रविवार, 30 मार्च 2014

सहूलियत के बजाए नासूर बन रही है मॉडल रोड

सहूलियत के बजाए नासूर बन रही है मॉडल रोड

लोगों का घरों से निकलना हुआ दुश्वार, जगह जगह बगरी है निर्माण सामग्री

(अखिलेश दुबे/अय्यूब कुरैशी)

सिवनी (साई)। जैसे ही जबलपुर नाके से नागपुर नाके तक मॉडल रोड के निर्माण की बात फिजां में तैरी वैसे ही सिवनी के निवासी खुशी से झूम उठे थे। युवा एवं ऊर्जावान अध्यक्ष राजेश त्रिवेदी के मार्गदर्शन और निर्देशन में नगर पालिका परिषद कहीं न कहीं अपने पथ से भटक रही है। सिवनी शहर की जीवनरेखा कही जाने वाली जीएन रोड पर जगह-जगह निर्माण सामग्री बगरे होने से राहगीरों और इसके आसपास निवास करने वालों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
जबलपुर नाके के आगे से नागपुर नाके के आगे तक बनने वाली मॉडल रोड, अब लोगों की सुविधा के बजाए लोगों के लिए मुसीबत का कारण बनती जा रही है। इसकी वजह यह है कि इस सड़क का निर्माण अत्यंत ही कच्छप गति से होना है। आज भी जबलपुर नाके पर निर्माण कार्य के चलते लगभग एक पखवाड़े से ज्यादा समय से मार्ग बेहद सकरा हो चुका है। यहां आवागमन ज्यादा रहता है, जिससे दुर्घटना की आशंका से इंकार नहीं किया जा सकता है।

यह है माप जोख
इस सड़क की अनुमानित लंबाई साढ़े चार किलोमीटर बताई जा रही है। पालिका के सूत्रों ने समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया को बताया कि बीच का डिवाईडर दो मीटर (जहां बन चुका है वहां उतना ही रहेगा) के अलावा दोनों ओर की चौड़ाई सात मीटर होगी। इस सड़क की मोटाई में साढ़े सात एमएम का बीएम और 25 एमएम का एडीडीसी वर्क होना है। नियमानुसार इस सड़क के सिरों या मध्य में सूचना पटल पर इस सड़क के स्पेसीफिकेशन का उल्लेख किया जाना चाहिए, जो पालिका सीमा के अंदर कहीं भी देखने को नहीं मिल रहे हैं। इस सड़क के निर्माण का ठेका, गुना की राजलक्ष्मी कंस्ट्रक्शन कंपनी को दिया गया है। यह काम पिछले साल नवंबर से आरंभ हुआ है और इसे इस साल अक्टूबर तक (महज सात माह बाद) पूरा किया जाना प्रस्तावित है। इस सड़क की लागत 11 करोड़ 70 लाख रूपए है और इसमें सड़क निर्माण, डिवाईडर, नाली निर्माण, पोल को सरकाना, मार्ग में आने वाले वृक्षों की कटाई आदि का काम शामिल है।

नहीं मिली जरूरी अनुमतियां!
पालिका के सूत्रों ने आगे बताया कि इस मार्ग के निर्माण का कार्य नवंबर में आरंभ करवा दिया गया है किन्तु इस मार्ग में आने वाली बाधाओं जिसमें पोल शिफ्टिंग, वृक्षों को हटाना आदि शामिल है की अनुमतियां जारी ही नहीं की गई हैं। इससे कार्य की गति प्रभावित हो रही है। वैसे देखा जाए तो ये जरूरी अनुमतियां नगर पालिका प्रशासन को स्वयं ही देना है, पर पता नहीं नगर पालिका प्रशासन द्वारा इन अनुमतियों को जारी किए बिना ही कार्य को कैसे आरंभ करवा दिया गया है। सूत्रों ने आगे बताया कि मॉडल रोड के निर्माण हेतु खंबे हटाने और पेड़ कटाई का कार्य या तो विभागीय स्तर पर किया जाएगा या फिर ठेके पर। अगर इसका कार्य ठेके पर कराया जाना है तो इसके लिए अभी तक निविदा जारी कर उसका प्रकाशन भी नहीं करवाया गया है। मई के अंतिम सप्ताह में आचार संहिता की समाप्ति के उपरांत संभव है कि इसकी अनुमतियां और निविदा जारी कर दी जाएं। मई के बाद पांच माहों में इस कार्य को अंजाम दिए जाने की बात पर संशय ही प्रतीत हो रहा है।

निर्माण राशि का अभाव!
पालिका के सूत्रों ने आगे बताया कि इस सड़क के निर्माण के लिए पालिका को ऋण की राशि प्राप्त होना है। सूत्रों की मानें तो इसकी पहली किश्त अवश्य ही पालिका को प्राप्त हो चुकी है पर आगामी किश्तों के अभाव मेें इसका कार्य अभी भी मंथर गति से ही संपादित किया जा रहा है।

सुपरविजन के लिए उपयंत्रियों का अभाव
वहीं, पालिका के सूत्रों ने आगे बताया कि इस कार्य के लिए सबसे जरूरी काम निरीक्षण का है। इसके लिए पालिका में उपयंत्रियों का टोटा है। कुछ दिन पूर्व पालिका के दो उपयंत्रियों को निलंबित कर दिया गया था। प्रशासन की ओर से अब नई व्यवस्था की गई है। उपयंत्रियों के अभाव में इस सड़क के निर्माण में गुणवत्ता प्रभावित होने की संभावनाओं से इंकार नहीं किया जा सकता है।

हादसों का है भय!
ज्यारत नाके से जिला चिकित्सालय तक इस सड़क में निर्माण हेतु इसे खोदा गया है। सड़क के दोनों सिरों पर हुई खुदाई के कारण वाहनों के आने जाने में जमकर परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस कार्य के चलते सड़क पर अनेक छोटे-बड़े हादसे घट रहे हैं। इस सड़क के निर्माण में खुदे हिस्से पर अनेक वाहन दुर्घटना का शिकार हो चुके हैं। सड़क निर्माण के कार्य में हो रहे हीला हवाला के चलते लोगों के मन में भय समा गया है।

कब तक होगा पूर्ण पता नहीं

इस सड़क के निर्माण का काम कब तक पूरा हो पाएगा इस बारे में कोई भी दावे के साथ कहने की स्थिति में नहीं है। पालिका के सूत्रों का कहना है कि इस साल के अंत में नगर पालिका चुनाव हैं और इसकी वर्तमान गति देखकर लग रहा है कि नई परिषद के आने पर ही इसको पूर्ण किया जा सकेगा, क्योंकि बीच में वर्षाकाल के चार माह काम शायद ही हो पाए। इसके साथ ही साथ वर्षाकाल के चार माह लोगों के लिए यह सड़क नासूर से कम साबित नहीं होने वाली है।

दिनेश ने भी माना भाजपा दे सकती है बेहतर विकास!

