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सोमवार, 15 अक्टूबर 2012

पहले महीने फर्राटे से दौड़ता है आईडिया का नेट


एक आईडिया जो बदल दे आपकी दुनिया . . .  32

पहले महीने फर्राटे से दौड़ता है आईडिया का नेट

दूसरे महीने से पैसेंजर गाड़ी को भी दे देता है मात

(नन्द किशोर)

भोपाल (साई) आदित्य बिरला के स्वामित्व वाली आईडिया सेल्यूलर के इंटरनेट की अजब कहानी सामने आ रही है। ग्रामीण इलाकों से प्राप्त जानकारी के अनुसार आईडिया का इंटरनेट पहले महीने तो शताब्दी या सुपर फास्ट रेलगाड़ी के मानिंद चलता है, क्योंकि यह प्रमोशनल स्कीम के तहत निशुल्क होता है, किन्तु जैसे ही महीना पूरा होता है इसकी चाल पैसेंजर रेल गाड़ी से भी धीरे हो जाती है।
ग्र्रामीण इलाकों से आ रही खबरों के अनुसार आईडिया के नेट सेटर लेने पर पहले महीने की प्रमोशनल स्कीम के तहत इंटरनेट सुपर डुपर हिट तरीके से चलता है। जैसे ही उपभोक्ता द्वारा पहला रीचार्ज करवाया जाता है उसके बाद से उसे सर्वर नॉट फाउंड का ही संदेश देखने को मिलता है। दिन भर में सैकड़ों बार कनेक्ट करने पर भी आईडिया का नेट नहीं जुड़ पाता है।
उपभोक्ताओं को लुभाने के लिए जरूर यह बताया जाता है कि जिलों के ग्रामीण अंचलों में भी आईडिया का नेटवर्क है, किन्तु जब इंटरनेट जोड़ने की बात आती है तो उपभोक्ताओं के पसीने निकल जाते हैं। अनेक जिलों में तो टूजी सेवा होने के बाद भी आईडिया के कारिंदे थ्री जी का प्रलोभन देकर कनेक्शन बेच रहे हैं। पहले महीने तो उपभोक्ताओं को थ्री जी से भी तेज स्पीड मिलती है किन्तु अगले ही महीने से उपभोक्ता अपने आप को ठगा सा ही महसूस करता है।

(क्रमशः जारी)

बुधवार, 10 अक्टूबर 2012

सारासर लूट मची है आईडिया के नेट कनेक्शन में!


एक आईडिया जो बदल दे आपकी दुनिया . . .  31

सारासर लूट मची है आईडिया के नेट कनेक्शन में!

अभिषेक बच्चन को कोस रहे आईडिया सब्सक्राईबर

एक माह के बाद सर पकड़कर बैठ जाते हैं उपभोक्ता

(नन्द किशोर)

भोपाल (साई) आदित्य बिरला के स्वामित्व वाली आईडिया सेल्युलर द्वारा एक तरफ तो नित ही सफलताओं के नए कीर्तिमान स्थापित करने का दावा किया जाता है वहीं दूसरी ओर जूनियर बी यानी अभिषेक बच्चन से प्रभावित होकर उपभोक्ताओं द्वारा आईडिया सेल्युलर का मोबाईल कनेक्शन लिया जा रहा है। बाद में जब उपभोक्ता अपने आप को लुटा पिटा सा महसूस करता है तब वह आईडिया के साथ ही साथ अभिषेक बच्चन को कोसता नजर आता है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार आईडिया का मोबाईल या नेट कनेक्शन लेने पर उपभोक्ताओं को रिटेलर या आईडिया के कारिंदों द्वारा मनमानी स्कीम बता दी जाती हैं। समय गुजरने के साथ ही जब उपभोक्ताओं को बताई गई स्कीम उसे नहीं मिल पाती है तब उपभोक्ता अपने आप को लुटा पिटा ही पाता है। रिटेलर, स्टाकिस्ट या आईडिया के कर्मचारियों द्वारा उसे बाद में भ्रामक जानकारियां देकर भरमाया जाता है।
अनेक उपभोक्ताओं का कहना है कि आईडिया की सेल आफ्टर सर्विस इतनी घटिया है कि बाद में ग्राहक अपने आप को बुरी तरह ठगा सा ही महसूस करता है। आईडिया में कस्टर केयर अधिकारियों से बात करना भी आसान नहीं है। लोगोें ने कहा कि टीवी और अखबारों में अभिषेक बच्चन को आईडिया का विज्ञापन करते देख वे आईडिया का कनेक्शन तो ले लेते हैं पर बाद में सर्विसेस न मिल पाने पर वह आईडिया के बजाए अभिषेक बच्चन को ही कोसता नजर आता है। आईडिया के इस रवैऐ से वह अपनी साख पर तो बट्टा लगा ही रहा है, साथ ही साथ सदी के महानायक अमिताभ बच्चन के साहब जादे जूनियर बच्चन की छवि पर भी जमकर बट्टा लगा रही है।

(क्रमशः जारी)

