बुधवार, 24 अप्रैल 2013

भूतप्रेत कल्पना बनकर रह गई ब्राडगेज!


भूतप्रेत कल्पना बनकर रह गई ब्राडगेज!

(अखिलेश दुबे)

सिवनी (साई)। सिवनी में ब्राडगेज एक दिवा स्वप्न नहीं भूत प्रेत की काल्पनिक कथा बनकर रह गई है। तिस पर से करेला और नीमचढ़ा की कहावत को चरितार्थ करते हुए नैनपुर से बरास्ता सिवनी होकर छिंदवाड़ा जाने वाली सिवनी की छुकछुक गाड़ी इन दिनों बढ़ी यात्रियों की संख्या के दबाव में चरमराती दिख रही है।
छोटी लाईन पर यात्रियों की संख्या के दबाव से जहां रेल का परिसंचालन गड़बड़ा गया है, वहीं यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बताया जाता है कि उपरी राजनैतिक दबाव के चलते सिवनी में नेरोगेज के अमान परिवर्तन का मार्ग रूक गया है।
ज्ञातव्य है कि वर्तमान में ग्रीष्मकालीन अवकाश का मौका है। शादी ब्याह मेले ठेले के चलते छोटी रेल में यात्रियों की तादाद में जमकर इजाफा दर्ज किया जा रहा है। आलम यह है कि यात्री इनके डब्बों में मवेशियों के मानिंद ही भरे हुए हैं। इसके साथ ही साथ इस रेल में एमएसटी यानी रोजाना आने जाने वाले यात्रियों का दबाव अलग से है।
दक्षिण पूर्व मध्य रेल के इस नेरोगेज पर चलने वाली विभिन्न रेल ट्रेन्स को सीएन नाम दिया गया है। नैनपुर से ंिछंदवाड़ा जाने वाले मार्ग पर सिवनी एक प्रमुख और मध्य में पड़ने वाला स्टेशन है, जहां से प्रतिदिन छिंदवाड़ा और नैनपुर की ओर जाने वाले यात्रियों की खासी तादाद देखी जाती है।
इस रेल खण्ड का उपयोग ग्रामीण इसलिए भी करना पसंद करते हैं क्योंकि इसमें यात्रा करना अपेक्षाकृत सस्ता है। नैनपुर से आगे जबलपुर और छिंदवाड़ा के आगे भोपाल जाने के लिए लोग इन्ही रेल गाड़ियों का प्रयोग करते हैं। छिंदवाड़ा से पेंचव्हेली और नई दिल्ली जाने वाली पातालकोट एक्सप्रेस का लुत्फ भी यात्री उठाते हैं।
छोटी लाईन में यात्रियों की रेलमपेल इस कदर होती है कि यात्री छतों पर भी सवारी करने से गुरेज नहीं करते हैं। एसा नहीं है कि रेल प्रशासन और सुरक्षा के लिए तैनात जीआरपी इससे अनजान है, किन्तु आश्चर्यजनक तथ्य यह है कि रेल प्रशासन इस मामले में नागपुर के जोनल कार्यालय के एक तुगलकी फरमान का हवाला देकर अपने हाथ खड़े कर लेता है।
रेल्वे विभाग के सूत्रों ने समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया को बताया कि जोनल मुख्यालय नागपुर के आदेश के तहत रेल के डब्बों की संख्या कम कर दी गई है, जो पहले से ही अपर्याप्त मानी जाती थी, लिहाजा यात्री जो पहले से ही ठसाठस भरकर यात्रा करने पर मजबूर थे, वे अब घास भूसे के मानिंद यात्रा पर मजबूर हैं।

शर्म से झुक गया सिवनी वासियों का सर


शर्म से झुक गया सिवनी वासियों का सर

(एस.के.खरे)

मध्य प्रदेश में सिवनी को भगवान शिव की नगरी के नाम से पहचाना जाता है। सिवनी वैसे तो कई बार राष्ट्रीय फलक पर छाया है पर इस बार सिवनी का नाम बुरे अर्थ में सामने आया है। देश भर में सिवनी के इस कृत्य की थू थू हो रही है। सिवनी के आदिवासी बाहुल्य घंसौर विकासखण्ड में जो हुआ वह वाकई मानवता को शर्मसार करने के लिए काफी है। प्रशासन भले ही इसे स्वीकार ना करे पर इस संबंध में प्रशासनिक विफलता सामने आई है।
सिवनी जिले में वर्ष 2008 में देश के मशहूर उद्योगपति गौतम थापर के स्वामित्व वाले अवंथा समूह के सहयोगी प्रतिष्ठान मेसर्स झाबुआ पावर लिमिटेड द्वारा कोल आधारित एक पावर प्लांट की संस्थापना का काम जारी है। यह संयंत्र आरंभ से ही विवादों में रहा है। यहां महाकौशल के राजनैतिक पहुंच संपन्न नेता नुमा ठेकेदारों की बपौती चलती है इस बारे में कई बार खबरें प्रकाश में आईं। सिवनी के मजदूर भले ही मनरेगा के बावजूद भी यहां से जीवीकोपार्जन के लिए बाहर जाते हों पर, यहां बिहार, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, हरियाणा आदि प्रांत से मजदूर काम करने के लिए लाए गए हैं। इस संयंत्र में अब तक लगभग दो दर्जन मजदूरों की संयंत्र की चिमनी के निर्माण के दौरान काल कलवित होने की खबरें भी हैं।
यक्ष प्रश्न तो यह है कि आखिर अब तक प्रशासन ने इसकी सुध क्यों नहीं ली। क्यों लोगों की चीत्कार प्रशासन के कानों में नक्कारखाने की तूती ही साबित हुई है। संयंत्र प्रबंधन द्वारा इसके पहले कर्मचारियों के साथ जो व्यवहार किया गया है वह किसी से छिपा नहीं है। मजदूरों की मांग थी कि संयंत्र प्रबंधन उन्हें परिचय पत्र जारी करे पर संयंत्र प्रबंधन ने तुगलकी रवैया अख्तियार करते हुए यह काम सुरक्षा के लिए तैनात एजेंसी के हवाले कर दिया।
आश्चर्य तो इस बात पर होता है कि सिवनी जिले के घंसौर में बनने वाले इस पावर प्लांट का एक भी कार्यालय जिला मुख्यालय सिवनी में नहीं है। जबलपुर में इसने अपना पत्राचार का कार्यालय खोला हुआ है। प्रशासन के साथ ही साथ जिले के जिम्मेदार कांग्रेस के सांसद बसोरी सिंह मसराम, विधायक हरवंश सिंह, भाजपा के सांसद के.डी.देशमुख, विधायक श्रीमति नीता पटेरिया, श्रीमति शशि ठाकुर और कमल मस्कोले ने भी जिले के हितों की चिंता नहीं की है।
कुछ बिन्दु ऐसे हैं जो आज भी अनुत्तरित हैं। सुरक्षा के मानकों के बारे में ही अगर विचार किया जाए तो घंसौर पुलिस ने अब तक यहां बाहर से आने वाले मजदूरों की मुसाफिरी दर्ज क्यों नहीं की? देखा जाए तो मुसाफिरी दर्ज कराने का काम आजादी के पहले से होता आया है। इस संयंत्र के अंदर होने वाली दुर्घटनाओं के बारे में पुलिस का रवैया लचीला ही बताया जाता है, इसका कारण क्या है?
दिल्ली में पांच साल की बच्ची के साथ हुए हादसे के बाद दिल्ली पुलिस ने एक एसीपी जो भारतीय पुलिस सेवा के अधिकारी होते हैं और एसएचओ को निलंबित किया है। सिवनी में एसा कुछ भी नहीं हुआ। अगर बाहर से आने वाले मजदूरों की मुसाफिरी दर्ज होती तो निश्चित तौर पर आरोपी फिरोज अब तक पुलिस की गिरफ्त में होता। अगर वह संयंत्र प्रबंधन का कर्मचारी है तो यह संयंत्र प्रबंधन की जवाबदेही बनती है कि वह पुलिस को उसके पास काम करने वाले ठेकेदारों और कर्मचारियों की जानकारी दे और अगर वह ठेकेदार का आदमी था तो पुलिस ने अब तक ठेकेदार के खिलाफ क्या कार्यवाही की?
इस पूरे मामले का एक और पहलू सामने आ रहा है वह है जिला जनसंपर्क कार्यालय का अजीव रवैया। 20 अप्रेल को जिला जनसंपर्क अधिकारी द्वारा पत्रकारों को एक एसएमएस और प्रेस नोट के जरिए यह बताया कि योनाचार की शिकार बच्ची के इलाज का पूरा खर्च मेसर्स झाबुआ पावर लिमिटेड द्वारा उठाया जाएगा। 22 अप्रेल को जारी प्रेस नोट में कहा गया है कि उस बच्ची के इलाज का पूरा खर्च मध्य प्रदेश सरकार उठाएगी। सवाल यह है कि पीआरओ जैसे जिम्मेदार पद पर बैठे अफसर आखिर अति उत्साह में पहले झाबुआ पावर फिर प्रदेश सरकार के सर पर इस बच्ची के इलाज का भोगमान डाल रहे हैं, को उचित माना जाएगा?
शिवराज सिंह चौहान की छवि प्रदेश में बच्चों के मामा की बनी नहीं बनाई गई है। शिव के राज में बच्चियां महफूज नहीं हैं। विडम्बना देखिए कि मध्य प्रदेश की संस्कारधानी जबलपुर में उस बच्ची को इलाज के लिए भर्ती कराया गया जो नाकाफी ही साबित हुआ। बाद में उसे महाराष्ट्र की संस्कारधानी नागपुर भेजा गया। जहां चिकित्सकों ने इसके प्राथमिक इलाज में लापरवाही बरतने के संकेत दिए हैं। क्या शिवराज सिंह चौहान और भाजपा द्वारा सवा नौ सालों के राज में प्रदेश में माकूल चिकित्सा सुविधाएं मुहैया कराने में अपने आप को अक्षम पा रही है जो वह नागपुर के निजी चिकित्साल की ओर ताक रही है?
बहरहाल, जिला एवं पुलिस प्रशासन को चाहिए कि अतिसंवेदनशील सिवनी में बाहर से आने वालों की मुसाफिरी दर्ज कराने और मकानमालिक के कंधों पर किराएदारों की पहचान सुनिश्चित कर उनके दस्तावेजी प्रमाण संबंधित थाने में जमा कराने की व्यवस्था तत्काल प्रभाव से की जाए, साथ ही साथ मेसर्स झाबुआ पावर लिमिटेड के महाप्रबंधक को लापरवाही के लिए दण्डित करने की कार्यवाही करने के साथ इस काम में लापरवाही बरतने वाले घंसौर के नगर निरीक्षक, लखनादौन अनुविभाग के एसडीओपी पर उचित कार्यवाही करे, ताकि शांति के टापू सिवनी में बच्चियां और महिलाए और आम नागरिकं चैन की सांस ले सकें।