दिनेश ने भी माना भाजपा दे सकती है बेहतर विकास!

(ब्यूरो कार्यालय)

सिवनी (साई)। भाजपा की ओर से प्रधानमंत्री के दावेदार नरेंद्र मोदी के आगमन के दौरान सिवनी विधानसभा क्षेत्र के निर्दलीय विधायक दिनेश राय ने मंच से विकास के लिए भाजपा का साथ व्यक्तिगत रूप से देने की जो बात कही वह स्वागत योग्य है। दिनेश राय ने सार्वजनिक मंच से यह कहकर कि सिवनी के विकास के लिए वह भाजपा प्रत्याशी का सहयोग अवश्य करेंगे और वह व्यक्तिगत रूप से प्रचार-प्रसार करेंगे, यह घोषणा इसलिए भी स्वागत योग्य है क्योंकि दिनेश राय यह समझ चुके हैं कि भाजपा ही एक ऐसी पार्टी है जो बेहतर विकास दे सकती है।
उक्ताशय की विज्ञप्ति जारी करते हुए युवा नेता बाबा पाण्डेय ने कहा कि दिनेश राय ने हजारों की भीड़ में जो घोषणा की है वह उसे अमलीजामा भी पहनाएं और बोधसिंह भगत के साथ मिलकर डोर-टू-डोर वोट मांगने जरूर जाएं ताकि भाजपा को जीत मिल सके और नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री बन सकें, और इस तरह दिनेश राय की विकास की उम्मीद पूरी हो सके।

बाबा पाण्डेय ने उम्मीद जताई है कि दिनेश राय घोषणा करने के बाद घर में नहीं बैठेंगे बल्कि घर से बाहर निकलकर लोगों को यह बताने का प्रयास करेंगे कि वे स्थाई और बेहतर सरकार देने के लिए भाजपा को ही वोट दें। बाबा पाण्डेय ने विज्ञप्ति में यह भी कहा है कि कहीं ऐसा न हो कि दिनेश राय नेता और पब्लिक के बीच यह बात बोल दें और फिर वह भूल जाएं कि उन्हें भाजपा के लिए वोट मांगना है।

मनरेगा में मजदूरी नहीं मिलने की शिकायत

मनरेगा में मजदूरी नहीं मिलने की शिकायत

आवेदन के लिए भी दस रूपए पड़ रहे चुकाने

(पीयूष भार्गव)

सिवनी (साई)। केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी महात्मा गांधी राष्ट्रीय रोजगार योजना में सिवनी जिले के केवलारी विकास खण्ड के ग्राम सोनखार में मजदूरों को पूरी मजदूरी और काम न मिलने की शिकायत की गई है।
समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया को लगभग तीन दर्जन हस्ताक्षरों और अंगूठों से युक्त पत्र में कहा गया है कि ग्राम पंचायत सोनखार में रोजगार सहायक सुनील कुमार गौतम द्वारा मजदूरों को मनरेगा के कार्य में न तो काम दिया जा रहा है और जिन्हें काम दिया भी जा रहा है उन्हें पूरी मजदूरी ही नहीं दी जा रही है।
अपनी शिकायत में ग्रामवासियों ने कहा है कि ग्राम पंचायत सोनखार के रोजगार सहायक सुनील गौतम द्वारा ग्रामीणों को जानबूझकर परेशान किया जा रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि रोजगार सहायक द्वारा दस रूपए आवेदन के एवज में भी लिए जा रहे हैं। जो दस रूपए देने से मना करता है उसे कह दिया जाता है कि उसे काम पर नहीं लगाया जाएगा।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि उन्हें काम के बदले अब तक कभी भी पूरी मजदूरी नहीं मिली है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि कोई मजदूरी के बाकी पैसों के बारे में दरयाफ्त करता है तो उसे रोजगार सहायक सुनील गौतम द्वारा यह कह दिया जाता है कि उनकी नेता, मंत्री और साहब से जान पहचान है। उनका कुछ नहीं बिगड़ेगा, पर अगर ज्यादा कोई हल्ला करेगा तो उस मजदूर को सरकारी कार्य में व्यवधान डालने के जुर्म में फंसा दिया जाएगा।

ग्रामीणों ने अपनी शिकायत में इस मामले की न्यायिक अथवा किसी स्वतंत्र एजेंसी से जांच करवाने की अपील की है।

सहाराश्री को छुड़ाने के लिए कर्मचारियों से मांगा उधार

सहाराश्री को छुड़ाने के लिए कर्मचारियों से मांगा उधार

(दीपांकर श्रीवास्तव)

लखनऊ (साई)। सहारा ने अपने प्रमुख सुब्रत रॉय को जेल से निकालने के लिए अपने कर्मचारियों और करीबियों से मदद मांगी है. सुप्रीम कोर्ट द्वारा रखी गई शर्त के 10 हजार करोड़ जुटाने के लिए सहारा इंडिया परिवार के कर्मचारियों और अन्य शुभचिंतकों से अपनी इच्छा व क्षमता के अनुसार 1, 2, 3 लाख रुपये या उससे अधिक की राशि का योगदान करने का आग्रह किया गया है.
इस प्रस्ताव के तहत मनोरंजन से खुदरा कारोबार क्षेत्र में कार्यरत सहारा समूह के कर्मचारियों को उनके इस योगदान के लिए सहारायिन ए-मल्टीपरपज सोसायटी लि. के शेयर दिए जाने की बात है. सहारा समूह का दावा है कि उसके 11 लाख वेतनभोगी व फील्ड कर्मचारी है. इस योगदान की अपील इस सोसाइटी के निदेशकों और समूह के एसोसिएट्सके हस्ताक्षरों के साथ जारी एक पृष्ट के पत्र के जरिये की गई है.
इस बारे में संपर्क किए जाने पर सहारा के अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यह पत्र सुब्रत राय या प्रबंधन द्वारा जारी नहीं किया गया है. यह मौजूदा स्थिति के मद्देनजर लोगों की भावनात्मक पहल है. एक अधिकारी ने कहा कि यह नहीं समझा जाना चाहिए कि सहारा समूह या प्रबंधन अपने कर्मचारियों से योगदान के लिए कह रहा है. सुब्रत रॉय ने इस संगठन का निर्माण परिवार के रूप में किया है. ऐसे में देशभर में बड़ी संख्या में पत्र आ रहे हैं. उम्मीद है कि हमारे मुख्य अभिभावक के प्रति इस भावना को समझा जाएगा.

