सोमवार, 19 नवंबर 2012

सुनीता पहुंची सकुशल धरती पर

सुनीता पहुंची सकुशल धरती पर

(यशवंत)

वाशिंग्टन डीसी (साई)। भारतीय मूल की अंतरिक्षयात्री सुनीता विलियम्स करीब चार महीने तक अंतरिक्ष में रहने के बाद आज वापस धरती पर लौट आई हैं। अब से थोड़ी देर पहले सुनीता को लेकर सोयूज अंतरिक्ष यान ने कजाखस्तान में लैंड किया।
भारतीय समय के मुताबिक सबह के करीब 4 बजे सुनीता ने अंतरिक्ष स्टेशन से धरती का सफर शुरु किया। सुनीता ने अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन यानी आईएसएस पर करीब चार महीने बताए। सुनीता की ये दूसरी अंतरिक्ष यात्रा थी। इससे पहले वो 2006 में अंतरिक्ष में गई थीं।
अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (आईएसएस) पर चार महीने बिताने के बाद उनके साथ दो अन्य अंतरिक्षयात्री भी गए। आईएसएस छोड़ने से पहले सुनीता ने कहा कि मैं घर जाने की तैयारी में हूं, लेकिन स्पेस ऐसी जगह है, जिसे छोड़ने का किसी का मन नहीं करेगा।
रवानगी से पहले विलियम्स ने शनिवार को औपचारिक तौर पर आईएसएस की कमान अपने सहयोगी नासा अंतरिक्षयात्री केविन फोर्ड को सौंप दी। उनके साथ जापान एयरोस्पेस एक्प्लोरेशन एजेंसी के अकी होशीदे और रूसी सोयुज कमांडर यूरी मालेनचेंको भी साथ वापस लौट आए हैं।

लो पता चल सकेगा कब मरेगा इंसान

लो पता चल सकेगा कब मरेगा इंसान

(एकता)

न्यूयार्क (साई)। वैज्ञानिकों ने पहली बार जीन में एक ऐसी सामान्य विसंगति खोज निकाली है जो यह तय करती है कि आप हर दिन किस समय सोकर उठेंगे और आपकी मौत दिन के किस समय होने की संभावना अधिक है। शोधकर्ताओं ने जीन में ऐसे परिवर्तन को पहचान लिया जो दिन में एक ही समय उठने वाले या रातभर जागते रहने वाले लोगों की जनसंख्या को प्रभावित करता है।
इस खोज में यह भी पाया गया कि यह परिवर्तन यह भी पता लगा सकता है कि किसी व्यक्ति की मौत दिन के किस समय होने की संभावना अधिक है। इस अध्ययन में मिलने वाले आश्चर्यजनक नतीजों से काम का समय बदलने, चिकित्सीय उपचार की योजना बनाने और नाजुक हालत वाले मरीजों की स्थिति का जायजा लेने का समय तय किया जा सकता है।
अध्ययन के प्रमुख लेखक एंड्रयू लिम ने कहा, ‘‘हमारी आंतरिक ‘जैविक घडी’ मानवीय जीव विज्ञान और व्यवहार के कई पक्षों को नियंत्रित करती है। इनमें सोने का समय, संज्ञान आधारित प्रदर्शन का समय और कई अन्य शारीरिक क्रियाओं का समय शामिल है। यह आघात या दिल के दौरे जैसी कई चिकित्सकीय घटनाओं के समय पर भी अपना प्रभाव डालती है।’’
हावर्ड मेडिकल स्कूल के प्रोफेसर सैपर ने एक बयान में कहा,‘‘आभासी रुप से सभी शारीरिक क्रियाओं की एक लय होती है। मतलब यह हुआ कि मृत्यु की भी एक लय है। इसीलिए सामान्य जनसंख्या में औसतन लोगों की मृत्यु सुबह के समय होती है। कई बार यह समय औसतन सुबह 11 बजे का रहता है।

बापू के दो पत्र होंगे नीलाम

(अभिलाषा जैन)

लंदन (साई)। महात्मा गांधी द्वारा लिखे गए दो पत्रों की अगले महीने सोदबी की नीलामी में बोली लगाई जाएगी। इन पत्रों में गांधी की ओर से गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर के बडे भाई द्विजेंद्रनाथ को लिखा गया पत्र भी शामिल है। आगामी 12 दिसंबर को अंग्रेजी साहित्य, इतिहास, बच्चों की किताबों और चित्रों की नीलामी होगी जिसमें बापू के पत्रों के अलावा भारतीय संविधान की एक दुर्लभ प्रति भी शामिल होगी। इस नीलामी में कुछ 200 चीजों की बोली लगाई जाएगी।
वर्ष 1922 में अहमदाबाद की साबरमती जेल में बंद किए जाने के बाद गांधी ने द्विजेंद्रनाथ को एक खत भेजा था जिसमें उन्होंने खुशी जताई है कि उनको सजा ऐसे समय में हुई है जब उन्हें लगता है कि वह इसके लिए पूरी तरह तैयार हैं। इसके साथ ही उन्होंने भारत में एक स्थायी शांति पर खुशी जताते हुए उसे अपनी ताकत बताया है।
गांधी ने द्विजेंद्रनाथ को पेंसिल से लिखे दो पन्नों के पत्र में यह भी कहा कि वह ‘यंग इंडिया’ को उनके समर्थन के संदेश भेज दें। इस पत्र की कीमत पांच से सात हजार पाउंड के बीच आंकी गई है। एक दूसरे पत्र की कीमत तीन से चार हजार पाउंड के बीच आंकी गई है। यह पत्र गांधी ने वर्ष 1922 में एक अज्ञात मित्र को सांत्वना देने के लिए उस समय भेजा था जब उन्होंने चार्ली एंड्रयूज से उस व्यक्ति की मां के निधन के बारे में सुना था। गांधी ने इस खत में लिखा,‘‘जीवन और मरण को एक समान मानना चाहिए’’।

गाजा में 23 मरे


गाजा में 23 मरे

(साई इंटरनेशलन डेस्क)

गाजा (साई)। गाजा में इस्राइल की हाल की कार्रवाई में कल २३ लोगों की मौत के बाद मृतकों की संख्या बढ़कर ७३ हो गई है और साढ़े चार सौ से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। गजा का संकट दिन प्रतिदिन गहराता ही जा रहा है। प्रत्यक्ष दर्शियों ने बताया कि रविवार का दिन गाजा के लोगो के लिए बसे दुश्वार रहा। इसराइली मिसाइल के हमले में गाजा शहर की दो मंजिली इमारत में एक ही परिवार के ११ लोग जिनमें ४ बच्चे और एक इक्यासी वर्षीय महिला शामिल है, मारे गये। लगातार पांचवें दिन भी गाजा में इसरायली वायुसेना और लड़ाकू पोतों के जरिये बमबारी का सिलसिला जारी रहा। बुधवार से जारी रॉकेट हमलों में अब तक तीन इजराइली मारे गये हैं और ३१ घायल हुए हैं। सर्दियों की शुरुआत के साथ खाने-पीने की चीजों, बिजली और ईंधन की कमी हो गयी है। अस्पताल घायलों से भरे पड़े हैं और कइयों को इलाज के लिये राफा क्रासिंग के जरिये मिस्र भेजा जा रहा हैं। उधर, समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया के दिल्ली ब्यूरो से रश्मि सिन्हा ने बताया कि विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता सैय्घ्यद अकबरूद्दीन ने कहा कि भारत पश्चिम एशिया की स्थिति पर नजर रखे हुए है। उन्होंने कहा कि गजा क्षेत्र के आसपास इस्राइल और फिलिस्तीन के बीच बढ़ती हिंसा के बारे में हम बहुत चिंतित हैं। इससे इस क्षेत्र की शांति और सुरक्षा के लिए खतरा पैदा हो गया है। इस स्थिति से निपटने के लिए तत्काल कदम उठाये जाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि हम दोनों पक्षों से आग्रह करते हैं कि वे अधिक से अधिक संयम बरतें और ऐसा कोई कदम न उठायें जिससे स्थिति और बिगड़े।

