मंगलवार, 10 जनवरी 2012

हिन्दुस्तान बना बर्फिस्तान


हिन्दुस्तान बना बर्फिस्तान



(शरद खरे)

नई दिल्ली (साई)। देश की राजनैतिक राजधानी में सियासी गर्माहट इतनी होती है कि लोगों को सर्दी में भी लू लगने की संभावना बनी ही रहती है। सर्दी कड़ाके की पड़ती है तो दो ढाई महीना सबकी जान ही निकल जाती है। दिल्ली में सर्दी के मौसम में चलने वाली ठण्डी हवाएं जिन्हें सुर्खा भी कहा जाता है लोगों का जीना मुहाल कर देता है।
वैसे तो दिल्ली साल के 8 महीने गर्मी से जूझती है लेकिन 2 महीने जब कड़ाके की ठंड पड़ती है तो फिर संभलना मुश्किल हो जाता है। दिल्ली फिलहाल सर्दी का सितम झेल रही है और पारा फिर से नीचे की ओर खिसकने लगा है। मंगलवार सुबह का तापमान 6 डिग्री दर्ज किया गया लेकिन माना जा रहा है कि एक दो दिनों में ये 3 डिग्री तक लुढक सकता है। हिमालय में गिर रही है रिकॉर्डतोड़ बर्फ लेकिन उसके असर से देश की राजधानी दिल्ली भी ठिठुर रही है। पहाड़ी इलाकों से आ रही उत्तर पश्चिमी हवा दिल्ली में सिहरन पैदा कर रही है।
सोमवार को दिल्ली का मौसम बिलकुल साफ था लेकिन ठंडी हवाओं से मुश्किल जरा भी कम नहीं हुई। पिछले कुछ दिनों से न्यूनतम तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है और मौसम वैज्ञानिकों की माने तो मुसीबत ये है कि आने वाले दिनो में पारा का तेजी से लुढकना जारी रहेगा। अपने आप को आप अभी से ठंड से मुकाबले के लिए तैयार कर लें क्योंकि दिल्ली का न्यूनतम तापमान 3 डिग्री तक गिर सकता है।
राजधानी में 8 जनवरी का न्यूनतम तापमान था 12 डिग्री सेल्सियस जो 9 जनवरी को घटकर हो गया सिर्फ 8 डिग्री सेल्सियस। एक दिन में ही तापमान में 4 डिग्री की कमी। 10 जनवरी को न्यूनतम तापमान दर्ज किया गया करीब 6 डिग्री सेल्सियस यानी 2 डिग्री की ओर गिरावट। अधिकतम तापमान भी 17-18 डिग्री के आसपास बना हुआ है जिससे दिन में भी सर्दी सितम ढा रही है। साफ है कि जिस तरीके से तापमान नीचे की ओर खिसकता जा रहा है। आने वाले दिनों में पारा 3 या 4 डिग्री तक भी जा सकता है।
अनुमान सिर्फ ठंड के बढ़ने का ही नहीं है बल्कि सुबह के वक्त घना कोहरा भी दस्तक दे सकता है। रात में मौसम साफ होने की वजह से इसकी आशंका भी बढ गई है। इस साल जनवरी का मौसम दिल्ली के लिए ज्यादा ही बेरहम साबित हो रहा है। लोग इससे बचने का उपाय तो कर रहे हैं लेकिन लगातार ठंड की मार से शरीर को बचाए रखना भी एक बड़ी चुनौती है। दिसंबर के आखिर में मौसम ने थोड़ी नरमी जरुर दिखाई थी जब तापमान में उछाल आया था लेकिन शायद अब जनवरी में दिल्ली का बदनाम मौसम उसकी भरपाई कर रहा है।
उत्तर भारत में पड़ रही कड़ाके की ठंड का असर आजकल मुंबई में भी महसूस किया जा रहा है। पिछले दस सालों का रिकॉर्ड तोडते हुए मुंबई में सोमवार का दिन सबसे ठंडा रहा और तापमान 11 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक आने वाले दो-तीन दिन और मुंबई में इसी तरह ठंड जारी रहेगी। मुंबईवासी इस ठंड से खुश नजर आए। मुंबई में इससे पहले साल 2005 में सबसे कम तापमान रिकॉर्ड किया गया था।
देश भर में लगातार हो रही बर्फबारी ने पहाड़ो का जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। कश्मीर और उत्तराखंड के कई इलाकों में सड़के जाम हैं तो लोगों को बिजली पानी के बिना रहना पड़ना रहा है। वहीं, पहाड़ों में गिर रही बर्फ से पूरे उत्तर भारत में पारा लगातार गिर रहा है। बर्फबारी से जहां पर्यटक बेहद खुश हैं, वहीं स्थानीय लोगों के चेहरे से खुशी नदारद हो गई है। बर्फबारी ने पहाड़ों की जिंदगी को खासा दूभर कर दिया है।
