मंगलवार, 9 अक्टूबर 2012

महिला को जलाकर मारा


महिला को जलाकर मारा

(प्रतिभा सिंह)

पटना (साई)। बिहार के गया जिला के मोहनपुर थाना अंतर्गत बुमबार गांव में एक महादलित महिला की बुरी तरह पिटाई के बाद उसे कुछ लोगों ने जलाकर मार डाला. मोहनपुर थाना अध्यक्ष पितांबर राय ने बताया कि सूबेदार यादव और उसका भतीजा मुकेश और योगेश ने रविवार शाम दैनिक मजदूरी करने वाले बरहो मांझी की पत्नी उत्तुक मांझी (35) से इंदिरा आवास योजना के तहत मिली राशि में से कुछ उन्हें भी देने को कहा जिसको उसने इंकार कर दिया.
उत्तुक मांझी के इंकार पर सूबेदार यादव और उसका भतीजा मुकेश तथा योगेश ने पहले उत्तुक मांझी की बुरी तरह पिटाई की और उसके बाद उसके शरीर पर ज्वलनशील पदार्थ डालकर उसे जलाने का प्रयास किया जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गयी. घायल अवस्था में उत्तुक मांझी को अनुग्रह नारायण मगध मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां उसने इलाज के क्रम में दम तोड़ दिया.
इस मामले में उत्तुक मांझी के पिता सहदेव मांझी ने सूबेदार यादव तथा उसके भतीजा मुकेश और योगेश के खिलाफ स्थानीय थाना में प्राथमिकी दर्ज करायी है. इस घटना के बाद से सूबेदार यादव, उसका भतीजा मुकेश और योगेश फरार है.

प्रियंका बाहरी, फिर कैसे खरीदी शिमला में जमीन!

प्रियंका बाहरी, फिर कैसे खरीदी शिमला में जमीन!

(स्वाति नाडकर्णी)

शिमला (साई)। हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शांता कुमार ने राज्य में गांधी परिवार की संपत्तियों की जांच कराने की मांग की है. शांता कुमार फिलहाल राज्यसभा के सदस्य हैं. शांता कुमार के सूत्रों ने समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया को बताया कि उन्होंने इंडिया अगेंस्ट करप्शन (आईएएसी) के नेता अरविंद केजरीवाल को लिखे एक पत्र में कहा कि शिमला में प्रियंका गांधी वाड्रा की सम्पत्ति की भी जांच की मांग वह उठाएं.
कुमार ने लिखा है कि प्रियंका वाड्रा के परिवार की शिमला में संपत्ति है. मुझे इस बारे में पूरी जानकारी नहीं है लेकिन यह करोड़ों की है. इसे भी आप अपनी सूची में डाल लो. इस महत्वपूर्ण आंदोलन में देश आपके साथ है. आईएसी ने हालांकि सवाल उठाया कि हिमाचल की भाजपा सरकार क्यों इस मामले की जांच नहीं कर रही है.
उधर, आईएसी की ओर से जारी एक बयान में कहा गया, हिमाचल में भाजपा की सरकार है. शिमला में यदि प्रियंका वाड्रा की कोई संपत्ति है तो इसकी जांच कराना उनके लिए आसान है. शांता कुमार ने कहा है कि उन्हें इस बारे में पूरी जानकारी नहीं है. हमें यह बात समझ में नहीं आ रही.
बयान में कहा गया, हमें जानकारी मिली है कि बगैर सरकार की अनुमति में कोई भी बहरी हिमाचल में सम्पत्ति नहीं खरीद सकता. कैसे और किस सरकार ने उन्हें जमीन खरीदने की इजाजत दे दी.

56 पैसे सस्ता हुआ पेट्रोल, आधी रात से कीमतें लागू

56 पैसे सस्ता हुआ पेट्रोल, आधी रात से कीमतें लागू

(आकाश कुमार)

नई दिल्ली (साई)। पेट्रोल खरीदने वालों के लिए राहत की खबर है. तेल कंपनियों ने पेट्रोल के दाम 56  पैसे लीटर घटा दिए हैं. पेट्रोल की घटी हुई कीमतें आज रात बारह बजे से लागू हो जाएंगी. नई दरें लागू होने के बाद दिल्ली में एक लीटर पेट्रोल 68 रुपये 46 पैसे की बजाए  67 रुपये 90 पैसे में मिलेगा.
मुंबई में एक लीटर पेट्रोल के लिए आपको अब 74 रुपये 43 पैसे चुकाने होगें. इसी तरह कोलकाता में अब एक लीटर पेट्रोल के लिए आपको 75 रुपये 44 पैसे देने होंगे. चेन्नई में भी पेट्रोल की कीमत अब 71 रूपये 48 पैसे प्रति लीटर हो जाएगी. तेल कंपनियों के मुताबिक अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें कम होने और डॉलर के मुकाबले रुपये में आई तेजी की वजह से पेट्रोल सस्ता हुआ है.
इंडियन ऑयल कारपोरेशन (आईओसी) के एक बयान में कहा गया, कि पेट्रोल मूल्य में 56 पैसे नकारात्मक संशोधन (इसमें दिल्ली में राज्य सरकार द्वारा लगाया जाने वाला शुल्क शामिल नहीं है) करने का फैसला किया गया है, जो नौ अक्टूबर से लागू होगा. बयान के मुताबिक तेल की अंतर्राष्ट्रीय कीमत जस की तस है, लेकिन रुपये में डॉलर के मुकाबले मजबूती आई है. इसलिए पेट्रोल मूल्य में संशोधन का फैसला लिया गया.
आईओसी ने कहा, ‘अंतर्राष्ट्रीय तेल बाजार और मुद्रा विनिमय दर पर लगातार नजर रखी जाएगी और इसमें होने वाला कोई बदलाव भविष्य में पेट्रोल की कीमत में दिखाई पड़ेगा.‘
उधर, वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने कहा कि रसोई गैस की कीमतों पर सरकार का कोई नियंत्रण नहीं है और इसकी कीमतें गैस कंपनियां ही तय करती हैं। हालांकि कुछ वस्तुओं पर सब्सिडी पूरी तरह समाप्त नहीं की जा सकती है। पी चिदंबरम ने पत्र सूचना कार्यालय द्वारा आयोजित वार्षिक आर्थिक संपादक सम्मेलन के उद्घाटन के दौरान ये बातें कहीं।
वित्त मंत्री ने कहा कि सब्सिडी जितनी अधिक बढ़ेगी, महंगाई और वित्तीय घाटा भी उतना अधिक बढे़गा। लेकिन कुछ क्षेत्रों जैसे खाद्य, उर्वरक और कुछ पेट्रोलियम उत्पादों पर सब्सिडी पूरी तरह से समाप्त नहीं की जा सकती है। उन्होंने कहा कि दिल्ली में अभी 800 रूपए की कीमत वाला रसोई गैस सिलेंडर लोगों को 400 रूपए में दिया जाता है और इसकी शेष राशि का भुगतान सरकार करती है।
उन्होंने कहा कि इन कीमतों से सरकार का कोई लेना देना नहीं है। ये कीमतें कई कारको पर निर्भर करती हैं, जिसमें परिवहन, पैकिंग, सिलेंडर की कीमत, डीलर कमीशन और गैस के मूल्य शामिल हैं। मालूम हो कि सरकार ने एक साल में रियायती रसोई गैस सिलेंडरों की संख्या छह तक सीमित कर दी है। इससे अधिक सिलेंडर बाजार मूल्य पर दिये जाएंगे।

