभ प्राप्त हो सके। डीएम ने विभिन्न योजनाओं को विस्तारपूर्वक समझाते हुए कन्या विद्या धन, कक्षा दस पास को टैबलेट व कक्षा इंटरमीटिएट उत्तीर्ण को लैपटॉप, जनेश्वर मिश्र ग्राम योजना, बेरोजगारी भत्ता योजना, राष्ट्रीय स्वास्थ्य योजना के तहत स्मार्ट कार्ड, दुर्घटना बीमा योजना, आम आदमी बीमा योजना के सम्बन्ध में जानकारी दी। डीएम ने कहा कि इस वर्ष डा. राममनोहर लोहिया समग्र ग्राम विकास योजना में 22 ग्रामों को मॉडर्न ग्राम बनाया जायेगा। इन गा्रमों में सभी प्रकार की जन सुविधाएं उपलब्ध कराई जायेंगी।
अल्पसंख्यक अधिकार दिवस के अवसर पर राज्यमंत्री चितरंजन स्वरूप ने प्रधानमंत्री ग्रामीण रोजगार सृजन कार्यक्रम योजना व मुख्यमंत्री ग्रामोद्योग रोजगार योजना के तहत बारह लोगों को उद्योग लगाने के लिए प्रत्येक को दस लाख व पांच लाख रूपये चैक व स्वीकृत पत्र वितरित किये। इसी प्रकार हमारी बेटी उसका बेटा कल योजना में तीस लड़कियों को चैक वितरित किये। निर्मल भारत अभियान के तहत 38 लोगों को स्वस्छ शौचालय हेतु चैक वितरित किये। राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना के अन्तर्गत दस लोगों को स्मार्ट कार्ड वितरित किये।
अल्पसंख्यक अधिकार दिवस के अवसर पर जिलस स्तरीय अधिकारियों ने अपने विभाग द्वारा संचालित योजनाओं की विस्तारपूर्वक जानकारी दी। इस अवसर पर विधायक नवाजिश आलम, काजी जहीर आलम, यूनिसेफ से श्रीमति सफिया, सरदार सुखदेव सिंह बेदी, मुफ्ती जुल्फिकार, सपा जिलाध्यक्ष प्रमोद त्यागी, एसएसपी डा. बीबी सिंह, गौरव स्वरूप ने भी अपने विचार रखे।

डीएम कार्यालय पर भिड़े छात्र नेता


डीएम कार्यालय पर भिड़े छात्र नेता

(ब्यूरो कार्यालय)

मुजफ्फरनगर। (साई)। एफडीआई के विरोध में एबीवीपी के प्रदर्शन के दौरान डीएवी कालेज छात्र संघ अध्यक्ष रोहन त्यागी व डीएवी कालेज छात्र संघ के महामंत्री अनिमेष चौधरी के बीच डीएम कार्यालय पर ही हाथापाई हो गई। इसको लेकर डीएवी कालेज में छात्र संघ में दो फाड़ हो गई।
बाद में रोहन त्यागी के साथ दर्जनों छात्रों ने खुदरा कारोबार में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश की मंजूरी के खिलाफ एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने कलक्ट्रेट स्थित डीएम कार्यालय पर प्रदर्शन करते हुए जिला प्रशासन के माध्यम से राष्ट्रपति  को ज्ञापन प्रेषित किया। ज्ञापन में परिषद की ओर से आरोप लगाये गये कि सप्रंग दो की सरकार ने केन्द्र में रहते हुए रिकार्डतोड़ घोटाले किये हैं और इन घोटालों से जनता का ध्यान हटाने के लिए ही रिटेल में एफडीआई को लाया गया है। सरकार के इस फैसले से देश के लघु उद्योग पर सीधा प्रभाव पड़ा है और करीब चार करोड़ खुदरा व्यापारी इससे प्रभावित होने वाले हैं। परिषद ने राष्ट्रपति से मांग की है कि देशहित और जनहित को देखते हुए सरकार के जनविरोधी फैसलों पर तत्काल अंकुश लगाया जाये।
डीएवी कालेज छात्र संघ के अध्यक्ष व एबीवीपी के प्रदेश सहमंत्री रोहन त्यागी के नेतृत्व में दर्जनों कार्यकर्ता डीएम कार्यालय पर पहुंचे और एफडीआई को लागू करने के निर्णय को लेकर केन्द्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। रोहन त्यागी ने कहा कि केन्द्र सरकार घोटालों के दोषियों पर कार्यवाही करने के बजाए उनका बचाव कर रही है। रोज नए हथकंडे अपनाये जा रहे हैं।

पुलिस विभाग सहयोग से एक सामुहिक कार्यवाही करेगा


पुलिस विभाग  सहयोग से एक सामुहिक कार्यवाही करेगा

(राजकुमार अग्रवाल)

