सोमवार, 9 जनवरी 2012

अभी और सहना होगा गलन भरी सर्दी को


अभी और सहना होगा गलन भरी सर्दी को

स्कूलों का समय बढ़ाने की मांग



(शरद खरे)

नई दिल्ली (साई)। उत्तर भारत ने कोहरे और बर्फ की चादर ओढ़ ली है। पहाड़ी इलाकों से आने वाली गलन भरी हवाओं ने लोगों को घरों के अंदर कैद कर दिया है। इस पूरे हफ्ते दिल्ली वालों को ठंड के तीखे तेवर झेलने पड़ेंगे। मौसम के पूर्व अनुमानों के मुताबिक , इस वीकेंड तक मौसम का मौजूदा मूड बरकरार रहेगा। इसके साथ ही कोहरा भी कोहराम मचाने को तैयार है। ऐसे में दिन के साथ - साथ रात के पारे में भी 4 से 6 डिग्री की गिरावट दर्ज होगी। हवा के रुख में बदलाव के साथ कई बदलाव आएंगे। रूखापन और कोहरे की गहनता बढ़ेगी।
गौरतलब है कि पिछले तीन दिनों से दिल्ली एनसीआर में बादलों का डेरा है। ऐसे में धूप के दर्शन भी नहीं हो रहे। नतीजा यह है कि दिन का तापमान सामान्य से तीन डिग्री तक नीचे दर्ज हो रहा है। शनिवार को अधिकतम तापमान 17 डिग्री तो रविवार को 18.1 डिग्री दर्ज किया गया।
हिमाचल प्रदेश के बहुत से इलाकों में रुक-रुक कर हिमपात हो रहा है। कल शिमला में बीस सेन्टीमीटर और मनाली में चालीस सेन्टीमीटर बर्फ पड़ी। पंजाब के कुछ हिस्सों में भी बर्फ पड़ी है। उत्तराखंड के देहरादून में कल बारिश और ओले पड़ने से तापमान में कमी आई। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में अधिकतम तापमान घटकर १८ डिग्री सेल्सियस रह गया।
इसके साथ ही पहाड़ों से होकर आने वाली ठंडी हवाओं ने काफी परेशान किया। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक , यूपी के उत्तर - पश्चिमी हिस्सों में एक चक्रवातीय सिस्टम तैयार हो गया है। साथ ही बंगाल की खाड़ी के ऊपर पिछले कई दिनों से सक्रिय चक्रवात अब अभी मौजूद है। इन कारकों के चलते पहाड़ों में बर्फबारी और बारिश का दौर आगे भी जारी रहेगा।
जम्मू - कश्मीर , हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के कुछ पहाड़ी इलाकों में भारी बर्फबारी होने की आशंका जताई गई है। दूसरी तरफ दिल्ली , उत्तर प्रदेश और बिहार के कुछ इलाकों में हल्की बारिश की भी आशंका है। मंगलवार से हवा के रुख में बदलाव का सिलसिला शुरू हो जाएगा। समूचे उत्तर भारत में कड़ाके की सर्दी जारी है। कश्मीर घाटी भीषण शीतलहर की चपेट में है। श्रीनगर में शून्य से पांच दशमलव पांच डिग्री सेल्सियस कम न्यूनतम तापमान के साथ कल इस मौसम की सबसे सर्द रात रही।
हवा के रुख में बदलाव से दिन के तापमान में बढ़ोतरी होगी , जबकि न्यूनतम तापमान में 4 से 6 डिग्री की गिरावट आ सकती है। पछुआ हवा अपने साथ गरमाहट लेकर आएगी , जबकि बीते दिनों हुई बारिश और पहाड़ों से आ रही ठंडी हवा के चलते दिल्ली सहित पूरे उत्तर - पश्चिमी भारत में काफी ठंड हो रही है। गरम और ठंडी हवाओं के मिलने से घना कोहरा बनेगा। मौसम विभाग ने अगले 48 घंटों में घना कोहरा छाने का अलर्ट जारी कर दिया है। मौसम विभाग के मुताबिक रविवार को न्यूनतम तापमान 11.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। हवा में नमी की मात्रा 93 फीसदी तक रही। सोमवार को न्यूनतम तापमान 8 डिग्री के आस - पास रहने के आसार हैं।
इलहाबाद से साई ब्यूरो निधि श्रीवास्तव ने बताया कि ठंड के बावजूद बड़ी संख्या में श्रद्धालु और कल्पवासी आज सुबह से ही पौष पूर्णिमा के पवित्र स्नान के लिए संगम और गंगा के विभिन्न विभिन्न घाटों पर पहुंच रहे हैं। संगम स्नान के बाद संगम के घाटों और यहां लगे तमाम शिवरों में परम्परागत धार्मिक पूजा-पाठ के कार्यक्रम भी आयोजित किए जा रहे हैं। संगम की ओर जाने वाली सड़कों पर हर उम्र के तीर्थ यात्रियों के झुंड नजर आ रहे हैं। माघ मेला क्षेत्र में सुरक्षा के भी व्यापक बंदोबस्त किए गए हैं।
काश्मीर से साई ब्यूरो ने बताया कि समूचे उत्तर भारत में कड़ाके की सर्दी जारी है। कश्मीर घाटी भीषण शीतलहर की चपेट में है। श्रीनगर में शून्य से पांच दशमलव पांच डिग्री सेल्सियस कम न्यूनतम तापमान के साथ कल इस मौसम की सबसे सर्द रात रही। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला घाटी में हिमपात के बाद उत्पन्न स्थिति पर व्यक्तिगत तौर पर निगार रखे हुए हैं और बिजली और अन्य सुविधाएं बहाल किए जाने के भरसक प्रयासों की समीक्षा कर रहे हैं। कड़ाके की ठंड में बिजली न मिलने से पानी की सप्लाई भी प्रभावित हुई है। इधर जम्मू, श्रीनगर, राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात बहाल करने के भरसक प्रयासों में भी बाधा आ रही है और ये शाहराह आज चौथे दिन भी अभी तक यातायात के लिए बंद है।
देहरादून से साई ब्यूरो अमेय ने समाचार दिया है कि प्रदेष के विभिन्न पहाड़ी जिलों में जबरदस्त हिमपात के चलते पूरे राज्य के पहाड़ी और मैदानी इलाकों में ठण्ड तेज हो गई है। मौसम विभाग के सूत्रों ने बताया कि पिछले तीन दिनों से रुक-रुक कर हो रही बर्फबारी के चलते पूरा प्रदेष शीतलहर की चपेट में आ गया है।
बर्फबारी के चलते ऋंिषकेष-बदरीनाथ मोटर मार्ग कल दो स्थानों पर बन्द हो गई, जिससे वाहनों की आवाजाही ठप हो गई, जबकि बर्फबारी के चलते जन-जीवन अस्त-व्यस्त रहा। पिथौरागढ़ में धारचूला-मुनस्यारी की पहाड़ियों में अधिक बर्फ पड़ने से बर्फीली हवाएं चलने से तापमान बहुत कम हो गया है। साई संवाददाता अमेय ने बताया है कि विधानसभा चुनावा में कई मतदान केंद्र ऐसे हैं, जहां पर अभी से बहुत अधिक बर्फ गिर गई है। संभावना है कि तीस जनवरी को वहां पर मतदान नहीं हो सकता है।
जिला प्रषासन मतदान कराने के लिए हैलीकाप्टर सेवा का उपयोग करने की तैयारी कर रहा है, लेकिन जिस हिसाब से बर्फ गिर रही है, उस हिसाब से चुनाव होना संभव नहीं लग रहा है। नैनीताल में आज भी बर्फबारी जारी है, जिससे आस-पास की पहाड़ियां सफेद बर्फ की चादर से ढक गई हैं। यहां लगभग दो से तीन इंच तक बर्फ पड़ी हुई है। पर्यटकों ने फोटोग्राफी कर बर्फबारी का आनन्द लिया।