उच्चतम न्यायालय के आदेश पर सुब्रत रॉय को 4 मार्च से तिहाड़ जेल में बंद हैं. न्यायालय ने राय को अंतरिम जमानत देने के लिए समूह को पहले 10,000 करोड़ रुपये जमा कराने को कहा है. इसमें 5,000 करोड़ रुपये बैंक गारंटी के रूप में होंगे. हालांकि समूह के वकीलों ने अदालत को बताया कि सुब्रत रॉय और दो अन्य निदेशकों की रिहाई के लिए इतनी बड़ी राशि जुटाना समूह के लिए मुश्किल हो रहा है. इन वकीलों ने यह भी कहा कि शीर्ष अदालत का निवेशकों का 20,000 करोड़ रुपये सेबी के पास नहीं जमा कराने के लिए रॉय को जेल भेजने का आदेश गैरकानूनी व असंवैधानिक है.

एम्स में मनीष तिवारी की हृदय सर्जरी आज

एम्स में मनीष तिवारी की हृदय सर्जरी आज

(एडविन अमान)

नई दिल्ली (साई)। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में भर्ती केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री मनीष तिवारी की आज हृदय की सर्जरी की जाएगी। तिवारी को शुक्रवार को एम्स में भर्ती कराया गया। जबकि भाजपा के पीएम पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी ने ट्वीट कर तिवारी के जल्द ठीक होने की शुभकामनाएं दी हैं। तिवारी पिछले कई दिन से बीमार हैं।

मनीष तिवारी को एम्स के एक निजी वार्ड में भर्ती कराया गया है। आज उनका ऑपरेशन किया जाएगा। सूत्रों के मुताबिक संस्थान के नेफ्रोलॉजी (गुर्दा रोग) विभाग के डॉक्टर मंत्री की जांच कर रहे हैं। 48 वर्षीय तिवारी पिछले कुछ समय से बीमार हैं और कुछ ही दिन पहले उन्हें दक्षिण दिल्ली के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया था।

लोकसभा चुनाव के छठे चरण की अधिसूचना जारी

लोकसभा चुनाव के छठे चरण की अधिसूचना जारी
(मोदस्सिर कादरी)
नई दिल्ली (साई)। आगामी लोकसभा चुनाव के छठे चरण में 12 राज्यों की 117 सीटों पर होने वाले मतदान की अधिसूचना आज जारी कर दी गयी।
इन सीटों पर 24 अप्रैल को मतदान होगा। छठे चरण में होने वाले मतदान में सपा अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव और भाजपा नेता सुषमा स्वराज जैसे दिग्गजों के भाग्य का फैसला होगा। छठे चरण में जिन 117 सीटों पर मतदान होना है उनमें तमिलनाडु की 39 और पुदुचेरी की एकमात्र लोकसभा सीट भी शामिल है।
मुलायम जिस मैनपुरी सीट से चुनाव लड़ने जा रहे हैं वह उत्तर प्रदेश की उन 12 सीटों में से एक है जहां 24 अप्रैल को मतदान होना है। मुलायम आजमगढ़ लोकसभा सीट से भी चुनाव लड़ेंगे। विदिशा सहित मध्य प्रदेश की 10 सीटों पर 24 अप्रैल को मतदान होगा। विदिशा सीट से भाजपा नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष सुषमा स्वराज किस्मत आजमा रही हैं। आगामी 24 अप्रैल को झारखंड की चारबिहार और छत्तीसगढ़ की सात-सातअसम और पश्चिम बंगाल की छह-छहजम्मू-कश्मीर की अनंतनाग सीटमहाराष्ट्र की 19 सीट और राजस्थान की 10 सीटों के लिए चुनाव होंगे।
झारखंड में मतदान का समय सुबह सात बजे से शाम चार बजे तक होगा जबकि अन्य राज्यों में लोग सुबह सात बजे से शाम छह बजे तक वोट डाल सकेंगे। छठे चरण में जिन 117 सीटों पर चुनाव होने हैंउनके लिए नामांकन-पत्र दाखिल करने की आखिरी तारीख पांच अप्रैल तय की गयी है। नामांकन-पत्रों की जांच सात अप्रैल को होगी। उम्मीदवार अपना नामांकन-पत्र नौ अप्रैल तक वापस ले सकते हैं।

बीजेपी से बाहर हुए साबिर बोले- नकवी ने सबूत नहीं दिए तो करेंगे मानहानि का केस

बीजेपी से बाहर हुए साबिर बोले- नकवी ने सबूत नहीं दिए तो करेंगे मानहानि का केस

(सोनाली खरे)

नई दिल्ली (साई)। भाजपा अध्यवक्ष राजनाथ सिंह ने साबिर अली की सदस्यकता रद्द कर दी है। उन्हेंत शुक्रवार को ही भाजपा में लाया गया था, लेकिन इसके तुरंत बाद पार्टी के भीतर विरोध हो गया और आरएसएस ने भी इस विरोध का समर्थन कर दिया।
शनिवार दोपहर एक प्रेस कॉन्फ्रेंभस के बीच में भाजपा नेता रविशंकर प्रसाद ने जानकारी दी कि अध्यरक्ष ने साबिर अली की सदस्यमता निरस्तव करने का फैसला किया है। बीजेपी से बाहर होकर साबिर अली ने कहा, ‘मुख्तार अब्बास नकवी ने अब यदि मेरे आतंकी भटकल से संबंध होने के सबूत नहीं दिए तो उनके खिलाफ मानहानि का केस करूंगा।
इससे पहले भाजपा में नए-नए शामिल हुए साबिर अली ने पार्टी के दिग्गहज नेता मुख्ताहर अब्बाएस नकवी को खुली चुनौती दी। शनिवार को मीडिया से बातचीत में साबिर अली ने बताया कि उन पर लगाए गए आरोप निराधार हैं और इससे वह आहत हैं। उन्हों ने कहा कि वह बिहार भाजपा प्रभारी से आरोपों की जांच करवाने और जांच पूरी होने तक उनकी सदस्यकता स्थागित रखने के लिए भी कह चुके हैं। अली ने आरोप साबित होने पर राजनीति से संन्यासस लेने की बात कही और यह भी कहा कि अगर साबित नहीं होने पर आरोप लगाने वाले को भी नैतिक जिम्मेहदारी लेनी चाहिए। इसके बाद उन्होंहने बिहार भाजपा के प्रभारी धर्मेंद्र प्रधान और नकवी को इस बारे में चिट्ठी भी लिखी।