कैथल। (साई)। उपायुक्त चंद्रशेखर ने कहा है कि शहर में स्वच्छ पर्यावरण बनाने अवैध कब्जे उठवाने, तथा फर्जी मैक्सी कैब के जमावड़े को हटाने के दृष्टिगत सभी संबंधित विभाग शीघ्र एक सामुहिक कार्यवाही अमल में लाएगें तथा इस समूचे आप्रेशन की वीडियोग्राफी भी की जाएगी।
उपायुक्त लघु सचिवालय स्थित अपने कार्यालय में माननीय उच्च न्यायालय के निर्देशानुसार उनकी अध्यक्षता में गठित की गई जिला स्तरीय स्वच्छ पर्यावरण क्रियांवयन समिति की बैठक ले रहे थे। इस बैठक में समिति के सभी सरकारी व गैर सरकारी सदस्यों ने भाग लिया। इस समिति में लोक निर्माण विभाग भवन एवं सड़कें, जन स्वास्थ्य, हुड्डा, बिजली, कृषि विपणन बोर्ड तथा पंचायती राज के कार्यकारी अभियंताओं के साथ-साथ जिला वन मंडल अधिकारी, जिला मलेरिया अधिकारी, कृषि विपणन बोर्ड के सचिव तथा पर्यावरण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी के अलावा उपायुक्त द्वारा नामित किए गए दो गैर सरकारी सदस्य भी शामिल हैं।
इन गैर सरकारी सदस्यों में पूर्व पार्षद डा. पवन थरेजा व पूर्व पार्षद डा. अर्जुन कल्याण को इस समिति के लिए उपायुक्त द्वारा नामित किया गया है।उपायुक्त ने बैठक में यह भी निर्देश दिए कि शहर में सफाई व्यवस्था तभी कायम रह सकती है जब नगरवासी इस कार्य के लिए अपना सकारात्मक सहयोग देते रहें।
उन्होंने कहा कि इसी उद्देश्य की पूर्ति के लिए लोक निर्माण विभाग, नगर परिषद, परिवहन विभाग, पुलिस विभाग के सहयोग से एक सामुहिक कार्यवाही करेगा, ताकि शहर में जहां-तहां खड़े रहने वाले अवैध वाहनों को हटाते हुए अनाधिकृत कब्जे भी उठवाए जाएं और जन साधारण को स्वच्छता का संदेश भी दिया जाए। इस कार्यवाही की वीडियोग्राफी करवाना भी इस बात के लिए मददगार होगा कि इससे लोगों के जिला प्रशासन को दिए जाने वाले सहयोग की भावनाओं का आंकलन भी किया जा सकेगा।
उन्होंने कहा कि सड़कों पर लगाई गई लाईनों के अंदर खड़े वाहनों को पुलिस विभाग उठवाने की कार्यवाही को अमल में लाएं तथा नगरपरिषद अवैध खड़ी रेहडियों को हटवाने का काम करें। नियमानुसार कानूनी कार्यवाही भी किए जाए ताकि भविष्य में इन कार्यों की पुनरावृति न हो। चंद्रशेखर ने कहा कि उपमंडलाधीश हवा सिंह पचार की अध्यक्षता में जल्द ही सभी संबंधित महकमों व विभिन्न कालोनियों व व्यवसायिक प्रतिष्ठानों के प्रधानों की एक बैठक बुलाई जाएगी, जिसमें शहर की सफाई व्यवस्था व अन्य जरूरी कार्यों को लेकर चर्चा व अवश्यक दिशा निर्देश दिए जाएंगे।
उपायुक्त ने समिति के गैर सरकारी सदस्यों के सुझाव पर नगर परिषद के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे शहर के सभी धार्मिक स्थलों, मैरिज पैलेस, होटल, शिक्षण संस्थानों को यह लिखित निर्देंश दें कि वे वहां आयोजित होने वाले समारोहों के बाद सफाई व्यवस्था को साथ-साथ दुरस्त करना सुनिश्चित करें अन्यथा माननीय उच्च न्यायालय के निर्देशानुसार कार्यवाही की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि अवैध पार्किंग को हटवाया जाए तथा दुकानों के बाहर लगे तोल कांटों को हटवाने के साथ-साथ बाहर फैला रहने वाला सामान समय रहते उठवा लिया जाए।
सब्जी मंडी के सभी दुकानदार, जूस के दुकानदार, फास्ट फूड कॉर्नर तथा ढाबों के आस-पास भी  बेगोरी की वजह से गंदगी के ढेर बने रहते हैं। इसे साफ रखने बारे में भी दुकानदारों को आगाह किया जाए। उन्होंने कहा कि फ्लैक्स बोर्ड केवल निर्धारित स्थानों पर लगाए, जिस पर बोर्ड छापने वाली व छपवाने वाली एजैंसी का फोन नम्बर अंकित हो। उन्होंने ये भी कहा कि शहर के बीचों-बीच लकड़ी के गेट बनाकर वहां फ्लैक्स लागाने की क्रिया का समाप्त किया जाए ताकि यातायात निर्बाद चलता रहे। यह गेट नगर के प्रवेश द्वारों पर ही लगाए जा सकते हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि नगर परिषद के अधिकारियों को शहर में यहां-वहां खाली पड़े प्लाटों की चार दीवारी बनाने के नोटिस दिए जाएं ताकि इन प्लाटों में अड़ोस पड़ोस के लोग गंदगी डालने के लिए प्रयोग में न ला सकें। नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी समिति के गैर सरकारी सदस्यों के साथ शहर के विभिन्न स्थलों का सर्वे करें जहा-जहां सुधार और सफाई की जरूरत है।     उपायुक्त के आह्वान पर लोक निर्माण विभाग के कार्यकारी अभियंता ने उप-पुलिस अधीक्षक के साथ मिलकर सड़कों पर अवैध खड़े वाहनों का हटाने के लिए एक साप्ताहिक मुहीम चलाने का भी कार्यक्रम उपायुक्त के समक्ष रखा। कार्यकारी अभियंता पी.सी. विरदी ने कहा कि यह कार्यवाही शीघ्र अमल में लाई जाएगी। उपायुक्त ने यातायात निरीक्षक रोहताश कुमार को रेलवे ओवर ब्रिज से पेहवा चौक तथा पेहवा चौक से कमेटी चौक तक मार्ग पर विषेश ध्यान देने की बात कही। उपायुक्त ने शहर में स्थित स्लॉटर हाउस तथा यातायात नियंत्रण से संबंधित बैठकों में भी विशेष निर्देश दिए।    इस अवसर पर उपमंडलाधीश हवा सिंह पचार, उप-पुलिस अधीक्षक टेकनराज शर्मा नगराधीश पूजा चावरिया, आरटीए जैन, नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी रोहताश बिश्रोई तथा समिति के सभी सरकारी व गैर सरकारी सदस्य मौजूद रहे।