लखनऊ से साई ब्यूरो दीपांकर श्रीवास्तव ने बताया कि पूर्वी उत्तर प्रदेश सहित प्रदेश के विभिन्न जिलों में पिछले चौबीस घंटों के दौरान हुई बूंदाबांदी से शीतलहर का प्रकोप बढ़ गया है।  शीतलहर का प्रकोप बढ़ गया है। हालांकि न्यूनतम और अधिकतम तापमान में अधिक गिरावट नहीं आई है। गोरखपुर में आज तड़के हल्की बारिश हुई, जिससे ठिठुरन बढ़ गई है।
पिछले चौबीस घंटों के दौरान आगरा और वाराणसी के अधिकतम तापमान में सामान्य से पांच डिग्री तक की कमी आई जबकि झांसी में तापमान सामान्य से छः डिग्री सेल्सियस कम रहा। विभिन्न स्थानों पर पड़ रहे घने कोहरे के कारण सड़कों पर वाहनों की रफ्तार धीमी हो गई है जबकि रेलगाड़िया भी कई घंटे की देरी से चल रही है। मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले चौबीस घंटो ंके दौरान आसमान में बादल छाये रहेंगे जबकि कुछ स्थानों पर बूंदाबंादी हो सकती है। कड़ाके की ठंड के कारण लखनऊ और मुजफ्फरनगर जिलों में एक से कक्षा आठ तक के सभी स्कूल अगले दो दिनों तक के लिए बंद कर दिये गये हैं।
मध्य प्रदेश से साई ब्यूरो नंद किशोर जाधन ने खबर दी है कि कश्मीर और हिमाचलप्रदेश में हो रही भारी बर्फबारी और उत्तर भारत से आ रही सर्द हवाओं के चलते प्रदेश में शीतलहर जारी है। पिछले 24 घण्टों के दौरान इन्दौर, ग्वालियर और जबलपुर संभाग में ठंड का असर दिखाई दिया।
भिण्ड, झाबुआ, धार और आलीराजपुर में भी कम तापमान दर्ज किया गया। प्रदेश में कल न्यूनतम तापमान भिण्ड में 5 दशमलव चार डिग्री, झाबुआ में 6 डिग्री और धार में 7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया  गया। इन्दौर में भी दिन भर चली सर्द हवाओं के कारण लोग ठंड से ठिठुरते नजर आए।
राजधानी भोपाल में कल तापमान में 5 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई। तापमान के गिरने और कोहरा छाए रहने से शहरी क्षेत्रों में जहां हवाई, सड़क और रेल यातायात प्रभावित हुआ है, वहीं ग्रामीण इलाकों में खेती के काम पर विपरीत असर पड़ा है। मौसम विभाग ने आगामी दिनों में पारे में और कमी आने की संभावना व्यक्त की है।
जयपुर से साई ब्यूरो शैलेन्द्र ने बताया कि प्रदेश में पड़ रही कड़ाके की सर्दी और कोहरे से जनजीवन पर व्यापक प्रभाव पड़ा है। मौसम विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार सबसे कम न्यूनतम तापमान चूरु में शून्य दशमलव 9 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। बीकानेर में दो दशमलव छह, जैसलमेर में तीन दशमलव सात, जयपुर, अजमेर, बाड़मेर और डबोक में करीब साढ़े पांच और जोधपुर में पांच दशमलव नौ डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तापमान रहा।
मौसम विभाग ने फिलहाल तेज सर्दी का दौर बने रहने की संभावना जताई है। इस बीच धौलपुर में जिला कलेक्टर ने एक आदेश जारी कर पहली से आठवीें कक्षा तक के छात्रों के लिए 12 जनवरी तक अवकाश घोषित कर दिया है। बीकानेर में भी शीतलहर को देखते हुए सभी सरकारी और निजी स्कूलों में दो दिन का अवकाश घोषित कर दिया गया है।
उधर, छत्तीसगढ़ साई ब्यूरो से अभय नायक और आंचल झा ने बताया कि प्रदेश में इन दिनों मौसम में आए दिन बदलाव हो  रहे हैं। राज्य में अधिकांश जगहों पर बदली छाए रहने के समाचार मिले हैं, साथ ही कहीं-कहीं पर बारिश भी हुई है। बीते चौबीस घण्टों के दौरान कोरिया में बारिश के साथ ओले गिरने की खबर मिली है, जिससे इस इलाके के तापमान में गिरावट आई है। वहीं, रायपुर और जगदलपुर संभाग के कुछ स्थानों के तापमान में हल्की वृध्दि हुई है। मौसम विभाग ने अगले चौबीस घण्टों में कहीं-कहीं  हल्की बारिश होने अथवा गरज-चमक के साथ छीटें पड़ने की संभावना जताई है।
हिमाचल प्रदेश में मौसम काफी खराब बताया जा रहा है। साई ब्यूरो से स्वाति सिंह ने समाचार दिया है कि हिमाचल प्रदेश में रिकॉर्ड वर्षा और बर्फबारी के कारण अस्त-व्यस्त हुए जनजीवन के शीघ्र पटरी पर लौटने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार पिछले 72 घण्टों से सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ अब कुन्द पड़ रहा है और कल से मौसम में सुधार आ जाएगा।
विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार निचले हिमाचल में कल से मौसम सामान्य हो जाएगा जबकि मध्यम उंचाई वाले क्षेत्रों में दस जनवरी को मौसम में सुधार का अनुमान लगाया गया है। हालांकि अत्यधिक उंचाई वाले क्षेत्रों में 11 व 12 जनवरी को भी कुछ स्थानों पर वर्षा व बर्फबारी हो सकती है लेकिन शेष हिमाचल में अगले पूरे सप्ताह मौसम सामान्य रहने की उम्मीद है।
इसी बीच आज भी प्रदेश में रूक-रूक कर वर्षा व बर्फबारी का दौर जारी रहा। विशेषकर उपरी क्षेत्रों में बर्फबारी से हानेे वाली दिक्कतें लोगों को परेशान किए हुए हैं। जहां तीनों जनजातीय क्षेत्रों किन्नौर, लाहौल व पांगी की संपर्क व संचार व्यवस्था कटी हुई है। किन्नौर ज़िला में ज़िला मुख्यालय को छोड़ कर बाकी जगहों के लिए हिमाचल पथ परिवहन निगम की बसें बंद कर दी गई हैं।
वहीं उपरी शिमला की ओर जाने वाले अधिकांश रास्ते अभी भी बंद हैं। सभी बर्फ प्रभावित ज़िलों के प्रशासन ने लोगों को फिलहाल एहतियात बरतने की सलाह दी है। पिछले तीन दिनों से जारी बर्फबारी के दौर के चलते अब तक शिमला में दस सेंटीमीटर, नारकण्डा में डेढ़ से दो फीट, डलहौजी में तीन से चार फीट, मनाली में दो फीट और चम्बा शहर में 18 सेंटीमीटर बर्फबारी दर्ज की गई है।
जबकि जनजातीय क्षेत्रों में तीन से लेकर आठ फीट तक बर्फबारी रिकॉर्ड की गई है। वर्षा व बर्फबारी के कारण प्रदेश लोक सेवा आयोग ने दस जनवरी को दन्त चिकित्सकों की नियुक्ति के लिए होेने वाला स्क्रीनिंग टैस्ट रद्द कर दिया है। आयोग के अतिरिक्त रजिस्ट्रार के अनुसार टैस्ट के लिए आगामी तिथियां अगले कुछ दिनों में घोषित की जाएंगी। 

