शनिवार, 11 फ़रवरी 2012

. . . मतलब नर्मदा बचाओ वाले सैट हैं थापर से!


0 घंसौर को झुलसाने की तैयारी पूरी . . .  62

. . . मतलब नर्मदा बचाओ वाले सैट हैं थापर से!

नर्मदा को प्रदूषित करने पर आमदा पावर प्लांट पर मौन है 

नर्मदा बचाओ आंदोलन



(लिमटी खरे)

नई दिल्ली (साई)। देश के मशहूर उद्योगपति गौतम थापर के स्वामित्व वाले अवंथा समूह के सहयोगी प्रतिष्ठान मेसर्स झाबुआ पावर लिमिटेड द्वारा मध्य प्रदेश के सिवनी जिले के केंद्र सरकार की छटवीं सूची में अधिसूचित आदिवासी बाहुल्य विकासखण्ड घंसौर के ग्राम बरेला में लगाए जाने वाले 1200 मेगावाट के कोल आधारित पावर प्लांट से पुण्य सलिला नर्मदा नदी के भयंकर तरीके से प्रदूषित होने का खतरा मण्डरा रहा है और इसे जानते बूझते हुए भी नर्मदा बचाओ आंदोलन के नेतृत्व कर्ताओं ने इसकी सुध लेने का कोई जतन नहीं किया है।
मेसर्स झाबुआ पावर लिमिटेड द्वारा अपने प्रतिवेदन में साफ कहा है कि दो चरणों में लगने वाले इस संयंत्र में प्रत्येक संयंत्र से 853 टन जमीनी और 3416 टन फ्लाई एश का उत्सर्जन होगा। इस तरह जब दोनों संयंत्र आरंभ हो जाएंगे तब प्रतिदिन 1706 टन जमीनी और 6 हजार 832 टन फ्लाई एश का उत्सर्जन होगा। एक माह का अगर अनुमान लगाया जाए तो माह भर में जमीनी राख 51 हजार 180 टन और उड़ने वाली राख की तादाद दो लाख 4 हजार 960 टन हो जाएगी।
संयंत्र प्रबंधन ने स्वयं ही लिखित तौर पर स्वीकार किया है कि संयंत्र में कोयला ज्वलित बॉयलर ही वायुप्रदूषण का मुख्य कारक होगा। संयंत्र प्रबंधन द्वारा कराए गए परीक्षण में वायू की दिशा उत्तर और उत्तर पूर्व प्राप्त हुई थी। गौरतलब है कि संयंत्र से उत्तर और उत्तर पूर्व दिशा में ही नर्मदा नदी पर बंधे बरगी बांध का जलभराव क्षेत्र है।
इससे साफ हो जाता है कि एक साल में 6 लाख 22 हजार 690 टन जमीनी राख संयंत्र में एकत्र होगी, जिसके भण्डारण की समस्या से संयंत्र प्रबंधन को दो चार होना ही पड़ेगा। इतना ही नहीं इसका सबसे दुखद पहलू तो यह सामने आ रहा है कि उड़ने वाली राख की तादाद 24 लाख 93 हजार 680 टन होगी। यह राख लगभग एक हजार फुट उंची चिमनी से उड़ेगी जो क्षेत्र में कहर बरपाएगी।
इसका सबसे कष्टकारी पहलू यह होगा कि हवा की दिशा बरगी बांध के जलभराव क्षेत्र की ओर होने से कुछ ही माहों में बरगी बांध की तलहटी में यह राख सिल्ट के बतौर जमा हो जाएगी। इसके साथ ही साथ राख से बांध का पानी भी प्रदूषित हुए बिना नहीं रहेगा। अभी इस क्षेत्र में दो और संयंत्र प्रस्तावित हैं, जो भविष्य में कहर बरपाने के लिए पर्याप्त माने जा सकते हैं।
इधर नर्मदा बचाओ आंदोलन ने राज्य सरकार से महेश्वर परियोजना के संबंध में हुए सभी समझौतों को रद्द करने और किसी भी हालत में इस परियोजना की बिजली की खरीदी को मंजूरी नहीं देने की मांॅग की है। संगठन ने इस बारे में अपने वकील के माध्यम से राज्य के मुख्य सचिव अवनि वैश्य, ऊर्जा सचिव मोहम्मद सुलेमान और वित्त सचिव अजय नाथ को कानूनी नोटिस भेजा है। उसने पिछले वर्षों में महेश्वर परियोजनाकर्त्ता को प्रदेश की जनता के धन की कीमत पर अवांछित लाभ देने वाले दोषी अधिकारियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई करने की मॉंग भी की है।
इस नोटिस में नर्मदा बचाओ आंदोलन ने कहा है कि राज्य सरकार ने दो हजार पॉंच में स्वयं स्वीकार किया था कि परियोजना लाभदायक नहीं रही। लेकिन, इसके बावजूद सरकार द्वारा परियोजना को समर्थन देते रहना राज्य के हितों के खिलाफ है। आज भोपाल में पत्रकारों से चर्चा करते हुए संगठन के आलोक अग्रवाल ने कहा कि शासन को इस नोटिस के जवाब के लिए दो सप्ताह का समय दिया गया है। उसके बाद नर्मदा बचाओ आंदोलन अदालत का दरवाजा खटखटाएगा।
एक तरफ तो नर्मदा को बचाने के लिए नर्मदा बचाओ आंदोलन द्वारा महेश्वर में आंदोलन किया जा रहा है, वहीं पुण्य सलिला जीवन दायिनी नर्मदा नदी को अमरकंटक के उपरांत महज कुछ सौ किलोमीटर का सफर तय करने के बाद ही प्रदूषण की भेंट चढ़ने की तैयारी की जा रही है जिस मामले में नर्मदा बचाओ आंदोलन पूरी तरह मौन ही है। इन परिस्थितियों को देखकर लगने लगा है कि आंदोलन के नेतृत्वकर्ता पूरी तरह से मशहूर उद्योगपति गौतम थापर से सेट होकर उनकी देहरी पर कत्थक कर रहे हैं।
कुल मिलाकर नर्मदा नदी प्रदूषित हो, सिवनी जिले की आदिवासी बाहुल्य तहसील घंसौर में पर्यावरण बिगड़े, प्रदूषण फैले, क्षेत्र झुलसे या आदिवासियों के साथ अन्याय हो इस बात से मध्य प्रदेश सरकार के प्रदूषण नियंत्रण मण्डल और केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय को कुछ लेना देना नहीं है। यह सब देखने सुनने के बाद भी केंद्र सरकार का वन एवं पर्यावरण मंत्रालय, मध्य प्रदेश सरकार, मध्य प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण मण्डल, जिला प्रशासन सिवनी सहित भाजपा के सांसद के।डी।देशमुख विधायक श्रीमति नीता पटेरिया, कमल मस्कोले, एवं क्षेत्रीय विधायक जो स्वयं भी आदिवासी समुदाय से हैं श्रीमति शशि ठाकुर, कांग्रेस के क्षेत्रीय सांसद बसोरी सिंह मसराम एवं सिवनी जिले के हितचिंतक माने जाने वाले केवलारी विधायक एवं विधानसभा उपाध्यक्ष हरवंश सिंह ठाकुर चुपचाप नियम कायदों का माखौल सरेआम उड़ते देख रहे हैं।

(क्रमशः जारी)

सर मुंडाते ही ओले पड़े पचौरी के


बजट तक शायद चलें मनमोहन. . . 84

सर मुंडाते ही ओले पड़े पचौरी के

पूनम पांडे ने की पचौरी की नींद हराम



(लिमटी खरे)

