सोमवार, 30 जुलाई 2012

नाथ सिंधिया को परवाह नहीं मध्य प्रदेश की


नाथ सिंधिया को परवाह नहीं मध्य प्रदेश की

एमपी में नहीं चलेगा कौशल आधारित रोजगार प्रोग्राम!

(रश्मि सिन्हा)

नई दिल्ली (साई)। जम्मू-कश्मीर के आतंकवाद प्रभावित इलाकों में चलाए जा रहे कौशल आधारित रोजगार कार्यक्रम को देश के नक्सल प्रभावित जिलों में शुरू किया जाएगा। केंद्र सरकार ने अपने इस प्रोग्राम के दूसरे चरण की फेहरिस्त में देश के हृदय प्रदेश को स्थान नहीं दिया है, जिससे केंद्र सरकार में सूबे का प्रतिनिधित्व करने वाले केंद्रीय मंत्री कमल नाथ और ज्योतिरादित्य सिंधिया की प्रदेश के विकास या योजनाओं को एमपी में लाने की दिलचस्पी का खुलासा होता है।
ज्ञातव्य है कि ग्रामीण विकास मंत्रालय ने जम्मू-कश्मीर के एक लाख युवाओं के लिए 237 करोड़ रुपये का कौशल विकास आधारित रोजगार एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम हिमायत की शुरूआत की है जिस पर अगले पांच वर्षों में अमल किया जाएगा। ग्रामीण विकास मंत्री जयराम रमेश ने कहा कि हम देश के नक्सल प्रभावित जिलों में भी इसी प्रकार का कार्यक्रम शुरू करना चाहते हैं। यह सभी स्तरों पर होगा और विशेष तौर पर 10वीं पास या फेल युवाओं को ध्यान में रखा जाएगा।
ग्रामीण विकास मंत्रालय के सूत्रों ने कहा कि मंत्रालय देश के सबसे अधिक नक्सल प्रभावित छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में इस तरह के कार्यक्रम की शुरूआत कर चुका है। इस कार्यक्रम का विस्तार ओडिशा, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़ और झारखंड के सबसे अधिक नक्सल प्रभावित 34 अन्य जिलों में किया जाएगा।
सूत्रों ने समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया के साथ चर्चा के दौरान कहा कि मंत्रालय ने छत्तीसगढ़ सरकार से सुकमा में युवा सम्मेलन आयोजित करने के लिए कहा है ताकि आदिवासी युवाओं को एकजुट किया जा सके और उनके साथ विचारों का आदान-प्रदान किया जा सके। उन्होंने राज्य सरकार से सुकमा में प्रशिक्षण केंद्र सुविधा प्रदान करने को कहा जिसमें सिलाई मशीन चलाने, बिजली से जुड़ा कामकाज, डाटा एंट्री ऑपरेशन का काम शामिल है। इस संस्थान का शुभारंभ 15 अगस्त को किया जाएगा।
सूत्रों ने कहा कि मंत्रालय द्वारा छत्तीसगढ़ सरकार को सूचित कर दिया है कि सुकमा में एक ग्रामीण स्व-रोजगार प्रशिक्षण संस्थान मंजूर किया जा सकता है। यहां ग्रामीण युवकों को समुचित ट्रेनिंग देकर लघु एवं अति लघु उपक्रम शुरू करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।

नाबालिग से शादी वैध, शारीरिक संबंध अवैध

नाबालिग से शादी वैध, शारीरिक संबंध अवैध

(आकाश कुमार)