यूपी निर्वाचन कार्यक्रम में फेरबदल


यूपी निर्वाचन कार्यक्रम में फेरबदल

(डॉ.प्रतीक खरे)

नई दिल्ली (साई)। निर्वाचन अयोग ने उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के पहले चरण के मतदान कार्यक्रम में फेरबदल किया है।  आयोग ने बताया कि नई तारीखों की घोषणा जल्द की जाएगी और पहले चरण के मतदान की अधिसूचना कल जारी नहीं की जाएगी। यह फैसला बारावफात की तारीख पर अनिश्चितता के कारण किया गया है।
निर्वाचन आयोग के हाल की लखनऊ में हुई समीक्षा बैठकों के दौरान  कानून व्यवस्था से जुड़ी ईकाइयों और जिला निर्वाचन अधिकारियों ने इस मुद्दे को उठाया था। उन्होंने यह भी आशंका जाहिर की थी कि बारावफात के कार्यक्रमों में शामिल होने की वजह से लोगों के मतदान में शामिल नहीं होने की आशंका बनी रहेगी।
राज्य के पश्चिमी और तराई क्षेत्र के दस जिलों के साठ विधानसभा क्षेत्रों में चार फरवरी को प्रथम चरण में मतदान होना था। राज्य में आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन के तीन लाख से अधिक शिकायतों पर कार्रवाई करते हुए निर्वाचन अधिकारियों ने साढ़े चार सौ से अधिक प्राथमिकी दर्ज करायी है। अभी तक तीन हजार से अधिक संवेदनशील इलाकों को चिन्हित किया गया है।

30 प्रत्याशियों ने भरे निर्वाचन फार्म


30 प्रत्याशियों ने भरे निर्वाचन फार्म

(अर्जुन कुमार)

