रविवार, 31 मार्च 2013

जिला बनने से दूर हुआ लखनादौन, एडीएम बैठेंगे


जिला बनने से दूर हुआ लखनादौन, एडीएम बैठेंगे

(संतोष श्रीवास)

सिवनी (साई)। लखनादौन में आयोजित जिला स्तरीय अन्त्योदय मेले मे पधारे प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने लखनादौन वासियों की जनावनाओं पर ारी कुठाराघात कर दिया। मुख्यमंत्री के लखनादौन आगमन को लेकर ऐसी चर्चा थी कि इस बार वे लखनादौन को जिला बनाने की घोषणा कर देंगे किन्तु क्षेत्रीय विधायक श्रीमती शशि ठाकुर द्वारा ही मंच से लखनादौन में अपर जिला मजिस्ट्रेट की पदस्थापना की मांग कर ली और जैसा कि पहले से तय था मुख्यमंत्री ने तत्काल ही मंच से इसकी घोषणा कर दी हालाकि लखनादौन के विकास के लिये मुख्यमंत्री ने नगर पंचायत को 01 करोड़ की राशि प्रदान करने की ी घोषणा कर दी है।
मुख्यमंत्री के स्पष्ट घोषणा कर देने के बाद ी सिवनी नगर मे यह चर्चा थी कि मुख्यमंत्री द्वारा लखनादौन को जिला बनाये जाने की घोषणा कर दी गयी है किन्तु देर शाम यह बात लोगों को स्पष्ट हुई कि ऐसी कोई घोषणा मुख्यमंत्री द्वारा नहीं की गयी है।
उल्लेखनीय है कि वर्ष 2001-02 मे कांग्रेस अध्यक्ष श्रीमती सोनिया गांधी का लखनादौन आगमन हुआ था तब कांग्रेस की एक बैठक मे यह तय हुआ था कि सोनिया जी से लखनादौन को जिला बनाने की मांग की जायेगी पर उस समय इस मांग को कुछ कांग्रेसियों ने ही दबा दिया था। बाद मे यह मांग धीरे धीरे की तेज होती तो की दब ी जाती। इस बार पुनः ये मांग तेज हो गयी थी कि लखनादौन के विकास और क्षेत्रफल को देखते हुए इसे जिला बनाया जाये।
अभी जब मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का लखनादौन अंत्योदय मेले मे आगमन होने की खबर आयी तो लोगों को यह उम्मीद थी कि अब उनकी मांग पूरी हो जायेगी किन्तु चौहान ने लखनादौन में अपर जिला मजिस्ट्रेट की पदस्थापना करने की  घोषणा कर लोगों की उम्मीद पर पानी फेर दिया।
अब ऐसी स्थिति में जब लखनादौन में अपर जिला मजिस्ट्रेट की पदस्थापना की घोषणा कर दी गयी है तो इस बात की संावना बहुत ही कम है कि लखनादौन को जिले का दर्जा दिये जाने हेतु प्रदेश सरकार कोई विचार करे।
इसके अलावा मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा विस उपाध्यक्ष हरवंश सिंह की हालोन सिंचाई परियोजना को हाईजेक कर शीघ्र काम शीघ्र प्रारं कराये जाने के निर्देश दे दिये हैं। इसी तरह घंसौर में हाईस्कूल वन बनाये जाने, क्षेत्र की समस्त सिंचाई परियोजनाओं का तकनीकी सर्वे कराये जाने, बरगी बांध का पानी सिंचाई हेतु लखनादौन लाने का सर्वे कराये जाने की घोषणा ी मंच से की गयी है।
घोषणावीर मुख्यमंत्री ने घोषणाओं की झड़ी लगाते लगाते पूर्व में स्वयं के द्वारा ही की गयी एक घोषणा की पुनरावृŸिा ी कर डाली। चौहान ने इस बार लखनादौन स्थित महाविद्यालय में छात्रावास वन बनाये जाने की घोषणा मंच से की है जबकि यही घोषणा वे डेढ़ दो वर्ष पूर्व मे ी कर चुके थे और जैसा की होता है कि मुख्यमंत्री की घोषणा न उन्हें याद रहती हैं न उनके अधिकारियों को वैसा ही लखनादौन में छात्रावास बनाये जाने की घोषणा के साथ हुआ। उनकी यह घोषणा न उन्हें याद रही न ही उनके अधिकारियों को और तो और जनता व क्षेत्रीय विधायक ी इसे ूल चुके थे।
आज आयोजित अन्त्योदय मेले मे मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा यह ी घोषणा की गयी है कि मई 2013 तक अटल ज्योति अभियान के माध्यम से सिवनी जिले के सी गाँवों को 24 घंटे बिजली मुहैया करायी जायेगी जिससे गाँवों मे छोटे बड़े कुटीर उद्योगों की स्थापना हो सके। स्वरोजगारियों को ऋण उपलब्ध कराये जाने की बात ी मंच से कही गयी है। पुराने ग्रामीण उद्योग धंधों को पुर्नजीवित किये जाने की बात पर बल दिया गया है व कहा गया कि शहरी गरीबों को ी आवास हेतु पट्टा प्रदान करने की नीति पर सरकार अी विचार कर रही है।
क्षेत्रीय विधायिका श्रीमती शशि ठाकुर ने लखनादौन में 100 विस्तरों वाले हाँस्पिटल भवन निर्माण कार्य का भूमपूजन करने के लिये मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का आभार माना क्षेत्र मे पीने के पानी की समस्या के निवारण की मांग रखी। इस मौके पर मुख्यमंत्री द्वारा 47 करोड़ 94 लाख 71 हजार रूपये की लागत वाले 40 निर्माण कार्यों का लोकार्पण भी किया।

देहरादून में झण्डा साहिब का उत्सव


देहरादून में झण्डा साहिब का उत्सव

(चंद्र शेखर जोशी)