मंगलवार, 9 अक्टूबर 2012

दर दर भटक रहा आईडिया का उपभोक्ता


एक आईडिया जो बदल दे आपकी दुनिया . . . 30

दर दर भटक रहा आईडिया का उपभोक्ता

पता नहीं कौन उपयोग कर रहा है सिम

(नन्द किशोर)

भोपाल (साई) एक आईडिया जो बदल दे आपकी दुनिया के स्लोगन वाली आदित्य बिरला के स्वामित्व वाली आईडिया सेल्यूलर की नजरों में उसके उपभोक्ता की इज्जत दो कौड़ी की भी नहीं है। मध्य प्रदेश से आए एक उपभोक्ता ने बताया कि उसने लगभग तीन माह पूर्व आईडिया का नेट सेटर लिया था। उसका नेट सेटर और सिम दोनों ने ही काम करना बंद कर दिया। बार बार आईडिया की देहरी चूमने के बाद भी उपभोक्ता को न्याय नहीं मिल सका है।
एक उपभोक्ता द्वारा लिए गए नेट कनेक्शन को लगभग तीन माह बाद भी उसे नहीं सौंपा जाना आश्चर्य का विषय ही माना जा रहा है। नेट के बेहद धीरे होने की शिकायत महाकौशल के हर जिले में आम हो गई है। उक्त उपभोक्ता द्वारा दूरभाष पर बताया गया कि उसने आईडिया का नेट कनेक्शन लिया था। नेट तो आरंभ से ही इतनी धीमी गति में चल रहा है मानो आकाशवाणी का सवा तीन बजे का धीमी गति का समाचार हो। नेट पर सर्फिंग करने पर उसे साईट खोलने में घंटों ही लग जाते हैं। जैसे तैसे मेल चेक करने की बारी आती है तब लागिन करने पर ही कनेक्शन दम तोड़ देता है।
वहीं सिवनी जिले के एक उपभोक्ता ने बताया कि उसने आईडिया का नेट सैटर के साथ कनेक्शन लिया था। उसका सिम नंबर 89917851010105568677 एवं मोबाईल नंबर 9617664970 प्रदाय किया गया था। उसने सिम ली ओर नेट आरंभ किया एक दिन बाद वह बंद हो गया। इसकी शिकायत के लिए वह दर दर भटका अंत में दुकान जाकर उसने पूछा तो पता चला कि उसके दस्तावेज पूर्ण नहीं थे। जब उस उपभोक्ता ने बारीकी से जांच की तो ज्ञात हुआ कि उसके दस्तावेज तो पूर्ण थे। उसका नेट सेटर और सिम दोनों ही आईडिया के कारिंदों ने रख ली है जो उसे दो माह बाद भी नहीं मिल पाई है।
उक्त उपभोक्ता ने कहा कि उसके द्वारा ही बार बार आईडिया के टीम लीडर और एरिया सेल्स मेनेजर के मोबाईल नंबर 9826070095 पर संपर्क किया जाता रहा है, पर आईडिया की ओर से एक बार भी उससे अपनी तरफ से बात नहीं की गई है। उसने कहा कि उसकी आईडी प्रूफ पर जारी सिम किसके पास चल रही है इस बारे में उसे कोई जानकारी नहीं है। उक्त उपभोक्ता ने आशंका व्यक्त की है कि कहीं उसकी सिम का दुरूपयोग न हो।

(क्रमशः जारी)

सोमवार, 8 अक्टूबर 2012

अवैध रूप से लगे हैं आईडिया के टावर!


एक आईडिया जो बदल दे आपकी दुनिया . . .  29

अवैध रूप से लगे हैं आईडिया के टावर!

छत्तीसगढ़ जैसा कदम देश भर में उठ जाए तो हो जाएग गजब का आईडिया

(नन्द किशोर)

भोपाल (साई) आदित्य बिरला और कुमार मंगलम बिरला के स्वामित्व वाली निजी क्षेत्र की मोबाईल सेवा प्रदाता कंपनी आईडिया के टावर देश भर में अवैध तौर पर ही काम कर रहे हैं। छत्तीसगढ़ में स्थानीय निकाय की तर्ज पर अगर कार्यवाही को अंजाम दिया गया तो आने वाले समय में आईडिया के उपभोक्ता नेटवर्क के लिए तरस सकते हैं।
ज्ञातव्य है कि पिछले दिनों सूरजपुर की नगर पालिका परिषद ने नगर में संचालित आईडिया कंपनी के पांच टावरों को सील कर दिया है। सील किये गए टावरों में 2 अवैध रूप से संचालित व 3 टावर बिना नियमितीकरण के चल रहे थे। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के निर्देश पर टावरों के संदर्भ में मिले मार्गदर्शन के तहत नगर पालिका परिषद ने उक्त कार्रवाई की। टावरों को सील करने की कार्रवाई के संबंध में सी.एम.ओ. व लोक निर्माण विभाग के सभापति ने बताया कि अवैध व बिना अनुमति के चल रहे टावरों पर दूसरी बंडी कार्रवाई की गई है।
बताया जाता है कि यहां इसके पूर्व एयरटेल के 02 अवैध टावरों को सील किया गया था। इसके उपरांत आईडिया कंपनी के राष्ट्रीय राजमार्ग, भैयाथान रोड, महगवां, केतका रोड, शंकर लॉज परिसर में स्थित टावरों को न.पा. दस्ते के द्वारा सील किया गया है। इस संबंध में बताया जाता है कि अकेले आईडिया कंपनी के उपर शासन के नियमानुसार 15 से 50 गुना समझौता शुल्क के तहत रूपये 60 लाख से उपर बकाया है।
इतना ही नहीं इन टावरों पर दिगर कम्पनियों के भी बी.टी.एस. लगे होने के मामले में भी नगरपालिका कंपनी के खिलाफ अमानत में खयानत का मामला दर्ज कराने की मंशा में है। उल्लेखनीय है कि नगरपालिका के द्वारा आईडिया कंपनी को पूर्व में 10-15 बार पत्र जारी कर नियमतिकरण तथा अवैध टावरों की अनुज्ञा प्राप्त करने के लिए पत्र लिखा था परन्तु आईडिया की ओर से कोई पहल न होने पर परिषद ने निर्णय लेते हुए 48 घंटे का अंतिम नोटिस टावरों में चस्पा एवं कंपनी के अधिकारियों को प्रेषित कर टावर सील की कार्रवाई की।

