सोमवार, 22 अक्टूबर 2012

अरबपति परिवार को क्या दरकार जमीन की!


ये है दिल्ली मेरी जान

(लिमटी खरे)

अरबपति परिवार को क्या दरकार जमीन की!
कहते हैं देश में खेती किसानी की जमीन खरीदना अमीरों का प्रिय शगल है। खेती की आय को आयकर से मुक्त रखा गया है इसलिए देश के अमीरजादे खेती किसानी के माध्यम से अपनी काली कमाई को एक नंबर की आय में तब्दील कर दिया जाता है। कांग्रेस की नजरों में देश के राजपरिवार जिसके पास अरबों खरबों की दौलत है, उसे आखिर क्या जारूरत आन पड़ी है कि वह जमीन खरीदे। हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री ओम प्रकाश चौटाला का आरोप है कि राहुल ने पलवल जिले के हसनपुर गांव में साढ़े पांच एकड़ जमीन खरीदी है। यद्यपि, चौटाला का आरोप कर वंचना का है फिर भी सवाल तो वही खड़ा हुआ है कि लाखों करोड़ों रूपयों की संपत्ति के मालिक इस परिवार को आखिर जमीन खरीदने की जरूरत क्या आन पड़ी है। नेहरू गांधी परिवार की वर्तमान पीढ़ियां सबसे ताकतवर हैं, इस बात में कोई संदेह नहीं है। वे चाहें तो काले को सफेद आसानी से कर सकते हैं, फिर आखिर क्या वजह है कि राहुल को खेती की जमीन खरीदनी पड़ी।

परिवहन लाबी के आगे नतमस्तक शिव
देश के हृदय प्रदेश के निजाम शिवराज सिंह चौहान द्वारा अनेक सड़क दुर्घटनाओं के बाद सड़कों पर दौड़ने वाली वैध (वैसे अवैध यात्री बसों की तादाद वैध से कई गुना ज्यादा है) में दो दरवाजे अनिवार्य रूप से लगवाने के आदेश दिए थे। साल बीतने के बाद भी इसके लिए पाबंद परिवहन के साथ ही साथ गृह विभाग इस आदेश का पालन करवाने में परिवहन लाबी के सामाने नतमस्तक ही नजर आ रहा है। मथुरा, आगरा के रास्ते दिल्ली पहुंचने वाली परिवहन विभाग की अनुबंधित यात्री बसों में एक ही द्वारा आज भी इस बात का घोतक है कि किसी को शिवराज चौहान के आदेश का डर नहीं है। मध्य प्रदेश में परिवहन विभाग का भगवान ही मालिक है। जबसे राज्य सड़क परिवहन निगम बंद किया है तबसे परिवहन लाबी जमकर हावी है। महाराष्ट्र की संस्कारधानी नागपुर के सरकारी बस स्टेंड से अवैध बिना परमिटधारी यात्री बस ठसक के साथ छूट रहीं हैं। चर्चा है कि सबका कहना है कि हम पैसा सीधे शिवराज चौहान को देते हैं तो फिर किसी से क्यों डरें।

डर गईं श्रीदेवी!
गुजरे जमाने की सेक्सी डॉल श्रीदेवी इन दिनों डरी हुई हैं। दिल्ली के ओरंगजेब मार्ग पर शर्मिला टेगौर के सरकारी आवास में सैफ अली और करीना के विवाह का समारोह संपन्न हुआ। इसमें नामचीन हस्तियां दिखीं। कांग्रेस अध्यक्ष श्रीमति सोनिया गांधी और वजीरे आजम डॉ.मनमोहन सिंह ने इसमें जाना उचित नहीं समझा। सैफ करीना के विवाह समारोह में शामिल होने के बाद श्रीदेवी की रातों की नींद उड़ गई है। दरअसल, सैफ को विश करने श्रीदेवी अपनी बेटियों के साथ पहुंची। सैफ ने उनकी बेटी को ठीक उसी अंदाज में धन्यवाद दिया जिस अंदाज में 1991 में सैफ ने अपनी पहली पत्नि अमृता सिंह के साथ विवाह के दौरान करीना कपूर को विश किया था, -‘‘थैंक्यू बेटा‘‘। बस फिर क्या था श्रीदेवी डर गईं कि कहीं दस पंद्रह साल बाद जब उनकी बेटियां जवान होंगी तब कहीं. . . ।

अपने नहीं भाजपा में भ्रष्टाचार पर मौन तोड़ा राजमाता ने!
कांग्रेसनीत संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन की यूपीए टू में उजागर हुए घपले, घोटाले, भ्रष्टाचार, ने अनाचार, दुराचार आदि की सारी वर्जनांए ही ध्वस्त कर दी हैं। कांग्रेस एवं सहायोगी दल देश की अर्थव्यवस्था पर या तो डाका डाल रहे हैं या फिर दीमक की तरह चाट रहे हैं। इन सबके बीच वजीरे आजम डॉ.मनमोहन सिंह मीडिया से रूबरू होकर राष्ट्रधर्म से बड़ा गठबंधन धर्म बता रहे हैं। कांग्रेस की राजमाता श्रीमति सोनिया गांधी और युवराज राहुल गांधी द्वारा अब तक भ्रष्टाचार के मामले में मौन ही साधे रखा गया है। पहली बार श्रीमति सोनिया गांधी ने भ्रष्टाचार पर मुंह खोला है, वह भी भाजपा के भ्रष्टाचार पर। मंगलूर में उन्होंने कहा कि भाजपा सरकारें राज्यों जमकर भ्रष्टाचार कर रही हैं। भ्रष्टाचार के खिलाफ सोनिया की हुंकार से लोग राजेश खन्ना अभिनीत रोटीका गाना गुनगुना रहे हैं -‘‘यार हमारी बात सानो, एसा इक इंसान चुनो, जिसने पाप ना किया हो जो पापी ना हो. . .‘‘

नप सकते हैं थापर!
देश के मशहूर उद्योगपति गौतम थापर के स्वामित्व वाले अवंथा समूह के सहयोगी प्रतिष्ठान मेसर्स झाबुआ पावर लिमिटेड को आवंटित होने वाले कोल ब्लाक के चलते गौतम थापर पर भी संकट के बादल छा सकते हैं। एमपी के घंसौर विकासखण्ड में थापर का कथित पावर प्लांट लगाया जा रहा है। इस पावर प्लांट में कांग्रेस और भाजपा के नेताओं के संबंधियों की हिस्सेदारी होने की बात कही जा रही है, संभवतः यही कारण है कि इस पावर प्लांट की गले तक शिकायत होने के बाद भी कोई भी गौतम थापर का बाल भी बांका नहीं कर पाया। इस पावर प्लांट के अंदर निर्माणाधीन एक हजार फुट की चिमनी से गिरकर अभी तक लगभग एक दर्जन लोग काल कलवित हो चुके हैं पर संयंत्र प्रबंधन के खिलाफ कोई कार्यवाही ही नहीं हो पा रही है। गरीब आदिवासी गौतम थापर पर जमीन के मामले में धोखाधड़ी के आरोप लगाते रहे ओर मध्य प्रदेश के खनिज और उर्जा मंत्री आकर इसकी चिमनी की आधार शिला रख गए। लगने लगा है मानो अब आदिवासियों की बात सुनने वाला कोई बचा ही नहीं है।