देहरादून (साई)। झण्डा मेले का आयोजन प्रत्येक वर्ष होली के बाद पांचवे दिन देहरादून में ऐतिहासिक गुरु रामराय दरबार में गुरु की पवित्र स्मशित में लगता है। मेले का प्रारम्भ ऐतिहासिक परिसर के अहाते में स्थित डण्डे पर नया झण्डा लगाकर किया जाता है। देहरादून के संस्थापक की पुण्य स्मशित में प्रति वर्ष झण्डा साहिब का उत्सव उनके जन्मदिन चौतवदी पंचमी से आरम्भ होता है। विभिन्न प्रांतों के अनुयायी श्रद्धा के साथ आकर अपने ईष्ट गुरु बाबा रामराय जी का जन्म दिन मनाते हुए दरबार साहिब का दर्शन करते हैं।
देहरादून नगर के संस्थापक और उदासीन परम्परा के गुरु रामराय जी ने सन् १६९९ में धामावाला में झण्डा दरबार की स्थापना की थी। तत्कालीन मुगल शैली की वास्तुकला का अनूठा यह भवन सन् १७०७ में उनकी पत्नी माता पंजाब कौर द्वारा भव्य रुप में निर्मित किया गया। गुरु दरबार में प्रथम महन्त गुरु रामराय के बाद १६९९-२००३ के बीच महन्त औद्दास जी, महन्त हर प्रसाद जी, महन्त हरसेवक जी, महन्त स्वरुप दास जी, महन्त पीतम दास जी, महन्त इन्द्रेश चरण दास जी व वर्तमान में महन्त देवेन्द्र दास जी ने गुरु परम्परा को आगे बढाया।
एटकिन्सन गजेटियर के अनुसार १७वीं शताब्दी में जब महन्त गुरु रामराय जी अपने पिता की गद्दी पाने में सफल नहीं हुए तो वे अपने भक्तों के साथ टोंस नदी के बायें तरफ अवस्थित कांडली गांव में रहे, बाद में उन्होंने खुडबुडा में डेरा डाला। उन्होंने मुगल सम्राट औरंगजेब का संस्तुति पत्र तत्कालीन गढवाल के राजा फतेह शाह को दिया। उनके आगमन से अनेक भक्त प्रभावित हुए। सन् १६७६ में सिख गुरु रामराय के आगमन तथा उनके सम्मान में उत्सव मनाया गया जब से हर वर्ष उनकी स्मृति में चौत्र मास की कृष्ण पक्ष की षष्ठी में झण्डा चढाया जाता है जिसमें उत्तर भारत के तीर्थयात्री भारी संख्या में भाग लेते हैं।
यह मेला पारम्परिक, आध्यात्मिक भाव को समाहित किये हुए मनाया जाता है। मेले में पंजाब से गुरु रामराय जी के भक्त पैदल चल कर देहरादून आते हैं। लाखों की संख्या में विभिन्न प्रान्तों से भक्त जन मेले में शिरकत करते हैं। गुरु रामराय दरबार के महन्त पारम्परिक वेशभूषा में जुलूस की अगुवाई करते हुए शहर की परिक्रमा करते हैं। झण्डे की पूजा अर्चना के बाद पुराने झण्डे को उतारा जाता है तथा काफी लम्बे ध्वज दण्ड में बंधे पुराने कपडे, आवरण, दुपट्टे आदि हटाये जाते हैं। ध्वज दण्ड को ढका जाता है और बाद में ध्वज को मखमल के गहरे रंग का आवरण पहनाया जाता है। पवित्र जल छिडका जाता है तथा भक्त जनों द्वारा ध्वज दण्ड में रंगीन रुमाल, दुपट्टे आदि बांधे जाते हैं। बाद में झण्डा साहब को भक्त जनों द्वारा रस्सी व हाथों से चढाया जाता है।
बाबा रामराय जी का, गुरु हरराय साहिब के ज्येष्ठ पुत्र थे। चौतवदी पंचमी संवत १७०३ विक्रमी के दिन माता सुलक्खिणी के गर्भ से कीरतपुर जिला रूपड, पंजाब में इनका जन्म हुआ था। प्रतिवर्ष इसी तिथि को दरबार साहिब के बाहरी पांगण में झण्डा चढाने की परिपाटी सम्पन्न की जाती है। इसी झण्डे के कारण यह उत्सव मेला झण्डा साहिब के नाम से विख्यात है। इसी परिपाटी के साथ झण्डे का उत्सव दस दिन तक चलता है। दूर-दूर से आये श्रद्धालुओं के लिए अनवरत भण्डारे तथा विश्रामालय का उचित प्रबन्ध किया जाता है।
0 बाबा रामराय जीः
बाबा रामराय जी को प्राचीन ग्रन्थों में कर्त्ता पुरुष पभु दयालु, रामराजा अर्न्तयामी, समर्थ आदि नामों से सम्बोधित किया गया है। मुगल बादशाीह औरगंजेब भी बाबा जी को हिन्दू पीर कहकर आदर देता था। बाबा जी का जीवन काल संवत १७०३ विक्रमी तद्नुसार सन् १६४६ ई० से संवत १७४४ विक्रमी तद्नुसार १६८७ ई० तक है। इस काल में बाबा जी द्वारा अनेक महान कार्य किये गये जिससे आज ३०० वर्ष उपरांत भी श्रद्धालुओं की संख्या में लगातार वशिद्ध होती जा रही है।
0 बाबा रामराय जी की शिक्षा दीक्षा
बाबा रामराय जी का अधिकांश जीवन कीरतपुर में व्यतीत हुआ। यहां पर दीवान दुर्गामल के निर्देशन में आपने संस्कश्त, गुरुमुखी तथा फारसी भाषाओं की शिक्षा ली। दीवान साहिब गुरु हरराय जी के दरबार में शिरोमणि विद्वान थे। बाबा जी पतिदिन नियमानुसार गुरु ग्रन्थ साहिब का पाठ करते थे तथा कई वाणियां आपको कंठस्थ हो गयी थी। शस्त्र-शास्त्र विद्या में भी आप पूर्ण निर्पुण थे। अपने पूज्य पिता गुरु हरराय जी से ज्ञान ध्यान की विद्या उन्होंने अर्जित की। परमब्रह्मा परमेश्वर का ध्यान समाधिस्थ अवस्था में आप काफी समय तक किया करते थे। १५ वर्ष की अल्पायु से ही आप परम योगी की सिद्धि अवस्था को पाप्त कर चुके थे। बाबा जी के अनेक चमत्कारों का वर्णन प्राचीन ग्रन्थों में मिलता है। बाबा जी के चमत्कारों ने बादशाह औरगंजेब को भी नतमस्तक कर दिया। इस तथ्य का प्रभाव दरबार साहिब देहरादून की चारदीवारी में एक शिलालेख के रुप में आज भी फारसी कविता में सुरक्षित है।
