बुधवार, 25 अप्रैल 2012

सीमाओं पर चौकसी तेज

सीमाओं पर चौकसी तेज
(यशवंत श्रीवास्तव)
नई दिल्ली (साई)। रक्षा मंत्री ए के एंटनी ने सशस्त्र सेनाओं से कहा है कि वे अफगानिस्तान-पाकिस्तान क्षेत्र में स्थिति पर कड़ी नजर रखें। कल नई दिल्ली में तीनों सेनाओं के कमाण्डरों के सम्मेलन में श्री एंटनी ने कहा कि इस क्षेत्र में किसी भी घटना या गतिविधि का भारत की सुरक्षा और सामरिक स्थिति पर प्रभाव पड़ता है।
साइबर अपराधों को सुरक्षा तंत्र के लिए एक और खतरा बताते हुए श्री एंटनी ने तीनों सेनाओं के प्रमुख कमाण्डरों से आग्रह किया कि वे साइबर खतरों का सामना करने के लिए मानक संचालन प्रक्रिया स्थापित करें। रक्षामंत्री ने कहा कि रक्षा सामग्री की खरीद की प्रक्रिया को आधुनिक बनाने और बुनियादी सुविधाओं में सुधार के काम में पारदर्शिता, शुचिता और जवाबदेही के सिद्धांतों का पूरी तरह पालन किया जाना चाहिए।

बारदानों की समस्या से आवगत कराया थामस को शिवराज ने


बारदानों की समस्या से आवगत कराया थामस को शिवराज ने
(राजीव सक्सेना)
नई दिल्ली (साई)। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आज यहां केन्द्रीय उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण राज्यमंत्री प्रो0 के0वी0 थामस से भेंट कर मध्यप्रदेश में गेहूं उपार्जन के लिये आवश्यक मात्रा में और नियमित रूप से समय पर बारदाने उपलब्ध कराने की मांग की।
उन्होंने प्रदेश मंे उपािर्जत गेहूं का प्रतिमाह एक मीट्रिक टन गेहूं उठाव कराने की व्यवस्था भारतीय खाद्य निगम से कराने पर भी बल दिया। केन्द्रीय राज्य मंत्री प्रो0 थामस ने टैक्सटाईस मंत्री से बात करने और समय पर वांछित मात्रा में बारदाने की आपूर्ति कराने का आश्वासन दिया। इस अवसर पर मध्यप्रदेश के अपर मुख्य सचिव एंथनी डीसा भी मौजूद थे। 
श्री चौहान ने कहा कि प्रदेश में 15 मार्च से अभी तक करीब 36 लाख मीट्रिक टन गेहूं का उपार्जन हो चुका है। आगामी 20 मई तक कुल करीब 80 लाख मीट्रिक टन गेहूं का उपार्जन होने की सम्भावना है। श्री चौहान ने कहा कि गेहूं की मात्रा को ध्यान में रखते हुए केन्द्र सरकार द्वारा समय चक्र अनुसार बारदाने उपलब्ध नहीं कराने के कारण गेहूं उपार्जन व्यवस्था में अनावश्यक व्यवधान हो रहा है।
उन्होंने बताया कि प्रदेश में किसानों को घोषित समर्थन मूल्य के अतिरिक्त प्रति क्विटल एक सौ रूपये बोनस भी दिया जा रहा है। राज्य सरकार ने गेहूं उपार्जन की सारी प्रक्रिया, किसान पंजीयन से लेकर खरीदी बाद बैंक खातों में राशि जमा कराने तक, सभी कार्यों का ’ई-उपार्जन’ व्यवस्था के तहत कम्प्यूटरीकरण किया है।
उन्होंने बताया कि उत्तम उपार्जन व्यवस्था के कारण खरीदी का दैनिक औसत एक लाख 60 हजार टन तक पहुंच गया था, अब करीबन एक लाख टन प्रतिदिन हो रहा है। राज्य सरकार ने संभावित उपार्जन को ध्यान में रखते हुए डी.जी.एस.एण्ड.डी. को समय-समय पर 478.75 करोड़ रूपये की राशि 2 लाख 69 हजार 230 बारदाना गठानों के लिये प्रदान की है। किन्तु समय पर पर्याप्त मात्रा में बारदाना गठानें प्राप्त नहीं हो रही हैं।
श्री चौहान ने कहा कि समय पर पर्याप्त मात्रा में बारदाने प्राप्त नहीं होने पर केन्द्र सरकार से एक बार उपयोग में लाये गये बारदानों को पुनः उपयोग करने और जूट बारदानों की अनुपलब्धता के कारण एच.डी.पी.ई. प्लास्टिक बैग का उपयोग करने की अनुमति चाही गई थी। यह अनुमतियां भी अभी तक प्राप्त नहीं हुई हैं।
श्री चौहान ने कहा कि बारदानों की समस्या के अलावा भारतीय खाद्य निगम द्वारा गेहूं उठाव में आनाकानी भी बहुत बड़ी समस्या है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में मानसून जल्दी शुरू हो जाता है, अतः 20 मई तक गेहूं का उपार्जन एवं उठाव कार्य पूर्ण होना चाहिये। प्रति सप्ताह एक लाख मीट्रिक टन गेहूं का उठाव भारतीय खाद्य निगम को करना चाहिये लेकिन अभी मात्र एक मीट्रिक टन प्रतिमाह का उठाव किया जा रहा है। जबकि अन्य राज्यों से कई गुना ज्यादा का उठाव किया जा रहा है। इस तरह मध्यप्रदेश से अन्याय हो रहा है।