नई दिल्ली (साई)। भारत गणराज्य के वज़ीरे आज़म डॉ.मनमोहन सिंह के नए मीडिया सलाहकार पंकज पचौरी को अपने पहले कदम पर ही परेशानी का सामना करना पड़ा। प्रधानमंत्री को ट्विटर पर लाने के साथ ही पचौरी की पेशानी पर पसीने की बूंदे तब दिखाई दीं जब माडल अभिनेत्री पूनम पांडे ने बिकनी पहली अपनी अर्धनग्न फोटो के साथ प्रधानमंत्री का स्वागत किया।
पीएमओ के सूत्रों का कहना है कि जैसे ही यह बात पचौरी के संज्ञान में आई वे बुरी तरह हड़बड़ा गए। घबराए पचौरी ने अखबार विशेषकर आंग्ल भाषा के समाचार पत्रों के कार्यालयों में ताबड़तोफ फोन लगाकर संपर्क स्थापित किया और इस फोटो को न छापने का आग्रह किया।
सूत्रो ने यह भी कहा कि कांग्रेस मानसिकता वाले एक अखबार से पचौरी ने इस खबर को न छापने की मिन्नत की। पहले उक्त समाचार पत्र के संपादक ने इसके लिए अपनी सहमति दे दी किन्तु जब बाद में उन पर उपर से दबाव बढ़ा तो उन्हें मजबूरी में पूनम पांडे की उक्त बिकनी वाली खबर को अपने अखबार में स्थान देना ही पड़ा।
सूत्रों ने संकेत दिए कि हरीश खरे के मुकाबले पंकज पचौरी बेहद ही कमजोर साबित हो रहे हैं। सूत्रों ने कहा कि एक वरिष्ठ पत्रकार से जब पचौरी ने कहा कि सेना प्रमुख के मसले में मनमोहन सिंह का नाम दूर रखा जाए। इस पर उक्त पत्रकार ने पलटते ही आश्चर्य व्यक्त करते हुए कहा कि क्या सेना प्रमुख वाले मामले में प्रधानमंत्री का भी कोई रोल है? यह बात पुलक चटर्जी के संज्ञान में ला दी गई है। अब पुलक चटर्जी भी सोच रहे होंगे कि पंकज पचौरी द्वारा प्रधानमंत्री की खाल बचाने का काम किया जा रहा है या फिर उन्हें उलझाने का जतन किया जा रहा है।

(क्रमशः जारी)

शीतलहर ने फिर किया ठुठरने पर मजबूर


शीतलहर ने फिर किया ठुठरने पर मजबूर



(शरद खरे)