महिमा प्रकाश में वर्णन है, बादशाह औरंगजेब ने जब बाबा जी का दर्शन किया तो अत्यधिक प्रभावित हुआ और रामराय जी से इस प्रकार पश्न कियाः
हे साहिब, तुम फकीर हो पाक, बडे बली साहिब करामात, वली अहदि लाएक टिक्के के, गुरु हरकिशन जी बेटे छुटके।
गुरु आई अपनी इनको दीन, वह उल्टी रीति कुछ जाय न चीना। (महिमा प्रकाश में इसका वर्णन है)
बाबा रामराय जी ने इसका उत्तर दियाः
श्री रामराय जी कहा समझाए, संत गुरु साहिब बेपरवाह, कर कश्पा जिनह गुरिआई दीना, हम इनके सेवक सब अधीना
करामात जाहर हम कीना, ईह ईतराज भए पभु परवीना, ईह कारण हमको तिलक न दिया, सो कारण सफल जु सत कीया।
बाबा रामराय जी ने गुरु हरकिशन जी का अंतिम संस्कार दिल्ली में किया था और उनके फूल लेकर सेवकों समेत हरिद्वार श्रीगंगा जी अर्पण हेतु पधारे थे। उस समय उनके साथ उनकी माता सुलक्खिणी जी, दीवान दुर्गामल और कुछ सेवक थे। इस तथ्य की पुष्टि हरिद्वार निवासी भवानी दास मिश्र पण्डे के बही से होती है।
गुरु हरकिशन जी के अन्तिम शब्द थे बाबा वकाले। जिसका तात्पर्य उनके उस उत्तराधिकारी से था जो उस समय ग्राम वकाले अमृतसर में रहते थे। एवं परिवार में सबसे बडे होने के कारण बाबा तेगबहादुर कहलाते थे। जब गुरु तेग बहादुर को गुरुआई का तिलक लगा दिया तो समय समय बाबा रामराय जी भी दीवान में सुशोभित थे। इसके बाद रामराय जी जगत के सब नश्वर पदार्थाे को त्याग कर दून घाटी में घने जंगल में आ विराजे। इस स्थान पर बाबा जी डेरा लगाकर परब्रह्मा परमेश्वर की स्मृति में जीवन व्यतीत करने लगे। यहां दूर-दूर से चलकर अनगिनत श्रद्धालु आने लगे।
इसी समय आलमगीर औरगंजेब की आज्ञा से गढवाल के राजा फतेहशाह बाबा जी के लिए अमूल्य वस्तुएं भेट लेकर स्वयं उपस्थित हुए। बाबा जी के व्यक्तित्व से प्रभावित होकर राजा फतेहशाह ने बाबा जी से सदैव इसी स्थान पर निवास करने की प्रार्थना की तथा समीप के सात गांव जिसमें खुरबदी, धतमावाला, चापासारी, धरतीबली, पंडितवाडी, मियांवाला, राजपुर की जागीर आपको भेंट कर दी। राजा की प्रार्थना को स्वीकार कर बाबा जी ने डेरा स्थापित किया। इस स्थान के निकट ही नगर आबाद हो गया जो कालान्तर में बाबा राम राय जी की पवित्र भूमि में पहले डेरादून और बाद में देहरादून कहलाने लगा।
जीवन का अधिकांश समय बाबा जी ने यहीं पर व्यतीत किया। बाबा जी की देह विसर्जन की तिथि भाद्र सुदी ८ संवत १७४४ (१६८७ ई०) मानी जाती है। बाबा जी अनेक पकार की ऋषि-सिद्धी व चमत्कारित शक्तियों से युक्त थे। इन शक्तियों के होते हुए बाबा जी का स्वभाव अत्यंत निर्मल व मृदु था। बाबा जी परम योगी थे तथा समाधिस्थ अवस्था पसंद करते थे।
गुरु महाराज जी २२ वर्षाे तक देहरादून में तपस्या में लीन रहने के पश्चात १६८७ में ज्योति-ज्योत समा गए। उनके पश्चात ५२ वर्षाे तक दरबार का कामकाज उनकी रानी माता पंजाब कौर ने देखा उसके पश्चात महन्त परम्परा का पारम्भ हुआ। पहले महन्त हुए औद दास जी २- महन्त हरपसाद जी ३- महन्त हरसेवक जी, ४- महन्त स्वरुप दास जी, ५- महन्त पीतम दास जी ६- महन्त नारायण दास जी ७- महन्त प्रयाग दास जी ८- महन्त लक्ष्मण दास जी ९-महन्त इन्दिरेश चरण दास जी १०- वर्तंमान में महन्त देवेन्द्र दास जी गद्दीनशीन हैं।  पूजनीय महन्त देवेन्द्र दास जी बडा जी सादा और सात्विक जीवन व्यतीत करते हुंए जनसाधारण की सेवा में रत रहते हैं। दरबार साहिब के नाम से विख्यात आज गुरुरामराय एजूकेशन मिशन के ११५ स्कूल सफलतापूर्वक चल रहे हैं। महन्त जी के पयासों से दरबार साहिब ज्ञान का वट वृक्ष बन चुका है।
दरबार साहिब उदासीन सम्पदाय का धर्मस्थल है। उदासीन सम्प्रदाय अति प्राचीन है जिसका वर्णन रामचरितमानस में भी मिलता है। इस सम्प्रदाय के आधुनिक प्रवतर्कक प्रथम सिख गुरु गुरुनानक जी के ज्येष्ठ पुत्र बाबा श्रीचन्द्र जी हैं जो उदासीन संयासी बन गये थे। फिर सातवे पातशाह गुरु हरराय साहिब के ज्येष्ठ पुत्र गुरु रामराय जी भी इस सम्पदाय में सम्मिलित हो गये। अतः दरबार साहिब में बाबा श्रीचन्द्र व गुरु रामराय जी की पूजा की जलात है। दरबार के महन्त की गद्दी उदासीनों की गद्दी है। उदासीन सम्प्रदाय के डेरे भारत व पाक में हैं।