तेजी से दौड़ेंगी राजधानी शताब्दी


तेजी से दौड़ेंगी राजधानी शताब्दी

(महेश रावलानी)

नई दिल्ली (साई)। राजधानी और शताब्दी एक्सप्रेस जैसी ट्रेनें को जल्द ही और ज्यादा रफ्तार देने की तैयारी है। रेलवे इन ट्रेनों के लिए इलेक्ट्रिकल मल्टी यूनिट (ईएमयू) ट्रेन सेट खरीदने की तैयारी कर रहा है। इसके बाद इन ट्रेनों को 150 किमी प्रति घंटा तक की तेज रफ्तार से दौड़ाया जा सकेगा।
रेल्वे बोर्ड के सूत्रों ने समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया को बताया कि राजधानी और शताब्दी ट्रेनों के लिए आधुनिक ईएमयू ट्रेन सेट इस्तेमाल किए जाने की दिशा में काम चल रहा है। इससे इन ट्रेनों को 130-150 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से चलाया जा सकेगा, जबकि इसके लिए मौजूदा रेलवे ट्रैक या सिग्नल सिस्टम में भी कोई बदलाव करने की जरूरत नहीं होगी।
सूत्रों के मुताबिक राजधानी ट्रेनों के मौजूदा रूट भी 150 किमी प्रति घंटा की रफ्तार के लिए पूरी तरह फिट हैं, लेकिन अभी राजधानी और शताब्दी ट्रेनों की औसत रफ्तार 90 किमी प्रति घंटा ही रहती है। इसकी बड़ी वजह कई जगह गति सीमा तय रहती है, जबकि मौजूदा रेल इंजन रफ्तार भी धीमी गति से पकड़ते हैं। ईएमयू ट्रेन सेटों में 21 कोच होंगे। एक ट्रेन के लिए इन कोचों की लागत 200 करोड़ रुपये होगी। रेलवे का दावा है कि नए ट्रेन सेट ईको फ्रेंडली होंगे और इनमें ऊर्जा की खपत 30 फीसदी कम होगी।

शौचालयों की तुलना मसजिद या चर्च से क्यों नहीं: बाल ठाकरे

शौचालयों की तुलना मसजिद या चर्च से क्यों नहीं: बाल ठाकरे

(निधि गुप्ता)

