मंगलवार, 10 जुलाई 2012

पानी में खराब नहीं होंगे अब नोट


पानी में खराब नहीं होंगे अब नोट

(मणिका सोनल)

नई दिल्ली (साई)। आने वाले दिनों में अगर आप अपने कपड़ों की पाकिट में भारतीय करंसी रखकर भूल गए और वह धुल भी गया तो चिंता की कोई बात नहीं आपका रूपया खराब नहीं होगा! जी हां, जल्द ही भारत गणराज्य में भी अन्य कुछ देशों की तरह ही प्लास्टिक के नोट प्रचलन में आने वाले हैं।
जाली नोटों पर लगाम लगाने के लिए रिजर्व बैंक जल्द ही प्लास्टिक के नोट बाजार में उतारने जा रहा है। इससे जहां लोगों को कटे-फटे नोटों से निजात मिलेगी, वहीं इसे धोकर चमकाया भी जा सकेगा। पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर शिमला, जयपुर, भुवनेश्वर सहित पांच शहरों से इसकी शुरुआत होगी। हालांकि, अभी सिर्फ 10 रुपये के प्लास्टिक नोट ही जारी किए जाएंगे।
रिजर्व बैंक के डिप्टी गवर्नर एचआर खान ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि केंद्रीय बैंक के पांच क्षेत्रीय केंद्र इसे जल्द ही बाजार में जारी करेंगे। इससे जालसाजी पर अंकुश लगाने में मदद मिलेगी। साथ ही यह लंबे समय के लिए टिकाऊ भी होगी। कागज की मुद्रा का औसत जीवन एक साल है, जबकि प्लास्टिक की मुद्रा का औसत जीवन पांच साल होगा। इसके अलावा आरबीआई को इसे छापने पर कागज की मुद्रा के मुकाबले कम राशि खर्च करनी पड़ेगी।
पायलट प्रोजेक्ट के तहत इन सब बातों का अध्ययन भी किया जाएगा। साथ ही यह भी देखा जाएगा कि इसका पर्यावरण पर कोई बुरा असर तो नहीं पड़ रहा। प्रोजेक्ट सफल होने पर ही इसे देशभर में जारी किया जाएगा। नकली नोटों के धंधे पर पाबंदी लगाने के लिए सबसे पहले ऑस्ट्रेलिया ने पॉलीमर नोट को अपनाया था। गौरतलब है कि वर्तमान में न्यूजीलैंड, रोमानिया, पापुआ न्यू गिनी, बरमुडा, ब्रुनेई और वियतनाम में भी प्लास्टिक के नोट ही चलाए जा रहे हैं।

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