रविवार, 12 जून 2011

पीएम के त्यागपत्र पर बाबा की रहस्यमय चुप्पी!


ये है दिल्ली मेरी जान

(लिमटी खरे)

पीएम के त्यागपत्र पर बाबा की रहस्यमय चुप्पी!

भ्रष्टाचार और काले धन पर इक्कीसवीं सदी के योग गुरू राम किशन यादव उर्फ बाबा रामदेव की चिंघाड़ से केंद्र सरकार सकते में है। बाबा रामदेव के अनशन को विफल करने सरकार ने क्या क्या जतन नहीं किए। प्रणब मुखर्जी और कपिल सिब्बल ने बाबा को रोकने जमीन आसमान एक कर दिया। कांग्रेस महासचिव राजा दिग्विजय सिंह के जहर बुझे तीर भी बाबा के आवेग को नहीं रोक सके। फिजा में खबर फैल गई कि अन्ना हजारे के मानिंद कांग्रेस के प्रबंधकों ने बाबा रामदेव को भी मैनेज करने के लिए तरह तरह के स्वांग रचे। बाबा रामदेव से कई दौर की बातचीत भी हुई। मीडिया से चर्चा में बाबा ने सदा ही कहा कि बातचीत सकारात्मक रही, पर बातचीत का मसौदा बताने से वे सदा ही हिचके। 4 और 5 जून की दर्मयानी रात में बाबा रामदेव काफी व्यथित, घबराए दिखे। कारण साफ था, कांग्रेस ने बाबा की कोई कमजोर नस दबा दी थी। बाद में बाबा ने स्त्री का वेश धारण कर वहां से गमन करना चाहा पर सफल नहीं हो पाए। पुलिस गिरफ्त में आने के बाद बाबा ने अपने गेरूए वस्त्र अचानक ही त्याग दिए, फिर वे दिखाई दिए तो सफेद कुर्ते पायजामे में। राजनैतिक वीथिकाओं में बाबा रामदेव के श्वेत धवल वस्त्रों का राज और मायने खोजे जा रहे हैं, क्यांेकि बाबा संघर्ष के दिनों में सफेद धोती कुर्ता पहना करते थे। बहरहाल इतना सब होने के बाद भी प्रधानमंत्री डाॅ.मनमोहन सिंह के त्यागपत्र पर बाबा रामदेव की चुप्पी के अनेक मतलब लगाए जा रहे हैं।

अण्णा ने सोनिया को दिखाए दांत

भ्रष्टाचार के खिलाफ जनता को एक जुट करने वाले समाजसेवी अन्ना हजारे ने देश के वजीरे आजम डाॅक्टर मनमोहन सिंह को अण्णा हजारे ने स्वच्छ छवि वाला अच्छा इंसान बताया है। कांग्रेस की राजमाता श्रीमति सोनिया गांधी का नाम लिए बिना अन्ना बहुत कुछ बोल गए। बकोल अण्णा समस्या रिमोट कंट्रोल में है। भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई में वे लोग मुसीबत पैदा कर रहे हैं जिनके हाथ में मनमोहन का रिमोट कंट्रोल है। कम समय में अण्णा हजारे राजनीति का मर्म समझ गए और फिर उन्होंने असली जड़ को भी पहचान लिया। सोनिया गांधी भले ही अपने आप को त्यागी और बलिदानी बताकर देश विदेश की तमाम पत्र पत्रिकाओं के कव्हर पेज पर स्थान पा जाएं किन्तु देश की राजनीति का रिमोट अपने हाथ में वे ही रखती हैं इस बात से इंकार नहीं किया जा सकता है। एक पत्रिका ने तो सोनिया पर आरोप जड़ा है कि वे सोवियत संघ के रास्ते कुछ माल को इधर से उधर भी कर रही हैं।