मिशन गोल्ड कप 2012 का शुभारंभ


मिशन गोल्ड कप 2012 का शुभारंभ

(काबिज खान)

सिवनी (साई)। सिवनी नगर के बीचो बीच स्थित मिशन स्कूल ग्राउण्ड में आयोजित मिशन गोल्ड कप 2012 ओपन चैलेंज क्रिकेट प्रतियोगिता का आयोजन बीते दिन हुआ मिशन ठवले क्लब के तत्वाधान में आयोजित इस कार्यक्रम के शुभारंभ में आज तीन मैच खेले गये जिसमें प्रथम मैच शनि स्टार गोल्ड विरूद्ध मिशन इलेवन के मध्य खेला गया। यह मैच सुबह 8 बजे से प्रारंभ हुआ जिसमें शनि इलेवन ने लम्बे अंतराल से जीत हासिल की वही दूसरा मैच 12 बजे गोपालगंज विरूद्ध अपना क्लब के मध्य हुआ जिसमें गोपालगंज विजय घोषित हुई तृतीय मैच दोपहर 3 बजे सिवनी की जानी मानी टीम यलगार क्लब एवं नई उभरती हुई टीम न्यू सिवनी के मध्य हुआ जिसमें यलगार टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए निर्धारित 12 ओवरों में 122 रन का लक्ष्य रखा जवाबी पारी खेलते हुए न्यू सिवनी क्लब लक्ष्य  को पार नहीं कर पाई और अपने सभी विकट लक्ष्य के बहुत पहले ही गवा दिये। आज के इस आयोजन में सुबह से ही मिशन स्कूल ग्राउण्ड में दर्शाकों का ताता देखने मिला। सप्ताह का अवकाश का दिन होने की वजह से मिशन स्कूल ग्राउण्ड की बैठक व्यवस्था देखने योग्य थी। डी।जे। साउण्ड के बीच मिशन स्कूल ग्राउण्ड में सभी खिलाड़ियों ने छक्के चौको की बरसात कर दर्शाकों का दिल जीत लिया। वही जवाब में दर्शाकों ने भी उत्कृष्ट खिलाड़ियों को नगद राशि देकर उनका मनोबल बढ़ाया। आयोजन के दूसरे दिन सोमवार को मिशन स्कूल ग्राउण्ड में दो मैच खेले जायेंगे जिसमें एक मैच बी।सी।सी। बखरी विरूद्ध समर सेट सिवनी एवं दूसरा मैच इम्पेक्ट विरूद्ध रॉयल सिवनी के मध्य खेला जायेगा।

शनिवार, 17 नवंबर 2012

दिखने लगा कमल नाथ का जादू


फेरबदल से क्या अलीबाबा . . . . 7

दिखने लगा कमल नाथ का जादू

(लिमटी खरे)

नई दिल्ली (साई)। देश के उद्योगपति सांसद और केंद्रीय मंत्री कमल नाथ के प्रबंधन कौशल का हर कोई मुरीद है। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेयी रहे हों या प्रियदर्शनी श्रीमति इंदिरा गांधी, हर किसी ने कमल नाथ के प्रबंधन कौशल की जमकर तारीफ की है। सरकार चाहे भाजपा की हो, कांग्रेस की या किसी अन्य दल की, कमल नाथ अपने संसदीय क्षेत्र मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले के लिए हर बार कुछ ना कुछ सौगात लेकर ही जाते रहे हैं।
प्रधानमंत्री डॉ.मनमोहन सिंह के करीबी सूत्रों ने समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया को बताया कि कांग्रेस के युवराज राहुल गांधी के विरोध वाले वीटो के बावजूद भी मनमोहन सिंह ने केंद्रीय शहरी विकासा मंत्री कमल नाथ को कमजोर ना करते हुए शहरी विकास मंत्रालय के साथ ही साथ संसदीय कार्य जैसे महत्वपूर्ण मंत्रालय साथ में सौंपा है। सूत्रों ने बताया कि मनमोहन सिंह को उम्मीद है कि कमल नाथ के प्रबंधन कौशल के चलते भाजपा द्वारा केद्र सरकार का मुखर विरोध नहीं किया जा सकेगा।
पीएमओ के उच्च पदस्थ सूत्रों ने समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया को बताया कि प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह कमल नाथ की इस सफलता पर बेहद प्रसन्न नजर आ रहे हैं कि अभी सत्र आरंभ भी नहीं हुआ है और विपक्षी दलों द्वारा कमल नाथ के जयकारे लगाकर मंगल गान आरंभ कर दिया गया है। नवनियुक्ति संसदीय कार्य मंत्री कमल नाथ ने अपनी सफलता को पुरजोर तरीके से साबित कर दिया है।
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष श्रीमति सुषमा स्वराज जो कि पूर्व संसदीय कार्य मंत्री पवन बंसल को पानी पी पी कर कोसती थीं अब कमल नाथ की लगभग आरती उतारती नजर आ रही हैं। सुषमा स्वराज को कमल नाथ की प्रशंसा करते यह कहते भी सुना जा रहा है कि जब कमल नाथ भूतल परिवहन मंत्री थे, तब कमल नाथ द्वारा राज्य से संबंधित मामलों और परियोजनाओं में सभी को साथ लेकर चलने का प्रयास किया गया था।
यहां यह उल्लेखनीय होगा कि मध्य प्रदेश की भाजपा सरकार ने ही कमल नाथ के भूतल परिवहन मंत्री रहते हुए उनका घोर विरोध किया था। भाजपा संगठन को कमर कसने की हिदायत देकर सूबे के भाजपाई निजाम प्रभात झा द्वारा दो बार कमल नाथ को घेरा गया और दो बार उन्होंने एनएच पर पड़ने वाले गांवों में कभी मानव श्रंखला तो कभी हस्ताक्षर अभियान की तिथि भी निश्चित की। एमपी भाजपा अध्यक्ष प्रभात झा के करीबी सूत्रों ने समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया को बताया कि इन दोनों ही बार कमल नाथ का विरोध फीका पड़ने का कारण भी कमल नाथ का प्रबंधन कौशल ही था।
भारतीय जनता पार्टी की शीर्ष नेता को अपने पक्ष में करने के साथ ही साथ कमल नाथ द्वारा यूपी की बसपा क्षत्रप मायावती को भी शीर्षासन करने पर मजबूर किया हुआ है। वहीं वामदलों में कमल नाथ की गहरी पैठ होने के साथ ही साथ पश्चिम बंगाल में परचम फहराने वाली त्रणमूल सुप्रीमो ममता बनर्जी के साथ भी कमल नाथ के मधुर संबंध किसी से छिपे नहीं हैं। त्रणमूल कोटे से मंत्री रहे एक सांसद तो कमल नाथ के साथ उनके संसदीय क्षेत्र की सैर भी कर चुके हैं।
पीएमओ के सूत्रों ने समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया को बताया कि केंद्रीय मंत्री कमल नाथ की सभी राजनैतिक दलों में स्वीकार्यता और मान सम्मान, भाजपा शासित राज्यों में प्रत्यक्ष या परोक्ष तौर पर सहयोग के चलते एक के बाद एक चुनाव जीतने की वजह से ही कमल नाथ को संसदीय कार्यमंत्री की महत्वपूर्ण आसनी सौंपी गई है। अपनी जवाबदेही का संधारण करने के बाद कमल नाथ ने सत्र के पहले ही सरकार के पक्ष में काफी हद तक माहौल बना ही दिया है।

थापर के विरोध से क्यों डरती है कांग्रेस?: याहया कुरैशी


थापर के विरोध से क्यों डरती है कांग्रेस?: याहया कुरैशी

सिवनी में मौन बाहर के मामलों में शेर हैं कांग्रेस भाजपा प्रवक्ता!