मोदी की तारीफ करने के चलते जदयू से निकाले जाने के बाद साबिर ने शुक्रवार को भाजपा की सदस्यकता ली। लेकिन कुछ ही घंटे बाद पार्टी नेता नकवी ने ट्वीट कर उन्हेंक आतंकी भटकल का दोस्तु बता दिया और यह तक कह दिया कि जल्द ही पार्टी में दाऊद भी शामिल हो जाएगा।

मसूद की टिप्पणी पार्टी की विचाराधारा के विरुद्ध: राहुल

मसूद की टिप्पणी पार्टी की विचाराधारा के विरुद्ध: राहुल

(सचिन धीमान/अनेशा वर्मा)

सहारनपुर/गाजियाबाद (साई)। कांग्रेस प्रत्याशी इमरान मसूद की पत्नी के साथ मंच साझा करते हुए राहुल गांधी ने उनके भाजपा के प्रधानमंत्री प्रत्याशी नरेन्द्र मोदी के खिलाफ अपशब्दों को नकार दिया और कहा कि यह पार्टी की विचारधारा के विरुद्ध है। सहारनपुर में एक रैली को संबोधित करते हुए राहुल ने कहा कि मसूद को इस तरह के कठोर शब्दों का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए था क्योंकि कांग्रेस विपक्ष की तरह क्रोध की राजनीति नहीं करती है।
मसूद की गिरफ्तारी के कुछ समय बाद पार्टी नेताओं ने कहा कि राहुल सहारनपुर में अपनी निर्धारित रैली को संबोधित नहीं करेंगे। बहरहाल, गाजियाबाद की जनसभा के बाद राहुल सहारनपुर की रैली में गये जहां उनकी मसूद की पत्नी भेंट शाइमा से हुई। रैली को संबोधित करते हुए शाइमा ने कहा कि उनके पति को गलत आरोपों के आधार पर फंसाया जा रहा है।
रैली में शाइमा ने अपने को लोगों की बेटी और बहु करार देते हुए कहा कि वह अपने बच्चों के साथ उनका आशीर्वाद लेने आई है। राहुल के साथ शाइमा का मंच पर आना महत्वपूर्ण है क्योंकि मसूद के खिलाफ पुलिस मामले के चलते कांग्रेस को इस सीट पर अपना उम्मीदवार बदलना पड़ सकता है।
इससे पूर्व राहुल ने गाजियाबाद में कहा कि इमरान की टिप्पणी पार्टी की विचारधारा के विरुद्ध है। राहुल ने वहां कहा कि उन्हें विपक्ष के नेता के प्रति ऐसे शब्दों का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए था। मैं पूरे देश से कहना चाहता हूं कि विपक्ष के नेताओं में से एक के खिलाफ इस्तेमाल किए गए शब्द हमारी विचारधारा नहीं है।

राहुल ने कहा कि कांग्रेस पार्टी हिन्दू, मुस्लिम, सिख एवं ईसाइयों की पार्टी है। हम नाराज नहीं होते। हम अपना काम शांतिपूर्वक एवं प्रेम से करते हैं। सहारनपुर में कांग्रेस उपाध्यक्ष ने कहा कि कांग्रेस की राजनीति सभी को साथ लेकर चलने की है तभी राष्ट्र का निर्माण किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि आप को विपक्ष के लोगों के बारे में समक्षने की जरूरत है। वे क्रोध की राजनीति करते हैं। हमें क्रोध की नहीं बल्कि प्यार एवं सम्मान की राजनीति करनी चाहिए। हमें क्रोध की राजनीति से लड़ने और उसे पराजित करने की जरूरत है। आप देख लेना कि हम प्यार से क्रोध की राजनीति को परास्त कर देंगे।

जनरल मोटर्स वापस लेगी 8.24 लाख कारें

जनरल मोटर्स वापस लेगी 8.24 लाख कारें

(मणिका सोनल)

नई दिल्ली (साई)। अमेरिकी ऑटोमोबाइल दिग्गज जनरल मोटर्स (जीएम) अपनी कारों के इग्निशन सिस्टम में खामी के चलते आठ लाख 24 हजार कारें वापस लेगी। इस खराबी के कारण अब तक 30 दुर्घटनाओं में 12 लोगों की मौत हो चुकी है। पिछले महीने भी जीएम ने 16 लाख कारें वापस लेने की घोषणा की थी। कंपनी पर सवाल उठे थे कि जीएम को इन कारों में जिस गड़बड़ी की जानकारी वर्ष 2001 से ही है उसे अब तक ठीक क्यों नहीं किया गया है।
इस मामले में कंपनी का कहना है कि इग्निशन की खराबी से जुड़ी दुर्घटनाओं में किसी की मौत नहीं हुई है। नई घोषणा के तहत कंपनी वर्ष 2008-2010 मॉडल की शेवरले कोबाल्ट्स, एचएचआर, पोंटियाक सोल्सिटेस, जी5 और सैटर्न स्काइ वापस लेगी। इसके अलावा वर्ष 2005-2007 मॉडल की खराब इग्निशन वाली 90,000 कारें भी वापस ली जाएंगी।
जीएम के सीईओ मैरी बैरे ने कहा कि कंपनी सुरक्षा के मामले में कोई कोताही नहीं करेगी। हजारों रिटेलरों के जरिये बेचे गए 22 लाख वाहनों में कुछ हजार खराब स्विचों की पहचान करना मुश्किल है। इसलिए सभी वाहनों को वापस लिए जा रहे हैं। जनरल मोटर्स के खिलाफ इस मामले में अमेरिकी न्याय विभाग और कांग्रेस की जांच चल रही है। कंपनी ने स्वीकार किया है कि उसने इग्निशन संबंधी गड़बड़ी के मामले में जरूरी कार्रवाई नहीं की। इन खामियों की वजह से अब तक सैकड़ों दुर्घटनाएं हो चुकी हैं।

वर्ष 2005 से अब तक कंपनी को इस गड़बड़ी को लेकर ग्राहकों की सैकड़ों शिकायतें मिल चुकी हैं। इस गड़बड़ी के कारण इग्निशन ड्राइविंग के दौरान अचानक ऑफ पोजीशन में आ जाता है और एयरबैग सहित सभी इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम बंद हो जाते हैं। जीएम इस मामले में कानूनी मुकदमें का सामना भी कर रही है। पिछले सप्ताह सीनेटर रिचर्ड ब्लूमेंथल ने न्याय विभाग से अपील की थी दुर्घटना पीड़ितों को मुआवजा देने के लिए फंड बनाया जाए।

