शुक्रवार, 18 मई 2012

महिला सशक्तीकरण की दिशा में सरकारी पहल


महिला सशक्तीकरण की दिशा में सरकारी पहल

(शरद खरे)
नई दिल्ली (साई)। तलाकशुदा पत्नि को भी अब अपने पूर्व पति की अचल संपत्ति में बराबर हिस्सा मिलेगा। केंद्र सरकार ने इस आशय का एक विधेयक पारित कर दिया है। धारा 13 बी के तहत लिए जाने वाले आपसी सहमति के तलाक में छः माह की अनिवार्य अवधि के साथ कोई छेड़छाड़ नहीं की गई है।
सरकार ने पति की अचल आवासीय संपत्ति में पत्नी को स्पष्ट रूप से निर्धारित हिस्सा देने के लिए राज्यसभा में लंबित एक विधेयक में नये संशोधनों को मंजूरी दे दी है। प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह की अध्यक्षता में कल केन्द्रीय मंत्रिमंडल की बैठक के दौरान इस महीने के शुरू में राज्यसभा में पेश किये गए विवाह कानून (संशोधन) विधेयक में नये संशोधनों पर विचार-विमर्श हुआ।
विधि मंत्रालय के इस विधेयक से हिन्दू विवाह अधिनियम १९५५ और विशेष विवाह अधिनियम १९५४ में और संशोधन लाये जाने हैं। सरकार ने आपसी सहमति से तलाक के मामले में दोनों पक्षों को सुलह का मौका देने के लिए छह महीने की अनिवार्य अवधि की व्यवस्था बरकरार रखने का फैसला किया है।विपक्ष की मांग को ध्यान में रखते हुए अब यह निर्णय लिया गया है कि पति और पत्नी के अलग होने पर पति की अचल आवासीय संपत्ति में पत्नी और बच्चों को स्पष्ट रूप से निर्धारित हिस्सा दिया जाएगा।

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