बुधवार, 8 फ़रवरी 2012

क्या काले को सफेद कर पाएंगे पचौरी!


बजट तक शायद चलें मनमोहन. . . 81

क्या काले को सफेद कर पाएंगे पचौरी!

सरकार की नाकामियों पर पर्दा डाल पाएंगे पंकज!



(लिमटी खरे)

नई दिल्ली (साई)। वज़ीरे आज़म डॉक्टर मनमोहन सिंह की नाक का बाल बन चुके हरीश खरे को एकाएक प्रधानमंत्री कार्यालय से रूखसत कर उनके स्थान पर लाए गए टीवी एंकर पंकज पचौरी के सामने अब प्रमुख चुनौती यह सामने आ रही है कि क्या वे सरकार की नाकामियों पर पर्दा डालने का जतन कर पाएंगे। सियासी और मीडिया के हल्कों में चल रही चर्चाओं के अनुसार क्या पंकज पचौरी काले को सफेद कर पाएंगे?
सरकार के आलोचकों और समालोचकों के बीच चल रही चर्चाओं के अनुसार हरीश खरे को आनन फानन हटाकर सरकार ने अपना चेहरा बदलने का प्रयास अवश्य ही किया है पर वह इस मामले में सफल नहीं हो पाएगी। इसका कारण यह है कि सरकार का चेहरा तो मनमोहन सिंह हैं, हरीश खरे तो बस मेकपमेन की भूमिका में थे। कहा जा रहा है कि हरीश खरे वाकई तीक्ष्ण बुद्धि के स्वामी थे, जिनके मुकाबले पंकज पचौरी पासंग में नहीं बैठ रहे हैं।
प्रधानमंत्री कार्यालय में नए प्रमुख पुलक चटर्जी ने दस जनपथ की नज़दीकियों के चलते तरक्की को गले लगा लिया है, किन्तु उन्हें पंकज पचौरी के साथ काम करके वह अनुभव कतई नही हो सकता है जो हरीश खरे के रहते होता। पिछले दो तीन सालों में भ्रष्टाचार के महा घोटाले सामने आए हैं, उससे जनता की यह सोच बन चुकी है कि प्रधानमंत्री डॉ.मनमोहन सिंह अब भ्रष्टाचार के ईमानदार संरक्षक हैं। चर्चाओं के अनुसार पंकज पचौरी के हाथों में जादू छड़ी नहीं है कि वे रातों रात जनता की इस सोच को बदल सकें।

(क्रमशः जारी)

. . . तो जुड़ जाता सिवनी शहर भी ब्राडगेज से


0 घंसौर को झुलसाने की तैयारी पूरी . . .  59

. . . तो जुड़ जाता सिवनी शहर भी ब्राडगेज से



(लिमटी खरे)

नई दिल्ली (साई)। अगर देश के मशहूर उद्योगपति गौतम थापर के स्वामित्व वाले अवंथा समूह के सहयोगी प्रतिष्ठान मेसर्स झाबुआ पावर लिमिटेड के द्वारा देश के हृदय प्रदेश के सिवनी जिले के आदिवासी बाहुल्य घंसौर तहसील में लगाए जा रहे 1200 मेगावाट के कोल आधारित पावर प्लांट को सिवनी शहर के इर्द गिर्द कहीं स्थापित किया जा रहा होता तो निश्चित तौर पर सिवनी शहरवासियों को ब्राडगेज की सौगत तत्काल ही मिल जाती।
जिस तरह सिवनी जिले के आदिवासी बाहुल्य विकासखण्ड घंसौर में गौतम थापर के पावर प्लांट के लिए नेरोगेज का अमान परिवर्तन कर उसे ब्राडगेज में तब्दील किया जा रहा है, उसे देखकर लगने लगाता है कि गौतम थापर जिनका इकबाल राजनैतिक तौर पर काफी हद तक बुलंद है, के द्वारा अगर इस पावर प्लांट को सिवनी शहर के आसपास लगाया गया होता तो कोयला परिवहन के लिए यहां का अमान परिवर्तन अवश्य ही कर दिया जाता।
रेल मंत्रालय के सूत्रों का कहना है कि सिवनी जिले के दोनों सांसदों द्वारा भी जबलपुर से बालाघाटा रेल खण्ड के अमान परिवर्तन का काम जबलपुर के सिरे से आरंभ करवाने हेतु अपनी सैद्धांतिक सहमति दी है। दोनों ही सांसदों ने इस बारे में अपनी आपत्ति दर्ज नहीं करवाई है कि काम को नैनपुर या बालाघाट के सिरे से आरंभ किया जाए।
गौरतलब है कि लगभग 6800 करोड़ रूपयों की लागत से स्थापित होने वाले इस पावर प्लांट के लिए कोयला प्रमुख अव्यव है और इसके परिवहन के लिए व्यवस्था सुनिश्चित करना संयंत्र प्रबंधन का ही काम है। ब्राडगेज के जबलपुर तक ही होने के चलते संयंत्र प्रबंधन ने इसे सड़क मार्ग से ढोने पर भी विचार किया था। संभवतः यही कारण था कि तत्कालीन भूतल परिवहन मंत्री कमल नाथ ने रीवा से लेकर लखनादौन तक तक के नेशनल हाईवे को फोरलेन का करने की अनुमति प्रदान कर दी गई थी।
उधर, अवंथा समूह के सूत्रों का कहना है कि शुरूआती दौर में जब जबलपुर से नैनपुर के रेल खण्ड का अमान परिवर्तन खटाई में पड़ता दिख रहा था तब अवंथा समूह के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने इस बारे में भी विचार करना आरंभ कर दिया था कि भूमि खरीदकर सिवनी जिले के घंसौर विकासखण्ड के बिनेकी ग्राम से जबलपुर तक निजी तौर पर ब्राडगेज की पटरियां बिछाई दी जाए। सूत्रों की मानें तो अवंथा समूह को उससे बेहद कम लागत में ही ‘‘थेंक्यू सर्विस‘‘ पर अब बनी बनाई पटरियां कोयला परिवहन के लिए मिलने वाली हैं।

(क्रमशः जारी)

मौसम ने फिर खेली आंख मिचौली


मौसम ने फिर खेली आंख मिचौली



(शरद खरे)