मोदी उवाच, ‘छिंदवाड़ा नवाब की दिल्ली में नहीं चलती‘

मोदी उवाच, ‘छिंदवाड़ा नवाब की दिल्ली में नहीं चलती

(ब्यूरो कार्यालय)

मण्डला/बालाघाट (साई)। कांग्रेस को लोक तंत्र में विश्वास नहीं है और जिन्हें लोकतंत्र में विश्वास नहीं है उसे हिंदुस्तान में राज करने का भी कोई अधिकार नहीं है।
मंडला में आयोजित सभा के दौरान शुक्रवार को भाजपा प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए ये बात कहीं। उन्होंने कहा कि महंगाई और भ्रष्टाचार के लिए कांग्रेेस ही जिम्मेदार है। जिस दिन हमारी सरकार बनेगी हम सौ दिन में महंगाई खत्म कर देंगे।

शिवराज की तारीफों के बांधे पुल
इस दौरान मोदी ने शिवराज की तारीफ करते हुए कहा कि शिवराज ने चुनाव के दौरान उन सभी कार्याे का हिसाब दिया है, जो उन्होंने किए और जो नहीं किए, लेकिन केंद्र सरकार ने घ्सा नहीं, जबकि केंद्र को भी इसका जवाब देना चाहिए। मोदी ने कहा कि कांग्रेस का एक भी नेता महंगाई के संबंध में जवाब देने के लिए तैयार नहीं है। जबकि जनता को ये सब जानने का अधिकार है। कांग्रेस ने देश को खोखला कर दिया है। बीच-बीच में मोदी ने जनता से सवाल किए, जिनके जवाब जनता ने एक आवाज में दिए।

केन्द्र सरकार का नारा, मर जवान मर किसान
मर किसान, मर जवान...केंद्र सरकार का अब ये नारा बन गया है। केंद्र सरकार दोनों का ही शोषण कर रही है। पाकिस्तान सेना ने भारत के जवानों के सिर काटे फिर भी वहां के प्रधानमंत्री हिंदुस्तान आने की हिम्मत रखते हैं ये हिंदुस्तान के लिए बहुत ही शर्म की बात है। मंडला की सभा के बाद शुक्रवार को बालाघाट में आयोजित सभा के दौरान नरेंद्र मोदी ने ये बातें कहीं।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार खराब हो रहे अनाज को किसानों में नहीं बांट सकती, जबकि उसी अनाज को अस्सी पैसे किलो में दूसरी कंपनी को बेच सकती है। ये जनता के साथ बहुत बड़ा अन्याय है।

छिंदवाड़ा के नवाब की दिल्ली में नहीं चलती

कमलनाथ पर निशाना साधते हुए मोदी ने कहा कि छिंदवाड़ा के नवाब की दिल्ली में नहीं चलती। फोर लेन सड़क अटल बिहारी वाजपेयी की देन है। कमलनाथ की इसमें भूमिका नहीं है। मोदी ने आगे कहा कि कच्छ की जनता आज भी रेडियो के सहारे है, जबकि केंद्र का ध्यान टू-जी घोटाले की ओर है। इसी प्रकार मध्यप्रदेश के एक केंद्रीय मंत्री ने कागजों पर अस्पताल बनवा दिया है और कागजों पर ही लोगों का इलाज भी करवा दिया। ये बहुत ही शर्मनाक है। इस दौरान उनके साथ मध्यप्रदेश मुखिया शिवराज सिंह चौहान भी मौजूद रहे।

निर्वाचन आयोग ने दी वंदे-मातरम् की सशर्त अनुमति

निर्वाचन आयोग ने दी वंदे-मातरम् की सशर्त अनुमति

(नन्द किशोर)

भोपाल (साई)। भारत निर्वाचन आयोग ने आगामी 2 अप्रैल को राज्य मंत्रालय के बाह्य प्रांगण में राष्ट्रीय गीत वंदे-मातरम् के आयोजन में मंत्री के शामिल होने के संबंध में सशर्त अनुमति प्रदान की है।

आयोग ने कहा है कि उक्त आयोजन से उसे कोई आपत्ति नहीं है बशर्ते उसमें किसी भी व्यक्ति द्वारा राजनैतिक भाषण नहीं दिया जाए। आयोग की शर्त में यह भी शामिल है कि आयोजन में किसी के द्वारा राजनैतिक प्रचार नहीं किया जाये। आयोग ने सम्पूर्ण आयोजन की वीडियोग्राफी करवाने के निर्देश भी मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी को दिये हैं। वंदे-मातरम् के आयोजन के संबंध में आयोग की सशर्त अनुमति से मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय द्वारा राज्य शासन को अवगत करवाया जा रहा है।

ओला पीड़ितों को राहत के संबंध में निर्वाचन आयोग के निर्देश

ओला पीड़ितों को राहत के संबंध में निर्वाचन आयोग के निर्देश

(सोनल सूर्यवंशी)

भोपाल (साई)। मध्यप्रदेश में ओला पीड़ितों को जनहानि, पशुहानि एवं मकान क्षति के लिये सहायता वितरण किए जाने के संबंध में भारत निर्वाचन आयोग ने कहा है कि इसमें आयोग को कोई आपत्ति नहीं है। बहरहाल इसके संबंध में आयोग ने कुछ शर्तें रखी हैं।
इसके अनुसार राहत वितरण का कार्य मुख्यमंत्री/मंत्रियों के नाम के बिना किसी भी घोषणा अथवा प्रचार के बगैर किया जाना चाहिये। राहत वितरण में अधिकतम पारदर्शिता बरती जाये और गाँव में हितग्राहियों की सूची प्रकाशित की जाये। सिर्फ शासकीय अधिकारी बैंक के माध्यम से चेकों का वितरण प्रभावित परिवारों को करेंगे और कोई भी राजनैतिक कार्यकर्ता प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से इसमें शामिल नहीं होगा।

आयोग ने कहा है कि राहत कार्य में राजस्व कर्मचारियों के संलग्न होने से निर्वाचन संबंधी कार्यों की गति में कोई कमी नहीं आनी चाहिये। अतरू इस कार्य के लिये कलेक्टरों को राहत वितरण में मदद के उद्देश्य से ग्रामीण तथा कृषि विभाग का सहयोग लिया जाना चाहिये जिनके पास मैदानी अमला होता है।

शनिवार, 29 मार्च 2014

तीसरे चरण की अधिसूचना जारी


तीसरे चरण की अधिसूचना जारी

(संतोष पारदसानी)