नई दिल्ली (साई)। फरवरी का पहला पखवाड़ा समाप्ति की ओर अग्रसर है, वहीं दूसरी ओर ठंड अपना असर जमकर दिखा रही है। समूचे देश में हाड़ गलाने वाली ठण्ड से लोगों का जीना दूभर हो गया है। मौसम विभाग ने उत्तर भारत के पर्वतीय क्षेत्रों में हिमपात और बारिश की संभावना जताते हुए कहा है कि मौसम एक बार फिर करवट बदल सकता है।
हिमाचल, उत्ताराखंड और जम्मू-कश्मीर पश्चिमी विक्षोभ की चपेट में आ सकते हैं। उत्तार प्रदेश, दिल्ली, राजस्थान, पंजाब और हरियाणा में शुक्रवार को तापमान सामान्य से नीचे दर्ज किया गया। दिल्ली में न्यूनतम तापमान 6.4 डिग्री सेल्सियस रहा। हिमाचल प्रदेश और उत्ताराखंड के कई हिस्सों में न्यूनतम तापमान शून्य के आसपास बना हुआ है।
मौसम विभाग के अनुसार हिमाचल प्रदेश में शनिवार से ऊंची चोटियों पर हिमपात हो सकता है। साथ ही कई निचले इलाकों में बारिश भी हो सकती है। 12 फरवरी को प्रदेश में पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो सकता है। प्रदेश में शुक्रवार को सबसे कम केलंग का तापमान शून्य से 16.9 डिग्री नीचे दर्ज किया गया।
उत्ताराखंड के उत्तारकाशी में बर्फबारी के कारण 48 घंटे से बंद यमुनोत्री हाइवे शुक्रवार को खुल गया। कड़ाके की सर्दी झेल रहे जम्मू-कश्मीर में कई इलाकों में शुक्रवार को फिर से तापमान में गिरावट दर्ज की गई। प्रदेश में सोमवार व मंगलवार को बारिश होने के भी आसार हैं। जम्मू में न्यूनतम तापमान 4.2 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया, जबकि कश्मीर के कई हिस्सों में पारा जमाव बिंदु से नीचे बना रहा।
हरियाणा के अधिकतर हिस्सों, पंजाब, और उत्तर प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में शीतलहर जारी है। पूरे राजस्थान में मौसम से सामान्य से नीचे बना हुआ है। पंजाब के अमृतसर में न्यूनतम तापमान 1.8 डिग्री रहा, जबकि हरियाणा के नारनौल का तापमान 1.5 डिग्री नीचे तक दर्ज किया गया। राजस्थान में चुरू शून्य से तीन डिग्री नीचे रहकर राज्य का सबसे ठंडा स्थान बना हुआ है।
उधर, राजधानी दिल्ली के लोगों को शुक्रवार को भी ठंड से राहत नहीं मिली। न्यूनतम तापमान में कुछ बढ़त हुई लेकिन अब भी यह सामान्य से कम है। मौसम विभाग के मुताबिक शुक्रवार को अधिकतम तापमान 20.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से तीन डिग्री कम है। वहीं, न्यूनतम तापमान बृहस्पतिवार के चार डिग्री सेल्सियस के मुकाबले दो डिग्री अधिक 6.4 दर्ज किया गया, जो सामान्य से चार डिग्री कम है।
उल्लेखनीय है कि पिछले कुछ दिनों से दिल्लीवासियों को सर्द हवाओं के चलते ठिठुरन का सामना करना पड़ रहा है। मौसम विभाग ने शनिवार सुबह हल्का कोहरा छाए रहने की संभावना जताई है। वहीं, अधिकतम तापमान 22 डिग्री और न्यूनतम तापमान सात डिग्री सेल्सियस रहने की उम्मीद है।
कड़ाके की सर्दी झेल रहे जम्मू-कश्मीर से समाचार एजेंसी आफ इंडिया के संवाददाता विनोद नेगी ने बताया कि सूबेे में मौसम के मिजाज फिर कड़क हो सकते हैं। ताजा पश्चिमी विक्षोभ के चलते रविवार को मौसम बिगड़ने की संभावना व्यक्त की जा रही है। इसके साथ ही सोमवार व मंगलवार को बारिश होने के भी आसार हैं।
मौसम विभाग की जारी चेतावनी के अनुसार रविवार दोपहर के बाद राज्य में ताजा पश्चिमी विक्षोभ का असर पड़ सकता है। इसके कारण आसमान में बादल छाने के साथ सोमवार-मंगलवार को बारिश व कुछ ऊपरी पहाड़ी क्षेत्रों में ताजा बर्फबारी की संभावना जताई जा रही है। दिन के अधिकतम तापमान में तीन डिग्री तक की गिरावट दर्ज हो सकती है। अगले पांच दिनों में जम्मू का अधिकतम तापमान एक बार फिर से 15 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है जबकि न्यूनतम तापमान के पांच डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की संभावना है।
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार जम्मू में शनिवार व रविवार को दिन का अधिकतम तापमान 19 व न्यूनतम तापमान पांच डिग्री सेल्सियस के आसपास रहेगा। सोमवार को हल्की बारिश के बीच अधिकतम तापमान 17 डिग्री सेल्सियस जबकि न्यूनतम तापमान छह डिग्री सेल्सियस और मंगलवार को भी हल्की बारिश के बीच अधिकतम तापमान 15 डिग्री सेल्सियस जबकि न्यूनतम तापमान छह डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की संभावना है। बुधवार को अधिकतम तापमान 17 डिग्री सेल्सियस जबकि न्यूनतम तापमान पांच डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है। इस बीच शुक्रवार को दिन का अधिकतम तापमान 18.3 डिग्री सेल्सियस रहा जबकि न्यूनतम तापमान 4.2 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। शुक्रवार को दिन में अच्छी धूप खिली थी, लेकिन सुबह व शाम को शीत लहरों का प्रकोप जारी रहा।
शिमला से समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया ब्यूरो स्वाती सिंह ने बताया कि प्रदेश में दो दिन धूप खिलने के बाद शनिवार से मौसम फिर करवट ले सकता है। मौसम विभाग के अनुसार शनिवार से प्रदेश की ऊंची चोटियों में हिमपात हो सकता है, जबकि मध्यम ऊंचाई वाले व मैदानी इलाकों में बारिश की संभावना है।
शुक्रवार को ऊपरी शिमला के सभी मार्ग वाहनों की आवाजाही के लिए खुल गए, जिसके बाद यहां के लोगों ने राहत की सांस ली है। शिमला-नारकंडा, शिमला-चौपाल व शिमला-रोहड़ू मार्ग पर शुक्रवार दोपहर बाद वाहनों की आवाजाही सुचारू रूप से रही। दो दिन पूर्व हिमपात के बाद यह मार्ग वाहनों के लिए बंद पड़े थे। मौसम विभाग की मानें तो 12 को प्रदेश में पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा, जिस वजह से 14 फरवरी तक बारिश और हिमपात का सिलसिला फिर शुरू हो जाएगा। प्रदेश में शुक्रवार को केलंग का तापमान सबसे कम माइनस 16.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है, जबकि अधिकतम तापमान ऊना का 19.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में अधिकतम और न्यूनतम तापमान में बादल होने की वजह से 2 से 3 डिग्री की बढ़ोतरी की जाएगी। हिमाचल प्रदेश प्रदेश भर में आज लोगों ने खिली धूप का आनन्द लिया जबकि बर्फीले क्षेत्रों में अभी भी जनजीवन पूरी तरहसे सामान्य नहीं हो पाया है। प्रदेश में अभी भी सुबह और शाम कड़ाके की ठण्ड पड़ रही है। शिमला में सुबह और शाम का तापमान शून्य से नीचे चल रहा है।
देहरादून से साई ब्यूरो अर्जुन कुमार ने बताया कि तीन दिन पूर्व जौनसार-बावर के ऊंचे इलाकों में हुई बर्फबारी से मुख्य मार्ग समेत आधा दर्जन संपर्क मार्ग अवरुद्ध हो गए। इससे पांच दर्जन से अधिक गांवों का सड़क संपर्क अन्य क्षेत्रों से कट गया है। आवागमन बाधित होने से लोगों के काम प्रभावित हो रहे हैं। लोनिवि अधिकारियों का कहना है कि बाधित मार्गाे को खोलने के प्रयास किए जा रहे हैं। जौनसार-बावर में इस बार हुई भारी बर्फबारी से जन जीवन अस्त-व्यस्त है। बर्फबारी के चलते मुख्य मार्ग त्यूणी-चकराता, चकराता-मसूरी, कथियान-दारागाड़, लोखंडी-पीपारा-मीनस, सिलीगाड़-कुनैन समेत आधा दर्जन संपर्क मार्ग पिछले तीन दिनों से अवरुद्ध हैं। हिमपात से बाधित इन मार्गाे के चलते जाड़ी, मुंगाड़, लोहारी, कोटी-कनसार, शिली, रोटा, कुनवा, पिंगुवा, रजाणू, त्यूना, सावड़ा, भंद्रौली, जबराड़, अमराड़, कुनैन, सैंज, बुल्हाड़ समेत पांच दर्जन से अधिक गांवों का सड़क संपर्क तहसील व जिला मुख्यालय से कट गया है। इससे लोगों के कई कामकाज ठप हैं। डांडों पर बसे लोग घरेलू उपयोग की जरूरी चीजें खरीदने को बाजार तक नहीं जा पा रहे हैं। उधर, लोनिवि चकराता के अधिशासी अभियंता नवनीत पांडे ने कहा कि विभाग बर्फबारी से अवरुद्ध मार्गाे को खोलने के लिए प्रयास कर रहा है।
मध्य प्रदेश से साई ब्यूरो नंद किशोर ने बताया कि प्रदेश के इन्दौर, भोपाल, होशंगाबाद, रीवा, सागर, जबलपुर और शहडोल संभागों में आने वाले चौबीस घंटों के दौरान न्यूनतम तापमान चार डिग्री सेल्सियस या उससे कम रहने की संभावना है। मौसम विभाग से मिली जानकारी के अनुसार पिछले चौबीस घंटों के दौरान राज्य के सभी संभागों में मध्यम से तीव्र शीत-लहर का असर रहा। सबसे कम तापमान दो डिग्री सेल्सियस दमोह में दर्ज किया गया है। शिवपुरी और मंडला से साई संवाददाता ने बताया है कि जिले में पड़ रही कड़ाके की ठंड के चलते आम जन-जीवन प्रभावित हुआ है। भोपाल और उसके आसपास के क्षेत्रों में न्यूनतम तापमान सात डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की संभावना है।
जयपुर से साई ब्यूरो शैलेन्द्र कुमार ने बताया कि राज्यभर में कड़ाके की सर्दी से जनजीवन प्रभावित हो रहा है। प्रदेश में अधिकांश स्थानों पर शीतलहर की स्थिति बनी हुई है। कई इलाकों में पाला पड़ने से फसलों को नुकसान पहुंचने की खबर मिली है। पाली जिले में तेज़ सर्दी के कारण स्कूलों में शुक्रवार से दो दिन की छुट्टी घोषित कर दी गई है। झालावाड़ जिले में धनिये की फसल को काफी नुकसान पहुंचा है। नागौर में भी ठंडी हवाओं ने सर्दी का असर और बढा दिया है। चूरू में तापमान शून्य से दशमलव तीन डिग्री नीचे पहुूंच गया है। हमारे संवाददाता के अनुसार जिलेभर में भीषण सर्दी से सामान्य जनजीवन पर विपरीत असर पड़ रहा है। श्रीगंगानगर में न्यूनतम तापमान एक दशमलव तीन, जयपुर, पिलानी, वनस्थली, चित्तौड़गढ और सवाईमाधोपुर में भी तापमान चार डिग्री सैल्सियस से नीचे दर्ज किए गए। मौसम विभाग ने राज्य में रात के तापमान में गिरावट और सर्द हवाओं के कारण कुछ हिस्सों में पाला पड़ने की चेतावनी दी है।
इसके साथ ही साथ भूकंप के झटके भी महसूस किए गए हैं। हिमाचल प्रदेश साई ब्यूरो ने बताया कि वहां में कल रात 12 बजकर 48 मिनट पर भूकंप के हल्के झटके महसूस किए गए। भूकंप संवेदी केन्द्र धर्मशाला के अनुसार रियक्टर पैमानों पर चार दशमलव पांच की तीव्रता वाले इस भूकंप का केन्द्र भरमौर के उत्तर -दक्षिणी क्षेत्र में था। भूकंप से किसी जानमाल के नुकसान की खबर नहीं है।
उधर चंडीगढ़ से साई ब्यूरो ने बताया कि पिछली रात आधी रात के बाद 12 बजकर 47 मिनट पर उŸारी भारत के कई राज्यों मे भूकंप के झटके महसूस किये गये। सामाचारो के अनुसार रिक्टर स्केल पैमाने पर 5 दषमलव 1 तीव्रता वाले इस भूकंप का केन्द्र देहरादून से 78 किलोमीटर दूर उत्तर काषी जिले मे बताया गया है।कही से भी जानमाल के नुकसान का समाचार नहीं है। यह झटके चंडीगढ़ समेत पंजाब, हरियाणा और कई जगहों मे महसूस किए गए।
उत्तरकाशी जिले से साई ब्यूरो ने बताया कि वहां बीती रात करीब बारह बजकर सैंतालीस मिनट पर भूकम्प के झटके महसूस किए गए, जिससे कुछ लोगों में थोड़ी देर के लिए दहषत फैल गई। मौसम विभाग के निदेषक आनन्द शर्मा ने बताया कि रिक्टर स्केल पर भूकम्प का परिमाण करीब पांच आंका गया है। इस बीच, भूकम्प के हल्के झटके से कहीं से किसी प्रकार की जानमाल की क्षति की सूचना नहीं है।

