गुरुवार, 5 जुलाई 2012

सोसायटी घोटाले में 13 के खिलाफ आरोप पत्र


सोसायटी घोटाले में 13 के खिलाफ आरोप पत्र

(दीपक अग्रवाल)

मुंबई (साई)। केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरा सी.बी.आई. ने मुंबई की आदर्श हाऊसिंग सोसायटी घोटाले में १३ लोगों के खिलाफ आरोप-पत्र दायर किया है। मुंबई की सत्र अदालत में आज दायर किए गए दस हजार पृष्ठों के इस आरोप-पत्र में महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक चव्हाण और कुछ सेना के तथा अन्य अधिकारियों के नाम शामिल हैं।
इन पर भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के तहत आपराधिक षड्यंत्र और धोखाधड़ी का आरोप लगाया गया है। यह आरोप-पत्र, एफ.आई.आर. दर्ज कराने के लगभग १८ महीने बाद दायर किया गया है। सी.बी.आई. ने कहा है कि मामले में बेनामी लेन-देन की अभी जांच की जा रही है और पूरक आरोप-पत्र दायर किया जा सकता है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार आरोप-पत्र में सेवानिवृत्त ब्रिगेडियर एम.एम. वांचू, मेजर जनरल टी.के. कौल तथा ए.आर. कुमार और कर्नल टी.के. सिन्हा तथा आर. बख्शी भी शामिल हैं। इनके अलावा सोसायटी के सदस्यों - आर. सी. ठाकुर, पी.वी. देशमुख, सुभाष लला तथा प्रदीप व्यास और विधान परिषद के पूर्व सदस्य- कांग्रेस के के.एल. गिडवानी, आई.ए.एस. अधिकारी जयराज पाठक और पूर्व सी.आई.सी. रामानंद तिवारी भी शामिल हैं।
सी.बी.आई. ने श्री अशोक चव्हाण पर आरोप लगाया है कि उन्होंने मुख्यमंत्री के रूप में इस सोसायटी के लिए अतिरिक्त फ्लोर स्पेस इंडेक्स को मंजूरी दी। उन पर यह भी आरोप लगाया गया है कि उन्होंने रक्षाकर्मियों के लिए बनी इस सोसायटी में चालीस प्रतिशत फ्लैट अन्य लोगों को आबंटित करने की मंजूरी दी। श्री अशोक चव्हाण ने सी.बी.आई. के आरोप-पत्र को अप्रत्याशित और दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा है कि उनके राजनीतिक विरोधी उन्हें फंसाने की कोशिश कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि यह केवल एक प्रशासनिक मुद्दा है और आदर्श हाऊसिंग सोसायटी को भूमि आबंटन में उनकी कोई भूमिका नहीं थी। श्री चव्हाण ने कहा कि उन्हें न्यायापालिका पर पूरा भरोसा है और विश्वास है कि वे निर्दाेष साबित होंगे। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण ने संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि इस आरोप-पत्र से उन्हें भी आश्चर्य हुआ है।उधर, भारतीय जनता पार्टी ने कांग्रेस के अन्य नेताओं की भूमिका की भी जांच कराने की मांग की है।

रेड्डी की जमानत नामंजूर

रेड्डी की जमानत नामंजूर

(ऋतु सक्सेना)

हैदराबाद (साई)। आंध्र प्रदेश उच्च न्यायालय ने आय से अधिक संपत्ति के मामले में कडप्पा से लोकसभा सदस्य और वाईएसआर कांग्रेस के अध्यक्ष जगनमोहन रेड्डी की जमानत अर्जी नामंजूर कर दी है। वे अभी न्यायिक हिरासत में हैदराबाद की चंचलागुडा जेल में हैं। न्यायमूर्ति गोविन्दराजुलू की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा है कि मामले की जांच नाजुक मोड़ पर है, ऐसी स्थिति में अदालत इसमे हस्तक्षेप नहीं करेगी।
सीबीआई विशेष अदालत द्वारा जगनमोहन रेड्डी की जमानत अर्जी नामंजूर किए जाने के बाद उन्होंने उच्च न्यायालय में जमानत अर्जी दायर की थी। इस बीच, हैदराबाद में सी.बी.आई. की विशेष अदालत ने श्री रेड्डी की न्यायिक हिरासत इस महीने की १८ तारीख तक बढ़ा दी है।

