सोमवार, 24 सितंबर 2012

पूर्वोत्तर में बाढ़ का कहर


पूर्वोत्तर में बाढ़ का कहर

(शरद खरे)

नई दिल्ली (साई)। पूर्वोत्तर राज्यों में बाढ़ के तेवर गंभीर होते जा रहे हैं। अरूणाचल प्रदेश से समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया के ब्यूरो ने बताया कि राज्य में बाढ़ और वर्षा से राज्य के अधिकतर हिस्सों में जनजीवन बाधित है। राज्य के जल संसाधन विकास मंत्री नेवलई टिंगखतरा ने बाढ़ प्रभावित इलाकों का विमान से सर्वेक्षण किया और स्थिति का जायजा लिया। राज्य में करीब डेढ़ लाख लोग बाढ़ से पीड़ित हैं। तीन हजार लोगों ने १९ राहत शिविरों में शरण ली हुई है। राज्य में सड़क यातायात और बिजली तथा पानी की सप्लाई बुरी तरह प्रभावित हैं।  सभी बड़ी नदियां उफान  पर है। सभी स्कूल और कॉलेज बंद करा दिये गये हैं।
समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया के सिक्किम ब्यूरो ने बताया कि राज्य में बाढ़ और चट्टाने खिसकने से प्रभावित  इलाकों में लगातार बारिश के कारण राहत और बचाव कार्यों  में दिक्कत आ रही है। मंगन -चुंगचांग राजमार्ग पर फिर से चट्टाने खिसकने की खबर है। सिक्किम के उत्तरी इलाके राज्य के बाकी हिस्सों से कटे हुए हैं। बाढ़ और चट्टाने खिसकने की घटनाओं में अब तक १६ लोगों की मौत हो गई है, जिनमें सीमा सड़क संगठन और भारत-तिब्बत सीमा पुलिस के जवान भी शामिल हैं। पांच लोग अब भी लापता हैं।
उधर, यूपीए अध्यक्ष श्रीमती सोनिया गांधी ने अरूणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री नाबाम तुकी को आश्वासन दिया है कि राज्य में बाढ़ से हुए नुकसान का जायजा लेने के लिए केंद्र जल्द ही एक टीम वहां भेजेगा। नई दिल्ली में मुख्यमंत्री के साथ मुलाकात के दौरान श्रीमती गांधी ने कहा कि अरूणाचल में बाढ़ की बिगड़ती स्थिति के बारे में केंद्र को जानकारी है और बाढ़ से हुए नुकसान की भरपाई के लिए सभी संभव सहायता दी जायेगी।
इसके साथ ही साथ हिमाचल प्रदेश में घास और झाड़ियों में मौजूद कीटों के काटने से होने वाली बीमारी स्क्रब टाइफस से कम से कम आठ लोगों की मौत हो गई है जिनमें अधिकतर महिलाएं हैं। ११७ लोगों में इस बीमारी की पुष्टि हुई है। इस बीमारी के ज्यादातर मामले शिमला, बिलासपुर, हमीरपुर और मंडी जिलों में सामने आए हैं।

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