देहरादून (साई)। प्रदेश में सामान्य विधान सभा निर्वाचन के तहत कल कुल तीस प्रत्याशियों द्वारा नामांकन कराया गया। प्राप्त सूचना के अनुसार मुख्य रूप से जनपद पौड़ी गढ़वाल के यमकेश्वर से शूरवीर सिंह बिष्ट ने, चौबट्टाखाल से यशपाल बेनाम, लैंसडाउन से दिलीप रावत तथा मनीष सुंद्रियाल और नैनीताल जनपद के हल्द्वानी से डॉ. इंदिरा हृदयेश ने अपना नामांकन भरा। ऊधमसिंह नगर के रूद्रपुर से तजिन्दर सिंह और सितारगंज से नारायण पाल द्वारा अपने नामांकन भरे गए।
मसूरी से गणेश जोशी, जबकि जनपद रूद्रप्रयाग व चम्पावत से कोई भी नामांकन नहीं हुआ। अल्मोड़ा में आचार संहिता उल्लंघन के सात प्रकरण, ऊधमसिंह नगर में आचार संहिता के उल्लंघन के इकतीस मामलों पर सम्बन्धित रिटर्निंग अफसर द्वारा नोटिस जारी किये गये हैं।
राज्य के विभिन्न जिलों में कई प्रत्याषियों और उनके समर्थकों ने नामांकन की अंतिम सूची बनने से पहले ही घर-घर जाकर चुनाव प्रचार शुरु कर दिया है। जबकि नामांकन पत्रों की जांच के बाद अभी अंतिम सूची  जारी होना बाकी है। राज्य के देहरादून, हरिद्वार, रुद्रप्रयाग, पिथौरागढ़, नैनीताल सहित कई जिलों में अब तक कुल पैंतालीस प्रत्याषियों ने नामांकन किए हैं और नामांकन करने के बाद ही इन प्रत्याषियों के समर्थकों ने लोगों से अपने प्रत्याषियों के समर्थन में वोट मांगने शुरु कर दिए हैं।
राज्य में सत्तारुढ़ भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता तथा मंत्री प्रकाष पन्त ने पिथौरागढ़ मंे अपना नामांकन शुक्रवार को किया था। उनके समर्थकों ने घर-घर जाकर श्री पंत की उपलब्धियों को गिनाते हुए उनके समर्थन में वोट मांगने शुरु कर दिए हैं। मसूरी विधानसभा के भाजपा के गणेष जोषी के समर्थक भी उनके समर्थन में जुट गए हैं। राज्य में मुख्य रूप से भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस ने सभी सत्तर सीटों पर अपने उम्मीदवारों की सूची जारी कर दी है, जिसके चलते जिन टिकटधारियों ने अपने नामांकन नहीं भी किए हैं, वे भी अपने दल-बल के साथ प्रचार कार्य में जुट गए हैं।
उधर, ऊधमसिंह नगर के जिला निर्वाचन अधिकारी पीएस जंगपांगी ने मतदान के कार्य में लगाये जाने वाले लगभग छह हजार कर्मियों का प्रथम रैंण्डमाईजेषन किया। इस रैण्डमाईजेषन से कर्मियों की मतदान के लिये पीठासीन एवं मतदान अधिकारियों के पदों पर प्रथम नियुक्ति पत्र जारी किये जायेंगे।
उन्होंने बताया कि निर्वाचन में निष्पक्षता सुनिष्चित करने के लिये इस नियुक्ति पत्र में कार्मिकों को उनकी तैनाती और मतदेय स्थल का उल्ल्ेख नहीं किया जायेगा। जिला निर्वाचन अधिकारी ने सभी विभागीय अधिकारियों को निर्देष दिये हैं कि वह अपने कार्यालय से सम्बन्धित मतदान कर्मियों के नियुक्ति पत्र तत्काल सम्बन्धित को तामील करना सुनिष्चित करें।
उन्होंने चेतावनी दी है कि निर्वाचन कार्य में किसी प्रकार की षिथिलता एवं निर्देषों की अवहेलना पर लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम के तहत सख्त कार्यवाही की जायेगी। उधर, जिले के प्रभारी अधिकारी, मतदान प्र्रषिक्षण, आरसी तिवारी ने बताया कि मतदान के लिये नियुक्त पीठासीन एवं मतदान अधिकारी प्रथम, को बारह एवं तेरह जनवरी को  विधान सभा क्षेत्रवार प्रथम प्रषिक्षण दिया जायेगा। उन्होंने वताया कि मतदान कर्मी उसी विधान सभा क्षेत्र में प्रषिक्षण लेंगे जहां वर्तमान में उनकी विभागीय तैनाती है।
अल्मोड़ा के जिलाधिकरी डीएस गर्ब्याल ने बताया कि आचार संहिता उल्लघंन के नौ प्रकरण सामने आए हैं, जिसमें से छह का निस्तारण कर लिया गया है, जबकि तीन मामलों में जांच चल रही है। उन्होंने कहा कि केंद्रीय निर्वाचन आयोग से तैनात व्यय प्रेक्षकों तथा सहायक प्रेक्षकों ने अल्मोड़ा में प्रषिक्षण शुरु कर दिया है।
श्री गर्ब्याील ने बताया कि मतदाता शत-प्रतिषत मतदान करें, इसके लिए इस बार डोर-टू-डोर मतदाताओं तक मतदाता सूची पहंुचाई जाएगी। इसके अलावा महिलाओं और युवाओं को मतदान के लिए प्रेरित करने हेतु व्यापक अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने अपील की है कि मतदाता अपने मतदान का शत-प्रतिषत उपयोग करें।
पिथौरागढ़ जिले में पिथौरागढ़, डीडीहाट, गंगोलीहाट और धारचूला विधानसभा क्षेत्रों मंे कई मतदान केंद्र अति संवेदनषील है। प्राप्त सूचना के अनुसार कुछ मतदान केंद्रों पर बहुत अधिक बर्फबारी होने की संभावना है, जिसका असर चुनाव में पड़ सकता है। जिला चुनाव प्रेक्षकों द्वारा अलग-अलग टीमें गठित कर दी गई हैं तथा अति संवेदनषील मतदान केंद्रों पर विषेष सुरक्षा व्यवस्था की जा रही है।
उधर, टिहरी जिले की देवप्रयाग विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ रहे प्रदेष के खाद्य मंत्री दिवाकर भट्ट को बेस अस्पताल श्रीनगर में भर्ती कराया गया है। उन्हें अचानक पेट दर्द और श्वास लेने में तकलीफ होने के कारण अस्पताल में भर्ती कराया गया। चिकित्सकों ने उन्हें कम से कम तीन का पूर्ण रूप से आराम करने की सलाह दी है।

टीटागढ़ वेगन को बदनाम करना उद्देश्य नहीं


टीटागढ़ वेगन को बदनाम करना उद्देश्य नहीं

(लिमटी खरे)

नई दिल्ली। हमने अपने ब्लाग में दिसंबर के पहले सप्ताह में ‘‘कार्पाेरेट सोच के धनी हैं दिनेश त्रिवेदी‘‘ शीर्षक से समाचार प्रकाशित किया था, जिसका उद्देश्य कतई किसी की मानहानी और छवि पर बुरा प्रभाव डालने का कतई नहीं था। हमारा ब्लाग बहुत ज्यादा लोकप्रिय भी नहीं है कि जिसमें कोई सामग्री प्रकाशित हो तो उसका कोई व्यापक प्रभाव पड़े। फिर भी अगर हमारे उक्त शीर्षक से ब्लाग में लगाए गए समाचार से किसी का विशेषकर टीटागढ़ वैगन या उसके प्रबंधन और भागीदारोें की छवि पर इसका कोई प्रभाव पड़ा हो तो हम इसके लिए सार्वजनिक तौर पर खेद प्रकट करते हैं। उक्त समाचार हमारे ब्लाग में प्रकाशन के पूर्व राष्ट्रीय स्तर के अनेक समाचार पत्रों में जिनकी प्रसार संख्या लाखों करोड़ों में है एवं उनकी वेब साईट पर जिन्हें रोजाना लाखों लोग देखते हैं में प्रसारित किया जा चुका है।
ज्ञातव्य है कि हमारे ब्लाग पर ‘‘कार्पाेरेट सोच के धनी हैं दिनेश त्रिवेदी‘‘ शीर्षक एवं ‘‘ममता को रास नहीं आ रहा त्रिवेदी का नया खेल‘‘ उपशीर्षक से निम्न समाचार प्रकाशित किया गया था।

कार्पाेरेट सोच के धनी हैं दिनेश त्रिवेदी

ममता को रास नहीं आ रहा त्रिवेदी का नया खेल

(लिमटी खरे)