नई दिल्ली (साई)। राजधानी में मंगलवार शाम हुई हल्की बारिश के चलते अधिकतम तापमान अचानक पांच डिग्री सेल्सियस नीचे चला गया। जिससे चलते लोगों को गत दिनों की तुलना में अधिक ठंड का एहसास हुआ। मंगलवार को दिन का अधिकतम तापमान 20.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से दो डिग्री कम था। मौसम विभाग के मुताबिक सिर्फ 0.4 मिलीमीटर बारिश के बाद तापमान में काफी गिरावट दर्ज की गई। बारिश के बाद अधिकतम तापमान 20.5 डिग्री से गिरकर 15.6 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। जिसके चलते शाम के समय गत दिनों की तुलना में अधिक ठंड रही। विभाग की मानें तो अगले दो-तीन दिनों में न्यूनतम तापमान में भी दो से तीन डिग्री सेल्सियस गिरावट दर्ज की जाएगी, जिससे ठंड बढ़ेगी। वहीं, दिन का न्यूनतम तापमान 7.6 डिग्री दर्ज किया गया, जोकि सामान्य से एक डिग्री सेल्सियस कम था। बारिश के चलते दफ्तर से निकल घर के लिए रवाना हुए लोगों को भी थोड़ी परेशानी हुई।
हिमाचल प्रदेश से साई संवाददाता ने बताया कि राज्य में फिर से कड़ाके की ठंड की चपेट में है। शिमला, मनाली, डलहौजी तथा धर्मशाला के ऊंचाई वाले इलाकों में कल रात से बर्फबारी हो रही है। शिमला, कुल्लू, चम्बा और मंडी जिलों के स्कूल सर्दी की वजह से एक हते के लिए बंद कर दिये गए हैं। जनजातीय इलाकों में बिजली, संचार और जल सेवाओं पर असर पड़ा है। नारकंडा और खड़ा पत्थर के निकट राष्ट्रीय राजमार्ग -२१ के कई स्थानों पर वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई है।
देहरादून से साई ब्यूरो अर्जुन कुमार ने खबर दी है कि मौसम ने फिर करवट बदली है और आसमान में मेघों की आवक शुरू हो गई है। राजधानी में तो बादलों ने शाम को हल्की फुहारें भी पड़ीं। उधर, मौसम विभाग का पूर्वानुमान है कि बुधवार को भी बादल रहेंगे और राज्य में कुछ स्थानों पर वर्षा के साथ ही चेाटियों पर बर्फबारी की संभावना है।
मौसम बीते दो रोज से खुशगवार हो चला था, लेकिन मंगलवार को इसने अचानक करवट बदली और आसमान में होने लगी बादलों की कदमताल। शाम को बादल घने हुए तो राजधानी समेत कुछ अन्य स्थानों पर कहीं बूंदाबादी तो कहीं हल्की फुहारें भी मिल गई। उधर, मौसम विभाग का कहना है कि पश्चिमी विक्षोभ के चलते आसमान में बादल उमड़े हैं। और अगले चौबीस घंटों में इनके बरसने के आसार भी हैं। कुछ स्थानों पर वर्षा तो कहीं बर्फ गिरने की संभावना है। राजधानी में गर्जन वाले बादल विकसित होने और हल्की वर्षा के आसार बने हैं।
उधर हरिद्वार से लौटकर समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया संवाददाता दिशा ने बताया कि मंगलवार दिन भर चटक धूप खिलने के बाद शाम को मौसम ने करवट बदल ली। शाम के वक्त हल्की-हल्की बारिश होनी शुरू हुई। समाचार लिखे जाने तक बारिश जारी थी। धर्मनगरी में मौसम का मिजाज तीन-चार दिन से पल-पल बदल रहा है। तीन-चार दिनों से सूर्य देव आंख मिचौनी का खेल खेलते रहे हैं। धूप के दर्शन तो केवल कहने भर को हो रहे हैं, लेकिन मंगलवार को सुबह से ही मौसम खिला रहा और चटक धूप खिलने से लोगों ने राहत की सांस ली। शाम के वक्त आसमान पर बादलों की चहल-कदमी होने लगी और साढे़ सात बजे के आसपास हल्की-हल्की बारिश होनी लगी। खबर लिखने तक बारिश जारी थी। बारिश होने से ठंड का असर और तेज हो गया है।
शिमला से साई संवाददाता स्वाति सिंह ने बताया कि पिछले कुछ दिनों से साफ मौसम रहने के बाद बीते रोज मौसम ने अचानक करवट बदली और समूचा प्रदेश एक बार फिर ठंड की चपेट में आ गया है। प्रदेश के जनजातीय क्षेत्र तथा ऊंची पर्वत श्रृंखलाओं पर देर रात से हिमपात जारी है जबकि निचले क्षेत्रों में रुक-रुक कर बारिश हो रही है। राजधानी शिमला समेत राज्य के प्रमुख पर्यटन स्थलों मनाली और नारकंडा में चार से पांच इंच ताजा बर्फ गिर चुकी है तथा बर्फ का सिलसिला अब भी जारी है। राज्य के अनेक भागों में यातायात भी बाधित हुआ है। कुफरी तथा नारकंडा में भारी हिमपात होने के कारण हिमाचल परिवहन निगम द्वारा रामपुर के लिए बसों को वाया धामी भेजा जा रहा है।
बर्फबारी और बारिश से बेहाल जनता ने मंगलवार को राहत की सांस ली है। मंगलवार को प्रदेश सहित राजधानी में मौसम साफ रहा, व लोगों ने अच्छी धूप का लुत्फ उठाया, हालांकि बाद दोपहर कई जगह बादलों ने फिर डेरा जमा लिया। मौसम साफ होने से बागवान खुश हैं और अपने बगीचों के काम निपटाने में व्यस्त हो गए हैं। इस वर्ष हुई अच्छी बर्फबारी के कारण जमीन में पर्याप्त मात्रा में नमी होने के कारण उत्पादक सब्जी लगाकर भरपूर फायदा उठाना चाहते हैं। मौसम विभाग के अनुसार अब प्रदेश के अधिकतर क्षेत्रों में मौसम पूरी तरह से साफ रहेगा, मगर ऊंचे पहाड़ी क्षेत्रों में आठ फरवरी को कुछ स्थानों पर हल्की बोछारें और हिमपात हो सकता है। मंगलवार को सबसे कम तापमान केलंग में माइनस 12.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि ऊना का तापमान 23.0 डिग्री सबसे अधिक रहा।
श्रीनगर से साई संवाददाता विनोद नेगी ने बताया कि जवाहर सुरंग के निकट भारी बर्फबारी तथा रामबन व पंथाल के बीच हुए भूस्खलन के चलते बीते तीन दिनों से बंद पड़ा जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग के खुलने पर जम्मू से छोटे-बड़े वाहनों को श्रीनगर रवाना किया गया। यातायात पुलिस के इंसपेक्टर जनरल एचके लोहिया ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि बीकन कर्मचारियों द्वारा मलबे हटाए जाने के बाद मार्ग को यातायात के योग्य बनाया गया। सोमवार शाम 6.30 बजे तक जम्मू से 700 के करीब छोटी बड़ी गाड़ियों, जिनमें अधिकांश खाद्य सामग्री से भरे ट्रक थे, को श्रीनगर रवाना किया गया। सड़क पर अभी भी फिसलन है, लिहाजा वाहनों को धीमी गति से चलने की सलाह दे रहे हैं। मंगलवार को भी मौसम साफ रहने पर राजमार्ग एकतरफा खुला रहेगा।
वादी में बीते तीन दिनों से जारी बारिश और बर्फबारी सोमवार को चौथे दिन भी जारी रही। इसके चलते अधिकतम तापमान में बढ़ोतरी और न्यूनतम फिर गिरकर जमाव बिंदू पर आ गया है। मौसम विभाग के अनुसार, पहलगाम में सुबह 8.30 से शाम 6.30 बजे तक 7.9 मिलीमीटर बारिश व बर्फ, गुलमर्ग में 7.9, काजीगुंड में 8.1, जबकि कोकरनाग में 6.1 मिलीमीटर रिकॉर्ड की गई। श्रीनगर में अधिकतम तापमान 10.2 तो न्यूनतम -0.2 डिग्री रिकॉर्ड किया गया। गुलमर्ग सबसे ठंडा रहा। वहां पारा -10.2 डिग्री दर्ज किया गया। पहलगाम में -4.5, कोकरनाग में -2.8, जबकि लेह का न्यूनतम तापमान -14.6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। विभाग की मानें तो अगले चौबीस घंटों में कई इलाकों में बारिश व हल्की बर्फबारी होने की संभावना है।
जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग मंगलवार को भी यातायात के लिए एकतरफा खुला रहा। इस बीच वाहनों को श्रीनगर से जम्मू की तरफ रवाना किया गया। यातायात पुलिस के इंसपेक्टर जनरल एचके लोहिया ने कहा कि मंगलवार शाम 6.30 बजे तक करीब 1200 गाड़ियों को जम्मू के लिए रवाना किया गया। मौसम ठीक रहने की सूरत में बुधवार को भी मार्ग को एकतरफा यातायात के लिए खुला रहेगा। गौरतलब है कि शुक्रवार को वादी में भारी बर्फबारी के राजमार्ग बंद कर दिया गया था।
जम्मू काश्मीर की वादी में चार दिनों से जारी बर्फबारी मंगलवार को थम गई। साथ ही दिन भर खिली धूप ने मौसम को खुशगवार बना दिया। अधिकतम तापमान में भी दो डिग्री की बढ़ोत्तरी हुई। मंगलवार को पारा 12.9 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचा गया। हालांकि, न्यूनतम तापमान में सुधार नहीं हुआ है। गौरतलब है कि बीते चार दिनों से वादी में हुई बर्फबारी ने सामान्य जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया था। तापमान में गिरावट के चलते शीतलहर का प्रकोप बढ़ गया था। लेकिन, मंगलवार को मौसम ने फिर एक बार खुशगवार करवट बदली। लोगों ने खिली धूप का दिनभर आनंद लिया। वहीं, गुलमर्ग वादी का सबसे ठंडा क्षेत्र रहा। यहां न्यूनतम तापमान -11.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। पहलगाम में तापमान -9.0, कोकरनाग में -3.6 जबकि श्रीनगर का न्यूनतम तापमान -0.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। उधर लेह का पारा -9.2 डिग्री रहा। जबकि, करगिल का -9.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग के अनुसार अगले चौबीस घंटों में वादी में मौसम आमतौर पर शुष्क रहने की संभावना है।
इसके पूर्व पिछले दिन बर्फीले तूफान और हिमस्खलन की आशंका के बीच जम्मू संभाग के रियासी जिले की माहौर तहसील में बर्फ का तोंदा गिरने से दो लोग दब गए, जबकि दो अन्य ने किसी तरह भागकर जान बचाई। बर्फ में दबे लोगों की तलाश में पुलिस व सेना ने अभियान चला रखा है। उधर, भारी हिमपात व भूस्खलन के कारण दो दिन से बंद जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग रविवार एक तरफा खोल दिया गया। मौसम ठीक रहा तो सोमवार को वाहन जम्मू से श्रीनगर जाएंगे। इस बीच, प्रशासन ने उच्च पर्वतीय इलाकों और पीरपंजाल पर्वतश्रृंखला के साथ सटे इलाकों में सोमवार शाम पांच बजे तक बर्फीले तूफान की आशंका जताते हुए लोगों को सावधान रहने को कहा है।
हिमस्खलन रू रियासी जिले के खुमी झाड़ इलाके से शनिवार शाम को चार लोग पैदल गुजर रहे थे। तभी अचानक बर्फ का बड़ा तोंदा उन पर आ गिरा। दो लोगों ने किसी तरह भागकर अपनी जान बचाई, जबकि दो बर्फ के नीचे दब गए। साथियों ने उनकी काफी तलाश की, लेकिन कामयाबी न मिलने पर वह कई मील पैदल चलकर देर रात माहौर पहुंचे और पुलिस को जानकारी दी। बर्फ में दबे लोगों की पहचान विक्रम सिंह (30) पुत्र कपूर सिंह निवासी वागनकोट तथा बलदेव सिंह पुत्र रिखी राम निवासी डंगाकोट के रूप में हुई है। एसएसपी रियासी अतुल गोयल ने बताया कि लापता लोगों की तलाश में माहौर के डीएसपी के नेतृत्व में पुलिस के साथ सेना ने अभियान चला रखा है।
बर्फबारी के कारण बंद हुआ जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग रविवार दोपहर एक-तरफा वाहनों के लिए खोल दिया गया। इसके साथ ही राजमार्ग पर फंसे करीब 200 वाहन जम्मू व श्रीनगर पहुंच सके। आइजी ट्रैफिक हेमंत लोहिया के अनुसार सुबह 9 बजे डोडा मार्ग को खोल दिया गया। राजमार्ग से बर्फ व पस्सियां हटाने का काम भी पूरा किया गया। बनिहाल और रामबन में फंसे करीब 500 ट्रकों को भी धीरे-धीरे आगे छोड़ा गया। उन्होंने कहा कि मौसम साफ रहने की सूरत में सोमवार को जम्मू से श्रीनगर के लिए राजमार्ग खुला रहेगा।
बर्फबारी रू वादी के उच्चपर्वतीय व निचले इलाकों में बारिश और हिमपात हो रहा है। हालांकि श्रीनगर और उसके साथ सटे इलाकों में हिमपात सुबह आठ बजे तक थम गया, लेकिन गुलमर्ग, जवाहर सुरंग, खिलनमर्ग, पवित्र अमरनाथ गुफा, युसमर्ग, साधना पास, राजदान पास और जोजिला समेत उच्चपर्वतीय इलाकों में दिनभर रुक-रुककर बर्फ गिरती रही। मौसम विभाग के अनुसार, वादी के विभिन्न इलाकों में दो से आठ इंच तक बर्फ रिकॉर्ड की गई है। शनिवार को श्रीनगर में न्यूनतम तापमान -0.1 डिग्री सेल्सियस, पहलगाम में -0.7, काजीगुंड में -0.2, कोकरनाग में -0.2 और कुपवाड़ा में -0.1, गुलमर्ग में -7.5 व लेह में -7.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। जम्मू में रविवार का अधिकतम तापमान 19.3 जबकि न्यूनतम तापमान 8.7 डिग्री सेल्सियस रहा।
जयपुर से समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया के ब्यूरो शैलेंद्र ने बताया कि प्रदेश में शीतलहर के कारण सर्दी का असर एक बार फिर बढ़ गया है और उत्तर पश्चिमी सहित कई इलाको में तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। माउंट आबू में न्यूनतम तापमान जमाव बिन्दु पर पहुंच गया है। वहीं मैदानी इलाकों में एक दशमलव सात डिग्री सेल्सियस तापमान जैसलमेर में रिकॉर्ड किया गया। इसी तरह चूरु में एक दशमलव आठ, पिलानी में दो दशमलव तीन, गंगानगर में ढ़ाई, बीकानेर में साढ़े तीन, अजमेर में चार दशमलव दो, चित्तौड़गढ़, बाड़मेर मे साढ़े पांच, जोधपुर छह और जयपुर में सात दशमलव तीन डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तापमान रिकॉर्ड किया गया।