भोपाल (साई)। मध्यप्रदेश में तीसरे चरण के लोकसभा चुनाव के लिए 29 मार्च को अधिसूचना जारी होगी। अधिसूचना जारी होने के साथ ही दस संसदीय निर्वाचन क्षेत्र के लिए नाम-निर्देशन पत्र जारी करने का सिलसिला प्रारंभ हो जायेगा, जो 5 अप्रैल तक चलेगा।
प्रदेश के 29 संसदीय निर्वाचन क्षेत्र में से दस में तीसरे चरण के लिए 24 अप्रैल को मतदान होगा। तीसरे चरण के निर्वाचन के लिए संसदीय क्षेत्र 18-विदिशा, 21-देवास, 22-उज्जैन, 23-मंदसौर, 24-रतलाम, 25-धार, 26-इंदौर, 27-खरगौन, 28-खण्डवा और 29-बैतूल के लिए 29 मार्च से नाम-निर्देशन पत्र लिए जायेंगे। नाम-निर्देशन पत्र प्रातरू 11 बजे से दोपहर 3 बजे तक संसदीय क्षेत्र के रिटर्निंग ऑफिसर (आर.ओ) को जमा किये जा सकेंगे। नाम-निर्देशन पत्र जमा कराने की अंतिम तिथि शनिवार 5 अप्रैल है। नामांकन पत्रों की संवीक्षा (स्क्रूटनी) सोमवार 7 अप्रैल को होगी।
निर्वाचन प्रक्रिया के अनुसार बुधवार 9 अप्रैल तक नाम-निर्देशन पत्र वापिस लिए जा सकेंगे। निर्वाचन आयोग ने देश के अन्य राज्यों सहित मध्यप्रदेश में सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक मतदान करवाने का निर्णय लिया है। तीसरे चरण के लिए 24 अप्रैल को मतदान होगा।

मतदान प्रारंभ होने के एक घंटे पहले होगा मॉक पोल


मतदान प्रारंभ होने के एक घंटे पहले होगा मॉक पोल

(राजेश शर्मा)

भोपाल (साई)। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी, मध्यप्रदेश ने मतदान शुरू होने के एक घंटे पहले मॉक पोल करवाने के संबंध में जिला निर्वाचन अधिकारियों को दिशा-निर्देश दिये हैं।
निर्देश में बताया गया है कि मतदान प्रारंभ होने के एक घंटे पहले पीठासीन अधिकारियों द्वारा मतदान अभिकर्ताओं के समक्ष कम से कम 50 मत ईवीएम मशीन में डलवाये जायें और मॉक पोल के परिणाम से अभिकर्ताओं को अवगत करवाया जाये। दिशा-निर्देशों में कहा गया है कि चुनाव डयूटी में लगे अमले को प्रशिक्षण के दौरान इसकी जानकारी दी जाये। पीठासीन अधिकारी जब मॉक पोल करें तो अभिकर्ता से इस बात की पुष्टि करवा लें कि मॉक पोल के दौरान जिस अभ्यर्थी के सामने वाला बटन दबाया जा रहा है उसी के सामने इंडीकेटर जल रहा है।
मॉक पोल के दौरान इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) में खराबी सामने आये तो उसे तुरन्त बदला जाये। आयोग ने स्पष्ट किया है कि जिस मतदान केन्द्र में वीडियो रिकार्डिंग की व्यवस्था हो वहाँ मॉक पोल की वीडियो रिकार्डिंग भी करवाई जाये। मतदान केन्द्रों पर उपस्थित उम्मीदवार एवं राजनैतिक दलों के एजेंट से यह सुनिश्चित करवा लें कि मॉक पोल के मत परिणाम को पूरी तरह से डिलीट कर ही वास्तविक मतदान प्रारंभ किया गया है।

मतदान के दिन सवैतनिक अवकाश मिलेगा


मतदान के दिन सवैतनिक अवकाश मिलेगा

(सोनल सूर्यवंशी)

भोपाल (साई)। मध्यप्रदेश में 3 चरण में लोकसभा चुनाव के लिये मतदान दिवस पर प्रत्येक व्यक्ति जो किसी भी पद पर कार्यरत है उसे मतदान के दिन सवेतन छुट्टी दिया जाना अनिवार्य है।
इस संबंध में भारत निर्वाचन आयोग ने राज्यों के मुख्य सचिव व मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी को पत्र लिखा है। पत्र में कहा गया है कि यदि कोई नियोजक अधिनियम 1951 की धारा 135 का उल्लंघन करता है तो उसे सजा एवं आर्थिक दण्ड दोनों हो सकते हैं। प्रदेश में 3 चरण 10 अप्रैल, 17 अप्रैल और 24 अप्रैल को 29 संसदीय क्षेत्र के लिए मतदान होगा।

शुक्रवार, 28 मार्च 2014

राशन न मिलने पर ग्रामीणों में जमकर रोष!

राशन न मिलने पर ग्रामीणों में जमकर रोष!

राशन नहीं तो वोट नहीं की बात उठ रही बलपुरा में

(अय्यूब कुरैशी)

सिवनी (साई)। जिला मुख्यालय से महज सात किलोमीटर दूर स्थित ग्राम बलपुरा में सोसायटी की दुकान पर राशन न मिलने से ग्रामीणों का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच रहा है। आज अनेक ग्रामीणों ने राशन दुकान के सामने खड़े होकर अपने गुस्से का इज़हार किया।
गौरतलब है कि सूबे के निज़ाम शिवराज सिंह चौहान द्वारा ओलावृष्टि से प्रभावित किसानों के कांधे से कांधा मिलाकर उनके दुख में सहभागी होने का दावा किया गया था। बकौल शिवराज सिंह चौहान ओला पीड़ित किसान परिवारों को एक रूपए किलो गेहूं और चावल देने की घोषणा की गई थी। इसके बाद सरकारी स्तर पर जारी विज्ञप्तियों में राशन की दुकानों और सोसायटी की राशन दुकानों से यह गेहूं चावल देने की बात कही गई थी।
ग्राम बलपुरा के ग्रामीणों ने समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया को बताया कि ग्राम बलपुरा की सोसायटी की दुकान में न तो गेहूं मिल रहा है, न चावल मिल रहा है और न ही मिट्टी का तेल ही उपलब्ध हो पा रहा है। अनेक घरों में तो इसके चलते चूल्हा भी नहीं जल पा रहा है।

गायब हैं विधायक!
एक ग्रामीण ने अपना आक्रोश जतलाते हुए कहा कि विधानसभा चुनावों में विधायक उम्मीदवारों ने ग्रामीणों के दुख सुख में साथ देने की बात कही थी। ओलावृष्टि के बाद तबाह हुई फसल का जायजा लेने यहां कोई नहीं आया। कई दिनों से सोसायटी की राशन दुकान भी नहीं खुल रही है, और विधायक का पता तक नहीं है।

राशन नहीं तो वोट नहीं!