गिर रही है राहुल की टीआरपी
कांग्रेस की नजर में देश के भावी प्रधानमंत्री राहुल गांधी की लोकप्रियता का ग्राफ दिनों दिन गिरता ही जा रहा है, जिससे सोनिया गांधी और प्रियंका वढ़ेरा चिंतित नजर आ रहे हैं। इंग्लैंड की मशहूर पत्रिका द इकोनॉमिस्टमें राहुल गांधी पर छपी एक टिप्पणी से कांग्रेस सकते में है। पार्टी ने लेख को सिरे से खारिज करते हुए राहुल के प्रति अपनी आस्था दोहराई है। वहीं, दूसरी ओर विपक्ष को राहुल पर हमले का एक और मौका मिल गया है। सपा ने राहुल को पीएम पद के अयोग्य बताया तो बीजेपी ने ब्रांड राहुल अस्तित्व में न होने की बात कही। दरअसल, ‘डिकोडिंग राहुल गांधी, नाम की किताब के आधार पर द इकोनॉमिस्टमें छपा है कि राहुल बड़ी जिम्मेदारी से बचते हैं, क्योंकि उनमें जिम्मेदारी निभाने की भूख ही नहीं है।

केबीसी में हारे एक लाख!
कौन बनेगा करोडपति को सदी के महानायक अमिताभ बच्चन द्वारा होस्ट किया जा रहा है. अब तक के सारे केबीसी शो में किसी भी प्रत्याशी ने रकम भले ही ना जीती हो पर हारी भी नहीं है। यह पहला मौका था जब केबीसी के नाम पर एक महिला ने एक लाख रूपए गंवा दिए। केबीसी में चयन और मुंबई में शूटिंग का झांसा देकर यहां एक महिला से एक लाख रुपये की ठगी की गयी। अमिताभ बच्चन के इस प्रोग्राम के नाम पर ठगी के इस अनोखे मामले में चार सदस्यों के इसमें शामिल होने पर पच्चीस हजार रूपए प्रति व्यक्ति के हिसाब से एक लाख रूपए की राशि की मांग की गई। उक्त फरियादी ने एक लाख रूपए की राशि बताए गए बैंक अकाउंट में जमा करवा दी। यहां यक्ष प्रश्न तो यह है कि बिना आईडी और निवास प्रमाण पत्र की औपचारिकताओं के खाते नहीं खुलते हैं फिर आखिर कैसे इन खातों में पैसे जमा करवाए जाने पर आरोपी पुलिस की पकड़ के बाहर हैं।

जाटों को खुश करने में लगी कांग्रेस
आने वाले समय में अनारक्षित वर्ग में महज चंद जातियां ही बच पाएंगी, क्योंकि संप्रग सरकार द्वारा अखिल भारतीय स्तर पर जाटों को भी आरक्षण देने पर विचार कर रही है। जाटों को लुभाने के लिए कांग्रेस इस अभिनव योजना को 2014 के आम चुनाव के एन पहले ही परवान चढ़ाने जा रही है। कांग्रेस के अखिल भातरीय स्तर के एक वरिष्ठ पदाधिकारी ने पहचान उजागर ना किए जाने की शर्त पर कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को बताया गया है कि जाटों का मोह कांग्रेस से भंग होता जा रहा है। साथ ही साथ घपले, घोटाले, अनाचार, दुराचार, भ्रष्टाचार, अनर्गल बयानबाजी से कांग्रेस और नेहरू गांधी परिवार के खिलाफ माहौल बनने लगा है। सोशल नेटवर्किंग वेब साईट्स पर भी सोनिया, राहुल, मनमोहन, दिग्विजय, कपिल सिब्बल, सलमान खुर्शीद, पलनिअप्पम चिदम्बरम और कांग्रेस को बुरी तरह कोसा जा रहा है। दिल्ली और आसपास के इलाकों में इंटरनेट और सोशल नेटवर्किंग वेबसाईट्स के उपभोगकर्ताओं की खासी तादाद है। इसके साथ ही साथ दिल्ली के इर्द गिर्द जाट मतदाताओं की तादाद बेहद ज्यादा है।

गड़करी के लिए काम कर रहे शरद
भारतीय जनता पार्टी के निजाम नितिन गड़करी ने अगले आम चुनावों के लिए रोड मेप तैयार करना आरंभ कर दिया है। एक के बाद एक रूठे भाजपाईयों को मनाकर उनकी घर वापसी के बाद अब गड़करी की ने नाराज सहयोगी दलों को मनाने के लिए राजग संयोजक शरद यादव को अपना अघोषित दूत बना लिया है। उधर, अरविंद केजरीवाल की गड़करी के खिलाफ होती तेज धार ने अब शरद यादव को सोचने पर विवश अवश्य ही किया होगा। भारतीय जनता पार्टी के नेशनल हेडक्वार्टर 11, अशोक रोड़ से छन छन कर बाहर आ रही खबरांें पर अगर यकीन किया जाए तो अगले आम चुनावों में सत्ता पर काबिज होकर 7, आरसीआर यानी रेस कोर्स रोड़ (भारत गणराज्य के वजीरे आज़म का सरकारी आवास) को अपना आशियाना बनाने की चाहत में दबे और सधे पांव चलने वाले नितिन गड़करी ने कुछ नए प्रयोग आरंभ किए हैं। शरद यादव द्वारा कांग्रेस की डाल से टूटे पत्तों को एकत्र कर गड़करी के स्वागत हेतु माला बनाए जाने का जतन आरंभ कर दिया गया है।

कांग्रेस में जाएंगे कीर्ति आजाद!
सियासी हल्को में इन दिनों एक बात जमकर गूंज रही है कि क्या कीर्ति आजाद का भाजपा से मोहभंग हो गया है? क्या आजाद कांग्रेस में जाने पर विचार कर रहे हैं? दरअसल, अपने जमाने के मशहूर क्रिकेटर और भाजपा सांसद कीर्ति आजाद पिछले दिनों जब कांग्रेस अध्यक्ष श्रीमति सोनिया गांधी से सेंट्रल हॉल में मिले तो उन्होंने सोनिया को भाभी कह डाला। सोनिया मंद मंद मुस्कुराई और उनके आंखों की चमक बता रही थी कि आजाद को कांग्रेस में लाने में वे खासी इच्छुक हैं। वैसे भी प्रधानमंत्री प्रियदर्शनी स्व.श्रीमति इंदिरा गांधी के राजनैतिक सचिव रहे भगवत झा आजाद लंबे समय तक बिहार के निजाम भी रहे हैं। संभवतः पिछले दिनों मीडिया में सोनिया गांधी की रहस्मय बीमारी के चर्चे सुनने के बाद कीर्ति आजाद ने औपचारिकतावश सोनिया से उनकी तबियत के बारे में पूछा तो सोनिया गांधी ने धीरे से कहा कि यह उपयुक्त स्थान नहीं है हाल चाल पूछने का! कभी घर आओ तब बैठकर बात होगी।