मुंबई (साई)। केंद्रीय मंत्री जयराम रमेश द्वारा शौचालयों की तुलना मंदिर से किए जाने पर शिवसेना सुप्रीमो बाला साहेब ठाकरे का पारा सातवें आसमान पर है। ठाकरे ने रमेश को जमकर खरी खोटी सुनाई है।  शिवसेना प्रमुख बाल ठाकरे ने शौचालयों की तुलना मंदिर से किए जाने पर केंद्रीय मंत्री जयराम रमेश को आड़े हाथ लिया है। उन्होंने पूछा कि रमेश ने शौचालयों की तुलना मसजिद या चर्च से क्यों नहीं की। ठाकरे ने पार्टी के मुखपत्र ‘सामना’ के संपादकीय में लिखा कि यह वास्तव में हैरानी वाली बात है कि आज भी देश की दो तिहाई आबादी खुले में शौच जाती है लेकिन इसे बताने के लिए मंदिर से तुलना करने का क्या औचित्य है।
रमेश को आडे़ हाथों लेते हुए पूछा कि उन्होंने मंदिरों की बजाय मसजिदों, मदरसों या गिरजाघरों का नाम क्यों नहीं लिया। शौचालय की जरूरत बताने वाली टिप्पणी में सिर्फ मंदिरों को ही निशाना बनाने की क्या आवश्यकता थी। ठाकरे ने यह भी कहा कि यदि उन्होंने शौचालय की तुलना चर्च से की होती तो रोम से सीधे पोप आपत्ति उठाते और कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी उन्हें तुरंत मंत्रिमंडल से बाहर कर देती।
संपादकीय में यह भी कहा गया कि ऐसे समय जब भाजपा एवं अन्य विपक्षी दल उनकी निंदा कर रहे हैं, कांग्रेस ने उनके बयान से किनारा कर लिया है। उल्लेखनीय है कि महाराष्ट्र के सेवाग्राम में एक कार्यक्रम में रमेश ने कहा था कि देश में तमाम देवी देवता हैं लेकिन मंदिरों से ज्यादा शौचालय महत्वपूर्ण है।
उधर, दूसरी ओर समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया के दिल्ली ब्यूरो से रश्मि सिन्हा ने बताया कि जयराम रमेश अपने बयान पर कायम हैं। स्वच्छता को लेकर मंदिरों की तुलना शौचालय से किए जाने संबंधी विवादास्पद बयान पर उठे सियासी बवंडर के बावजूद ग्रामीण विकास मंत्री जयराम रमेश अभी भी अपनी बात पर कायम हैं। उन्होंने कहा कि जैसी सोच होगी वैसा ही भावार्थ समझ में आएगा। जरूरत सोच बदलने की है और इसी बदलाव के लिए निर्मल भारत अभियान शुरू किया गया है। उन्होंने दोहराया कि देश में मंदिरों की संख्या शौचालय से ज्यादा है, जबकि जरूरत मंदिरों की नहीं शौचालयों की है। शौचालय की कमी के चलते ही साठ फीसदी से ज्यादा आबादी खुले में शौच करने को मजबूर है। यह न सिर्फ शर्मनाक है बल्कि बढ़ते कुपोषण के लिए जिम्मेदार भी।
रमेश ने कहा कि ऐसा नहीं कि खुले में शौच प्रथा को समाप्त करने और गांवों में शौचालय निर्माण के लिए केंद्र सरकार ने गंभीरता नहीं दिखाई। केंद्र ने योजना बनाकर राज्यों को आवश्यक धनराशि उपलब्ध कराई लेकिन ज्यादातर राज्यों में यह योजना कागजों पर ही सिमटी रही। जिसके चलते स्थिति में खास बदलाव नहीं आया। देश में 28000 ग्राम पंचायतों को ही निर्मल ग्राम पंचायत का दर्जा मिला हुआ है।
हालांकि राज्यों के आंकड़ों की माने तो देश के 65 फीसदी गांव खुले में शौच से पूरी तरह से मुक्त हो चुके हैं जबकि पिछले वर्ष हुई जनगणना के मुताबिक देश के 35 फीसदी राज्य ऐसे हैं जहां खुले में शौच प्रथा समाप्त हुई है। केंद्रीय मंत्री ने बताया कि देश को कुपोषण जैसी भयानक बीमारी से बचाने के लिए गांवों में शौचालय निर्माण पर केंद्र सरकार ने ग्यारहवीं पंचवर्षीय योजना में 45000 करोड़ रुपये खर्च किए है। बारहवीं पंचवर्षीय योजना में इसके लिए सरकार ने 1.08 लाख करोड़ रुपये खर्च करने का लक्ष्य रखा है।
उधर, दूसरी ओर तमिलनाडू से समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया के ब्यूरो से प्रीति सक्सेना ने खबर दी है कि हिंदू मुन्नानी ने सोमवार को स्थानीय पुलिस स्टेशन में केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री जयराम रमेश के खिलाफ कार्रवाई के लिए शिकायत दर्ज कराई है। यह शिकायत रमेश के हाल ही में दिए गए उस बयान के चलते दर्ज कराई गई है, जिसमें उन्होंने कहा था कि देश में शौचालयों से ज्यादा मंदिर हैं। ऊंटी टाउन पुलिस स्टेशन में दर्ज शिकायत में हिंदू मुन्नानी संगठन के नीलगिरी जिले के सचिव सेल्वाकुमार ने दावा किया है कि कांग्रेस नेता और ग्रामीण विकास मंत्री ने अपने बयान से हिंदू समुदाय की भावनाओं को चोट पहुंचाई है और उनके खिलाफ एक मामला दर्ज होना चाहिए। पुलिस ने शिकायत दर्ज कर ली है।

सेक्स रैकट से तीन बालाएं छुडाई गईं


सेक्स रैकट से तीन बालाएं छुडाई गईं

(पुष्पेंद्र)

छतरपुर (साई)। कामोत्तेजक मूर्तियों के लिए सुप्रसिद्ध मध्य प्रदेश के खजुराहो को अपने दामन में समेटने वाले छतरपुर जिले में सेक्स रैकट का भांडाफोड हुआ है। छतरपुर पुलिस ने नगर की विश्वनाथ कालोनी में एक निवास पर छापा मारकर सैक्स रैकेट का भंडाफोड कर तीन लडकियों को मुक्त कराया है।
पुलिस सूत्रों ने समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया को बताया कि देह व्यापार में लिप्त एक लडकी ने ही पुलिस में शिकायत की थी, कि मकान मालकिन संतोष तिवारी कुछ साल पहले उसको घर में खाना बनवाने के नाम पर पन्ना से लाई थी और उसे जबरन देह व्यापार में धकेल दिया था।
पुलिस ने कल जब उक्त मकान पर छापा मारा तो संतोष तिवारी के अलावा वहां मौजूद तीन अन्य लडकियों को मुक्त कराया गया। पुलिस ने सभी को न्यायालय में पेश किया, जहां से तीनों लडकियों को महिला आश्रम में तथा संतोष तिवारी को जेल भेज दिया गया।

छात्रों ने सहपाठी के साथ किया गैंग रेप


छात्रों ने सहपाठी के साथ किया गैंग रेप

(शोर्य देशमुख)

