शुक्रवार, 21 मार्च 2014

सलवार सूट में नहीं अब मिनी स्कर्ट में दिखेगी चुटकी

सलवार सूट में नहीं अब मिनी स्कर्ट में दिखेगी चुटकी

(अतुल खरे)

मुंबई (साई)। जी हां आपने सही सुना.. हम बात कर रहे हैं आपके चहेते किरदार चुटकी की जो कि इन दिनों ‘मैड इन इंडिया‘ के जरिये आप लोगों के सामने आ रही है।

खबर है कि चुटकी का किरदार प्ले करने वाले सुनील ग्रोवर अपने करेक्टर को और रोचक बनाने में जुटे हैं। इसलिए ही वह अपने किरदार को अब मार्डन रूप में ढालने में लगे हैं। रविवार को प्रसारित होने वाले शो मैड इन इंडिया में अब आपको चुटकी सलवार-सूट में नहीं बल्कि मिनी स्कर्ट में दिखायी देगी और वह रैंप पर कैटवॉक भी करेगी।

खतरा! एक लाख एटीएम पर हो सकता है वायरस अटैक

खतरा! एक लाख एटीएम पर हो सकता है वायरस अटैक

(मोदस्सिर कादरी)

नई दिल्ली (साई)। अगले माह आपके एटीएम पर वायरस अटैक हो सकता है। इस बात का संकेत खुद रिजर्व बैंक ने दिया है। 8 अप्रैल के बाद भारत के एक लाख एटीएम पर वायरस अटैक का खतरा बढ़ सकता है।
माइक्रोसॉफ्ट 8 अप्रैल से विंडोज एक्सपी सॉफ्टवेयर के लिए सपोर्ट बंद कर देगा। देश में अधिकतर एटीएम विडोंज एक्सपी पर ही चल रहे हैं। इसलिए रिजर्व बैंक ने बैंकों को कहा है कि वो जल्द अपने सिस्टम्स अपडेट करें।
आरबीआई ने विडोंज एक्सपी पर बैंकों को एडवाइजरी जारी की है। माइक्रोसॉफ्ट के विंडोज एक्स पी सॉफ्टवेयर के लिए सपोर्ट बंद करने पर वायरस अटैक का खतरा बढ़ जाएगा। इसलिए आरबीआई ने बैंकों से कहा है कि विडोंज एक्सपी को अपडेट करें।

देश में करीब 1.40 लाख एटीएम हैं और अप्रैल तक 40,000 एटीएम ही अपडेट होंगे। इसके चलते एक लाख एटीएम पर वायरस अटैक का खतरा बन गया है। एटीएम पर वायरस अटैक से एटीएम की सुरक्षा खत्म हो सकती है और ग्राहकों का डाटा चोरी हो सकता है। अब इस खतरे से निपटने के लिए बैंकों को ब्रांच में भी सॉफ्टवेयर अपडेट करना होगा। हालांकि इस वायरस अटैक के बाद भी एटीएम काम करते रहेंगे।

17 नवंबर को जम्मप-कश्मीेर मनाएगा अपना गणतंत्र दिवस!

17 नवंबर को जम्मप-कश्मीेर मनाएगा अपना गणतंत्र दिवस!
(विनोद नेगी)
जम्मू (साई)। जम्मू और कश्मीर हाईकोर्ट की ओर से एक ऐसा कदम उठाया गया है जिसके बाद पूरे देश में एक बहस छिड़ सकती है।
हाईकोर्ट ने एक याचिका को स्वीेकार किया है जिसमें याचिकाकर्ता की ओर से 17 नवंबर को इस राज्य  का गणतंत्र दिवस मनाने के लिए राज्यह सरकार से दिशा-निर्देश जारी करने को कहा गया है। हाईकोर्ट ने इस याचिका को स्वीमकार करते हुए राज्य सरकार से इस पर अपनी स्थिति साफ करने को कहा है।
जस्टिस डीएस ठाकुर की एक बेंच की ओर से जम्मू और कश्मीर सरकार के मुख्यड सचिव और हाईकोर्ट के रजिस्टार की ओर से विधानसभा के स्पीकर और विधानपरिषद के चेयरमैन को नोटिस भेजे गए हैं। हाईकोर्ट ने चार हफ्तों के भीतर इस नोटिस का जवाब देने को कहा गया है। याचिकाकर्ता अब्दुरल कयूम खान की ओर से हाईकोर्ट के सामने याचना की गई है कि राज्य की संवैधानिक संस्थओं को निर्देश दिया जाए कि वह राज्य के आधिकारिक ध्वज को आधिकारिक वाहनों और अपने कार्यालयों में प्रयोग करें।

याचिकाकर्ता ने कहा है कि राज्य की संवैधानिक स्थिति और इसकी स्वाायत्त भूमिका के बारे में अभी कुछ भी स्पष्ट नहीं हैं। साथ ही राज्य का एक अलग संविधान है और ऐसे में राज्य के ध्वज का ध्वकजारोहण न होना संविधान के खिलाफ है। याचिकाकर्ता के मुताबिक राज्य के ध्वज का राज्यपाल, हाईकोर्ट के सम्मानित जजों की ओर से ध्वजारोहण न किया जाना जम्मू एवं कश्मीार के संविधान के खिलाफ है। खान की ओर से दायर इस याचिका के मुताबिक सभी संवैधानिक संस्थायओं को ध्वक का सम्मान करने के आदेश के साथ ही 17 नवंबर 1956 को राज्य के गणतंत्र दिवस के तौर पर घोषित कर इसे 17 नवंबर को इसके मनाए जाने के निर्देश दिए जाएं।

बंगला बनाने के लिए घर बेचने पर मजबूर कर रहे हैं आमिर खान?

बंगला बनाने के लिए घर बेचने पर मजबूर कर रहे हैं आमिर खान?