जिले के योजनाबद्ध विकास को कृतसंकल्पित हैं भरत यादव


जिले के योजनाबद्ध विकास को कृतसंकल्पित हैं भरत यादव

सिवनी (साई)। सिवनी जिले के नावगत जिला कलेक्टर भरत यादव युवा एवं उर्जावान हैं। बतौर कलेक्टर यह उनकी पहली तैनाती है। समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया के साथ चर्चा के दौरान उन्होंने हर सवाल का बेबाकी के साथ जवाब दिया। हर पहलू पर उन्होंने गंभीरता के साथ योजनाबद्ध विकास और कार्ययोजनाओं का क्रियान्वयन करने की बात कही है। शहर को सुंदर बनाने के लिए उन्होंने अपनी प्राथमिकताएं तय कर रखीं हैं। मीडिया के संबंध में भी यादव ने अपनी बात खुलकर रखी। उन्होंने मीडिया को संयम बरते की सलाह भी दी। समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया के ब्यूरो कार्यालय से एस.के.खरे, संजीव प्रताप सिंह और महेश रावलानी द्वारा जिला कलेक्टर भरत यादव से की गई चर्चा के मुख्य अंश:
साई न्यूज: कानून और व्यवस्था की स्थिति और आने वाले समय में जिला प्रशासन की क्या योजनाएं हैं?
श्री यादव: सिवनी वैसे तो शांतिप्रिय जिला है किन्तु कुछ तत्वों द्वारा यहां अशांति फैलाने की कोशिश की गई है। यह हमारा और एसपी साहब का पहला जिला है। एसपी साहब बहुत अनुभवी हैं, वे जबलपुर जैसे जिले में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक के पद पर पदस्थ रहे हैं। जिला प्रशासन में हर स्तर के अधिकारी चाहे वह दण्डाधिकारी हो, पुलिस का हो या राजस्व का अथवा किसी अन्य विभाग का सभी के बीच बेहतर समन्वय बनाने का प्रयास किया जाएगा। सभी मिलकर सिवनी के नागरिकों से सलाह मशविरा कर सिवनी के विकास के मार्ग प्रशस्त करेंगे।
साई न्यूज: सिवनी में पिछले दिनों जो अप्रिय घटनाएं हुईं उसे क्या आप इंटेलीजेंस फेल्युअर के बतौर देखते हैं?
श्री यादव: नहीं! एसा नहीं है, सिवनी में पिछले दिनों जो घटनाएं हुईं, कर्फयू लगा, बमों की बरामदगी हुई, हथियार मिले वह इंटेलीजेंस विभाग के कारण ही मिला है। सिवनी में जो कुछ हुआ वह एसटीएफ जबलपुर द्वारा की गई कार्यवाही हो सकती है पर इसमें जिला विशेष शाखा का इनपुट भी रहा है। अभी हाल ही में सनसनीखेज अपराधों की समीक्षा के दौरान यह बात सामने आई कि ढाई किलो के सोने की लूट का मामला भी पकड़ा गया था। रही बात धूमा के दोहरे हत्याकांड की तो एक पखवाड़े के अंदर इस मामले में सफलता मिलने की पूरी उम्मीद है। प्रंद्रह दिन के अंदर पुलिस हत्यारों तक पहुंच जाएगी।
साई न्यूज: सिवनी में बम मिलने की घटना के बाद प्रशासन की ओर से मीडिया को इस संबंध में कोई जानकारी नहीं दी गई!
श्री यादव: अगर, एसा हुआ है तो गलत है। कोई भी घटना के घटने के उपरांत उसकी जानकारी मीडिया को अवश्य ही देना चाहिए। हमने जनसंपर्क अधिकारी से कहा है कि वे इस तरह के मामले में तत्काल मीडिया को सूचना अवश्य दें। कर्फयू के दरम्यान मीडिया की शिकायतें भी आईं। कर्फयू के दरम्यान कुछ अखबारों ने संयम नहीं बरता। कुछ आपत्तिजनक बातें भी प्रकाशित हुईं जिससे तनाव फैला। मीडिया को समाज को देखते हुए संयमित भाषा का प्रयोग करना चाहिए। अफवाहें ना फैलें इसका विशेष ध्यान रखना चाहिए। साथ ही साथ प्रशासन को भी पारदर्शिता बरतनी चाहिए। हमने पीआरओ को कहा है कि वे मीडिया से सहयोग लें, मीडिया को सहयोग दें। हमने पीआरओ को निर्देश दिए हैं कि मीडिया से जुड़े लोगों की सूची 25 अप्रेल तक अद्यतन कर लें।
साई न्यूज: खवासा बार्डर पर सदा ही जाम लगा रहता है. . .।
श्री यादव: हां, इसकी जानकारी हमें है, हमने इसकी भी कार्ययोजना तैयार की है। वहां अनावश्यक जाम लगा रहता है। हम जल्द ही खवासा में छापे मारने की तैयारी कर रहे हैं। खवासा में विभिन्न विभागों की जांच चौकियां हैं। खवासा में जांच चौकियों में शासन के अनेक विभागों द्वारा जांच कर राजस्व वसूला जाता है। जांच के दौरान सरकारी अमला अपना काम करे, पर जनता को इससे परेशानी ना हो इस बात का विशेष ध्यान रखा जाए।
साई न्यूज: शहर की बिगड़ेल यातायात व्यवस्था के बारे में. . .।
श्री यादव: हम जल्द ही यातायात को लेकर बैठक करने वाले हैं। उस बैठक में यातायात की समस्या को लेकर चर्चा की जाएगी फिर जो भी उपाय सामने आएंगे उन्हें लागू किया जाएगा। इसी तरह अतिक्रमण के संबंध में भी प्लानिंग कर कार्यवाही की जाना प्रस्तावित है।
साई न्यूज: दलसागर तालाब के सौंदर्यीकरण के संबंध में. . .।