एक्जिट पोल पर तीन तक रोक


एक्जिट पोल पर तीन तक रोक

(यशवंत श्रीवास्तव)

नई दिल्ली (साई)। निर्वाचन आयोग ने पांच राज्यों उत्तर प्रदेश, पंजाब, उत्तराखंड, मणिपुर और गोआ विधानसभाओं का चुनाव होने तक एग्जिट पोल के प्रसारण और प्रकाशन पर तीन मार्च तक रोक लगा दी है। समाचार पत्र और समाचार चेनल्स आदि अब एग्जिट पोल को न प्रकशित कर पाएंगे और ना ही प्रसारित। यह रोक तीन मार्च शाम तक जारी रहेगी।
आयोग ने इस आशय की अधिसूचना जारी करते हुए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम १९५१ की धारा १२६ के तहत प्रत्येक चरण में मतदान समाप्त होने से पहले की ४८ घंटे की अवधि के दौरान इलेक्ट्रोनिक मीडिया पर किसी भी रूप में जनमत सर्वेक्षण के प्रसारण पर भी रोक लगा दी है। एग्जिट पोल पर रोक तीन मार्च की शाम साढ़े पांच बजे तक इलेक्ट्रोनिक और प्रिंट मीडिया दोनों पर लागू होगी जबकि जनमत सर्वेक्षण पर रोक केवल इलेक्ट्रोनिक मीडिया के लिए है।

वन माफिया और राजस्व की सांठ गांठ से करोड़ों के वारे न्यारे


वन माफिया और राजस्व की सांठ गांठ से करोड़ों के वारे न्यारे

अवैध कटाई को हवा धुंध में गिरे बताने का चल रहा है खेल

मण्डला में कलेक्टर करते है एसे वृक्षों को राजसात



(विपिन सिंह राजपूत)