(निधि गुप्ता)

मुंबई (साई)। आमिर खान पर आरोप लगे हैं कि वह अपने पड़ोसियों को घर बेचने पर मजबूर कर रहे हैं ताकि अपना बंगला बना सकें।
एक स्थानीय अखबार में छपी खबर के मुताबिक मुंबई के बांद्रा में पाली हिल इलाके में आमिर खान बंगला बनाना चाहते हैं। खबर के मुताबिक एक 87 वर्षीय महिला और उनकी बेटी ने आरोप लगाया है कि उनकी सोसाइटी की मैनेजिंग कमिटी लोगों को गुमराह कर रही है और यहां तक कि उन पर दबाव बना रही है कि 60 फीसदी जमीन आमिर खान को बेच दें, ताकि वह अपना महलनुमा बंगला बना सकें।
इस बारे में डॉ. पैमेला डे सा और उनकी बेटी 50 साल की डॉ. जिनीव डे सा ने को-ऑपरेटिव सोसाइटीज के डिप्टी रजिस्ट्रार से शिकायत भी की है। वर्गाे को-ऑपरेटिव हाउसिंग सोसाइटी में 23 सदस्य हैं। इसमें दो बिल्डिंग्स हैं जिनमें से हरेक में 12 फ्लैट्स हैं। इनमें से एक बिल्डिंग में आमिर खान के दो फ्लैट्स हैं और दूसरी में एक। डॉ. पैमेला के भी यहां दो फ्लैट्स हैं, जबकि उनकी बेटी के दो गराज हैं।

रिपोर्ट के मुताबिक आमिर खान ने 2011 में ही इस जगह का 20000 हजार वर्गफुट एरिया खरीदने का प्रस्ताव रखा था। लेकिन सोसाइटी के सभी मेंबर्स इसके लिए राजी नहीं थे। रिपोर्ट के मुताबिक कम से कम पांच मेंबर्स ने इस प्रस्ताव का विरोध किया था। इस प्रस्ताव को ‘रीडिवेलपमेंट‘ के नाम से पेश किया गया था जबकि डॉ. पैमेला का कहना है कि यह प्रॉपर्टी बेचने का मामला है।  हाउसिंग सोसाइटीज के डिप्टी रजिस्ट्रार एसएस पाटिल ने कहा है कि उन्होंने अभी तक शिकायत का अध्ययन नहीं किया है लेकिन शुरुआती नजर में वह यह मानते हैं कि आमिर खान का प्रस्ताव वैसा नहीं लगता, जैसा बताया जा रहा है।

अंततः मना ही लिया आडवाणी को!

अंततः मना ही लिया आडवाणी को!

(सोनाली खरे)

नई दिल्ली (साई)। अंततः भाजपा के वरिष्ठ नेता एल.के.आडवाणी ने अपनी जिद छोड़ दी और गांधीनगर सीट से ही चुनाव लड़ने को राजी हो गए।
उन्होंने अपने बयान में लिखा है, ‘राजनाथ सिंह ने मुझे बताया कि गुजरात यूनिट चाहती है कि मैं वहां से चुनाव लड़ूं। इलेक्शन कमिटी ने भी यही फैसला किया था। गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी मुझसे मिलने आए और उन्होंने भी कहा कि गुजरात के लोग चाहते हैं कि मैं वहां से चुनाव लड़ूं। राजनाथ सिंह ने बताया कि मध्य प्रदेश यूनिट भी चाहती है कि मैं भोपाल से लड़ूं।

उन्होंने बताया कि पार्टी के सहयोगियों ने सीट चुनने का फैसला मेरे ऊपर छोड़ा है। अपने सहयोगियों की बातों ने मेरे दिल को छू लिया है। मैं हमेशा से गांधीनगर से जुड़ा रहा हूं। 1991 से मैं यहां से चुनाव लड़ता रहा हूं। इस बार भी मैं यहीं से चुनाव लड़ूंगा।‘ अपने बयान में आडवाणी ने भोपाल के मौजूदा सांसद कैलाश जोशी, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज चौहान, राज्य बीजेपी अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर और राष्ट्रीय अध्यक्ष राजनाथ सिंह का धन्यवाद भी किया है।

पटेल कहते थे, आरएसएस जहरीला संगठन: राहुल

पटेल कहते थे, आरएसएस जहरीला संगठन: राहुल

(रीता वर्मा)

धर्मशाला (साई)। ‘आज जो नेता सरदार वल्लभ भाई पटेल की प्रतिमा बनाने की बात कर रहे हैं, वे शायद नहीं जानते कि सरदार पटेल ने ही आरएसएस को जहरीली संस्था बताते हुए कहा था कि इस पर प्रतिबंध से ही देश को बचाया जा सकता है।‘
कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी यह बात गुरुवार को धर्मशाला में फिर दोहराई। वह यहां के पुलिस मैदान में आयोजित जनसभा को संबोधित कर रहे थे। हालांकि उन्होंने राजग पर खुल कर हमला बोला किंतु अनेक ऐसी बातें ही कहीं जिन्हें वह अन्य जनसभाओं में कहते रहे हैं। बकौल राहुल, ‘भाजपा को हिदूं धर्म की परिभाषा तक पता नहीं है। हिंदुत्व में विरोध ,अभिमान तथा वैरभाव का कोई स्थान नहीं है लेकिन भाजपा हमेशा ही वैरभाव की राजनीति करती रही है।‘
राहुल ने कहा कि जब प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने कंप्यूटरीकरण व सेलफोन की बात की थी तो भाजपा ने इसका कड़ा विरोध किया था, लेकिन आज वही लोग इसका श्रेय लेने का प्रयास कर रहे है। उन्होंने कहा कि संप्रग सरकार ने पूर्व की राजग सरकार से तीन गुना अधिक सड़कें केवल पांच वर्षाे में बनाई हैं। भाजपा के भ्रष्टाचार के मुद्दे का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि संप्रग सरकार ने सूचना का अधिकार देकर हर व्यक्ति को भ्रष्टाचार से लड़ने का एक अधिकार दिया है। इससे व्यवस्था पारदर्शी हुई है। उन्होंने कहा कि इस बार लोकसभा में छह बिल लाए गए और विपक्ष ने इन्हें रोककर केवल अपने चुनावी हितों को ही साधा है।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने 15 करोड़ गरीबों को रोजगार, भोजन व सत्तार हजार किसानों को लाभ दिलवाने के लिए फूड प्रोसेसिंग यूनिट उनके खेतों के आस-पास खोले गए है। वहीं 70 करोड़ लोगों को मिडल क्लास की श्रेणी में लाने के लिए उच्च शिक्षण संस्थानों का विस्तार किया गया है। उन्होंने दिल्ली-मुंबई-चेन्नई में विशेष निर्माण गलियारे का जिक्र भी किया।