सोशल मीडिया की मश्कें कसेंगे गहलोत


सोशल मीडिया की मश्कें कसेंगे गहलोत
(शैलेन्द्र कुमार)
जयपुर (साई)। सरकारी मीडिया को अब निजी क्षेत्र की मीडिया से मुकाबला करने के लिए तैयार किया जा रहा है। आपको भरोसा नहीं हो तो पीआईबी के उन अधिकारियों से मिलें, जो मंगलवार को ही दिल्ली से पीआईबी का एक विशेष प्रशिक्षण लेकर लौटे हैं। देश भर से बुलाए गए पीआईबी के अधिकारियों को नए जमाने के साथ कदम से कदम मिलाकर चलने के लिए प्रशिक्षण दिया गया और सिंघवी की सीडी के कुछ चुनिंदा हिस्से, जो आपत्तिजनक नहीं थे, दिखाकर बताया गया कि आज प्रिंट मीडिया और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से भी ज्यादा ताकतवर सोशल मीडिया है।
अधिकारियों ने एक अनौपचारिक बातचीत में माना कि दिल्ली के आईआईएमसी कैंपस में हुए प्रशिक्षण के दौरान उन्हें यू ट्यूब, ट्विटर और फेसबुक सहित विभिन्न सोशल साइट्स के बारे में बताया गया था। इसमें प्रशिक्षकों ने समझाया कि आज सोशल मीडिया की जबरदस्त वैल्यू है। सरकारी प्रचार अधिकारी उस समय अवाक रह गए जब एक निजी टीवी चौनल से आए प्रशिक्षणकर्त्ता ने विवादित सीडी की एजुकेशनल वैल्यू समझाई। उनका कहना था कि सरकारी अधिकारियों को भी अब सोशल साइट्स का फायदा उठाना चाहिए।

ग्रीष्मकालीन प्रशिक्षण शिविर में बच्चों में भारी उत्साह


ग्रीष्मकालीन प्रशिक्षण शिविर में बच्चों में भारी उत्साह
(नन्द किशोर)
भोपाल (साई)। राजधानी के टी.टी. नगर स्टेडियम में लगाये जा रहे विशेष ग्रीष्मकालीन प्रशिक्षण शिविर का आयोजन एक अप्रैल से 30 जून तक आयोजित किया जा रहा है। इस प्रशिक्षण शिविर में भाग लेने वाले बच्चों में भारी उत्साह नजर आ रहा है। इसमें 1500 से अधिक बच्चे विभिन्न खेलों तथा गतिविधियों में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। इसके अलावा पूरे प्रदेश में एक मई से 30 मई तक ग्रीष्मकालीन प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया जायेगा। शिविर में एक लाख से अधिक बच्चों को प्रशिक्षण का लाभ मिलेगा।
ग्रीष्मकालीन प्रशिक्षण शिविर में प्रातः 6 बजे से 8 बजे तथा सायं 5 बजे से 7 बजे तक बच्चों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। शिविर में बॉक्सिंग, वूशू, बेडमिंटन, कुश्ती, मल्टी जिम, टेबल-टेनिस, स्केटिंग, खो-खो, व्हालीबॉल, कबड्डी, लॉन-टेनिस, मलखम्ब, एथलेटिक्स, जिमनास्टिक, फुटबाल, जूडो, बॉस्केटबॉल, ताईक्वांडो, शूटिंग, क्रिकेट, फेंसिंग, कराते, हॉकी खेलों के साथ-साथ पहली बार बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिये एनीमेशन, संगीत, डांस, व्यक्तित्व विकास, पेंटिंग, कार्टूनिंग, स्केचिंग, रॉक बैण्ड, सुलेख आदि गतिविधियों का प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है।
विशेष ग्रीष्मकालीन प्रशिक्षण शिविर में खो-खो, कबड्डी तथा मलखम्ब खेल का विकलांग तथा गरीबी रेखा से नीचे जीवन-यापन करने वाले बच्चों को निःशुल्क प्रशिक्षण दिया जा रहा है। शिविर में विभिन्न खेलों में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे नन्हे खिलाड़ी प्रतिदिन सायं 5 बजे एथलेटिक ट्रेक पर एयरोबिक की धुनों पर शारीरिक व्यायाम के पाठ पढ़ रहे हैं। शिविर के प्रति नन्हें खिलाड़ियों में भारी उत्साह देखने को मिल रहा है। नन्हें खिलाड़ी एयरोबिक क्लास खत्म करके जब अपने-अपने खेल मैदानों पर पहुँचते हैं तो पूरे जोश के साथ अपनी खेल प्रतिभा का प्रदर्शन करते देखे जा रहे हैं। खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा शिविर के लिये 55 प्रशिक्षकों की विशेष व्यवस्था की गई है। खिलाड़ियों को प्रतिदिन प्रातः तथा सायंकाल प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है।

प्रतिनियुक्ति से लौटे मनु श्रीवासतव

प्रतिनियुक्ति से लौटे मनु श्रीवासतव
(दीप्ति)
भोपाल (साई)। राज्य सरकार ने भारत सरकार में प्रतिनियुक्ति से लौटने पर श्री मनु श्रीवास्तव, भाप्रसे (1991) की सेवाएँ प्रबंध संचालक, मध्यप्रदेश पॉवर मैनेजमेंट कंपनी लिमिटेड के पद पर नियुक्ति के लिए ऊर्जा विभाग को सौंपी हैं। सामान्य प्रशासन विभाग ने आज यह आदेश जारी किया।