व्यथा कथा एक सांसद की


व्यथा कथा एक सांसद की

(निरंजन सिंह परिहार)

एक हैं सज्ज्नसिंह वर्मा। कांग्रेस पार्टी से एमपी के एमपी हैं। शिड्युल कास्ट से आते हैं। एमए तक पढ़े हैं और पेशे से बिल्डर होने के साथ किसान हैं। किसान पहले थे। पर, सांसद बनने के बाद में जब पैसा आ गया तो बिल्डर भी बन गए। कोई तीस साल पहले सन 1983 में पहली बार चुनाव लड़कर नगरपालिका में पहुंचे थे। 1984 से लेकर कुल चार बार विधायक रहे, और इस बीच नगर विकास विभाग के केबीनेट मंत्री भी रहे। पार्टी में भी कई पदों पर रहे। एक बार जब विधायक नहीं थे, तो मध्य प्रदेश लघु उद्योग निगम के अध्यक्ष भी रहे। कैबिनेट मंत्री का दर्जा था। अब देवास से सांसद हैं। लोकसभा में भारी बहुमत से जीतकर पहुंचे हैं। मंजे हुए नेता हैं। देश विदेश भी घूमे हैं। दुनिया देखी है और आगे पीछे की समझ है। लेकिन बोलते हैं, तो कुछ छुपा नहीं पाते। बहुत चालू या चालाक नेताओं जैसे नहीं हैं।
सो, पिछले दिनों खूब बोले। कह रहे थे, देश की राजनीति में कांग्रेस चौतरफा घिर गई है। पार्टी के बड़े नेताओं की कार्यप्रणाली ठीक नहीं हैं। वे एसी गाड़ियों से बाहर पैर नहीं रखते। बड़े नेताओं ने ही पार्टी को कई कई गुटों में बांट दिया है। सिर्फ बड़ी-बड़ी बातें करते हैं। दिल्ली में बैठे कांग्रेस के बड़े नेताओं की दुकान चकाचक चल रही है। कोई मंत्री बने बैठा है, तो कोई सांसद। कांग्रेस के बड़े नेता खाली लफ्फाजी करते हैं। मिशन-2013 शुरू किया है। कहते हैं कि हम जीतेंगे। लेकिन इन नेताओं को जमीनी हकीकत का पता नहीं है। जब इन्हें प्रदेश की खाक छानने के लिए कहा जाता है, गांव गांव जाने को कहा जाता है, तो वे एसी से बाहर कदम नहीं रखते। इन नेताओं की दुकान जल्द ही बंद होने वाली है।
बस 2013 का इंतजार कीजिए। कांग्रेस कठिन दौर से गुजर रही है। इसके बावजूद हमारी पार्टी के बड़े नेता मुगालते में है। बीजेपी की स्थिति भी अच्छी नहीं है। उसके भी सब नेता बोगस हैं,। लेकिन उन्हें आरएसएस का सपोर्ट है। आरएसएस के कार्यकर्ता गांव-देहात में चने खाकर भी मिशन 2013 के लिए जुट सकते हैं।  जबकि कांग्रेस के नेता एसी से बाहर नहीं निकलते हैं...। यह दिल की बात थी। आपको भी लग ही रहा होगा, कि सांसद महोदय ने जो कहा सही कहा। गलत कुछ भी नहीं कहा। कहा तो ऐसा ही अपने राहुल गांधी ने भी था। सोनिया गांधी और माननीय प्रधानमंत्री मनमोहनसिंह की उपस्थिति में कहा। वे कह सकते हैं। बड़े आदमी हैं। पर, कांग्रेस में बाकी लोगों को इस सबकी इजाजत नहीं है। राहुल गांधी या सोनिया गांधी कहे, तो वह हालात पर बयान होता है। पर, कोई दूसरा कहे, तो लोग उसको दूसरे तरीके से लेते हैं।
पार्टी के बड़े नेता ही सज्जन सिंह वर्मा जैसे नेताओं की बातों को उनका सज्जनता पूर्वक दिया गया बयान नहीं बलिक् व्यथा दृ कथा बताने से नहीं चूकते। कहते हैं यह भड़ास है, फ्रस्ट्रेशन है। वर्मा के साथ भी ऐसा ही हो रहा है। इस बहुत ही सहज, सरल और सामयिक टिप्पणी को लेकर भाई लोग उन पर पिल पड़े हैं। कह रहे है कि ऐसा कहा तो क्यों कहा। कांग्रेस नेताओं से उनकी बात का जवाब देते नहीं बन रहा है। पर, सवाल सभी करने लगे हैं कि कहा तो क्यों कहा। पर, सज्जन सिंह वर्मा ने कह दिया तो कह दिया। आप ही बताइए, गलत क्या कहा। कांग्रेस की हालत तो ऐसी ही है। जैसा देखा वैसा कहा। राहुल गांधी ने भी पिछले दिनों ऐसा ही कुछ कहा था। जो देखा, वही कहा। लेकिन राहुल कहे तो राजा की बातऔर वही बात आप और हम कहें, तो कैसे कह दिया का सवाल। यह तो गलत है ना भाई। है कि नहीं ? (साभार: विस्फोट डॉट काम)

व्यथा कथा एक सांसद की


व्यथा कथा एक सांसद की

(निरंजन सिंह परिहार)

एक हैं सज्ज्नसिंह वर्मा। कांग्रेस पार्टी से एमपी के एमपी हैं। शिड्युल कास्ट से आते हैं। एमए तक पढ़े हैं और पेशे से बिल्डर होने के साथ किसान हैं। किसान पहले थे। पर, सांसद बनने के बाद में जब पैसा आ गया तो बिल्डर भी बन गए। कोई तीस साल पहले सन 1983 में पहली बार चुनाव लड़कर नगरपालिका में पहुंचे थे। 1984 से लेकर कुल चार बार विधायक रहे, और इस बीच नगर विकास विभाग के केबीनेट मंत्री भी रहे। पार्टी में भी कई पदों पर रहे। एक बार जब विधायक नहीं थे, तो मध्य प्रदेश लघु उद्योग निगम के अध्यक्ष भी रहे। कैबिनेट मंत्री का दर्जा था। अब देवास से सांसद हैं। लोकसभा में भारी बहुमत से जीतकर पहुंचे हैं। मंजे हुए नेता हैं। देश विदेश भी घूमे हैं। दुनिया देखी है और आगे पीछे की समझ है। लेकिन बोलते हैं, तो कुछ छुपा नहीं पाते। बहुत चालू या चालाक नेताओं जैसे नहीं हैं।
सो, पिछले दिनों खूब बोले। कह रहे थे, देश की राजनीति में कांग्रेस चौतरफा घिर गई है। पार्टी के बड़े नेताओं की कार्यप्रणाली ठीक नहीं हैं। वे एसी गाड़ियों से बाहर पैर नहीं रखते। बड़े नेताओं ने ही पार्टी को कई कई गुटों में बांट दिया है। सिर्फ बड़ी-बड़ी बातें करते हैं। दिल्ली में बैठे कांग्रेस के बड़े नेताओं की दुकान चकाचक चल रही है। कोई मंत्री बने बैठा है, तो कोई सांसद। कांग्रेस के बड़े नेता खाली लफ्फाजी करते हैं। मिशन-2013 शुरू किया है। कहते हैं कि हम जीतेंगे। लेकिन इन नेताओं को जमीनी हकीकत का पता नहीं है। जब इन्हें प्रदेश की खाक छानने के लिए कहा जाता है, गांव गांव जाने को कहा जाता है, तो वे एसी से बाहर कदम नहीं रखते। इन नेताओं की दुकान जल्द ही बंद होने वाली है।
बस 2013 का इंतजार कीजिए। कांग्रेस कठिन दौर से गुजर रही है। इसके बावजूद हमारी पार्टी के बड़े नेता मुगालते में है। बीजेपी की स्थिति भी अच्छी नहीं है। उसके भी सब नेता बोगस हैं,। लेकिन उन्हें आरएसएस का सपोर्ट है। आरएसएस के कार्यकर्ता गांव-देहात में चने खाकर भी मिशन 2013 के लिए जुट सकते हैं।  जबकि कांग्रेस के नेता एसी से बाहर नहीं निकलते हैं...। यह दिल की बात थी। आपको भी लग ही रहा होगा, कि सांसद महोदय ने जो कहा सही कहा। गलत कुछ भी नहीं कहा। कहा तो ऐसा ही अपने राहुल गांधी ने भी था। सोनिया गांधी और माननीय प्रधानमंत्री मनमोहनसिंह की उपस्थिति में कहा। वे कह सकते हैं। बड़े आदमी हैं। पर, कांग्रेस में बाकी लोगों को इस सबकी इजाजत नहीं है। राहुल गांधी या सोनिया गांधी कहे, तो वह हालात पर बयान होता है। पर, कोई दूसरा कहे, तो लोग उसको दूसरे तरीके से लेते हैं।
पार्टी के बड़े नेता ही सज्जन सिंह वर्मा जैसे नेताओं की बातों को उनका सज्जनता पूर्वक दिया गया बयान नहीं बलिक् व्यथा दृ कथा बताने से नहीं चूकते। कहते हैं यह भड़ास है, फ्रस्ट्रेशन है। वर्मा के साथ भी ऐसा ही हो रहा है। इस बहुत ही सहज, सरल और सामयिक टिप्पणी को लेकर भाई लोग उन पर पिल पड़े हैं। कह रहे है कि ऐसा कहा तो क्यों कहा। कांग्रेस नेताओं से उनकी बात का जवाब देते नहीं बन रहा है। पर, सवाल सभी करने लगे हैं कि कहा तो क्यों कहा। पर, सज्जन सिंह वर्मा ने कह दिया तो कह दिया। आप ही बताइए, गलत क्या कहा। कांग्रेस की हालत तो ऐसी ही है। जैसा देखा वैसा कहा। राहुल गांधी ने भी पिछले दिनों ऐसा ही कुछ कहा था। जो देखा, वही कहा। लेकिन राहुल कहे तो राजा की बातऔर वही बात आप और हम कहें, तो कैसे कह दिया का सवाल। यह तो गलत है ना भाई। है कि नहीं ? (साभार: विस्फोट डॉट काम)