प्राकृतिक आपदा की स्थिति में निर्वाचन आयोग द्वारा वीडियो कान्फ्रेंसिंग की सशर्त अनुमति

प्राकृतिक आपदा की स्थिति में निर्वाचन आयोग द्वारा वीडियो कान्फ्रेंसिंग की सशर्त अनुमति

(दीप्ति)

भोपाल (साई)। भारत निर्वाचन आयोग ने किसी प्राकृतिक आपदा की स्थिति में मुख्यमंत्री अथवा संबंधित मंत्री द्वारा अधिकारियों के साथ वीडियो कान्फ्रेंसिंग करने की सशर्त अनुमति दी है।
आयोग ने राज्यों के मुख्य सचिव और मुख्य निर्वाचन पदाधिकारियों को भेजे अपने पत्र में कहा है कि पूर्व में यह निर्देश दिये गये थे कि आदर्श आचार संहिता लागू रहने के दौरान मुख्यमंत्री/मंत्री/राजनीतिक कार्यकर्ता अधिकारियों के साथ वीडियो कान्फ्रेंसिंग नहीं कर सकते। आयोग ने उसे प्राप्त कतिपय अनुरोधों के प्रकाश में अपने निर्णय पर पुनर्विचार किया और आपदा की स्थिति में एक वीडियो कान्फ्रेंसिंग करने की सशर्त अनुमति दे दी है।
शर्तों में यह शामिल है कि वीडियो कान्फ्रेंसिंग करने के पहले संबंधित विभाग मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी से सम्पर्क कर इसके लिये अनुमोदन प्राप्त करेगा। इसके बाद यदि कोई वीडियो कान्फ्रेंसिंग की जानी है, तो आयोग से इसकी अनुमति लेनी होगी। वीडियो कान्फ्रेंसिंग में संबंधित क्षेत्र के कलेक्टर/डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट तथा प्राकृतिक आपदा में राहत से जुड़े अधिकारियों को ही बुलाया जायेगा। वीडियो कान्फ्रेंसिंग में बचाव/राहत तथा उससे जुड़े पहलुओं के अलावा किसी अन्य मुद्दे पर चर्चा नहीं की जायेगी। वीडियो कान्फ्रेंसिंग के पहले या बाद में इसका किसी भी प्रकार से प्रचार नहीं किया जायेगा। वीडियो कान्फ्रेंसिंग मीडिया के लिये खुली नहीं रहेगी।

आयोग ने यह शर्त भी लगाई है कि वीडियो कान्फ्रेंसिंग की प्रोसीडिंग्स की ऑडियो-वीडियो रिकार्डिंग होगी और संबंधित विभाग इसका संधारण करेगा तथा इसकी प्रति मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी को भेजेगा। वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से किसी भी प्रकार की सहायता, नगद अथवा वस्तु रूप में प्रदाय करने की न घोषणा की जायेगी और न वायदा किया जायेगा। साथ ही राजनीतिक स्वरूप का कोई बयान नहीं दिया जायेगा। ऐसी कोई घोषणा नहीं की जायेगी जिससे मतदाता प्रभावित होता हो। वीडियो कान्फ्रेंसिंग के दौरान मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी का एक प्रतिनिधि उपस्थित रहेगा।

सीईओ कार्यालय के अधिकारियों के वाहन पर लाल-पीली बत्ती के लिए अधिसूचना

सीईओ कार्यालय के अधिकारियों के वाहन पर लाल-पीली बत्ती के लिए अधिसूचना

(प्रदीप आर्य)

भोपाल (साई)। लोकसभा चुनाव के दौरान मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय में पदस्थ अधिकारियों को लोकसभा चुनाव की घोषणा से निर्वाचन प्रक्रिया संपन्न होने तक अपने वाहनों पर लाल एवं पीली बत्ती लगाये जाने की अनुमति प्रदान की गई है। परिवहन विभाग ने इस संबंध में मध्यप्रदेश राजपत्र में अधिसूचना प्रकाशित की है।

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी अपने उपयोग में आने वाले वाहन में लाल बत्ती एवं अतिरिक्त मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी, उप मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी एवं सहायक मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी अपने वाहन पर पीली बत्ती का उपयोग कर सकेंगे। लोकसभा चुनाव के दौरान भारत निर्वाचन आयोग द्वारा नियुक्त प्रेक्षक एवं प्राधिकृत उच्च अधिकारी भी अपने वाहन में पीली बत्ती का उपयोग कर सकेंगे।

उन्नीस संसदीय क्षेत्र में आज जमा हुए 29 नाम-निर्देशन पत्र

उन्नीस संसदीय क्षेत्र में आज जमा हुए 29 नाम-निर्देशन पत्र

(राजेश शर्मा)