ग्रामीणों ने सोसायटी के सामने ही राशन नहीं तो वोट नहींके नारे भी बुलंदी के साथ लगाए। वहां उपस्थित महानन्द बघेल, सरपद बघेल, गिरधारी, गंगा, आनंद बघेल, मनीष बघेल, राजू सराठे, राधेश्याम आदि ने बताया कि उन्हें बार-बार आकर देखना होता है कि दुकान खुली है या नहीं। बंद दुकान देखकर वे मजबूरी में लौट जाते हैं। ग्रामीणों के अनुसार सोसायटी की दुकान न खुलने के कारण न तो वे खेतों पर ही काम करने जा पा रहे हैं और न ही बनी मजदूरी करने।

गरीब आदिवासी बाला को अकारण कार्य से हटाया सुनील गौतम ने!

गरीब आदिवासी बाला को अकारण कार्य से हटाया सुनील गौतम ने!

कोई ज्यादा बोलेगा तो सरकारी कार्य में बाधा का केस दर्ज कराने की मिल रही धमकी

(ब्यूरो कार्यालय)

सिवनी (साई)। ग्राम पंचायत सोनखार के ग्राम सहायक सुनील गौतम द्वारा मुझे बिना किसी कारण के काम से हटा दिया गया है। हम कुछ कहते हैं तो हमें सरकारी काम में बाधा डालने का मामला लादने की बात सुनील गौतम द्वारा कही जाती है।
उक्ताशय की बात मेट के रूप में कार्य कर रही सोनखार निवासी सीमा मर्सकोले पिता जयपाल सिंह मर्सकोले द्वारा सादे कागज पर दिए गए शपथ पत्र में कही गई है। उन्होंने कहा है कि एक दिन मजदूरों ने कम मजदूरी मिलने की शिकायत उनसे की और इस शिकायत को उनके द्वारा रोजगार सहायक सुनील गौतम तक पहुंचाया गया तो सुनील गौतम ने उनसे साफ-साफ कह दिया कि कल से काम पर मत आना।
सीमा मर्सकोले के अनुसार ग्राम पंचायत सोनखार के रोजगार सहायक सुनील गौतम द्वारा उनसे कहा गया कि वे कुछ भी करें इससे किसी को मतलब नहीं होना चाहिए। अपने शपथ पत्र शीर्षक के आवेदन में सीमा मर्सकोले द्वारा कहा गया है कि सुनील गौतम ने उनसे कहा कि उनका कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता है, क्योंकि उनकी पहुंच ऊपर नेता, मंत्री तक है।
सीमा मर्सकोले के अनुसार इसके पहले भी सुनील मर्सकोले के द्वारा फर्जी रूप से हाजिरी भरी गई है। पत्र में कहा गया है कि मजदूरों को यह भी कहा जाता है कि किसी अन्य के बदले काम करो। उनके अनुसार अगर कोई भी मजदूर या सीमा मर्सकोले खुद भी ज्यादा कुछ करेंगी तो उन्हें सरकारी कार्य में व्यवधान डालने के आरोपमें फंसा दिया जाएगा।

पत्र के अंत में सीमा मर्सकोले ने कहा है कि वे एक गरीब आदिवासी बाला हैं, और इस तरह की घटनाओं की सूक्ष्म जांच अवश्य करवाई जानी चाहिए।

नगर में पेयजल की त्राही त्राही!

नगर में पेयजल की त्राही त्राही!

संकट वाकई है या कृत्रिम!

(अखिलेश दुबे)

सिवनी (साई)। एक बार फिर जिला मुख्यालय में पानी की त्राही-त्राही मचनी आरंभ हो गई है। इस बार यह संकट ज्यादा इसलिए भी नजर आ रहा है क्योंकि भगवान भास्कर अपना रौद्र रूप धारण करते जा रहे हैं। विधानसभा चुनावों के दौरान भी शहर में पानी का संकट सामने आया था, अब लोकसभा चुनावों के दर्मयान भी यह संकट गहराता दिख रहा है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार पिछले लगभग एक सप्ताह से लोगों के घरों में पानी का संकट बढ़ता दिख रहा है। एक सप्ताह में अनेक वार्डों में पानी का संकट साफ तौर पर दिखाई पड़ा है। नगर पालिका परिषद के सूत्रों के अनुसार तीन वार्ड को पानी प्रदाय करने वाली पानी की टंकी में लाईन का कुछ फाल्ट आ जाने के कारण इनमें पानी का प्रदाय नहीं किया जा सका है।

गौरतलब है कि विधानसभा चुनावों के दौरान भी शहर में पानी का संकट जोरदार तरीके से सामने आया था। कहा जा रहा है कि इससे दल विशेष को भारी क्षति का सामना करना पड़ा था। इस बात में कितनी सच्चाई है यह तो कहा नहीं जा सकता है किन्तु एक बार फिर लोकसभा चुनाव के आते ही सिवनी शहर में पानी के संकट का उबरना अनेक संदेहों को जन्म दे रहा है।

छात्रवृत्ति से वंचित बच्चे!

छात्रवृत्ति से वंचित बच्चे!

(शरद खरे)