धरती का स्वर्ग कहे जाने वाले कश्मीर में भी बर्फबारी ने कुछ ऐसा ही हाल कर रखा है। भारी बर्फबारी के चलते पिछले दो दिनों से श्रीनगर में बिजली और पानी की स्पलाई रुकी हुई है। वहीं, घाटी को देश से जोड़ने वाला इकलौता सड़क मार्ग भी बर्फबारी के चलते जाम पड़ा है। इस पूरे राष्ट्रीय राजमार्ग में दो फिट ऊंची बर्फ जमा है। राष्ट्रीय राजमार्ग जाम हो जाने से सैकड़ों पर्यटक जहां के तहां फंसे हुए हैं। उम्मीद है कि मौसम ने साथ दिया तो आज यह राजमार्ग खुल सकता है।
कुछ ऐसा ही हाल नैनीताल में भी है। अचानक हुई बर्फबारी से चारो तरफ सफेद चादर बिछ गई। इसी नजारे को देखने की उम्मीद से नैनीताल पहुंचे पर्यटकों की खुशी का कोई ठिकाना ही नहीं है। सर्दी का सितम केवल पहाड़ों में ही देखने को नहीं मिल रहा है। पहाड़ों में हुई बर्फबारी का असर मैदानी इलाकों में भी पड़ रहा है। राजधानी दिल्ली में पारे के लगातार गिरने से यहां लोगों को खासी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।
मौसम विभाग के अनुसार आज भी दिल्लीवालों को सर्दी से निजात नहीं मिलेगी। दिल्ली में आज न्यूनतम तापमान पांच डिग्री सेंटीग्रेट और अधिकतम 18 डिग्री सेंटीग्रेट रहेगा। उत्तर भारत में पड़ रही ठंड का असर मुंबई में भई देखने को मिला। सोमवार को यहां की पारा 11 डिगी तक गिर गया 2008 के बाद सोमवरा मुंबई का सबसे ठंडा दिन रहा। मौसम विभाग की मानें तो अभी पारा कुछ इसी तरह आपको ठिठुरने पर मजबूर करता रहेगा। मतलब यह कि अगले कुछ दिन और आपको स्वेटर, जैकेट और चाय की चुस्कियों के साथ काटने पड़ेंगे।
शिमला से साई ब्यूरो ने समाचार दिया है कि प्रदेश में बीते पांच दिनों से हो रही भारी बर्फबारी से जनजीवन बुुरी तरह अस्त व्यस्त हो गया है। प्रदेश के जनजातीय क्षेत्रों लाहौल स्पिति, किन्नौर तथा चम्बा और कुल्लू मनाली समेत अनेक जगहों पर बिजली व पानी की व्यवस्था ठप्प हो गई है जिससे इन क्षेत्रों के लोगों का जीवन और भी दूभर हो गया है। रोहतांग दर्रे पर 8 फुट से अधिक बर्फ पड़ने से लाहौल स्पिति जिला शेष विश्व से कटा हुआ है। लाहौल घाटी के भीतर भी यातायात व्यवस्था पूर्णतया ठप्प हो गई है। जिले में कड़ाके की ठंड पड़ रही है लेकिन फिर भी किसान बागवान भारी बर्फबारी से खुश हैं।
उधर, किन्नौर से जिला ब्यूरो ने बताया कि जिले में हिमपात से जनजीवन प्रभावित हुआ है। कल्पा, छितकुल और रकछम मंे अढ़ाई फुट के आसपास हिमपात हुआ है। हिन्दुस्तान-तिब्बत राष्ट्र्ीय उच्च मार्ग पांगी नाला से आगे बंद है। प्रशासन द्वारा रामपुर से रिकांगपिओ तक यातायात व्यवस्था बहाल कर दी गई है। 
चम्बा से साई ब्यूरो ने बताया कि जिले में भी भारी बर्फबारी के कारण लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। जिले में कल एक और व्यक्ति की बर्फ से फिसलकर गहरी खाई में गिर जाने से मौत हो गई। इस तरह जिले में बर्फबारी के कारण अब तक 4 व्यक्तियों की मृत्यु हो चुकी है।
प्रसिद्ध पयर्टक स्थल डलहौजी में साढ़े 4 फुट, खजियार में अढ़ाई फुट और भरमौर में लगभग साढ़े तीन फुट तक हिमपात हुआ है। भारी बर्फबारी के कारण बिजली की तारे टूट गई हैं जिससे जिले में पिछले तीन दिनों से विद्युत आपूर्ति ठप्प है। चम्बा के एस.डी.एम रोहित राठौर के अनुसार चम्बा-पठानकोट हाईवे पर यातायात बहाल हो गया है लेकिन उन्होंने लोगों से खराब मौसम के चलते एहतियात बरतने की अपील की है।