(क्रमशः जारी)

गुरुवार, 4 अक्टूबर 2012

दूरसंचार नीति में उलझ गया आईडिया


एक आईडिया जो बदल दे आपकी दुनिया . . .  28

दूरसंचार नीति में उलझ गया आईडिया

एयरटेल ओर वोडाफोन पर भी ट्राई की तिरछी नजर

(नन्द किशोर)

भोपाल (साई) थ्री जी इंट्रा सर्किल रोमिंग के मामले में आदित्य बिरला के स्वामित्व वाली आईडिया सेल्युलर और भारती एयरटेल एवं वोडाफोन ने अब सरकार को धमकाना आरंभ कर दिया है। तीनों कंपनियों ने कहा है कि थ्री जी रोमिंग विवाद नहीं सुलटा तो वे उन्हें आवंटित स्पेक्ट्रम को वापस कर देंगी। तीनों कंपनियों ने कहा है कि उन्हें उनके द्वारा जमा की गई राशि ब्याज के साथ वापस दिलाई जाए।
तीन प्रमुख टेलीकॉम कंपनियों भारती एयरटेल, आइडिया और वोडाफोन ने थ्रीजी रोमिंग समझौता विवाद का निपटारा करने में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से दखल की मांग की है। उन्होंने चेताया है कि यदि इस मुद्दे को नहीं सुलझाया जाता है तो वे आवंटित स्पेक्ट्रम को वापस कर देंगी। तीनों कंपनियों ने एक पत्र में कहा है कि थ्री जी इंट्रा सर्किल रोमिंग (आईसीआर) की अनुमति अब मुश्किल दिखती है।
पत्र में कहा गया है कि ऐसे में यह उनके कांट्रैक्ट और नीलामी से पहले सरकार की ओर से दी गई सहमति का उल्लंघन होगा। इस पत्र पर भारती एयरटेल के सुनील मित्तल, आइडिया के कुमार मंगलम बिड़ला और वोडावान ग्रुप के सीईओ विटोरियो कोलाव के दस्तखत हैं। तीनों ने आगे कहा है कि यदि ऐसा नहीं हो पाता तो हमारा आग्रह है कि स्पेक्ट्रम के लिए हमारी से ओर से किया गया भुगतान ब्याज समेत वापस कर दिया जाए।
दूरसंचार मंत्रालय और नियामक ट्राई ने तीनों कंपनियों के रोमिंग समझौते को अवैध करार दिया है। इनका कहना है कि यह स्पेक्ट्रम साझा करने जैसा है, जबकि दूरसंचार नीति इसकी अनुमति नहीं देती। पिछले साल हुई थ्रीजी स्पेक्ट्रम की नीलामी से सरकार को 68 हजार करोड़ रुपये हासिल हुए थे। इनमें दूरसंचार कंपनियों को निश्चित सर्किल मिले थे, लेकिन बाद में उन्होंने आपस में एक दूसरे से उन सर्किलों के लिए भी रोमिंग समझौता कर लिया, जहां के लिए नीलामी में स्पेक्ट्रम हासिल नहीं हुआ था।

(क्रमशः जारी)

बुधवार, 3 अक्टूबर 2012

महाकौशल के उपभोक्ता हैं आईडिया से त्रस्त!

एक आईडिया जो बदल दे आपकी दुनिया . . .  27

महाकौशल के उपभोक्ता हैं आईडिया से त्रस्त!