मुजफ्फरनगर : गुटखा खाना व खिलाना एक अप्रैल से प्रतिबंधित


गुटखा खाना व खिलाना एक अप्रैल से प्रतिबंधित

(सचिन धीमान)

मुजफ्फरनगर (साई)। उत्तर प्रदेश में आगामी एक अप्रैल से गुटखे पर लगने जा रहे प्रतिबंध के आदेशों के बाद जिला प्रशासन हरकत में आना शुरू हो गया है। माना जा रहा है कि जिला प्रशासन एक अप्रैल से पूर्व ही गुटखे के प्रतिबंध के सरकारी आदेशों को सख्ती से लागू करायेगा। गुटखे के प्रतिबंध को लेकर इसके खाने के शौकीन जहां परेशान नजर आने लगे हैं वहीं गली मौहल्लों में खुली पान पनवाड़ियों की दुकानंे की रंगत भी फीकी है क्योंकि अब पान और सिगरेट से कहीं ज्यादा गुटखा खाने व खिलाने वालांे की संख्या तेज हो गयी है हर गली चौराहे में आवश्यक गृह उपयोगी सामान मिले या न मिलने लेकिन गुटखा जरूर मिल जाता है। गुटखे की रोकथाम और इसे सख्ती से लागू कराने के लिए जिला प्रशासन ने पूरा ब्ल्यू प्रिंट तैयार कर लिया है।
जिलाधिकारी सुरेंद्र सिंह के निर्देशन में सिटी मजिस्टेªेट व अन्य अधिकारी सभी तहसीलों के एसडीएम इस आदेश का अनुपालन करायेंगे। उत्तर प्रदेश की सपा सरकार ने पिछले वर्ष ही यह घोषणा कर दी थी कि एक अप्रैल 2013 से उत्तर प्रदेश में गुटखे को पूर्ण रूप से प्रतिबंधित कर दिया जायेगा। सपा सरकार ने छह सात माह की मौहलत गुटखा इंडस्ट्रीज को इसलिए दी थी कि गुटखा बनाने में लाखों मजदूर और काम करने वाले लोग अचानक ही बेरोजगार हो जायेंगे उन्हे कम से कम अपन रोजगार बदलने का समय दिया जाये और गुटखा इंडस्ट्रीज को भी सही तरीके से इसे बंद करने का पूरा मौका दिया जाये।
मुजफ्फरनगर जनपद में गुटखा खाने व खिलाने वालो पर अब जिला प्रशासन का डंडा बहुत ही तेजी से पैना हो रहा है। माना जा रहा है कि शहर और गली मौहल्लों में पनवाडियों की दुकानों पर अगले कुछ दिनों में आफत आ सकती है। पान मंडी में इसकी थोक की दुकानें भी चपेट में आने जा रही है उन्हंे एक अप्रैल से पहले ही अपना तमाम स्टाक खत्म कर दुकानों व गोदामों को गुटखा विहीन करना होगा। उत्तर प्रदेश सरकार से पहले न्यायालय भी इस पर प्रतिबंध करने के बारे में कह चुका है। उत्तर प्रदेश में यह सबसे बाद में ही प्रतिबंधित हुआ है। गुटखा इतना खतरनाक है कि इसे खाने वाला व्यक्ति इसके जहरीलेपन का अंदाजा नहीं लगा सकता। मुंह के कैंसर से लेकर फेफडों व मृत्यु के दरबार में पहुंचाने वाली सभी बीमारियां इस छोटे से गुटखे से हो जाती है। एक से दो रूपये के बीच बिकने वाला यह जहरीला गुटखा आज बाजार में कई रोचक नामों से प्रसिद्ध है। गुटखे और खैनी को लेकर कई बार बहसे भी हुई है। इससे पहले कैंसर का बिच्छू वाला निशान इस पर बनाकर चेतावनी भी दी गयी थी। जिला प्रशासन ने अब स्पष्ट रूप से चेतावनी दी है कि जो भी गुटखा बेचेगा वह सख्त कार्रवाई की चपेट में आयेगा भले ही उसे जेल क्यों न भेजना पडे़। माना जा रहा है कि इस प्रतिबंध के बाद गुटखा कुछ दिनों तक ब्लैक में भी बेचा जायेगा और इसे खाने वालो को कुछ ज्यादा पैसे देकर इसे ब्लैक में लेना होगा।
पान-पनवाड़ियों की दुकाने निशाने पर
मुजफ्फरनगर। जनपद में जिला प्रशासन की सख्ती के बाद पान पनवाड़ियों की दुकानंे निशाने पर आ जायेगी। अनेक लोगों ने होली से पूर्व ही गुटखों की और खैनियों की कई कई पेटियां अपने घरों में स्टाक कर ली है। फिलहाल पान मंडी से भी बड़ी संख्या में गुटखा खाने खिलाने वालांे ने गुटखे ओर खैनियों की पेटियों को अपने घरों व गोदामों में छिपाकर रख लिया है। जिला प्रशासन के लिए इस बात की आवश्यकता है कि गुटखे को जब्त करने के लिए वह घरों व पनवाड़ियों की दुकानों तक भी जाये। सबसे ज्यादा दिक्कत शहर की बजाए छोटे कस्बों व गांवों में आयेगी क्योंकि जिला प्रशासन के पास इतना स्टाफ नहीं है कि वह गांव-गांव जाकर गुटखे का स्टाक खत्म करा दे। इससे पहले भी अन्य मामलों में चाहे वह प्रतिबंधित दवाई का मामला हो या खासी के सिरप का मामला हो स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन इन पर सही तरीके से लगाम भी नहीं लगा पाया है। गुटखा तो उनके सामने बहुत छोटी चीज है।
0 एक अप्रैल से गुटखे पर प्रतिबंध: एडीएम
अपर जिलाधिकारी प्रशासन मनोज कुमार सिंह एवं सिटी मजिस्ट्रेट इंद्रमणि त्रिपाठी ने पत्रकार वार्ता में तम्बाकू तथा निकोटिन से युक्त पान मसााला और गुटखा की बिक्री निर्माण वितरण तथा भंडारण पर उत्तर प्रदेश राज्य में प्रतिबंध के सम्बन्ध में विस्तार से बताते हुए कहा कि खाद सुरक्षा आयुक्त एवं औषधि प्रशासन विभाग उत्तर प्रदेश के आदेशानुसार उत्तर प्रदेश में तम्बाकू तथा निकोटिन से युक्त पान मसाला और गुटखे की बिक्री निर्माण वितरण व भंडारण पर एक अप्रैल 2013 से प्रतिबंध लगाया गया है। खाद सुरक्षा और मानक (विक्रय प्रतिषेध और निर्बधन) विनियम, 2011 के विनियम 2.3.4 में वर्णित प्रावधानों के अंतर्गत उत्पाद में ऐसा कोई पदार्थ नहीं होगा जो स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है, किसी खाद उत्पाद में संघटकों के रूप में तम्बाकू और निकोटीन का उपयोग नहीं किया जायेगा। इसके उल्लंघन पर छह माह तक की सजा, तीन लाख रूपये तक का जुर्माना व अन्य दंडों होगा। इसके परिणामस्वरूप कोई क्षति पहुंचने पर कारावास व अन्य दंड होंगे। जिसके परिणाम स्वरूप अगर मृत्यु होती है तो कारावास की अवधि सात वर्ष से कम की नहीं होगी किंतु आजीवन कारावास तक ही हो सकेगी और जुर्माना भी दस लाख रूपये से कम नहीं होगा। 