उधर कुल्लू से साई ब्यूरो ने खबर दी है कि कुल्लू जिले में भी आज सुबह तक बर्फबारी होती रही। दोपहर बाद जिले में मौसम साफ हो गया। सोलंग नाला तक छोटे वाहनों के लिए यातायात सुचारू हो गया है जबकि आज दोपहर बाद मनाली तक बस व्यवस्था भी बहाल कर दी गई है। पर्यटकों को जिस विंटर कार्निवाल का बेसब्री से इंतजार था वो आखिरकार शुरू हुआ। भारी बर्फबारी के कारण हालांकि मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल इस मौके पर नहीं पहुंच पाए। उनकी गैर हाजिरी में कार्निवाल का उदघाटन भाजपा अध्यक्ष तथा विधायक खीमीराम शर्मा ने किया। 
बर्फबारी से प्रदेश की ऊंची चोटियां ही नहीं मैदानी इलाके भी सराबोर हुए हैं। कांगड़ा से साई ब्यूरो ने बताया कि जिला मेें जसवां तथा परागपुर क्षेत्रों में बिजली की व्यवस्था ठप्प हो गई है। स्थानीय विधायक निखिल राजौर ने विद्युत विभाग से आग्रह किया है कि इलाके की विद्युत व्यवस्था बहाल करने के लिए स्टाफ में बढ़ोतरी की जाए ताकि लोगों को सर्दी के मौसम में परेशानी का सामना न करना पड़े। जिले के दुर्गम क्षेत्र बड़ा भंगाल में अभी भी बर्फबारी होने के समाचार प्राप्त हुए हैं। बड़ा भंगाल क्षेत्र का सम्पर्क भी जिला मुख्यालय से कट गया है। हालांकि धर्मशाला से मैकलोड़गंज तक यातायात व्यवस्था बहाल कर दी गई थी। 
राजधानी शिमला में भी हिमपात से सामान्य जनजीवन बुरी तरह प्रभावित है। शहर की सबसे उंची चोटी जाखू में करीब दो फुट तक बर्फ गिर चुकी है जबकि रिज मैदान पर एक फुट हिमपात हुआ है। आज सुबह हिमपात के बाद दिन के समय कुछ देर के लिये मौसम साफ रहा जबकि शाम के समय एक बार फिर बर्फबारी शुरू हो गई।
कालका-शिमला राष्ट्रªीय उच्च मार्ग पर आज सुबह भारी बर्फबारी के कारण यातायात बंद रहा जिसे दोपहर बाद बहाल कर दिया गया। शिमला से शोघी तक आज दोपहर तक सैंकड़ों गाड़ियां फंसी रहीं जिन्हें दोपहर बाद निकाल लिया गया। सड़क पर फिसलन की समस्या के कारण वाहन धीमी गति से चल रहे हैं। सड़कें बंद रहने पर आज सुबह शिमला में आवश्यक वस्तुओं की सप्लाई भी बाधित रही। मौसम विभाग ने आने वाले 24 घण्टों में प्रदेश के अनेक इलाकों में वर्षा व हमपात का सिलसिला जारी रहने की संभावना जताई है। 
मैदानी इलाकों में छत्तीसगढ़ से आंचल झा ने खबर दी है कि प्रदेश में बीते चौबीस घण्टों के दौरान बिलासपुर और रायपुर संभाग के अनेक स्थानों पर वर्षा हुई। वहीं, बस्तर संभाग में मौसम शुष्क रहा। सबसे अधिक तीन सेंटीमीटर बारिश मगरलोड और जशपुर में दर्ज की गई। इसके अलावा दुर्ग, माना, राजनांदगांव, चांपा में भी बारिश होने की बात कही जा रही है। प्रदेश में रात का सबसे कम तापमान तेरह डिग्रीसेल्सियस पेण्ड्रारोड में दर्ज किया गया। मौसम विभाग के अनुसार अगले चौबीस घण्टों में प्रदेश में कहीं-कहीं हल्की से मध्यम बारिश होने या गरज-चमक के साथ बौछारे पड़ने की संभावना है।
पहाड़ी क्षेत्र देहरादून से साई ब्यूरो ने बताया कि प्रदेश के पहाड़ी क्षेत्रों में गत दिनों से हो रहे भारी हिमपात तथा वर्षा से सामान्य जन-जीवन प्रभावित हो गया है। उत्तरकाषी जिले के ऊंचाई वाले इलाकों में पिछले चार दिनों से लगातार हो रही बर्फबारी व वर्षा के चलते विधानसभा चुनाव की तैयारियों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है।