नई दिल्ली। केंद्रीय रेल मंत्री दिनेश त्रिवेदी की पटरी अब अपनी ही पार्टी की सर्वे सर्वा सुश्री ममता बनर्जी से मेल नहीं खा पा रही है। ममता और त्रिवेदी के बीच के रिश्तों में आई खटास की वजहों पर से अब परतें उखड़ने लगी हैं। सादगी की प्रतिमूर्ति बनी ममता बनर्जी को रेल मंत्री दिनेश त्रिवेदी का कार्पाेरेट आचार विचार गले नहीं उतर पा रहा है। वैसे भी दिनेश त्रिवेदी पर त्रणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं की उपेक्षा के आरोप लग चुके हैं।
पश्चिम बंगाल की निजाम सुश्री ममता बनर्जी के करीबी सूत्रों का दावा है कि उनके और केंद्रीय रेल मंत्री दिनेश त्रिवेदी के बीच खाई कम होने के बजाए बढ़ती ही जा रही है। सूत्रों ने कहा कि त्रिवेदी विरोधी नेताओं ने ममता के कान उनके खिलाफ भरने आरंभ कर दिए हैं। इतना ही नहीं रेल विभाग की कार्यप्रणाली के बारे में त्रिवेदी विरोधियों के साथ ही साथ रेल विभाग के ममता बनर्जी के करीबी आला अफसरान ही फीड बैक देने से नहीं चूक रहे हैं।
सूत्रों ने बताया कि रेल वैगन का काम बिना किसी निविदा के पब्लिक सेक्टर की कंपनी भारत हेवी इलेक्ट्रीकल लिमिटेड को दे दिया गया है। इसमें ही जबर्दस्त खेल हुआ है। भेल वैसे तो भारी उद्योग विभाग के अधीन आती है पर यह ठेका भेल को इसलिए दिया गया है क्योंकि भेल इस ठेके को सबलेट करेगी। अगर निविदा बुलाई जाती तो कहानी कुछ और बन जाती।
सूत्रों ने कहा कि भेल इस काम को पेटी या सब कांट्रेक्ट पर टीटागढ़ वैगन को दे चुकी है। इस निजी कंपनी के मालिक अक्सर ही केंद्रीय मंत्री प्रफुल्ल पटेल और दिनेश त्रिवेदी की चौखट चूमते दिख जाते हैं। सूत्रों ने आश्चर्यजनक खुलासा करते हुए कहा कि इस पूरी की पूरी डील में संचार क्रांति के जनक माने जाने वाले सैम पित्रोदा की महती भूमिका रही है।
दिनेश त्रिवेदी वैसे भी सैम पर मेहरबान हैं, त्रिवेदी ने पित्रोदा को रेल आधुनिकीकरण कमेटी का सर्वेसर्वा भी बनाया हुआ है। सूत्रों की मानें तो जब रेल मंत्री दिनेश त्रिवेदी की इस कारस्तानी को पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और त्रणमूल कांग्रेस की चीफ सुश्री ममता बनर्जी के संज्ञान में लाया गया तो वे हत्थे से ही उखड़ गईं। अब लगने लगा है कि दिनेश त्रिवेदी की रेल जल्द ही पटरी से उतरने वाली है।

यूपी में आचार संहिता उल्लंघन और अवैध धन के मामले बढ़े


यूपी में आचार संहिता उल्लंघन और अवैध धन के मामले बढ़े

(दीपांकर श्रीवास्तव)

लखनऊ (साई)। प्रदेश में आदर्श चुनाव आचार संहिता के उल्लंघन तथा संहिता के उल्लंघन तथा अवैध धन पकड़े जाने के कई  अवैध धन पकड़े जाने के कई और मामले सामने आये ह और मामले सामने आये हैं। बहराइच जिले के मोतीपुर क्षेत्र में स्थित एक कॉ लेज के शिक्षक के खिलाफ पुलिस ने साइकिलें बांटने के आरोप में आचार संहिता के उल्लंघन का मामला दर्ज किया है। शिक्षक के खिलाफ सामूहिक रूप से बीस साइकिले क रूप से बीस साइकिलें बांटने का आरोप है।
कुशीनगर में बांटने का आरोप है। कुशीनगर में बहुजन समाज पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष स्वामी  के प्रदेश अध्यक्ष स्वामी प्रसाद मौर्य के खिलाफ आचार संहिता के उल्लंघन का मामला दर्ज किया गया है। उनपर बिना अनुमति लिये ग्राम प्रधानों की बैठक तथा दावत आयोजित करने का आरोप है। उधर पुलिस की स्टैटिक सर्वेंलास टीमों ने चेकिंग के दौरान लखनऊ सहित विभिन्न जिलों से पचहत्तर  लाख रूपये से अधिक की नकदी बरामद की।
सहारनपुर जिले के गंगोह क्षेत्र से पच्चीस लाख रूपये बरामद किये गये। मैनपुरी और फर्रूखाबाद जिले में चेकिंग के दौरान ग्यारह लाख पन्द्रह हजार रूपये बरामद हुए। फतेहपुर में जहानाबाद क्षेत्र से पांच पांच लाख तेईस हजार रूपये, वाराणसी के लंका क्षेत्र से ग्यारह लाख पन्द्रह हजार रूपये, सोनभद्र के अनपरा से चार लाख पच्चासी हजार छः सौ अस्सी रूपये और एक लाइसेंसी हथियार बरामद किया गया।
महराजगंज जिले की पुलिस ने साढ़े आठ लाख रूपये से अधिक की नकद धनरा िपुलिस ने साढ़े आठ लाख रूपये से अधिक की नकद धनराशि बरामद की ह श बरामद की है। बरेली में पुलिस ने एक बसपा नेता की कार से पचास हजार रूपये की नकदी बरामद की। प्रदेश की पुलिस ने अबतक विभिन्न जिलों से ग्यारह करोड़ रूपये नकद और पच्चीस किलो चांदी बरामद की है।

विंटर कार्नीवाल को सज गया शिमला


विंटर कार्नीवाल को सज गया शिमला

(शैव कुमार)

शिमला (साई)। भारी बर्फवारी के बीच मनु की नगरी मनाली कल से आयोजित होने वाले विंटर कार्निवाल के लिए तैयार है। इस बार कार्निवाल को राष्ट्रीय आयोजन का दर्जा दिया गया है जिसके चलते प्रशासन ने मनाली विंटर कार्निवाल को आकर्षक बनाने के लिए विशेष प्रयास किए है।
मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल कल सुबह हिडिम्बा मंदिर में पूजा अर्चना के बाद इसका विधिवत उद्घाटन करेंगे। विंटर कार्निवाल का इतिहास 35 साल पुराना है व तत्कालीन मुख्यमंत्री वाई.एस परमार ने इसका उद्घाटन किया था। इस कार्निवाल को शुरू करने का मकसद शीतकालीन खेलों को बढ़ावा देना व घाटी की संस्कृति से पर्यटकों को रू-ब-रू करवाना था।
वर्ष 1993 में देश के विभिन्न कॉलेजोें व सांस्कृतिक दलों ने विंटर कार्निवाल में भाग लेना शुरू किया और तब से इसे राष्ट्रीय स्तर पर जाना जाने लगा और आज तक यह सिलसिला जारी है। विंटर कार्निवाल का एक मुख्य आकर्षण शरद सुन्दरी का चुना जाना भी है तथा इसके अलावा स्कींईग इत्यादि प्रतियोगिताएं भी सोलंग नाला में आयोजित की जाती है। विंटर कार्निवाल के दौरान घाटी की संस्कृति को दर्शाती झाकियां भी निकाली जाती है।
जिसमें स्थानीय महिला मंडल, युवक मंडल व देश-प्रदेश से आए अन्य प्रतिभागी भी भाग लेते हैं। इसके अलावा मनु रंगशाला में सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जाते है, जिसमें देश-प्रदेश की संस्कृति का भरपूर प्रदर्शन होता है। इन कार्यक्रमों का स्थानीय लोगों के साथ-साथ पर्यटक भी आनंद लेते हैं। इस साल हालांकि मनाली में 2 फीट से भी ज्यादा बर्फवारी हुई है, परन्तु कार्निवाल को लेकर लोगों के उत्साह में कोई कमी नहीं आई है।
प्रशासन भी कार्निवाल की तैयारियों में जी जान से जुटा है। हिडिम्बा रोड से मनाली माल रोड तक तथा मनाली से सोलंग नाला के रास्ते से बर्फ हटाकर उसे छोटे वाहनों के लिए खोल दिया गया है। एसडीएम मनाली के अनुसार कार्निवाल में हिस्सा लेने के लिए 9 राज्यों के सांस्कृतिक दल मनाली पहुंच गये है, व शेष के कल सुबह तक पहुंचने की उम्मीद है।