सिवनी में मची है आईडिया की मुगलई

(नन्द किशोर)

भोपाल (साई) अभिषेक बच्चन हैं आईडिया के ब्रांड एम्बेसेडर, और उनके ननिहाल वाले सूबे में आईडिया की हालत पतली ही नजर आ रही है। आईडिया के उपभोक्ता देश के हृदय प्रदेश में बुरी तरह त्रस्त हैं। प्रदेश में महाकौशल अंचल में आने वाले सात जिलों में आईडिया का करोबार जिस तरह से चल रहा है वह देखकर लोग आश्चर्य कर रहे हैं। एक उपभोक्ता द्वारा लिए गए नेट कनेक्शन को दो माह बाद भी उसे नहीं सौंपा जाना आश्चर्य का विषय ही माना जा रहा है। नेट के बेहद धीरे होने की शिकायत महाकौशल के हर जिले में आम हो गई है।
एक उपभोक्ता द्वारा दूरभाष पर बताया गया कि उसने आईडिया का नेट कनेक्शन लिया था। नेट तो आरंभ से ही इतनी धीमी गति में चल रहा है मानो आकाशवाणी का सवा तीन बजे का धीमी गति का समाचार हो। नेट पर सर्फिंग करने पर उसे साईट खोलने में घंटों ही लग जाते हैं। जैसे तैसे मेल चेक करने की बारी आती है तब लागिन करने पर ही कनेक्शन दम तोड़ देता है।
वहीं सिवनी जिले के एक उपभोक्ता ने बताया कि उसने आईडिया का नेट सैटर के साथ कनेक्शन लिया था। उसका सिम नंबर 89917851010105568677 एवं मोबाईल नंबर 9617664970 प्रदाय किया गया था। उसने सिम ली ओर नेट आरंभ किया एक दिन बाद वह बंद हो गया। इसकी शिकायत के लिए वह दर दर भटका अंत में दुकान जाकर उसने पूछा तो पता चला कि उसके दस्तावेज पूर्ण नहीं थे। जब उस उपभोक्ता ने बारीकी से जांच की तो ज्ञात हुआ कि उसके दस्तावेज तो पूर्ण थे। उसका नेट सेटर और सिम दोनों ही आईडिया के कारिंदों ने रख ली है जो उसे दो माह बाद भी नहीं मिल पाई है।

(क्रमशः जारी)

मंगलवार, 2 अक्टूबर 2012

नेटवर्क कंजेशन आम है आईडिया में


एक आईडिया जो बदल दे आपकी दुनिया . . .  26

नेटवर्क कंजेशन आम है आईडिया में

काल न लगने पर मोबाईल घूरने का आईडिया

(नन्द किशोर)

भोपाल (साई) आदित्य बिरला के स्वामित्व वाली आईडिया सेल्यूलर के उपभोक्ताओं को नेटवर्क न मिलने या व्यस्त होने की समस्या से अक्सर दो चार होना पड़ता रहा है। बार बार शिकायतें मिलने के बाद भी आईडिया ने अपने नेटवर्क की क्वालिटी में सुधार नहीं किया है। भले ही आईडिया बेहतर नेटवर्क और साफ आवाज का दावा करता हो, पर हकीकत इससे कहीं अलग है।
आईडिया के एक भुक्तभोगी उपभोक्ता का कहना है कि उसने आईडिया का 7.2 एमबीपीएस का नेट सेटर खरीदा। इस नेटसेटर के डेमो के वक्त उसे अच्छी खासी स्पीड मिल रही थी। जैसे ही वह घर गया और उसे लगाया तो नेट सेटर लगने पर उसके कंपयूटर में नेट घिसट घिसट कर चलने लगा। उपभोक्ता का कहना था कि उसने सोचा उस वक्त शायद कनेक्टिविटी कम हो बाद में
ठीक हो जाएगा।
जब एक सप्ताह तक लगातार उस उपभोक्ता को वही स्पीड मिली तब उसने इसकी शिकायत करना चाहा तो आईडिया के हर रिटेलर और आईडिया प्वाईंट पर उसे दुत्कार ही मिली। लुटा पिटा उपभोक्ता इसके बाद आईडिया में अपने संपर्कों के माध्यम से कुछ आगे बढ़ा तो आईडिया के कारिंदों ने नए आईडिया के साथ उसे यह कह दिया कि उसका घर शैडो झोन में है इसलिए वहां सिग्नल अच्छे मिलना संभव नहीं है।

(क्रमशः जारी)

सोमवार, 1 अक्टूबर 2012

उसी से ठंडा उसी से गरम का आईडिया


एक आईडिया जो बदल दे आपकी दुनिया . . .  25

उसी से ठंडा उसी से गरम का आईडिया

एक आईडी फर्जी तो दूसरी सही कैसे

(नन्द किशोर)