विवादित होता जनसंपर्क
मध्य प्रदेश जनसंपर्क विभाग एक बार फिर सुर्खियों में छा गया है। मध्य प्रदेश में महिलाओं पर अत्याचार को लेकर सरकार द्वारा जारी किए गए विज्ञापनों पर कांग्रेस ने सवाल उठाए हैं। साथ ही नेता प्रतिपक्ष ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को पत्र लिखकर कहा है कि विज्ञापन हकीकत से दूर है। नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में कहा कि पिछले 10 दिनों में महिलाओं पर सामूहिक ज्यादती की पांच घटनाएं हुईं। लाडली लक्ष्मीऔर बेटी बचाओअभियान सिर्फ विज्ञापनों और कागजों पर चलाने से महिलाओं की रक्षा नहीं हो सकती। सिंह ने कहा कि नेशनल क्राइम ब्यूरो ने महिला ज्यादती में मध्य प्रदेश को नम्बर एक बताया है और जो आंकड़े दिए हैं, वे बीजेपी सरकार की महिलाओं के प्रति संवेदनहीनता की कलई खोलता है। पता नहीं पर लगने लगा है कि मध्य प्रदेश के जनसंपर्क की कुंडली में इन दिनों शनि पूरी तरह से भारी ही चल रहा है।

पुच्छल तारा
कांग्रेस और करप्शन दोनों इन दिनों एक दूसरे के पर्याय समझे जा रहे हैं। इसी बात पर आधारित एक ईमेल त्रिपयार केरल से पियूषिका नायर ने भेजा है। पियूषिका नायर लिखती हैं -राम ने रावण को मारा (आर-आर), कृष्ण ने कंस को मारा (के-के), गोडसे ने गांधी को मारा (जी-जी), ओबामा ने ओसामा को मारा (ओ-ओ) और अब करप्शन मारेगा कांग्रेस को (सी-सी)।

रविवार, 21 अक्टूबर 2012

आतंकियों की मदद बंद करे पाक


आतंकियों की मदद बंद करे पाक

(शरद खरे)

नई दिल्ली (साई)। गृहमंत्री सुशील कुमार शिंदे ने आज कहा कि पाकिस्तान आंतकवादियों को भारतीय क्षेत्र में प्रवेश करने मे उनकी मदद कर रहा है। श्री शिंदे ने नई दिल्ली में पुलिस समृति दिवस परेड की सलामी लेने के बाद पत्रकारों से बातचीत में आरोप लगाया कि पाकिस्तान भारत के खिलाफ जान बूझकर हमले करा रहा है, क्योंकि वैश्विक आर्थिक मंदी के बावजूद भारत द्वारा की गई प्रगति से वह खुश नहीं हैं।
उन्होंने कहा कि पहले भी उन्होंने कह दिया था कि जब इस प्रांत में शांति नहीं आती, तब तक मैं सैन्य नहीं निकालूंगा। इस तरह की मैंने बात कही थी और उसके बाद दो-तीन दिन के बाद ही में इस तरह का हादसा हो गया और इसे हादसा नहीं  कहते। इसे तो पर्पसफूल अटैक भारत पर करने का और भारत की जो भूमि है उस पर इसी तरह का अटैक करने का काम कर रहे हैं, लेकिन हम बहुत सतर्क है।
श्री शिंदे ने कहा कि पिछले दो तीन वर्षों में देश में घुसपैठ की घटनाओं में कमी आई है, हालांकि कुछ आतंकवादी संगठन ऐसे प्रयास कर रहे हैं। इस संदर्भ में उन्होंने समाज के सभी वर्गों से देश की प्रगति के लिए काम करने की अपील की। गृह मंत्री ने जम्मू कश्मीर में पूर्ण शांति होने तक राज्य के कुछ हिस्सों से सेना को पूरी तरह हटाने की संभावना से इंकार किया। उन्होंने कहा कि सीमा पार से होने वाली घुसपैठ के बारे में हमारे पास पूरी जानकारी है। पूर्ण शांति आने के बाद हम निकाल देंगे और हस्ते-हस्ते निकाल देंगें। हमारे को इसका कोई शोक नहीं है कि वहां सैनिक और अर्धसैनिक रहे।
श्री शिंदे ने कहा है भारत और बंगलादेश की सीमा पर बाड़ लगाने का काम जल्दी ही पूरा कर लिया जाएगा। श्री शिंदे ने कहा कि दोनों देशों की सीमा चार हजार किलोमीटर से ज्यादा लंबी है और दो हजार किलोमीटर से ज्यादा में बाड़ लगाये जा चुके हैं।
उधर, समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया के जम्मू कश्मीर ब्यूरो से विनोद नेगी ने बताया कि बारामूला जिले के सोपोर कस्बे में कल रात एक मुठभेड में दो आतंकवादी मारे गये। जिस मकान में आतंकवादी छिपे थे, उसे गिरा दिया गया है और दो आतंकवादियों के शवों की खोज की जा रही है। आतंकवादियों और जवानों के बीच संघर्ष आज सुबह समाप्त हुआ। पुलिस सूत्रों ने बताया कि कल शुरू हुए इस अभियान में एक सहायक पुलिस उप-निरीक्षक और केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल का एक जवान घायल हो गया। सुरक्षा बलों ने आतंकवादियों के छिपे होने की सूचना मिलने के बाद, श्रीनगर से ५२ किलोमीटर दूर, सोपोर में चनाखान इलाके को घेर लिया। आतंकवादियों ने सुरक्षाबलों पर गोली चलाई, जिससे मुठभेड शुरू  हुई। वरिष्ठ पुलिस अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे, क्योंकि वहां लश्करे तैयबा के एक शीर्ष कमांडर के घिरे होने की खबर मिली थी।
वहीं दूसरी ओर गोवहाटी से समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया के ब्यूरो से पुरबालिका हजारिका ने खबर दी है कि असम के मुख्यमंत्री तरूण गोगोई ने कहा है कि घुसपैठ राज्य की सबसे बड़ी समस्या नहीं है, जैसा कि विपक्षी दल कह रहे है। कल गुवाहाटी में, विदेशियों के मुद्दे पर श्वेत पत्र जारी करते हुए उन्होंने कहा कि रोजगार, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे मुद्दों पर अधिक ध्यान देने की जरूरत है और सरकार ऐसा ही कर रही है। श्री गोगोई ने यह भी कहा कि उनकी सरकार के प्रयासों की बदौलत सीमापार से घुसपैठ में काफी कमी आई है।
ज्ञातव्य है कि असम के गृह और राजनीतिक विभाग के अनुसार १९८५ में से अब तक विदेशी अधिग्रहण द्वारा ७३ हजार से अधिक मामले निपटाएं गए हैं और ६१ हजार लोगों को विदेशी घोषित किया गया है। अब तक लगभग ढ़ाई हजार अवैध बांगलादेशियों को वापस अपने देश भेजा गया है। असम बंगलादेश सीमा सुरक्षा पर रिपोर्ट में कहा गया है कि अब तक २१८ किलोमीटर सीमा पर बाढ़ लगाए गए हैं। जलमार्ग से घुसपैठ रोकने के लिए ११ पुलिस चौकियां बनाए गए हैं। इस बीच विपक्षी असमगण परिषद ने कहा है कि सरकार ने घुसपैठ रोकने के तरीके का उल्लेख नहीं किया है।
वहीं मणिपुर से समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया के ब्यूरो से गायत्री बरूआ ने बताया कि मणिपुर में इम्फाल पश्चिमी जिले में नगरपालिका आयुक्त के आवास पर संदिग्ध आतंकवादियों ने एक शक्तिशाली हथगोला फेंका लेकिन उसमें विस्फोट नहीं हुआ। सरकारी सूत्रों ने बताया कि बाद में पुलिस ने हथगोले को निष्क्रिय कर दिया। किसी व्यक्ति या ग्रुप ने इसकी जिम्मेदारी नहीं ली है। इस बीच, पुलिस कंमाडो और अर्धसैनिक बलों के अलग-अलग अभियान में तीन आतंकवादी पकड़े गये हैं। पुलिस के अनुसार उनके पास से आर डी एक्स सहित विस्फोटक सामग्रियां बरामद हुई हैं।