नियमविरूद्ध संलग्लनीकरण कर रहे एसी ट्रायबल


नियमविरूद्ध संलग्लनीकरण कर रहे एसी ट्रायबल


(अखिलेश दुबे)

सिवनी (साई)। आदिवासी विकास विभाग में इन दिनों नियम विरूद्ध संलग्नीकरण का खेल खेला जा रहा है जिससे विभागीय शैक्षणिक संस्थाओं में शिक्षक और प्राचार्य अपना मूल काम छोड़कर लिपिक और लेखापाल के काम में लगे हुए हैं। वर्तमान में जिले के आधा दर्जन से ज्यादा स्कूलों के लेखापाल आश्चर्यजनक तौर पर आदिवासी विकास विभाग के सहायक आयुक्त कार्यालय में संलग्न हैं। इन लेखापालों की फौज से सहायक आयुक्त क्या काम ले रहे हैं यह बात शोध का विषय ही मानी जा रही है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार शासकीय बालक उच्चतर माध्यमिक शाला गणेशगंज के लेखापाल पी.के.राय, शासकीय हाई स्कूल पीपर वानी की लेखापाल उषा फरबे, शासकीय हाई स्कूल देवगांव के लेखापाल सुधीर राजनेगी, शासकीय आदर्श शाला घंसौर के यशवंत एवं उत्कृष्ठ शाला घंसौर के लेखापाल हेमंत पटेल इन दिनों सहायक आयुक्त कार्यालय में प्रतिनियुक्ति पर हैं।
यहां उल्लेखनीय होगा कि पिछले शैक्षणिक सत्र में जबलपुर संभाग का परीक्षा परिणाम सबसे कम आया था। दूबरे पर दो असाढ़ की तर्ज पर सिवनी जिला इसमें भी सबसे निचली पायदान पर ही था। इनमें भी ट्रायबल विभाग की शालाओं का परीक्षा परिणाम सबसे कम था। लेखापालों के संलग्न हो जाने से प्राचार्य और शिक्षकों को बाबूगिरी का काम करना पड़ रहा है जिससे अध्ययन अध्यापन कार्य बुरी तरह प्रभावित हो रहा है।
चर्चाओं के अनुसार आखिर सहायक आयुक्त कार्यालय में एसा कौन सा बड़ा वित्तीय कार्य हो रहा है कि सहायक आयुक्त द्वारा आधा दर्जन लेखापालों को संलग्न कर रखा है। नियमानुसार लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण, शिक्षा एवं आदिवासी विकास विभाग में संलग्नीकरण की प्रथा बंद की जा चुकी है। गोरतलब है कि जिला पंचायत सिवनी में संलग्न शासकीय हाई स्कूल गोसांई खमरिया के बाबू को जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने आते ही तत्काल प्रभाव से वापस शाला में भेज दिया था।
कहा जा रहा है कि जितने भी लेखापाल एसी ट्रायबल कार्यालय में संलग्न हैं वे से सहायक आयुक्त को मासिक चढोत्री के दम पर सिवनी में नियम विरूद्ध पदस्थ हैं। विभागीय सूत्रों का कहना है कि एसी कार्यालय में पदस्थ लिपिक योगेश शर्मा इन दिनों एसी के मुंह लगे हैं और वे अपनी हुकूमत विभाग में चला रहे हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार योगेश शर्मा को कोई काम नहीं दिया गया है। उनके जिम्मे एसी के लिए नेताओं से लाईजनिंग की अघोषित जवाबदारी सौंपी गई है।

पपीता कई खूबियों वाला फ़ल


पपीता कई खूबियों वाला फ़ल



(डॉ दीपक आचार्य)

अहमदाबाद (साई)। पपीता न सिर्फ़ एक फ़ल है बल्कि औषधिय गुणों का खजाना है। इस फ़ल में पपैनप्रोटीनबीटा- केरोटीनथायमिनरीबोफ़्लेविन और कई विटामिन्स पाए जाते है। पपीते के पेड से निकलने वाला दूध मुहाँसो पर लगाने से जल्दी ठीक हो जाते है। फ़लों से निकलने वाले दूध को बच्चों को देने से पेट के कीडे मर जाते है और बाहर निकल आते है।
पपीते की जड (१० ग्राम) और कुल्थी (५० ग्राम) का मिश्रण लेकर काढा बनाकर लेने से बवासीर में फ़ायदा होता है। पपीते के रस में दूध और मिश्री मिलाकर रात को पीने से अनिद्रारोग में फ़ायदा होता है। पपीता पित्त नाशकवीर्यवर्धक और एक उत्तम पाचक फ़ल है।
पातालकोट के आदिवासी भुमकाओं के अनुसार पपीते के बीजों को चबाने से आँखों की रौशनी बढ जाती है। कच्चे फ़लों से निकलने वाले दूध को बताशे के साथ लेने से दिल के रोगियों को फ़ायदा होता है। डाँग- गुजरात के आदिवासी हर्बल जानकार जिन्हे भगत कहा जाता हैकच्चे पपीते को चीरा लगाकर उसका दूध एकत्र कर लेते है और इसे धूप में सुखाकर चूर्ण बनाते है।
इनके अनुसार इस चूर्ण का प्रतिदिन सेवन उच्च रक्तचाप में लाभकारी होता है और माना जाता है कि इसी चूर्ण के सेवन से अस्थिरोग में भी आराम मिलता है। विरेचक होने की वजह से पपीते का सेवन गर्भवती महिलाओं के लिये वर्जित माना जाता है।

(साई फीचर्स)
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रविवार, 8 जनवरी 2012