भोपाल (साई)। मध्यप्रदेश में अप्रैल में होने वाले लोकसभा चुनाव के लिए उम्मीदवारों द्वारा नाम-निर्देशन पत्र जमा करवाये जाने का सिलसिला निरंतर जारी है।
तीन में से दो चरण के उन्नीस संसदीय क्षेत्र में अब तक 40 नाम-निर्देशन पत्र जमा करवाये जा चुके हैं। इनमें पहले चरण के 9 संसदीय क्षेत्र में 33 और दूसरे चरण के अंतर्गत 10 संसदीय क्षेत्र में अब तक 7 नामांकन पत्र जमा करवाये गये हैं।
पहले और दूसरे चरण के लिए आज कुल 29 नाम-निर्देशन पत्र उम्मीदवारों द्वारा दाखिल किये गये। पहले चरण के लिए विगत 15 मार्च से शुरू हुई नाम-निर्देशन पत्र जमा करवाने की प्रक्रिया के तहत आज 24 नाम-निर्देशन पत्र जमा हुए। जिन संसदीय क्षेत्रों में उम्मीदवारों द्वारा नामांकन पत्र दाखिल किये गये उनमें सतना में 6, रीवा, सीधी, मण्डला, छिन्दवाड़ा में 3-3 और शहडोल, जबलपुर, बालाघाट में 2-2 नाम निर्देशन पत्र जमा करवाये गये।

भारत निर्वाचन आयोग द्वारा 17 अप्रैल के दूसरे चरण के नामांकन के लिए 19 मार्च को जारी अधिसूचना के बाद आज 10 संसदीय क्षेत्र में 5 उम्मीदवार द्वारा नाम-निर्देशन पत्र जमा करवाये गये। इनमें ग्वालियर, दमोह में 2-2 और टीकमगढ़ में एक उम्मीदवार ने नामांकन पर्चा भरा। 

संसदीय निर्वाचन क्षेत्र में सार्वजनिक अवकाश घोषित

संसदीय निर्वाचन क्षेत्र में सार्वजनिक अवकाश घोषित

(संतोष पारदसानी)

भोपाल (साई)। मध्यप्रदेश में तीन चरणों में होने वाले लोकसभा चुनाव के दौरान मतदान दिवस 10 अप्रैल, गुरूवार, 17 अप्रैल गुरूवार एवं 24 अप्रैल गुरूवार को सार्वजनिक अवकाश की घोषणा सामान्य प्रशासन विभाग ने की है। इस संबंध में अधिसूचना जारी कर दी गई है।
पहले चरण के मतदान के लिये 10 अप्रैल गुरूवार को जिन संसदीय क्षेत्रों में सार्वजनिक अवकाश रहेगा, उनमें सतना, रीवा, सीधी, शहडोल, जबलपुर, मण्डला, बालाघाट, छिन्दवाड़ा और होशंगाबाद शामिल हैं। दूसरे चरण के मतदान के लिये 17 अप्रैल को जिन संसदीय क्षेत्रों में सार्वजनिक अवकाश रहेगा, उनमें मुरैना, भिण्ड, ग्वालियर, गुना, सागर, टीकमगढ़, दमोह, खजुराहो, भोपाल और राजगढ़ शामिल हैं।

तीसरे चरण के मतदान के लिये 24 अप्रैल को जिन संसदीय क्षेत्रों में सार्वजनिक अवकाश रहेगा, उनमें विदिशा, देवास, उज्जैन, मंदसौर, रतलाम, धार, इंदौर, खरगोन, खण्डवा और बैतूल शामिल हैं।

राजनैतिक विज्ञापन प्रमाणन समिति गठित

राजनैतिक विज्ञापन प्रमाणन समिति गठित

(नन्द किशोर)

भोपाल (साई)। भारत निर्वाचन आयोग ने राजनैतिक विज्ञापनों के मीडिया प्रमाणीकरण से संबंधित मुद्दों पर स्थिति स्पष्ट की है। आयोग ने कहा है कि राजनैतिक विज्ञापनों व चुनाव प्रचार सामग्री के ऑडियो-विजुअल प्रदर्शन को मीडिया प्रमाणीकरण कमेटी सर्टिफाई करने का कार्य करेगी।
आयोग ने कहा है कि कोई भी केबल संचालक अथवा टीवी चैनल ऐसा विज्ञापन टेलीकास्ट नहीं करेगा जो देश के कानून के अनुरूप न हो अथवा जिसमें शालीनता के दायरे में विचार व्यक्त नहीं किये गये हों। आयोग ने कहा है कि ऐसे विज्ञापनों के प्रसारण को भी अनुमति नहीं दी जानी चाहिए जो किसी नस्ल, जाति, शारीरिक रंग व कौमियत का उपहास करते हों। कमेटी प्रमाण-पत्र जारी करते समय यह भी घोषित करेगी कि विज्ञापन में दिये गये तथ्यों व इसके द्वारा लगाये आरोपों की पूर्ण जिम्मेदारी प्रकाशक अथवा विज्ञापनकर्ता पर है।
इस प्रकार के विज्ञापन से उत्पन्न किसी हानि, दीवानी अथवा आपराधिक मामले के लिए समिति जिम्मेदार एवं जवाबदेह नहीं है। प्रमाणीकरण के लिए गठित समिति आवेदन प्राप्त होने के दिन से 24 घण्टे के भीतर संबंधित उम्मीदवार को सूचित करेगी। विज्ञापन के प्रमाणीकरण के लिये संसदीय चुनाव क्षेत्र का रिटर्निंग ऑफिसर, एक एआरओ जो एसडीएम से नीचे स्तर का नहीं होगा, एमसीएमसी के सदस्य होंगे।

पूर्व प्रमाणीकरण के लिये समितियाँ गठित
मध्यप्रदेश में लोकसभा चुनाव के दौरान राजनैतिक विज्ञापनों के पूर्व-प्रमाणीकरण के लिये समिति गठित कर दी गई है। निर्वाचन आयोग ने समिति के कार्यक्षेत्र के संबंध में भी स्थिति स्पष्ट की है। निर्वाचन आयोग के अनुसार संयुक्त मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी की अध्यक्षता में दिल्ली में गठित समिति उन सभी राजनैतिक दलों, समूह व संस्थाओं जिनका मुख्यालय राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में है, के राजनैतिक विज्ञापनों के लिये दिये गये आवेदनों का निपटारा करेगी। राज्य में गठित समिति ऐसे राज्य राजनैतिक दल जिनका मुख्यालय उसी राज्य में है, उनके राजनैतिक विज्ञापनों के लिये दिये गये आवेदनों का निराकरण करेगी।
भारत निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट किया है कि यदि किसी राष्ट्रीय या राज्य-स्तरीय राजनैतिक दल जिसका मुख्यालय राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली में है वह अपने राजनैतिक विज्ञापन का प्रमाणीकरण दिल्ली मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय में जमा करायेंगे। दिल्ली मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय में गठित समिति द्वारा उन सभी राष्ट्रीय या राज्य-स्तरीय राजनैतिक दल जिनका मुख्यालय राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में है तो उनके राजनैतिक विज्ञापनों का प्रमाणीकरण पूरे भारत में वैध होगा। उन्हें राज्य-स्तरीय समितियों से पृथक से प्रमाणीकरण नहीं कराना होगा।