सिवनी (साई)। देश के हृदय प्रदेश के सिवनी जिले में वन माफिया और राजस्व विभाग की सांठ गांठ से करोड़ों रूपयों के वारे न्यारे हो रहे हैं। राजस्व विभाग की मिली भगत से जिले में वन माफिया द्वारा अवैध कटाई चरम पर है। जिले के आदिवासी बाहुल्य विकास खण्ड घंसौर में इस वक्त करोड़ों रूपयों की वन संपदा अवैध तौर पर कटी हुई पड़ी है, जिसे वन माफिया राजस्व विभाग के साथ मिलकर एक नंबर में करने की जुगत लगा रहा है।
वन विभाग के सूत्रों का दावा है कि राजस्व विभाग के तहसीलदार की शह पर वन माफिया के हौसले बुलंदी पर हैं। सूत्रों का कहना है कि वन माफिया द्वारा निजी भूमि पर लगी बेशकीमती वन संपदा को अवैध रूप से काट दिया जाता है। इसके उपरांत राजस्व विभाग के कारिंदों द्वारा इसे हवा धुंध आंधी में गिरा हुआ प्रमाणित कर दिया जाता है। इसके बाद आरंभ होता है सारा खेल। वन विभाग द्वारा राजस्व के इस प्रमाणपत्र के मिलते ही इन गिरे हुए वृक्षों पर हेमर लगाकर इन्हें एक नंबर की लकड़ी में तब्दील कर दिया जाता है।
इस पूरी कार्यवाही में तहसीलदार द्वारा भूमि स्वामी पर नाम मात्र का फाईन लगा दिया जाता है। इस फाईन के बाद यह अवैध तरीके से काटी गई पूरी  की पूरी लकड़ी पूरी तरह से वेध हो जाती है। प्राप्त जानकारी के अनुसार इसके बाद यह कटी हुई लकड़ी सीधे वन विभाग के डिपो पहुंच जाती है, इसकी ग्रेडिंग की जाकर इसके अलग अलग लाट बनवा दिए जाते हैं।
वन विभाग के एक अधिकारी ने नाम उजागर न करने की शर्त पर कहा कि चूंकि तहसीलदार को ही राज्य सरकार द्वारा अधिकार दिए गए हैं अतः यह मामला जिला कलेक्टर की जानकारी तक पहुंच ही नहीं पाता है और करोड़ों अरबों रूपए के वारे न्यारे हो जाते हैं। सूत्रों ने बताया कि बिना अनुमति के काटे गए झाड़ों को राजस्व की धारा 240 और 241 के तहत राजसात करने का अधिकार दिया गया है। सीमावर्ती मण्डला जिले में जिला कलेक्टर ने इस तरह की लकड़ी को राजसात करने के सख्त आदेश जारी किए हुए हैं।
व्याप्त चर्चाओं के अनुसार एक चक में अवैध तरीके से काटे गए इस तरह के झाड़ों के लिए पटवारी एवं राजस्व निरीक्षक प्रति प्रकरण दो दो हजार रूपए, अनुविभागीय अधिकारी राजस्व और तहसीलदार एक एक हजार रूपए, वन विभाग के रेंजर पांच सौ रूपए घन मीटर, अनुविभागीय अधिकारी वन एक हजार रूपए घन मीटर, डिपो में ग्रेडिंग के लिए वहां तैनात अमला ग्रेड के हिसात से अपना हिस्सा निर्धारित करता है। अपेक्षा व्यक्त की जा रही है कि जिला कलेक्टर अगर इस मामले की निष्पक्ष जांच करवाकर जिले में अवैध ट्री फालिंग के लिए राजस्व की धारा 240 और 241 के तहत राजसात की कार्यवाही को सख्ती से लागू करवाएं।

सरकारी खर्च पर भाजपा की विकास यात्रा: फिरोज़ खान


सरकारी खर्च पर भाजपा की विकास यात्रा: फिरोज़ खान



(अखिलेश दुबे)

सिवनी (साई)। ‘‘भारतीय जनता पार्टी की विकास यात्रा में मध्य प्रदेश की शिवराज सिंह चौहान सरकार द्वारा शासन प्रशासन का दुरूपयोग किया जा रहा है। एक तरफ तो इस यात्रा से सांसद विधायक कन्नी काट रहे हैं, वहीं दूसरी ओर भीड़ बढ़ाने के लिए विधयकों के कारिंदों द्वारा शालाओं में जबरन ही अवकाश करवाकर बच्चों को जबरिया इसमें शामिल करवाया जा रहा है।‘‘ उक्ताशय की बात नगर कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता फिरोज़ खान द्वारा आज यहां जारी विज्ञप्ति में कही है।
फिरोज खान ने आरोप लगाया कि शिवराज सिंह चौहान सरकार द्वारा पंच परमेश्वर योजना के तहत प्रत्येक ग्राम में ढाई लाख रूपए की राशि से सड़क निर्माण की घोषणा की है। भाजपा की विकास यात्रा इसी पंच परमेश्वर योजना पर ही आधारित है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा के सांसद विधायकों से आम जनता बुरी तरह आज़िज आ चुकी है। मुख्यमंत्री ने यह कदम इसलिए उठाया कि पंच परमेश्वर योजना के तहत भूमिपूजन के दौरान गांव की जनता भाजपा के सांसद विधायकों को न खदेड़ पाए इसलिए सरकारी धन के अपव्यय का यह ताना बाना शिवराज सरकार द्वारा बुना गया है।
उन्होंने कहा कि एक तरफ तो भाजपा इस विकास यात्रा को पार्टीगत प्रोग्राम जतलाती है, वहीं दूसरी ओर इस विकास यात्रा में सरकारी मशीनरी का जमकर दुरूपयोग किया जा रहा है। इतना ही नहीं, मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की फोटो के साथ मध्य प्रदेश सरकार के जनसंपर्क विभाग द्वारा विज्ञापन भी जारी किए गए हैं। इन परिस्थितियों में जनता के मन में यह प्रश्न उठना लाज़िमी है कि यह कार्यक्रम मध्य प्रदेश सरकार का है या फिर भाजपा का!
फिरोज खान ने आगे कहा कि समूचे जिले से इस तरह की शिकायतें आ रही हैं कि विधायकों द्वारा इस प्रोग्राम में जनता के न जुड़ने के कारण भीड़ बढ़ाने के लिए शालाओं की जबरन ही छुट्टी करवाई जा रही है। उन्होंने कहा कि भाजपा इतना घ्रणित काम कर रही है जिसकी निंदा की जाना जरूरी है। अब जबकि परीक्षाएं सर पर हैं इन परिस्थितियों में बच्चों की छुट्टी करवाकर भाजपा देश के नौनिहालों के साथ मजाक और अन्याय कर रही है।
नगर कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता ने भाजपा पर आरोप लगाते हुए कहा है कि क्या सिवनी जिला भाजपा में इतना नैतिक साहस है कि वह अपने मुख्यमंत्री से यह पूछ सके कि आखिर क्या वजह है कि प्रदेश सरकार द्वारा सिवनी जिले के साथ सौतेला व्यवहार किया जा रहा है। मुख्यमंत्री घोषणाओं पर घोषणा करते हैं किन्तु उन्हें अमली जामा पहनाने की जब बारी आती है तो वे पीछे क्यों हट जाते हैं?
श्री खान ने याद दिलाते हुए कहा कि छपारा को नगर पंचायत का दर्जा देने, कान्हीवाड़ा धनोरा को उपतहसील बनाने, पेंच परियोजना में विलंब, संभागीय मुख्यालय सिवनी को बनाने जैसी घोषणाएं आज भी मुख्यमंत्री की राह तक रही हैं, जिनके बारे में शिवराज सिंह चौहान ने बड़े गर्व से चीख चीख कर घोषणा कर तालियां बटोरी थीं।

गंवार नही गंवार फ़ल्ली


हर्बल खजाना ----------------- 18

गंवार नही गंवार फ़ल्ली



(डॉ दीपक आचार्य)

अहमदाबाद (साई)। घर घर में खायी जाने वाली प्रमुख सब्जियों में से गंवार फ़ल्ली एक है जिसकी खेती वृहद स्तर पर की जाती है । गंवार फ़ल्ली का वानस्पतिक नाम स्यामोप्सिस टेट्रागोनोलोबा है । डाँग- गुजरात के आदिवासी इसके फ़ल्लियों को सुखाकर चटनी तैयार करते है और मधुमेह के रोगी को ४० दिनो तक दिन में चार बार प्रतिदिन देते है, इनका मानना है कि ये काफ़ी फ़ायदा करता है ।
पातालकोट के आदिवासी का मानना है कि फ़ल्लियों के बीजों को रात भर पानी में डुबोकर रखा जाए और अगले दिन सूजन, जोड दर्द और जलन देने वाले शारीरिक भागों पर लगाने से अतिशीघ्र आराम मिलता है । कच्ची फ़ल्लियों को चबाया जाए तो यह मधुमेह के रोगीयों के लिए हितकर होता है ।
कच्ची फ़ल्लियों को पीसकर इसमें टमाटर और धनिया की हरी पत्तियों को डालकर चटनी तैयार की जाए और प्रतिदिन सेवन किया जाए तो आँखो की रौशनी बेहतर होती है और लगातार सेवन से कई बार चश्मा भी उतर जाता है । कच्ची फ़ल्लियों को अच्छी तरह से उबाल लिया जाए और उस पानी में अपने पैरों को कुछ देर तक डुबोया जाए तो फ़टे पैर और तालु ठीक हो जाते है । इसके बीजों को एक उत्तम पशुआहार माना जाता है ।
आदिवासी अंचलों में इसकी फ़ल्लियों को सुखाकर इसमें सरसों के तेल को मिलाकर चौपायों को देने से उनके दूध उत्पादन में बढोतरी होती है । गंवार फ़ल्ली को जलाकर राख तैयार कर ली जाए व इसमें सरसों का तेल डालकर लेप तैयार किया जाए और चौपायों के घाव पर लगाया जाए तो उन्हे आराम मिल जाता है ।

(साई फीचर्स)
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मंगलवार, 7 फ़रवरी 2012

ब्राडगेज आ गई सिवनी जिले में!