श्री यादव: दलसागर के बारे में प्रयास जारी हैं। इसके लिए महाराष्ट्र के नागपुर से आर्कीटेक्ट को बुलवाकर मशविरा किया गया है। इसका प्रजेंटेशन बन चुका है, हमने देख लिया है। इसके सौंदर्यीकरण के लिए अब जनप्रतिनिधियों से उनकी निधि का सहयोग, प्रदेश और केंद्र सरकार की योजनाओं से राशि लाने का प्रयास और जनभागीदारी से इसका कायाकल्प किया जाएगा। इसमें अगर सिल्ट रह गई है, सिल्ट के टापू बन गए हैं तो उन्हें हटाया जाएगा। साथ ही साथ जरूरत पड़ी तो इसे गर्मी में खाली भी करवाया जाएगा।
साई न्यूज: जिला चिकित्सालय की व्यवस्थाओं के संबंध में आपका क्या मत है?
श्री यादव: स्वास्थ्य विभाग और महिला बाल विकास की संयुक्त बैठक 23 तारीख को रखी गई है। इसमें विभिन्न विषयों पर चर्चा कर जो हल निकलेगा उसे लागू करने का प्रयास होगा।
साई न्यूज: शहर की पेयजल व्यवस्था के संबंध में कार्ययोजना. . .।
श्री यादव: शहर की पेयजल की व्यवस्था मूलतः नगर पलिका के हाथों में है। इस बारे में समय समय पर हम सीएमओ और नगर पालिका अध्यक्ष से चर्चा करते रहते हैं। (साई न्यूज: पर 22 किलोमीटर दूर से फिल्टर किया पानी लाया जा रहा है. . .) हां हमे पता है। इस संबंध में 35 करोड़ रूपए की लागत की योजना बनाई गई है, जिसे स्वीकृति के लिए शासन को भेजा जाएगा।
साई न्यूज: घंसौर में लग रहे मेसर्स झाबुआ पावर लिमिटेड का प्लांट रक्षित वन में संस्थापित किया जा रहा है।
श्री यादव: देखिए, शासन ने इसके लिए जमीन अधिग्रहण की अनुमति दी है, इसका मतलब है कि वह सही है। अगर उसमें कुछ अनियमितताएं हैं तो उसकी जांच होगी।
साई न्यूज: फोरलेन के संबंध में कोई प्रगति!
श्री यादव: यह केंद्र सरकार का मसला है। इसमें टाईगर सेल से अनुमति मिल चुकी है, अब केंद्रीय वन एवं पर्यावरण विभाग की अनुमति की दरकार है। फिर मामला केंद्र की अनुमति के बाद आरंभ हो पाएगा।

जोगी ने रमन से मांगी आर्थिक मदद


जोगी ने रमन से मांगी आर्थिक मदद

(अभय नायक)

रायपुर (साई)। अजीत जोगी ने अपने रोबोटिक पैरों पर आ रहे 80 से 90 लाख रुपए का खर्च राज्य सरकार से उठाने का आग्रह किया है। उन्होंने राज्य सरकार को इसके लिए पत्र भी लिखा है। पूर्व मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार को याद दिलाते हुए कहा कि जब उनकी दुर्घटना हुई थी तब मुख्यमंत्री ने मेरे इलाज का पूरा खर्च उठाने का वादा किया था।
उन्होंने कहा कि उस समय मैंने राज्य सरकार से किसी भी तरह की सहायता नहीं ली थी। अब रोबोटिक पैरों का खर्चा ज्यादा है ऐसे में इसका भुगतान राज्य सरकार को करना चाहिए। जोगी का यह भी कहना है कि एक विधायक होने के नाते मेरे इस इलाज का खर्च सरकार को देना चाहिए। उन्होंने बताया कि मैंने इसके लिए राज्य सरकार को पत्र लिखा है पर अभी तक उसका जवाब नहीं आया है।
गौरतलब है कि रोबोटिक पैरों के लिए लगने वाली सेंट्रल एक्साइज ड्यूटी और एंट्री टैक्स केंद्र सरकार ने माफ किया है। अजीत ने बताया कि वे न्यूजीलैंड के विशेषज्ञ के मार्गदर्शन में रोबोटिक पैरों से चलने का प्रयास कर रहे हैं। वे रोबोटिक पैरों से चलकर 29 अप्रैल को जन्मदिन का केक काटेंगे।

देश में बढ़ रही है बाघों की संख्या


देश में बढ़ रही है बाघों की संख्या

(अमित कौशल)

नई दिल्ली (साई)। देश में बाघ बढ़ रहे हैं। सरकार ने मंगलवार को बताया कि देश में बाघों की संख्या में बढ़ोतरी के संकेत मिले हैं। पर्यावरण एवं वन राज्य मंत्री जयंती नटराजन ने राज्य सभा को बताया कि संशोधित पद्धति का उपयोग कर हर चार साल के अंतराल में एक बार किए गए आकलन में देश में बाघों की संख्या बढ़ने के संकेत मिले हैं।
उन्होंने बताया कि हालिया अखिल भारतीय अनुमान 2010 के अनुसार बाघों की संख्या बढ़कर 1706 तक हो सकती है, जबकि 2006 के अनुमान के अनुसार यह संख्या करीब 1411 थी। उन्होंने बताया कि 2013 में 34 बाघों की मौत हुई। इनमें से पांच बाघ शिकार के चलते मारे गए और तीन बाघों की मौत प्राकृतिक एवं अन्य कारणों से हुई। 26 बाघों की मौत के कारणों की जांच की जा रही है।
जयंती ने बीरेंद्र प्रसाद वैश्य के सवाल के लिखित उत्तर में बताया कि असम में अपने मूल स्थानों को छोड़कर अन्य जगहों पर आये बाघों के लिए मानक परिचालन प्रक्रिया को अपनाया जा रहा है। पर्यावरण एवं वन राज्य मंत्री ने विजय जवाहरलाल दर्डा के प्रश्न के लिखित उत्तर में बताया कि 2012-13 के दौरान विभिन्न राज्यों में रेल दुर्घटनाओं के कारण 16 हाथियों की मौत हुई जबकि वर्ष 2011-12 में यह आंकड़ा 13 था। जयंती ने बताया कि असम के काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान और उसके बाहर पिछले तीन वर्ष और चालू वर्ष के दौरान 18 गैंडे शिकार में मारे गए।
उन्होंने बताया कि कार्बेट बाघ रिजर्व के दक्षिणी भाग में 24 घंटे इलेक्ट्रॉनिक निगरानी की जा रही है और इसके लिए लंबी रेंज वाले इंटेलिजेंट थर्मल तथा इन्फ्रारेड कैमरों का प्रयोग किया जा रहा है।