बालाघाट (साई)। नक्सलवाद प्रभावित मध्य प्रदेश के बालाघाट के पालीटेक्निक कालेज में पढने वाली एक छात्रा से उसी कालेज में पढने वाले दो छात्रों द्वारा किताब मांगने के बहाने घर में घुसकर बलात्कार किये जाने का मामला प्रकाश में आया है। पुलिस सूत्रों ने समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया को बताया कि कंटगी तहसील के तिरोडी गांव की एक छात्रा बालाघाट में किराये के मकान में रहकर पालीटेक्निक का कोर्स कर रही थी। उन्होने बताया कि 29 सितंबर को उसी के साथ पढने वाले अखिलेश श्रीवास्तव और दुर्गेश किताब मांगने के बहाने उसके घर में घुस गये और उसके साथ कथित रूप से सामूहिक बलात्कार किया।
सूत्रों के अनुसार लडकी इतनी डर गयी थी कि उसने उस समय किसी को यह बात नहीं बतायी लेकिन घटना के कुछ समय बाद उसने न केवल माता पिता को यह बात बतायी बल्कि कालेज के प्रभारी प्राचार्य को चिट्ठी लिखकर अपने साथ हुए हादसे की जानकारी दी। लडकी के माता पिता और प्रभारी प्राचार्य की शिकायत पर कल पुलिस ने दोनो लडकों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।

देह व्यापार मे लिप्त बंग्लादेशी बालाएं धरी गईं

देह व्यापार मे लिप्त बंग्लादेशी बालाएं धरी गईं

(राजीव सक्सेना)

ग्वलियर (साई)। ग्वालियर पुलिस ने यहां मुरार इलाके की एक आलीशान कालोनी के एक मकान पर छापा मारकर सेक्स रैकेट का भंडाफोड़ करते हुये दो बांगलादेशी लड़कियां एवं तीन स्थानीय युवकों को गिरफ्तार किया है। पुलिस सूत्रों ने समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया को बताया कि यह कार्रवाई स्थानीय लोगों की शिकायत पर की गई है। बांगलादेशी लड़कियां मुरार के रेवर व्यू कालोनी में एक मकान किराए पर लेकर रह रही थीं और देह व्यापार का धंधा चला रही थीं।
सूत्रांे ने बताया कि यह मकान प्रापर्टी डीलर अशोक शर्मा नामक व्यक्ति का है, जिस उसने इन लड़कियों को किराए पर दिया था। अशोक भी निकट ही एक दूसरे मकान में रहता है। पुलिस उससे भी पूछताछ करेगी। सूत्रों ने बताया कि पकड़े गए तीनों युवक उनके ग्राहक थे और उनमें से एक युवक सेना का जवान है। इन सभी आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। पुलिस ने मामला दर्ज कर विवेचना में लिया है

रेल्वे रिजर्वेशन लेना अब हुआ टेड़ी खीर

रेल्वे रिजर्वेशन लेना अब हुआ टेड़ी खीर

(शरद खरे)

नई दिल्ली (साई)। जैसे ही त्योहार करीब आते हैं भारतीय रेल की व्यवस्थाएं नाकाफी ही साबित होने लगती है। दिनोंदिन बढ़ती आबादी और रेल्वे द्वारा हर साल नई रेल चलाए जाने के बावजूद भी त्योहारी सीजन के आते ही रेल्वे का रिजर्वेशन लेना बेहद ही टेडी खीर हो जाता है। लंबी कतारों, इंटरनेट पर माउस क्लिक के बाद भी लोगों को 200 से उपर की वेटिंग और नो रूम का मैसेज ही मिल रहा है।
 पिछले साल की तरह इस साल भी त्योहारों पर घर का सफर कठिन होगा। पूर्वांचल की तरफ जाने वाली प्रमुख ट्रेन अभी से ही फुल हैं। दशहरा, दीपावली और छठ महोत्सव के चलते एसी कोच में भी जगह नहीं है। इस बीच भीड़ को देखते हुए रेलवे ने करीब एक दर्जन अतिरिक्त ट्रेन चलाने का ऐलान किया है।
त्योहारों के समय बंगाल और वैष्णव देवी जाने वाली ट्रेनों में जहां दशहरा से नो रूम का संकेत है, तो वहीं पूर्वांचल जाने वाली ट्रेनों में 200 से 400 वेटिंग के टिकट जारी किए जा रहे हैं। दिल्ली से कोलकाता जाने वाली संपर्क क्रांति, पूर्वा हावड़ा एक्सप्रेस और कालका एक्सप्रेस में 275 से 507 वेटिंग चल रही है। दिल्ली से पटना के लिए ब्रहमपुत्र, सीमांचल, मगध, विक्रमशिला और संपूर्ण क्रांति एक्सप्रेस में भी बर्थ खाली नहीं हैं। इन ट्रेनों में 243 से 468 वेटिंग है। इसी तरह दिल्ली से गोरखपुर, मुजफ्फरपुर, दरभंगा, इलाहाबाद और कानपुर जाने वाली ट्रेनों में 507 तक वेटिंग चली गई है।
दुर्गा पूजा के दौरान जम्मू की तरफ जाने वाली ट्रेन खचाखच भरी हुई हैं। ऐसे में वैष्णव देवी जाने वाले भक्तों के लिए यात्रा कठिन होगी। 19-20 अक्तूबर से ही मुख्य ट्रेनों में बर्थ खाली नहीं है। झेलम एक्सप्रेस मे जहां नो रूम है, वहीं जम्मू मेल में 147, शालीमार एक्सप्रेस में 214, उत्तर संपर्क क्रांति में 446 और मालवा एक्सप्रेस में 147 वेटिंग है।
तमाम कोशिशों के बावजूद अब भी इंटरनेट से तत्काल टिकट बुक करना लोगों के लिए परेशानी भरा है। यात्रियों का आरोप है कि 10 बजे रेलवे की वेबसाइट या तो हैंग हो जाती है या धीमी हो जाती है। तब तक सभी तत्काल टिकट बुक हो जाते हैं। सफदरजंग अस्पताल के डॉक्टर सौरभ का कहना है कि सुबह दस बजे से टिकट बुक करने का दौर शुरू होता है, लेकिन वेबसाइट इस दौरान खुलती ही नहीं है। अगर टिकट बुक करने की प्रक्रिया शुरू भी होती है तो पेमेंट करते वक्त मैसेज आता है कि समय सीमा समाप्त हो गई है, लिहाजा फिर से लॉग इन करना होगा।

मंहगी गैस ने बिगाड़ा मिड डे मील का स्वाद!