सिब्बल बने कांग्रेस के नए संकटमोचक

कांग्रेस में वर्तमान संकटमोचक अर्थात ट्रबल शूटर की भूमिका में मानव संसाधन मंत्री कपिल सिब्बल ही नजर आ रहे हैं। जब भी कांग्रेसनीत संप्रग सरकार पर कोई संकट आ रहा है सिब्बल तारण हार की भूमिका में सामने दिख जाते हैं। कांग्रेस अध्यक्ष श्रीमति सोनिया गांधी ने अण्णा हजारे के बाद बाबा रामदेव को अनशन न करने के लिए मनाने के लिए भी कपिल सिब्बल को ही पाबंद किया गया था। कपिल सिब्बल की फितरत से वाकिफ लोगों का कहना है कि वे बहुत ही घाघ और मंझे राजनेता है। बाबा रामदेव की मांगों को मानने के साथ ही साथ बाबा का जो पत्र सिब्बल ने मीडिया के सामने बाबा के कथित तौर पर नेपाली मूल के विश्वस्त साथी आचार्य बाल कृष्ण के उस पत्र को भी दिखा दिया जिसमें अनशन आरंभ होने के पहले ही उन्होंने अनशन समाप्ति की घोषणा कर दी थी। इस बार सिब्बल का दांव उल्टा पड़ा और बाबा रामदेव के समर्थन में देश का एक बहुत बड़ा वर्ग आ गया है।

जेल के कायदे सीख गए राजा

करोड़ों रूपयों के घोटाले के आरोपी पूर्व संचार मंत्री आदिमत्थू राजा पिछले कई दिनों से तिहाड़ जेल की रोटी खा रहे हैं। पहले जेल प्रशासन ने उनके नखरे सहे फिर आम कैदी की तरह ही व्यवहार करना आरंभ कर दिया। राजा के साथ के कैदी भी राजा के साथ उसी तरह का बर्ताव कर रहे हैं जैसा अन्य कैदियों के साथ करते हैं। जेल के अंदर ‘‘पैसा ही बोलता है‘‘ की बात राजा समझ चुके हैं। कैदियों को अपना मित्र बनाने के राजा ने घर से आने वाले खाने की तादाद में इजाफा करवा दिया है। शुरूआत में चिड़चिड़े और सदमा खाए ए.राजा अब खुश नजर आ रहे हैं। साथ के कैदियों को घर का खाना खिलाकर उनके साथ सुबह की सैर और शाम को खेलकूद कर अपना समय काट रहे हैं। 17 फरवरी को गिरफ्तार कर तिहाड़ पहुंचे राजा जेल के कायदे कानून पूरी तरह सीख चुके हैं। कैदियों को घर की इडली रसम खिलाकर वे सभी को प्रसन्न कर रहे हैं, और बदले में जेल के अंदर उन्हें उनके सेल के बाकी 14 कैदी उन्हें सुरक्षा प्रदान कर रहे हैं।

इच्छा मृत्यु मांगी बिट्टा ने!

युवक कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष एम.एस.बिट्टा अपनों से ही बेहद खफा हैं। आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई लड़ने वाले बिट्टा के इस काम को उनकी दुकानकी संज्ञा भी अनेकों बार दी जा चुकी है, पर बिट्टा इससे डिगे नहीं। हाल ही में उन्होंने कांगे्रसनीत कंेद्र सरकार से पत्र लिखकर इच्छा मृत्यु की मांग की है। बिट्टा का आरोप है कि सरकार जानती है कि वे आतंकवाद के खिलाफ अदालत में लड़ाई लड़ रहे हैं। उन्हें और उनके परिवार को लगातार जान से मारने की धमकियां मिल रही हैं। बावजूद इसके सरकार ने उनकी सुरक्षा में लगे राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड चार माह पहले हटा लिए हैं। बिट्टा को आशंका है कि राजनैतिक स्वार्थ के चलते आतंकियों के हाथांे उनकी हत्या की साजिश का ताना बाना बुना जा रहा है। अपनी ही सरकार से नाराज होकर किसी कांग्रेसी का यह कदम निश्चित तौर पर अन्य कांग्रेसियों के लिए क्या संदेश दे रहा है!

