शुक्रवार, 23 सितंबर 2011

रेल्वे ने ली वरिष्ठ नागरिकों की सुध

रेल्वे ने ली वरिष्ठ नागरिकों की सुध
 
आठ करोड़ सीनियर सिटीजन्स के लिए होगा अलग आरक्षण काउंटर
 
अनेक शहरों में नहीं विधायक, सांसद, पत्रकारों के लिए अलग काउंटर
 
(लिमटी खरे)

नई दिल्ली। यात्रियों का भरोसा तेजी से खोती भारतीय रेल ने अब वरिष्ठ नागरिकों को सुविधाएं देने की ठानी है। यह सुविधा आरक्षण के दर्मयान उन्हें मिल सकेगी। रेल्वे ने सीनियर सिटजन्स के लिए प्रथक से आरक्षण विन्डो बनाने का फैसला लिया है। गौरतलब है कि वर्तमान में अनेक आरक्षण केंद्र में तो सांसद, विधायक, पत्रकार, विक्लांग आदि श्रेणी के लोगों के आरक्षण की प्रथक व्यवस्था भी नहीं है। अनेक रेल्वे काउंटर्स पर तो एक ही खिड़की से सारा काम संचालित हो रहा है।
 
रेल्वे बोर्ड के सूत्रों का कहना है कि वरिष्ठ नागरिकों को आरक्षण के दौरान होने वाली परेशानियों से बचने के लिए रेल्वे ने अब उनके प्रति सहानभूति का रवैया अख्तियार किया है। वर्तमान में चुनिंदा शहरों में ही वरिष्ठ नागरिकों के लिए प्रथक काउंटर की सुविधा उपलब्ध है। रेल्वे बोर्ड ने अब बड़े रेल्वे स्टेशन्स पर वरिष्ठ नागरिकों के लिए सर्वथा प्रथक काउंटर खोलने के निर्देश दिए हैं। नए निर्देशों में साफ कहा गया है कि वरिष्ठ नागरिकों की आरक्षण विन्डो के साथ ही उनके बैठने के लिए कुर्सियों की व्यवस्था भी की जाए।

एक अनुमान के अनुसार भारत में इस वक्त लगभग आठ करोड़ लोग एसे हैं जो साठ बर्ष की आयु पूरी कर चुके हैं। वर्तमान में पुरूषों को साठ साल की आयु पूरी करने पर और महिलाओं को 58 वर्ष की आयु पूरी करने पर वरिष्ठ नागरिक की अहर्ता मिल जाती है। भारतीय रेल इन्हें मूल किराए में चालीस फीसदी रियायत के साथ यात्रा करने की अनुमति दे रहा है।

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