सिवनी : महावीर व्यायामशाल समिति का गठन


महावीर व्यायामशाल समिति का गठन

(अखिलेश दुबे)

सिवनी (साई)। हनुमान व्यायाम शाला मैदान भैरोगंज सिवनी में हनुमान व्यायाम शाला समिति के सर्वसम्मति से नव निर्वाचित पदाधिकारियों का चयन किया गया । जिसमें समाज के बुर्जुग सम्माननीय व्यक्ति ,नवयुवक ,व्यायाम शाला के छात्र गण आदि ने अपनी सहर्ष उपस्थिति दर्ज करायी।
संपन्न चुनावों में शिवपाल कुल्हाडे को अध्यक्ष, सोहन लाल हेडाउ को उपाध्यक्ष, संतोष सोनकेसरिया एडव्होकेट को सचिव, अजय हेडाउ को सहसचिव बनाया गया। कोषाध्यक्ष का भार घनश्याम बोकडे को दिया गया। सदस्यां में मंगल प्रसाद आत्मपूज्य, एवं चंदन हेडाउ को चुना गया।

शनिवार, 30 मार्च 2013

राष्ट्रीय बिजली समिति का गठन


राष्ट्रीय बिजली समिति का गठन

(शरद)

नई दिल्ली (साई)। सरकार ने देश में बिजली ग्रिडो के इस्तेमाल में अंतर्राज्यीय विवादों को हल करने और कड़ा अनुशासन सुनिश्चित करने के लिए राष्ट्रीय बिजली समिति बनाई है। बिजली मंत्रालय के आदेश के अनुसार ये समिति क्षेत्र विशेष में ग्रिडो के कामकाज में सुधार के लिए काम कर रही क्षेत्रीय बिजली समितियों के बीच के मुद्दों को सुलझाएगी।
देश में बिजली ग्रिड प्रणाली प्रबंधन में आ रही जटिलता के मद्देनजर उसकी सुरक्षा और विश्वसनीयता से संबंधित मुद्दों पर एक साझा दृष्टिकोण अपनाने में राष्ट्रीय बिजली समिति की भूमिका महत्वपूर्ण होगी। बिजली क्षेत्र की शीर्ष नियोजन संस्था केन्द्रीय बिजली प्राधिकरण के अध्यक्ष के नेतृत्व में बनने वाली समिति में १८ सदस्य होंगे। समिति की हर छह महीने में कम से कम एक बैठक होगी। इसके अलावा समिति के सदस्य किसी भी मुद्दे पर विचार करने के लिए कभी भी बैठक कर सकेंगे।
इसके साथ ही साथ मंत्रिमण्डल की निवेश संबंधी समिति द्वारा अगले तीन हफ्घ्तों के अन्दर कई परियोजनाओं को मंजूरी दिये जाने की उम्मीद है। योजना आयोग के उपाध्यक्ष मोंटेक सिंह आहलुवालिया ने कल रात चेन्नई में एक विचार गोष्ठी के दौरान ये बात कही। प्रमुख बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को मंजूरी देने के लिए जनवरी में इस समिति का गठन किया गया था। उन्होंने कहा कि समिति की बैठक दो तीन बार हो चुकी है।
सरकारी सूत्रों ने समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया को बताया कि ऊर्जा की कीमतों के बारे में डॉ० आहलुवालिया ने ऊर्जा की घरेलू कीमतों को वैश्विक कीमतों के साथ जोड़ने का पक्ष लिया। उन्होंने कहा कि सरकार ने १८ महीने की अवधि में डीजल की कीमतों को सही करने के उद्देश्य से हर महीने इसकी कीमत करीब पचास पैसे बढ़ाने का फैसला करके एक बड़ा कदम उठाया है। 

बेनी मुलायम आमने सामने


बेनी मुलायम आमने सामने

(महेश)

नई दिल्ली (साई)। केन्द्रीय मंत्री बेनीप्रसाद वर्मा ने आरोप लगाया है कि उत्तरप्रदेश सरकार अल्पसंख्यकों और दलितों के विकास के लिए आवंटित राशि से लैपटॉप वितरित करके राजनीतिक लाभ उठाने का प्रयास कर रही है। बलरामपुर में संवाददाताओं से बातचीत में उन्होंने कहा कि कांग्रेस राज्य में लोकसभा की सभी ८० सीटों पर चुनाव लड़ेगी और ४० सीटें जीतेगी।
उन्होंने कहा कि मुलायमसिंह की समाजवादी पार्टी उत्तरप्रदेश में केवल चार सीटें ही जीत पाएगी। श्री बेनीप्रसाद वर्मा अगले लोकसभा चुनाव में राज्य में विभिन्न पार्टियों की संभावनाओं के बारे में प्रश्नों का उत्तर दे रहे थे। समाजवादी पार्टी ने केन्द्रीय मंत्री बेनीप्रसाद वर्मा की टिप्पणियों पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा है कि कांग्रेस को इस तरह की बेबुनियाद बातों से नुकसान पहुंचेगा। इस बीच, समाजवादी पार्टी ने केन्द्र में यूपीए सरकार को समर्थन जारी रखने के अपने फैसले को दोहराया है।
आज इलाहाबाद में एक समारोह के दौरान संवाददाताओं से बातचीत में उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा कि साम्प्रदायिक ताकतों को सत्ता में आने से रोकने के लिए उनकी पार्टी केन्द्र में सत्तारूढ़ गठबंधन को अपना समर्थन जारी रखेगी। लोकसभा चुनाव जल्दी होने की संभावनाओं के बारे में पार्टी अध्यक्ष मुलायमसिंह यादव के वक्तव्य के बारे में पूछे जाने पर श्री अखिलेश यादव ने कहा कि देश की मौजूदा राजनीतिक स्थिति इसकी ओर संकेत करती है।
श्री यादव ने विश्वास व्यक्त किया कि आगामी लोकसभा चुनावों में उनकी पार्टी को वैसी ही सफलता मिलेगी, जैसी उसे राज्य में पिछले विधानसभा चुनावों में मिली थी। एक प्रश्न के उत्तर में उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी किसी भी कीमत पर एनडीए को समर्थन नहीं देगी, क्योंकि उसने कभी भी कथित साम्प्रदायिक ताकतों का समर्थन नहीं किया है।