0 घंसौर को झुलसाने की तैयारी पूरी . . .  58

ब्राडगेज आ गई सिवनी जिले में!

जिले के घंसौर तहसील में जारी है अमान परिवर्तन का काम



(लिमटी खरे)

नई दिल्ली (साई)। देश के मशहूर उद्योगपति गौतम थापर के स्वामित्व वाले अवंथा समूह के सहयोगी प्रतिष्ठान मेसर्स झाबुआ पावर लिमिटेड के द्वारा देश के हृदय प्रदेश के सिवनी जिले के आदिवासी बाहुल्य घंसौर तहसील में लगाए जा रहे 1200 मेगावाट के कोल आधारित पावर प्लांट के चलते सिवनी जिले को ब्राडगेज का तोहफा अवश्य मिल गया है, यह अलहदा बात है कि जिला मुख्यालय में अमान परिवर्तन का काम कब होगा यह बात भविष्य के गर्भ में ही है।
रेल मंत्रालय के सूत्रों का कहना है कि पूर्व रेल मंत्री ममता बनर्जी पर एक केंद्रीय मंत्री का जबर्दस्त दबाव था कि जबलपुर से बालाघाट के अमान परिवर्तन में भले ही नैनपुर से बालाघाट के बीच वन विभाग के फच्चर को न सुलटाया जा सके, किन्तु जबलपुर से बिनेकी तक रेल मार्ग का अमान परिवर्तन जल्द से जल्द करा दिया जाए। गौरतलब है कि सिवनी जिले के बिनेकी ग्राम के समीप गौतम थापर का कोल आधारित पावर प्लांट प्रस्तावित है, जहां कोयले की आपूर्ति रेल मार्ग से होना प्रस्तावित है।
सूत्रों ने आगे कहा कि जबलपुर से बिनेकी तक के अमान परिवर्तन का काम युद्ध स्तर पर जारी है। स्वाभाविक है कि जबलपुर से बिनेकी मार्ग के अमान परिवर्तन होने से गौतम थापर के स्वामित्व वाले अवंथा समूह के सहयोगी प्रतिष्ठान मेसर्स झाबुआ पावर लिमिटेड के 1200 मेगावाट के कोल आधारित पावर प्लांट में कोयले की आपूर्ति निर्बाध तौर पर की जा सकेगी। पूर्व में कयास लगाए जा रहे थे कि जबलपुर के उपरांत नेरोगेज होने से कोयले की आपूर्ति सड़क मार्ग से की जाएगी।
सूत्रों ने आगे कहा कि सिवनी से होकर गुजरने वाले एक शताब्दी पुराने छिंदवाड़ा नैनपुर रेल खण्ड के अमान परिवर्तन का काम एक केंद्रीय मंत्री की विशेष दिलचस्पी के चलते ठंडे बस्ते के हवाले कर दिया गया है। वहीं दूसरी ओर मण्डला से नैनपुर के अमान परिवर्तन का काम इसलिए प्राथमिकता पर हो रहा है, क्योंकि कांग्रेस अध्यक्ष श्रीमति सोनिया गांधी ने इस रेल खण्ड के लिए अपनी सैद्धांतिक सहमति प्रदाय की थी।
रेल मंत्री के करीबी सूत्रों का कहना है कि सिवनी के लोग अब यह बात नहीं कह पाएंगे कि उन्हें ब्राडगेज से नहीं जोड़ा गया है। देखा जाए तो सिवनी जिले के आदिवासी बाहुल्य घंसौर विकास खण्ड में ब्राडगेज आने से सिवनी जिला ब्राडगेज के नक्शे में अवश्य आ जाएगा। सूत्रों ने कहा कि सिवनी जिले के साथ सौतेला व्यवहार करने वाले कांग्रेस के नेताओं ने बड़ी ही चतुराई से सिवनी को ब्राडगेज के नक्शे पर अवश्य ही ला दिया है, पर जिला मुख्यालय अभी भी ब्राडगेज से जुड़ने से वंचित ही है। इसका कारण भले ही गौतम थापर हों जिनका इकबाल राजनैतिक तौर पर बुलंद हैं, हों, किन्तु जिले का (जिला मुख्यालय नहीं) ब्राडगेज से जुडने का सालों पुराना सपना सच होता दिख रहा है।

(क्रमशः जारी)

सोनिया की मुखालफत कर रहे थे हरीश खरे


बजट तक शायद चलें मनमोहन. . . 80

सोनिया की मुखालफत कर रहे थे हरीश खरे

आईबी ने पकड़ी थी आपत्तिजनक मेल



(लिमटी खरे)

नई दिल्ली (साई)। मीडिया के मसले में प्रधानमंत्री डॉ.मनमोहन सिंह के आंख नाक कान समझे जाने वाले हरीश खरे को अंततः दूध में से मख्खी की तरह निकालकर बाहर कर दिया गया। सियासी गलियारों में इस बात की पतासाजी जारी है कि आखिर क्या वजह थी कि मनमोहन सिंह ने अपने विश्वस्त हरीश खरे के साथ इतनी बेरूखी अख्तियार की? हिन्दी और भाषाई पत्रकारों और समाचार पत्रों की उपेक्षा का कारण इसमें प्रमुखता से सामने आया था किन्तु यह तो महज एक निमित्त था, दरअसल, कांग्रेस की राजमाता श्रीमति सोनिया गांधी की नजरें हरीश खरे के लिए तिरछी हो गईं थीं, जो उनकी बिदाई का कारण बनीं।
कांग्रेस के सत्ता और शक्ति के शीर्ष केंद्र 10, जनपथ (सोनिया गांधी का सरकारी आवास) के अति विश्वसनीय सूत्रों का कहना है कि 10, जनपथ बनाम 7, रेसकोर्स (प्रधानमंत्री आवास) में हरीश खरे एक इंस्टूमेंट के मानिंद काम कर रहे थे, जिसकी जानकारी सोनिया गांधी को दी गई। इसके बाद ही प्रधानमंत्री के मीडिया सलाहकार हरीश खरे को बाहर का रास्ता दिखाने का ताना बाना बुना गया।
सूत्रों ने बताया कि मूलतः अंग्रेजी भाषा के प्रेमी हरीश खरे के कुछ आपत्तिजनक ईमेल इंटेलीजेंस ब्यूरो ने पकड़े थे। सूत्रों ने आगे कहा कि इन ईमेल की भाषा, विचार, भावार्थ, भाव भंगिमाएं, निहितार्थ कुछ इस तरह के थे जो सीधे सीधे 10, जनपथ के खिलाफ थे। इन ईमेल को जब सोनिया गांधी के संज्ञान में लाया गया तब सोनिया गांधी को मशविरा दिया गया कि प्रधानमंत्री बनाम कांग्रेस अध्यक्ष के अघोषित शीत युद्ध को हवा देने का काम कोई ओर नहीं हरीश खरे ही कर रहे हैं।
सूत्रों ने साफ तौर पर कहा कि डॉ.मनमोहन सिंह के मीडिया एडवाईजर हरीश खरे ने उक्त ईमेल उस वक्त भेजी थी जब मीडिया में प्रधानमंत्री डॉ.मनमोहन सिंह और कांग्रेस की अध्यक्ष श्रीमति सोनिया गांधी के बीच अनबन की खबरें मीडिया की सुर्खियां बन रहीं थीं। वज़ीरे आज़म डॉ.सिंह के मीडिया सलाहकार हरीश खरे ने उक्त ईमेल आंग्ल भाष के सोनिया विरोधी वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों को भेजी थी। इसके बाद ही सोनिया की भवें तनीं और हरीश खरे को निकालने के अलावा प्रधानमंत्री के पास कोई और मार्ग नहीं बचा।

(क्रमशः जारी)

मादक पदार्थों की नीति घोषित


मादक पदार्थों की नीति घोषित

(शरद खरे)

