गुरुवार, 7 जून 2012

प्रशासन के संरक्षण में हो रहा अवैध उत्खनन


0 घंसौर को झुलसाने की तैयारी पूरी . . .  95

प्रशासन के संरक्षण में हो रहा अवैध उत्खनन

खनिज मंत्री शुक्ला बौने साबित हो रहे थापर के सामने

(शिवेश नामदेव)

सिवनी (साई)।  देश के मशहूर उद्योगपति गौतम थापर के स्वामित्व वाले अवंथा समूह के सहयोगी प्रतिष्ठान मेसर्स झाबुआ पावर लिमिटेड द्वारा मध्य प्रदेश के सिवनी जिले के छटवीं सूची में अधिसूचित आदिवासी बाहुल्य घंसौर विकास खण्ड के ग्राम बरेला में स्थापित किए जाने वाले 1260 मेगावाट के कोल आधारित पावर प्लांट में संयंत्र प्रबंधन द्वारा क्षेत्र में अवैध उत्खनन तेजी से किया जा रहा है। बार बार शिकायतों के बाद भी जिला प्रशासन के कानों में जूं नहीं रही है।
हद तो उस वक्त हो जाती है जब प्रदेश के उर्जा और खनिज मंत्री राजेंद्र शुक्ल के द्वारा भारतीय जनता पार्टी की जिला इकाई और क्षेत्रीय भाजपा विधायक को अंधेरे में रखकर संयंत्र का मुआयना एवं उद्यघाटन आदि किया जाता है। इस दौरान खनिज और उर्जा मंत्री से अवैध उत्खनन की शिकायत की जाती है पर इस मामले में कोई कार्यवाही ही नहीं होती है।
जिला प्रशासन के सूत्रों का कहना है कि 1260 मेगावाट की प्रस्तावित विद्युत इकाई के निर्माण के दरम्यान अवैध उत्खनन के द्वारा राजस्व क्षति के मामले सार्वजनिक होने के बाद भी जिला प्र्रशासन का मौन संदिग्ध ही माना जाएगा। सूत्रों के अनुसार गौतम थापर के स्वामित्व वाले अवंथा समूह के सहयोगी प्रतिष्ठान मेसर्स झाबुआ पावर लिमिटेड के द्वारा सिवनी जिले में ही अवैध उत्खनन के माध्यम से करोड़ों रूपयों की राजस्व क्षति पहुंचाई जा चुकी है।
बीते माह जब शिवराज सिंह चौहान के सहयोगी और प्रदेश के खनिज और उर्जा मंत्री राजेंद्र शुक्ल इस इकाई का निरीक्षण करने पहुंचे तब यह मामले राजेंद्र शुक्ल के संज्ञान में लाया गया था। इसके बाद उन्होने भी इस मामले में मौन साध लिया। उर्जा और खनिज मंत्री राजेंद्र शुक्ल की आदिवासी विकासखण्ड घंसौर के ग्राम बरेला में लगने वाले इस पावर प्लांट में बेहद ज्यादा दिलचस्पी को लेकर तरह तरह की चर्चाओं का बाजार गर्मा गया है।

(क्रमशः जारी)

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