ममता की दरिया दिली

ममता बनर्जी ने रेल मंत्री रहते हुए जो काम किया है वह लोग हमेशा याद रखेंगे। ममता के रेल मंत्री रहते भारतीय रेल की चाल इस कदर बिगड़ी कि उसे पटरी पर आने में कम से कम एक दशक तो लग ही जाएगा। रेल मंत्रालय में एक बार फिर अफरशाही और बाबू राज कायम हो गया है। ठेकेदारों की पौ बारह हैं। ऋषिकेश से जम्मू चलने वाली रेल जैसी अनेक रेल गाडियां हैं जिनमें रसोई यान नहीं है पर अवैध वेन्डर्स पेंट्री वालों की यूनिफार्म में लोगों को ठग रहे हैं। ममता का सपना बंगाल में रायटर बिल्डिंग पर कब्जे का था जो पूरा हो गया। भारतीय रेल भाड़ में जाती है तो जाती रहे। कांग्रेस को भी सत्ता की मलाई चखनी थी सो चख ली। पर ममता को मानना ही पड़ेगा। सीएम बनने के बाद रायटर बिल्डिंग का उन्होनंे अपने मन मुताबिक इंटीरियर करवाया। इस इंटीरियर मंे खर्च हुए दो लाख रूपए का बिल उन्होंने मुख्य सचिव समर घोष को चेक से चुका दिया है। ममता का कहना है कि जहां उन्हें दस से बारह घंटे बैठना हो वह जगह उनके मन के मुताबिक होना चाहिए, इसके लिए वे सरकार पर वित्तीय बोझ डालने के पक्ष में नहीं हैं।

यह है हृदय प्रदेश की सुरक्षा का हाल सखे

देश के हृदय प्रदेश में शिव का राज है। मध्य प्रदेश में शिवराज सिंह के नेतृत्व में भाजपा सरकार किस तरह काम कर रही है, इस बात का प्रमाण अनेक घटनाओं से मिल रहा है। मध्य प्रदेश में कानून और व्यवस्था नाम की चीज बची नहीं दिख रही है। हाल ही में केद्रीय मंत्री और मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष कांति लाल भूरिया के इंदौर स्थित आवास पर हुई चोरी से दिल्ली में सियासत गर्मा रही है। कहा जा रहा है कि एमपी कांग्रेस के निजाम सदा से ही भाजपा के पे रोलपर काम करते आए हैं, यही कारण है कि 2003 के बाद प्रदेश में कांग्रेस का जनाधार तेजी से गिरा ही है। अनेक मुद्दे हाथ लगने के बाद भी कांग्रेस उन्हें नहीं भुना पाई। हाल ही में निजाम बदला और उसके आवास पर चोरी हो गई। चोर आए बाकायदा घर में रखी बियर पी, काजू खाए और चोरी कर हो गए फरार। भूरिया इस मामले में खामोशी ओढ़े हैं। सियासी हल्कों में कहा जाने लगा है कि लगता है भूरिया भी भाजपा से मैनेज ही हो गए हैं।

बेवड़ों की आयु निर्धारण पर बिग बी को आपत्ति!

महाराष्ट्र सरकार द्वारा शराब का सेवन करने वालों की न्यूनतम आयु 25 बरस करने पर सदी के महानायक अमिताभ बच्चन हैरान हैं। अमिताभ का कहना है कि 21 साल में आप वोट डाल सकते हैं, सेना में नौकरी पाकर देश की सेवा कर सकते हैं, पर शराब के सेवन के लिए आप अभी बच्चे हैं तो कीजिए 25 बरस तक इंतजार। सालों पहले शराब और सिगरेट से तौबा करने वाले अमिताभ बच्चन ने फिल्म शराबी में जो अभिनय किया था उसकी तारीफ आज भी लोग मुक्त कंठ से ही किया करते हैं। इतना ही नहीं अमिताभ के जनक हरिवंश राय बच्चन जिन्होंने मदिरा को हाथ नहीं लगाया उनकी लिखी मधुशाला आज भी प्रासंगिक हैं। प्रश्न तो यह है कि अगर महाराष्ट्र की सरकार चाह रही है कि लोग शराब जैसी सामाजिक बुराई से कम से कम 25 बरस की उमर तक दूर रहें तो इसमें भला किसी को क्या आपत्ति होना चाहिए! बिग बी को तो चाहिए था कि वे इस उमर को 25 के बजाए 35 करने की वकालत करते।