मंहगी गैस ने बिगाड़ा मिड डे मील का स्वाद!

(नीलिमा सिंह)

पटना (साई)। गैस सिलेंडर के बढे दाम से स्कूलों में बच्चों की मिड डे मील योजना पर भी संकट का बादल मंडरा रहा है. इस योजना को चलाने वाले गांव के ग्राम प्रधानों का कहना है कि जो बजट हम लोगों को मिड डे मील के लिये मिलता है उसमें हम इतने मंहगे गैस सिलेंडर खरीदकर बच्चों को खाना खिला पाने में असमर्थ है.
ग्राम प्रधानों ने जिलाधिकारी (डीएम) को दिये गये पत्र में कहा है कि प्रशासन स्कूलों में बनने वाले मध्याह्न भोजन के लिये सब्सिडी वाले सिलेंडर उपलब्ध कराय वरना 15 अक्तूबर के बाद जिले के सभी ग्राम प्रधान अपने सरकारी स्कूलों में मिड डे मील बनवाना बंद कर देंगे क्योंकि इतने कम बजट में हम 1100 से अधिक रुपये का गैस सिलेंडर नही खरीद सकते है.

दिन में गर्मी रातें होने लगी ठण्डी


दिन में गर्मी रातें होने लगी ठण्डी

(सोनल सूर्यवंशी)

भोपाल (साई)। मध्य प्रदेश में आजकल दिन में उमस सता रही है, लेकिन रात में ठंडक का अहसास होने लगा है। राज्य में बारिश का दौर लगभग पूरी तरह थम चुका है और चटख धूप निकल रही है। इस वजह से दिन में गर्मी के साथ उमस अपना असर दिखा रही है। राज्य के अधिकांश इलाकों में तापमान 35 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना हुआ है।
मौसम विभाग के सूत्रों ने समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया को बताया कि आगामी दिनों में इसी तरह का क्रम बने रहने के आसार हैं और लोगों को दिन में उमस से जल्दी राहत नहीं मिलने वाली है। वहीं रात के तापमान में लगातार गिरावट का सिलसिला जारी है, इससे रात में ठंडक का अहसास बना रहेगा।
राजधानी का अधिकतम तापमान 35़ 7 डिग्री सेल्सियस हो गया है, वहीं न्यूनतम तापमान 21़ 8 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया है। आने वाले दिनों में राज्य के मौसम में ज्यादा बदलाव की संभावना नहीं है।

अव्यवस्थाओं के साए में एशिया का सबसे बड़ा मिट्टी का बांध!


अव्यवस्थाओं के साए में एशिया का सबसे बड़ा मिट्टी का बांध!

(हिमांशु कौशल)