उपभोक्ताओं के लिये अहम जानकारियां


उपभोक्ताओं के लिये अहम जानकारियां

(डी.बी.नायर)

बाजार में नित नये उत्पाद आ रहे है जिनसे आकर्षित होकर गा्रहक उन्हे क्रय कर रहे हैं ग्राहकों की मांग बढने से बाजार में नकली सामग्रियों का बोलबाला अधिक हो गया है उपभोक्ता असावधानी बर्ती तो निश्चित ही वे ठगा जाता है विशेष कर महिलाओं हेतु बाजार में आनेवाले कास्मेटिक सामग्री अथार्त फेस पाउडर, बाडीलोशन, विविध प्रकार की क्रीम आदि अनेकों सौंदर्य प्रसाधन सामग्रियों का नकली चलन अधिक बढ गया है। भ्रामक विज्ञापनों से सावधान रहें। इन सामग्रियों को क्रय करते समय उपभोक्ताओं को निम्न बातों पर विशेष ध्यान देवें।
1.          क्रय किये जाने वाली समस्त वस्तुओं का कैश मेमो अवश्य प्राप्त करें। रु. 100/- से अधिक के बेचे जाने वाली सामग्रियेां को केश विक्रेताअेंा को अनिवार्य रुप से देना है।
2.         उपभोक्ताओं को सामग्री पर मोलभाव करने का अधिकार है वस्तु खदीदते समय खुदरा मूल्य से अधिक राशि का भुगतान न करें।
3.         सामग्री क्रय करते समय उस पर लिखे विवरण निर्देशों एवं उपयोग के तरीकों को ध्यान से पढें।
4.         सामग्री के साथ वारंटी/गांरटी कंपनी द्वारा दी गई है तो विक्रेता से उसको भरवाकर उसकी सील सहित प्राप्त करें।
5.         जहां तक संभव हो महंगी सामग्री अधिकृत विक्रेताओं से ही क्रय करें।
6.         वस्तु क्रय करते समय उन पर आई.एस.आई/एगमार्क चिन्ह का अवलोकन अवश्य करें।
7.         सेवा प्राप्त करते समय या लेते समय सेवा प्रदाता द्वारा दी जा रही जानकारी को अच्छी तरह समझें।
8.         वस्तु और सेवा में कमी पाने पर अपनी शिकायत अवश्य दर्ज करावें।
9.         सामग्री क्रय करते समय पैंकिग तिथी, एक्सपायरी तिथी आदि अवश्य देखें।
10.        सामग्री क्रय करते समय निर्माता कंपनी के हेल्प लाईन/टोलफ्री नंबर अवश्य देखें जिन कंपनियों की सामग्री में हेल्प लाईन/टोलफ्री नंबर अंकित नही है वह सामग्री नकली होने की संभवना बढाता है।
11.        स्वर्ण आभूषण क्रय करते समय भारतीय मानक ब्यूरो के हालमार्क चिन्ह देखकर खरीदें।
12.        डाक्टर की पर्ची पर अंकित दवाईयां ही खरीदें अंकित औषधी न होने पर डाक्टर से संपर्क करें। दवाई का बिल अवश्य प्राप्त करें। 

सोमवार, 22 अप्रैल 2013

दामनि के बाद अब गुड़िया!


ये है दिल्ली मेरी जान

(लिमटी खरे)


दामनि के बाद अब गुड़िया!
देश की राजनैतिक राजधानी है दिल्ली। दिल्ली में आए दिन बलात्कार हो रहे हैं। देश में आदि अनादि काल से अबलाओं के साथ दुराचार होता आया है। इक्कीसवीं सदी आते ही बलात्कार में एक परिवर्तन देखने को मिला है। अब बलात्कार का शिकार मासूम और छोटी बच्चियां हो रही है। यह निश्चित तौर पर विकृति है। इस विकृत मानसिकता के लिए शोध जरूरी है। दरअसल, पश्चिमी देशों की नग्नता से परिपूर्ण संस्कृति को अपनाकर देश में विकृत मानसिकता का जन्म हो रहा है। भले ही कोई स्वीकार करे या ना करे पर देश में इस नग्नता को परोसने में कही ना कहीं इलेक्ट्रानिक मीडिया जवाबदार है। दामिनी के वक्त दिसंबर में जो तूफान उठा था, उससे लग रहा था कि आने वाले समय में इसकी पुनरावृत्ति शायद ही हो, पर वस्तुतः एसा हुआ नहीं। प्रधानमंत्री, देश के गृह मंत्री, दिल्ली की मुख्यमंत्री की नाक के नीचे ही बालाएं सुरक्षित नहीं तो फिर सुदूर ग्रामीण अंचलों की कौन कहे।

शिव से नाराज है संघ!
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान अपनी दूसरी पारी खेल रहे हैं। उन्हें लग रहा है कि वे 2013 में अपना तीसरा कार्यकाल आरंभ करके नरेंद्र मोदी की बराबरी पर जाकर खड़े हो जाएंगे। शिव के राज में जिस तरह से घालमेल हो रहा है उससे लग रहा है मानो शिव और उनके गणों को अहंकार हो गया है। शिवराज के मंत्रियों पर भ्रष्टाचार के जबर्दस्त आरोप लग रहे हैं। शिव के एक मंत्री विजय शाह को बड़बोलेपन के कारण कुर्सी से हाथ धोना पड़ा है तो अजय विश्नोई, कैलाश विजयवर्गीय जैसे मंत्री कतार में हैं। शिव के राज में अफसरशाही के बेलगाम घोड़े सरपट दौड़ रहे हैं। दिल्ली के झंडेवालान स्थित संघ मुख्यालय केशव कूंज के सूत्रों ने बताया कि एमपी में भाजपा के सुशासन के बजाए कुशासन से संघ नेतृत्व भी शिवराज से खासा खफा नजर आ रहा है।

बीमारी का नाटक किया ममता ने!
ममता बनर्जी और कांग्रेस के बीच सब कुछ सामान्य सा नजर नहीं आ रहा है। ममता बनर्जी कांग्रेस से खफा हैं। प्रधानमंत्री के साथ मुलाकात ममता ने रद्द कर दी। ममता दीदी ने तबियत नासाज होने की बात कहकर मुलाकात को रद्द किया। भोले भाले वजीरे आजम इस बात को मान गए। पर जब उन्हें बताया गया कि ममता दी तो उन्हें मामा बनाकर चली गईं तो वे भोंचक्के रह गए। पीएमओ के सूत्रों ने बताया कि ममता उसी रात में सांसद मुकुल राय के घर चुनिंदा संपादकों के साथ भोज किया जिसमें उन्होंने उनकी मनपसंद टाईगर प्रान और मटनकरी का स्वाद चखा। जब यह बात पीएमओ के जरिए सत्ता के शीर्ष केंद्र 10, जनपथ पहुंची तो सोनिया गांधी की भकुटी तन गईं। सोनिया ने अपने थिंक टेंक्स को बुलाकर इस मामले में विचार करने और ममता के भाजपा से जुड़ने की संभावनाओं पर भी विचार करने की बात कह डाली।