जिलाधिकारी ने बताया कि अगर मौसम इसी तरह रहा तो प्रभावित मतदान केंद्रों पर चालीस वर्ष से कम उम्र के ही मतदान कर्मियों को तैनात किया जाएगा। चमोली जिले में हेमकुण्ड साहिब, फूलों की घाटी आदि स्थानों पर बर्फबारी का सिलसिला जारी है। देहरादून में आज बादल छाए रहे तथा रुक-रुक वर्षा होती रही।
ठण्ड के चलते सभी स्कूलों को दो दिन के लिए बन्द कर दिया गया है। उधर, गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग बड़कोट तथा हर्षिल के पास जबरदस्त बर्फबारी के कारण बन्द हो गया है। रुद्रप्रयाग जिले में केदारनाथतुंगनाथ, गरुड़चट्टी के अलावा मसूरी तथा नैनीताल सहित लगातार हो रही बर्फबारी से तापमान में काफी गिरावट आ गई है। इस बीच, पहाड़ों की रानी मसूरी व नैनीताल में बर्फबारी से पयर्टकों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है।
उत्तर प्रदेश से साई ब्यूरो दीपांकर श्रीवास्तव ने बताया कि विभिन्न पूर्वी जिलों में कल तड़के हुयी वर्षा तथा बूदाबांदी से ठंड और शीतलहर का प्रकोप बढ़ गया है। विभिन्न पश्चिमी और पूर्वी जिलों में कल धूप नहीं निकली और वर्षा के बाद लोग ठंड से ठिठुरते रहे। हालांकि यह वर्षा रबी की फस्लों के लिए लाभकारी बतायी जा रही है लेकिन इससे ठंड में हुयी वृद्धि के कारण लोगों की कठिनाइयां बढ़ गयी है।
मौसम विभाग के अनुसार अगले अड़तालीस घंटों के दौरान प्रदेश के विभिन्न मंडलों में तापमान मे एक से तीन डिग्र्री की गिरावट आयेगी और कुछ स्थानों पर हल्की वर्षा या गरज-चमक के साथ छींटे पड़ सकते है। ठंड को देखते हुये विभिन्न जिलो में छोटे बच्चों के स्कूल आगामी दो तीन दिनों के लिये बंद कर दिये गये है। गोरखपुर, बरेली और जौनपुर में कक्षा आठ तक के स्कूल आज और कल बंद रहेंगे जबकि सुल्तानपुर मे इन स्कूलों केा परसों तक के लिये बंद कर दिया गया है।
जयपुर से साई ब्यूरो शैलेन्द्र से समाचार दिया है कि प्रदेश में कड़ाके की सर्दी का दौर जारी है। तेज ठंड और कोहरे से आम जनजीवन प्रभावित हुआ है। मौसम विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार माउंटआबू राज्य का सबसे ठंडा स्थान रहा जहां पारा जमाव बिन्दु पर पहुंच गया। चूरू में न्यूनतम तापमान शून्य दशमलव 9 डिग्री सैल्सियस रहा।
बीकानेर और वनस्थली में दो दशमलव छह, फलौदी में तीन, जैसलमेर में तीन दशमलव सात, सवाईमाधोपुर में चार दशमलव पांच, जयपुर,अजमेर,बाड़मेर और डबोक में करीब साढे पांच और जोधपुर में पांच दशमलव नो डिग्री सैल्सियस न्यूनतम तापमान रहा। तेज़ सर्दी को देखते हुए चित्तौड़गढ में आठवीं तक के स्कूलों का समय दस से ढाई बजे तक और नवीं से बारहवीं तक का समय साढे दस से साढे चार बजे तक करने के जिला कलेक्टर ने आदेश जारी किए हैं।
गुडगांव से साई ब्यूरो चंद्र कांत शर्मा ने खबर दी है कि हरियाणा मे बीती रात कई जगह बारिष व ओलावृष्टि होने से ठण्ड का प्रकोप बढ़ गया है। तापमान गिरने का गेंहू की फसल पर विपरीत प्रभाव पड़ा है। कई जगह गेंहू की फसल मे पीला रतुआं के लक्षण मिले है।  हमारे यमुनानगर जिले के छछरोली, खिजराबाद, आदि ईलाकों मे बरसात के साथ ओले पड़े। हल्की ओलावृष्टि से फसलों को कोई नुकसान नहीं हुआ लेकिन कड़ाके की ठण्ड के चलते आम जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया। उधर सरकार द्वारा ठण्ड के चलते स्कूलों मे घोषित अवकाष पर अमल करने की हिदायत की गई है। क्योंकि राज्य  मे औचक निरीक्षण के दौरान बहुत से स्कूल खले पाए जा रहे है।

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