तमिल मुद्दे पर भड़काने का आरोप


तमिल मुद्दे पर भड़काने का आरोप

(प्रीति सक्सेना)

चेन्नई (साई)। केन्द्रीय मंत्री वी नारायणसामी ने आरोप लगाया है कि श्रीलंका के तमिलों के मुद्दे पर तमिलनाडु के छात्रों के विरोध प्रदर्शन को कुछ लोगों ने भड़काया है। उन्होंने कहा कि ये आंदोलन कांग्रेस और यूपीए सरकार के खिलाफ जान-बूझकर भड़काया गया है।
श्री नारायणसामी ने आज चेन्नई में कहा कि संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद ने प्रस्ताव पारित किया और जहां तक भारत का सवाल है, वह उन २५ देशों में शामिल है, जिसने प्रस्ताव के पक्ष में वोट दिया। उन्होंने कहा कि भारत अपनी तरफ से किसी प्रस्ताव के लिए नहीं कह सकता, क्योंकि इसके लिए अन्य सदस्यों के समर्थन की जज्ञरत होगी।
इस वर्ष नवम्बर में कोलम्बो में राष्ट्रमण्डल शासनाध्यक्षों की बैठक में भारत के हिस्सा लेने पर तमिलनाडु की मुख्यमंत्री जयललिता और डीएमके अध्यक्ष करूणानिधि की आपत्ति के बारे में श्री नारायणसामी ने कहा कि प्रधानमंत्री मनमोहसिंह विदेशमंत्री सलमान खुर्शीद के साथ इस बारे में विचार विमर्श करेंगे और फिर कोई फैसला लेंगे।

असम में पर्यटकों के लिए विशेष योजना


असम में पर्यटकों के लिए विशेष योजना

(पुरबाली हजारिका)

गुवहाटी (साई)। असम सरकार ने राज्य में पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए असम ग्रामीण आवास पर्यटन योजना शुरू की है। इस योजना के तहत वन्यजीव पार्क और अन्य पर्यटक स्थलों के आसपास के भवन मालिकों को आवास सुविधा को उन्नत बनाने के लिए सब्सिडी दी जायेगी।
सरकारी सूत्रों ने समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया को बताया कि राज्य में पिछले वर्ष रिकार्ड संख्या में ४६ हजार से ज्यादा पर्यटक आये। ग्रामीण आवास पर्यटन सुविधा के अन्तर्गत माजुली द्वीप, काजीरंगा, मानस राष्ट्रीय पार्क, सुअलकूची और शिबसागर जैसे प्रमुख पर्यटन स्थलों को चुना गया है। हमारे संवाददता ने बताया है कि असम सरकार पहले चरण में इस योजना की सब्सिडी पर दो करोड़ रूपये खर्च करेगी।
सूत्रों ने साई न्यूज को बताया कि प्रदेश में इस योजना के तहत पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए आम लोगों को भी जोड़ने की कोशिश की जाएंगी। कोई भी व्यक्ति इसके तहत प्रदेश के प्रसिद्ध स्थलों के आसपास पर्यटकों को घरेलू माहौल देने के लिए घरों में ही ठहराव स्थल बना सकते है और इसके लिए सरकारी मदद का फायदा उठा सकते है। पर्यटकों को रूकने के लिए विकसित होने वाली इन घरों में प्रदेश की कला और संस्कृति की झलक दिखेगी और यहां असम की प्रसिद्ध थाली भी परोसी जाएंगी।

गंगा में डूबा गाईड


गंगा में डूबा गाईड

(दिशा कुमारी)

नई दिल्ली (साई)। पर्यटन स्थलों के निवासी अपनी जान पर खेलकर भी आगंतुकों को बचाते आए हैं। इसके अनेक उदहारण दुखने सुनने को मिलते आए हैं। हाल ही में हिन्दु धर्मावलंबियों के प्रसिद्ध तीर्थ जिसे भगवान का द्वारा यानी हरि का द्वार अर्थात हरिद्वार भी कहा जाता है, में एक गाईड ने पर्यटकों को बचाते अपनी जान गंवा दी।
ऋषिकेश के पास गंगा नदी की धारा में आज एक नौका पलट गई और उस पर सवार छह पर्यटकों को बचाने के बाद नौका विहार कराने वाला गाइड डूब गया। पुलिस ने बताया कि ये सभी पर्यटक दिल्ली के रहने वाले हैं। थाना प्रभारी राजीव दंडरियाल ने बताया कि यह दुर्घटना ऋषिकेश से 18 किलोमीटर दूर टिहरी जिले के मुनी की रेती पुलिस थाना क्षेत्र के तहत शिवपुरी में दोपहर करीब डेढ़ बजे हुई।
राम कुमार पाठक (40) नाम के गाइड ने नौका पर सवार सभी छह लोगों को बचा लिया, लेकिन वह खुद की जान नहीं बचा पाया क्योंकि उसके शरीर में ज्यादा पानी भर गया, जिससे उसका दम घुट गया। पुलिस अधिकारी ने बताया कि पाठक किसी तरह नदी तट तक पहुंचने में कामयाब रहा, जिसके बाद उसे ऋषिकेश के एक सरकारी अस्पताल में ले जाया गया जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
पाठक ने मरीन ड्राइव से राफ्टर्स के इस दल के साथ आज सुबह अपने अभियान की शुरुआत की थी। गौरतलब है कि नौका विहार कराने वाला वह इलाके का मशहूर गाइड था और इस पेशे में पिछले 20 साल से था। करीब पखवाड़े भर पहले व्यासी के पास गंगा में इसी तरह के एक अन्य हादसे में दो लोगों की मौत हो गई थी।

हाफ नहीं फुल टिकिट लगेगा बच्चों का!


हाफ नहीं फुल टिकिट लगेगा बच्चों का!