भारत निर्वाचन आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि ऐसे राजनैतिक दल जिनका मुख्यालय राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली में नहीं है तो उनके राजनैतिक विज्ञापनों का प्रमाणीकरण संबंधित राज्य-स्तरीय समिति द्वारा किया जायेगा, जहाँ से दल चुनाव लड़ रहा है।

गुरुवार, 20 मार्च 2014

मनरेगा के दोषियों पर कार्यवाही के निर्देश

मनरेगा के दोषियों पर कार्यवाही के निर्देश

(ब्यूरो कार्यालय)
जबलपुर (साई)। मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने सिवनी के बहुचर्चित मनरेगा जॉब कार्ड घोटाले की जांच और उसमें दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कार्यवाही के निर्देश दिए हैं। कलेक्टर सिवनी को यह प्रक्रिया पूरी करने के लिए 90 दिन का समय दिया गया है।
हाईकोर्ट में मामले की सुनवाई के दौरान जनहित याचिकाकर्ता सिवनी निवासी समाजसेवी बलराम सिंह बघेल का पक्ष अधिवक्ता नरेन्द्रनाथ त्रिपाठी ने रखा। उन्होंने दलील दी कि सिवनी में 2009 से 2012 के बीच मनरेगा के जॉब कार्ड की आड़ में जमकर फर्जीवाड़े को अंजाम दिया गया। जिसमें पूर्व सरपंच दसरूलाल गौंड, रामखिलौना बाई, राधेश्याम बघेल और पंचायत सचिव जागेश्वर की मिलीभगत रही।

इस मामले की शिकायत के बावजूद जिम्मेदार अधिकारियों ने ठोस कार्यवाही सुनिश्चित नहीं की। इस वजह से सैकड़ों फर्जी नामों से मनरेगा की राशि हड़पने वाले बेखौफ मुंह चिढ़ाते घूम रहे हैं। वहीं जिन वास्तविक हकदारों के नामों का दुरूपयोग कर राशि निकाल ली गई वे हाथ मलते रह गए। दरसअल, इसी रवैये के खिलाफ न्यायहित में हाईकोर्ट की शरण ली गई।

लापरवाह चिकित्सक ने नहीं किया पीएम

लापरवाह चिकित्सक ने नहीं किया पीएम
चिकित्सक की अनदेखी से दूसरे दिन हुआ अंतिम संस्कार

(अखिलेश दुबे)
सिवनी (साई)। जिला मुख्यालय में दो परिवारों के लिए होली का यह त्यौहार गमगीन ही रहा। एक अज्ञात व्यक्ति का शव बस स्टैंड पर मिला तो छिंदवाड़ा चौक पर एक अन्य व्यक्ति का शव मिला। दोनों में से एक शव का शव परीक्षण तो चार बजे तक कर दिया गया, किन्तु दूसरे के शव परीक्षण के लिए पुलिस को पापड़ बेलने पड़े।
प्राप्त जानकारी के अनुसार अरिहंत बस सर्विस की बस में एक अज्ञात व्यक्ति का शव मिला। 18 मार्च को अरिहंत बस नंबर एम.पी. 20 पी 0204 का कंडेक्डर बस की सफाई करने जैसे ही अंदर घुसा, वैसे ही बस के भीतर से बदबू आने लगी तब कुछ लोगों ने पीछे जाकर देखा तो वहां एक 40 वर्षीय अज्ञात व्यक्ति की लाश पड़ी हुई थी।
प्राप्त जानकारी के अनुसार यह बस होली के दिन से बस स्टैण्ड पर खड़ी हुई थी। इस बस के कर्मचारी जब 18 मार्च की सुबह के समय बस के अंदर पहुंचे तो पिछली सीट पर उन्हें लाश मिली। बताया जाता है कि चूंकि बस पूरी तरह बंद थी और सिर्फ बस के पिछले दरवाजे का कांच ही खुला हुआ था, जिससे आशंका व्यक्त की जा रही है कि यहां से कोई व्यक्ति शराब पीने के उद्देश्य से घुसा होगा जिसकी बाद में मृत्यु हो गई। कोतवाली पुलिस के सूत्रों ने समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया को बताया कि इस अज्ञात शव के कफन-दफन के लिए नगर कोतवाल अमित विलास दाणी ने सहृदयता और तत्परता दिखाते हुए मुकम्मल इंतजामात करवाए।
वहीं, दूसरी ओर छिंदवाड़ा चौक पर गायत्री मेडिकल के पास रफीक खान के पुत्र साजिद (28) का शव मिला। पुलिस ने इस शव को भी शव परीक्षण के लिए चिकित्सालय स्थित पीएम सेंटर भेज दिया। जिला चिकित्सालय के सूत्रों ने समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया को बताया कि अज्ञात शव का शव परीक्षण डॉ.वासनिक द्वारा किया गया। जैसे ही वे बाहर निकले वैसे ही कोतवाली पुलिस के सिपाही द्वारा उन्हें साजिद के शव परीक्षण हेतु कागजात दिखाए गए।
बताया जाता है कि उक्त चिकित्सक द्वारा साजिद के शव का परीक्षण करने के बजाए वहां से रवानगी डाल दी। चिकित्सालय के सूत्रों ने बताया कि लगभग सवा चार बजे नगर कोतवाल अमित विलास दाणी स्वयं जिला चिकित्सालय पहुंचे और वहां इमरजेंसी में तैनात महिला चिकित्सक से शव परीक्षण करवाने का अनुरोध किया।
बताया जाता है कि महिला चिकित्सक द्वारा डॉ.वासनिक को तत्काल फोन लगाया गया किन्तु डॉ.वासनिक ने उनका फोन नहीं उठाया। इसके उपरांत सिविल सर्जन डॉ.सत्य नारायण सोनी, नगर निरीक्षक अमित विलास दाणी ने भी उन्हें फोन लगाया किन्तु उन्होंने फोन उठाने की जहमत नहीं उठाई।

