गुरुवार, 29 सितंबर 2011

बाबा आदम के जमाने में जी रही है कांग्रेस


बाबा आदम के जमाने में जी रही है कांग्रेस

तकनीकि मामलों में कांग्रेस मुख्यालय फिसड्डी

लिमटी खरे

नई दिल्ली। इक्कीसवीं सदी के भारत के स्वप्नदृष्टा तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी की अर्धांग्नी एवं विश्व की ताकतवर महिलाओं में शुमार श्रीमति सोनिया गांधी के नेतृत्व में सवा सौ साल पुरानी और देश पर आधी सदी से ज्यादा राज करने वाली कांग्रेस का नेशनल हेडक्वार्टर आज भी बाबा आदम के जमाने में सांसे ले रहा है। तकनीकि मामलों में यह कार्यालय अन्य राजनैतिक पार्टियों के मुकाबले बेहद पिछड़ा ही है।

कांग्रेस की नजर में भविष्य के वजीरे आजम और कांग्रेस महासचिव राहुल गांधी एवं कांग्रेस की राजमाता श्रीमति सोनिया गांधी का अपना निजी कार्यालय भले ही सूचना प्रोद्योगिकी के मामले में चाक चौबंद हो पर कांग्रेस का राष्ट्रीय मुख्यालय आज भी इस मामले में कराह ही रहा है।

हाल ही में रहीद किदवई की प्रकाशित एक पुस्तक कांग्रेस मुख्यालय का पता 24 अकबर रोड़ में इस बात का खुलासा हुआ है। कांग्र्रेस पर आरोप लगाया गया है कि उसने अपने मुख्यालय में अनेक अवैध निर्माण भी करवाए हैं। 295 पेज की यह किताब देश की सबसे पुरानी सियासी पार्टी कांग्रेस की अंदरूनी बातों को उजागर करती है।

कांग्रेस मुख्यालय का आलम यह है कि न तो यहां वाईफाई है और न ही अनेक महासचिवों और पदाधिकारियों के पास कंप्यूटर ही। तत्कालीन कांग्रेस अध्यक्ष श्रीमति इंदिरा गांधी से श्रीमति सोनिया गांधी तक कांग्रेस के मुख्यालय में कमरों के निर्माण तो करवाए गए हैं किन्तु शौचालयों की तादाद सीमित ही है। आलम यह है कि कांग्रेस अध्यक्ष सहित 11 महासचिवों के लिए तो शौचालय सहित कमरे हैं किन्तु अन्य पदाधिकारियों और आगंतुकों के लिए दो शौचालय हैं जो चोबीसों घंटे सड़ांध उगलते रहते हैं। किताब की बात को सच मानें तो मुख्यालय में एक भी शौचालय नहीं है जहां महिलाएं प्रसाधन कर सकें।

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