(शिवेश नामदेव)

सिवनी (साई)। मध्य प्रदेश के कटनी जिले में बरही में वेलस्पन पावर प्लांट के लिए जमीन अधिग्रहण के मसले पर सुलग रही आग में हाथ सेंकने की गरज से कांग्रेस और भाजपा दोनों ही दल आगे आते दिख रहे हैं, पर जब मामला मध्य प्रदेश के सिवनी जिले के आदिवासी बाहुल्य घंसौर विकासखण्ड में देश के मशहूर उद्योगपति गौैतम थापर के स्वामित्व वाले अवंथा समूह के सहयोगी प्रतिष्ठान मेसर्स झाबुआ पावर लिमिटेड द्वारा स्थापित किए जाने वाले प्लांट में आदिवासियों को छलने का आता है तो कांग्रेस अपना मुंह सिल लेती है।
उक्ताशय की बात समाजवादी पार्टी के महा सचिव सीनियर अड्व्होकेट याहया आरिफ कुरैशी द्वारा जारी एक प्रेस विज्ञप्ति में कही गई है। श्री कुरैशी ने आगे कहा कि वाकई बरही में जो कुछ हुआ वह शर्मनाक और मध्य प्रदेश की शिवराज सरकार पर एक बदनुमा दाग है। इसके पहले भी कांग्रेस के राज में मुलताई गोली काण्ड को अभी लोग भुला नहीं पाए हैं। उन्होंने कहा कि पावर प्लांट को जमीन नहीं देने की मांग पर डटे आंदोलनकारी अभी भी अनशन मुकाम पर दिखाई दे रहे हैं। जिनकी जमीनें प्लांट द्वारा अधिग्रहीत की जा रही हैं, वे किसान आज भी कथित चिता पर बैठकर अनशन जारी रखे हुए हैं। उन्होंने कहा कि बुनियादी मांगों के अलावा अब वे गिरफ्तार आंदोलनकारियों की बिना शर्त रिहाई की मांग कर रहे हैं। जो सर्वथा उचित ही है।
श्री कुरैशी ने कहा कि इस मामले में सियासी रोटी सेंकने की गरज से नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह भी वहां पहुंच गए हैं। समाजवादी पार्टी के जिला महासचिव ने अजय सिंह को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि उनके संज्ञान में इस बात को लाया गया है कि सिवनी जिले के घंसौर में डलने वाले गौतम थापर के पावर प्लांट में आदिवासियों के साथ हुए छल, पर्यावरण को नुकसान, रिजर्व फारेस्ट में नियम विरूद्ध प्लांट की संस्थापना आदि मामलों के दस्तावेज अजय सिंह ने स्वयं सिवनी से बुलवाए थे।
श्री कुरैशी ने आगे कहा कि उनके संज्ञान में इस बात को भी लाया गया है कि नेता प्रतिपक्ष ने आदिवासी हितों से जुड़े इस मसले को विधानसभा में उठाने का वायदा भी किया था, किन्तु विधानसभा के कई सत्र बीतने के बाद भी उन्होंने इस बात को नहीं उठाया। वहीं दूसरी ओर सिवनी जिले के इकलौते कांग्रेस के विधायक और विधानसभा उपाध्यक्ष हरवंश सिंह भी इस मामले में मौन साधे हुए हैं। सभी के मौन को देखकर एसा प्रतीत हो रहा है मानो गौतम थापर की ‘माया‘ ने सभी को साध लिया है और आदिवासियों के हितों की बातें इन नेताओं के भाषणों में ही बची हैं।
कांग्रेस के प्रवक्ता जेपीएस तिवारी द्वारा ‘किसानों की लाशों पर हो रहा औद्योगीकरण‘ शीर्षक से जारी विज्ञप्ति का उल्लेख करते हुए याहया आरिफ कुरैशी ने प्रतिप्रश्न किया कि कांग्रेस की जिला स्तर की ये बड़बोली तोपें आखिर सिवनी जिले के घंसौर में लग रहे गौतम थापर के पावर प्लांट पर खामोश क्यों रह जाती हैं? पिछले दिनों एक मजदूर की उंची चिमनी निर्माण में हुई मौत पर भी कांग्रेस के भोंपू शांत रहे। कहते हैं अब तक डेढ़ दर्जन से ज्यादा मजदूरों की बली ले चुकी है पावर प्लांट की निर्माणाधीन चिमनी।
समाजवादी पार्टी के महासचिव श्री कुरैशी ने कहा कि सिवनी में बैठकर भोपाल और दिल्ली वालों को कोसना बहुत ही आसान होता है। जब सिवनी में भाजपा जिला स्तर पर गड़बड़ी करती है तब कांग्रेस और जब कांग्रेस जिला स्तर पर घालमेल करती है तब भाजपा के प्रवक्ता अपनी कलम बंद रखकर मौन साधे रहते हैं। जब बात मध्य प्रदेश या केंद्र सरकार को कोसने की आती है तब जिला स्तर के भोंपू जोरदार तरीके से बजने लगते हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश और राष्ट्रीय स्तर पर विरोध करने के लिए दोनों ही दलों के प्रदेश और नेशनल लेबल के प्रवक्ता हैं। चूंकि सभी के एक दूसरे से हित सधे हैं इसलिए कोई भी प्रवक्ता स्थानीय स्तर के विपक्षी दल के नेता की गलत बातों का विरोध करने से बचता ही है, जो निंदनीय है।
श्री कुरैशी ने कहा कि सिवनी के घंसौर और कटनी के बरही के मामले में कांग्रेस भाजपा की भूमिका से साफ हो गया है कि कांग्रेस और भाजपा आखिर किसानों, आदिवासियों और आम आदमी का कितना हित साध रही है।

आखिर चाहती क्या हैं देश की पहली महिला महामहिम!


आखिर चाहती क्या हैं देश की पहली महिला महामहिम!

(शरद खरे)

