मंगलवार, 27 सितंबर 2011

पचास का हो जाएगा डालर!


पचास का हो जाएगा डालर!

(लिमटी खरे)

नई दिल्ली। रूपए की कीमत में तेजी से गिरावट के चलते अब लगने लगा है कि डालर जल्द ही पचास रूपए का हो सकता है। वैसे भी डालर को वैश्विक मुद्रा का अघोषित दर्जा मिला हुआ है। गिरावट के समय रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया द्वारा विदेशी मुद्रा के भण्डार से डालर को बेचकर सामंजस्य बनाने का प्रयास किया जाता है।

गौरतलब है कि रिजर्व बैंक ने भारतीय मुद्रा की कीमत तय करने का काम एक सीमा तक बाजार पर छोड़ रखा है। मुद्रा बाजार में रुपए की कीमत अन्य विदेशी मुद्रा की तुलना में मांग-आपूर्ति के आधार पर तय होती है। हालांकि, रुपए की कीमत में आने वाले असामान्य उतार-चढ़ाव को थामने के लिए रिजर्व बैंक हस्तक्षेप करता है। जब गिरावट में असमान्य तेजी दर्ज होती है तब उस समय आरबीआई अपने विदेशी मुद्रा भंडार में से डॉलर बाजार में बेचकर रुपए को और गिरने से बचाता है। वहीं असामान्य तेजी के समय आरबीआई बाजार से डॉलर खरीदकर इसे और मजबूत होने से रोकता है।

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