अरबपति मंत्री के राजसी ठाठबाट

देश में जनसेवक कौन है, वो जो अपनी शानो शौकत दिखाने के लिए समाज में स्थान पाने लाल बत्ती चमकाए या वो जो वाकई जरूरत मंद लोगों के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर करे! आजादी के वक्त जरूर जनसेवक इस तरह के काम किया करते थे, अब हालात बदल गए हैं। आज के जनसेवक करोड़पति हैं और जनसेवा के माध्यम से वे ज्यादा से ज्यादा पैसा जुगाड़ने में लगे हुए हैं। भाजपा की कर्नाटक में किरकिरी करवाने वाले रेड्डी बंधुओं के ठाठ बाट देखते ही बन रहे हैं। पहले राजा महाराजाओं के लिए यह कहा जाता था कि वे सोने के सिंहासन पर बैठा करते थे, और सोने चांदी के बर्तनों में खाना खाते थे। 153 करोड़ 49 लाख रूपए की संपत्ति वाले सूबे के पर्यटन मंत्री जी.जनार्दन रेड्डी सवा दो करोड़ रूपए मूल्य की सोने की कुर्सी पर बैठते हैं और उनके घर की कटलरी भी सोने चांदी की ही है। रेड्डी को 31 करोड़ 54 लाख रूपए सालाना पगार भी मिलती है अपने व्यापार से। अब बताईए क्या इस तरह के जनसेवकों से कुछ जनसेवा की उम्मीद की जाए।

आतंकी शरणगाह बना शांति का टापू

मध्य प्रदेश को शांति का टापू कहा जाता रहा है। पिछले कुछ सालों से मध्य प्रदेश में आतंकवादियों की आवाजाही को देखकर लगने लगा है कि आतंकवादियों ने इस सूबे को अपना आरामगाह बना लिया है। मध्य प्रदेश में मालवा, निमाड़ और महाकौशल में आतंकवादियों और कट्टरपंथियों ने अपना शरणगाह बना लिया है। मालवा के प्रमुख शहर रतलाम में सिमी के गुर्गों और एटीएस के बीच हुई मुटभेड़ में एक कांस्टेबल शहीद हो गया। दिल्ली स्थित केंद्रीय गृह मंत्रालय में इसके बाद भी हलचल न दिखाई देना आश्चर्य का ही विषय माना जा सकता है। इसके पहले एमपी के ही जिला मुख्यालय सिवनी के रिहाईशी इलाके में में बारूद से डेटोनेटर बनाते एक अधेड़ के परखच्चे उड़ गए थे, इसके बाद भी खुफिया एजंेसियों की नींद नहीं टूटी। मालवा और निमाड़ में अफीम की तस्करी से मिलने वाली रकम इनके बड़े काम आती है।

हाई सिक्यूरिटी जोन में हत्या

दिल्ली के जनपथ को हाई सिक्योरिटी जोन माना जाता है। जनपथ पर पूर्व गृह मंत्री शिवराज पाटिल के सरकारी आवास के पीछे तीन युवकों ने अपने साथी को बेरहमी के साथ पीट पीट कर मार डाला। दिल्ली पुलिस आपके लिए, सदैव का नारा अब फीका सा पड़ता दिख रहा है। दिल्ली में जब पुलिस की नाक के नीचे ही इस तरह की वारदात हो रही हो तो फिर बाकी अंचलों की कौन कहे। वैसे भी सांसदों के सरकारी आवास के बारे मंे आम धारणा यही है कि साठ फीसदी सांसद कभी कभार ही दिल्ली आते हैं, इसलिए उनके केयर टेकर नौकरों द्वारा उनके आवास और आवास के साथ बने सर्वेंट क्वार्टर को तीन से चार हजार रूपए महीने में ही किराए से दे दिया जाता है। दिल्ली में किराएदारों का पुलिस वेरीफिकेशन करवाने की बात कागजों पर बार बार हो जाती है, किन्तु हकीकत में एसा कुछ होता नहीं दिखता।

ममता की राह पर मुकुल

संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन सरकार की दूसरी पारी में देश का सबसे बड़ा दुर्भाग्य ही माना जाएगा कि देश का रेल मंत्रालय पश्चिम बंगाल से ही चल रहा है। पहले ममता बनर्जी ने रायटर बिल्डिंग पर कब्जा जमाने के लिए बंगाल से ही रेल मंत्रालय चलाया, और फिर काबिज हो ही गईं बंगाल की मुख्यमंत्री की कुर्सी पर। इसके बाद अब राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार मुकुल राय भी ममता बनर्जी की राह पर ही चलते हुए बंगाल से ही रेल मंत्रालय चला रहे हैं। मुकुल राय पर आरोप है कि उनके पास मंत्रालय जाने के लिए समय नहीं है, पर वे पश्चिम बंगाल को लेकर बहुत ही ज्यादा सजग नजर आते हैं। रेल मंत्री बनते ही मुकुल राय ने बंगाल की रेल परियोजनाओं की जानकारी मांगी है। रेल मंत्रालय के उच्च पदस्थ सूत्रों का कहना है कि मुकुल राय ने साफ इशारा कर दिया है कि ममता बनर्जी की प्राथमिकताओं को पहले पूरा किया जाए फिर किसी अन्य काम को हाथ लगाया जाए।

