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बुधवार, 5 जनवरी 2011
रविवार, 26 दिसंबर 2010
बुधवार, 22 दिसंबर 2010
लिमटी खरे को साव्यासाची अलंकरण सम्मान
लिमटी खरे को साव्यासाची अलंकरण सम्मान
जबलपुर। राज एक्सप्रेस के दिल्ली ब्यूरो प्रमुख लिमटी खरे को हीरा लाल गुप्ता स्मृति अलंकरण सम्मान से सम्मानित किया जाएगा। स्व.हीरा लाल गुप्ता स्मृति समारोह समिति और साव्यसाची कला गु्रप के संयोजक ने उक्ताशय की जानकारी देते हुए बताया कि शुक्रवार 24 दिसंबर को आयोजित इस कार्यक्रम में पांच लोगों को सम्मानित किए जाने का निर्णय लिया गया है।
उन्होंने बताया कि इस साल हीराल लाल गुप्त स्मृति वरिष्ठ पत्रकार सम्मान स्वतंत्र मत जबलपुर के महेश मेहदेले को, स्व.प्रमिला बिल्लोरे स्मृति साव्यसाची सम्मान डी.जी.केबल जबलपुर के ओम कोहली, कृष्ण कुमार शुक्ला, लिमटी खरे को प्रदाय किया जाएगा। इसके अलावा समिति ने ब्लागर सम्मान के लिए कनाड़ा में रह रहे समीर लाल को चुना है। इसका आयोजन 24 दिसंबर को शाम साढ़े छः बजे मदन महल स्टेशन स्टेशन रोड़ पर भातखण्डे संगीत महाविद्यालय में रखा गया है। कार्यक्रम का मुख्य अतिथ्य महापौर प्रभात साहू एवं अध्यक्षता जवाहर लाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर गौतम कल्लू द्वारा की जाएगी।
शनिवार, 10 अप्रैल 2010
लिमटी खरे को संवाद सम्मान 2009
लिमटी खरे को संवाद सम्मान 2009
नई दिल्ली 10 अप्रेल। ब्लाग जगत में सक्रिय योगदान के लिए संवाद डॉट काम द्वारा दिए जाने वाले संवाद सम्मान 2009 के लिए लिमटी खरे का चयन किया गया है। उन्हें सामाजिक चेतना श्रेणी में नामित किया गया है। एमआरडी लाईफ साईंस द्वारा प्रायोजित इस सम्मान को ब्लाग जगत में योगदान के लिए दिया जाता है।
संवाद सम्मान के लिए सामाजिक चेतना श्रेणी में शास्त्री जे.सी.फिलिप, लिमटी खरे, रणधीर सिंह सुमन, गीत श्रेणी में राकेश खण्डेलवाल, काटूZन में काजल कुमार, यात्रा वृतान्त के लिए मनीष कुमार, नीरज जाट, संस्मरण यूनुस खान, शिख वाष्णेZय, हिन्दी सेवा के लिए हिन्दी युग्म, आशुतोष दुबे `सादिक`, गजल हेतु सर्वत एम.जमाल, नीरज गोस्वामी, कविता श्रेणी में ओम आचार्य, रूपचन्द शास्त्री मयंक, हिमांशु कुमार पाण्डे को चुना गया है।
सम्मान पाने के उपरान्त चर्चा के दौरान लिमटी खरे ने कहा कि 2009 बीतने के साथ ही साथ इंटरनेट पर अब हिन्दी का जबर्दस्त बोलबाला दिखाई पड रहा है। पहले हिन्दी को इंटरनेट पर तिरस्कृत समझा जाता था, किन्तु ब्लाग के चलते हिन्दी ने इंटरनेट पर एक मुकाम हासिल कर लिया है, जो तारीफेकाबिल है। लिमटी खरे ने भारतवासियों और विदेशों में रह रहे भारत वंशियों से अपील की है कि वे भी घरों मेें बोलचाल में और लिखने पढने के साथ ही साथ इंटरनेट पर हिन्दी का अधिक से अधिक प्रयोग कर, हिन्दी को विश्व की सबसे शक्तिशाली भाषा बनाने की दिशा में पहल करें।
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