नई दिल्ली (साई)। केंद्र सरकार ने मादक पदार्थों और नशीली दवाओं के बारे में एक राष्ट्रीय नीति की घोषणा की है। इसका उद्देश्य इन पदार्थों की तस्करी पर रोकथाम लगाना और प्रबंधन में सुधार लाना है। मादक पदार्थों और नशीली दवाओं की की तस्करी की खबरें तेजी से बढ़ने से सरकार चिंतित नजर आ रही थी।
वित्तमंत्री प्रणब मुखर्जी ने कल नई दिल्ली में एक समारोह में यह नीति जारी की। नीति के तहत नशीली दवाओं के दुरूपयोग की चुनौती पर नियंत्रण लगाने की व्यवस्था की गई है और इसमें मादक पदार्थों के शिकार लोगों के इलाज, पुनर्वास और उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के प्रावधान शामिल हैं।
सरकारी सूत्रों का दावा है कि इसके लागू हो जाने से अपराधों में कमी आएगी और जनस्वास्थ्य में सुधार आएगा। इलाज के लिए जरूरी मॉर्फीन और इस तरह के अन्य पदार्थों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया जाएगा। नीति में कहा गया है कि पोस्त और भांग की अवैध खेती के बारे में उपग्रह के जरिए पता लगाकर रोक लगाई जाएगी। इसके बाद अवैध खेती से जुड़े लोगों को आजीविका के वैकल्पिक साधन उपलब्ध कराए जाएंगे।

यूपी में मतदान कल


यूपी में मतदान कल

(दीपांकर श्रीवास्तव)

लखनऊ (साई)। उत्तर प्रदेश विधानसभा के पहले चरण के चुनाव के लिए प्रचार कल शाम समाप्त हो गया। मतदान कल होगा। इसके लिए मतदानकर्मियों को मतदान केन्द्रों पर आज भेजा जा रहा है। इस चरण में अवध और पूर्वी क्षेत्र के १० जिलों में ५५ विधानसभा सीटों पर होने वाले मतदान के लिए अभूतपूर्व सुरक्षा प्रबंध किए गये हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार लोगों के बीच विश्वास पैदा करने के लिए कई स्थानों पर केन्द्रीय अर्धसैनिक बलों ने फ्लैगमार्च किया। स्वतंत्र और निष्पक्ष मतदान के लिए केन्द्रीय अर्धसैनिक बलों की ६८० कंपनियां तैनात की गई हैं।


नेपाल की सीमा सील


नेपाल की सीमा सील

(प्रियंका श्रीवास्तव)

नई दिल्ली (साई)। अंतर्राज्यीय और पड़ोसी देश नेपाल से लगने वाली अंतर्राष्ट्रीय सीमा सील कर दी गई है। चुनाव वाले क्षेत्रों में अराजक तत्वों की आवाजाही को रोकने के लिए जगह-जगह बैरियर लगाए गए हैं। कुल आठ सौ ६२ उम्मीदवारों के राजनीतिक भाग्य का फैसला एक करोड़ सत्तर लाख से ज्यादा मतदाता करेंगे।
इनके वोट डालने के लिए १७ हजार से अधिक मतदान केन्द्र बनाए गए हैं। इनमें से छह हजार आठ सौ ५५ की पहचान संवेदनशील के रूप में की गई है। तीन सौ ५१ मतदान केन्द्रों पर वोट डालने संबंधित सभी गतिविधियों पर निगाह रखने के लिए वेब कैमरे लगाए गए हैं। प्रथम चरण में लखनऊ, फैजाबाद, देवी पाटन और बस्ती मंडलों के दस जिलों में वोट डाले जाएंगे। इस बीच, पांचवे चरण के चुनाव के लिए कुल एक हजार एक सौ ८५ नामांकन पत्रों में से २८२ उम्मीदवारों के नामांकन पत्र जांच के दौरान रद्द कर दिए गये।




विदेश मंत्री चीन यात्रा पर


विदेश मंत्री चीन यात्रा पर

(यशवंत श्रीवास्तव)

नई दिल्ली (साई)। विदेश मंत्री एस.एम. कृष्णा, आज से तीन दिन की यात्रा पर चीन जा रहे हैं। दोनों देशों के बीच जारी उच्चस्तरीय वार्ता में कुछ समय तक गतिरोध रहने के बाद दोनों देशों के विशेष प्रतिनिधियों ने पिछले महीने नई दिल्ली में सीमा मुद्दे पर फिर बातचीत शुरू की थी।
श्री कृष्णा, अगले महीने के अंत में चीन के राष्ट्रपति हू चिंताओ की भारत यात्रा से पहले आधार बनाने के उद्देश्य से चीन जा रहे हैं। श्री कृष्णा पेइचिंग में चीन के विदेश मंत्री यांगजीएची ;ल्ंदह श्रपमबीपद्ध से मुलाकात करेंगे और नए चांसरी भवन का उद्घाटन करेंगे। वे आपसी, क्षेत्रीय और अंतर्राष्ट्रीय मुद्दों पर व्यापक बातचीत करेंगे। पूर्व राजनयिक जी पार्थसार्थी का कहना है कि यह वार्ता कई मायनों में महत्वपूर्ण है।
पार्थसारथी ने कहा कि उन्हें पूरा यकीन है कि इस दौरे के दौरान द्विपक्षिय विषयों और खासतौर पर सीमा समस्या पर जरूर बातचीत होगी। उन्होंने कहा कि विदेश मंत्री का यही इरादा रहेगा कि इसको आगे ले जाएं। इसके अलावा कई अंतर्राष्ट्रीय समस्याओं पर जरूर बातचीत होगी। क्योंकि फिलहाल अमरीका ने ईरान के तेल के आयाता पर कुछ प्रतिबंध लगाए हैं। ईरान से तेल का आयात चीन के लिए और भारत के लिए महत्वपूर्ण है। उन्होंने यकीन जताया कि ऐसे कुछ रास्ते ढूंढेंगे हम सम्मिलित होकर ताकि अमरीकन प्रतिबंध जो लगाए गए हैं इसका हम सामना कर सकें, क्योंकि हमारी जो ऊजा सुरक्षा है इसके लिए हमारे संबंध ईरान के साथ महत्वपूर्ण हैं।

अमरबेल: गंजेपन का उपाय


हर्बल खजाना ----------------- 17

अमरबेल: गंजेपन का उपाय



(डॉ दीपक आचार्य)

अहमदाबाद (साई)। जंगलों, सडक, खेत खलिहानों के किनारे लगे वृक्षों पर परजीवी अमरबेल का जाल अक्सर देखा जा सकता है, वास्तव में जिस पेड पर यह लग जाती है, वह पेड धीरे धीरे सूखने लगता है। खैर, इसकी पत्तियों मे पर्णहरिम का अभाव होता है जिस वजह से यह पीले रंग की दिखाई देती है। इसके अनेक औषधिय गुण भी है।
अमरबेल का वानस्पतिक नाम कस्कूटा रिफ़्लेक्सा है। पूरे पौधे का काढा घाव धोने के लिए बेहतर है और यह टिंक्चर की तरह काम करता है। डाग गुजरात के आदिवासी हर्बल जानकार इसके बीजों और पूरे पौधे को कुचलकर आर्थराईटिस के रोगी को दर्द वाले हिस्सों पर पट्टी लगाकर बाँध दिया जाए तो काफ़ी फ़ायदा होता है।
गंजेपन को दूर करने के लिए पातालकोट के आदिवासी मानते है कि यदि आम के पेड पर लगी अमरबेल को पानी में उबाल लिया जाए और उस पानी से स्नान किया जाए तो बाल पुनःः उगने लगते है हलाँकि डाँग के आदिवासी अमरबेल को कूटकर उसे तिल के तेल में २० मिनट तक उबालते है और इस तेल को कम बाल या गंजे सर पर लगाने की सलाह देते है।
अमरबेल को कुचलकर इसमें शहद और घी मिलाकर पुराने घावों पर लगाया जाए तो घाव जल्दी भरने लगता है। आधुनिक अध्ययनों से पता चलता है कि इस पौधे का अर्क पेट के कैंसर से लड़ने में मदद कर सकता है। कई ग्रामीण अंचलों मे इसका काढा गर्भपात कराने के लिये दाईयों द्वारा दिया जाता है।

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नए अवतार में ताई!