हिमाचल की सीमाओं पर आयोग की कड़ी नजर


हिमाचल की सीमाओं पर आयोग की कड़ी नजर

(स्वाति नाडकर्णी)

शिमला (साई)। हिमाचल प्रदेश में कई स्थानों से ४० लाख रूपये से ज्यादा अवैध रकम जब्त किये जाने को देखते हुए, निर्वाचन आयोग राज्य से लगी सीमाओं, खासकर पंजाब की सीमा पर कड़ी नजर रख रहा है। राज्य में ४ नवम्बर को विधानसभा की सभी ६८ सीटों के लिए मतदान होगा।
निर्वाचन आयोग के सूत्रों ने समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया को बताया कि चुनाव के दौरान धनबल का दुरूपयोग रोकने के लिए पांच विधानसभा क्षेत्रों की पहचान की गई है, जहां खर्च पर निगरानी के लिए पर्यवेक्षक तैनात किये जाएंगे। इनमें ऊना, हरोली और सोलन विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र शामिल हैं। इसके अलावा स्वतंत्र और निष्पक्ष चुुनाव पर निगरानी के लिए २६ सामान्य और एक पुलिस पर्यवेक्षक तैनात किया जायेगा।
ज्ञातव्य है कि प्रदेश के ६० सीटों के लिए अब १४ दिन शेष रह गए हैं और चुनाव प्रचार ने तेजी पकड़ ली।  जहां एक ओर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष वीरभद्र सिंह तथा केंद्रीय वाणिज्य मंत्री आनंद शर्मा ने प्रचार की कमान संभाली है, वहीं मुख्यमंत्री प्रेमकुमार धूमल, भाजपा अध्यक्ष शांता कुमार और भाजपा महासचिव जगत सिंह नंदा चुनाव प्रचार में जुटे हैं। विभिन्न दलों के मुख्य प्रचारक के प्रदेश में जल्द आने की संभावना है।
कांग्रेस की अध्यक्ष सोनिया गांधी का कल मंडी में आने का कार्यक्रम है, जहां वे एक जनसभा को संबोधित करेंगी। प्रदेश के अधिकांश भागों में इस समय धान और मक्के की कटाई चल रही है, जिसके कारण चुनाव सभाओं में अभी भीड़ नजर नहीं आई रही तथा उम्मीदवार घर-घर जाकर वोटरों को लुभाने में लगे हैं।

देश भर में दुर्गा पूजा का उत्साह चरम पर


देश भर में दुर्गा पूजा का उत्साह चरम पर

(महेश रावलानी)

नई दिल्ली (साई)। दुर्गा पूजा देश के कई हिस्सों में श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाई जा रही है। पश्चिम बंगाल में आज महासप्तमी के अवसर पर, लोग बड़ी संख्या में देवी दुर्गा के दर्शन कर रहे हैं। उत्तर भारत विशेषकर दिल्ली में दुर्गा पूजा का उत्साह देखते ही बन रहा है। दिल्ली में दुर्गा पूजा के मौके पर लोगों में जबर्दस्त उत्साह है। यहां ढाई सौ से ज्यादा स्थानों पर पूजा हो रही है। छोटा बंगाल कहे जाने वाले चितरंजन पार्क इलाके में १० बड़े पूजा पंडाल लगाये गये हैं।
समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया के कोलकता ब्यूरो से प्रतुल बनर्जी ने बताया है कि पूरे शहर में पूजा को लेकर उत्साह का माहौल है और सभी पंडालों की भव्य सजावट की गई है। राष्ट्रपति श्री प्रणब मुखर्जी वीरभूमि जिले में मिरिति में अपने पैतृक गांव में दुर्गा पूजा कर रहे है। पूजा के दौरान विशेष रेलगाड़ियां चलायी जा रही हैं। राज्य प्रशासन ने कानून व्यवस्था बनाये रखने के व्यापक इंतजाम किये हैं। महत्वपूर्ण स्थानों और पूजा पंडालों के सामने क्लोज सर्किट टीवी सैट और वॉच टॉवर लगाये गये हैं।
वहीं गोवहाटी समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया ब्यूरो से पुरबालिका हजारिका ने समाचार भेजा है कि असम में इस वर्ष चार हजार से ज्यादा जगहों पर पूजा की जा रही है। कई पूजा समितियां एक सींग वाले गैंडे के अवैध शिकार, डायन कुप्रथा, बाढ़ और अन्य मुद्दों के बारे में जागरूकता फैला रही हैं। बोड़ोलैंड प्रादेशिक क्षेत्र जिलों और धुबरी में भी दुर्गा पूजा आयोजित की जा रही है, जहां हाल के जातीय संघर्ष में लाखों लोग बेघर हो गये थे। गुवाहाटी में लगभग पांच सौ स्थानों पर पूजा हो रही है।

माल्या का पता नहीं बेटा कर रहा एश!


माल्या का पता नहीं बेटा कर रहा एश!