ग्रामीण विकास होगा अब कैग के दायरे में


ग्रामीण विकास होगा अब कैग के दायरे में

(अमेय)

पाड्डिचेरी (साई)। केन्द्रीय ग्रामीण विकास मंत्री जयराम रमेश ने कहा है कि केन्द्र ने अधिक पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए सभी ग्रामीण विकास योजनाओं को नियंत्रक और महालेखा परीक्षक की लेखा परीक्षा के दायरे में लाने का फैसला किया है। पुद्दुचेरी में कल शाम सामाजिक क्षेत्र के मुद्दों पर अखिल भारतीय सम्पादक सम्मेलन का उदघाटन करते हुए उन्होंने कहा कि सरकार ग्रामीण विकास कार्यक्रमों के लिए निर्धारित धनराशि में बड़े पैमाने पर गड़बड़ियों और हेराफेरी से चिंतित हैं।
ग्रामीण विकास मंत्री जयराम रमेश ने कहा कि उनके मंत्रालय ने कल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन पर नियमित फीडबैक सुनिश्चित करने के कदम उठाए हैं। श्री रमेश ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता और पेयजल सुविधाओं में सुधार किए जाने की जरूरत है।
उन्होनें कहा कि उनके हिसाब से ग्रामीण जलापूर्ति और स्वच्छता एक ऐसा क्षेत्र है जिसे ग्रामीण विकास के संदर्भ में सबसे अधिक अनदेखा किया गया है। एक देश के रूप में सरकार ने इस क्षेत्र में पर्याप्त निवेश नहीं किया है। इसका तात्पर्य यह हुआ कि जब तक सरकार ग्रामीण जलापूर्ति और स्वच्छता को राष्ट्रीय एजेंडा बनाने का फैसला नहीं करते, तब तक देश ग्रामीण विकास के क्षेत्र में महत्वपूर्ण प्रगति नहीं कर सकते।
 देश के विभिन्न भागों में माओवादी हिंसा के बारे में श्री रमेश ने कहा कि केन्द्र इस समस्या से निपटने के लिए आम लोगों पर केन्द्रित बहुस्तरीय रणनीति बना रहा है।  श्री रमेश ने बताया कि ग्रामीण विकास योजनाओं को लागू करने में राज्यों को २०१७ तक और अधिकार दे दिये जायेंगे। इसके तहत वे ५० प्रतिशत राशि खुद तय की गई परियोजनाओं पर खर्च कर सकेंगे।

प्रतिस्पर्धा नीति अगले माह


प्रतिस्पर्धा नीति अगले माह

(रचना तिवारी)

बंग्लुरू (साई)। राष्ट्रीय प्रतिस्पर्धा नीति अगले माह के अंत तक लागू हो जायेगी। कॉर्पाेरेट मामलों के मंत्री एम वीरप्पा मोइली ने कल बेंगलुरू में कंपनी कार्य मंत्रालय और भारतीय उद्योग परिसंघ द्वारा आयोजित इंडिया कार्पाेरेट और इन्वेस्टर सम्मेलन में यह जानकारी दी।
उन्होंने कहा कि ३१ मार्च तक राष्ट्रीय प्रतिस्पर्धा नीति लागू हो जायेगी और उन्हें उम्मीद है कि इस नीति से १९५१ के बाद दूसरी पीढ़ी के सुधारों को बढ़ावा मिलेगा। श्री मोइली ने कहा कि इस नीति के लागू होने पर देश के सकल घरेलू उत्पाद में और चार-पांच प्रतिशत की बढ़ोत्तरी हो सकती है।

जहरीली शराब मामले में कोर्ट सख्त


जहरीली शराब मामले में कोर्ट सख्त

भुवनेश्वर (साई)। ओड़ीशा उच्च न्यायालय ने हाल में ज$हरीली शराब पीने से हुई मौतों के सिलसिले में राज्य सरकार को तुरन्त स्थिति रिपोर्ट पेश करने का आदेश दिया है। इस हादसे में कटक और खुर्दा जि$ले में ३३ लोगों की मौत हो गई थी।
मुख्य न्यायाधीश वी गोपाल गौड़ा और न्यायमूर्ति बी एन महापात्र की पीठ ने एक पत्र को जनहित याचिका के रूप में स्वीकार करते हुए आबकारी आयुक्त से कहा कि वे राज्य में अवैध शराब के कारोबार की रोकथाम के लिये पिछले साल नवम्बर में दिये पहले के एक आदेश पर की गई कार्रवाई का ब्यौरा पेश करें।
 इस बीच, आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि राज्य सरकार ने उड़ीसा उच्च न्यायालय के अवकाश प्राप्त न्यायाधीश ए एस नायडू को इस घटना की जांच के लिए गठित आयोग का अध्यक्ष नियुक्त किया है। इस घटना से प्रभावित ८१ व्यक्तियों का विभिन्न अस्पतालों में इलाज चल रहा है।

आग लगने से दस मरे


आग लगने से दस मरे

(दिशा कुमारी)

हरिद्वार (साई)। हरिद्वार के मंगलौर स्थित इलैक्ट्रानिक सामान बनाने वाली फैक्टरी में बुधवार की देर शाम आग लगने की घटना में अब तक दस लोगों के शव पूरी तरह जली अवस्था में निकाले जा चुके हैं। मरने वालों में कम्पनी के एजीएम सुनील झा व नौ कर्मचारी शामिल हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार बुधवार की देर शाम फैक्टरी में अचानक आग लग गई थी। आग पर काबू पाने के लिए लगभग एक दर्जन दमकल की गाड़ियों को लगाने पड़ा और बीस घंटे बाद आग को बुझाया जा सका। इस घटना में अब तक दस लोगों के शव निकाले जा चुके हैं। जबकि अभी कुछ और लोगों के शव निकलने की संभावना है।
इस आग में फैक्टरी पूरी तरह जलकर राख हो चुकी है और इसमें करोड़ों का नुकसान होने का अनुमान लगाया जा रहा है। दूसरी तरफ गढ़वाल के आयुक्त अजय नबियाल ने जिले के प्रषासनिक अधिकारियों के साथ घटनास्थल का दौरा कर मामले की मजिस्टेटी जांच के आदेष दिए हैं। मुख्यमंत्री राहत कोष से मृतकों के आश्रितों को एक-एक लाख रुपए के मुआवजा देने की घोषणा की गई है।

जारी रहेगी हुक्का बार पर रोक


जारी रहेगी हुक्का बार पर रोक

(शैलेन्द्र कुमार)

जयपुर (साई)। जयपुर में हुक्का बारों पर लगाई गई रोक जारी रहेगी। आज गृह विभाग ने इस बारे में एक अधिसूचना जारी की। गौरतलब है कि जयपुर पुलिस द्वारा हुक्का बारों पर लगाई गई रोक की अवधि कल समाप्त हो गई थी। हुक्का बारों में इस्तेमाल होने वाले तम्बाकू और निकोटिन से स्वास्थ्य पर पड़ने वाले हानिकारक असर को देखते हुए यह फैसला लिया गया है। हुक्का बार चलाने वाले लोगों पर भारतीय दण्ड संहिता की धारा 188 के तहत मामला दर्ज किया जा सकेगा।

भाजपा का डैमेज कंट्रोल आरंभ


भाजपा का डैमेज कंट्रोल आरंभ

(आशय अर्गल)