ये है दिल्ली मेरी जान



(लिमटी खरे)

नए अवतार में ताई!
देश की पहली महिला महामहिम राष्ट्रपति प्रतिभा देवी सिंह पाटिल इन दिनों अलग ही रूप में नजर आ रहीं हैं। कल तक शांत रहने वाली प्रतिभा ताई ने अब अपनी भाव भंगिमाएं बदल लीं हैं। इस साल जुलाई में वे सेवानिवृत होने वाली हैं। इस साल गणतंत्र दिवस परेड पर प्रतिभा पाटिल ने पूर्व राष्ट्रपति कलाम के मानिंद ही बच्चों के साथ खूब समय बिताया। कहा तो यह भी जा रहा है कि कलाम की तरह लोकप्रिय होने की जुगत में प्रतिभा ताई ने यह कदम उठाया है, ताकि वे अगली मर्तबा इस पद पर अपनी दावेदारी पुख्ता कर सकें। रायसीना हिल्स से रूखसती के पहले प्रतिभा ताई ने अपनी प्राथमिकताएं भी तय कर लीं हैं। राष्ट्रपति भवन के सूत्रों का दावा है कि प्रतिभा ताई मई माह में देश के हर सूबे में जाकर विधायकों से रूबरू होंगी। वे सर्वोच्च न्यायायल के न्यायधीशों, मीडिया कर्मियों कुछ गैर सरकारी संगठनों से मिलने वाली हैं। जुलाई के पहले सप्ताह में वे केंद्रीय मंत्रीमण्डल के सदस्यों से रूबरू होंगीं।

पचौरी ने आरंभ किया अपना काम
भारत गणराज्य के वज़ीरे आज़म डॉ.मनमोहन सिंह के नए मीडिया सलाहकार पंकज पचौरी ने अपनी जवाबदारी लेने के बाद काम युद्ध स्तर पर आरंभ कर दिया है। एक तरफ तो मनमोहन के गण (मंत्री) कपिल सिब्बल द्वारा फेसबुक और ट्विटर जैसी सोशल नेटवर्किंग वेब साईट्स पर नकेल कसने की मंशा जाहिर की जाती है वहीं दूसरी ओर पीएम के मीडिया एडवाईजर पचौरी ने प्रधानमंत्री का ट्विटर पर एकाउंट बनवा दिया है। ‘पीएमओ इंडिया‘ नामक यह एकाउंट चर्चा में आ चुका है। इसकी खासियत यह है कि इस एकाउंट से किसी को फालो नहीं किया गया है। सियासी गलियारों में चर्चा है कि कपिल सिब्बल अब मनमोहन के मनमाफिक नहीं रहे, तभी तो सोशल नेटवर्किंग वेब साईट्स के उनके घोर विरोध के बावजूद भी पीएम ने अपना एकाउंट इस वेब साईट पर बनाने की सहमति दे दी। गौरतलब है कि इसके पहले पूर्व मंत्री शशि थरूर ने ट्विटर को सरकारी कामकाज का जरिया बनवा दिया था।

कुलकर्णी ने थामा गड़करी का हाथ
एक समय एल.के.आड़वाणी के खसुलखास रहे सुधींद्र कुलकर्णी ने अब नया आशियाना ढूंढ लिया है। कुलकर्णी अब भाजपा के निजाम नितिन गड़करी के सलाहकार के रूप में सामने आए हैं। ‘नोट फॉर वोट‘ मामले में जेल की हवा खा चुके कुलकर्णी के दिमाग की दाद देते हुए भाजपा ने उनका पुनर्वास किया है। 2009 में आड़वाणी के विजन दस्तावेज को तैयार करने वाले कुलकर्णी को भाजपा मुख्यालय 11, अशोक रोड़ में एक कमरा भी आवंटित हो गया है। बताते हैं कि कुलकर्णी इस समय गड़करी के लिए उत्तर प्रदेश में सत्ता वापसी का रोड़ मेप तैयार कर रहे हैं। जानकार इस बात को पचा नहीं पा रहे हैं कि वेस्ट बंगाल की निज़ाम ममता बनर्जी के कथित तौर पर करीबी रहे कुलकर्णी जो रेल्वे की विशेषज्ञ समिति में भी थे को भाजपा इतनी महती जवाबदारी कैसे दे सकती है। ममता के रायटर बिल्डिंग पर कब्जे में भी कुलकर्णी की महती भूमिका बताई जा रही है।

पुर्ननियुक्ति की चाहत में द्विवेदी!
मध्य प्रदेश जनसंपर्क विभाग के दिल्ली स्थित सूचना केंद्र के अपर संचालक पद से 31 जनवरी को सेवानिवृत हुए सुरेंद्र कुमार द्विवेदी पर भाजपा संगठन मेहरबान दिख रहा है। चर्चा है कि मध्य प्रदेश भाजपाध्यक्ष प्रभात झा के करीबी रहे द्विवेदी को पहले भोपाल स्थित माखन लाल पत्रकारिता विश्वविद्यालय में पुर्ननियुक्ति देने की कवायद की गई थी। जब मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के संज्ञान में यह बात लाई गई कि द्विवेदी द्वारा सरकार के बजाए संगठन की छवि बनाने पर ज्यादा ध्यान दिया गया तो मामला खटाई में पड़ गया था। भाजपा मानसिकता वाले पत्रकारों पर मेहरबान रहने के आरोप द्विवेदी पर अनेक बार लगे। बताते हैं कि अब द्विवेदी की पुर्ननियुक्ति के लिए एमपी गर्वमेंट द्वारा दिल्ली में एक संसदीय सेल का गठन किया जा रहा है, जो सांसदों का सहयोग करेगा, और इस सेल के प्रभारी के बतौर सुरेंद्र द्विवेदी का नाम चलाया जा रहा है।

राजमाता से मिलने बैचेन खरे
देश के मीडिया को सरकार के लिए मैनेज करने वाले पीएम के मीडिया एडवाईजर रहे हरीश खरे का शनी लगता है काफी भारी चल रहा है। पीएमओ से हटने के बाद अब हरीश खरे के साथ सबसे बड़ा संकट उनकी पीठ पर लगा पीएम के मीडिया एडवाईजर का है। अब उन्हें इस पद पर रहने के बाद इसके समकक्ष या इससे उपर का ओहदा ही चाहिए होगा। अगर वे कहीं ज्वाईन करते हैं और वह पद इससे नीचे का हुआ तो यह उनकी अवनति माना जाएगा। कांग्रेस के सत्ता और शक्ति के शीर्ष केंद्र 10, जनपथ (सोनिया गांधी का सरकारी आवास) के सूत्रों का कहना है कि हरीश खरे इस वक्त कांग्रेस की राजमाता श्रीमति सोनिया गांधी से मिलने को बेहद बेताब हैं। इसलिए उन्होंने सोनिया गांधी के पारिवारिक मित्र और पत्रकारी सुमन दुबे से मदद की गुहार लगाई है। उधर, खरे के घुर विरोधी पुलक चटर्जी ने अपना पूरा जोर लगा दिया है कि खरे और सोनिया गांधी की मुलाकात न हो पाए।
पगार सरकारी, गुणगान थापर के!
मध्य प्रदेश सरकार के अधीन काम करने वाले प्रदूषण नियंत्रण मण्डल का एक नया कारनामा सामने आया है। केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय के अधिकारी ने नाम उजागर न करने की शर्त पर कहा कि एमपीपीसीबी के जबलपुर स्थित क्षेत्रीय कार्यालय और भोपल स्थित मुख्यालय के अधिकारियों द्वारा पगार तो शिवराज सिंह चौहान सरकार से ली जा रही है, किन्तु गुणगान हो रहा है मशहूर उद्योगपति गौतम थापर का। दरअसल, थापर के स्वामित्व वाले अवंथा समूह के सहयोगी प्रतिष्ठान मेसर्स झाबुआ पावर लिमिटेड द्वारा सिवनी जिले के छटवीं अनुसूची में अधिसूचित आदिवासी बाहुल्य विकासखण्ड घंसौर में कोल आधारित पावर प्लांट लगाया जा रहा है। पर्यावरण संतुलन हेतु इसे 2008 से वृक्षारोपण कराना था। कंपनी प्रबंधन का कहना है कि उसने दिसंबर 2011 से वृक्षारोपण कराया है। उधर, पीसीबी के अधिकारियों ने कागजों पर ही वृक्षारोपण कर उनकी तसदीक भी कर ली। कहते हैं कि कंपनी ने इन पंक्तियों के लिखे जाने तक वृक्षारोपण किया ही नहीं। पता नहीं क्यों एमपीपीसीबी द्वारा थापर की जुबान बोली जा रही है?

