बुधवार, 25 जुलाई 2012

बीमारियां बेच रहे ठेलेवाले


बीमारियां बेच रहे ठेलेवाले

(नरेंद्र ठाकुर)

सिवनी (साई)। बरसात के मौसम में सिवनी शहर में नागरिकों के स्वास्थ्य के साथ सरे रहा खिलवाड़ किया जा रहा है। शहर के फुटपाथों पर लगाये जानेवाले ठेले खाद्य सामग्री बेचने के नाम पर बीमारियां परोस रहे हैं। इन ठेलों में चाट-पकौड़ी, चाउमिन, इटली-डोसा, समोसा, वेज चिली से लेकर चना भटुरा तक बेचे जा रहे हैं।
अधिकतर ठेलेवाले साफ-सफाई पर जरा भी ध्यान नहीं देते। खाद्य सामग्रियों को खुला रखा जाता है। मक्खी, मच्छर उस पर भनभनाते रहते हैं। ठेलेवाले अपने ग्राहकों को क्या परोस रहे हैं, इसकी चिंता नगर पालिका सिवनी और स्वास्थ्य विभाग को किंचित मात्र भी नहीं है। नतीजा, लोग इन ठेलेवालों की चाट-पकोड़ी खाकर बीमार पड़ रहे हैं। भिंगोया, डुबोया ओर हो गया प्लेट साफ
साफ-सफाई का आलम यह है कि ठेलेवालों द्वारा जूठे बर्तनों की साफ-सफाई ठीक से नहीं की जा सकती है। ये पानी भरा दो टब रखते हैं। जूठे बरतन को उठा कर पहलेवाले टब में डाला जाता है। फिर वहां से उठा कर दूसरे टब में डाल दिया जाता है और हो जाती है सफाई। फिर उसी प्लेट या बरतन पर ग्राहकों को खाद्य सामग्रियां परोस दी जाती है।
उधर, नगर पालिका प्रशासन द्वारा शहर में किए जा रहे पेयजल प्रदाय का आलम यह है कि लोगों के घरों के नल गंदा बदबूदार पानी उगल रहे हैं। कहा जा रहा है कि जल शोधन संयंत्र में लगने वाली फिटकरी की खरीद के बजाए नगर पालिका प्रशासन ने महज बिल लगाकर ही अपने कर्तव्यों की इतिश्री कर ली जाती है।
जिला चिकित्सालय में आंत्रशोध, डायरिया, उल्टी दस्त के मरीजों की लंबी कतारें इस बात का प्रमाण है कि नगर पालिका परिषद अपने दायित्वों का निर्वहन कितनी मुस्तेदी से किया जा रहा है। जिला चिकित्सालय में भी चिकित्सकों के अभाव के चलते मरीज अस्पताल के समय के उपरांत इन्हीं सरकारी चिकित्सकों के घर पर या दवाखाने में जाकर लुटने पर मजबूर हैं।

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