पंकज पचौरी पर लटक रही तलवार!
टीवी की आकर्षक नौकरी छोड़कर प्रधानमंत्री के मीडिया सलाहकार बने पंकज पचौरी लंबे समय से हैरान परेशान चल रहे हैं। इसका कारण पीएमओ में उनकी पूछ परख ही समाप्त हो जाना बताया जा रहा है। पंकज पचौरी के सर पर तलवार लटकी हैै। दरअसल, जबसे तेज तर्रार प्रवक्ता रहे मनीष तिवारी को सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय का काम सौंपा गया है तबसे पीएम काफी राहत महसूस कर रहे हैं। वैसे भी पचौरी पर आरोप हैं कि वे पीएम की छवि चमकाने में पूरी तरह से असफल ही साबित हुए हैं। यह बात किसी से छिपी नहीं है कि पचौरी को जनार्दन द्विवेदी और अंबिका सोनी ने पीएम का एडवाईजर इसलिए बनवाया था क्योंकि दोनों ही पीएम के पूर्व एडवाईजर हरीश खरे से खासे नाराज थे। अब मनीष तिवारी को भी पचौरी भा नहीं रहे हैं। उधर, पीएमओ के सबसे ताकतवर अफसर पुलक चटर्जी को भी पंकज की पीएमओ में उपस्थिति रास नहीं आ रही है।

सत्ता मोह में राजमाता ने बदली आस्था!
सत्ता जो ना करवाए कम है। कांग्रेस की राजमाता श्रीमति सोनिया गांधी वैसे तो इटली मूल की हैं। शादी के पहले और उसके बाद भी सोनिया ने कैथोलिक ईसाई धर्म को माना। जब तक राजीव गांधी जिंदा रहे तब तक सोनिया गांधी अपने बच्चों के साथ कम से कम क्रिसमस पर तो चर्च जाया करती थीं। इसके बाद उन्होंने यह सब बंद कर दिया। कहा जाता है कि सोनिया के सलाहकारों ने उन्हें मशविरा दिया है कि अगर सत्ता में रहना है तो यह सब करना ही पड़ेगा। वैसे सियासी हल्कों में यह बात भी तेजी से उभर रही है कि सोनिया गांधी कर्मकांडी हिन्दू कैसे बन सकती हैं, क्योंकि इंदिरा गांधी का विवाह फारसी फिरोज गांधी से हुआ था, इस लिहाज से सोनिया फारसी परिवार की बहू हैं। सत्ता मोह में इंसान से क्या क्या नहीं कराया जा सकता है इस बात की मिसाल है सोनिया गांधी का चर्च से दूरी बनाना।

सुस्त पड़ी है एमपीसीसी
मध्य प्रदेश में चुनाव के लिए महज सात माह से भी कम का समय बचा है। इसके बावजूद भी प्रदेश में कांग्रेस का कोई जलजला देखने को नहीं मिल पा रहा है। कांग्रेस को प्रदेश में मानो पक्षाघात हो गया हो। कांग्रेस बड़े बड़े मुद्दों पर महज रस्म अदायगी ही करती नजर आ रही है। कांग्रेस के नेताओं का मानना है कि कांग्रेस ही कांग्रेस को हराती है। हाल ही में महाकौशल अंचल के सिवनी में आदिवाीस बाहुल्य घंसौर में देश के उद्योगपति गौतम थापर के स्वामित्व वाले अवंथा समूह के सहयोगी प्रतिष्ठान मेसर्स झाबुआ पावर लिमिटेड के एक कथित कर्मचारी बिहार निवासी फिरोज खान ने चार साल की दुधमुही बच्ची के साथ बलात्कार किया, इसके बाद भी प्रदेश कांग्रेस मौन साधे बैठी है। लगता है गौतम थापर से सभी को बराबर चंदी मिल रही है, तभी तो रक्षित वन में नियम विरूद्ध लगने वाले इस प्लांट के बारे में किसी ने भी आवाज बुलंद करने की जहमत नहीं उठाई है।

जानते बूझते गरीब बना रही सरकार!
आप बुरा काम ना करें तो पुलिस और कोर्ट कचहरी जाने से बच सकते हैं, पर आपको बीमार होने से कोई रोक नहीं समता है। देश के स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री गुलाम नबी आजाद का मानना है कि देश में लगभग चार करोड़ लोग बीमारी की वजह से गरीब बन जाते हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन की एक रिपोर्ट का हवाला देते हुए उन्होंने कहा था कि शहरी क्षेत्र के 31 तो ग्रामीण क्षेत्र के 47 फीसदी लोग एसे हैं जिन्हें अपने इलाज के लिए अपनी संपत्ति बेचनी पड़ती है। आलम यह है कि ग्रामीण क्ष़्ोत्र के तीस फीसदी लोग आर्थिक कारणों से इलाज कराने ही नहीं जाते हैं। अब आप ही बताईए जब देश के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री का यह कहना हो फिर भी दवा कंपनियों और चिकित्सकों की सांठ गांठ से मरीज लुट रहे हों तो क्या कहा जाए?

मनरेगा बनी भ्रष्टाचार गारंटी योजना!
मध्य प्रदेश में कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष कांतिलाल भूरिया और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष भाजपा पर बोथरी कुल्हाड़ी से वार कर रहे हें। महात्मा गांधी राष्ट्रीय रोजगार गारंटी योजना को मनरेगा संबोधित करने पर एक बार सोनिया गांधी बरी तरह भड़क चुकी हैं। बावजूद इसके उनके अनुयाई और पार्टी जन आज भी इस योजना को मनरेगा कहकर ही संबोधित कर रहे हैं। भूरिया और अजय सिंह मनरेगा के भ्रष्टाचार की बात कहते हैं इस संबंध में अनेक होर्डिंग्स भी लगाए गए हैं। सियासी फिजां में यह बात जमर उछल रही है कि अगर वाकई ये दोनों नेता और कांग्रेस मनरेगा के भ्रष्टाचार पर इतना चिंतित हैं तो फिर कांतिलाल भूरिया लोकसभा और अजय सिंह राहुल विधानसभा में इस बात को क्यों नहीं उठाते हैं। मतलब साफ है कि हमाम में सब नग्न हैं, सिर्फ जनता को ही भरमाना चाह रहे हैं नेतागण।

राजभवन की वेब साईट पर नेहरू की सिगरेट!
देश के हृदय प्रदेश में लाट साहेब यानी राज्य पाल की आधिकारिक वेब साईट कुछ बयां कर रही है। इस साईट पर अनेक पुराने संस्मरणों का उल्लेख है। इसमें एनक्डोट्स बटन पर प्रदेश के राज्यपाल रहे एच.विनायक पाटस्कर के एक संस्मरण का उल्लेख है। ये 1957 से 1965 तक राज्य पाल रहे। इसमें लिख है कि एक बार भारत के प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू भोपाल यात्रा पर आए। अचानक ही राजभवन में पता चला कि पंडित नेहरू की पसंद वाली 555 सिगरेट राजभवन में स्टाक में नहीं है। तुरंत एक हरकारा विमान लेकर इंदौर गया जहां एयरपोर्ट पर ही एक नुमाईंदा 555 सिगरेट लेकर खड़ा था। नेहरू के लिए विशेष विमान से सिगरेट बुलवाई गई। क्या यहां नैतिकता की वर्जनाएं नहीं तोड़ी जा रही हैं। एक तरफ तो बीड़ी सिगरेट के विज्ञापन पर सरकार ने रोक लगाई हुई है, वहीं दूसरी ओर उसकी चर्चा वह भी पंडित जी के साथ सरकारी वेब साईट पर, वाह क्या कहने!

