सोमवार, 26 नवंबर 2012

मनोरंजन कर में कमी की पुरजोर मांग!


मनोरंजन कर में कमी की पुरजोर मांग!

(सुनील सोनी)

पणजिम (साई)। दुनिया भर के फिल्म निर्माताओं ने भारत में मनोरंजन कर में कमी करने और कला थिएटरों के लिए अनुकूल वातावरण विकसित करने की मांग की है। गोवा में पणजी में ४३वें अंतर्राष्ट्रीय फिल्म समारोह के दौरान सिनेमा के उभरते रुझान और चुनौतियों के बारे में फिल्म निर्माताओं ने सिनेमा की विभिन्न विधाओं के प्रदर्शन और वितरण सुविधाओं की कमी पर अफसोस जताया।
मौके पर भारत में मनोरंजन टैक्स अधिक होने पर इफ्की के निर्देशक शंकर मोहन ने सहमति जतायी। सिनेमा राज्य का विषय होने के कारण केन्द्र सरकार इस पर कोई स्वतंत्र भूमिका नहीं ले सकती है ऐसा उन्होने कहा। हांलाकि फिल्मकर्मी पैन लनिल, अंजलि मैनन और शाहजी एन। करूण ने कहा कि फिल्म का आशय अच्छा हो तो फिल्म दर्शक स्वीकार करते हैं। फिल्म विशेषज्ञ ईरा भास्कर ने कहा कि फिल्म कर्मियों को अब वैश्विकरण और तकनीकी आधुनिकता का सामना करना पडेगा।

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