(प्रदीप चौहान)

नई दिल्ली (साई)। पवन बंसल ने भले ही सत्रह साल बाद कांग्रेस के रेल मंत्री होकर बजट पेश करने का तगमा हासिल कर लिया हो, पर उन्होंने पिछले दरवाजे से आम जनता की जेब काट दी है। अब रेल में यात्रा करने के समय हाफ टिकिट का फंडा भी बदल दिया गया है।
रेल्वे बोर्ड के सूत्रों ने समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया को बताया कि अगर आपने बच्चों का आपने ट्रेन में हाफ टिकट कटवाया है? तो ध्यान दें रास्ते में टीटीई आपसे फुल टिकट का चार्ज ले सकता है। ट्रेन में अब पांच से ग्यारह साल के बच्चों को भी यात्रा करने पर छूट नहीं मिलेगी। रेलवे उनके अभिभावकों से पूरा किराया वसूलेगा। ट्रेन में सफर के दौरान जिन यात्रियों ने पहले टिकट कराया था उनसे टीटीई ने अतिरिक्त किराया वसूलना शुरू भी कर दिया है।
रेल मंत्री द्वारा 22 जनवरी को पेश बजट में किराए में वृद्धि के लिए कई नए स्लैब बनाए गए थे। यानी स्लीपर श्रेणी में 200 किमी। तक, थर्ड व सेकेंड एसी में 300, फर्स्ट एसी में 100 और चेयर कार में 150 किमी का किराया यात्री को देना पड़ेगा। भले यात्री इससे कम दूरी सफर तय करे। इस नये स्लैब के तहत बच्चों को भी इतनी दूरी का सफर तय करने पर कोई छूट नहीं मिलेगी। रेलवे अधिकारियों ने बताया कि 5 से 11 साल के बच्चों को सफर के दौरान छूट मिलती थी। यह छूट अब भी बरकरार है।
लेकिन यह छूट तभी मिलेगी जब बच्चे स्लीपर श्रेणी में 200 किमी से अधिक, थर्ड व सेकेंड एसी में 300 किमी से अधिक, फर्स्ट एसी में 100 किमी से अधिक और चेयर कार कोच में 150 किमी से अधिक सफर करने पर ही मिलेगी। अगर इससे कम सफर करते हैं तो यह छूट खत्म हो जाएगी। और वयस्क यात्री के बराबर बच्चों का किराया भी लगेगा।

मुजफ्फरनगर : एक अपै्रल से नहीं बिकेगा मुजफ्फरनगर जिले में तम्बाकू व गुटखा


एक अपै्रल से नहीं बिकेगा मुजफ्फरनगर जिले में तम्बाकू
व गुटखा

(सचिन धीमान)

मुजफ्फरनगर (साई)। सुप्रीम कोर्ट केे आदेश के बाद प्रदेश सरकार के निर्देशन में जनपद में एक अपै्रल से तम्बाकू व गुटखे पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध लगने जा रहा है। एक अपै्रल के बाद जनपद में तम्बाकू व गुटखे के बिक्री करने वालों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्यवही की जायेगी। तम्बाकू व गुटखे बेचते पकडे जाने वाले लोगों को कठोर कारावास व अर्थदण्ड की सजा हो सकती है।
पत्रकारों से वार्ता करते हुए अपर जिलाधिकारी मनोज कुमार ने बताया कि आगामी एक अपै्रल से मुजफ्फरनगर जिले में तम्बाकू, निकोटिन से युक्त पान मसाला और गुटखा की बिक्री निर्माण और भण्डारन पर रोक लग गयी। उन्होंने बताया कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर प्रदेश सरकार ने यह रोक लगायी है। गुटखे की बिक्री और निर्माण एवं भण्डारन करने वालों के खिलाफ कठोर कार्यवाही की जायेगी। इसके लिए जिले में पांच टीमों का गठन किया गया है। नगर क्षेत्र में सिटी मजिस्टेªट के नेतृत्व में और तहसीलों में एसडीएम के नेतृत्वों में टीमे गठित की गयी है। जिले में दो दिन तक प्रचार प्रसार भी किया जायेगा जिससे लोग गुटखे और तम्बाकू को लेकर जागरूक हो जाये। इसके बाद छापामार अभियार चलाया जायेगा। उन्होंने बताया कि देश में प्रतिवर्ष 8 हजार व्यक्ति गुटखे के कारण मुंह के कैंसर का शिकार हो रहे है। इनमें 15 से 25 वर्ष के बीच के युवाओं की संख्या 25 फीसदी और महिलाओं की संख्या 18 फीसदी है।

सहारनपुर : पूर्व विधायक के बेटे ने की खुदकुशी!


पूर्व विधायक के बेटे ने की खुदकुशी!

(सत्येंद्र ठाकुर)

सहारनपुर (साई)। कांग्रेस के पूर्व विधायक चमनलाल के बेटे ने कथित तौर पर खुद को गोली मारकर खुदकुशी कर ली। आत्महत्या का कारण मानसिक तनाव बताया जा रहा है। पुलिस जांच कर रही है। 1984 में कांग्रेस के टिकट पर नागल से एमएलए रहे चमनलाल चमन के परिवार की आर्थिक स्थिति इन दिनों ठीक नहीं है। हाल ही में चमन ने देहरादून रोड स्थित रोडवेज वाली गली में अपना छोटा सा मकान बनाया था, जिसमें वे अपने 6 बेटों व 2 बेटियों के साथ रहते थे।
बताया जाता है कि चमनलाल का बेटा प्रदीप कुमार छोटा मोटा प्रिंटिंग का काम करता था। पिछले काफी समय से वह मानसिक तनाव से ग्रस्त था। इस कारण प्रदीप ने शराब पीनी शुरू कर दी थी। गुरुवार को प्रदीप शराब के नशे में अपने घर पहुंचा तो दूसरे कमरे में उसके भाई-बहन टीवी देख रहे थे। चमन रामपुर मनिहारान गए हुए थे। इसी बीच दूसरे कमरे से गोली चलने की आवाज सुनते ही प्रदीप के अन्य भाई-बहन कमरे की ओर दौड़े। वहां प्रदीप की लाश पड़ी थी। बताया गया है कि प्रदीप ने तमंचे से अपने सिर में गोली मारकर आत्महत्या कर ली थी। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

सिवनी : बेटा नेता, बाप अधिकारी, शासकीय योजना में हो रही भ्रष्टाचारी


बेटा नेता, बाप अधिकारी, शासकीय योजना में हो रही भ्रष्टाचारी

(अखिलेश दुबे)