(महेंद्र देशमुख)

नई दिल्ली (साई)। किंगफिशर एयरलाइंस का लाइसेंस निलम्बित कर दिया गया है। नागर विमानन महानिदेशालय ने उसकी सभी कमर्शियल उड़ानें निलम्बित कर दी हैं। कंपनी की वित्तीय स्थिति में सुधार और उड़ान संबंधी समस्याओं के समाधान की कोई व्यावहारिक योजना पेश करने तथा बकाया वेतन के भुगतान के मुद्दे पर कर्मचारियों के साथ गतिरोध समाप्त करने में विफल रहने के कारण यह कदम उठाया गया।
महानिदेशालय के प्रवक्ता ने समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया को बताया कि आर्थिक संकट से जूझ रही एयरलाइंस ने उसके कारण बताओं नोटिस का जो जवाब दिया है, वह संतोषजनक नहीं है।
महानिदेशालय ने इस महीने की पांच तारीख को संकटग्रस्त एयरलाइंस को नोटिस जारी करके पूछा था कि उसका लाइसेंस निलम्बित अथवा रद्द क्यों न कर दिया जाए, क्योंकि वह पिछले दस महीने के दौरान अपने उडान कार्यक्रम पर अमल करने में विफल रहा है और उसे बार-बार उड़ानें रद्द करनी पड़ी हैं।
वहीं दूसरी ओर नागर विमानन मंत्री अजीत सिंह ने कहा है कि किंगफिशर एयरलाइंस को अपनी सेवाएं फिर शुरू करने से पहले नागर विमानन महानिदेशालय को इस बात के लिए संतुष्ट करना होगा कि उसने उड़ानों के सुरक्षित प्रचालन के पुख्ता इंतजाम किये हैं। उन्होंने कहा कि एयरलाइंस को यह भी सुनिश्चित करना होगा कि कर्मचारियों को वेतन के संकट का सामना न करना पड़े। नई दिल्ली में कल मीडिया से बातचीत में उन्होंने जोर देकर कहा कि यात्रियों की सुरक्षा के साथ समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सुरक्षा हमेशा चिंता का विषय रहा है। और जब डीजीसीए को लगा कि सुरक्षा से समझौता किया जा रहा है, तो उसने लाइसेंस निलम्बित कर दिया।
ज्ञातव्य है कि किंगफिशर एयरलाइंस का लाइसेंस सस्पेंड कर गया है। कंपनी के हजारों कर्मचारियों के सामने रोजी-रोटी के लाले हैं, लेकिन इस वक्त विजय माल्या कहां हैं, यह किसी को नहीं मालूम। उनके अंडरग्राउंड होने को लेकर तमाम अटकलें लगाई जा रही हैं, लेकिन कोई कुछ भी खुलकर नहीं बोल रहा है। कुछ कर्मचारियों का मानना है कि माल्या लंदन में हो सकते हैं। बाप तो बाप बेटा भी कर्मचारियों के दुख-दर्द से बेखबर कैलेंडर गर्ल की तलाश में लगे हुए हैं।
गौरतलब है कि एविएशन मिनिस्ट्री ने कुछ दिन पहले से ही यह साफ कर दिया था कि वह डीजीसीए के जरिए किंगफिशर एयरलाइंस (केएफए) का लाइसेंस सस्पेंड करा सकती है। बावजूद इसके, विजय माल्या नहीं आए। खुद एविएशन मिनिस्टर अजीत सिंह और माल्या के खास मददगार प्रभात कुमार के बुलाने पर भी वह भारत नहीं लौटे। सूत्रों के मुताबिक, विजय माल्या करीब 20 दिन पहले अपने प्राइवेट प्लेन से भारत छोड़ चुके हैं। वह अपने प्राइवेट जेट, वीटी-वीजेएम से यात्रा करते हैं और फिलहाल उनके देश में वापस लौटने की कोई खबर नहीं है।
बाप का तो पता नहीं, बेटा भी कर्मचारियों के दुख से बेखबर है। खबर है कि माल्या के बेटे सिद्धार्थ एंप्लॉयीज के दुख-दर्द से बेखबर किंगफिशर के 2013 कैलेंडर के लिए कैलेंडर गर्ल की तलाश में हैं। शुक्रवार को एयरलाइंस का लाइसेंस सस्पेंड होने के बाद सिद्धार्थ ने ट्वीट किया, श्दोस्तो, खास आपके लिए बनाया गया द हंट फॉर किंगफिशर कैलेंडर गर्ल 2013 का पहला प्रोमो देखें।श् इसके एक दिन पहले सिद्धार्थ ने ट्वीट किया, श्लंदन में शाम 5 के बाद पब में बढ़ती भीड़ को कोई पछाड़ नहीं सकता। सबसे अच्छा माहौल है यहां। मुझे यहां रहना बहुत पसंद है। कभी-कभी मैं हैरान होता हूं कि मैं यहां से गया ही क्यों!

हिमालच में 455 उम्मीदवार मैदान में


हिमालच में 455 उम्मीदवार मैदान में

(रश्मि सिन्हा)

शिमला (साई)। हिमाचल प्रदेश की ६८ सदस्यों की विधानसभा के चुनाव के लिए अब  ४५५ उम्मीदवार मैदान में हैं। यहां अगले महीने की चार तारीख को मतदान होना है। कल नाम वापस लेने का आखिरी दिन था। भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस के कई बागी उम्मीदवारों ने अपने नाम वापस ले लिए हैं लेकिन इसके बावजूद लगभग ३० सीटें ऐसी हैं जहां दोनों पार्टियों को बागी उम्मीदवारों का सामना करना पड़ेगा। हमारे संवाददाता ने बताया कि चुनाव लड़ने वाले प्रमुख उम्मीदवारों में मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल, हमीरपुर से भाजपा के प्रत्याशी हैं जबकि प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह, शिमला ग्रामीण सीट से चुनाव लड़ेंगे।
हिमाचल प्रदेश में चुनाव प्रचार तेजी पर हैं। चुनाव आयोग द्वारा प्रचार के लिए खर्च की सीमा ग्यारह लाख तय करने की वजह से प्रदेश में चुनाव जैसा माहौल नजर नहीं आ रहा हैं। क्योंकि न तो दिवारों पर बड़े-बड़े पोस्टर लगे हैं और न ही लाउडस्पीकर का शोर सुनाई दे रहा है। प्रदेश के अधिकांश इलाकों में इस समय मक्के और धान की कटाई चल रही है, जिसके कारण उम्मीदवार घर-घर जाकर वोटरों को लुभाने में लगे हैं। जनजाति इलाका किन्नौर में भी यह सेब की सीज$न जोरों पर है इसलिए चुनाव प्रचार में लोगों की रूची कम नज$र आ रही है। कुल मिलाकर प्रदेश में लोग चुनाव को लेकर खामोश हैं।

हाथकरघा के लिए 169 करोड़ का पैकेज


हाथकरघा के लिए 169 करोड़ का पैकेज

(जाकिया जरीन)