मौसम की मार से उत्तर भारत कंपकपाया


मौसम की मार से उत्तर भारत कंपकपाया



(शरद खरे)

नई दिल्ली (साई)। बारिश, ओले, मवाठे और बर्फबारी ने देश को हाड गलाने वाली ठंड के आगोश में ला दिया है। देश भर में सप्ताहांत में लोग घरों में ही दुबके रहे। चारों ओर से शीतलहर चलने के समाचार आ रहे हैं। दिल्ली में कोहरे के चलते मानो जनजीवन थम सा गया हैं सड़क, रेल और विमान सेवाओं पर इसका जबर्दस्त प्रभाव पड़ा है। आने वाले दिनों में भी ठण्ड से निजात मिलने की उम्मीद नजर नहीं आ रही है।
राजधानी दिल्ली में भी रातभर बारिश के कारण शीतलहर ने शनिवार दिन में भी अपना पुरजोर एहसास कराया। धूप कुछ देर के लिए ही निकली। कहीं कम, कहीं ज्यादा पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश में भी बारिश हुई। कोहरे के चलते शनिवार को आइजीआइ एयरपोर्ट पर विमानों का संचालन प्रभावित हुआ। 24 घंटे के दौरान 11 उड़ानें रद हुई, जबकि 86 विमान आधे से चार घंटे की देरी से रवाना हुए व उतरे। उड़ानें रद होने से हवाई यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
शनिवार को आइजीआइ एयरपोर्ट पर पूरे दिन कोहरा छाया रहा। सामान्य दृश्यता 300 मीटर थी जबकि शाम में न्यूनतम दृश्यता 200 के करीब पहुंच गई। इस दौरान विमानों को सामान्य तरीके से उतारा गया। अन्य शहरों में खराब मौसम की वजह से आठ जबकि ऑपरेशन कारण से तीन उड़ानें रद हुईं। वहीं, कोहरे के चलते 13 व अन्य कारणों से 73 विमानों का संचालन देरी से हुआ। मुंबई, भोपाल, रांची, लखनऊ, कोलकाता, अमृतसर, चंड़ीगढ़ व रांची रूट के विमान सबसे ज्यादा प्रभावित रहे।
उधर कश्मीर घाटी में भारी वर्षा से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। कश्मीर घाटी का आज तीसरे दिन भी जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग के बंद होने की वजह से देश के बाकी हिस्सों से सड़क संपर्क कटा हुआ है। भारी हिमपात के कारण कल बिजली, पानी, इंटरनेट और संचार सेवाओं पर बुरा असर पड़ा।
 उधर, हिमाचल प्रदेश में कई हिस्सों में कल फिर हिमपात हुआ। शिमला, धर्मशाला, मैकलायडगंज, मनाली और डलहौज$ी में १५ से ३० सेंटीमीटर तक हिमपात हुआ। नूरपुर और कांगड़ा में ४० वर्ष के बाद कल बर्फ गिरी। उत्तराखंड में कड़ाके की ठंड से जनजीवन प्रभावित है। राज्य के ऊंचाई वाले इलाकों में हिमपात जारी है।
देश के सीमांत जिलों उत्तरकाशी, चमोली और पिथौरागढ़ के दूर-दराज के इलाकों में हिमपात से कई सम्पर्क मार्ग बंद हो गए हैं और सैंकड़ों गांव का जिला मुख्यालयों से सम्पर्क कट गया है। इसके अलावा खराब मौसम का असर राज्य के कुछ अन्य प्रमुख राजमार्गों पर भी पड़ा है। बर्फबारी से जहां मसूरी और नैनीताल आने वाले पर्यटक और व्यवसायी खुश हैं, वहीं दूर-दराज के ऊंचाई वाले इलाकों में लोगों की मुसीबतें बढ़ गईं हैं।
उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और वादी कश्मीर के सभी प्रमुख हिल स्टेशन को बर्फबारी ने निहाल कर दिया है। सैलानियों की तो मानो मुंह मांगी मुराद पूरी हो गई है। दूसरा पहलू यह है कि भारी बर्फबारी के कारण दुश्वारियां भी खड़ी हो गई हैं। कश्मीर में बर्फीले तूफान का खतरा बढ़ गया है। घाटी का सड़क एवं हवाई संपर्क भंग हो गया है। उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में सूरज बादलों और कोहरे की ओट लिए रहा। शीतलहर गलन बढ़ाती रही।
हिमाचल प्रदेश में पहाड़ के साथ निचले इलाके भी शनिवार को बर्फ से लद गए। शिमला, मनाली, चायल, कसौली, सिरमौर जिला के चूड़धार, चंबा, डलहौजी, बनीखेत और करीब 67 साल बाद कांगड़ा, देहरा, पालमपुर, नूरपुर, ज्वालामुखी, ऊना जिले के चिंतपूर्णी तथा हमीरपुर जिले के कई भागों में दो से तीन ईच तक बर्फ गिरी। मौसम विभाग ने अगले 36 घंटे के दौरान प्रदेश में भारी बर्फबारी व बारिश की चेतावनी दी है। राजधानी शिमला में सैलानियों ने हिमपात के बीच रिज मैदान, माल रोड, कुफरी व फागू में बर्फ के साथ खूब अठखेलियां कीं।
जम्मू-कश्मीर मेंलगातार हो रही भारी बर्फबारी के बाद अब बर्फीले तूफान का खतरा पैदा हो गया है। राज्य आपदा प्रबंधन प्रकोष्ठ ने तूफान की चेतावनी देते हुए लोगों को सचेत रहने की सलाह दी है। श्रीनगर में हिमपात का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि लोगों के घर, पेड़-पौधे सभी बर्फ में पूरी तरह ढक गए हैं। यहां चार से पांच इंच हिमपात रिकॉर्ड किया गया। गुलमर्ग, पहलगाम, सोनमर्ग, युसमर्ग, दक्सुम, अहरबल, शोपियां, कुलगाम, गांदरबल, कंगन, बड़गाम, बारामूला, कुपवाड़ा, अफरवट, जवाहर सुरंग, पंचतरनी, अमरनाथ गुफा में पांच फीट बर्फ गिर चुकी है।
उत्तराखंड की चोटियों को बर्फ से ढक दिया तो सूबे के लगभग सभी निचले क्षेत्रों में बारिश दे डाली। कुमाऊं में मुनस्यारी, रानीखेत, कौसानी, नैनीताल व अल्मोड़ा में बर्फ गिरी है। नैनीताल में बर्फबारी के बाद अच्छी वर्षा हुई। बर्फबारी व वर्षा के चलते जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। ठिठुरन बढ़ने के साथ ही बर्फबारी ने मुसीबत भी बढ़ाई है। गढ़वाल क्षेत्र बदरीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री, यमुनोत्री धामों के साथ ही चमोली, उत्तरकाशी, टिहरी, रुद्रप्रयाग जिलों की पहाड़ियां बर्फ से सज-संवर गई हैं। मंसूरी के आस-पास के क्षेत्र हिमाच्छादित हो गए हैं।