सिवनी छिंदवाड़ा मार्ग का काम हुआ बंद!



सिवनी छिंदवाड़ा मार्ग का काम हुआ बंद!

(अखिलेश दुबे)

सिवनी (साई)। लगता है सिवनी जिले की सड़कों पर राजनीति का शनी हावी होता जा रहा है। सिवनी जिले की सीमा के अंदर नेशनल हाईवे तो बुरी तरह जर्जर हो चुका है जिसके रखरखाव के लिए जिम्मेदार सद्भाव और मीनाक्षी कंपनियों ने स्थानीय राजनैतिक और गैर राजनैतिक शख्सियतों से मिलकर रखरखाव ना कर करोड़ों रूपए अंदर कर लिए। अब सिवनी से छिंदवाड़ा निर्माणाधीन मार्ग का काम अघोषित तौर पर बंद करवा दिया गया है।
छिंदवाड़ा से सिवनी मार्ग का निर्माण कराने वाली सद्भाव कंस्ट्रक्शन कंपनी के सूत्रों ने समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया को बताया कि केंद्रीय मंत्री कमल नाथ की मंशा के अनुसार उक्त कंपनी अब छिंदवाड़ा जिले की सीमा के अंदर आने वाली सड़कों का निर्माण ही प्राथमिकता के आधार पर करेगी।
सूत्रों ने समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया को संकेत दिए कि कंपनी को कहा गया है कि अगले विधानसभा चुनावों के पूर्व छिंदवाड़ा में सड़कों को पूरी तरह दुरूस्त कर नई सड़कों का निर्माण प्राथमिकता के अधार पर करा दिया जाए, जिससे छिंदवाड़ा के निवासी जैसे ही जिले से बाहर कदम रखें वैसे ही उन्हें छिंदवाड़ा को स्वर्ग एवं सिवनी को नर्क कहने का अवसर मिल जाए। कहा जा रहा है कि विधानसभा चुनावों के पूर्व 2013 दिसंबर तक छिंदवाड़ा जिले की सड़कें पूरी तरह दुरूस्त कर दी जाएंगी, और 2014 में होने वाले आम चुनावों में भी इसका लाभ कांग्रेस और कमल नाथ को मिल सकेगा!
सूत्रों ने आगे कहा कि सद्भाव कंपनी को यह निर्देश दिया गया है कि छिंदवाड़ा से सिवनी तक के मार्ग का निर्माण 2013 तक महज छिंदवाड़ा जिले की सीमा में ही करवाया जाए। अगर एसा हुआ तो सिवनी से छिंदवाड़ा की ओर फुलारा से आगे का लगभग 24 किलोमीटर का हिस्सा एक बार फिर लोगों के लिए कष्ट का कारक बनेगा, और इस मार्ग में दुर्घटनाओं की संभावनाएं बढ़ने से इंकार नहीं किया जा सकता है।

जनसंपर्क उच्चाधिकारी लाजपत आहूजा की शिकायत गड़करी से!