पुच्छल तारा

बाजार में हाथ की रेखाओं, अंक ज्योतिष और कुंडली आदि देखकर भविष्य बताने की न जाने कितनी दुकाने खुल गईं हैं। समाचार चेनल्स ने भी भगवा वस्त्र पहने तिलक धारियों को बिठाकर अपनी दुकाने चमकाना आरंभ कर दिया है। मनुष्य को कर्म पर विश्वास करना चाहिए न कि राशियों पर। इस बात को लिखा है भोपाल मध्य प्रदेश से संदीप गुप्ता ने। संदीप लिखते हैं कि कर्म से बड़ी चीज कोई नहीं होती। राम और रावण, कृष्ण और कंस, गांधी और गोडसे, ओबामा और ओसामा के अलावा न जाने कितने उदहारण हैं जिनमें राशियां एक सी हैं, पर कर्म! कर्म एकदम अलग अलग सो विश्वास करे सिर्फ कर्म पर गांधी बनने की कोशिश करें गोडसे बनने की नहीं।

शनिवार, 11 जून 2011

इस हफ्ते आड़वाणी और नाथ का बालाघाट दौरा


इस हफ्ते आड़वाणी और नाथ का बालाघाट दौरा

कान्हा भी जाएंगे आड़वाणी

भूरिया संग कमल नाथ 13 तो आड़वाणी 16 को रहेंगे एमपी में

(लिमटी खरे)

नई दिल्ली। केंद्र सरकार के दो मंत्री और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के पीएम इन वेटिंग आने वाले सप्ताह में मध्य प्रदेश प्रवास पर रहेंगे। लाल कृष्ण आड़वाणी 16 जून से दो दिवसीय प्रवास पर कान्हा आ रहे हैं, वहीं केंद्रीय मंत्री कमल नाथ और कांतिलाल भूरिया 13 जून को बालाघाट प्रवास पर रहेंगे।

प्राप्त जानकारी के अनुसार एमपीसीसी चीफ भूरिया के साथ कमल नाथ विशेष विमान से दिल्ली से रवाना होकर छिंदवाड़ा पहुंचेंगे जहां से वे हेलीकाप्टर के द्वारा बालाघाट जाएंगे। बालाघाट के कटंगी में कटंगी तिरोड़ी ब्राडगेज का भूमि पूजन करने के उपरांत मंत्री द्वय वहां से जबलपुर के लिए रवाना हो जाएंगे। जबलपुर से विशेष विमान से वे दिल्ली लौट जाएंगे।

उधर पूर्व उप प्रधानमंत्री एल.के.आड़वाणी का भी बालाघाट और मण्डला प्रवास होने की संभावनाएं व्यक्त की जा रही हैं। आड़वाणी को 16 जून को बालाघाट के विभिन्न कार्यक्रमों में भाग लेने का न्योता मिला है। यद्यपि आड़वाणी की ओर से इसकी सहमति नहीं दी गई है, तथापि उनके करीबी सूत्रों का कहना है कि वे 16 और 17 जून को मण्डला जिले के कान्हा नेशनल पार्क का भ्रमण कर सकते हैं। उधर कान्हा नेशनल पार्क के आधिकारिक सूत्र इस बात की ओर इशारा कर रहे हैं कि उन्हें आड़वाणी के नाम का तो पता नहीं किन्तु किसी अतिविशिष्ट हस्ती के आने के संकेत दिए गए हैं, जिसके चलते विभाग पूरी मुस्तैदी से अपने काम में जुट गया है।

शिव की बाबा गिरी से भाजपाई खफा


शिव की बाबा गिरी से भाजपाई खफा

(लिमटी खरे)

नई दिल्ली। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चैहान द्वारा बार बार बाबा रामदेव को तरजीह देने से भाजपा में दूसरी पंक्ति के नेताओं की भवें तनती प्रतीत हो रही हैं। रामलीला मैदान से बाबा रामदेव को खदेड़ने के बाद शिवराज सिंह चैहान ने बयान दिया था कि बाबा चाहें तो एमपी में आकर अनशन कर सकते हैं।