नई दिल्ली (साई)। भले ही देश की पहली महामहिम राष्ट्रपति प्रतिभा देवी सिंह पाटिल का कार्यकाल बिना किसी चर्चा के गुजर गया हो पर जब उनकी सेवानिवृति की डुगडुगी बज उसके बाद से वे चर्चाओं का केंद्र बन गईं। कभी बीस लारी सामान अपने साथ ले जाने की बात आई तो कभी विदेश दौरों पर देश की जनता के धन के अपव्यय का मामला, तो कभी पुणे में उनके आवास का मसला। अब प्रतिभा देवी को एक बड़ा आशियाना चाहिए।
पूर्व राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल रिटायरमेंट के बाद दो हजार वर्ग फीट में बनने वाले बंगले से संतुष्ट नहीं हैं। उन्होंने सरकार से कहा है कि उनके लिए यह बंगला छोटा रहेगा, इसलिए उन्हें इससे डबल से भी ज्यादा यानी लगभग साढ़े चार हजार वर्ग फीट के साइज के बंगले की जरूरत है।
पूर्व राष्ट्रपति प्रतिभा देवी सिंह पाटिल के करीबी सूत्रों ने समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया को बताया कि उन्होंने इसकी वजह यह बताई है कि उनके परिवार के सदस्यों की संख्या ज्यादा है। इस वक्त उनके साथ उनके पति देवी सिंह पाटिल के अलावा बेटा और बहू व बेटी और दामाद भी रहते हैं। छोटे बंगले में उनका परिवार नहीं रह पाएगा। गृह मंत्रालय ने उनकी मांग को स्वीकार कर लिया है और शहरी विकास मंत्रालय से इस दिशा में कदम उठाने के लिए कहा है।
वहीं शहरी विकास मंत्रालय के सूत्रों ने समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया को बताया कि जब बहू बेटा बड़े और बालिग और अपने पैरों पर खड़े हैं तो उन्हें अपने हिसाब से निजी तौर पर बंग्ला बनाकर अपने माता पिता को रखना चाहिए। यह तो देश की जनता के पैसों का खासा अपव्यय है कि देश की पहली महिला महामहिम राष्ट्रपति अपने साथ ही साथ अपने बालिग और खुद कमाने वाले बेटों के लिए भी सरकारी खर्च पर रहने की व्यवस्थाएं जुटाएं।
शहरी विकास मंत्रालय के सूत्रों ने समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया को बताया कि पूर्व राष्ट्रपति के लिए जिस बंगले की बात की जा रही है, वह महाराष्ट्र के पुणे में बनाया जाना है। पुणे में उनके लिए बनने वाले बंगले को लेकर पहले भी विवाद शुरू हो गया था जिसकी वजह से शहरी विकास मंत्रालय को उस जगह को छोड़कर उनके बंगले के लिए नई जगह खोजनी पड़ी। बाद में महाराष्ट्र लोक निर्माण विभाग के एक बंगले का चयन किया गया और तय किया गया कि इस बंगले को पूर्व राष्ट्रपति के लिए तैयार किया जाए। यह बंगला दो हजार वर्ग फीट का है, लेकिन उनका कहना है कि इसका एरिया ढाई हजार वर्ग फीट और बढ़ाया जाए। इसी मसले को लेकर पिछले कई दिनों से शहरी विकास मंत्रालय और गृह मंत्रालय माथापच्ची कर रहे थे और अब अंततः गृह मंत्रालय ने हरी झंडी दिखाई है।
सूत्रों ने आगे बताया कि चूंकि पुणे का यह बंगला अभी तैयार नहीं है, इसलिए फिलहाल प्रतिभा पाटिल दिल्ली में ही एक टाइप 8 के बंगले में रह रही हैं। राष्ट्रपति पेंशन नियम 1962 के तहत राष्ट्रपति को रिटायरमेंट के बाद कैबिनेट मंत्री के दर्जे के बराबर का टाइप 8 का बंगला दिए जाने का प्रावधान है। पूर्व राष्ट्रपति को यह छूट होती है कि वह देश में किसी भी जगह जाकर इस तरह का बंगला लेकर रह सकता है। दिल्ली में टाइप 8 के ज्यादातर बंगले लुटियंस जोन में ही हैं और इनका एरिया एक एकड़ से लेकर छह एकड़ तक है और एरिया ढाई हजार से लेकर 10 हजार वर्ग फीट का होता है।
शहरी विकास मंत्रालय के सूत्रों ने समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया को बताया कि जिस बंगले का पहले चयन किया गया था, वह महाराष्ट्र लोक निर्माण विभाग से लेकर तैयार किया जा रहा है और अब इस मामले में देखा जाएगा कि क्या उसी बंगले का विस्तार किया जा सकता है या फिर उसके लिए अलग से व्यवस्था करनी होगी। सीपीडब्ल्यूडी के सूत्रों का कहना है कि अभी पुणे के इस बंगले का काम शुरू नहीं हुआ है और इसे पूरा करने में छह महीने लग सकते हैं।

मेरी छवि सुधारने वाले-पहले अपनी छवि सुधारे?-शिवराज


लाजपत ने लूट लिया जनसंपर्क ------------------ 13

मेरी छवि सुधारने वाले-पहले अपनी छवि सुधारे?-शिवराज

भोपाल (साई)। मुख्यमंत्री ने साफतौर पर अधिकारियो को चेतावनी देते हुए कहा कि विभाग मेरी छवि से पहले अपनी छवि सुधारे। गौरतलब है कि जनसंपर्क विभाग में भ्रष्टाचार को लेकर बातें मुख्यमंत्री तक समय समय पर पहुँचती रही है। किन्तु इन सबमें असहाय दिखने वाले मुख्यमंत्री ने गुस्से में मीटिंग में मौजूद चपरासी को भी नहीं बक्शा? 
मीडिया और मुख्यमंत्री की चाहत?
मध्यप्रदेश की शिवराज सरकार में भ्रस्ताचार चरम पर है ऐसे में अधिकारीयों का कहना है कि जनसंपर्क विभाग क्या कर सकता है? सरकार का सच सामने लाना मीडिया की जिम्मेदारी है और मीडिया अपने दायित्व का निर्वहन कर रहा है। सरकार की बदनामी की वजह भी सरकार, मंत्रियों के कार्यकलाप ही है। ऐसे में जनसंपर्क विभाग का क्या दोष है?यह तर्क हैं दबी जबान में अधिकारीयों के . आज तक मुख्यमंत्री अपने कार्यकाल में एक भी अधिकारिक प्रेस कांफ्रेंस कर मीडिया से मुखातिब नहीं हुए है? मीडिया से सीधे संवाद न होना भी इसका एक कारण हो सकता है? किन्तु मुख्यमंत्री की चाहत है की सरकार जो चाहे, मीडिया वही छापे?
बेवसाइट और फीचर एजेन्सी पर रोक?
नयी जनसंपर्क नीति बनाकर चुनाव समय में वाहवाही लूटने का प्रयास करने वाले मुख्यमंत्री ने अपनी जनसंपर्क नीति पर स्वयं ही सवाल खड़े कर दिए है? जहाँ एक ओर भारत सरकार के विभाग वेब जर्नलिस्म को मान्यता दी हैं वहीँ मध्यप्रदेश में बेवसाइट और फीचर एजेन्सी के कार्यों में रोक लगाना क्या मुख्यमंत्री की हताशा का परिणाम है? गौरतलब है कि सरकार के भ्रष्टाचार से जुड़े कई मामले समय समय पर विभिन्न समाचार बेवसाइट ने ही उजागर किये है। और कई मीडिया मामलों का पर्दाफाश भी किया है। ऐसे में एक तथाकथित पत्रकारों की गेंग के वशीभूत शिव राज ने सारा गुस्सा वेबसाइट व फीचर एजेंसी की सेवाए बंद कर शांत किया। 
बड़ा सवाल - क्या शिवराज का मीडिया तंत्र लडखडाया?
मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार कुनबे में रमेश शर्मा, महेश श्रीवास्तव, गिरिजाशंकर जैसे वरिष्ठ पत्रकारों का साथ है और दिल्ली का मीडिया प्रबंधन नरसिम्हन के हाथों है। ऐसे में सरकार व मुख्यमंत्री की मीडिया में छवि विपरीत क्यूँ? मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकारों के बारे में मीडिया जगत में ओपिनियन किसी से छिपी नहीं है। गिरिजाशंकर पूर्व में कांग्रेस शासन काल में दिग्विजय सिंह व अजित जोगी व छतीसगढ़ के मुख्यमंत्री रमण सिंह के भी मीडिया सलाहकार रह चुके है। सूत्रों की माने तो मीडिया सलाहकारों मे से कोई भी व्यक्ति संघ विचारधारा के समीप नहीं है। भारत का सबसे तेजी से बढ़ता अखबार भी समय समय पर सरकार को आईना दिखता है। दिल्ली में भी लगातार म. प्र. के कुपोषण व मिड डे मिल की विपरीत रिपोर्ट से सरकार की छवि को लेकर मुख्यमंत्री परेशान है, ढीली प्रशासनिक पकड़ व मीडिया में सरकार का विपरीत प्रस्तुतिकरण मुख्यमंत्री को तंग किये रहता है। मुख्यमंत्री का मीडिया से सीधा संवाद न होना भी उनकी साख पर बट्टा लगाता है ? ऐसे में बढ़ा सवाल है क्या मीडिया में मुख्यमंत्री को चाहने वाला कोई नहीं? 