अब रमेश नहीं बचे कांग्रेस के दुलारे!
कांग्रेस के अंदर एक जुमला बड़ा मशहूर हुआ था कि हर मर्ज की दवा जयराम रमेश के पास है। अब जयराम रमेश के पास का जादुई पिटारा शायद कहीं खो गया है। कांग्रेस उनसे दूरी बनाकर चल रही है। दरअसल, यह जयराम रमेश और पलनिअप्पम चिदम्बर के बीच के शीत युद्ध का परिणाम है कि रमेश को अब कम भाव मिल रहा है। डायरेक्ट कैश ट्रांसफर स्कीम के प्रेजेंटेशन के समय राहुंल गांधी को इसका नाम पसंद नहीं आया तो इसमें बैनीफिट जोड़ दिया गया। अनेक प्रेस कांफ्रेंस में भी रमेश की अनुपस्थिति को नोट किया गया। अनेक स्कीम्स की प्रेस कांफ्रेंस में चिदम्बरम तो मोजूद रहे पर जयराम रमेश गायब रहे। मीडिया ने इस बात को नोट किया और कांग्र्रेस के आला नेताओं की मंशा को समझा जिसकी चर्चा जमकर हो रही है।

मोदी की राह में शूल बोते तोगड़िया!
हिन्दुत्व का चेहरा बनकर उभरे युवा नेता प्रवीण तोगड़िया के चेहरे पर अब झुर्रियां साफ दिखाई परिलक्षित होने लगी हैं। तोगड़िया का एकमात्र एजेंडा नरेंद्र मोदी को पीछे ढकेलना है। कहा जाता है कि इसमें उन्हें एल.के.आड़वाणी का आर्शीवाद प्राप्त है। भाजपा मोदी को आगे कर रही है तो तोगड़िया उन्हें हाशिए पर ढकेलने का काम कर रहे हैं। गुजरात के पिछले विधानसभा चुनाव में उन्होंने मोदी और उनके समर्थित उम्मीदवारों को हराने का असफल जतन किया जो मोदी की जानकारी में है। अब कहा जा रहा है कि तोगड़िया द्वारा शिक्षित वर्ग को भाजपा से तोड़ने का उपक्रम किया जा रहा है। तोगड़िया विवादस्पद मुद्दों को हवा देकर मोदी के विकास माड़ल को कमजोर करने की जुगत में दिख रहे हैं। अब देखना यह होगा कि संघ इस मामले में क्या रूख अख्तियार करता है।

अब सामी पर गिर सकती है गाज!
पीएमओ में राज्य मंत्री नारायण सामी के दिन खराब चल रहे हैं। सीबीआई छापों के चलते द्रमुक ने सरकार से समर्थन वापस ले लिया। कहा जा रहा है कि नारायण सामी को इन छापों की जानकारी पहले से ही थी। पीएमओ के सूत्रों का कहना है कि छापों के एक सप्ताह पूर्व फाईल मंत्री के पास से हरी झंडी प्राप्त कर चुकी थी। कांग्रेस के प्रबंधकों का मानना था कि सीबीआई की चाबुक से द्रमुक सरकार के सामने घुटने टेक देगी पर हुआ इससे उलट! वहीं दूसरी ओर मुलायम सिंह यादव ने सीबीआई की चाबुक की बात सार्वजनिक अवश्य की पर समर्थन वापस नहीं लिया। पीएमओ के सूत्रों का कहना है कि मामला अब कांग्रेस की राजमाता श्रीमति सोनिया गांधी के दरबार में पहुंच गया है। हो सकता है राजमाता इस मसले को गंभीरता से लेकर सामी के पर कतर दें।

पुच्छल तारा
दिल्ली का अबोध बालिका और सिवनी का चार वर्षीय बालिका का रेप इन दिनों सोशल नेटवर्किंग वेब साईट्स यानी सोशल मीडिया पर जमकर छाया हुआ है। इसमें एक चित्र लोगों को आकर्षित कर रहा है जिसमें तिरंगा में भारत का मानचित्र है और वह एक बच्ची को अपने दामन में छिपाए कह रहा है कि कहां छिपाउं तुझे, मेरी कोई सुनता भी नहीं है। यह है इक्कीसवीं सदी के भारत का स्वरूप!

रविवार, 21 अप्रैल 2013

अबोध बच्ची से रेप: पावर प्लांट अनिश्चित काल के लिए बंद!


अबोध बच्ची से रेप: पावर प्लांट अनिश्चित काल के लिए बंद!

(संजीव प्रताप सिंह)

सिवनी (साई)। मध्य प्रदेश के सिवनी जिले में देश के मशहूर उद्योगपति गौतम थापर के स्वामित्व वाले अवंथा समूह के सहयोगी प्रतिष्ठान मेसर्स झाबुआ पावर लिमिटेड के कथित कर्मचारी फिरोज खान द्वारा क्षेत्र की एक चार वर्षीय बाला के साथ किए गए योनाचार के विरोध में समूचा घंसौर सुलग चुका है। इससे भयाक्रांत प्लांट के कर्मचारी और ठेकेदारों ने रविवार को प्लांट से पर्याप्त दूरी बनाकर रखी। कहा जा रहा है कि पावर प्लांट का काम अनिश्चितकाल के लिए बंद कर दिया गया है।
पुलिस सूत्रों ने समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया को बताया कि प्लांट घंसौर में हालात काफी उत्तेजक हैं। लोग छोटी सी बच्ची के साथ हुए बलात्कार के चलते काफी आक्रोशित हैं। वहीं प्लांट के सूत्रों ने समाचार एजेंसी ऑॅफ इंडिया को बताया कि पावर प्लांट के कर्मचारी और ठेकेदार इस घटना से काफी डरे हुए हैं।
सूत्रों ने समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया को आगे बताया कि हालात देखकर प्लांट प्रबंधन द्वारा आगामी कुछ दिनों के लिए पावर प्लांट में कामकाज स्थगित रखने का फैसला लिया है। वहीं दूसरी ओर अधिकृत तौर पर इस संबंध में किसी भी प्रकार की जानकारी प्लांट प्रबंधन की ओर से नहीं मिल सकी है।
जिला प्रशासन के सूत्रों ने समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया को बताया कि संवेदनशील जिला कलेक्टर भरत यादव स्वयं उक्त बच्ची का हाल जानने नागपुर के केयर अस्पताल पहुंचे और चिकित्सकों से विचार विमर्श किया। जिला कलेक्टर ने चिकित्सकों से बच्ची के इलाज के लिए हर संभव कोशिश करने की बात भी कही गई।

गुडिया के समर्थन में उबल रही दिल्ली


गुडिया के समर्थन में उबल रही दिल्ली

(रश्मि सिन्हा)