शिमला (साई)। दिल्ली में आला कमान की बैठक के बाद प्रदेश भाजपा ने डैमेज कन्ट््रोल के प्रयास शुरू कर दिए हैं। पार्टी के प्रदेश महामन्त्री राम स्वरूप शर्मा ने आज शिमला में बताया कि भाजपा राष्ट््रीय महामन्त्री जगत प्रकाश नड्डा व राष्ट््रीय सचिव श्याम जाजू 12 से 14 फरवरी तक शिमला में तीन दिवसीय दौरे के दौरान स्थिति का जायजा लेगें।
इस कड़ी में 12 फरवरी को पार्टी नेता शिमला के प्रदेश पार्टी कार्यालय दीपकमल में कार्यकर्ताओं से एक बैठक में सरकार के विकास कार्यक्रमों पर चर्चा करेंगे। दोपहरबाद विभिन्न निगमों व बोर्डो के अध्यक्षों व उपाध्यक्षों से मिलेंगे व उसी दिन शाम को भाजपा प्रदेश अध्यक्ष खीमींराम शर्मा सहित अन्य पदाधिकारियों व जिला अध्यक्षों की एक बैठक में भी ये राष्ट््रीय नेता शिरकत करेंगे। राम स्वरूप शर्मा ने बताया कि 1314 फरवरी को मन्त्री मण्डल के सदस्यों और विधायकों के साथ बैठक कर ये नेता विभिन्न पहलुओं का आंकलन कर आगे की रणनीति तैयार करेंगे।

आरोप लगाने के पहले अपनी गिरेबां में झांक ले भाजपा: इमरान


आरोप लगाने के पहले अपनी गिरेबां में झांक ले भाजपा: इमरान



(अखिलेश दुबे)

सिवनी (साई)।। ‘‘फोरलेन की जर्जर हालत के लिए कांग्रेस पर आरोप लगाने के पहले भारतीय जनता पार्टी अपने गिरेबां में झांक ले। फोरलेन का काम क्यों और कैसे रूका है, इस बारे में खुलासे दर खुलासे से साफ होने लगा है कि प्रदेश की शिवराज सिंह चौहान सरकार की मंशा ही इस फोरलेन को बनाने की नहीं है।‘‘ उक्ताशय की बात नगर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष इमरान पटेल ने कहीं हैं।
आज नगर कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता फिरोज खान द्वारा जारी विज्ञप्ति कहा गया है कि नगर कांग्रेस के अध्यक्ष इमरान पटेल ने कहा है कि पुरोहित के दो सौ रूपए चुराने वाली भाजपा की सिवनी विधायक श्रीमति नीता पटेरिया ने इस संबंध में अब तक विधान सभा में प्रश्न क्यों नही लगाया है कि फोरलेन से संबंधित प्रपत्र अब तक वन विभाग द्वारा राज्य शासन के माध्यम से केंद्र को नहीं भेजे हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी की सरकार है फिर क्या वजह है कि दिसंबर 2008 को तत्कालीन जिला कलेक्टर के आदेश भाजपा द्वारा निरस्त नहीं करवाया गया।
उन्होंने कहा कि जब तब मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा फोरलेन के बारे में बड़े बड़े दावे किए जाते हैं। मध्य प्रदेश के घोषणावीर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा कहा गया था कि भले ही सूरज पश्चिम से निकलने लगे पर फोरलेन यहीं से जाएगा। घोषणावीर मुख्यमंत्री को जमीनी हकीकत का पता ही नहीं है। उन्हें यह भी नहीं पता है कि उनके मातहत कर्मचारी अधिकारियों द्वारा ही प्रस्ताव अब तक केंद्र को नहीं भेजा है।
इमरान पटेल ने आगे कहा कि एक सप्ताह में दो सौ गांव का दौरा करने वाली सिवनी की विधायक श्रीमति नीता पटेरिया यह बताने का जतन करेंगी कि इतने कम समय में दो सौ गांव का दौरा उन्होंने किस तरह कर लिया। क्या भाजपा विधायक श्रीमति पटेरिया गांव गांव जाकर धूल उड़ाने का काम कर रही हैं। गांव गांव जाकर श्रीमति नीता पटेरिया द्वारा जो भूमिपूजन आदि किए जा रहे हैं वे आखिर किस मद में बनाए जाने हैं? क्या यह राशि राज्य सरकार की है? क्या भाजपा इस बात का खुलासा करेगी कि सांसद रहते हुए श्रीमति नीता पटेरिया द्वारा एक दिन में सात सौ किलोमीटर का जनसंपर्क किस तरह करके सरकारी खजाने से भुगतान पाया था।
नगर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष ने कहा कि सिवनी की जनता इस बात को भली भांति समझ चुकी है कि 2008 में विधानसभा चुनावों की आचार संहिता के दौरान कलेक्टर ने किसके इशारे पर मोहगांव से खवासा तक का सड़क निर्माण का काम परोक्ष तौर पर रोका था। जब मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान दुबारा मुख्यमंत्री बन गए तब इस आदेश को अब तक निरस्त नहीं करवाया जाना साफ दर्शाता है कि श्रीमति नीता पटेरिया सहित भाजपा के विधायक यहां तक कि भाजपा ही नहीं चाहती की फोरलेन का निर्माण हो। वहीं दूसरी ओर अपनी गल्तियों पर पर्दा डालने के लिए भाजपा द्वारा अनेकों बार कांग्रेस पर अनर्गल आरोप लगाए जाते रहे हैं, जिनकी सच्चाई से जनता भली भांति परिचित हो चुकी है। अब जबकि भाजपा की पोल खुल गई है तब भाजपा द्वारा जनता को बरगलाने का असफल प्रयास किया जा रहा है।

श्री कृष्ण स्वयं है पीपल


हर्बल खजाना ----------------- 21

श्री कृष्ण स्वयं है पीपल



(डॉ दीपक आचार्य)

अहमदाबाद (साई)। भगवान श्री कृष्ण गीता उपदेश में इस वृक्ष की महिमा का बखान करते हुए कहा है कि पीपल पेड़ों में उत्तम और दिव्य गुणों से सम्पन्न है और मैं स्वयं पीपल हूँ। पीपल के औषधिय गुणों का बखान आयुर्वेद में भी देखा जा सकता है। पीपल का वानस्पतिक नाम फ़ाइकस रिलिजियोसा है।
इसके सूखे फ़ल मूत्र संबंधित रोगों के निवारण के लिये काफ़ी अच्छे होते है। आदिवासी हल्कों में इसकी कोमल जडों को उस महिला को दिया जाता है जो संतान प्राप्ति चाहती हैं। पीपल के फ़ल, छाल, जडों और नयी कलियों को एकत्र कर दूध में पकाया जाता है और फ़िर इसमें घी, शक्कर और शहद मिलाया जाता है, आदिवासियों के अनुसार यह मिश्रण नपुँसकता दूर करता है।
पातालकोट जैसे आदिवासी बाहुल्य भागों में जिन महिलाओं को संतान प्राप्ति नहीं हो रही हो, उन्हे पीपल वृक्ष पर लगे वान्दा (रसना) पौधे को दूध में उबालकर दिया जाता है। इनका मानना है कि यह दूध गर्भाशय की गरमी को दूर करता है जिससे महिला के गर्भवती होने की संभावना बढ जाती है।
मुँह में छाले हो जाने की दशा में यदि पीपल की छाल और पत्तियों के चूर्ण से कुल्ला किया जाए तो आराम मिलता है। पीपल की एक विशेषता यह है कि यह चर्म-विकारों को जैसे-कुष्ठ, फोड़े-फुन्सी दाद-खाज और खुजली को नष्ट करता है। डाँगी आदिवासी पीपल की छाल घिसकर चर्म रोगों पर लगाने की राय देते हैं। कुष्ठ रोग में पीपल के पत्तों को कुचलकर रोगग्रस्त स्थान पर लगाया जाता है तथा पत्तों का रस तैयार कर पिलाया जाता है। 