लाजपत ने लूट लिया जनसंपर्क ------------------ 28

जनसंपर्क उच्चाधिकारी लाजपत आहूजा की शिकायत गड़करी से!

(स्वराज न्यूज डॉट काम)

भोपाल (साई)। मध्य प्रदेश जनसंपर्क संचालनालय में पदस्थ अतिरिक्त संचालक लाजपत आहूजा की शिकायत भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन गड़करी से किए जाने का मामला प्रकाश में आया है। एल।एन।वर्मा के नाम से की गई उक्त शिकायत की स्केन की गई प्रति मीडिया के चुनिंदा लोगों को ईमेल के माध्मय से भेजी गई है।
इस शिकायत में सच्चाई कितनी है यह बात या तो श्री आहूजा जानते होंगे या फिर शिकायतकर्ता श्री वर्मा, पर अतिरिक्त संचालक लाजपत आहूजा को सर्वशक्तिमान बनाने से अनेक मीडिया कर्मियों ने जनसंपर्क संचालनालय की ओर रूख करना छोड़ दिया है। माना जा रहा है कि अब संचालनालय में जी हजूरी करने वालों की पौ बारह हो चुकी है। इस संबंध में श्री आहूजा का पक्ष जानने का प्रयास किया गया किन्तु वे फोन पर उपलब्ध नहीं हो सके।
बहरहाल, भाजपाध्यक्ष नितिन गडकरी के नाम से प्रेषित उक्त शिकायत में जनसंपर्क के अतिरिक्त संचालक लाजपत आहूजा पर अनेक आरोप लगाए गए हैं। इस शिकायती पत्र में आरोप लगाया गया है कि भगवत शरण माथुर के नजदीकि अनिल माथुर को बेेबुनियाद आरोप लगवाकर पदच्युत करवा दिया गया।
इस पत्र में आरोप लगाया कि राष्ट्रीय विचारधारा से जुड़े पत्रकारों, संपादकों, साहित्यकारों और लेखकों आदि को श्री आहूजा के चलते ही मध्य प्रदेश जनसंपर्क विभाग में अपमानित होने पर पार्टी विचारधारा से जुड़े होने के कारण एल।एन।वर्मा द्वारा उक्त शिकायती पत्र भाजपाध्यक्ष गड़करी को लिखा गया है।
पत्र में उल्लेख किया गया है कि चर्चित राजेश बैन, समरजीत चौहान, संदीप कपूर आदि को फिर से विज्ञापन शाखा में पदस्थ किया गया है। इसमें उल्लेख किया गया है कि विश्व संवाद केंद्र से जुड़े होने के नाते इस संबंध में जब श्री वर्मा द्वारा सारी हकीकत के बारे में भाजपाध्यक्ष प्रभात झा को आवगत कराया गया तो वे भी हतप्रभ रह गए थे।
इस संबंध में जब जनसंपर्क में पदस्थ अतिरिक्त संचालक लाजपत आहूजा का पक्ष जानने उनसे उनके कार्यालयीन दूरभाष ०७५५ - ४०९६५०२ पर सोमवार ११ जून को दोपहर साढ़े ग्यारह बजे संपर्क करने का प्रयत्न किया गया तो वहां उपस्थित भृत्य ने बताया कि अभी आहूजा साहब के कार्यालय में ना तो उनके कोई बाबू ही आए हैं और ना ही साहब!

फर्जी प्रेस पर गिरी यातायात पुलिस की गाज!


फर्जी प्रेस पर गिरी यातायात पुलिस की गाज!

(रीता वर्मा)

शिमला (साई)। राजधानी में प्रैस की स्टीकरों का धड़ल्ले से इस्तेमाल करने वाले वाहनों पर यातायात पुलिस ने डंडा चला दिया है। पुलिस ने अभी तक पांच वाहनों के चालान काटे, जिन्होंने प्रैस के स्टीकर चस्पा रखे थे। जिनके चालान पुलिस ने काटे वे न तो किसी प्रैस में कार्यरत थे और न ही परिवार का कोई और सदस्य प्रैस से संबधित था।
यातायात पुलिस ने इन वाहनों के चालान काट कर सख्त हिदायत दी है कि भविष्य में भी अगर वाहनों पर प्रैस का स्टीकर देखा गया तो कठोर कार्रवाई होगी। वहीं अब पुलिस ने हिमाचल प्रदेश लोक संपर्क विभाग द्वारा मान्यता प्राप्त 156 मीडिया कर्मियों के वाहनों की सूची को छोड़ अन्य सभी वाहनों पर लगे स्टीकरों को हटाने के लिए निर्देश दे दिए हैं। कई प्रेस से संबंधित पत्रकारों को कार्यालय से कार्ड या स्टीकर जारी हुए हैं, लेकिन इन्हें अब यातायात पुलिस मान्य करार नहीं देगी।
ज्ञातव्य है कि राजधानी प्रैस के स्टीकर चस्पा कर पुलिस की आंखों के धूल झोंकी जा रही है। शहर में आए दिन ऐसे अनेकों वाहन सड़कों पर दौड़ते नजर आते हैं जिन पर प्रैस शब्द लिखा होता है। वाहनों पर प्रैस शब्द का दुरुपयोग करने वाले तथाकथित पत्रकार कई बार अपनी धौंस पुलिस पर भी जमाते हैं। पुलिस भी ऐसे पत्रकारों को सलाम ठोंकती नजर आती है।
पुलिस की मानें तो उनके पास राजधानी में पत्रकारिता व्यवसाय से जुड़े पत्रकारों की सूची उपलब्ध नहीं थी, लेकिन अब उन्होंने मान्यता प्राप्त पत्रकारों की सूची तैयार कर ली है। शहर के प्रतिबंधित मार्गाे और पार्किग स्थानों पर ऐसे वाहन देखे जा सकते हैं, जिन पर प्रैस का स्टीकर लगा होता है। यातायात पुलिस ने शहर में कुछ दिन से प्रैस की गाड़ियों केदस्तावेजों का निरीक्षण किया और जिन वाहनों के पास प्रैस से संबंधित कोई दस्तावेज नहीं था उनके चालान काटे गए है। उन सभी फर्जी पत्रकारों की सूची तैयार कर यातायात पुलिस ने तैयार कर ली है।