भोपाल (साई) आदित्य बिरला के स्वामित्व वाले आईडिया सेल्यूलर द्वारा धोखाधड़ी के कीर्तिमान स्थापित किए जा रहे हैं। एक उपभोक्ता अपने परिचय पत्र की एक जैसी दो छाया प्रति जमा कर दो कनेक्शन लेता है। उसका एक कनेक्शन तो चालू हो जाता है पर दूसरा आईडी प्रूफ गलत होने से बंद हो जाता है। है न यह उपभोक्ता के साथ छल करने का नायाब आईडिया। यह कोई और नहीं वरन् आईडिया कंपनी के कारिंदों का खोजा गया आईडिया है।
एक उपभोक्ता ने बताया कि उसने आईडिया कम्पनी के दो सिम अपने नाम से ख़रीदे थे दोनों के लिए एक ही आई. डी. प्रूफ की एक जैसी दो फोटो कॉपी दी थी तीन चार महीने तक सिम चालू थी लेकिन बाद में एक नं 9694008009 की इन्कोमिंग काल्स बंद हो गई लेकिन एक नं 9694411414 चालू था उसके ठीक 18 दिन बाद उस नं (9694008009) पर जो इन्कोमिंग कॉल बंद होने का मैसेज आता था वो भी बंद हो गया कम्पनी में फ़ोन करने पर बताया की आपका आई. डी. प्रूफ सही जमा नहीं होने की वजह से आपका नं बंद कर दिया गया है आप अपना आई. डी. प्रूफ दुबारा देंगे तो आपका नंबर चालू हो जायेगा।
उपभोक्ता के अनुसार ठीक उसके एक दिन बाद आईडिया के उसने ऑफिस में जाकर उनको बताया गया तो उन्होंने बताया की आपका नंबर एक महीने बंद रहा था इसलिए आपका नंबर बंद कर दिया गया है और यह आपको नहीं मिलेगा उपभोक्ता ने वही ऑफिस से ही दुबारा कस्टमर केयर पर बात की तो उन्होंने आई. डी. प्रूफ नहीं होने की बात बताई और 50 रूपये देने पर आपका नंबर चालू हो जायेगा।
उन्होंने बताया कि इसके बारे में कम्पनी ऑफिस में बताया और कस्टमर केयर पर उसी समय उनको अपने मोबाइल से बात करने को कहा तो ऑफिस वालो ने मन कर दिया और चले जाने को कहा मैंने ये बात कस्टमर केयर पे सी समय कही तो उन्होंने कहा की ऑफिस वाले ऐसा क्यों कह रहे है ये गलत कह रहे है।
कम्पनी के कर्मचारी एक ही समय दो बाते कह रहे है की इस नं की आई. डी. प्रूफ सही नहीं है और दूसरा ये की ये नं एक महीने बंद होने के कारन बंद कर दिया गया है जो की सही नहीं है ऐसा कंही पर भी लिखित में नहीं है बाकि सभी कम्पनी जब तक सिम की वेलिडिटी ख़तम नहीं होतो जब तक नं बंद नहीं कर सकती वो भी इन्कोमिंग काल्स बंद होने के तीन महीने बाद ही बंद कर सकती है।
उपभोक्ता ने आरोप लगाया कि उसका नंबर एक महीने में ही बंद कार दिया जो की सरसर धोखा है उसका जो नंबर बंद हुआ वह उसके वव्यसाय के लिए लिया था और वो नंबर पूरे मार्केट में दिया हुआ है अब वो किसी और को दिया हुआ है जो कम्पनी की गलती है जिसका भोगमान उपभोक्ता को ही भोगना पड़ रहा है उसका काम में काफी नुक्सान हो रहा है। उसने कहा कि उसके पास आईडिया कम्पनी में कस्टमर केयर में जो बातचीत हुई है वो रिकॉर्ड है अतः उसे 9694008009 वापस दिलाये ताकि उसके नुक्सान की भरपाई हो सके.

(क्रमशः जारी)

शुक्रवार, 28 सितंबर 2012

चहुंओर त्रस्त हैं आईडिया के उपभोक्ता


एक आईडिया जो बदल दे आपकी दुनिया . . .  24

चहुंओर त्रस्त हैं आईडिया के उपभोक्ता

हर सेवा में उपभोक्ताओं को लूटने का आईडिया

(नन्द किशोर)

भोपाल (साई) देश के मशहूर उद्योगपति आदित्य बिरला के स्वामित्व वाली आईडिया सेल्यूलर कंपनी अपने उपभोक्ताओं के साथ दोयम दर्जे का व्यवहार कर ही है। एक समय में एकाधिकार करने वाले क्षेत्रीय मोबाईल सेवा प्रदाता कंपनियों को खरीदकर आईडिया में तब्दील करने के बाद इस कंपनी ने उपभोक्ताओं की जेब हल्का करने के नए नए प्रयोग आरंभ किए हैं।
राजधानी के हजारो मोबाईल उपभोक्ता जो आईडिया सेल्लुलर कंपनी की सर्विसेस से आजकल बुरी तरह से परेशान है, जिनकी कही सुनवाई नही है। प्रीपेड उपभोक्ताओ के पैसे कही ये कम्पनी मेसेज के नाम तो कही रिंग टोन के नाम पर तो कही इन्टरनेट ब्राउसिंग के नाम पर हड़प रही है। वही दूसरी और जो उपभोक्ता पोस्ट पैड है जिन्होंने मिनिमम मासिक प्लान पर आईडिया का पोस्ट पैड प्लान लिया हुआ है उन उपभोक्ताओ को भी भारीभरकम बिल थमा कर आईडिया चूना लगा रहा।
जब इस तरह की शिकायत को लेकर ग्राहक आईडिया के आउट लेट पर जाते है तो वहा बैठे कस्टमर केयर एग्जीक्यूटिव द्वारा उपभोक्क्ताओं को उनकी तकलीफों को तुरंत हल करने के बजाये कंपनी के मुख्यालय मेसेज भेज कर ग्राहक को चलता कर देते है। जिलों में आईडिया प्वाईंट्स पर उपभोक्ताओं की सुनवाई भी नहीं हो पा रही है। जब आईडिया प्वाईंट पर ग्राहक जाता है तो उसे पोस्ट पेड या प्री पेड के चक्कर में ही उलझा दिया जाता है।
दस दस बार उपभोक्ता इन आउटलेट पर चक्कर लगाता रहता है मगर कोई सुनवाई नही होती। आईडिया की ग्राहक सेवा पर भी कोई शिकायत दर्ज करने के लिए अगर फोन लगाया जाता है तो पहले उससे बिना बात के दस विज्ञापन झेलने पड़ते है तब जाकर कंपनी का कोई पकाऊ बंदा फ़ोन अटैंड करता है। इन सब प्रक्रियाओ से ग्राहक को हर तो चार दिन में एक बार सामना करना पड़ता है मगर फिर भी समस्या जस की तस रहती है आईडिया के इस चूना लगाने की योजना ने ग्राहक को परेशानी में डाल रखा है लगता है जब तक कोई ग्राहक अपनी परेशानी के लिए अदालत की शरण में नही जायेगा तब तक शायद आईडिया ग्राहकों को चूना लगाने से बाज़ आने वाला नही।