चिकित्सालय के सूत्रों का कहना है कि शव परीक्षण, सूर्योदय से सूर्यास्त तक ही किया जाता है, और साजिद का शव पीएम सेंटर जब पहुंचा तब सूर्यास्त में लगभग दो-ढाई घंटे बाकी थी। सूत्रों का कहना है कि इस संबंध में नगर कोतवाल द्वारा शव परीक्षण न हो पाने की शिकायत भी लिखित रूप में सिविल सर्जन को कर दी गई है। कहा जा रहा है कि अगर साजिद का शव परीक्षण उसी वक्त कर दिया जाता तो उनका अंतिम संस्कार भी उसी दिन संपन्न हो जाता। उल्लेखनीय होगा कि गर्मी के मौसम में वैसे भी शव का डीकंपोज होना तेजी से आरंभ हो जाता है।

. . . वरना होगी प्राचार्यों पर कार्यवाही

. . . वरना होगी प्राचार्यों पर कार्यवाही
मेपिंग में जिला प्रथम, पर छात्रवृत्ति का अता पता नहीं!

(महेश रावलानी)
सिवनी (साई)। मेपिंग में सिवनी जिला प्रदेश में पहले स्थान पर आने के बाद भी, जिले के शालेय विद्यार्थियों को पात्रतानुसार छात्रवृत्ति का लाभ नहीं मिल पा रहा है। 25 मार्च तक योजनावार समस्त विद्यार्थियों को दी जाने वाली छात्रवृत्ति के देयक कोषालय में आवश्यक रूप से जमा करवा दिए जाएं।
उक्ताशय की बात जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा समेकित छात्रवृत्ति योजना के समस्त आहरण संवितरण अधिकारियों को दिए हैं। अपने निर्देश में जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा कहा गया है कि शिक्षा समग्र पोर्टल से प्राप्त रिपोर्ट की समीक्षा के दौरान यह पाया गया हैं कि आवेदन पत्रों के ऑनलाईन पंजीयन पश्चात् अपेक्षित रूप से इन्हें लॉक नहीं किया जा रहा है। इसके साथ ही साथ लॉक किये गये प्रस्तावें को बी.आर.सी.सी. द्वारा तत्काल एप्रूव नहीं किया जा रहा है। इतना ही नहीं प्रत्येक डी.डी.ओ को उपलब्ध कराये गये विशिष्ट यूजरनेम/पासवर्ड का उपयोग करते हुये उनके द्वारा छात्रवृत्ति सेंक्शन एवं बिल जनरेट करने की कार्यवाही या तो नहीं की जा रही है अथवा अत्यंत न्यून स्तर पर है।
पत्र में आगे कहा गया है कि उक्त कारणों से जिले में स्कूली विद्यार्थियों को पात्रतानुसार छात्रवृत्ति का लाभ सम्पूर्ण सत्र बीत जाने पर भी नहीं दिया जा सका है। यह स्थिति अत्यंत खेद जनक है, जबकि मेपिंग के मामले में सिवनी जिला प्रदेश में प्रथम स्थान पर है।
पत्र में अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि शेष समस्त छात्र-छात्राओं की मेपिंग पूर्ण की जाय तथा त्रुटि पूर्ण, अप्राप्त आईडी आदि की सूची बनाकर जिला नोडल अधिकारी समग्र को तत्काल त्रुटि सुधार हेतु देवें। इसके साथ ही साथ प्राथमिकता के आधार पर पात्र छात्र-छात्राओं के एकल आवेदन पत्रों का ऑनलाईन पंजीयन अतिरिक्त समय एवं सिस्टम लगाकर पूर्ण कराया जावे।
पत्र में आगे कहा गया है कि पंजीकृत आवेदन पत्रों का मिलान कर तत्काल इन्हें लॉक करावें। लॉक किये प्रस्तावों को बी.आर.सी.सी.अपने स्तर पर तत्काल एप्रूव करेंगे। बी.आर.सी.सी.के स्तर पर लंबित प्रस्ताव किसी भी स्थिति में क्षम्य नहीं होंगे। डी.डी.ओ., बी.आर.सी.सी. द्वारा एप्रूव किये गये प्रस्तावों पर प्रक्रियानुसार मिलान, रिमार्क, सेंक्शन, सेंक्शन आदेश तथा बिल जनरेट कर देयक एम.पी.टी.सी. 46 एवं 47 में तैयार कर कोषालय में प्रस्तुत करें।
उक्त प्रक्रिया के परिपालन में आ रही कठिनाईयों के निराकरण हेतु बी.आर.सी.सी.तथा डी.डी.ओ की एक दिवसीय काउंसिलिंग 21 मार्च को प्रातः 11 बजे विकासखंड सिवनी, बरघाट, छपारा एवं कुरई तथा दोपहर दो बजे विकासखंड केवलारी, लखनादौन, घंसौर एवं धनौरा हेतु शासकीय उत्कृष्ट विद्यालय सिवनी में आयोजित की जा रही है,जिसमें कलेक्टर के द्वारा सीधा संवाद स्थापित किया जाएगा। अतः अपने स्तर पर कृत कार्यवाही का प्रतिवेदन एवं उपस्थित कठिनाईयों (यदि कोई हो तो) को लेकर अनिवार्यतः उपस्थित होने के लिए संबंधितों से कहा गया है।