गुजरात में पेड न्यूज के 126 मामलों की पुष्टि


गुजरात में पेड न्यूज के 126 मामलों की पुष्टि

(शरद)

नई दिल्ली (साई)। गुजरात विधानसभा चुनाव के दौरान पेड-न्यूज यानी पैसा देकर समाचारों का प्रकाशन या प्रसारण करवाने के १२६ मामलों की पुष्टि हुई है जबकि हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनाव में ऐसे ९१ मामले सामने आए हैं। मुख्य निर्वाचन आयुक्त वी. एस. सम्पत ने कल नयी दिल्ली में संवाददाताओं को बताया कि गुजरात से पेड-न्यूज के चार सौ ४४ संदिग्ध मामलों की सूचना मिली थी जिनमें से दो सौ २४ मामलों में नोटिस भेजा गया।
वहीं, हिमाचल प्रदेश से आयोग के सामने पेड-न्यूज के दो सौ ग्यारह संदिग्ध मामले सामने आए। इनमें से १९० को नोटिस भेजा गया और ९१ मामलों में पेड न्यूज की पुष्टि हुई। इस बीच भारतीय प्रेस परिषद के अध्यक्ष न्यायमूर्ति मार्कण्डेय काटजू ने बताया है कि उन्होंने पेड-न्यूज के मामलों का पता लगाने के लिए जो समिति गठित की थी, उससे मिली सूचना से पता चलता है कि मीडिया द्वारा खुद अपने लिये नियम बनाने की बात असरदार साबित नहीं हो रही है।
उन्होंने कहा कि पेड-न्यूज की प्रवृत्ति बहुत ही दुखःद और विचलित करने वाली है। न्यायमूर्ति काटजू ने कहा कि गुजरात चुनाव में न केवल प्रिंट मीडिया बल्कि इलेक्ट्रॉनिक मीडिया भी बड़े पैमाने पर पेड-न्यूज के मामलों में शामिल था।

अब तो शर्म आनी चाहिए जनमंच को: अड्व्होकेट सोनकेशरियाअब तो शर्म आनी चाहिए जनमंच को: अड्व्होकेट सोनकेशरिया


अब तो शर्म आनी चाहिए जनमंच को: अड्व्होकेट सोनकेशरिया

(ब्यूरो)

