सोमवार, 2 जुलाई 2012

प्रणव पर आरोपों की झड़ी!


प्रणव पर आरोपों की झड़ी!

(महेश रावलानी)

नई दिल्ली (साई)। महामहिम राष्ट्रपति की दौड़ में शामिल होते ही पूर्व वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी पर आरोपों की झड़ी लगना आरंभ हो गई है। सोशल नेटवर्किंग वेब साईट फेसबुक पर प्रणव के द्वारा पद के दुरूपयोग की खबरें लगाई जाने लगी हैं। खबरों की तासीर देखकर लग रहा है मानो प्रणव मुखर्जी ने महामहिम पद के लिए समर्थन जुटाने की गरज से राज्यों को आनन फानन आवंटन जारी किया है।
एक एकाउंट में जारी समाचार के अनुसार ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) के राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार प्रणब मुखर्जी पर आरोप लगाया है कि उन्होंने उनके केंद्रीय वित्त मंत्री रहने के दौरान कुछ चुनिंदा राज्यों में राजनीतिक दलों को पैसा देकर अपनी उम्मीदवारी के लिए समर्थन जुटाया।
खबर में आगे कहा गया है कि बीजू जनता दल (बीजद) अध्यक्ष पटनायक ने दिल्ली से लौटने के बाद रविवार रात संवाददाताओं से कहा कि प्रणब मुखर्जी ने देश का वित्त मंत्री रहने के दौरान करोड़ों रुपया बिहार, बंगाल और उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों को दिया। उन्होने पूछा कि क्या यह पैसा इसलिए दिया गया कि वह कुछ पार्टियों से राष्ट्रपति पद पर उनकी उम्मीदवारी के लिए समर्थन चाहते थे।
पटनायक चार दिन की यात्रा के बाद लौटे हैं। पटनायक ने कहा कि यह पैसा मुलायम सिंह यादव की समाजवादी पार्टी (सपा) के शासन वाले उत्तर प्रदेश, नीतीश कुमार के जनता दल (युनाइटेड) शासित बिहार और ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस शासित पश्चिम बंगाल में दिया गया।
उन्होंने कहा कि यह उनका निजी पैसा नहीं था, यह लोगों का पैसा था, यह आपका पैसा था। जब राष्ट्रपति चुनाव की प्रक्रिया शुरू हो गई है तो ऐसे में केंद्र सरकार ने इतनी बड़ी राशि इन राज्यों को क्यों दी। पटनायक वह पहले व्यक्ति हैं जिन्होंने राष्ट्रपति पद के लिए प्रणब के खिलाफ मई में सबसे पहले लोकसभा के पूर्व अध्यक्ष पी.ए. संगमा की उम्मीदवारी की घोषणा की थी। वह संगमा के नामांकन पर्चाे पर हस्ताक्षर करने वाले पहले प्रस्तावक भी हैं। संगमा को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा), शिरोमणि अकाली दल और एआईएडीएमके का समर्थन भी प्राप्त है। राष्ट्रपति चुनाव 19 जुलाई को होना है।

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