(क्रमशः जारी)

गुरुवार, 27 सितंबर 2012

आईडिया के पालतू गुण्डों ने चमकाया उपभोक्ता को


एक आईडिया जो बदल दे आपकी दुनिया . . .  23

आईडिया के पालतू गुण्डों ने चमकाया उपभोक्ता को

अब मैं छपवाउं कि आप फर्जी आईडी देते हैं!

आईडिया के अधिकारी ने फोन पर चमकाया उपभोक्ता को

(नन्द किशोर)

भोपाल (साई) आदित्य बिरला के स्वामित्व वाली आईडिया सेल्यूलर ने अब गुण्डे पाल लिए हैं। ये गुण्डे सरेआम उपभोक्ताओं को धौंस दे रहे हैं। एक भुक्तभोगी उपभोक्ता के मुताबिक आईडिया के एक एएसएम ने उसे फोन पर तबियत से धमकाया। यह फोन उपभोक्ता के बीएसएनएल फोन पर आईडिया के फोन से आया था। एक नहीं चार पांच मर्तबा फोन कर उस आईडिया के गुण्डे ने उपभोक्ता को चमकाया।
उपभोक्ता ने नाम उजागर न करने की शर्त पर कहा कि उसने आईडिया के नेट सेटर लिया था जो एक दिन चलकर ही बंद हो गया। बाद में वह लगातार दो महीनों से अपनी सिम, रिचार्ज और नेट सेटर के पैसे वापस लेने दर दर भटक रहा है। उस उपभोक्ता ने कहा कि उसे उस जिले के टीम लीडर का फोन आया और उसने उपभोक्ता से शांत रहने को कहा।
इसके उपरांत केंद्र में एक कद्दावर मंत्री के संसदीय क्षेत्र के मुख्यालय में पदस्थ आईडिया के एक वरिष्ठ अधिकारी ने उस उपभोक्ता को मोबाईल करके कहा कि उसके द्वारा दी गई आईडी फर्जी है। इसलिए उसका कनेक्शन बंद कर दिया गया है। जब उस उपभोक्ता ने कहा कि उसकी आईडी तो मध्य प्रदेश सरकार द्वारा जारी की गई है। हो सकता है उसकी वैधता समाप्त हो गई हो, किन्तु उसके साथ दिए गए भोपाल के अतिरिक्त क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी के हस्ताक्षरों से युक्त चालक अनुज्ञा की वैधता तो 2012 तक है।
इस पर एक बार फिर उक्त अधिकारी ने उपभोक्ता को चमकाया कि अब अखबारों से वे छपवाएं की फर्जी आईडी के जरिए मोबाईल कनेक्शन लेने का प्रयास कर रहा है वह उपभोक्ता। उपभोक्ता बुरी तरह चकरा गया कि उसके द्वारा दिए गए वैध परिचय पत्रों की छाया प्रति को आखिर अवैध कैसे माना जा सकता है। हो सकता है कि केंद्रीय मंत्री के क्षेत्र में पदस्थ रहने के कारण आईडिया के इन कारिंदों के पास इतना साहस आ गया हो कि वे उपभोक्ताओं के साथ गुण्डागर्दी पर उतारू हो गए हों।

(क्रमशः जारी)

मंगलवार, 11 सितंबर 2012

अभिषेक के शहर में महज दो हजार हैं आईडिया उपभोक्ता


एक आईडिया जो बदल दे आपकी दुनिया . . .  19

अभिषेक के शहर में महज दो हजार हैं आईडिया उपभोक्ता

(नन्द किशोर)

भोपाल (साई) आईडिया के ब्रांड एम्बेसेडर बिग बी यानी सदी के महानायक अमिताभ बच्चन के पुत्र जूनियर बी यानी अभिषेक बच्चन अपने शहर मुंबई में महज दो हजार लोगों को ही आईडिया की मोबाईल सेवाएं लेने के लिए लुभा पाए। आईडिया के सबसे कम उपभोक्ता मुंबई जैसे महानगर में ही हैं।
आईडिया के सूत्रों का कहना है कि आईडिया के उपभोक्ताओं के बारे में जानकारी जुटाई गई है जिसमें जो आंकड़ा सामने आया है उसके मुताबिक महाराष्ट्र और गोवा में 48 लाख 81 हजार 444, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में 32 लाख 26 हजार 230, आंध्र प्रदेश में 32 लाख 52 हजार 35, केरला में 27 लाख चार हजार 888, तो गुजरात में 26 लाख 23हजार 72 उपभोक्ता हैं।
इसी तरह उत्तर प्रदेश (पश्चिम) में 25 लाख 68 हजार 279, उत्तर प्रदेश (पूर्व) में 9 लाख 67 हजार 862, दिल्ली में 18 लाख 97 हजार 693, हरियाणा में 9 लाख 80 हजार 760, राजस्थान में 8 लाख 24 हजार 805, हिमाचल प्रदेश में 74 हजार 505 और देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में महज दो हजार उपभोक्ताओं ने ही आईडिया पर भरोसा जताया है।
गौरतलब है कि आईडिया के ब्रांड एम्बेसेडर अभिषेक बच्चन पर आईडिया कंपनी ने करोड़ों रूपयों का दांव लगाया था। अब सवाल यह उठता है कि मुंबई में ही जब मोबाईल सेवा प्रदाता कंपनी आईडिया और अभिषेक पर लोगों ने भरोसा ही नहीं जताया तो बाकी देश में क्या हाल हो रहे होंगे इसका अंदाजा लगाया जा सकता है।

(क्रमशः जारी)

सोमवार, 10 सितंबर 2012

आरटीओ को जेब में रखने का ‘आईडिया‘


एक आईडिया जो बदल दे आपकी दुनिया . . .  18

आरटीओ को जेब में रखने का आईडिया

नंबर प्लेट पर पंजीयन के बजाए आईडिया के चिपके हैं स्टीकर

(नन्द किशोर)

भोपाल (साई) मशहूर उद्योगपति आदित्य बिरला के स्वामित्व वाली निजी क्षेत्र की मोबाईल सेवा प्रदाता कंपनी आईडिया सेल्यूलर के कारिंदों ने परिवहन और यातायात पुलिस को जेब में रखने का नया आईडिया निकाला है। देश भर में अनेक जिलों में आईडिया के सेल प्रमोशन के चलते दो पहिया वाहनों पर आईडिया के कर्मचारी नंबर प्लेट पर आईडिया के स्टीकर लगाकर यातायात नियमों का सरेआम माखौल उड़ाते नजर आ रहे हैं।
मनमानी और उपभोक्ताओं के साथ दोयम दर्जे का व्यवहार करने के लिए मशहूर आईडिया सेल्युलर के जिलों में पदस्थ टीम मैनेजर्स पर कंपनी ने सिम बेचने का भारी भरकम टारगेट फिक्स किया हुआ है। आरोपित है कि टीम मैनेजर्स द्वारा ग्राहकों को लुभाने के लिए आकर्षक मनगढंत स्कीम के माध्यम से ग्राहकों को लुभाकर अपने जाल में फंसाया जाता है। बाद में जब ग्राहक स्कीम के तहत सेवाएं चाहता है तब आईडिया के कारिंदे उसे इधर उधर झूला ही झुलाते नजर आते हैं।
आईडिया के जिलों में तैनात कर्मचारियों ने परिवहन विभाग और यातायाप पुलिस की आंखों में भी धूल झोंकने का काम किया जा रहा है। आईडिया के अधिकांश कर्मचारियों की निजी दो पहिया वाहनों पर भी नंबर प्लेट पर आईडिया का ही स्टीकर चस्पा मिलता है। एक सुधि पाठक ने मध्य प्रदेश से एक तस्वीर भेजी है जिसमें नंबर प्लेट के स्थान पर आईडिया का स्टीकर साफ दिखाई पड़ रहा है।

(क्रमशः जारी)

शुक्रवार, 7 सितंबर 2012

आदित्य बिरला की मोबाइल कंपनी आईडिया द्वारा ठगी


आदित्य बिरला की मोबाइल कंपनी आईडिया द्वारा ठगी

डायलर ट्यून भी अपने आप हो रही इंस्टाल

(नन्द किशोर)