हाल ही में बाबा रामदेव को एक बार फिर महिमा मण्डित करने के लिए शिवराज सरकार ने बाबा रामदेव को शहीद चंद्रशेखर आजाद पुरूस्कार से नवाजने का मन बनाया है। 28 अप्रेल 2006 को प्रदेश सरकार द्वारा स्थापित इस पुरूस्कार में नियम कायदों से छेड़छाड़ कर दी गई है। बाबा रामदेव की मध्य प्रदेश यात्रा के दौरान भी बैतूल जिले में शिवराज ने बाबा रामदेव का भरपूर साथ दिया था।

भाजपा के एक वरिष्ठ पदाधिकारी ने नाम उजागर न करने की शर्त पर कहा कि बाबा रामदेव से सबसे अधिक खतरा कांग्रेस के बजाए भाजपा को है, इसका कारण यह है कि अगर बाबा रामदेव चुनावी समर में कूदे तो हिन्दू वोटों का ही बटवारा होना है, जिससे भाजपा के परंपरागत वोट बैंक में ही सेंध लगेगी। उधर कांग्रेस भी बाबा के आरोपों से बुरी तरह तिलमिलाई है। यही कारण है कि भाजपा और कांग्रेस दोनों ही मिलकर बाबा को साईड लाईन करने का जतन कर रही है, इन परिस्थितियों में चैहान द्वारा बाबा को ज्यादा वजन देने से भाजपा में शिवराज के खिलाफ माहौल बनना आरंभ हो गया है।

280 लाख करोड़ का सवाल है ...














 Jai Hind

शुक्रवार, 10 जून 2011

कमल नाथ ने क्षत्रपों को पछाड़ा

कमल नाथ ने क्षत्रपों को पछाड़ा
 
संपत्ति के मसले में अव्वल रहे कमल नाथ
नई दिल्ली (ब्यूरो) घपलों और घोटालों से घिरी संप्रग सरकार के प्रधानमंत्री डाॅ.मनमोहन सिंह ने अब अपनीछवि चमकाने का प्रयास आरंभ कर दिया है। इसी तारतम्य में उन्होंने पारदर्शिता के तहत अपनी संपत्तिवित्तीय वर्ष 2009 - 2010 तक की) सार्वजनिक कर दी है। प्रधानमंत्री के निर्देश पर मध्य प्रदेश में चार में सेमहज कमल नाथ ने ही अपनी संपत्ति सार्वजनिक कर खुद को पाक साफ दिखाने का सराहनीय प्रयास किया है। (
पीएमओ की वेब साईट पर डली जानकारी के अनुसार कमल नाथ और उनके परिजनों ने 23 कंपनियों मेंनिवेश किया है। स्पान मोटल्स, स्पान एयर प्राईवेट लिमिटेड, स्पान एग्रो प्रोपर्टीज, स्पान प्लांटेशन, स्पान बीचरिसोर्टस, ईएमसी अलाय आदि में उनका निवेश है। इसके अलावा दिल्ली के सुल्तानपुर में दो करोड़ 67 लाखरूपए की जमीन एवं बैंक खाते में लगभग एक करोड़ 41 लाख रूपए जमा हैं। कमल नाथ की पत्नि एवं पूर्वसांसद अलका नाथ के पास दो करोड़ 30 लाख रूपए की संपत्ति एवं पुत्र नकुल एवं बकुल के अलावा पुत्रवधू के 20 से ज्यादा कंपनियों में शेयर हैं।
कमल नाथ के अलावा मध्य प्रदेश कोटे से मंत्री बने ज्योतिरादित्य सिंधिया, कांति लाल भूरिया एवं अरूणयादव ने इस मामले में ज्यादा दिलचस्पी नहीं दिखाई है। घोषित की गई संपत्ति में प्रधानमंत्री के पास स्टेट बैंकआॅफ इंडिया में दो करोड़ 70 लाख के फिक्स डिपाजिट, चंडीगढ़ में नब्बे लाख का मकान, दिल्ली के मंहगेरिहाईशी इलाके बसंत कुंज मंे अठ्ठयासी लाख का एक फ्लेट है।
अन्य मंत्रियों की घोषित संपत्ति करोड़ों में है। रक्षा मंत्री .के.अंटोनी मनमोहन सरकार के सबसे गरीब मंत्री हैं, जिनके पास एक लाख से कम की सेविंग है। पत्नि के नाम एक मकान और प्लाट जिनकी कीमत तीस लाखरूपए है के अलावा सेकंड हेण्ड वेगन आर कार है जिसके लिए उन्होंने बैंक से एक लाख 36 हजार का ऋण भीलिया है।