चालू योजना का आज फिर शुभारंभ हुआ सीएम के हाथों


चालू योजना का आज फिर शुभारंभ हुआ सीएम के हाथों

(नन्द किशोर)

भोपाल (साई)। निजी स्तर पर चाहे किसी भी कंपनी की ब्रांडेड दवाएं लिखी जाएं पर सरकारी अस्पताल में तो जेनरिक दवाएं ही लिखना जरूरी हो गयाहै। मुख्यमंत्री द्वारा आज जबलपुर में जिस योजना का श्रीगणेश किया जा रहा है उस योजना को 7 नवंबर को दमोह में पहले ही आरंभ किया जा चुका है। जहां राज्य सरकार द्वारा निशुल्क दवा वितरण की योजना का आरंभ किया गया है वहीं दूसरी ओर पेंशनर्स राज्य भर में दवाओं के लिए महीनों से तरस रहे हैं।
सरकारी अस्पतालों में डॉक्टर मरीजों को जेनरिक दवा ही लिख सकेंगे। ब्रांडेड कंपनी की दवाएं लिखने वाले डॉक्टरों का रजिस्ट्रेशन निरस्त किया जाएगा। यह निर्देश लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के प्रमुख सचिव प्रवीर कृष्ण ने दिए।
राज्य सचिवालय वल्लभ भवन के सूत्रों ने समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया को बताया कि हेल्थ के चीफ सेकरेटरी ने यह भी निर्देश दिए कि अस्पतालों से अब किसी भी कीमत पर वीआईपी और प्रशासनिक अधिकारियों को स्थानीय स्तर पर खरीदकर दवाएं मुहैया नहीं कराई जाएंगी।
उल्लेखनीय है कि प्रदेश सरकार सरदार वल्लभ भाई पटेल निरूशुल्क दवा वितरण योजना का शुभारंभ करने जा रही है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह आज जबलपुर से इसका शुभारंभ किया। प्रमुख सचिव स्वास्थ्य प्रवीर कृष्ण ने बताया कि डॉक्टर मरीज के पर्चे पर जेनरिक दवा ही लिख रहे हैं या नहीं, इसकी जिम्मेदारी भी कलेक्टरों को सौंपी गई है। अस्पतालों में मरीजों की दवा पर्ची दो प्रतियों में बनेगी।
दवा पर्ची की एक प्रति मरीज अथवा उसके परिजन दवा वितरण केंद्र पर फार्मासिस्ट को देंगे, जो स्टोर के रिकार्ड में रखी जाएगी। साथ ही दूसरी पर्ची मरीज घर ले जा सकेंगे। उल्लेखनीय है अभी अस्पतालों में मरीज को एक ही दवा पर्ची दी जाती है, जो फार्मासिस्ट के रिकार्ड में जमा हो जाती है। इसके चलते मरीज को फार्मासिस्ट ने डॉक्टर द्वारा लिखी गई दवा दी है अथवा उसके स्थान पर दूसरी? इसकी आशंका बनी रहती है।
उधर, राज्य सरकार की निशुल्क दवा वितरण योजना पर नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने सवालिया निशान लगाया है। उन्होंने प्रेस को जारी की विज्ञप्ति में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से पूछा है कि क्या अभी अस्पतालों में मरीजों को निशुल्क दवाएं नहीं मिल रहीं ? उन्होंने मुख्यमंत्री चौहान पर केंद्र की योजना को राज्य में लागू कर मुफ्त में श्रेय लेने का आरोप लगाया है।
1250 स्थित जयप्रकाश चिकित्सालय के सेवानिवृत सिविल सर्जन डॉ. योगेश बलुआपुरी ने समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया को बताया कि जेनरिक दवाएं ब्रांडेड दवाओं से सस्ती होती है। ब्रांडेड और जेनरिक दवा का केमिकल कंपोजीशन एक ही होता है, फर्क सिर्फ कीमत का होता है। दवा कंपनी ब्रांड की कीमत मरीज से वसूलती हैं।
अस्पतालों के दवा स्टोर्स में कभी भी 50 से ज्यादा दवाएं उपलब्ध नहीं रहतीं। इस स्थिति में डॉक्टर को स्टोर में उपलब्ध दवाएं ही मरीज को लिखने के लिए बाध्य करना गलत है।
सरकारी सूत्रों ने समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया को बताया कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान शनिवार को जबलपुर में जिस सरदार पटेल निशुल्क दवा वितरण योजना की शुरुआत करेंगे, 7 नवंबर को दमोह जिला अस्पताल में उसकी शुरुआत हो चुकी है। योजना की शुरुआत जेल एवं परिवहन राज्य मंत्री नारायण सिंह, कृषि मंत्री रामकृष्ण कुसमारिया और जल संसाधन मंत्री जयंत मलैया ने कर दी है।
इसके साथ ही साथ समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया के सिवनी ब्यूरो से शिवेश नामदेव ने बताया कि प्रियदर्शनी जिला चिकित्सालय सिवनी में कई माहों से पेंशनर्स को दवाएं ही नहीं मिल पा रही हैं। इसका कारण यह है कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा मनमर्जी की दवाएं पेंशनर्स की मद में आए आवंटन से खरीद ली गई हैं।
एक चिकित्सक ने नाम उजागर ना किए जाने की शर्त पर समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया को बताया कि कमीशन के चक्कर में पेंशनर्स के खाते में आए आवंटन से एसी दवाएं खरीदी गईं हैं जो पेंशनर्स के लिए अनुपयोगी हैं। ब्लड प्रेशर की एक ही दवा खरीदी गई है जो कि कम ही मरीजों के काम आती है।
इतना ही नहीं सामान्य आवंटन में मल्टी विटामिन जैसी दवाएं थोक में पड़ी होने के बाद भी पेंशनर्स के आवंटन से इसे खरीदा गया है। मजे की बात तो यह है कि पैंशनर्स को एसीडिटी की कोई भी दवा नहीं दी जा रही है। जिला चिकित्सालय सिवनी के स्टाक में एसीडिटी की कोई भी दवा नहीं है।

असम में गोलीबारी चार मरे


असम में गोलीबारी चार मरे

(पुरबाली हजारिका)

गोवहाटी (साई)। असम के कोकराझार जिले में कल रात उपद्रवियों की गोलीबारी की दो घटनाओं में चार लोग मारे गये और एक महिला घायल हो गयी। इसके साथ ही जिले में हाल की हिंसा में मरने वालों की संख्या १० हो गई है। राज्य के गृह सचिव ने बताया कि शरारती तत्वों ने जियागुड़ी गांव में चार लोगों की गोली मारकर हत्या कर दी जबकि नलबाड़ी क्षेत्र में एक महिला घायल हो गयी।
पुलिस सूत्रों ने समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया को बताया कि सुरक्षा बलों को शरारती तत्वों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिये गए हैं। पुलिस महानिदेशक जे.एन. चौधरी ने कल जिले का दौरा करके कानून और व्यवस्था पर वरिष्ठ अधिकारियों से बातचीत किया। इस साल के जुलाई से अब तक ७० अवैध हथियार बरामद किया गया है।
सूत्रों का कहना है कि सेना कोकराझार और गोसाइयों में फ्लेगमार्च कर रही है। कानून और व्यवस्था बनाए रखने के लिए सीआरपीएफ के ६५ कंपनी तैनात की गई है। असम सरकार ने लोगों से शांति और सदभाव बनाए रखने का आग्रह किया। इस बीच कोकराझार जिले में लगातार तीसरे दिन भी कर्फ्यू जारी है। सुरक्षाबलों ने बोडोलैंड क्षेत्रीय परिषद की कार्यकारिणी के सदस्य मोनो कुमार ब्रह्घ्मा को हिंसा में कथित रूप से शामिल होने के आरोप में पूछताछ के लिए हिरासत में ले लिया है।