नई दिल्ली (साई)। दिल्ली में बच्ची के साथ हुए दुष्कर्म की घटना के विरोध में आज दूसरे दिन भी प्रदर्शन जारी है। आईटीओ के पास पुलिस मुख्यालय के सामने अनेक लोगों ने दिल्ली पुलिस आयुक्त को हटाये जाने की मांग को लेकर धरना दिया। प्रदर्शनकारी जांच में देरी के लिए दोषी दो पुलिसकर्मियों को बर्खास्त करने की मांग भी कर रहे थे।
इन पुलिसकर्मियों को पहले ही निलंबित किया जा चुका है। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान के सामने आज सवेरे से ही प्रदर्शनकारी जमे हुए हैं। वे दोषी को फांसी की सजा देने की मांग कर रहे हैं। पुलिस अस्पताल के प्रमुख प्रवेश द्वार पर कड़ी चौकसी बरत रही है, जिससे मरीज और एम्बुलेंस को आने-जाने में सुविधा हो।
अस्पताल के सूत्रों ने समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया को बताया कि बच्ची की हालत स्थिर है। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान एम्स के चिकित्सा अधीक्षक डॉ० डी के शर्मा ने बताया कि ऑपरेशन के बाद बच्ची पर इलाज का अच्छा असर हो रहा है। उन्होंने कहा कि बच्ची कैजुअल रिकवरी शो कर रही है और कल रात वो भलीभांति सोई है। इस समय पर बच्ची के सभी वायटल पैरामीटर्स स्टेबल हैं। उसका केलोस्टमी फंक्शनिंग है। वो कॉन्शियस है, अलर्ट है तथा अपने पेरेन्ट्स, नर्सेस और डॉक्टर्स से बातचीत कर रही है। अभी उसे हल्का बुखार है जिसमें कि धीरे धीरे इम्प्रूवमेंट हो रही है। इस समय पर यह कहा जा सकता है कि उसकी लाइफ को कोई भी डेंजर नहीं है।
उधर, मध्य प्रदेश में पुलिस ने सिवनी जिले से समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया के ब्यूरो से संजीव प्रताप सिंह ने बताया कि जिले के घंसौर थाना क्षेत्र में मेसर्स झाबुआ पावर लिमिटेड के कर्मचारी द्वारा चार वर्ष की बच्ची के दुष्कर्म मामले के एक आरोपी राकेश चौधरी को गिरफ्तार किया है। जिला पुलिस अधीक्षक मिथिलेश शुक्ला ने बताया कि इस मामले के दूसरे आरोपी बिहार का रहने वाला फिरोज खान को पकड़ने के लिए विभिन्न जगहों पर पुलिस टीम भेजी गई है। पीड़ित बच्ची को इलाज के लिए विमान से कल नागपुर भेजा गया था।
दिल्ली में एक मासूम बालिका के साथ हुए योनाचार के उपरांत देश उबल पड़ा, तब कहीं जाकर देश के प्रधानमंत्री डॉ.मनमोहन सिंह को चिंता सताने लगी है। प्रधानमंत्री ने देश में महिलाओं की सुरक्षा स्थिति पर गंभीर चिन्ता व्यक्त की है। पिछले वर्ष दिसम्बर में दिल्ली में हुएसामूहिक दुष्कर्म तथा हाल में एक मासूम बच्ची के साथ हुई दुष्कर्म की घटना का जिक्र करते हुए डॉ० मनमोहन सिंह ने कहा कि इन घटनाओं से सबक लेते हुए मनोविकृतियों को दूर करने के लिए समाज में सामूहिक रूप से प्रयास करने चाहिए।
प्रधानमंत्री ने कहा है कि महिलाओं की सुरक्षा के लिए हमें एक देश के रूप में बेहतर काम करने होंगे। ऐसे मामले पिछले वर्ष दिसम्बर में हुए सामूहिक दुष्कर्म की घटना के बाद हमारे सामने आये। छोटी बच्ची के साथ हुई इस वीभत्स घटना से अब यह जरूरी हो गया है कि समाज से इस मनोविकृति को दूर करने के लिए हम सामूहिक रूप से काम करें।
आज नई दिल्ली में आठवें सिविल सेवा दिवस के उद्घाटन भाषण में डॉ० मनमोहनसिंह ने कहा कि महिलाओं पर होने वाले अत्याचारों से प्रभावकारी ढंग से निपटने के लिए सरकार ने तेजी से पहल की है। उन्होंने कहा कि महिलाओं को सामाजिक और आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी प्रशासनिक अधिकारियों की है। देश की वर्तमान आर्थिक स्थिति का जिक्र करते हुए डॉ० सिंह ने सभी क्षेत्रों में निवेश की आवश्यकता पर जोर दिया, ताकि देश कठिन आर्थिक दौर से उबर सके।
उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने औद्योगिक और आधारभूत परियोजनाओं में निवेश को बढ़ावा देने के लिए मंत्रिमंडलीय समिति के गठन में महत्वपूर्ण कदम उठाये हैं। समिति ने इस दिशा में बेहतर काम किया है लेकिन अभी बहुत कुछ किये जाने की जरूरत है, खासकर उद्यमियों और निवेश के लिए अनुकूल माहौल बनाने की दिशा में। आपदा प्रबंधन का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि आपदा के समय जानमाल की सुरक्षा के लिए बेहतर तौर-तरीके अपनाने और उन्हें लोगों तक व्यापक स्तर पर पहुंचाने के लिए काम करने होंगे।
वहीं समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया के दिल्ली ब्यूरो से मणिका सोनल ने बताया कि ईस्ट दिल्ली के गांधी नगर में 5 साल की बच्ची से दरिंदगी के खिलाफ दिल्ली में दूसरे दिन भी विरोध-प्रदर्शन हो रहे हैं। एम्स के बाहर और आईटीओ पर दिल्ली पुलिस के हेडक्वॉर्टर के बाहर कुछ लोग धरने पर बैठे हुए हैं। वहीं एम्स के डॉक्टरों का कहना है कि बच्ची की हालत में सुधार हो रहा है। दूसरी तरह इस घटना का आरोपी मनोज कई सनसनीखेज खुलासे कर रहा है।
पांच बजे तक दिल्ली के पुलिस कमिश्नर को हटाने की मांग पूरी नहीं हुई और इसके बाद बिना पुलिस हेटक्वार्टर के सामने बैठे प्रदर्शनकारियों ने प्रधानमंत्री आवास की ओर मार्च शुरू कर दिया है। आम आदमी पार्टी के नेता गोपाल राय इसकी अगुवाई कर रहे हैं। उन्होंने सभी प्रदर्शनकारियों से अपील की है हर हाल में प्रदर्शन कोशांतिपूर्ण बनाए रखना है। उन्होंने कहा कि जहां कङी भी पुलिस हमें रोकेगी, वहीं रुक जाना है। पुलिस के घेरे को तोड़कर आगे बढ़ने की कोशिश करने के बदले सारे प्रदर्शनकारी वहीं सड़क पर बैठ जाएं।
मौके पर मौजूद साई न्यूज संवाददाता आकाश कुमार के अनुसार दिल्ली पुलिस हेडक्वॉर्टर के पास प्रदर्शन कर रहे लोगों तक दिल्ली पुलिस अनोखे अंदाज में पहुंची। दिल्ली पुलिस की तरफ से रविवार को चिट्ठियां बांटी गई। इन चिट्ठिठों में यह बताया गया था कि कोई कार्रवाई न करने का आरोप गलत है। इसमें पुलिस द्वारा की गई कार्रवाइयों का ब्योरा देते हुए बताया गया था कि पुलिस ने समुचित कार्रवाई की है।