नई दिल्ली (साई)। किसी नाबालिग लडकी का पति अपनी पत्नी के संरक्षण का अधिकार पाने का हकदार है लेकिन वह अपनी पत्नी से उसके 20 साल के होने तक शारीरिक संबंध नहीं बना सकता क्योंकि कानून उसकी पत्नी को अपनी शादी को अमान्य घोषित करने के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाने की अनुमति देता है।
दिल्ली उच्च न्यायालय की तीन सदस्यीय पीठ ने यह व्यवस्था दो सदस्यीय पीठ के एक रेफरेंस के जवाब में दी। उसमें पूछा गया था कि क्या यह कहा जा सकता है कि कोई नाबालिग लडकी समझदारी की उम्र में आ गई है और वह अपने माता-पिता की विधिसम्मत संरक्षण से बाहर निकल सकती है।
कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश ए के सीकरी, न्यायमूर्ति संजीव खन्ना और न्यायमूर्ति वी के शाली की पीठ ने कहा, ‘‘हमारी यह राय है कि चूंकि शादी अमान्य नहीं है, इसलिए स्वतरू पति नाबालिग लडकी की देखरेख का अधिकार पाने का हकदार है।’’
पीठ ने कहा, ‘‘लेकिन, पति को विवाह को पूर्ण बनाने के लिए शारीरिक संबंध बनाने की अनुमति देना उचित नहीं हो सकता जब पीसीएम (बाल विवाह निरोधक) अधिनियम का उद्देश्य और तर्काधार है कि कम उम्र में किसी बच्चे की शादी नहीं होनी चाहिए क्योंकि वे मनोवैज्ञानिक या चिकित्सीय तौर पर शादी के योग्य नहीं होते।’’ पीठ ने कहा, ‘आखिरकार इस तरह की शादी निरस्त करने योग्य है और लडकी के पास 20 साल की उम्र का होने तक अब भी शादी को अमान्य घोषित करने के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाने का विकल्प है।’’
अदालत ने यह भी कहा, ‘‘कैसे वह इस बीच अपने अधिकार का इस्तेमाल करने में सक्षम होगी जब शादी को पूर्ण बनाने के लिए उससे शारीरिक संबंध बना लिया जाता है जबकि वह सहमति देने की स्थिति में नहीं है, जिससे वह गर्भवती हो सकती है और गर्भधारण कर सकती है। इस तरह की शादियांे को अगर कानूनन लागू करने योग्य बनाया गया तो इसका घातक प्रभाव हो सकता है और यह इस तरह की शादी करने से किसी को भी नहीं रोकेगा।’’
पीठ ने दो सदस्यीय पीठ के एक अन्य सवाल का भी जवाब दिया कि क्या 21 साल से कम उम्र के लडके की 18 साल से कम उम्र की लडकी से शादी को वैध कहा जा सकता है और अगर पति जेल में नहीं है तो क्या उसे लडकी का संरक्षण दिया जा सकता है।
अदालत ने कहा कि नाबालिग लडकी और लडके के बीच शादी को अवैध घोषित किया जा सकता है बशर्ते पति-पत्नी में से कोई बालिग होने से पहले अदालत का दरवाजा खटखटाए। पीठ ने कहा, ‘‘18 साल से कम उम्र की लडकी या 21 साल से कम उम्र के लडके बीच हुई शादी अमान्य नहीं होगी बल्कि यह अमान्य करने योग्य होगी, अगर इस तरह का बच्चा अपनी शादी को अमान्य घोषित करवाने के लिए कोई कदम नहीं उठाता है तो वह शादी वैध हो जाएगी।’’

भाई-बहन को करीब ले आया है इंटरनेट


भाई-बहन को करीब ले आया है इंटरनेट

(नायशा)

नई दिल्ली (साई)। रक्षा बंधन का त्योहार सदियों से देशभर में उत्साह के साथ मनाया जाता है। इंटरनेट के इस युग में भाई-बहन के प्रेम के प्रतीक इस त्योहार को मनाने का अंदाज बदल गया है। अब राखी भेजने के लिए बहनों को डाकघर कुरियर कंपनी के पास जाने की जरुरत नहीं है। इंटरनेट के जरिये बहनें कहीं पर भी रहने वाले अपने भाइयों के पास राखी भेज सकती हैं। तमाम ऑनलाइन राखी स्टोर्स पर अपनी पसंद की राखी तथा उपहार चुने जा सकते हैं।
यहीं नहीं, यदि किसी बहन को राखी भेजने में देर हो गई है, तो ये पोर्टल एक्सप्रेस डिलिवरी की सुविधा भी उपलब्ध कराते हैं। उद्योग के विशेषज्ञों ने समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया से चर्चा के दौरान कहा कि ऑनलाइन राखी भेजने का चलन पिछले दो-तीन बरस में तेजी से बढा है।
इसकी वजह यह है कि अब लोगों को ऑनलाइन शॉपिंग के प्रति भरोसा कायम हो गया है। अब लोग ऑनलाइन शॉपिंग के जरिये 20,000-30,000 रुपये का सामान खरीदने से भी हिचकिचाते नहीं हैं। इस समय तमाम पोर्टल राखी भेजने की सुविधा उपलब्ध करा रहे हैं।
यही नहीं बहुत से पोर्टल को एक्सप्रेस डिलिवरी की सुविधा भी देते हैं। इस तरह के वेब पोर्टल चलाने वालों को डिलिवरी के हजारों आर्डर मिलते हैं। देश में कहीं भी वे 24 घंटे में राखी भेज देते हैं।