सत्र के पहले मनमोहन ने आरंभ की फील्डिंग


सत्र के पहले मनमोहन ने आरंभ की फील्डिंग

(महेश रावलानी)

नई दिल्ली (साई)। संसद के शीतकालीन सत्र में सरकार की रणनीति तैयार करने के वास्ते प्रधानमंत्री डॉक्टर मनमोहन सिंह ने कल यूपीए सहयोगियों को अपने आवास पर रात्रि भोज में आमंत्रित किया। संसद का शीतकालीन सत्र इस महीने की २२ तारीख से शुरू हो रहा है।
लोकसभा के नेता और केंद्रीय गृहमंत्री सुशील कुमार शिंदे ने विविध नियमों के तहत विभिन्न दलों द्वारा दिए गए नोटिस के बारे में सहयोगियों को जानकारी दी। रात्रि भोज में यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी, र$क्षामंत्री ए के एंटनी और वित्तमंत्री पी चिदंबरम के अलावा डीएमके पार्टी के नेता टी आर बालू, नेशनल कान्फ्रेंस के फारुक अब्दुल्ला, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के प्रफुल्ल पटेल, राष्ट्रीय लोकदल के अजित सिंह और इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग के ई अहमद ने हिस्सा लिया।
प्रधानमंत्री ने भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी, लोकसभा में विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज और राज्यसभा में विपक्ष के नेता अरुण जेटली को आज रात्रिभोज पर आमंत्रित किया है। पिछले सप्ताह प्रधानमंत्री, समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव और बहुजन समाज पार्टी की अध्यक्ष मायावती से अलग-अलग मिले थे। ये दोनों पार्टियां यूपीए सरकार को बाहर से समर्थन दे रही हैं।
यूपीए सरकार को उम्मीद है कि संसद का शीतकालीन सत्र उपयोगी रहेगा और इस दौरान आम जनता के लाभ के लिए कई महत्वपूर्ण विधेयक पारित हो सकेंगे। कल नई दिल्ली में संवाददाताओं से बातचीत में वित्तमंत्री पी चिदंबरम ने कहा कि जनता के कल्याण से संबंधित बहुत से महत्त्वपूर्ण मामले संसद में लंबित हैं। उन्होंने कहा कि सरकार आर्थिक वृद्धि को पटरी पर लाने के लिए भी कई कदम उठा रही है और अंतिम दो तिमाहियों के दौरान वृद्धि दर तेज होने की संभावना है। सूचना और प्रसारण मंत्री मनीष तिवारी ने कहा कि सभी राजनीतिक दलों से संपर्क करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार पांच साल का कार्यकाल पूरा करेगी।
उन्होंने कहा कि सरकार सदन के सभी पक्षों से अनुरोध करना चाहती है कि लोकतंत्र को मजबूत करने के लिए एक रचनात्मक बहस के लिए यह बहुत जरूरी है कि सदन का काम-काज चले। वामपंथी मल्टी ब्रांड खुदरा में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश की अनुमति देने के सरकार के फैसले के विरोध में नोटिस देंगे।
मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के वरिष्ठ नेता सीताराम येचुरी ने कल कहा कि वामपंथी इस मसले पर संसद में चर्चा करना चाहते हैं। उन्होंने सरकार के इस तर्क को कोरी कल्पना करार दिया कि एफडीआई से किसानों को लाभ होगा। उन्होंने अन्य विपक्षी दलों से सरकार के इस फैसले के विरोध में वामदलों का साथ देने की अपील की। इस बीच, लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार ने २१ नवंबर को नई दिल्ली में सर्वदलीय बैठक बुलाई है।

टूजी मामले में सीएजी का अनुमान गलत: सिब्बल


टूजी मामले में सीएजी का अनुमान गलत: सिब्बल

(महेंद्र देशमुख)

नई दिल्ली (साई)। कांग्रेस नीत केंद्र सरकार ने कहा कि टू जी-स्पैक्ट्रम नीलामी से मिले परिणाम को सफलता या असफलता के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए, क्योंकि नीलामी से प्रक्रिया वर्तमान स्थिति में स्पैक्ट्रम की बाजार आधारित कीमत दिखाई देती है।
नई दिल्ली में कल मीडिया संबंधी मंत्री-समूह की बैठक के बाद संचार मंत्री कपिल सिब्बल ने पत्रकारों से कहा कि नीलामी से स्पष्ट होता है कि टू जी-स्पैक्ट्रम आवंटन में करीब एक लाख ७६ हजार करोड़ रुपए के नुकसान का अनुमान पूरी तरह मनगढंत है। उन्होंने कहा कि बाजार का रूख अकसर बदलता रहता है और नीतिगत मामलों में फैसला सरकार पर छोड़ना बेहतर है।
उन्होंने कहा कि नीतिगत मामले सरकार पर छोड़ना सबसे सही है। अगर इसे लागू करने में कोई गलती होती है तो निश्चित तौर पर न्यायालय इसमें दखल दे सकता है। लेकिन अगर आप सरकार को किसी निश्चित मापदण्ड पर चलने को कहेंगे तो हो सकता है कि परिणाम नकारात्मक हों। याद रखें कि बाजार का रूख तेजी से बदलता रहता है।
श्री सिब्बल ने कहा कि सरकार जिन सर्कल में कोई बोली नहीं लगी उनकी नीलामी मार्च तक कराने की योजना बना रही है। साथ ही सीडीएमए स्पेक्ट्रम की नीलामी भी होगी। इस मौके पर वित्तमंत्री पी. चिदम्बरम ने कहा कि सरकार नीलामी की असफलता का जश्न नहीं मना रही है और इस दिशा में आगे कार्य करती रहेगी। उन्होंने कहा कि जल्दी ही मंत्री समूह की बैठक में अगला कदम तय होगा।

परमाणु बम नही बना रहा ईरान!


परमाणु बम नही बना रहा ईरान!

(साई इंटरनेशनल डेस्क)

विएना (साई)। अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी आई ए ई ए ने कहा है कि ईरान, अपने फरदाओ भूमिगत संयंत्र में यूरेनियम संवर्धन की क्षमता दोगुनी करने के लिए तैयार है। एजेंसी ने पारचिन सैन्य ठिकाने में तत्काल जांच की अनुमति मांगी है। ईरान के परमाणु कार्यक्रम के बारे में आई ए ई ए की तिमाही रिपोर्ट शुक्रवार को विएना में जारी की गई।
अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक यदि ईरान अपने यूरेनियम संवर्धन क्षमता को नये सेंट्रीफ्यूज के जरिए बढ़ा लेता है, तो परमाणु बम बनाने की अवधि और भी कम हो जाएगी। आईईए ने पार्किन के सैनिक ठिकाने पर सबूतों को हटाने की कोशिशों को जांच के लिए गहरा धक्का बताया है और ईरान से फौरन अपने परमाणु इंस्पैक्टर्स को वहां जाने देने की मांग की है। पश्चिमी देशों और इस्राइल का कहना है कि ईरान परमाणु बम बनाने में जुटा है ईरान ने इसका खंडन किया है।

फिर खुली रमेश की जुबान!