समाकेतिक छात्रवृत्ति योजना के लिए प्रदेश शासन द्वारा सख्ती से काम करने की आवश्यक्ता पर बल दिया गया था ताकि जरूरत मंद विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति समय पर मिल सके और वे अपनी पढ़ाई निर्विघ्न संपन्न कर सकें। जिला प्रशासन द्वारा भी इसके लिए अवश्यक दिशा निर्देश जारी किए गए थे। मीडिया में बार-बार यह मामला सुर्खियों में आया कि समाकेतिक छात्रवृत्ति योजना के तहत मेपिंग और फीडिंग के कार्य में लापरवाही बरती जा रही है, फिर भी प्रशासनिक स्तर पर कोई कार्यवाही न होना आश्चर्य का विषय है।
सरकारी योजनाओं और खबरों को मीडिया के माध्यम से जनता तक पहुंचाने के लिए पाबंद जिला जनसंपर्क कार्यालय द्वारा भी बार-बार इस आशय की खबरों का प्रसारण किया गया था जिसमें समाकेतिक छात्रवृत्ति योजना के तहत मेपिंग और फीडिंग के साथ ही साथ देयकों को कोषालय में 25 मार्च तक आवश्यक रूप से जमा करवाने की बात कही गई थी। आज 27 मार्च तक प्रशासन की ओर से इस तरह की कोई भी बात नहीं कही गई है, जिसमें यह पता चले कि जिले में स्कूल शिक्षा विभाग और आदिवासी विकास विभाग के तहत संचालित शालाओं के कितने बच्चों को छात्रवृत्ति के योग्य पाया गया? और कितने बच्चों की छात्रवृत्ति के देयक ही कोषालय में जमा करवाए गए?
वहीं, दूसरी ओर आदिवासी विकास विभाग में तो नया कारनामा सामने आया है। यहां दो-दो डीडीओ होने की बात सहायक आयुक्त आदिवासी विकास विभाग द्वारा स्वीकार की गई है। नियमित शिक्षकों का वेतन विकास खण्ड अधिकारी के द्वारा निकाला जा रहा है, तो शेष शिक्षकों का वेतन उस संकुल के प्राचार्य द्वारा निकाला जा रहा है। जिन प्रधान पाठकों या शिक्षकों द्वारा बीडीओ के माध्यम से इंद्राज किया गया है उनकी जानकारी बीडीओ के पास सुरक्षित हो चुकी है, पर इनके देयक नहीं बन पाने से ये विद्यार्थी छात्रवृत्ति से वंचित हो गए हैं।
कहा तो यहां तक भी जा रहा है कि आधे से ज्यादा विद्यार्थियों की जानकारी का इंद्राज ही नहीं किया जा सका है। साथ ही साथ अनेक जगहों पर निजि स्तर पर भी जानकारियां और पासवर्ड देकर इंद्राज करवाए गए हैं। संचार क्रांति का युग है, अब कुछ भी छिपाना संभव नहीं है। संवेदनशील जिला कलेक्टर भरत यादव अगर खुद इस मामले की जांच करवा लें तो दूध का दूध पानी का पानी हो सकता है।

जिला कलेक्टर से जनापेक्षा है कि देश के भविष्य समझे जाने वाले बच्चों के साथ इस तरह की संगीन लापरवाही में अब कड़े निर्देशके बजाए आवश्यकता है कड़े कदमोंकी। जिला कलेक्टर से अपेक्षा है कि हर प्रधान पाठक से इस बात का प्रमाण पत्र मात्र ले लिया जाए कि उनके द्वारा इस योजना के तहत इंद्राज कहां से करवाया गया है, उस कंप्यूटर का आईपी एॅड्रेेस और इंटरनेट के उपयोग का नंबर (सिम या लेण्डलाईन) ही मांग लिया जाए, तो कुहासा छटने की उम्मीद की जा सकती है।

... और चुपचाप सब देख रहे हैं अटल बिहारी वाजपेयी

... और चुपचाप सब देख रहे हैं अटल बिहारी वाजपेयी

(अमित कौशल)

नई दिल्ली (साई)। अशोक रोड स्थित बीजेपी मुख्यालय से पांच मिनट की दूरी पर अटल बिहारी वाजपेयी का घर है। अपने कृष्णा मेनन मार्ग वाले बंगले में अटल बिहारी वाजपेयी खामोशी से वीलचेयर पर बैठे या तो टीवी देखते रहते हैं या अखबारों की सुर्खियां पढ़ते रहते हैं। 2009 में एक स्ट्रोक पड़ने के बाद से अपने भाषणों से भीड़ को बांध देने वाले वाजपेयी अब खामोश रहते हैं।
कुल तीन बार भारत के प्रधानमंत्री रहे अटल जी ने करीब एक दशक पहले राजनीति को अलविदा कह दिया था। आज बीजेपी पर नरेंद्र मोदी की पकड़ मजबूत हो गई है जिन्हें वह 2002 दंगों के बाद मुख्यमंत्री पद से हटा देना चाहते थे। पार्टी में वाजपेयी के कुछ करीबी दोस्त और फॉलोअर खुद को अलग-थलग सा महसूस कर रहे हैं।
पुराने सुनहरे दिनों की तरह अब कोई उनके पास न पार्टी से संबंधित शिकायतें लेकर आता है और न ही उनकी कविताएं सुनने। अटल जी के 60 साल पुराने दोस्त एनएम घटाटे, लाल कृष्ण आडवाणी और बीसी खंडूरी ही नियमित रूप से उनसे मिलने या उनकी बेटी नमिता से उनका हालचाल पूछने चले आते हैं।
घटाटे लगभग हर हफ्ते या कभी हफ्ते में दो बार भी उनसे मिलने आते हैं। वह कहते हैं, ‘मनमोहन सिंह नियमित रूप से अटल जी के स्वास्थ्य के बारे में पूछते हैं और उनके जन्मदिन पर उन्हें खुद कॉल कर विश करना कभी भी नहीं भूलते।घटाटे ने कहा, ‘इन दोनों का साथ बहुत पुराना है।घटाटे बताते हैं कि कैसे तत्कालीन प्रधानमंत्री पी.वी नरसिम्हा राव ने अटल जी के पास शिकायत करने के लिए फोन किया था कि विपक्ष द्वारा की गई बजट की बुराई दिल पर लेकर उनके वित्त मंत्री (मनमोहन सिंह) ने रिजाइन करने की पेशकश की है।
अपने करियर का अधिकतर वक्त विपक्ष में बैठकर बिताने वाले वाजपेयी के निशाने पर नेहरू से लेकर इंदिरा गांधी तक रहे, लेकिन उन्हें अहसास नहीं था कि उनकी आलोचना किसी को इतना दुख पहुंचा सकती है। घटाटे ने बताया कि वाजपेयी ने तुरंत मनमोहन सिंह को फोन लगाया और उन्हें कहा कि इस तरह की बातें दिल पर न लें। यह बातें सिर्फ राजनीतिक पॉइंट्स बनाने के लिए कही गई हैं। इस तरह राव सरकार को वाजपेयी ने बड़ी फजीहत से बचा लिया। वहीं से इस नई दोस्ती की शुरुआत हुई।
घटाटे कहते हैं कि वाजपेयी आज भी मेंटली अलर्ट हैं, लेकिन स्ट्रोक ने उनसे बोलने की ताकत छीन ली है। वह खुद को किताबों और लेखन में ही व्यस्त रखते हैं। घटाटे को वाजपेयी की खुशमिजाजी की कमी सबसे ज्यादा खलती है।

2004 में चुनाव हारने के बाद वाजपेयी ने एनडीए के गठबंधन के एक्सपेरिमेंट की सफलता पर चार पेज का आर्टिकल लिखा। उसमें उन्होंने लिखा कि कैसे कांग्रेस ने भी यही फॉर्म्युला अपनाया और गठबंधन की राजनीति का महत्व हमेशा बरकरार रहेगा।