हैदराबाद (साई)। आंध्र प्रदेश सरकार ने राज्य के हथकरघा क्षेत्र के लिए एक सौ उनहत्तर करोड़ रुपये के तत्काल पैकेज की घोषणा की है। मुख्यमंत्री किरण कुमार रेड्डी ने कल शाम केंद्रीय कपड़ा राज्य मंत्री पनबाका लक्ष्मी की उपस्थिति में हैदराबाद में यह घोषणा की। मुख्यमंत्री ने बताया कि यह धनराशि दो से तीन दिन के बीच जारी कर दी जायेगी। समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया के ब्यूरो ने बताया कि हथकरघा क्षेत्र की समस्याओं पर विचार-विमश के लिए दिन भर बैठक चली।
ज्ञातव्य है कि पिछले कुछ सालों से राज्य का हथकरघा उद्योग कठनाई के दौर से गुजर रहा है। पैकेज के अंतर्गत राज्य सरकार लगभग एक सौ ९० हथकरघा बुनकर सहकारी सोसाइटियों के ऋण माफ कर देगी। ये ऋण लगभग पचास करोड़ रुपये के हैं। कर्ज काफी से एक हजार आठ सौ से अधिक बुनकरों को लाभ पहुंचेगा। राज्य हथकरघा निगम आपकों को चालू पूंजी के लिए पचास करोड़ रुपये अतिरिक्त दिए जाएंगे और सिल्क यार्न सब्सीडी के लिए पच्चीस करोड़ रुपये की राशि दी जाएगी। राज्य सरकार एकीकृत हथकरघा विकास योजना के तहत कलस्टर मार्केटिंग के बकाया दावों के लिए पंद्रह करोड़ रुपये देगी। इससे राज्य की चार सौ ४३ सहकारी सोसाइटियों को फायदा पहुंचेगा।

दिग्गी के तीर से सहमे केजरीवाल


दिग्गी के तीर से सहमे केजरीवाल

(मणिका सोनल)

नई दिल्ली (साई)। अपने तीखे सवालों से सत्ता पक्ष और विपक्ष की नींद हराम कर देने वाले केजरीवाल अब दिग्विजय सिंह सवाले के सामने चारों खाने चित नजर आ रहे हैं। दिग्विजय सिंह द्वारा 27 सवालों की लंबी फेहरिस्त भेजने के एक दिन बाद भी टीम केजरीवाल एक भी सवाल का जवाब देने को तैयार नहीं।
टीम केजरीवाल का मानना है कि दिग्विजय सिंह को अगर इन सवालों के जवाब दिए गए, तो वह फिर नए सिरे सवाल पूछेंगे। साथ ही टीम केजरीवाल का यह भी कहना है कि दिग्विजय के सावलों में से एक भी सवाल देश से जुड़ा नहीं है, इसलिए जवाब देने की कोई जरूरत नहीं। यह सिर्फ दिग्विजय सिंह की एक चाल है। वह जनता को करप्शन के मुद्दे से भटकाना चाहते हैं। हालांकि, दिग्विजय के कई सवाल केजरीवाल से व्यक्तिगत हैं, लेकिन कुछ सवाल उनके आंदोलन और एनजीओ से भी जुड़े हैं।
अपने तीखे सवालों से राजनीति के दिग्गजों को चारों खाने चित करने वाले वाले केजरीवाल पर दिग्गविजय सिंह के सवाल भारी पर रहे हैं। अपनी पादर्शिता की ढिंढोरा पीटने वाली टीम केजरीवाल दिग्विजय के सवालों पर लीपापोती करती नजर आ रही है। टीम केजरीवाल को लग रहा है कि अगर उन्होंने दिग्विजय के सवालों के जवाब दिए तो फंसने का डर है। उन्हें लग रहा है कि दिग्विजय ने पहले सबूतों को इक्ट्ठा किया है फिर सवाल दागे हैं।
दिग्विजय सिंह के सवालों पर अरविंद केजरीवाल ने पलटवार किया है। केजरीवाल ने कहा कि वह दिग्विजय के सवालों का तभी जबाव देंगे जब पहले उनके सवालों का जवाब मिले। केजरीवाल ने कहा है कि उन्होंने भी प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के दामाद रॉबर्ट वाड्रा से भी सवाल पूछे थे, पहले उन सवालों के जवाब मिलने चाहिए। केजरीवाल ने दिग्विजय को जनता के सामने तमाम सवालों पर बहस की चुनौती दी है। उन्होंने कहा कि दिग्विजय सिंह कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव हैं। उन्हें प्रधानमंत्री, सोनिया और राहुल को सार्वजनिक बहस के लिए जनता सामने लाना चाहिए। अगर दिग्विजय ऐसा नहीं पाएं तो कांग्रेस में रहने का उनका कोई मतलब नहीं।
टीम केजरीवाल के अहम सदस्य संजय सिंह ने भी कहा है कि आम आदमी के सहारे सरकार चलती है। हमने 15 मंत्रियों से सवाल पूछे, लेकिन हमें एक भी सवाल का जवाब नहीं मिला। सरकार की जवाबदेही जनता के प्रति है तो उसे सामने आकर खुली बहस करना चाहिए। संजय सिंह ने कहा कि ऐसे में दोनों पक्ष एक दूसरे के सवाल का जवाब देंगे।
इस मामले पर टीम केजरीवाल के अहम सदस्य मनीष सिसोदिया ने कहा कि दिग्विजय सिंह की विश्वसनीयता नहीं है। वह सिर्फ कांग्रेस परिवार को बचाने के लिए इस तरह की हरकत करते हैं। मनीष ने कहा कि क्या दिग्विजय सिंह ने कभी किसानों की जमीन हड़पने वाले रॉबर्ट वाड्रा से सवाल किया है? क्या उन्होंने कोयला घोटाले से जुड़े मामलों में किसी से सवाल पूछा है? दिग्विजय सिर्फ भ्रष्टाचार के मुद्दों से लोगों का ध्यान भटकाने का काम करते हैं। दूसरी तरफ दिग्विजय सिंह का कहना है कि केजरीवाल को उनके सवालों के जवाब देने चाहिए। ये सवाल अहम हैं और देश से जुड़े हैं।

कांग्रेस महासचिव दिग्विजय के कुछ सवाल इस प्रकार हैं:-
क्या यह सच है कि 20 साल की आईआरएस की नौकरी के दौरान आपकी पोस्टिंग दिल्ली से बाहर नहीं हुई?
क्या आपकी आईआरएस पत्नी का भी कभी दिल्ली से बाहर तबादला नहीं हुआ?
आपने अपनी स्टडी लीव की रिपोर्ट सरकार को क्यों नहीं दी?
आपके एनजीओ कबीर को फोर्ड फाउंडेशन से कितना पैसा मिला?
इन पैसों का इस्तेमाल कहां किया गया?
क्या इन पैसों का इस्तेमाल करप्शन को मिटाने के लिए किया गया?
आपका एक बार चंडीगढ़ ट्रांसफर हुआ, लेकिन आपने जॉइन नहीं किया?
क्या यह सच है कि चंडीगढ़ ट्रांसफर के बाद वीआरएस लेने की कोशिश की?
क्या आपने नौकरी में रहते हुए एनजीओ बनाने के लिए सरकार से इजाजत मांगी थी?
सरकारी नौकरी करते हुए विदेशी संस्था से पैसे लेने की इजाजत ली?
आपकी कोर कमिटी के एक सदस्य ने 20 करोड़ रुपये की धांधली का आरोप लगाया, आपने इसका जवाब क्यों नहीं दिया?
आप अमेरिकी एनजीओ आवाज के साथ रिश्तों का खुलासा करेंगे?