सिवनी (साई)। पूर्व केन्द्रीय मंत्री सुश्री विमला वर्मा की देन भीमगढ़ बांध एशिया का सबसे बड़ा मिट्टी के बांध है. वर्तमान में इस बांध की न ही उचित सुरक्षा व्यवस्था पर ध्यान दिया जा रहा है और न ही सिंचाई विभाग बांध की उन तकनीकी खामियों की ओर ध्यान दे रहा है जो कि इसे बाढ़ और भूकंपीय झटके से बचाये रखने के लिये अत्यंत आवश्यक है. भीमगढ़ डेम के रख रखाव के लिये प्रतिवर्ष 40 लाख रूपये आते हैं इसके बाद भी मिट्टी की दीवार पर बने सारे फिल्टर चोक है, मेन केनाल खत्म हो चुकी है, स्टाप लाक गेट हैं ही नहीं, गेट नंबर 5 से झरने की तरह लगातार पानी बह रहा है, दसवे नंबर के गेट की क्रांकीट और मिट्टी की दीवार के बीच का ज्वाइंट खुल गया है जिसके कारण बांध का पानी दीवार फोड़कर बाहर निकल ज़मीन पर बहता हुआ मुख्य नहर में मिल रहा है.
भीमगढ़ की तकनीकी खामियों की शिकायत उच्चाधिकारियों तक को कर दी गयी है, इसके बाद पूर्व में एक दिन अपर कलेक्टर इसका निरीक्षण भी कर आये. निरीक्षण में उन्होंने क्या देखा क्या नहीं यह तो पता नहीं. शिकायत में जिन तकनीकी खामियों का जिक्र किया गया है उनमें से कुछ विस्तार से इस प्रकार हैं.
0 चोक हैं पूरे के पूरे फिल्टर
भीमगढ़ बांध मिट्टी का बांध है. पानी रोकने के लिये बनायी गयी मिट्टी की दीवार ऊपर से लगभग 10 मीटर चौड़ी और नीचे से इसकी मोटाई लगभग 30 मीटर चौड़ी हो जाती है कहीं कहीं ये कम भी है. मिट्टी की दीवार की ऊँचाई 42.67 मीटर है. इस बांध मे 10 लोहे के गेट हैं जिन्हें मुख्य गेट कहा जाता है. इन गेटों के पीछे एक तालाब है.
नदी में बाढ़ आने पर भी मिट्टी की दीवार में कोई असर न पड़े और यह दीवार पानी का भार या दाब आसानी से सहन कर ले इसके लिये उस समय इंजीनियरों द्वारा एक तकरीब सोची गयी. इंजीनियरों ने दीवार के अंदर से पतली पतली कंदराएं निकाली जिन्हें फिल्टर कहा जाता है. इन कंदराओं की संख्या 13 है. जब दीवार पर पानी का दाब या भार बढ़ता है तो पानी इन कंदराओं के माध्यम से स्वतः ही बांध के बाहर निकल जाता है.
इन कंदराओं में रेत और मिट्टी है. इन्हें ऐसा बनाया गया था कि इनसे पतली धार निकले ताकि मिट्टी की दीवार दोनों ओर से गीली न हो क्योंकि बांध बन जाने के कारण मिट्टी की दीवार अंदर की ओर से सदैव गीली रहने वाली थी अगर दूसरी ओर से भी ये बहुत अधिक गीली हो जाती तो दीवार की पकड़ कमजोर होने का डर था. अतः 13 फिल्टर बहुत छोटे छोटे बनाये गये और बाद में इन फिल्टरों का पानी भी वेस्ट न जाये इसके लिये एक मेन केनाल बनायी गयी. जिसमें इन फिल्टरों से निकलने वाला सारा पानी चला जाये. आज इन 13 फिल्टरों में से एक भी चालू नहीं है सब के सब चोक हैं और मेन केनाल दिख ही नहीं रही है उसमें बड़े पेड़ और झाड़िया उग आयी हैं.
इन फिल्टरों के चोक हो जाने के कारण पानी का जितना भी दबाव है वो मिट्टी की दीवार पर ही है जो कि नाला क्लोजर के बाद से लगातार पानी के संपर्क में है. इतने साल तक पानी के संपर्क में रहने के कारण इसमें नमी आ गयी है और कहीं कहीं से पानी का लीकेज भी है.
0 ज्वाइंट से लगातार बह रहा है पानी
भीमगढ़ बांध के 10 नंबर गेट के बाद थोड़ी दूर तक क्रांकीट की दीवार है इसके बाद मिट्टी की दीवार शुरू होती है. क्रांक्रीट की दीवार और मिट्टी की दीवार का जो ज्वाइंट है वहाँ से लगातार पानी बह रहा है. यह पानी रिसता हुआ मुख्य नहर में आकर लगातार मिल रहा है. यह पानी इतना है कि एक माह रोक लिया जाये तो कम से कम 25 एकड़ जमीन सींची जा सकती है.
0 गेट नंबर पाँच से बह रहा है झरना
भीमगढ़ बांध में 10 गेट हैं. इसमें से जो 5 नंबर का बीच वाला गेट है उसकी रबड़शीट खराब हो गयी है जिसके कारण वहाँ से बहुत बड़ा झरना बह रहा है. इस झरने के कारण डेम का पानी लगातार खाली होता जा रहा है. विभागीय अधिकारियों के सामने इस गेट को सुधारना एक चुनौती है.
0 स्टाँप लाक गेट है ही नहीं.
भीमगढ़ बांध में 10 मुख्य गेट हैं. और इन 10 मुख्य गेट के समानांतर 10 स्टाप लाक गेट हैं. स्टाप लाक गेट दरअसल इमरजेंसी गेट होते है. जब मुख्य गेट में कोई खराबी आ जाती है तो स्टाप लाक गेट को बंद किया जाता है. इससे पानी का मुख्य गेट से संपर्क हट जाता है फिर मुख्य गेट को खोलकर बीच में जो पानी रहता है उसे बाहर निकाल सुधार कार्य किया जाता है.
ये स्टॉप लॉक गेट उस समय भी काम आते हैं जब मुख्य गेट में कोई खराबी आ जाये और वो काम करना बंद कर दे ऐसी स्थिति मे पानी रोकने के लिये स्टॉप लॉक गेट का ही सहारा लेना पड़ता है. मौके पर स्टाप लाक गेट हैं ही नहीं. उनके हेड मात्र हैं जिनमें गेट फँसते हैं. वर वास्तव में उन हेड में गेट लगे ही नहीं हैं.
0 तालाब की नाला क्लोजर के बाद से सफाई ही नहीं हुई
भीमगढ़ बांद के गेट के पीछे एक तालाब बनाया गया है. ये तालाब इसीलिये है कि जब गेट खोले जाये तो उनसे बहने वाला पानी सीधे जमीन पर आ कर न गिरे. अगर सीधे फोर्स के साथ जमीन पर गिरेगा तो वाइब्रेशन (कंपन्न) पैदा होगा इससे मिट्टी के बांध को असर पड़ सकता है अतः इंजीनियरों ने इस समस्या के निदान के लिये गेट के ठीक पीछे एक तालाब बनाया. इस तालाब में पानी भरा रहता है ताकि जब गेट खुले तो बांध का पानी जमीन पर गिरने के बजाये तालाब के पानी पर गिरे और वाइब्रेशन न हो.
इस तालाब को आज तक खाली करके देखा ही नहीं गया है कि इसमें सुधार की क्या आवश्यक्ता है. नाला क्लोसर (नदी को बंद करने) की दिनांक से लेकर अब तक इसे 26 साल हो गये हैं. इसकी दशा अच्छी है या बुरी किसी को कुछ पता नहीं.
मिट्टी की दीवर पर पनप रहे हैं बड़े - बड़े झाड़
भीमगढ़ बांध की जो मिट्टी की दीवार है उसमें बड़े झाड़ पनपने लगे हैं. अभी ये छोटे हैं किन्तु इन्हें अगर उखाड़ा नहीं गया तो इनकी जड़े बांध को नुकसान पहुँचा सकती है. इसी प्रकार सीमेंट क्रांक्रीट की दीवार के अंदर से जहाँ पानी का रिसाव हो रहा है वहाँ भी पीपल के झाड़ ऊग आये हैं. बाद में ये पीपल के पेड़ अपने जड़े गहरी कर लेंगे, जो बांध को क्षतिग्रस्त कर सकते हैं.
0 विद्युत कनेक्शन कटा
अव्यवस्थाओं का यह आलम है कि एशिया के सबसे बड़े मिट्टी के बांध जिसे संजय सरोवर परियोजना या भीमगढ़ के नाम से जाना जाता है के गेटों का स्थायी कनेक्शन कटा हुआ है. जनरेटर बिगड़े पड़े हैं.

पाकलापल्ली गाँव के ऐरागोडा जाति के लोग कपड़ा, माला, केशर वाले बनकर करते हैं चोरी


पाकलापल्ली गाँव के ऐरागोडा जाति के लोग कपड़ा, माला, केशर वाले बनकर करते हैं चोरी

(मो;रियाज)

सिवनी (साई)। उड़ीसा प्रांत के पाकला पल्ली ग्राम के एक शातिर गिरोह को बरघाट पुलिस द्वारा गिरफ्तार किया गया है ये लोग जिस जिले में अपना निवास बनाते हैं उससे काफी दूर वारदातों को अंजाम देते हैं ताकि इन पर किसी को शक न हो सकें और ये पुलिस की गिरफ्त से दूर रहें. ये आरोपी अलग अलग जगहों पर अलग अलग रूप में रहते हैं. मंडला में ये कपड़ा बेचने वाले के रूप में, बैतूल में मोतियों की माला बेचने वाले के रूप में तो छिंदवाड़ा में ये जाफरानी एवं केशर बेचने वाले के रूप में रहे. इनके पास फर्जी पहचान पत्र आदि सब है.
उक्ताशय की बात पुलिस द्वारा जारी विज्ञप्ति में कही गयी है. विज्ञप्ति में बताया गया है कि इस गिरोह के लोगों ने सबसे पहले बरघाट के एक शिक्षक के पैसों पर हाथ साफ किया. शिक्षक ने घर बनवाने के लिये स्टेट बैंक से ढाई लाख रूपये निकाल थैले में रखे थे और इलाज कराने डाँक्टर के यहाँ चला गया था जहाँ से इस गिरोह के दो लोग शिक्षक का थैला ले उड़े. पुलिस की खोजबीन में शिक्षक का थैला जिसमें की उसने रूपये रखे थे मेहरा पिपरिया के पास सड़क के किनारे पड़ा मिला. इससे पुलिस को संदेह हो गया कि आरोपी मंडला में रह रहा है. इसके अलावा बैंक में लगे सीसीटीवी कैमरे में आरोपी की फोटो भी आ गयी.
इसके बाद पुलिस ने मंडला में खोजबीन शुरू की तभी  इसी प्रकार की घटना की पुनरावृŸिा बेहरई निवासी श्री सोलंकी के साथ हुई जो कि वारासिवनी शासकीय महाविद्यालय में टेक्नीशियन के रूप में पदस्थ हैं. इन्होंने अपने बैंक से 6 लाख 20 हजार रूपये निकाले और सब्जी खरीद कर जब ये वापस आ रहे थे तो थैला इन्होंने मोटर सायकल में टांग लिया. जब ग्राम धारनाकला की एक होटल में ये चाय पीने रूके तो इनकी नजर मोटर सायकल की तरफ गयी जिसपर से थैला गायब था. घटना की रिपोर्ट इन्होंने तत्काल बरघाट थाने में दर्ज करायी.
पुलिस ने खोजबीन की तो पता चला कि ग्राम गुदमा के किनारे एक स्थानीय व्यक्ति को थैला और उसमें रखी पासबुक मिली. इससे पुलिस को पुनः संकेत मिले की पिछली घटना का और इस घटना का आरोपी एक ही है और ये मंडला में ही निवासरत हैं.  इसके बाद पुनः पुलिस ने मंडला की पतासाजी की तो मुखबिरों से सूचना मिली कि उड़ीसा प्रांत के कुछ बदमाश मंडला में रहकर आस पास के सरहदी इलाकों में वारदात को अंजाम दे रहे हैं.
इसके बाद पुलिस को पता चला कि उड़ीसा के गंजाम जिले मे एक आपराधिक जाति ऐरागोड़ा का केंप पाकलापल्ली गाँव में है. पुलिस अधीक्षक श्री राकेश जैन के निर्देश पर एक टीम बनाकर उड़ीसा के गुंजाम जिले में भेजी गयी. यहाँ संबंधित थाना प्रभारी ने पुलिस की टीम को अवगत कराया कि ग्राम पाकलापल्ली में ऐरागोडा आपराधिक जाति के लोगों का कैंप है. इस जाति के लोग अन्य प्रांतों में जाकर चोरी एवं जेबकटी की वारदातें बड़ी सफाई से करते हैं.
वहाँ के थाना प्रभारी की मदद से पुलिस टीम द्वारा ग्राम पाकलापल्ली में पतासाजी सीसीटीव्ही कैमरे बरघाट से निकाली गयी तस्वीर के आधार पर की गयी तो पता चला कि फोटो रोहित दास की है और वह अपने रिश्ते के मामा अभिषेक दास के साथ पाकलापल्ली में रहता है. इस तरह पुलिस को इस पर पूरा संदेह हो गया.
इसके बाद पुलिस ने उक्त संदेही के मकान का पता लगाया और घेरकर तलाशी ली तो घर में केवल महिलाएं थी. तलाशी में रोहित की पत्नी की अलमारी वह शर्ट बरामद हुई जो उसने बरघाट स्टेट बैंक में की गयी चोरी के दौरान पहनी थी. पूछताछ में पता चला कि ये दोनों संदेही वर्तमान मे मध्यप्रदेश के मंडला में रह रहे हैं.
इसके बाद पुलिस को अपने मुखबिरों से सूचना मिली की महाराजपुर मंडला में दीपक नाम के व्यक्ति के घर में कुछ बाहरी लोग कपड़ा व्यापारी बनकर रह रहे हैं जबकि  इनके पास कभी कपड़े का गðा देखा नहीं गया.
इसके बाद पुलिस ने सादे कपड़े मे मंडला निवासी दीपक के घर दबिश दी. तो पता चला कि  आरोपी किसी काम से मोटर सायकल में कहीं गये हैं. इसके बाद पुलिस ने दो घंटे तक दीपक के घर में प्रतीक्षा की तो करीब 28-30 साल का एक व्यक्ति एक छोटे लड़के के साथ आकर घर में रूकते दिखायी दिये. पुलिस द्वारा इन्हें तत्काल गिरफ्तार कर लिया गया.
पुलिस ने जब इनसे सख्ती से पूछताछ की तो इन्होंने बड़े व्यक्ति ने अपना नाम अभिषेक दास तथा छोटे लड़के का नाम नीरज दास बताया. इन्होंने चोरी की घटना को अंजाम देना कबूल किया साथ ही ये भी बताया कि चोरी कर वो अपने भांजे के साथ रकम का बड़ा हिस्सा अपने ग्राम पाकल पल्ली भेज देता था तथा लड़के नीरज को उसने ट्रेनिंग के लिये अपने साथ रखा है. इनके पास से पुलिस को होशंगाबाद जिले का फर्जी पहचान पत्र भी मिला.
ये आरोपी इतने शातिर हैं कि हर घटना के लिये प्री एक्टीवेटेड मोबाइल सिमों का इस्तेमाल करते थे और मोटर सायकलों को बस स्टेंड मोटर स्टेंड में किराये की पार्किंग में खड़ा कर देते थे. उक्त दोनों आरोपियों को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में प्रस्तुत किया गया है. इन आरोपियों को पुलिस रिमांड में लेकर अन्य घटनाओं का खुलासा भी करेगी. आरोपियों के पास से पौने दो लाख रूपये की राशि जप्त भी की गयी है.
आरोपियों को पकड़ने में थाना प्रभारी बरघाट आर.बी. पांडे, सउनि गेडाम, प्रधान आरक्षक शरद मालवीय, बलवंत बघेल, सुधीर मिश्रा, कन्हैया नाविक, गणेश सत्यार्थी, महिला आरक्षक उमेश्वरी, संजय ठाकुर का विशेष योगदान रहा. उक्त सराहनीय कार्य के लिये पुलिस अधीक्षक द्वारा नगद इनाम की घोषणा की गयी है.
उल्लेखनीय है कि पुलिस की यह दूसरी बड़ी सफलता है. इसके  पूर्व पुलिस अधीक्षक श्री राकेश जैन के मार्गदर्शन में पुलिस ने छिंदवाड़ा जिले से दो शेर की खाल एवं उसके आरोपियों को गिरफ्तार किया था.