सिवनी (साई)। किरण एग्रो के खिलाफ आये लोगों ने अब ये पूरी तरह से स्पष्ट कर दिया है कि उक्त फर्म के द्वारा शासकीय योजनाओं का फर्जीवाड़ा किया जा रहा है। ज्ञात होवे कि यह फर्म नितिनसिंह पिता ज्ञानेंद्रसिंह के नाम पर है, जिसका पंजीयन कृषि उपकरण के कार्याे हेतु करवाया गया था। इनका दफ्तर गुरूनानक काम्पलेक्स छिंदवाड़ा रोड पर दर्शाया जाता है जबकि उक्त स्थान पर न तो फर्म का कोई बोर्ड है और न ही कोई भवन साथ ही इनके बाऊचरों पर उल्लेखित नंबर 9685089996 और 7509183111 भी इन्हीं की तरह फर्जी है। सबसे बड़ा घालमेल तो टिन नंबर के साथ किया गया है। बिल-बाऊचर में अंकित टिन नंबर 23469019300 है, जबकि यह अप्रैल 2011 में जय महाकाल कन्स्ट्रक्शन कंपनी के नाम पर दर्ज है, जिसका कार्य ठेकेदारी करना है। हम आपको बता दें कि नितिन सिंह नामक यह युवक तथाकथित भाजपा का नेता बताया जाता है और वहीं दूसरी ओर इनके पिताजी ज्ञानेंद्रसिंह उद्यान विभाग के प्रभारी एवं शासकीय प्रोजनी आचर्ड के अधीक्षक है। ज्ञानेंद्र सिंह विगत 25 वर्षों से सिवनी में ही डटे हुए हैं और यह उनके राजनैतिक रसूख का एक नमूना मात्र है। इनके पुत्र के द्वारा वर्ष 2011-12 में ड्रिप स्प्रंकलर एवं पॉलि हाऊस में किसानों को लाभ दिये जाने हेतु आई योजना के साथ भारी घोटाला किया गया है। यह सभी यंत्र किरण एग्रो हाईटेक के द्वारा सप्लाई किये गये हैं, जो कि अतिगुणवत्ताविहीन है। जहां किरण एग्रो कंपनी को गोविंद ग्रीन हाऊस कन्स्ट्रक्शन के द्वारा बिना टिन नंबर और बिना पंजीयन के अपना डीलर नियुक्त कर दिया गया था, वहीं माइक्रो इरीगेशन योजना के अंतर्गत टैक्समो कंपनी के द्वारा भी इन्हें नियुक्त किया गया था, जिसमें कंपनी के द्वारा उमेश चौधरी एवं राजेंद्र चौधरी को बिलों के सत्यापन के लिये नियुक्त किया गया, किंतु किरण एग्रो के द्वारा हॉलमार्क कंपनी के उपकरण लगाये गये, जो कि समस्त नियमों की धज्जियां उड़ाते हैं।
ज्ञात होवे कि हमारे द्वारा वर्ष 2012 के दिसंबर माह में ही इस पूरे गड़बड़ झाले को आपके समक्ष ला दिया गया था, किंतु अब पुनरू सबूतों के साथ पोल खोलने की जिम्मेदारी गोविंद बोरकर एड।, अखिलेश यादव एड। और रविकुमार सनोडिया के द्वारा ली गई है। इस योजना पर बैंको का अनुदान भी होता है और ऋण भी दिया जाता है, किंतु इसका कहीं भी उल्लेख नहीं है। इन सभी उपकरणों का भुगतान बगैर नियमों की पूर्ति के जल्दबाजी में किया गया और इन सब में विभाग के ही परते का लेनदेन होना बताया जाता है। इन सभी भ्रष्टाचारों की जानकारी वाणिज्य कर विभाग में पदस्थ अधिकारी को भी दी गई थी, किंतु उनके द्वारा भी यह कहा गया कि हम कार्यवाही करने में असक्षम है। अब शासन की हितकारी योजनाओं पर अगर इस तरह का दीमक लग जाये तो फिर उसे कौन बचाये

सिवनी :


यातायात का अवैध जुर्माना रख रहे फल-फू्रट व्यवसाई

(शिवेश नामदेव)

सिवनी (साई)। क्या नगर यातायात सुव्यवस्थित है? यह प्रश्र आज हर व्यक्ति के जेहान पर उभर रहा है, लेकिन यह कटुसत्य है कि नगर का यातायात बद से बदतर होते जा रहा है। ट्राफिक सिग्रल लगाकर जहां यातायात व्यवस्था सुधारने की मंशा रखी गई थी, लेकिन यह मंशा पर पानी फिरता नजर आ रहा है। अपितु यह ट्राफिक सिग्रल अब उन छुटभैय्या नेताओं की जागीर बन चुकी है, जो आये दिन यातायात कर्मियों के सामने सिग्रल तोड़कर यातायात को उसकी असली बिसात दिखाया है। तो वहीं इन यातायात कर्मियों के लिए यह सिग्रल भी पैसा कमाने का जरिया बन चुका है। बताया जाता है कि नगर पालिका के सामने ट्राफिक सिग्रल के समीप कुछ फल-फूट व्यवसाईयों ने अतिक्रमण कर वैसे भी नियम की धज्जियां उड़ा रखे हैं, लेकिन इन व्यवसाईयों के पास ही यातायातकर्मी तीन सवारी चलने वाले दो पहिया वाहनों एवं ट्राफिक सिग्रल तोडऩे वाले पर कार्यवाही का रूआब दिखाकर लंबे चौड़े चालान की धमकी देकर पहले इन्हें भयभीत किया जाता है और फिर धीरे से सेटिंग करके रकम 100-200 में रोक दी जाती है, लेकिन यहां रिश्वत लेने का अनोखा फंडा है। बताया जाता है कि यह भ्रष्ट यातायात कर्मी फल-फू्रट दुकान के व्यवसाईयों को रकम देने की बात करते हैं और बाद में इन्हीं व्यवसाईयों से दिन भर कमाई का हिसाब किताब लेकर अपनी जेब गर्म की जाती है। क्या इस बात की भनक यातायात प्रभारी  को भी है? अगर नहीं है तो अच्छी बात है, लेकिन सारे वाक्या से नवीन जैन वाकिफ है और उसके पश्चात कोई कार्यवाही नहीं कर रहे हैं तो यह बोलना लाजिमी है कि कहीं न कहीं उच्चाधिकारी का कमीशन भी फिक्स है।