पत्र के अंत में चेतावनी देते हुए कहा गया है कि 25 मार्च तक समेकित छात्रवृत्ति के योजनावार समस्त देयक कोषालय में प्रस्तुत कर दिये जाये। अगर 26 मार्च को कलेक्टर द्वारा प्रस्तावित समीक्षा बैठक में ऐसे डी.डी.ओ जिन्हांेने कार्यपूर्ण कर समस्त देयक कोषालय में प्रस्तुत नहीं किये हों के विरूद्ध कार्यवाही प्रस्तावित की जायेगी। श्रम, कृषि एवं राज्य शिक्षा केन्द्र द्वारा प्रवर्तित छात्रवृत्तियां क्रमशः निर्माण श्रमिक, तुलावटी एवं हम्माल तथा सामान्य निर्धन छात्र-छात्राओं के देयक कोषालय में नहीं लगाये जानेे हैं। पोर्टल से प्राप्त सूची सीधे संबंधित विभागों को प्रस्तुत की जायेगी।

भूमाफियाओं के निशाने पर सरकारी जमीन

भूमाफियाओं के निशाने पर सरकारी जमीन
(शरद खरे)
सिवनी जिले में पिछले दो-ढाई दशकों से भूमाफिया जमकर सक्रिय नजर आ रहे हैं। नब्बे के दशक के उपरांत महानगरों के लोगों की नजरें सिवनी पर इनायत हुईं। सिवनी की जमीनों के दाम आसमान छूने लगे। पता नहीं क्यों दिल्ली, मुंबई जैसे महानगरों के लोगों को सिवनी की जमीनें भाईं और जमीनों की खरीद फरोख्त तेज हुई। सिवनी में पंजीयक कार्यालय की भूमिका पर भी सवालिया निशान लगे। सिवनी के पंजीयक कार्यालय में अग्निकांड भी हुआ, यहां का रिकॉर्ड भी चोरी हो गया। जिला कलेक्टर कार्यालय और न्यायालय के बीच स्थित उप पंजीयक कार्यालय में आग लगने की घटना अपने-आप में चौंकाने वाली ही कही जा सकती है।
बहरहाल, पिछले कुछ समय से भूमाफियाओं की नजरें सरकारी जमीनों पर गड़ी हुई हैं। भूमाफियाओं के हौसले संबंधित विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों की जुगलबंदी से उड़ान भर रहे हैं। आलम यह है कि जिला मुख्यालय में ही बारापत्थर क्षेत्र में होण्डा शो रूम के पीछे नाले पर ही बेजा कब्जा हो गया है। बीते साल बारिश में इस अवरोध के कारण एकता कॉलोनी के अनेक घरों में पानी भर गया था। शहर के प्रथम नागरिक राजेश त्रिवेदी स्वयं मौके का मुआयना करने गए थे। फायर बिग्रेड और मोटर लगाकर पानी निकाला गया। उस समय आश्चर्य तो इस बात पर हुआ, जब नगर पालिका अध्यक्ष ने स्वयं इस बात को स्वीकार किया था कि नाले पर होण्डा एजेंसी के पीछे हुए अतिक्रमण के कारण पानी का बहाव अवरूद्ध होने से घरों में पानी भरा। स्वयं नगर पालिका अध्यक्ष के द्वारा मौके पर जाकर देखने के बाद भी आज तक इस अतिक्रमण को तोड़ा नहीं जा सका है।
हाल ही में छपारा में बजाज एजेंसी के मालिक द्वारा सरकारी भूमि (खसरा नंबर 306/2) पर कब्जा किए जाने की बात प्रकाश में आई है। एजेंसी मालिक पर आरोप है कि उनके द्वारा बिजली विभाग के कार्यालय की फेंसिंग आदि तोड़कर वहां निजी भूमि के मानिंद काम करवाया जा रहा है। सरकारी भूमि पर ही मकान बनवाने का सामान बिखरा पड़ा है। फेंसिंग तोड़कर वहां बोरिंग करवाई जा रही है। यह सब मीडिया की सुर्खी बना पर राजस्व विभाग, ग्राम पंचायत सहित खुद बिजली विभाग के अधिकारी कैसे इस मामले में मौन साधे बैठे हैं?
इस तरह के एक नहीं अनेक मामले आज भी सिवनी की फिजां में तैर रहे हैं। मुख्य मार्ग पर जहां नाली नाले पर पालिका द्वारा पुल पुलिया बना ली गई हैं, वहां भी निजी प्लाट से लगी नाले की सतह पर दरवाजे लगाने के बजाए लोगों ने सड़क किनारे वाली सतह पर दरवाजे लगाकर पुल-पुलिया को भी अपनी निजी संपत्ति में शामिल कर लिया है। यह सब हो रहा है, और नगर पालिका परिषद हाथ पर हाथ रखे ही बैठी है।

लोकसभा चुनाव सिर पर हैं, अतः प्रशासन, विशेषकर राजस्व विभाग के कर्मचारी-अधिकारियों की व्यस्तता को समझा जा सकता है, किन्तु फिर भी संवेदनशील जिला कलेक्टर भरत यादव से जनापेक्षा है कि सुरसा की तरह मुंह फाड़ने वाले अतिक्रमण को नेस्तनाबूत करने के लिए संबंधित विभागों को ताकीद अवश्य करें।

नाथ, सिंधिया, तन्खा 21, 24 व 23 को भरेंगे नामांकन

नाथ, सिंधिया, तन्खा 21, 24 व 23 को भरेंगे नामांकन

(नन्द किशोर)