(साई फीचर्स)
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शुक्रवार, 10 फ़रवरी 2012

भट्टा परसौला न बन जाए घंसौर


0 घंसौर को झुलसाने की तैयारी पूरी . . .  61

भट्टा परसौला न बन जाए घंसौर

जनसेवकों का मौन संदिग्ध



(लिमटी खरे)

नई दिल्ली (साई)। जिस तरह जमीन के मुआवजे को लेकर उत्तर प्रदेश के भट्टा परसौला में किसानों का आदोलन छेड़ा था, उसी तर्ज पर अब मध्य प्रदेश के सिवनी जिले का केंद्र सरकार की छटवीं अनुसूची में अधिसूचित आदिवासी बाहुल्य घंसौर तहसील जाते दिख रहा है। आदिवासियों की जमीनों पर जबरिया कब्जे के आरोप देश के मशहूर उद्योगपति गौतम थापर के स्वामित्व वाले अवंथा समूह के सहयोगी प्रतिष्ठान मेसर्स झाबुआ पावर लिमिटेड पर लगने लगे हैं।
आदिवासियों के नाम पर सत्ता का सुख भोगने वाले राजनैतिक दलों के जनसेवकों द्वारा भी इस मामले में मौन साधे रहना आश्चर्यजनक ही माना जा रहा है। चर्चा है कि मेसर्स झाबुआ पावर लिमिटेड द्वारा सिवनी जिले के सांसद विधायकों को भी जमकर उपकृत किया गया है, संभवतः यही कारण है कि सांसद विधायकों द्वारा भी इस संबंध में मौन ही साधे रखा गया है। किसी ने भी इस मसले में लोकसभा या विधानसभा में प्रश्न पूछने की जहमत नहीं उठाई है।
बताया जाता है कि घंसौर क्षेत्र के आदिवासियों की स्थिति इतनी दयनीय हो गई है कि बिचौलियों के हाथों जमीन बेचने के बाद अब आदिवासी रोजगार की तलाश में पलायन को मजबूर हो रहे हैं। जमीन का अधिग्रहण करते वक्त मेसर्स झाबुआ पावर लिमिटेड द्वारा आदिवासियों को जो सब्ज बाग दिखाए गए थे, वे अब तार तार हो रहे हैं। आलम यह है कि भोजन पानी के जुगाड़ में आदिवासी अब यत्र तत्र मेहनत मजदूरी को विवश हैं।
आदिवासियों के वोट बैंक पर राजनीति करने वाली कांग्रेस और भाजपा की नकारात्मक दृष्टि का खामियाजा क्षेत्र के आदिवासी भुगत रहे हैं। क्षेत्र के आदिवासियों को उनकी जमीन का वाजिब हक और मूल्य न मिल पाने एवं मेसर्स झाबुआ पावर लिमिटेड के कोल आधारित पावर प्लांट के डलने से उतपन्न होने वाले प्रदूषण से आदिवासी भयाक्रांत नजर आ रहे हैं। आदिवासियों में उपजे रोष और असंतोष को देखकर लगने लगा है कि कहीं आदिवासी बाहुल्य घंसौर तहसील भी यूपी के भट्टा परसौला में तब्दील न हो जाए।
कुल मिलाकर सिवनी जिले की आदिवासी बाहुल्य तहसील घंसौर में पर्यावरण बिगड़े, प्रदूषण फैले, क्षेत्र झुलसे या आदिवासियों के साथ अन्याय हो इस बात से मध्य प्रदेश सरकार के प्रदूषण नियंत्रण मण्डल और केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय को कुछ लेना देना नहीं है। यह सब देखने सुनने के बाद भी केंद्र सरकार का वन एवं पर्यावरण मंत्रालय, मध्य प्रदेश सरकार, मध्य प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण मण्डल, जिला प्रशासन सिवनी सहित भाजपा के सांसद के।डी।देशमुख विधायक श्रीमति नीता पटेरिया, कमल मस्कोले, एवं क्षेत्रीय विधायक जो स्वयं भी आदिवासी समुदाय से हैं श्रीमति शशि ठाकुर, कांग्रेस के क्षेत्रीय सांसद बसोरी सिंह मसराम एवं सिवनी जिले के हितचिंतक माने जाने वाले केवलारी विधायक एवं विधानसभा उपाध्यक्ष हरवंश सिंह ठाकुर चुपचाप नियम कायदों का माखौल सरेआम उड़ते देख रहे हैं।
कुल मिलाकर सिवनी जिले की आदिवासी बाहुल्य तहसील घंसौर में पर्यावरण बिगड़े, प्रदूषण फैले, क्षेत्र झुलसे या आदिवासियों के साथ अन्याय हो इस बात से मध्य प्रदेश सरकार के प्रदूषण नियंत्रण मण्डल और केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय को कुछ लेना देना नहीं है। यह सब देखने सुनने के बाद भी केंद्र सरकार का वन एवं पर्यावरण मंत्रालय, मध्य प्रदेश सरकार, मध्य प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण मण्डल, जिला प्रशासन सिवनी सहित भाजपा के सांसद के।डी।देशमुख विधायक श्रीमति नीता पटेरिया, कमल मस्कोले, एवं क्षेत्रीय विधायक जो स्वयं भी आदिवासी समुदाय से हैं श्रीमति शशि ठाकुर, कांग्रेस के क्षेत्रीय सांसद बसोरी सिंह मसराम एवं सिवनी जिले के हितचिंतक माने जाने वाले केवलारी विधायक एवं विधानसभा उपाध्यक्ष हरवंश सिंह ठाकुर चुपचाप नियम कायदों का माखौल सरेआम उड़ते देख रहे हैं।

(क्रमशः जारी)

बंग्लादेश विवाद खा गया हरीश खरे को


बजट तक शायद चलें मनमोहन. . . 83

बंग्लादेश विवाद खा गया हरीश खरे को



(लिमटी खरे)

नई दिल्ली (साई)। तीक्ष्ण बुद्धि के धनी प्रधानमंत्री डॉ.मनमोहन सिंह के मीडिया एडवाईजर हरीश खरे को पीएमओ से रूखसत कराने में बंग्लादेश का विवाद भी प्रमुख भूमिका निभा गया। हरीश खरे और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार शिवशंकर मेनन के बीच की खटापटी भी हरीश खरे की बिदाई में अहम भूमिका निभा गई। मध्य प्रदेश काडर के भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी उदय कुमार वर्मा की टीप अंततः खरे को पीएमओ से निकलवाने में सहायक साबित हुई।
गौरतलब है कि जब संपादकों की टोली से चर्चा के दौरान प्रधानमंत्री ने ऑफ द रिकार्ड बंग्लादेश पर बयान दिया और वह पीएमओ के माध्यम से पत्र सूचना कार्यालय की वेब साईट पर आ गया तब जमकर हंगामा हुआ। इसी बीच इस विवाद के लिए जिम्मेदार शख्स को खोजने के लिए एक समीति का गठन किया गया। इसके लिए गठित औपचारिक आंतरिक जांच समिति के गठन के साथ ही शिवशंकर मेनन और हरीश खरे में मनमुटाव आरंभ हुआ।
पीएमओ के सूत्रों का कहना है कि हरीश खरे और मेनन दोनों ही एक दूसरे पर यह आरोप मढ़ रहे थे कि पीआईबी की वेब साईट पर यह अपलोड उन्हीं के कारण हुआ है। इस विवाद में मेनन भारी पड़े क्योंकि उन्होंने कहा कि पीआईबी की वेब साईट पर अपलोड करने के पहले हरीश खरे ने टांसस्क्रिप्ट नहीं देखी। हरीश खरे को इसकी कीमत अंततः चुकाना ही पड़ा। सूत्रों के अनुसार चूंकि शिवशंकर मेनन प्रधानमंत्री डॉ.मनमोहन सिंह, वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी, रक्षा मंत्री ए.के.अंटोनी के नवरत्नों में से हैं इसलिए उनकी जान बच गई और हरीश खरे को पीएमओ से रूखसत होना पड़ा।
सूचना प्रसारण मंत्री अंबिका सोनी के करीबी सूत्रों के अनुसार सोनिया गांधी के नयनों के तारे पुलक चटर्जी के पीएमओ में प्रधान सचिव के पद पर आसीन होने के उपरांत चटर्जी ने सूचना प्रसारण मंत्री अंबिका सोनी को बुलवाकर पीएम के मीडिया एडवाईजर की खोज करने को कहा। अंबिका सोनी ने तत्काल अपने सबसे विश्वस्त और मध्य प्रदेश काडर के आईएएस एवं सूचना प्रसारण मंत्रालय के सचिव उदय कुमार वर्मा को इस काम के लिए पाबंद कर दिया।
सूत्रों की मानें तो उदय कुमार वर्मा ने अपने मध्य प्रदेश के संबंधों का इस्तेमाल करते हुए तीन नाम सुझाए जिसमें पंकज पचौरी के अलावा मध्य प्रदेश कोटे से केंद्रीय मंत्री का पीआर देखने वाले एक पत्रकार का नाम भी शामिल था। अंत में हरीश खरे को विश्वास में लिए बिना ही पीएमओ में पंकज पचौरी की तैनाती का फरमान आ गया। फिर क्या था हरीश खरे को मजबूरन त्यागपत्र देना पड़ा। सूत्रों ने कहा है कि पंकज पचौरी पीएम के मीडिया एडवाईजर का काम अवश्य देख रहे हैं पर अभी भी पुलक चटर्जी पीएम के सटीक मीडिया एडवाईजर की खोज में लगे ही हैं।