फिर खुली रमेश की जुबान!

(रश्मि सिन्हा)

नई दिल्ली (साई)। विवादित बयान देने में माहिर केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री जयराम रमेश ने देश की खस्ताहाल और बिगडी स्वास्थ्य व्यवस्था पर फिर बयान दिया है। उन्होंने शुक्रवार को कहा कि देश में जन स्वास्थ्य व्यवस्था ढह गई है जबकि बांग्लादेश और केन्या जैसे गरीब देशों में भी स्वास्थ्य सेवाएं बेहतर हैं।
देश के हेल्थ सेक्टर का मूल्यांकन करते हुए रमेश ने भारत को अनोखा देश बताया। उन्होंने कहा कि इस सेक्टर का 70 पर्सेंट खर्च निजी स्रोतों से पूरा किया जाता है और यह ग्रामीण इलाकों में कर्ज की समस्या के अहम कारणों में से एक है। रमेश ने नई दिल्ली में एक समिट में ये बातें कहीं। उन्होंने कहा कि देश के कई हिस्सों में लोक स्वास्थ्य प्रणाली का वजूद ही नहीं है। इसमें सुधार के लिए उन्होंने निर्वाचित संस्थानों और सहभागिता वाले संस्थानों के गठन के लिए राज्यों के प्रतिबद्धता की बात कही। 
ज्ञातव्य है कि इससे पहले जयराम रमेश के पहले के कई कॉमेंट काफी चर्चा में रहे हैं। कुछ दिनों पहले उन्होंने कहा था कि भारत में मंदिरों से ज्यादा टॉइलेट्स जरूरी हैं।

सिम के लिए वेरीफिकेशन बना सरदर्द


सिम के लिए वेरीफिकेशन बना सरदर्द

(प्रदीप चौहान)

नई दिल्ली (साई)। नया मोबाइल नंबर लेने के नए नियम लागू हुए एक हफ्ता बीत चुका है लेकिन कस्टमर और सिम बेचने वालों की उलझन बढ़ती जा रही है। पहचान और पते के वेरिफिकेशन का पहला जिम्मा सिम बेचने वालों के ऊपर आने से वे परेशान हैं। कई वेंडर तो इस टेंशन से बचने के लिए सिम देने से ही इनकार कर रहे हैं।
प्रीपेड और पोस्टपेड मोबाइल सिम इशू कराने के सख्त नियम 9 नवंबर से लागू हो चुके हैं। इसी के साथ सिम लेने की प्रक्रिया पूरी तरह बदल गई है। इससे पहले, दुकानदार प्री-ऐक्टिवेटेड सिम कार्ड ग्राहकों को तुरंत दे देते थे, जो थोड़ी देर बाद चालू हो जाता था। लेकिन अब पूरे डॉक्युमेंट्स के तीन स्तरों पर वेरिफिकेशन के बाद ही सिम ऐक्टिवेट होता है।
नए नियमों में साफ कहा गया है कि अगर सिम लेने वाले की डिटेल्स गलत पाई गईं तो इसकी पूरी जिम्मेदारी सिम देने वाले डीलर-रिटेलर की होगी क्योंकि कस्टमर के डॉक्युमेंट्स और फोटो को वही सर्टिफाई करेगा। इसमें लापरवाही होने पर दुकानदार के खिलाफ पुलिस कार्रवाई भी हो सकती है। इसी प्रावधान को लेकर सिम वेंडर आशंकित हैं और नया सिम देने में आनाकानी कर रहे हैं।
देश भर में समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया के ब्यूरो से मिली जानकारी के अनुसार नई सिम जारी करने में डीलर्स को होने वाली मुख्य परेशानी में नए फॉर्म अब तक न मिलने की कई डीलरों की शिकायत सामने आई है। इसके अलावा डॉक्युमेंट्स वेरिफिकेशन में गड़बड़ी की आशंका से सिम बेचने वालों में डर भी सता रहा है। वहीं दूसरी ओर उपभोक्ताओं को होने वाली दिक्कत में सिम न होने की बात कहकर टाल रहे हैं कई डीलर। इसके अलावा फॉर्म के साथ निर्देश से अधिक दस्तावेज मांगे जा रहे हैं जिससे आम उपभोक्ता परेशान है।
संचार मंत्रालय के सूत्रों ने समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया को बताया कि नया सिम लेने के लिए कस्टमर अक्वीज़िशन फॉर्म भरना होगा। इसके अलावा आईडी-एड्रेस के ओरिजिनल प्रूफ दिखाकर सेल्फ अटेस्टेड फोटोकॉपी देनी होगी। साथ ही साथ फॉर्म पर फोटो लगाकर डीलर के सामने अटेस्ट करना होगा। अपने सभी पुराने सिम का ब्योरा देना होगा। एकसाथ 9 से ज्यादा नंबर नहीं रख सकेंगे।  मोबाइल ऑपरेटर से वेरिफिकेशन करवाकर खुद नंबर ऐक्टिवेट कराना होगा। पिछले 3 महीनों में री-वेरिफकेशन और अन्य वजहों से 3 करोड़ मोबाइल नंबर बंद हो चुके हैं।

नाकामी का जश्न मना रही सरकार


नाकामी का जश्न मना रही सरकार

(मणिका सोनल)

नई दिल्ली (साई)। भारतीय जनता पार्टी ने कहा कि यूपीए दुनिया की पहली ऐसी हैरतअंगेज़ सरकार है, जो अपनी किसी नाकामी का शोक मनाने के बजाय जश्न मना रही है। उसने कहा कि 2जी स्पेक्ट्रम नीलामी में कम मूल्य मिलने पर दुखी होने की जगह कांग्रेस की खुशी का ठिकाना नहीं है।
पार्टी प्रवक्ता प्रकाश जावडेकर ने कहा, कि कांग्रेस और उसके हॉवर्ड और ऑक्सफर्ड के पढ़े लोग 2जी स्पेक्ट्रम नीलामी में निवेशकों की ओर से उत्साह नहीं दिखाए जाने का न सिर्फ जश्न मना रहे हैं, बल्कि ऐसा करते हुए वे नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) और भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) जैसी संवैधानिक संस्थाओं पर सीधा और सुप्रीम कोर्ट पर अप्रत्यक्ष हमला कर रहे हैं।श् उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस की अगुआई वाली केन्द्र सरकार अपने ‘‘पापों‘‘ को छिपाने के लिए कैग और ट्राई को निशाना बना रही है।
जावडेकर ने कुछ मंत्रियों की उस मांग को नाजायज बताया, जिसमें कहा गया था कि 2जी स्पेक्ट्रम के 2007 में हुए आवंटन से सरकार के खजाने को एक लाख 76 हजार करोड़ रुपए के नुकसान संबंधी आकलन के लिए कैग से देश से माफी मांगे। उन्होंने कहा कि कैग ने यह आकलन आज की बदली हुई परिस्थितियों के लिए नहीं बल्कि 2007 के बाजार भाव के हिसाब से किया था।
दो साजिशों के तहत कैग पर हमला बोलने का सरकार पर आरोप लगाते हुए बीजेपी प्रवक्ता ने कहा कि ऐसा करके वह एक ओर कैग के पर कतरना चाहती है और दूसरी ओर खुद की असफलता का ठीकरा कैग के सिर फोड़ रही है। जावडेकर ने कहा कि वैसे भी सुप्रीम कोर्ट ने जिन 122 लाइसेंसों को रद्द किए थे, उनमें से केवल 22 की नीलामी में ही सरकार को 9407 करोड़ रूपए मिले हैं, जो तब 122 लाइसेंसों के आवंटन से मिली राशि से 200 करोड़ रुपए ज्यादा हैं। जावडेकर के मुताबिक यह तथ्य दर्शाता है कि कैग का आकलन गलत नहीं था।
उन्होंने कहा कि इसके अलावा सरकार की पस्त होती जा रही आर्थिक नीतियों के कारण भी निवेशकों का उत्साह गिरा है और इसीलिए वे बोली लगाने में दिलचस्पी नहीं दिखा रहे हैं। बीजेपी के सीनियर नेता अरुण जेटली ने अहमदाबाद में कहा कि अपने आप में यह बहुत हैरत की बात है कि सरकार का हिस्सा होते हुए भी केन्द्रीय मंत्री कपिल सिब्बल, वित्त मंत्री पी चिदंबरम और कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता 2जी स्पेक्ट्रम नीलामी के ‘फ्लॉप शो‘ का जश्न मना रहे हैं। जेटली ने कहा कि इस श्फ्लॉप शोश् पर विचार करने की बजाय उसकी खुशियां मनाना हैरतअंगेज है।