जारी रहेगी एक प्रतिशत सब्सीडी की योजना


जारी रहेगी एक प्रतिशत सब्सीडी की योजना

(प्रियंका श्रीवास्तव)

नई दिल्ली (साई)। सरकार ने १५ लाख रूपये तक के आवास ऋणों पर एक प्रतिशत की ब्याज सब्सिडी की योजना इस वित्त वर्ष में भी जारी रखने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इसमें आवास की लागत २५ लाख रूपये से अधिक नहीं होनी चाहिए। इस योजना को लागू करने के लिए २०१२-१३ के बजट में चार अरब रूपये का प्रावधान किया गया है। 
सरकार ने कैबनेट मंजूरी के तहत इन प्रस्तावों को लागू किया है। माना जा रहा है कि ये एक बहुत अच्छा प्रावधान है। यह बड़ा सोच-समझकर किया गया फैसला है इससे मध्यम वर्ग के लोग लाभान्वित हो सकते हैं। वैसे भी नया फ्लैट या नया मकान अपने लिए खरीदने में क्योंकि इंटरेस्ट का दर जो इतना बढ़ गया था। ईएमआई जो बैंक को देना पड़ता है। उसका रेट इतना बढ़ गया था कि लोग खरीद नहीं पा रहे थे। इसलिए फ्लैट बहुत सारे बनकर पड़े हुए थे।
प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में इलैक्ट्रोनिक साजो-सामान निर्माण क्लस्टर-ई एम सी विकसित करने के लिए वित्तीय सहयोग के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई । बैठक के बाद गृहमंत्री पी चिदम्बरम ने समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया को बताया कि ई एम सी योजना का उद्देश्य इलेक्ट्रोनिक सिस्टम डिजाइन और विनिर्माण क्षेत्र में निवेश आकर्षित करने के लिये विश्व स्तरीय बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराना है। इस योजना को सभी राज्यों और जिलों में लागू किया जायेगा और इसके जरिए लगभग दो करोड़ ८० लाख लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा।
श्री चिदम्बरम ने कहा कि मंत्रिमंडल ने उच्चतम न्यायालय के कार्यालय के लिए अतिरिक्त परिसर के निर्माण को भी मंजूरी दे दी है। इसे आठ सौ ८४ करोड़ से अधिक रूपये की अनुमानित लागत से प्रगति मैदान के पास की जमीन पर बनाया जायेगा।
मंत्रिमंडल ने प्रस्तावित कोच्चि मेट्रो रेल परियोजना को भी मंजूरी दी। इस पर ५१ अरब ८१ करोड़ रूपये से अधिक लागत आने का अनुमान है। आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति ने केंद्रीय पूल भंडार से २० लाख टन गेंहू का निर्यात करने को भी स्वीकृति प्रदान की।

श्री लंका दौरे के लिए टीम की घोषणा


श्री लंका दौरे के लिए टीम की घोषणा

सांसद सचिन नहीं जाएंगे लंका

(अतुल खरे)

मुंबई (साई)। २१ जुलाई से शुरू हो रहे श्रीलंका दौरे के लिए भारतीय क्रिकेट टीम की घोषणा मुंबई में की गई। श्रीलंका में भारतीय टीम पांच वनडे और सात अगस्त को एक ट्वेंटी-ट्वेंटी मैच खेलेगी। सलामी बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग और तेज गेंदबाज जहीर खान ने चोटों से उबरने के बाद १५ सदस्यीय भारतीय क्रिकेट टीम में वापसी की जबकि संसद सदस्य सचिन तेंदुलकर ने २१ जुलाई से शुरू हो रहे श्रीलंका दौरे पर न जाने का फैसला किया है।
अजिंक्य रहाणे ने तेंदुलकर की जगह ली है। के श्रीकांत की अगुवाई वाली पांच सदस्यीय चयन समिति ने युसूफ और इरफान पठान के साथ खराब दौर से जूझ रहे रविंदर जडेजा को भी टीम से बाहर कर दिया है। रविंद्र जडेजा की जगह बायें हाथ के स्पिनर प्रज्ञान ओझा को और प्रवीण कुमार की जगह उमेश को शामिल करने का फैसला किया गया है। स्पिनरों की मददगार श्रीलंका की पिचों को देखते हुए टीम में तीन स्पिनरों को शामिल किया गया है। टीम में सात विशेषज्ञ बल्लेबाज, चार तेज गेंदबाज और कप्तान महेंद्र सिंह धोनी के रूप में विकेटकीपर है, जबकि टीम का उप-कप्तानी विराट कोहली के ही पास बरकरार रखी गई है।