भोपाल (साई)। केन्द्रीय संसदीय कार्य और शहरी विकास मंत्री कमलनाथ अपने परंपरागत लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र छिन्दवाड़ा से अपने समर्थकों के साथ 21 मार्च को नामांकन पत्र भरेंगे। नाथ को कांग्रेस पार्टी ने अपना अधिकृत उम्मीदवार छिन्दवाड़ा से घोषित किया है।
केन्द्रीय उर्जा राज्यमंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया 24 मार्च को अपने परंपरागत संसदीय क्षेत्र गुनाकृशिवपुरी से अपने समर्थकों के साथ जुलूस की शक्ल में निर्वाचन अधिकारी के समक्ष 24 मार्च को नामांकन पत्र भरेंगे। उल्लेखनीय है कि ज्योतिरादित्य सिंधिया को कांग्रेस पार्टी ने गुना, शिवपुरी से उम्मीदवार घोषित किया है।
उधर, देश के जाने माने वकील, मध्यप्रदेश के पूर्व एडवोकेट जनरल विवेक तन्खा 23 मार्च को निर्वाचन अधिकारी जबलपुर के समक्ष अपना नामांकन पत्र भरेंगे। तन्खा को कांग्रेस पार्टी ने पहली मर्तबा लोकसभा का जबलपुर संसदीय क्षेत्र से उम्मीदवार घोषित किया है।

एमपीपोस्ट को मिली जानकारी के अनुसार कांग्रेस पार्टी के अधिकांश घोषित उम्मीदवार कांग्रेस अध्यक्ष और कांग्रेस कार्यालय भोपाल से चर्चा के बाद ए और बी फार्म ले चुकें हैं। कांग्रेस पार्टी का अधिकृत उम्मीदवार होने के लिए निर्वाचन अधिकारी के समक्ष नामांकन पत्र भरते समय नामांकन पत्र सेट के साथ पार्टी का अधिकृत उम्मीदवार होने के लिए ए और बी फार्म प्रस्तुत किया जाता है। जिसमें मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अरूण यादव के हस्ताक्षर हैं।

आज बैतूल संसदीय क्षेत्र से कांग्रेस के सबसे कम उम्र के उम्मीदवार राहुल चौधरी ने कांग्रेस मुख्यालय भोपाल से ए और बी फार्म प्राप्त कर लिया है। इसके साथ ही टीकमगढ़ संसदीय क्षेत्र से कांग्रेस के उम्मीदवार कमलेश्वर वर्मा ने तथा मंडलाकृडिंडौरी संसदीय क्षेत्र से कांग्रेस के उम्मीदवार और विधायक ओंकारसिंह मरकाम ने ए और बी फार्म प्राप्त कर लिया है।

केन्द्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने ए और बी फार्म प्राप्त करने के लिए ग्वालियर के पूर्व विधायक रमेश अग्रवाल को अधिकृत करते हुए एक पत्र कांग्रेस अध्यक्ष को लिखा। कांग्रेस अध्यक्ष अरूण यादव ने पत्र देखने के बाद सिंधिया का ए और बी फार्म रमेश अग्रवाल को दे दिया। उधर, अधिवक्ता और जबलपुर संसदीय क्षेत्र से कांग्रेस के उम्मीदवार विवेक तन्खा ने ए और बी फार्म प्राप्त करने के लिए एडवोकेट अजय गुप्ता को अधिकृत किया था। गुप्ता ने भी विवेक तन्खा के लिए कांग्रेस पार्टी द्वारा जारी ए और बी फार्म प्राप्त कर लिया है।

दिग्विजय कर सकते हैं मोदी से मुकाबला!

दिग्विजय कर सकते हैं मोदी से मुकाबला!

(मणिका सोनल)

नई दिल्ली (साई)। नरेंद्र मोदी के सामने कांग्रेस किसे उतारेगी, वक्त बीतने के साथ यह बड़ा सवाल बनता जा रहा है। अरविंद केजरीवाल पहले ही ऐलान कर चुके हैं कि वह वाराणसी से चुनाव लड़ेंगे। हालांकि उन्होंने ‘जनता से पूछने‘ की शर्त रखी है। लेकिन कांग्रेस तय नहीं कर पा रही है कि बीजेपी के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार के सामने किसे उतारे।
वाराणसी सीट से चुनाव लड़ने के लिए कई नाम हवा में तैर रहे हैं। नया नाम दिग्विजय सिंह का है जिनके नाम का प्रस्ताव वाराणसी की स्थानीय कांग्रेस यूनिट ने रखा है। इसके अलावा अनिल शास्त्री के नाम की भी चर्चा है। वहीं ट्विटर पर यह भी कहा जा रहा है कि कि लोग प्रियंका गांधी और शंकराचार्य के नाम पर भी चर्चा कर रहे हैं।

कांग्रेस की समस्या यह है कि अगर वह मजबूत कैंडिडेट उतारती है तो अरविंद केजरीवाल की दावेदारी को कमजोर करेगी, जो नरेंद्र मोदी के लिए चुनौती बन सकते हैं। लेकिन कमजोर उम्मीदवार उतारकर वह नरेंद्र मोदी के सामने खुद ही कमजोर होने का संकेत भी नहीं देना चाहती। इसीलिए कांग्रेस की तरफ से बार-बार यह बात कही जा रही है कि मोदी के खिलाफ कोई मजबूत कैंडिडेट उतारा जाएगा। कांग्रेस नेता अजय माकन ने भी बुधवार को दोहराया कि मोदी के सामने कांग्रेस कमजोर कैंडिडेट नहीं उतारेगी। लेकिन मजबूत कैंडिडेट की तलाश कांग्रेस के लिए मुश्किल हो रही है। 

I Am…A Leaf

I Am…A Leaf
(Darshita Shrivastava)
I am a fallen leaf...
You're the wind I am waiting for...
The way you'll hold me deep...
I will feel like I am fine as I was before...
When I was in the tree’s arms...

My dreams aren't skyhigh...
Because I love the smell of the mud...
But, With you I know I can fly...
So just come soon and cuddle...

My pale skin...is in need of your touch...
Come heal me...my breath is getting rough...
I need your support and your strong clutch...
Without you...to survive is getting tough....

I am a fallen leaf...
You're the wind I am waiting for...
The way you'll hold me deep...
I will feel like I am fine as I was before...
The way I was safe and sound in tree’s arms...


GAD Colony, Seoni M.P.