परेशान हैं दिनेश त्रिवेदी!
देश के रेल मंत्री दिनेश त्रिवेदी की पेशानी पर चिंता की लकीरें साफ दिखाई पड़ रही हैं। वे काफी टेंशन में दिखाई पड़ रहे हैं। सियासी गलियारों में चर्चा है कि त्रणमूल कोटे से मंत्री बने दिनेश त्रिवेदी और त्रणमूल सुप्रीमो ममता बनर्जी के बीच सब कुछ सामान्य नहीं हैं। उधर, पश्चिम बंगाल की निजाम ममता बनर्जी द्वारा कांग्रेस की कालर पकड़कर उसे हड़काना आरंभ कर दिया है। त्रिवेदी के करीबी सूत्रों का कहना है कि मंत्री महोदय को लग रहा है कि पता नहीं वे अपने जीवन का पहला रेल बजट पेश भी कर पाएंगे अथवा नहीं। वैसे उनकी मुश्किल यह भी है कि ममता रेल किराया नहीं बढ़ाने की पक्षधर हैं, पर अगर रेल भाड़ा नहीं बढ़ा तो घाटे में चलने वाली भारतीय रेल के हालात इंडियन एयरलाईंस और एयर इंडिया के ‘महराजा‘ की तरह ही हो जाएंगे, जो दर दर भटककर मदद की गुहार लगा रहे हैं।

कांग्रेसियों के ‘रडार‘ पर मीनाक्षी
टीम राहुल की सदस्य और हृदय प्रदेश के मंदसौर की युवा सांसद मीनाक्षी नटराजन इन दिनों कांग्रेस के आला नेताओं के निशाने पर हैं। मीनाक्षी पर आरोप है कि उन्होंने आखिल भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (एनएसयूआई) में राहुल गांधी के द्वारा तय किए गए नियम चुनाव के कायदों का सरेआम माखौल उड़ाया है। मीनाक्षी अपने पसंदीदा उम्मीदवार को एनएसयूआई का अध्यक्ष मनोनीत करवा दिया है। रोहित चौधरी पर आरोप है कि वे संगठन के लिए निर्धारित 30 वर्ष की आयु सीमा को पार कर चुके हैं। एक तरफ तो देश भर में एनएसयूआई क चुनाव चल रहे हैं, इन चुने हुए प्रतिनिधियों को नया अध्यक्ष चुनना है, पर कांग्रेस की बोरा बंद संस्कृति के चलते चौधरी को पद पर बिठा दिया गया है। इस बात को लेकर एनएसयूआई सहित कांग्रेस के आला नेताओं में रोष और असंतोष पनप रहा है। मीनाक्षी की शिकायत अनेक आला नेताओं ने सोनिया और राहुल से भी कर दी है।

चम्बल में होगा भाजपा का प्रभात!
सिंधिया घराने के वर्चस्व वाले ग्वालियर चंबल संभाग पर इन दिनों मध्य प्रदेश भाजपा संगठन काफी मेहरबान दिख रहा है। मध्य प्रदेश में सत्ता और संगठन का समन्वय बन चुका है। मुख्यमंत्री शिवराज चौहान अपनी मर्जी से काम कर रहे हैं तो संगठन के प्रदेश प्रमुख प्रभात झा को काम करने फ्री हेण्ड मिला हुआ है। प्रभात झा अभी राज्य सभा से सांसद हैं। वे बरास्ता लोकसभा संसदीय सौंध में जाने के इच्छुक बताए जा रहे हैं। भाजपा के राष्ट्रीय स्तर के एक पदाधिकारी ने नाम उजागर न करने की शर्त पर बताया कि प्रभात झा की इच्छा है कि वे ग्वालियर से लोकसभा चुनाव लड़ें। इस बात की भनक वहां की सांसद यशोधरा राजे सिंधिया को लग चुकी है। यशोधरा की रातों की नींद उड़ना स्वाभाविक ही है। यशोधरा के करीबी अब प्रभात झा के बिहार मूल के होने की बात को जोर शोर से उठा रही है। पार्टी नेताओं को डर है कि कहीं प्रभात यशोधरा के इस शीत युद्ध में चंबल में भाजपा का खिलता सूर्य अस्ताचल की ओर न अग्रसर हो जाए।

अपनी पीठ ठोंकते वर्मा और जायस्वाल!
उत्तर प्रदेश के आसन्न चुनावों में सूबे के कोटे से केंद्र में मंत्री श्रीप्रकाश जायस्वाल और बेनी वर्मा के बीच ही अनबन जगजाहिर होने लगी है। सूबे में दोनों ही नेताओं ने अपनी पीठ ठोंकते हुए बेनर, पोस्टर, फलेक्स का युद्ध छेड़ दिया है। दरअसल, दोनों ही नेता यूपी में सीएम के दावेदार बताए जा रहे हैं। जायस्वाल ने एक सर्वे कराया कि यूपी में किसका जनाधार सबसे ज्यादा है। इसके पोस्टर चस्पा हुए तो बेनी वर्मा कहां पीछे रहने वाले थे। उन्होंने अपने कामों की फेहरिस्त के साथ कानपुर, बाराबंकी, लखनऊ सहित समूचे सूबे में पोस्टर लगवा दिए। जायस्वाल समर्थकों ने बेनी के पोस्टर हटाकर अपने आका के पोस्टर लगा दिए। फिर क्या था, बेनी समर्थकों ने उन्हें हटाकर अपने पोस्टर लगा दिए। उत्तर प्रदेश की जनता अब कांग्रेस बनाम अन्य राजनैतिक दल के स्थान पर कांग्रेस बनाम कांग्रेस का ही मजा ले रही है।

कांग्रेस को झटका देने ममता का नया पेंतरा
ममता की त्रणमूल और सोनिया की कांग्रेस के बीच खींचतान अब चरम पर पहुंच चुकी है। अपनी बातें मनवाने के लिए ममता बनर्जी द्वारा प्रेशर टेक्टिस का इस्तेमाल किया जा रहा है, जिससे कांग्रेस बुरी तरह आहत ही नजर आ रही है। कांग्रेस अब त्रणमूल को छोड़कर सायकल (समाजवादी पार्टी) की सवारी गांठने पर विचार कर ही है। ममता को जैसे ही इस बात की जानकारी मिली उसने कांग्रेस विरोधी ताकतों से हाथ मिलाना आरंभ कर दिया है। सूत्रों का कहना है कि ममता को मशविरा दिया गया है कि वे दिल्ली में देश भर की पार्टियों के क्षत्रपों को एकजुट कर उनका एक ‘‘दबाव समूह‘‘ बना लें। ममता वैसे भी नवीन पटनायक, प्रकाश सिंह बादल और नितीश कुमार के जीवंत संपर्क में बताई जाती हैं। ममता अपने विश्वस्त साथियों के साथ जयललिता को साधने की जुगत में भी दिख रही हैं। वैसे ममता बनर्जी के संबंध राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी सुप्रीमो शरद पवार के साथ बेहतरीन ही हैं। यह सब कुछ कांग्रेस का रक्तचाप बढ़ाने के लिए पर्याप्त माना जा सकता है।

पुच्छल तारा
मध्य प्रदेश में कांग्रेस संगठन कुछ सक्रिय होता दिख रहा है। इसके पीछे राहुल सिंह और माणक अग्रवाल की मेहनत ही सामने आ रही है। पिछले दिनों केंद्रीय मंत्री जयराम रमेश महाराष्ट्र की संस्कारधानी नागपुर प्रवास पर थे। उन्होंने एमपी के सिवनी जिले का प्रोग्राम बना लिया। वे नेशनल हाईवे नंबर सात से गए। इस मार्ग की जर्जर हालत के लिए वे ही दोषी हैं, क्योंकि रमेश के वन एवं पर्यावरण मंत्री रहते ही इस सड़क के निर्माण में पेंच का फच्चर फसा था। सिवनी में नेशनल हाईवे के साथ ही साथ शहर के अंदर की सड़कें जर्जर हो चुकी हैं। इसी बात पर वहां से अखिलेश ने एक एसएमएस भेजा है। अखिलेश लिखते हैं कि इस सड़क को इसलिए नहीं बनाया जा रहा है ताकि लोग इसके बजाए छिंदवाड़ा के रास्ते नागपुर जाएं, पर कांग्रेस के नेताओं से गुजारिश है कि सिवनी शहर के अंदर से गुजरने वाले हाईवे को तो दुरूस्त करवा दो कम से यहां के लोग शहर में तो ठीक तरीके से विचरण कर सकें।