25 अरब रूपए पड़े हैं बेकार


25 अरब रूपए पड़े हैं बेकार

(महेंद्र देशमुख)

नई दिल्ली (साई)। स्विस बैंकों में पडे काले धन को तो देश में वापस ला कर विकास कार्यों में लगाने की मांग रोज उठती रहती है लेकिन देश के वित्तीय बैंकों में भी 24 अरब 81 करोड 39 लाख 70 हजार 461 रुपये लावारिस पडे हुए हैं और उनका कोई लेनदार तक नहीं है।
सूचना का अधिकार (आरटीआई) कार्यकर्ता सुभाष अग्रवाल की ओर से भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) से मांगी गयी सूचना से यह जानकारी मिली है। इसके अनुसार 31 दिसंबर 2011 तक देश के वित्तीय बैंकों में एक करोड 12 लाख 49 हजार 844 लावारिस खाते हैं और उनमें 24,81,39,70,461.47 रुपयों का कोई लेनदार नहीं है।
उधर, भारत ने फ्रांस में भारतीयों की कुल 565 करोड़ रुपये की अघोषित आय का पता लगाया है। इतना ही नहीं, 181 करोड़ रुपये का टैक्स वसूला भी जा चुका है। आयकर अधिकारियों ने फ्रांस में भारतीयों की ओर से टैक्स चोरी 219 मामलों का पता लगाया है। इससे लगता है कि दोहरा कराधान बचाव संधि के नतीजे सामने आने लगे हैं।
भारत ने फ्रांस के साथ दोहरा कराधान बचाव संधि (डीटीएए) के सूचना के आदान-प्रदान के प्रावधान के तहत भारतीयों के बैंक खातों के बारे में फ्रांस से सूचना मांगी थी। इस पर फ्रांस की ओर से उपलब्ध कराई गई सूचना में उक्त अघोषित आय का खुलासा किया गया।
समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया को प्राप्त जानकारी के अनुसार केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने हाल ही में संसद की लोक लेखा समिति को बताया कि 219 मामलों में टैक्स अधिकारियों ने कुल 565 करोड़ रुपये की अघोषित आय का पता लगाया और 181 करोड़ रुपये के टैक्स की वसूली पहले ही की जा चुकी है। एनआरआई कराधान पर एक प्रस्तुति में सीबीडीटी ने कहा कि फील्ड इंटेलिजेंस यूनिटों (एफआईयू) ने संदिग्ध लेनदेन के बारे में घरेलू सूचना के 30,765 दस्तावेज हासिल किए गए।
इनकी संबंधित एजेंसियां जांच कर रही हैं। छह नई दोहरा कराधान बचाव संधियों के साथ भारत ने दूसरे देशों के साथ इस तरह के कुल 84 समझौते कर रखे हैं। भारत ने इस साल से 25 नए क्षेत्राधिकारों के साथ टैक्स सूचनाओं का आदान-प्रदान शुरू किया है। इससे इन देशों के साथ सूचनाएं मांगे जाने में खासी बढ़ोतरी हुई है।
इस संबंध में उठाये गये कदमों के बारे में पूछे गये सवाल के जवाब में बताया गया कि बैंकिंग कानून (संशोधन) विधेयक, 2011 को लोकसभा में पेश किया जा चुका है और इस संबंध में एक नई धारा 26ए अभी प्रस्तावित है। इस संबंध में बैंकों को कई तरह के निर्देश भी जारी किये गये हैं जिनमें ऐसे खातों की वार्षिक समीक्षा करने के बाद खाताधारकों को इसे सक्रिय करने या अपने नये खातों की जानकारी देने के लिए सूचना भेजना भी शामिल है, ताकि इस धन को उनके नये खातों में हस्तांतरित किया जा सके।