ब्रह्मांड की उत्पत्ति के सूत्रधार ‘ब्रह्मकण’ की खोज!


ब्रह्मांड की उत्पत्ति के सूत्रधार ब्रह्मकणकी खोज!

(साई इंटरनेशनल डेस्क)

जिनेवा (साई)। भौतिक विज्ञान के क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए वैज्ञानिकों ने गॉड पार्टिकल के नाम से मशहूर एक सूक्ष्म कण हिग्स-बोसोन की खोज कर लेने का दावा किया है, जिससे ब्रह्माण्ड की उत्पत्ति हुई है। स्विट्जरलैंड में जेनेवा के निकट यूरोपीय परमाणु अनुसंधान संगठन सी ई आर एन के अनुसंधान केंद्र के वैज्ञानिकों ने यह घोषणा की।
माना जाता है कि गॉड पार्टिकल उन कणों को द्रव्यमान प्रदान करने के लिए जिम्मेदार है, जिससे १३ अरब ७० करोड़ वर्ष पहले  हुए बिग बैंग यानी महाविस्फोट के बाद तारों और ग्रहों की उत्पत्ति हुई। इस ऐतिहासिक घोषणा पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए ब्रिटेन के वैज्ञानिक पीटर-हिग्स ने कहा कि उन्होंने कभी सोचा भी नही था, कि ऐसा उनके जीवन में हो पाएगा।
उन्होंने कहा कि मैंने ४८ साल पहले जो कहा था यह उसी की पुष्टि है और यह काफी संतोषजनक है। अधिक महत्वपूर्ण बात यह है कि इससे भौतिक विज्ञान के मानक सिद्धांतों में क्या कुछ छिपा है इसके बारे में जानकारी मिलेगी और हमें इससे ब्रह्घ्मांड के साथ अधिक दिलचस्प संबंध स्थापित होने की उम्मीद है।
ब्रह्मांड की उत्पत्ति और जीवन के  सृजन संबंधी कई पहेलियों के जवाब देने में सक्षम सभी कणों में सर्वाेपरि माने जाने वाले ब्रह्म कण हिग्स बोसोनको आज खोज लिया गया। इस खोज को वैज्ञानिकों ने चांद पर मानव के कदम रखने जैसा अभूतपूर्व कदम करार दिया है।
स्विट्ज़रलैंड और फ्रांस की सीमा पर स्थित 27 किलोमीटर लंबी एक भूमिगत सुरंग में हिग्स बोसोन पर वर्ष 2009 से दिन-रात शोध कर रही यूरोपीय परमाणु शोध संगठन (सेर्न) की दो टीमों एटलसऔर सीएमएस  ने अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट में इससे मिलते-जुलते कण के अस्तित्व की बात स्वीकार की।
गॉड पार्टिकल के बारे में माना जाता है कि यह उन कणों को द्रव्यमान प्रदान करने के लिए जिम्मेदार है जिससे 13.7 अरब वर्ष पहले हुए बिग बैंग (महाविस्फोट) के बाद अंततरू तारों और ग्रहों का निर्माण हुआ। सर्न के महानिदेशक राल्फ् ह्यूर ने कहा, ‘प्रकृति को समझने में मील का पत्थर है।इस दौरान हिग्स बोसोन की परिकल्पना करने वाले ब्रिटिश भौतिकविद पीटर हिग्स भी यहां मौजूद  थे।
जेनेवा स्थित सेर्न प्रयोगशाला के खचाखच भरे आडिटोरियम में संगठन की ओर से जारी बयान में कहा गया कि हमें अपने आंकड़ों में एक नये कण के पाये जाने के स्पष्ट संकेत मिले हैं। यह हमारे शोध संयंत्र लार्ज हेड्रोन कोलाइडर के 125 और 126 जीईवी क्षेत्र में स्थित है। यह एक अदभुत क्षण हैं। हमने अब तक मिले सभी बोसोन कणों में से सबसे भारी बोसोन को खोज निकाला है। सेर्न ने इन नये आंकड़ों को सिग्मा-05 श्रेणी में स्थान दिया है जिसके मायने होते हैं -नये पदार्थों की खोज।