वहीं दूसरी ओर प्रदर्शनकारियों की पीएम हाउस की ओर मार्च की धमकी को देखते हुए प्रधानमंत्री आवासा 7 रेसकोर्स रोड की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। वहां बड़ी संख्या में आरएएफ के जवान तैनात कर दिए गए हैं। पुलिस हेडक्वॉर्टर के सामने प्रदर्शन कर रहे आम आदमी पार्टी के नेताओं ने सरकार को 5 बजे तक का अल्टिमेटम देते हुए कहा है कि उससे पहले दिल्ली के पुलिस कमिश्नर को पद से हटा दिया जाए। उन्होंने कहा है कि अगर उससे पहले सरकार इस फैसले का ऐलान नहीं करती है कि प्रधानमंत्री आवास की ओर मार्च शुरू कर दिया जाएगा। उनका कहना है कि अगर पुलिस ने उन्हें रोका तो जो होगा देखा जाएगा। इस बीच आम आदमी पार्टी के कुछ कार्यकर्ता पहले ही पीएम आवास पहुंच गए जिन्हें थोड़े हंगामे के बाद पुलिस वहां से हटा ले गई।
दिल्ली के मौजूदा पुलिस कमिश्नर नीरज कुमार को हटाने की प्रदर्शनकारियों की मांग को उस समय काफी मजबूती मिली जब कांग्रेस सांसद संदीप दीक्षित ने भी यही मांग कर दी। दिल्ली के मुख्यमंत्री शीला दीक्षित के बेटे संदीप दीक्षित ने रविवार को यह मांग की। उन्होंने कहा कि यह माग गलत नहीं है। मैं पहले से ही इसकी मांग कर रहा हूं। उन्होंने कहा कि 16 दिसंबर की घटना के बाद ही मैंने कहा था कि उन्हें पुलिस कमिश्नर पद से हटाया जाना चाहिए। इससे पहले आम आदमी पार्टी के नेता गोपाल राय ने कहा कि यह सिर्फ हमारी मांग नहीं है। पूरी दिल्ली यह मांग कर रही है कि पुलिस कमिश्नर नीरज कुमार को पद से हटाया जाए। उन्होंने कहा कि हमने सरकार को आज शाम 5 बजे तक का समय दिया है। तब तक इस फैसले का ऐलान कर दे।
रेप के आरोपी का चेहरा क्यों छिपाती है पुलिस? रेप के आरोपी का चेहरा आखिर क्यों छिपाया जाता है? बच्ची से रेप के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे लोग पुलिस कमिश्नर के इस्तीफे के साथ-साथ रेप के आरोपियों को भी बेनकाब करने की मांग कर रहे हैं। दिल्ली पुलिस के हेडक्वॉर्टर पर प्रदर्शन कर रहे आम आदमी के कार्यकर्ताओं ने कहा कि दिल्ली पुलिस को बच्ची से रेप के आरोपी मनोज का चेहरा नहीं छिपाना चाहिए। उसे बिना नकाब के सबके सामने लाकर मिसाल पेश करनी चाहिए।
एम्स में मौजूद साई संवाददाता राहुल डब्बास ने बताया कि एम्स के डॉक्टरों ने बच्ची का मेडिकल बुलेटिन जारी कर बताया है कि उसकी हालत में सुधार हो रहा है। डॉक्टरों ने कहा कि बच्ची की जान को कोई खतरा नहीं है। उसे हल्का बुखार जरूर है, लेकिन वह परिजनों और डॉक्टरों से बात कर रही है और खाना भी मांग रही है। एम्स के डॉक्टर डीके शर्मा ने बताया, कि बच्ची के कमर के निचले के जख्मों की ड्रेसिंग की गई है। उसकी सेहत में सुधार हो रहा है और वह शनिवार रात को ठीक से सोई भी है। बच्ची के सभी पैरामीटर नॉर्मल हैं। वह अपने परिजनों और डॉक्टरों से बात कर पा रही है। उसे हल्का बुखार है। इसमें हल्का-हल्का सुधार हो रहा है। उसके जीवन को कोई खतरा नहीं है। एम्स के अनुभवी डॉक्टरों की टीम डॉक्टर संजीव अग्रवाल के नेतृत्व में बच्ची की निगरानी कर रही है। उसके शरीर में इन्फेक्शन कम हो रहा है। उसने खाने की मांग की है। डॉक्टर जो पूछ रहे हैं वह उसका जवाब दे रही है। अगले दो हफ्तों में उसे हॉस्पिटल से छुट्टी दी जा सकती है।
पांच साल की इस बच्ची के साथ गैंगरेप की आशंका भी जताई जा रही है। सूत्रों के मुताबिक मनोज ने पुलिस को बताया है कि उसके साथ इस दरिंदगी में एक और युवक भी शामिल था। इस युवक का नाम प्रदीप बताया जा रहा है। उसे पकड़ने के लिए दिल्ली पुलिस की टीम बिहार भेजी गई है। दिल्ली पुलिस मनोज से पूछताछ के साथ-साथ उसके सामान की भी जांच कर रही हैं। पुलिस ने जब मनोज के मोबाइल की जांच की तो उसमें कई अश्लील क्लिप्स भी मिलीं। जानकारी के मुताबिक मनोज ने पूछताछ में बताया कि 15 अप्रैल को उसने बच्ची से रेप करने से पहले अपने दोस्त के साथ अश्लील फिल्में देखी थीं। इसके बाद दोनों ने शराब पी और बच्ची से रेप किया। रेप के बाद वे घर बंद कर भाग गए। सूत्रों के मुताबिक दिल्ली पुलिस मनोज पर गैंगरेप की धाराएं भी लगा रही है।
दिल्ली में पांच साल की बच्ची से दरिंदगी की हदें पार करने वाला मनोज आदतन अपराधी है। उसने यह दरिंदगी पहली बार नहीं की है। उसके बारे में एक चौंकाने वाली सच्चाई यह भी है कि शादी से पहले उसने अपनी पत्नी से भी रेप किया था। मनोज की साली की पिछले दिनों रेप के बाद हत्या हुई थी। पुलिस जांच कर रही है कि कहीं इसमें भी तो उसका हाथ नहीं है।
बिहार में मुजफ्फरपुर के औराई प्रखंड के भरथुआ के रहने वाले मनोज को उसके गांव वाले अपराधी प्रवृत्ति का बता रहे हैं। उसके गांववालों का यहां तक कहना है कि मनोज ने दो साल पहले प्रेम विवाह किया था। दरअसल यह प्रेम विवाह जैसा कुछ नहीं था, उसने उस लड़की से पहले दुराचार किया था। लड़की के घरवालों वालों के दबाव और पंचायत के फरमान के बाद वह शादी के लिए राजी हुआ था।
हालांकि उसकी पत्नी अब पूरी तरह से उसके समर्थन में उतर आई है। उसकी पत्नी का कहना है कि उसके पति को फंसाया जा रहा है। वह ऐसा काम नहीं कर सकते। किसी दबाव में उन्होंने गुनाह को कबूला है। उधर, मनोज के गांववालों में उसके खिलाफ भारी आक्रोश है। गांव ने उसके परिवार का बहिष्कार करने का फैसला किया है। मनोज व उसके परिवार के गांव में प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। दिल्ली में रेप की खबर के बाद से मुजफ्फरपुर के भरथुआ गांव के लोग काफी आक्रोशित हैं। मनोज की हरकतों से शर्मसार उसके गांव वालों ने उसे फांसी देने की मांग की है।