सोमवार, 18 फ़रवरी 2013

विलंब से फैसला वाकई समस्या: कबीर


विलंब से फैसला वाकई समस्या: कबीर

(जलपन पटेल)

अहमदाबाद (साई)। न्यायिक प्रक्रिया में विलंब पर देश के प्रधान न्यायधीश भी चिंतित हैं। उनका मानना है कि आपराधिक मामलों में निर्णय में होने वाला विलंब वास्तव में दुखद है। अमूमन मामलों के निपटारण में डेढ़ दशक तक का समय लग जाता है। देश के प्रधान न्यायधीश न्यायमूर्ति कबीर ने यहां आपराधिक न्याय प्रशासन विषय पर न्यायमूर्ति पीडी देसाई स्मारक व्याख्यान में अपनी इस पीड़ा का इजहार करते हुए कहा, कि आज एक बड़ी समस्या देरी है जहां अपराध का मामला दर्ज किये जाने से लेकर अंतिम रूप से दोषी ठहराये जाने तक पूरी प्रक्रिया में करीब 15 से 16 साल लग जाते हैं।
उन्होंने कहा, कि वे आशा करते हैं कि इस प्रक्रिया मे शामिल प्रत्येक व्यक्ति न्याय की प्रक्रिया को तेज करने के लिये अपनी जिम्मेदारी निभायेगा। उन्होंने कहा, कि इस तरह की एक घटना पिछले साल 16 दिसंबर को दिल्ली में हुई थी। पहली प्रतिक्रिया थी कि महिलाओं के खिलाफ अपराध के लिये त्वरित अदालतों का गठन किया जाये।

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