पांच सिग्मा 99 प्रतिशत खोज की निश्चितता में तब्दील होती है और यह किसी भी कण के खोज होने की घोषणा से पहले आवश्यक होती है। इसके अतिरिक्त ऐसा माना जाता है कि हिग्स ऊर्जा स्पेक्ट्रम के निचले सिरे यानि 120 और 140 जीईवी के बीच छुपा रहता है।
हिग्स बोसोन पर आये मौजूदा नतीजे वर्ष 2011 के आंकड़ों पर आधारित हैं और इस वर्ष के आंकड़ों पर भी अभी भी अध्ययन चल रहा है। हिग्स बोसोन पर 2011 के आंकडों से जुड़ी सेर्न की विस्तृत रिपोर्ट के इस महीने के आखिर तक जारी होने की उम्मीद है।  इन नतीजों के जारी होने के साथ ही ब्रह्म कण (गॉड पार्टिकल) अब एक रहस्य या परिकल्पना मात्र नहीं रह गया है।
ब्रिटिश वैज्ञानिक पीटर हिग्स ने वर्ष 1964 में इस कण की परिकल्पना को जन्म दिया था। इस कण का नाम श्री हिग्स और भारतीय वैज्ञानिक सत्येंद्रनाथ बसु के नाम पर रखा गया था।   हिग्स बोसॉन कण की अवधारणा सबसे पहले वर्ष 1964 में ब्रिटेन के वैज्ञानिक पीटर हिग्स सहित छह भौतिक वैज्ञानिकों ने दी थी। इस कण का नामकरण ब्रिटिश वैज्ञानिक पीटर हिग्स के नाम पर हिग्स रखा गया जबकि बोसॉन शब्द भारतीय वैज्ञानिक सत्एंद्र नाथ बोस से लिया गया है। पीटर हिग्स सहित सभी वैज्ञानिकों ने इस घोषणा के बाद तालियां बजाकर सराहना की।
हिग्स ने एक घोषणा में कहा, ‘मुझे इस बात की कभी उम्मीद नहीं थी कि यह मेरे जीवनकाल में संभव होगा और मैं अपने परिवार के सदस्यों से कहूंगा कि वे फ्रिज में कुछ शैंपेन रख दें।आइंस्टीन ने बोस के क्वांटम यांत्रिकी पर किए गए कार्यों को अपनाया और उसे बोस..आइंस्टीन संकल्पना के रूप में विस्तारित किया। पचास वर्षों तक लापता हिग्स की खोज क्वांटम भौतिक विज्ञान की सबसे बड़ी पहेली बनी रही। वैज्ञानिकों ने इसकी खोज करने के लिए तीन अरब यूरो के खर्च से विश्व की सबसे बड़ी और सबसे शक्तिशाली अणु उत्प्रेरक लार्ज हैड्रॉन कोलाइडर का निर्माण किया।
स्विट्जरलैंड-फ्रांस सीमा पर 27 किलोमीटर लंबी चक्करदार पाइप ढांचे में महाविस्फोट जैसी कृतिम स्थितियों का निर्माण किया था जिससे उत्प्रेरक अणुओं के बीच टक्कर हुई। लार्ज हैड्रॉन कोलाइडर प्रयोग में प्रति सेकंड लाखों अणुओं को आपस में टकराने के लिए प्रोटोंस की दो किरणें आपस में टकराई गईं। इससे महाविस्फोट के बाद सेकंड के एक अंश के लिए रहने वाली स्थिति का निर्माण हुआ।  यही वह समय था जब हिग्स फील्ड अस्तित्व में आया। ऐसा माना जाता है कि हिग्स अणुओं ने ब्रह्मांड के निर्माण की प्रक्रिया में अन्य कणों को द्रव्यमान प्रदान किया।