(क्रमशः जारी)

माल गडियों को प्राथमिकता मिलेगी


माल गडियों को प्राथमिकता मिलेगी

(शरद खरे)

नई दिल्ली (साई)। प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह ने केन्द्रीय मंत्रालयों को रेलवे की माल गलियारा परियोजना को उच्च प्राथमिकता देने को कहा है। इस परियोजना पर लगभग एक लाख करोड़ रूपये की लागत आएगी। कल नई दिल्ली में प्रधानमंत्री कार्यालय में हुई बैठक में राज्यों के प्रतिनिधियों और मुख्य सचिवों ने इस परियोजना के लिए पूरा सहयोग देने का आश्वासन दिया।
बैठक में फैसला किया गया कि इस परियोजना के लिए तेजी से जमीन लेने और इससे जुड़े अन्य मुद्दे सुलझाने के लिए राज्य सरकारें निगरानी समितियां बनाएंगी। प्रधानमंत्री कार्यालय भी इस पर पूरी नजर रखेगा जिससे हर कार्रवाई समयबद्ध तरीके से की जा सके। ये परियोजना तीन हजार तीन सौ किलोमीटर से अधिक के दायरे में देश के विभिन्न स्थानों को जोड़ेगी।
ी � e � � `� � �� आदेश दिए गए हैं। नेपाल से लगने वाली अंतरराष्ट्रीय सीमा और बिहार से लगने वाली अंतरराज्यीय सीमा सील कर दी गई है। गंगा, सरयू और घाघरा नदियों में सशस्त्र सुरक्षा दस्ता तैनात किए गए हैं। निर्वाचन आयोग ने मतदान में लोगों की भागीदारी बढ़ाने के लिए प्रत्येक मतदान केंद्र पर सहायता केंद्र बनाया है और मतदाता स्लिप का भी वितरण कराया है। कांग्रेस, बहुुजन समाज पार्टी और समाजवादी पार्टी ने सभी ५९ क्षेत्रों में अपने उम्मीदवार उतारे हैं, जबकि भारतीय जनता पार्टी ने चार सीटें अपने सहयोगी दल जनवादी पार्टी के लिए छोड़ दी हैं।
इस बीच, चुनाव आयोग ने पांच फरवरी को चंदौली में चुनाव सभा के दौरान चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन करने पर सत्तारूढ़ बहुजन समाज पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव सतीश चंद्र मिश्र को नोटिस जारी किया है। आयोग ने उनसे १२ फरवरी तक नोटिस का जवाब देने को कहा है। श्री मिश्र पर आरोप है कि उन्होंने चुनाव सभा के दौरान जाति के नाम पर वोट मांगे। इस बीच, छठे चरण के लिए नामांकन पत्रों की आज जांच होगी। इस चरण में २८ फरवरी को वोट डाले जाएंगे।

यूपी में दूसरे चरण का मतदान कल


यूपी में दूसरे चरण का मतदान कल

(दीपांकर श्रीवास्तव)

लखनऊ (साई)। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण का प्रचार कल समाप्त हो गया। इस चरण में कल वोट डाले जाएंगे। मतदान के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई है। मतदान सुबह सात बजे शुरू होगा और पांच बजे तक चलेगा। मतदान कर्मचारी आज मतदान केंद्रों पर पहुचेंगे, जबकि सुरक्षाबल पहले से ही तैनात हैं। इस चरण में राज्य के पूर्वी क्षेत्र के नौ जिलों में ५९ निर्वाचन क्षेत्रों में ७६ महिलाओं सहित एक हजार ५८ उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं।
 निर्वाचन आयोग ने बाहरी लोगों से उन इलाकों को छोड़ देने को कहा है जहां कल वोट डाले जाएंगे। अधिकारियों को इसके लिए होटल, लॉज और अन्य सार्वजनिक आवासीय स्थलों की जांच के आदेश दिए गए हैं। नेपाल से लगने वाली अंतरराष्ट्रीय सीमा और बिहार से लगने वाली अंतरराज्यीय सीमा सील कर दी गई है। गंगा, सरयू और घाघरा नदियों में सशस्त्र सुरक्षा दस्ता तैनात किए गए हैं। निर्वाचन आयोग ने मतदान में लोगों की भागीदारी बढ़ाने के लिए प्रत्येक मतदान केंद्र पर सहायता केंद्र बनाया है और मतदाता स्लिप का भी वितरण कराया है। कांग्रेस, बहुुजन समाज पार्टी और समाजवादी पार्टी ने सभी ५९ क्षेत्रों में अपने उम्मीदवार उतारे हैं, जबकि भारतीय जनता पार्टी ने चार सीटें अपने सहयोगी दल जनवादी पार्टी के लिए छोड़ दी हैं।
इस बीच, चुनाव आयोग ने पांच फरवरी को चंदौली में चुनाव सभा के दौरान चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन करने पर सत्तारूढ़ बहुजन समाज पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव सतीश चंद्र मिश्र को नोटिस जारी किया है। आयोग ने उनसे १२ फरवरी तक नोटिस का जवाब देने को कहा है। श्री मिश्र पर आरोप है कि उन्होंने चुनाव सभा के दौरान जाति के नाम पर वोट मांगे। इस बीच, छठे चरण के लिए नामांकन पत्रों की आज जांच होगी। इस चरण में २८ फरवरी को वोट डाले जाएंगे।

आग से नो मरे


आग से नो मरे

(दिशा कुमारी)

हरिद्वार (साई)। हरिद्वार में मंगलोर इलाके के मंडावली में इलेक्ट्रॉनिक सामान बनाने वाले एक कारखाने में भीषण आग लगने से नौ लोगों की मृत्यु हो गई। पुलिस के अनुसार बुधवार शाम को लगी आग बुझा दी गई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार पुलिस का कहना है कि तलाशी और बचाव कार्य जारी है।
पुलिस प्रशासन ने राहत और बचाव कार्य के बीच बुरी तरह जले हुए नौ शव बरामद किए हैं जिनके पहचान के लिए डीएनए टेस्ट की भी व्यवस्था की जा रही है। पुलिस के अनुसार आग लगने की असली वजह तो जांच के बाद ही पता चलेगी। लेकिन जानकारों का मानना है कि कारखाने के ऊपर के हिस्से में वेल्डिंग के काम के दौरान निकलने वाली चिंगारी से भड़की आग ने पूरी फैक्ट्री को खाक कर दिया। मुख्यमंत्री बी सी खंडूरी ने मृतकों के परिजनों को एक-एक लाख रूपए की सहायता की घोषणा करते हुए हादसे के मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश दिए हैं।