सिवनी (साई)। जनमंच के शिरोमणि पत्रकार वार्ता में बड़े ही अभिमान के साथ कहते हैं कि जनमंच सिवनी की हर समस्या के लिए संघर्षरत रहेगा, पर जिस सड़क के निर्माण के लिए जनमंच का गठन हुआ था उस काम में जनमंच की रूचि नहीं है। जिला कलेक्टर के 18 दिसंबर 2008 के आदेश को रद्द कराने के लिए जिला कलेक्टर से मिलने के बजाए माननीय सर्वोच्च न्यायालय की दौड़ लगाने वाले जनमंच को शर्म आनी चाहिए कि इस सड़क को मोटरेबल बनाने के लिए माननीय उच्च न्यायालय को सुमोटिव एक्शन लेना पड़ा है। उक्ताशय की बात अड्व्होकेट वीरेंद्र सोनकेशरिया द्वारा आज यहां जारी एक प्रेस विज्ञप्ति में कही गई है।
अड्व्होकेट सोनकेशरिया ने माननीय उच्च न्यायायालय का समूचे सिवनी जिले के निवासियों की ओर से आभार माना है कि उसने एनएचएआई के प्रोजेक्ट डायरेक्टर को बुलाकर इस सड़क को मोटरेबल बनाने के निर्देश दिए हैं। अड्व्होकेट सोनकेशरिया ने अदालत के मित्र के बतौर पैरवी करने वाले वरिष्ठ अधिवक्ता राजेंद तिवारी का भी आभार व्यक्त किया है जिन्होंने बीते दिनों कटनी जबलपुर सड़क की सुनवाई के दरम्यान इस सड़क के बारे में भी पहल की थी।
अड्व्होकेट सोनकेशरिया ने कहा कि उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायधीश जस्टिस शरद अरविंद बोबड़े और जस्टिस मूलचंद गर्ग की युगल पीठ के समक्ष तिवारी ने कहा था कि एनएचएआई के चेयरमेन को ही बुलाकर पूछा जाए कि सिवनी से खवासा तक के मार्ग का निर्माण कब तक हो पाएगा, क्योंकि इस मार्ग से गुजरने वाले वाहनों एवं उनमें सवार यात्रियों को काफी यातनाओं का सामना करना पड़ रहा है। इसके जवाब में एनएचएआई के प्रोजेक्ट डायरेक्टर सिंघई ने एक बार फिर उच्च न्यायालय को भरोसा दिलाया है कि 20 दिसंबर तक मोहगांव से खवासा तक का मार्ग मोटरेबल हो जाएगा।
अड्व्होकेट सोनकेशरिया ने कहा कि चर्चा है कि खवासा का आरटीओ, सेल टेक्स और मण्डी आदि का बेरियर अवैध वसूली का पर्याय बन चुका है। पीडी एनएचएआई द्वारा यह भी कहा गया कि इसके आसपास पांच पांच सौ मीटर तक की सड़क को एनएचएआई द्वारा बिना पुलिस के सहयोग से नहीं बनाया जा सकता है।
अड्व्होकेट सोनकेशरिया ने कहा कि उनके संज्ञान में इस बात को भी लाया गया है कि सिवनी में सड़क की लड़ाई लड़ने वाले अनेक संगठनों यहां तक कि जबलपुर से नागपुर जाने वाले अनेक लोगों और अधिवक्ताओं द्वारा जनमंच शिरोमणि से उन फोटोकापियों की मांग की गई थी जो 2009 में गठित जनमंच को चंदे के रूप में प्राप्त राशि से एकत्र की गई थीं, किन्तु किसी को एक भी कागज उपलब्ध नहीं कराया गया।
अड्व्होकेट सोनकेशरिया ने जनमंच शिरोमणि से कहा कि उच्च न्यायालय में अपील करने के लिए शहर के एक बस संचालक के पैसे देने से इंकार को तो पत्रकार वार्ता में उछाल दिया जाता है पर यह बात क्यों छिपाई जाती है कि जब इस सड़क के संबंध में बीते दिनों सिवनी के एक वरिष्ठ अधिवक्ता मित्र द्वारा उच्च न्यायालय में प्रकरण लगाने की बात कही जाती है तो जनमंच शिरोमणि मौन साध लेते हैं। सारी स्थिति परिस्थिति देखकर यही प्रतीत होने लगता है कि जनमंच द्वारा सिवनी के हित में संघर्ष के बजाए सिवनी से खवासा तक के निर्माण करने वाली सद्भाव कंस्ट्रक्शन कंपनी के एजेंट के बतौर काम किया जा रहा है। सद्भाव कंपनी का विरोध भी अंतिम दिनों में अचानक ही किए जाने से अनेक संदेहास्पद प्रश्न भी लोगों के जेहन में घुमड़ रहे हैं?
अड्व्होकेट सोनकेशरिया ने कहा कि क्या सिवनी की सड़क निर्माण के लिए संघर्ष करने वाले हजारों लोगों के जनमंच जो अब महज तीन चार लोगों में ही तब्दील हो चुका है के शिरोमणि जनता को यह बताने की जहमत उठाएंगे कि वर्ष 2009 से अब तक मोहगांव से खवासा तक के सड़क को मोटरेबल बनाने के लिए उसके द्वारा सद्भाव कंपनी पर दबाव क्यों नहीं बनाया गया? क्या कारण है कि अचानक ही सद्भाव के प्रति जनमंच के मुठ्ठी भर लोगों का गुस्सा तेजी से उमड़ पड़ा?
अड्व्होकेट सोनकेशरिया ने कहा कि पत्रकार वार्ता लेने और छपास के शौकीन जनमंच शिरोमणि द्वारा पिछली पत्रकार वार्ता में कुछ पत्रकारों द्वारा जबर्दस्ती लिए गए कागजों (जो अपनी संपत्ति समझकर जनमंच शिरोमणि किसी को सौंपना नहीं चाहते) से साफ हो जाता है कि प्रशासन भी जनमंच के दो सदस्यों को जनमंच का सदस्य नहीं वरन सामाजिक कार्यकर्ता ही मानता है। उन्होने कहा कि अब जनमंच की असलियत जनता के सामने आ चुकी है, कि यह लोगों के लिए संघर्ष करने के बजाए स्वहित साधने और किसी व्यक्ति विशेष के हाथों की कठपुतली बनकर रह गया है।