भोपाल (साई) मशहूर उद्योगपति आदित्य बिरला की मोबाइल कंपनी आईडिया अपने उपभोक्ताओ के साथ ठगी कर रही है, उक्ताशय की शिकायत निजी क्षेत्र की मोबाईल सेवा प्रदाता आईडिया कंपनी के एक उपभोक्ता ने सार्वजनिक तौर पर लगाए हैं। इंटरनेट पर पड़ी एक शिकायत में इस बात का खुलासा किया गया है। इस शिकायत में कहा गया है कि उसके पैसे उसके खाते में डाले ही नहीं गए हैं। इसके साथ ही साथ डायलर ट्यून भी अपने आप ही इंस्टाल होना और उसके प्रतिमाह पैसे कटने की बात भी बताई जा रही है।
शिकायत में कहा गया है कि तीन जून को आईडिया मोबाइल नम्बर 9616501364 पर 25 रुपये का ई- टॉप अप डलवाया गया और कंपनी की तरफ़ से जवाब आया कि 23 रुपये 6 पैसे उपलब्ध करा दिए गए है। जब की वास्तविक अकाउंट में एक भी रुपया नही आया। कस्टमर केयर से बात करने पर बताया गया की सर्वर डाउन होने कारण आपके अकाउंट में 24 घंटे में रुपया आ जाएगा।
24 घंटे व्यतीत हो जाने के बाद कंपनी के कस्टमर केयर ने बताया की आप के मोबाइल में टॉप अप के बजाये टैरिफ वाउचर डाल दिया गया है जबकि वास्तव में मोबाइल अकाउंट में टैरिफ वाउचर भी नही डाला है और कंपनी के कस्टमर केयर पर टेलीफोन मिलाने पर कंप्यूटर टेप का उत्तर यह आता है की कस्टमर केयर के सभी अधिकारी व्यस्त है अभी आप की बात सम्भव नही है। इस तरह आदित्य बिरला की कंपनी आईडिया अपने उपभोक्ताओ के साथ धोखा-धडी कर रही है जिन - जिन लोगो ने प्राइवेट कंपनियों के सिम ले रखे है उनके साथ यह बड़ी - बड़ी कंपनिया धोखा - धड़ी फ्राड कर रही है। केन्द्र की कांग्रेस सरकार इन्ही कंपनियों के चंदो से चुनी गई है इसलिए कोई कार्यवाही सम्भव नही हो पाती है।
देश भर में उपभोक्ताओं की शिकायत है कि उनके मोबाईल पर अपने आप वह ट्यून जो दूसरे व्यक्ति के डायल करने पर घंटी के स्थान पर सुनाई देती है (डायलर ट्यून) अपने ही आप इंस्टाल हो जाती है, जिसका पैसा भी अपने ही आप कटना आरंभ हो जाता है। इतना ही नहीं मोबाईल सेवा प्रदाता कंपनियांे ने कुछ एसा भी सिस्टम बनाकर रखा हुआ है जिससे दो दो तीन तीन डायलर ट्यन अपने आप इंस्टाल हो जाती है और उससे पैसा कटने लगता है।

(क्रमशः जारी)

गुरुवार, 23 अगस्त 2012

रीवेरीफिकेशन में सुस्ती का है आईडिया


एक आईडिया जो बदल दे आपकी दुनिया . . .  14

रीवेरीफिकेशन में सुस्ती का है आईडिया

अस्सी फीसदी लोगों के दस्तावेज अधूरे!

(नन्द किशोर)

भोपाल (साई) आदित्य बिरला गु्रप की मोबाईल सेवा प्रदाता कंपनी आईडिया ने रीवेरीफिकेशन में बेहद सुस्ती दिखाई है। रीवेरीफिकेशन के चलते आईडिया के हजारों यहां तक कि लाखों की तादाद में मोबाईल बंद होने की आशंका के चलते मोबाईल उपभोक्ताओं पर गाज गिरना तय माना जा रहा है। दूरसंचार नियामक आयोग और दूरसंचार विभाग द्वारा रीवेरीफिकेशन में विलंब के कारण आईडिया की मुश्कें कसने का मानस बना लिया है।
देश के करोड़ों मोबाइल फोन ग्राहकों के लिए बुरी खबर है। सूत्रों के हवाले से खबर मिली है कि देश में करोड़ों मोबाइल फोन ग्राहकों की सर्विस कभीं भी बंद हो सकती है। ज्यादा परेशानी की बात देश के पूर्वाेत्तर राज्यों के ग्राहकों के लिए है। यहां के 1.65 करोड़ प्रीपेड मोबाइल धारकों में से करीब 80 फीसदी का कनेक्शन कभी भी कट सकता है। दरअसल री-वेरिफिकेशनप्रक्रिया के तहत प्रीपेड मोबाइल धारकों को जो दस्तावेज मोबाइल कंपनियों को मुहैया कराने थे उसकी समय सीमा समाप्त होनके के बाद भी अभी तक 80 फीसदी लोगों ने अपने दस्तावेज जमा नहीं कराए हैं।
सरकार के निर्देशों के मुताबिक री-वेरिफिकेशनके लिए जिन डॉक्यूमेंट्स की मांग की गई थी उसमें ड्राइविंग लाइसेंस, पैन कार्ड, शस्त्र लाइसेंस, फोटोयुक्त एवं पता के साथ डाकघर या बैंक की पासबुक शामिल हैं। लेकिन खासतौर पर पूर्वाेत्तर राज्यों के मोबाइल ग्राहक इन दस्तावेजों को जमा नहीं करवा पाए हैं। इसके साथ ही बड़ी संख्या में देश के दूसरे हिस्सों के मोबाइल ग्राहकों ने भी इन दस्तावेजों को जमा नहीं करवाया है। जिसके चलते अब इन लोगों के मोबाइल कनेक्शन कभी भी काटे जा सकते हैं।

(क्रमशः जारी)