जहरीली शराब से मरने वाले 35 हुए


जहरीली शराब से मरने वाले 35 हुए

(शिल्प)

भुवनेश्वर(साई)। ओड़ीशा में जहरीली शराब से हुई त्रासदी में मरने वालों की संख्या बढ़कर ३५ हो गई है। जहरीली शराब पीकर बीमार हुए ११० से अधिक लोगों को कटक के एससीबी मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जबकि कई लोगों का इलाज भुवनेश्वर के विभिन्न निजी अस्पतालों में चल रहा है।
इस बीच, पुलिस और आबकारी विभाग के अधिकारी समूचे राज्य में शराब कारखानों, दुकानों और दवा कारखानों पर छापे मार रहे हैं। खबर है कि इन छापों के दौरान बड़ी संख्या में ईपीकार्म और सिनामोन दवाइयों की बोतलें बरामद की गई हैं। माना जा रहा है कि जानलेवा शराब की घोल में इन्हीं दावाइयों को मिलाया गया था जिन्हें पीकर लोग बीमार हुए। विपक्षी कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी ने मांग की है कि जहरीली शराब की त्रासदी की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए मुख्यमंत्री नवीन पटनायक को इस्तीफा देना चाहिए।

शिखर सम्मेलन आज से


शिखर सम्मेलन आज से

(प्रियंका श्रीवास्वत)

नई दिल्ली। १२वां भारत-यूरोपीय संघ शिखर सम्मेलन आज नई दिल्ली में हो रहा है। यूरोपीय संघ का प्रतिनिधित्व यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष हरमन वेन रोम्पी और यूरोपीय आयोग के अध्यक्ष जॉर्ज मैन्युअल बरोसो करेंगे, जबकि भारत का प्रतिनिधित्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह करेंगे। २००९ में यूरोपीय संघ की लिस्बन संधि लागू होने के बाद भारत में होने वाला यह पहला भारत-यूरोपीय संघ शिखर सम्मेलन है। यह शिखर सम्मेलन हर साल बारी-बारी से भारत और यूरोप में होता है।
भारत और यूरोपीय संघ के देश द्विपक्षीय व्यापार और निवेश को व्यापक बनाने के लिए कई वर्षों से बातचीत कर रहे हैं। भारत में यूरोपीय संघ के राजदूत ने कहा है कि हालांकि इस शिखर सम्मेलन के दौरान कोई व्यापार संधि नहीं होगी, फिर भी उम्मीद की जाती है कि ऐसा माहौल तैयार हो पाएगा जिससे वर्ष के मध्य में व्यापार संधि पर सहमति बन  सके। यूरोपीय संघ भारत का सबसे बड़ा व्यापार सहभागी है और दोनों के बीच ७५ करोड़ अमरीकी डॉलर से ज्यादा का कारोबार होता है। इसके अलावा आतंकवाद और अन्य मुद्दों पर भी बातचीत होगी।

गुरुवार, 9 फ़रवरी 2012

विकास के नाम पर पर्यावरण की चढ़ाई जा रही बली


0 घंसौर को झुलसाने की तैयारी पूरी . . .  60

विकास के नाम पर पर्यावरण की चढ़ाई जा रही बली

पावर प्लांट के प्रदूषण के होंगे अनेक दुष्प्रभाव



(लिमटी खरे)

नई दिल्ली (साई)। पुण्य सलिला जीवन दायनी मां नर्मदा के नाम पर सामाजिक कुंभ भरवाकर, करोड़ों रूपए पानी में बहाने, घर घर जाकर चंदा और अनाज मांगने का स्वांग करने वाली देश के हृदय प्रदेश में शासन करने वाली भारतीय जनता पार्टी द्वारा विकास के नाम पर पर्यावरण को छलनी करने के मार्ग प्रशस्त किए जा रहे हैं। भाजपा द्वारा अपने पितृ संगठन राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ की मंशाओं पर भी पानी फेरने से गुरेज नहीं किया जा रहा है।
उस मां नर्मदा को प्रदूषण का शिकार बनाने का जतन किया जा रहा है जिस मां नर्मदा की जयंती पर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान अपने परिवार के साथ जाकर हजारों मीटर की चुनरी को अर्पित किया जाता है। भारतीय जनता पार्टी के असंगठित मजदूर संगठन के नेशनल प्रेजीडेंट प्रहलाद सिंह पटेल के साथ ही साथ संसद सदस्य अनिल माधव दवे द्वारा मां नर्मदा की यात्रा की जाती है, बावजूद इसके भाजपा सरकार द्वारा नर्मदा को प्रदूषण की गोद में भेजने की तैयारी कर ही ली गई है।
गौरतलब है कि जब रानी अवंती बाई सागर परियोजना अर्थात बरगी बांध की आधार शिला रखी गई थी तब मध्य प्रदेश के किसानों के चेहरों पर गजब का तेज नजर आया था। किसानों को लगा था कि इसके बनने से अथाह जलराशि एकत्र होगी जो साल भर खेती किसानी के काम आएगी। वस्तुतः हुआ भी यही, नर्मदा के तीरे बसे शहर, कस्बे, गांव, मजरे टोले आदि में खेती किसानी के साथ ही साथ दिनचर्या के लिए पानी सुलभ हो गया।
कालांतर में नर्मदा का जल प्रदूषित होना आरंभ हुआ। मध्य प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण मण्डल के सर्वेक्षण में खुलासा हुआ है कि जीवनदायनी मां नर्मदा अमरकंटक से निकलने के कुछ किलोमीटर बाद ही प्रदूषित होना आरंभ हो गई। जबलपुर के उपरांत कई स्थानों पर इसका पानी पीने योग्य भी नहीं बचा।
विडम्बना देखिए, एमपी पीसीबी द्वारा खुद सर्वेक्षण करवाया गया और अब एमपी पीसीबी द्वारा खुद ही मेसर्स झाबुआ पावर लिमिटेड को नर्मदा नदी के मुहाने पर कोल आधारित पावर प्लांट लगाने की अनुमति प्रदाय की जा रही है। इस पावर प्लांट की लगभग एक हजार फुट उंची चिमनी से उड़ने वाली राख जब बरगी बांध में समाएगी तो रानी अवंती बाई सागर परियोजना का पानी जहरीला होने से कोई नहीं रोक सकेगा।
कुल मिलाकर सिवनी जिले की आदिवासी बाहुल्य तहसील घंसौर में पर्यावरण बिगड़े, प्रदूषण फैले, क्षेत्र झुलसे या आदिवासियों के साथ अन्याय हो इस बात से मध्य प्रदेश सरकार के प्रदूषण नियंत्रण मण्डल और केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय को कुछ लेना देना नहीं है। यह सब देखने सुनने के बाद भी केंद्र सरकार का वन एवं पर्यावरण मंत्रालय, मध्य प्रदेश सरकार, मध्य प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण मण्डल, जिला प्रशासन सिवनी सहित भाजपा के सांसद के।डी।देशमुख विधायक श्रीमति नीता पटेरिया, कमल मस्कोले, एवं क्षेत्रीय विधायक जो स्वयं भी आदिवासी समुदाय से हैं श्रीमति शशि ठाकुर, कांग्रेस के क्षेत्रीय सांसद बसोरी सिंह मसराम एवं सिवनी जिले के हितचिंतक माने जाने वाले केवलारी विधायक एवं विधानसभा उपाध्यक्ष हरवंश सिंह ठाकुर चुपचाप नियम कायदों का माखौल सरेआम उड़ते देख रहे हैं।

(क्रमशः जारी)