गेंहूं पर भण्डारण का खतरा: एक साल का अग्रिम अनाज मांगा शिवराज ने

गेंहूं पर भण्डारण का खतरा: एक साल का अग्रिम अनाज मांगा शिवराज ने
नई दिल्ली (ब्यूरो) मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चैहान ने मध्य प्रदेश में गेंहूं के रिकार्ड उत्पादन का जिक्र करते हुएप्रधानमंत्री से कहा है कि गेंहूं का उचित भण्डारण अगर नहीं किया गया तो बारिश में गेंहू सड़ सकता है, इसलिएएक साल का अग्रिम अनाज एमपी को दे दिया जाए जिससे गरीबों में इसे बांटा जा सके। एक तरफ तो शिवराजगेंहूं के भण्डारण की समस्या बता रहे हैं, दूसरी तरफ एक साल का अग्रिम गेंहूं कहां रखेंगे, उसका भण्डारण कैसेहोगा, यह शोध का ही विषय माना जा रहा है।
मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चैहान ने प्रधानमंत्री डाॅ. मनमोहन सिंह से मुलाकात कर प्रदेश में गेहूंके भण्डारण के लिए पर्याप्त जगह होने के कारण हो रही समस्या को रेखांकित किया। श्री चैहान ने प्रधानमंत्रीको बताया कि इस वर्ष गेहूं की प्रदेश में रिकार्ड फसल हुई है और 49.4 लाख मीट्रिक टन गेहूं का उपार्जन कियागया है, लेकिन पर्याप्त गोदाम होने के कारण ज्यादातर गेहूं खुले में पड़ा है जिससे उसके खराब होने कीसंभावना है। अगर वर्षा से पहले इसका सही भण्डारण नहीं किया गया तो यह गेहूं खराब हो जाएगा।
श्री चैहान ने प्रधानमंत्री से आग्रह किया कि केन्द्र सरकार गेहूं का प्रदेश को एक साल का अग्रिम आवंटन कर देजिससे कि भण्डारण की समस्या हल भी हो जायेगी और राज्य सरकार गरीबी की रेखा के नीचे रहने वालेपरिवारों को तीन रुपये किलो की दर से अनाज उनमें बांट देगी। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले का हवालादेते हुए कहा कि अनाज को किसी भी हालात में सड़ने अथवा बेकार नहीं होने दिया जाय। इससे अनाज का भीसही उपयोग हो पायेगा और साथ ही जरूरतमंदों को भी सस्ते दाम पर अनाज मिल पायेगा। उन्होंने कहा किगेहूं को भारतीय खाद्य निगम भण्डारण कर ले।
श्री चैहान ने प्रधानमंत्री को बताया कि केन्द्र के मापदंडों के अनुसार मध्यप्रदेश में 41 लाख गरीबी रेखा के नीचेपरिवार हैं। सुरेश तेंडुलकर की रिपोर्ट के अनुसार भी प्रदेश में 48 प्रतिशत परिवार गरीबी रेखा के नीचेजीवन-यापन कर रहे हैं। श्री चैहान ने कहा कि राज्य सरकार के अनुसार 67 लाख परिवार इस समय गरीबीरेखा के नीचे  हैं।
श्री चैहान ने अनुरोध किया कि केन्द्र सरकार शीघ्रतिशीघ्र निर्णय लेकर अगले वर्ष का अग्रिम अनाज का कोटाआवंटित करें जिससे अनाज के भण्डारण की भी समस्या का निवारण होगा और साथ ही गरीबी रेखा के नीचेरहने वाले परिवारों को सस्ते दाम पर राज्य सरकार गेहूं वितरित कर पायेगी।
प्रधानमंत्री डाॅ मनमोहन सिंह ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चैहान की बातों को ध्यानपूर्वक सुना और इस संबंधमें हरसंभव सहायता देने का आश्वासन दिया।