शुक्रवार, 4 मार्च 2011

अर्जुन, माहसीना बाहर नए चेहरों पर जोर


अंततः सोनिया ने फेंट ही दिए पत्ते 
(लिमटी खरे)
 
नई दिल्ली। अंततः कांग्रेस अध्यक्ष श्रीमति सोनिया गांधी ने अपनी कार्यकारिणी का पुर्नगठन कर ही दिया है। पहले चरण में अनेक वरिष्ठ नेताओं को बाहर का रास्ता दिखा दिया गया है। माना जा रहा है कि अपने बेटे राहुल गांधी को प्रधानमंत्री बनाने के मार्ग प्रशस्त करने में लगी सोनिया गांधी ने कड़ा रूख अख्तिायार कर ही लिया है।
 
चैथी बार अध्यक्ष चुने जाने के तीन माह बाद आज पुर्नगठित कार्यकारिणी में नेहरू गांधी परिवार के विश्वस्त रहे कुंवर अर्जुन सिंह, मोहसीना किदवई और जी.वैंकटस्वामी जैसे उमर दराज नेताओं को स्थान नहीं मिल सका है। सोनिया गांधी ने अनेक लोगों को खलने वाले फैसले लेकर पश्चिम बंगाल, झारखण्ड प्रभारी केशव राव को हटा दिया है। इसके अलावा वी.नारायण सामी, प्रथ्वीराज चव्हाण, मल्लिकार्जुन खडगे, किशोर चंद देव को भी कार्यसमिति से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया है। आस्कर फर्नाडिस को कार्यसमिति में शामिल करते हुए महासचिव बनाया गया है।
 
सोनिया के राजनैतिक सचिव अहमद पटेल का रूतबा बरकरार रखा गया है। इसके अलावा मोती लाल वोरा, दिग्विजय सिंह, प्रणव मुखर्जी, ए.के.अंटोनी, जनार्दन द्विवेदी, गुलाम नवी आजाद के साथ ही साथ अपने पुत्र राहुल को भी इसमें स्थान दिया गया है। कांग्रेस की कार्यसमिति में अब 19 सदस्य हो गए हैं।

मध्य प्रदेश के बुंदेलखण्ड क्षेत्र के सूरमा सत्यव्रत चतुर्वेदी की भी सोनिया ने छुट्टी कर दी है। इसके अलावा सोनिया गांधी ने अपनी टीम में आस्कर फर्नाडिस, मधुसूदन मिस्त्री, वीरेंद्र सिंह जैसे लोगों को बतौर महासचिव शामिल किया है। चर्चाओं के अनुसार टीम सोनिया में दो बार से सबसे ज्यादा सांसद भेजने वाले आंध्र प्रदेश को प्रतिनिधित्व न मिलने पर दक्षिण में कांग्रेस को इसका खामियाजा भुगतना पड़ सकता है।

कोई टिप्पणी नहीं: