शनिवार, 10 दिसंबर 2011

माडल स्कूल में निर्धारित नहीं है पाठ्यक्रम!


माडल स्कूल में निर्धारित नहीं है पाठ्यक्रम!

सीबीएसई या एमपी बोर्ड संशय बरकार



(अंशुल गुप्ता)

भोपाल। मध्य प्रदेश में विकास खण्ड स्तर पर आरंभ किए गए माडल स्कूल में पाठ्यक्रम को लेकर संशय की स्थिति बरकरार है। प्रदेश के 160 माडल स्कूल में हजारों की तादाद में विद्यार्थी पढ़ रहे हैं, आश्चर्य की बात है कि इसमें कोर्स अभी तक तय नहीं किया जा सका है। इसमें मध्य प्रदेश बोर्ड या सीबीएसई को फालो किया जाए इस पर से कुहासा नहीं हट सका है।

स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा ब्लॉक स्तर पर पिछले सत्र में शुरू किए गए मॉडल स्कूलों में कौन सा कोर्स पढ़ाया जाए, अभी तक तय नहीं हो सका है। हालांकि मौजूदा सत्र में बच्चों को माध्यमिक शिक्षा मंडल (माशिमं) का कोर्स पढ़ाया जा रहा है। इसी कोर्स को आगे भी जारी रखने के लिए स्कूल शिक्षा विभाग ने कैबिनेट की मंजूरी लेने की कवायद शुरू कर दी है।

गौरतलब है कि भोपाल में 160 और पूरे प्रदेश में करीब 15 हजार बच्चे मॉडल स्कूलों में पढ़ रहे हैं। पिछले शैक्षणिक सत्र के दौरान प्रदेश के 201 ब्लॉकों में मॉडल स्कूल शुरू किए गए थे। इस दौरान ज्यादातर अभिभावकों ने ये सोचकर मॉडल स्कूलों में अपने बच्चों का दाखिला करवाया था कि यहां सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकंडरी एजुकेशन (सीबीएसई) का कोर्स पढ़ाया जाएगा। लेकिन यहां कौन सा कोर्स पढ़ाया जाए, विभाग द्वारा इसकी आधिकारिक मंजूरी अभी तक नहीं दी गई है।

शिक्षा के समवर्ती सूची में आने के बाद प्रदेश सरकार केंद्र से 75 फीसदी अनुदान लेने के बाद ही अपने यहां का कोर्स स्कूलों में संचालित कर सकती है। राज्य सरकार मॉडल स्कूलों में माशिमं कोर्स संचालित करने की मंजूरी मंत्रिमंडल के माध्यम से दिलवाना चाहती है। स्कूल शिक्षा विभाग के सूत्रों का कहना है कि मॉडल स्कूलों में कौन सा कोर्स पढ़ाया जाए, इस विषय पर अभी निर्णय होना है। देरी से मिले बजट के कारण मॉडल स्कूलों में अभी माध्यमिक शिक्षा मंडल का कोर्स पढ़ाया जा रहा है।

1 टिप्पणी:

DHARMENDRA ने कहा…

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