वेब मीडिया के बनिये और दलाल


वेब मीडिया के बनिये और दलाल

(आवेश तिवारी / विस्फोट डॉट काम)

नई दिल्ली (साई)। हिंदी में न्यूज पोर्टल शुरू करने का काम अपने आपमें बेहद जोखिम भरा है, शुरूआती खर्चों की बात दीगर है, अगर आप किसी बड़े अखबार के न्यूज पोर्टल के सापेक्ष अपने पोर्टल को स्थापित करना चाहते हैं तो उसके लिए आपको अपना घर-बार बेंचना पड़ेगा, या खुलेआम भीख मांगने की नौबत आन पड़ेगी। निश्चित तौर पर तमाम आर्थिक अभाव के बावजूद हिंदी के न्यूज पोर्टलों ने अब तक सम्मान और साहस के साथ काम किया है लेकिन लगता है अब वक्त बदल रहा है, वेब के उन्नत स्वरुप को देखते हुए तमाम किस्म के बनिए, दलाल और अपराधी इस माध्यम में भी घुस आये हैं, जो वेब मीडिया को बदनाम कर रहे हैं।
एक दिन पहले मेरे एक मित्र ने बनारस के एक अखबार फास्टन्यूज इंडियाऔर उसके पोर्टल के बारे में जानकारी दी, अखबार ठीकदृठाक था लेकिन जब उन्होंने बताया कि उनकी वेबसाईट ूूू।ंिेजदमूेपदकपं।दमज पर पत्रकार बनने के लिए 725 रूपए देकर रजिस्ट्रेशन कराना पड़ेगा तो मेरा माथा ठनका। मैंने पोर्टल देखा तो ख़बरों के स्तर, सरकारी गैर सरकारी विज्ञापनों को देखकर (जो कि आम खबरिया पोर्टलों पर नजर नहीं आता) मैं समझ गया कि इसे चलाने वाले इससे जमकर नोट पीट रहे हैं। इस अखबार और पोर्टल की सम्पादक कोई श्रीमती विजेता द्विवेदी हैं, मैंने पोर्टल पर दिए गए नंबर पर 8542859201 पर फोन किया तो किन्ही प्रभाकर द्विवेदी ने फोन उठाया, जो खुद को अखबार का सह सम्पादक बता रहे थे, मैंने खुद को मोनू पांडे बनाकर प्रस्तुत किया जो कक्षा १२ पास है। इस बातचीत में जो राज खुला वो हैरत में डाल देने वाला है, इस बातचीत से उत्तर प्रदेश की मान्यता समिति, पत्र सूचना पंजीयन कार्यालय भी संदेह के घेरे में आ जाते हैं।
प्रभाकर द्विवेदी से जब मैंने पूछा कि आपके पोर्टल से कैसे जुड़ा जा सकता है तो उन्होंने बताया कि सात बड़े राज्यों में फैले मेरे अखबार से जुड़ने के लिए आपको रजिस्ट्रेशन कराना होगा, इसके लिए आपको एक निःशुल्क फ़ार्म भरना होगा, लेकिन आपको 725 रूपए जमा करने होंगे ,जो एक तरह से अखबार का शुल्क होगा ,जिसके बदले में हम आपको प्रेस की आईडी और ब्रोसर वगेरह भेजेंगे। उसके बाद आपको अगर प्रदेश सरकार से मान्यता लेनी है तो अपने नीचे 125 लोगों को सदस्य बनाना होगा, और अगर आप राष्ट्रीय मान्यता प्राप्त पत्रकार बनना चाहते हैं तो आपको 625 लोगों को सदस्य बनाना होगा। सह-सम्पादक द्वारा ये भी बताया गया कि मान्यता के बाद आपको ट्रेन ,बस और हवाई जहाज में रियायती दर पर यात्रा करने का लाभ मिलने लगेगा, सिर्फ इतना ही नहीं ये भी जानकार दी गयी कि कई लोग इस अखबार के माध्यम से मान्यता ले चुके हैं।
प्रभाकर द्वारा मुझे बताया गया कि पत्रकार बनने की न्यूनतम योग्यता हाईस्कूल या इंटर पास होना है, लेकिन अगर कोई अच्छी पर्सनालिटी वाला है तो अगर 8 पास क्यों न हो उसे पत्रकार बना दिया जाएगा। जब हमने अखबार के सम्पादक विजेता द्विवेदी से बात कराने का अनुरोध किया तो कहा गया कि अखबार का सारा काम मैं ही देख रहा हूँ मैडम दिल्ली रहती है ,19 को हम लोग एक सेमीनार कर रहे हैं उसमे मैडम से मुलाक़ात की जा सकती है। जब हमने बताया कि मेरे ढेर सारें इतर बेरोजगार हैं तो प्रभाकर द्वारा मुझे ज्यादा से ज्यादा सदस्य बनाने के लिए प्रोत्साहित किया जाता रहा, महत्वपूर्ण है कि अखबार के पिछले एक साल के दौरान केवल ५ संस्करण प्रकाशित हुए हैं, जानकारी दी गयी कि जनवरी से वो इसे दैनिक अखबार बना देंगे, तब आपको 1250 रूपए जमा करने होंगे।

प्रयोगशाला सहायक से सीधे उच्च श्रेणी शिक्षक बन गये थे कमलेशिया


प्रयोगशाला सहायक से सीधे उच्च श्रेणी शिक्षक बन गये थे कमलेशिया

(एम.रियाज)

सिवनी (साई)। जिला शिक्षा अधिकारी श्री टी।सी। पटले के दलाल कमलेशिया जिसे लोकायुक्त द्वारा पटले के  लिये 25 हजार रूपये लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया है वास्तव में वो मात्र एक प्रयोगशाला सहायक है जिसे पटले ने विधि विरूद्ध प्रमोशन दे सीधे उच्च श्रेणी शिक्षक बना दिया था।
प्राप्त जानकारी के अनुसार कमलेशिया बरघाट में पदस्थ थे और वहाँ से ताराचंद पटले ने ही उन्हें उत्कृष्ट विद्यालय सिवनी में लाया। उसके बाद उन्हें नियम विरूद्ध प्रमोशन दे सीधे उच्च श्रेणी शिक्षक बना दिया और उच्चत माध्यमिक शाला तिलक स्कूल में उनका पदांकन कर दिया जबकि काउंसलिंग पूर्व जो लिस्ट टंगी थी उसके अनुसार तिलक स्कूल में उच्च श्रेणी शिक्षक का पद था ही नहीं।
यहाँ यह भी उल्लेखनीय है कि कमलेशिया पटले की ही कृपा से नियम विरूद्ध बीएसी बनाये गये थे जबकि 48 वर्ष से अधिक उम्र के बीएसी बन नहीं सकते है फिर भी 52 वर्ष के कमलेशिया को बीएसी बनाया गया। सूत्रों ने समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया को बताया कि इनके पास एक जायलो गाड़ी है जिससे ये पटले की अच्छी बुरी हर जरूरत को पूरा करते थे। पटले के लिये ये रोज 800 रूपये की दारू लाते थे और इनके पास एक आलीशान बंगला भी है किन्तु लोकायुक्त के अधिकारियों ने इसकी पुष्टी नहीं की इनका कहना है कि जब वो छापा मारने गये तो उन्हें तो एक किराये के मकान में ले जाया गया था।

प्रियंका दास ने संभाला पदभार कहा मर्यादा अभियान होगी प्राथमिकता


प्रियंका दास ने संभाला पदभार कहा मर्यादा अभियान होगी प्राथमिकता

(संतोष श्रीवास)

सिवनी (साई)। नवागत जिला पंचायत सीईओ 2008 बैच की आईएएस प्रियंका दास ने जिला पंचायत का पदभार संभाल लिया है। समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया से चर्चा करते हुए आपने कहा कि मर्यादा अभियान उनकी प्राथमिकता में शामिल रहेगा किन्तु अभी उन्होंने जिले का भ्रमण नहीं किया है संभव है जिला भ्रमण के बाद उनकी प्राथमिकता बदल भी जाये।
ज्ञातव्य है कि बीते दो वर्ष से जिला पंचायत में लगातार आईएएस अधिकारी आ रहे है। बी।एस। कुलेश के पूर्व श्री संकेत भोंडवे जिला पंचायत सीईओ थे और इसी दौरान इलैया राजा टी जो कि वर्तमान मेे नैनपुर एसडीएम है और अभिजीत अग्रवाल जो कि अभी मैहर एसडीएम है जिला पंचायत सिवनी में अपनी सेवाए दे चुके है और इनके कार्य विशेष उल्लेखनीय रहे हैं।
उल्लेखनीय होगा कि श्री भोंडवे ने जिला पंचायत की पूरी तस्वीर ही बदल दी थी। कर्मचारी समय पर आये इसके लिये बायोमेट्रिक थंब इम्प्रेशन मशीन, जनपद सीईओ से लेकर सरपंच सचिव ग्रामीणों तक वीडियो कान्फ्रेंसिग, निःशक्त विवाह जो कि पहली बार हुआ निःशक्तों के लिये उनका लाइफ पार्टनर जीवन साथी ढूंढ उनका घर बसाया गया, रोजगार मेला, उद्यानिकी मेला, , मोबाइल पोस्ट आँफिस आदि श्री संकेत भोंडवे के कार्यकाल के  प्रमुख बिन्दु रहे थे।
इसी दौरान अभिजीत अग्रवाल जो कि अभी मैहर एसडीएम है ने भी जिला पंचायत में नरेगा के प्रभार में रहे और इन्होंने 100 करोड़ का तालाब पकड़ा था जिसपर इन्होंने यह कहते हुए रोक लगाई थी कि 100 करोड़ में गाँव का तालाब बन रहा है या टाटा अंबानी के यहाँ का स्वीमिंग पूल। इसके बाद इन्होंने नरेगा के कार्यों की कड़ी माँनीटरिंग की थी।
उल्लेखनीय है कि श्री अभिजीत अग्रवाल द्वारा जिला पंचायत में ईपीबीएक्स (टेलीफोन इंटरकाम सिस्टम) लगाने का प्रस्ताव भी दिया था क्योंकि जिला पंचायत की बिल्डिंग बहुत बड़ी है और आज भी अगर सीईओ को बाबू को बुलाना होता है तो वो स्टेनो को फोन करता है फिर स्टेनो घंटी बजाता है तब चपरासी आता है और फिर वो बाबू को बुलाना जाता है। इस स्थिति को देखते हुए तीव्र गति से काम हो इसके लिये श्री अभिजीत अग्रवाल ने ईपीबीएक्स लगाने का प्रस्ताव दिया था जिसे जिला कलेक्टर अजीत कुमार ने सिवनी मे ही रोक दिया।
2008 बेच के आईएएस इलैया राजा टी भी जिला पंचायत में एसीओ रह चुके हैं। इन्होंने कुपोषण के क्षेत्र में इनका कार्य सराहनीय था। इसके बाद आप केवलारी एसडीएम रहे और वहाँ रहते हुए इन्होंने विकास के ऐसे कार्य किये कि ये क्षेत्रीय विधायक की आँखो में खटकने लगे क्योंकि अभी तक जो भी अधिकारी आता था वह क्षेत्रीय विधायक के अनुसार ही चलता था किन्तु इन्होंने केवलारी के विकास को ध्यान रखते हुए बहुत अनोखे कार्य किये जिसके कारण जनता इनके साथ होने लगी और क्षेत्रीय विधायक को लगने लगा कि  ये उनके क्षेत्र में नेतागिरी कर रहे है।
नवागत जिला पंचायत सीईओ प्रियंका दास इलैया राजा टी की ही बैच की है। समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया से चर्चा करते हुए आज आपने बताया कि उनके पहले के अधिकारियों ने यहाँ पर जो अच्छे कार्य किये हैं उनमें निरंतरता बनाये रखना बल्कि उन्हें और अच्छा बनाने की दिशा में तो वो कार्य करेंगी ही साथ ही मर्यादा अभियान भी उनकी प्राथमिकता मे रहेगा पर हो  सकता है कि जिला घूमने के बाद उनकी प्राथमिकता बदल भी जाये।

50 हजार की अवैध सागौन जप्त


50 हजार की अवैध सागौन जप्त

(रफीक खान)

छपारा/सिवनी (साई)। वन विभाग के अमले ने मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर बीती रात एक कमांडर एवं एक मोटरसायकल सहित 02 आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके पास से लगभग 50 हजार रूपये मूल्य की अवैध सागौन लकड़ियाँ जप्त की हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार विगत रात्रि जैसे ही विभागीय अमले को मुखबिर से सूचना मिली तो विभाग ने सदल-बल खैरभटा बकोड़ा मार्ग पर घेराबंदी करते हुए कमांडर क्रं। एमएच 277328 और इसी के आगे-पीछे चल रहे एक मोटरसायकल टीवीएस विक्टर क्रं। एमएच 31 बीक्यू 393 को रोककर न केवल इनसे पूछताछ की बल्कि कमांडर वाहन की तलाशी भी ली गयी।
तलाशी के दौरान कमांडर में 15 नग सागौन की सिल्लियाँ जिनकी अनुमानित कीमत लगभग 50 हजार रूपये होती है बरामद की गयी हैं। कमांडर चालक और मोटरसायकल चालक को वाहनों सहित हिरासत में लिया जाकर विभाग द्वारा प्रकरण कायम किया जाकर विवेचना में लिया गया है।कमांडर चालक के रूप में विनोद साहू निवासी बखारी 21 वर्ष एवं राजा बाबू भरिया 19 वर्ष बखारी को गिरफ्तार किया गया है जबकि वाहन के मालिक बखारी निवासी सुरेश साहू बताया गया है।