सीबीएसई उवाच: मांसाहारी होते अपराधी!


सीबीएसई उवाच: मांसाहारी होते अपराधी!

(विपिन सिंह राजपूत)

नई दिल्ली (साई)। सीबीएसई (केन्द्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड) की एक किताब ने विवाद पैदा कर दिया है। इसमें कथित रूप से बताया गया है कि मांसाहारी लोग कई तरह के अपराध करते हैं। सरकार ने इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए इस तरह की सामग्री के प्रति सतर्क रहने और इनकी निगरानी करने को कहा है। 
क्लास 6 की एक किताब का टाइटल ‘न्यू हेल्थवे हेल्थ, हाइजीन, फिजियॉलजी, सेफ्टी, सेक्स एजुकेशन, गेम्स और एक्सर्साइजश् है। इसमें कथित रूप से लिखा गया है कि मांसाहारी लोग आसानी से धोखा देते हैं, झूठ बोलते हैं, वादे भूल जाते हैं, बेईमान होते हैं, बुरी बात बोलते हैं, चोरी करते हैं, झगड़ते हैं, हिंसक हो जाते हैं और सेक्स क्राइम करते हैं। 
मानव संसाधन विकास मंत्री एमएम पल्लम राजू ने इस किताब के बारे में पूछे गए सवालों का जवाब देते हुए कहा, कि समुदायों की संवेदनशीलता को ध्यान में रखना होगा। मुझे लगता है कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है। कभी-कभार ऐसा होता है, लेकिन मैं अनुरोध करना चाहता हूं कि प्रशासनिक निकाय को हमेशा चौकस रहना चाहिए, जैसे एनसीईआरटी चौकस रहती है और सामग्री पर नजर रखें। इस मंत्रालय से हम यही सलाह दे सकते हैं।श्
दूसरी ओर सीबीएसई ने कहा कि वह क्लास 9 और उससे ऊपर के लिए किताबें तय करते हैं और बाकी क्लास में कौन सी किताबें पढ़ाई जाएंगी, इसका फैसला स्कूलों को करना होता है।  इससे पहले तमिलनाडु में नाडर समुदाय के बारे में सीबीएसई की किताब में आपत्तिजनक संदर्भ को लेकर एनसीईआरटी से मंत्रालय ने एक रिपोर्ट देने को कहा।

एमपी में कार्पोरेशन करेगा दवा खरीदी


एमपी में कार्पोरेशन करेगा दवा खरीदी

(सोनल सूर्यवंशी)

भोपाल (साई)। प्रदेश में दवा खरीदी के लिए तमिलनाडु की तर्ज पर नया कॉर्पाेरेशन बनाया जा रहा है। अस्पताल कॉर्पाेरेशन को दवा की डिमांड भेजेंगे और वहां से दवाएं खरीदकर अस्पतालों को सप्लाई की जाएंगी। इससे दवा खरीदी और सप्लाई में लगने वाले समय की बचत होगी। मप्र मेडिकल सर्विसेस कॉर्पाेरेशन को बनाने का प्रस्ताव अंतिम चरण में है। जल्द ही इसे मंजूरी के लिए शासन को भेजा जाएगा। वर्तमान में प्रदेश में वर्ष 2009 से दवा की खरीदी तमिलनाडु पैटर्न पर की जा रही है। 
अस्पतालों को दवा खरीदी के लिए आवंटित कुल बजट में से 80 फीसदी राशि से अनिवार्य रूप से तमिलनाडु पैटर्न से दवाएं खरीदनी होती हैं। अस्पताल 20 फीसदी दवाएं लोकल परचेजिंग के जरिए खरीद सकते हैं। अस्पताल तमिलनाडु पैटर्न के तहत अधिकृत दवा कंपनियों को दवा का ऑर्डर भेजते हैं।
वहां से अस्पतालों को दवाओं की सप्लाई की जाती है, लेकिन तमिलनाडु पैटर्न के लागू होने के बाद से ही अस्पतालों में दवाओं की कमी बनी है। कंपनियों की ओर से समय पर अस्पतालों में दवाएं सप्लाई नहीं की जा रही हैं। इससे मरीजों को परेशानी होती है। इसे देखते हुए नया कॉरपोरेशन बनाने का निर्णय लिया गया।
मप्र मेडिकल सर्विसेस कॉर्पाेरेशन में करीब 15 सदस्य होंगे। कॉर्पाेरेशन दवाएं, सर्जिकल, सूचर मटेरियल के साथ ही दवा परीक्षण के लिए प्रयोगशालाओं की दरें निर्घारित करेगा। अस्पतालों से दवा की ऑनलाइन डिमांड कॉर्पाेरेशन को भेजी जाएगी। प्रदेश में वषü 2012-13 में दवा खरीदी का बजट 165 करोड़ रूपए है।

अभिजीत के पावर प्लांट में दुर्घटना, श्रमिक की मौत


अभिजीत के पावर प्लांट में दुर्घटना, श्रमिक की मौत

(प्रतिभ सिंह)

पटना (साई)। राज्य के चांदवा के बाना-चकला में अभिजीत ग्रुप के निर्माणाधीन पावर प्लांट के ब्यॉलर नंबर - 2 में गुरुवार को श्रमिक श्रवण साहा 30 फीट ऊंचाई से गिर कर घायल हो गया। कंपनी के सीसीएम राजीव गोयल ने उसे तत्काल अपोलो अस्पताल में भरती करवाया, जहां इलाज के दौरान शुक्रवार को उसकी मौत हो गयी। शव को उसके पैतृक गृह गढ़वा भेज दिया गया है। घटना के बाद श्रमिकों में रोष था। पुलिस ने मजदूरों को शांत कराया। अभिजीत ग्रुप प्रबंधन ने शोक जताया है।
सरकारी सूत्रों ने समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया को बताया कि ब्रिज एंड रूफ कंपनी द्वारा निर्माण कराये जा रहे ब्यॉलर नंबर-2 में श्रवण साहा काम कर रहा था। इस दौरान जिसमें सुरक्षा बेल्ट लगा हुआ था वह पाइप टूट गया। कंपनी के सीसीएम सह वरीय उपाध्यक्ष राजीव गोयल ने कहा कि मृतक के परिजनों को मुआवजा मिलेगा। मे। भवानी कंस्ट्रक्शन कंपनी ने तत्काल एक लाख रुपये दिये। आश्रित को नौकरी व कंपनी प्रावधान के तहत पांच लाख मुआवजा दिया जायेगा।