अधिकारी और जनप्रतिनिधियों ने मर्जी से बाँट दिये डीजल पंप: हितग्राही परेशान

अधिकारी और जनप्रतिनिधियों ने मर्जी से बाँट दिये डीजल पंप: हितग्राही परेशान

(संतोष श्रीवास)

सिवनी (साई)। बाड़ी विकास योजना के तहत कृषकों को प्रदान किये जाने वाले पंप वास्तविक हितग्राहियों को न मिलकर नेताओं, उनके चहेतो और अधिकारियों के घर व उनके रिश्तेदारों में चले गये हैं। ग्राम पंचायत सुआखेड़ा अंतर्गत ग्राम झिलमिली निवासी पूसूलाल पिता समुरन ने जिला कलेक्टर से मांग की है कि इस बात की जाँच करायी जाये कि जितने लोगों को सिंचाई पंप दिये गये हैं वे वाकई उनके पास हैं या किसी और को  दे दिया गया है नाम मात्र उनका लिखा है।
विदित हो कि शासन की बाड़ी विकास योजना अंतर्गत पात्र हितग्राहियों को कुल 20 हजार रूपये की सामग्री प्रदान की जानी थी। इस राशि में पात्र हितग्राहियों को आम के 5 पौधे कीमत 500 रू., कटहल के 5 पौधे कीमत 50 रू., अमरूद के 5 पौधे कीमत 50 रू., नीबू के 5 पौधे कीमत 50 रू., आंवला के 5 पौधे कीमत 500 रू. बर्मी कम्पोस्ट की दो बोरी राशि 300 रू. स्पेयर पंप राशि 1300 रूपए सब्जी किट राशि 500 रू. आलू बीज राशि 600 रू., कीट नाशक राशि 150 रू. 2 एचपी/3 एचपी डीजल पंप राशि 16 हजार रूपये दिये जाने थे।
प्रत्येक ग्राम पंचायत से लगभग 90 हितग्राहियों को इस योजना के तहत लाभ दिया गया है और एक मोटे अनुमान के तहत लगभग 70 प्रतिशत लोगों को डीजल पंप प्रदान किया ही नहीं गया है और इनसे प्राप्ति लिखवा ली गयी है। ऐसा बताया जाता है कि अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों द्वारा इन डीजल पंपों को अपने चहेतों में बाँट दिया गया है व जो  शेष डीजल पंप बच गये उन्हें बेच दिया गया है कुछ डीजल पंप सक्षम लोगों के यहाँ भी चले गये हैं।
इसी संबंध में झिलमिली निवासी पूसूलाल पिता सुमरन जाति गौंड द्वारा जिला कलेक्टर को एक आवेदन देकर सूचित किया गया है कि बाड़ी विकास योजना अंतर्गत उसे पात्र माना जाकर विद्युत पंप स्वीकृत किया गया था किन्तु विगत एक वर्ष से वो सारे प्रयास कर चुका है अभी तक उसे विद्युत पंप मिला ही नहीं। बाद में उसे यह बताया गया कि उसके हक का डीजल पंप अध्यक्ष ने अपनी स्वीकृति से ग्राम नांदिया निवासी सुकरती बाई को दिलवा दिया है जबकि वास्तविकता यह है कि सुकरती बाई का नाम योजना में है ही नहीं ऐसी स्थिति में उसे डीजल पंप मिल ही नहीं सकता।
आवेदक ने जिला कलेक्टर से निवेदन किया है कि उसे उसके हक का डीजल पंप दिलवाया जाये एवं इस बात की जाँच करायी जाये कि जिन लोगों के नाम सूची में लिखे हैं उन्हें वाकई में लाभ मिला है या नहीं। उल्लेखनीय है कि इसके पूर्व में भी आवेदक द्वारा तहसीदार छपारा को अपनी समस्या के संबंध में आवेदन दिया जा चुका है किन्तु कोई कार्यवाही नहीं हुई।