तमिलनाडू एक्सप्रेस में आग 7 की मौत


तमिलनाडू एक्सप्रेस में आग 7 की मौत

(ऋतु सक्सेना)

हैदराबाद (साई)। आंध्र प्रदेश में नेल्लूर के निकट नई दिल्ली-चेन्नई तमिलनाडु एक्सप्रेस के एक डिब्बे में आज तड़के आग लगने से ७ लोग मारे गए और अनेक घायल हुए। करीब साढ़े पांच बजे नेल्लूर रेलवे स्टेशन से रवाना होने के बाद रेलगाड़ी के एस-११ डिब्बे में आग लग गई। स्थानीय अधिकारियों ने बताया कि मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका है क्योंकि डिब्बे में अभी कई यात्री फंसे हुए हैं। रेलवे अधिकारी, पुलिस और अग्निशमन कर्मचारी राहत और बचाव कार्य में लगे हैं।
नेल्लूर के जिलाधिकारी बी. श्रीधर ने बताया कि जले हुए डिब्बे से ७ लोगों के शव निकाले गए हैं, जबकि अनेक यात्री अब भी अंदर फंसे हैं। इस डिब्बे को रेलगाड़ी से अलग कर दिया गया है। दिल्ली से चेन्नई जा रही तमिलनाडु एक्सप्रेस के एक डिब्बे में सोमवार तड़के आग लग जाने से कम से कम 25 यात्रियों की मृत्यु हो गई है और 22 घायल हो गए हैं। यह दुर्घटना उस समय हुई जब रेलगाड़ी आंध्र प्रदेश में नेल्लोर स्टेशन से निकल रही थी।
नेल्लोर के जिला कलेक्टर बी श्रीधर ने बताया कि ट्रेन के एस 11 डिब्बे में आग लग गई जिससे 25 लोगों की मौत हुई है और 22 घायल हुए हैं। मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका है। जिस डिब्बे में आग लगी उसमें 72 लोग सवार थे। श्रीधर ने कहा कि संभवतः इलेक्ट्रिक शॉर्ट सर्किट के करण ये आग लगी।
प्रत्यक्ष दर्शियों ने समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया को बताया कि जब रेलगाड़ी नेल्लोर स्टेशन से निकल रही थी, तब वहां रेलवे कर्मियों ने आग लगती देखी और उन्होंने ट्रेन को तुरंत ही रोक लिया गया और दमकल गाड़ियों को बुलाया गया। लेकिन तब तक एस11 डिब्बा पूरी तरह आग की चपेट में आ चुका था।
आग को दूसरे डिब्बों तक फैलने से रोकने के लिए इस डिब्बे को ट्रेन से काट कर अलग कर दिया है। जिला कलेक्टर और जिला एसपी सहित कई अधिकारी के अलावा राहत और बचावकर्मी घटनास्थल पर पहुंच गए हैं। घायलों को स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि जब ट्रेन में आग लगी तो कुछ लोगों की आंखें खुल गई। ट्रेन नेल्लोर स्टेशन से खुलने की वजह से धीरे चल रही थी। कुछ यात्रियों ने ट्रेन से कूदकर जान बचाई, कुछ यात्रियों ने थोड़ी समझदारी से काम लिया और चेन खींचने के बाद जान बचाने के लिए दूसरे डिब्बे में चले गए। ट्रेन रुकने के बाद अफरातफरी मच गई और लोग इधर-उधर भागने लगे। कुछ लोग तो अपनी जान बचाने में कामयाब रहे, लेकिन जिनकी आंख खुलने में देर हो गई उन्हें आग ने अपनी आगोश में ले लिया।
इसके लिए हेल्प लाईन नंबर्स की व्यवस्था की गई है। ये हेल्पलाईन नंबर हैं सिकंदराबाद - 040-27786723, 27700868 विजयवाड़ा - 0866-2345863, 2345864 नेल्लौर - 0861-2331477, 2576924, 2331262