पहाड़ पर बर्फ ने मैदानी इलाकों में शीतलहर झोंक दिया है। बारिश ने ठिठुरन और बढ़ा दी है। मैदान में मौसम के बदले मिजाज का असर यह है कि न्यूनतम तापमान तो 3 से लेकर 5 डिग्री सेल्सियस तक ऊपर चढ़ रहा है। लेकिन अधिकतम तापमान भी 3 से लेकर 7 डिग्री सेल्यिस तक लुढ़क गया। नतीजतन गलन बढ़ गई है।
श्रीनगर से साई संवाददाता ने बताया कि भारी बर्फबारी के कारण श्रीनगर-जम्मू हाइवे रविवार को लगातार तीसरे दिन बंद रहा, जबकि सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) करीब 300 किलोमीटर इस लंबे हाइवे पर यातायात बहाल करने के लिए अपने कर्मचारियों व तंत्र के साथ रास्ते से बर्फ हटाने के काम में जुटा रहा।
संगठन के चीफ इंजिनियर ब्रिगेडियर टी. पी. एस. रावत ने कहा, कि राजमार्ग के पंथाल इलाके में शनिवार रात को हुई बर्फबारी के कारण बर्फ की करीब 15 फुट मोटी तह जम गई। हमने रविवार सुबह से इसे साफ करना शुरू किया। रावत ने कहा, कि तेज हवा के साथ हुई हल्की बर्फबारी के कारण बनिहाल क्षेत्र में सड़क पर बड़ी मात्रा में बर्फ एकत्र हो गई। हमने यहां भी राजमार्ग साफ करने का काम शुरू कर दिया है। उन्होंने भरोसा जताया कि रविवार दोपहर तक वे जम्मू और रामबान के बीच 150 किलोमीटर सड़क पर यातायात बहाल करने में कामयाब रहेंगे। रामबान से बनिहाल तक शेष हाइवे पर यातायात शाम तक बहाल हो जाने की उम्मीद है। इन पंक्तियों के लिखे जाने तक मार्ग अवरूद्ध ही था।
उधर, हिमाचल प्रदेश के जनजातीय व दुर्गम क्षेत्रों का संपर्क देश के अन्य हिस्सों से कट गया है। किन्नौर जिला देश के अन्य भागों से कट गया है। यहां बिजली-पानी की आपूर्ति बंद होने से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। राष्ट्रीय राजमार्ग सहित 120 गांवों को जोड़ने वाले 44 संपर्क मार्ग बंद हैं। इन मार्गाे में हिमाचल पथ परिवहन निगम की 30 बसें फंसी हुई हैं। कांगड़ा व कुल्लू हवाई अड्डों से विमान सेवा ठप रही। श्रीनगर-जम्मू राष्ट्रीय राजमार्ग लगातार दूसरे दिन भी बंद रहा। हाइवे पर जगह-जगह फंसे वाहनों को सुरक्षित स्थानों की ओर पहुंचाने का काम जारी है। श्रीनगर में बिजली की आपूर्ति शुक्रवार से ठप है। नतीजत इंटरनेट एवं मोबाइल सेवा भी ठप रही। विमानों का आवागमन रद रहा।
उत्तराखंड में गंगोत्री-यमुनोत्री राजमार्ग राड़ी से आगे बंद हो गया है। घनसाली-रुद्रप्रयाग मार्ग, चंबा-मसूरी मार्ग, और पांडुकेश्वर-जोशीमठ मार्ग बंद हो गए हैं। इससे लोगों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। उत्तरकाशी जिले में भटवाड़ी, पुरोला व नौगांव ब्लॉक के दर्जनों गांवों को जोड़ने वाले मार्ग भारी बर्फबारी से अवरुद्ध हो गए हैं।
देहरादून से साई संवाददाता राजीव सक्सेना ने खबर दी है कि प्रदेष के ऊंचाई वाले इलाकों में हिमपात और अन्य स्थानों पर बारिष से आम जन-जीवन बाधित हो गया है।ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी से कई सड़कें बन्द हो गई हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार मौसम की खराबी से राज्य में चुनावी गतिविधियां भी प्रभावित हुई हैं। मौसम विभाग के निदेषक आनन्द शर्मा ने सरकारी समाचार एजेंसी  को बताया है कि अगले चौबीस घंटों के दौरान मौसम में बदलाव की संभावना नहीं है। उन्होंने बताया कि बारिष और बर्फ से किसानों और औद्यानिक क्षेत्र से जुड़े लोगों को लाभ मिलेगा।
प्राप्त सूचना के अनुसार राज्य के ऊंचाई वाले इलाकों मंे हिमपात और कुछ अन्य क्षेत्रों में बारिश से ठण्ड बढ़ गई है, जिससेराज्य के विभिन्न हिस्सों में राजनीतिक कार्यकर्ताओं और उम्मीदवारों को चुनाव प्रचार में मुष्किलों का सामना करना पड़ रहा है। राज्य आपदा न्यूनीकरण एवं प्रबन्धन केंद्र के अनुसार बर्फबारी के कारण उत्तरकाषी में धरासू-बड़कोट राष्ट्रीय राजमार्ग राड़ी के निकट बन्द है, जबकि ऋषिकेष-गंगोत्री मार्ग हर्षिल के पास अवरुद्ध है। इसके अलावा सुदूरवर्ती क्षेत्रों में अन्य कई रास्ते भी बन्द हो गए हैं। इस बीच, नैनीताल, मसूरी, धनोल्टी, चकराता में बर्फबारी से पर्यटकों और व्यवसायियों की खुषियां बढ़ गई हैं। 
साई के चमोली संवाददाता ने बताया है कि जिले में बीती रात से हो रही बर्फबारी व वर्षा के चलते जिला कड़ाके की ठण्ड की चपेट में आ गया है। बदरीनाथ, फूलों की घाटी, हेमकुण्ड साहिब, तुंगनाथ और रुद्रनाथ सहित अन्य ऊंची चोटियों पर हिमपात व निचले इलाकों मंे रुक-रुक कर हो रही वर्षा से तापमान में भारी गिरावट आई है।
उधर, विष्व स्कीइंग केंद्र औली में भी हिमपात होने से पर्यटकों व स्कीयरों के चेहरों पर मुस्कान लौट आई है, लेकिन एषिया की सबसे लम्बी रोप-वे के यहां बीते एक वर्ष से खराब होने के कारण पर्यटक व स्कीयर रोप-वे का लुत्फ नहीं उठा पा रहे हैं, जिससे पर्यटकों के साथ ही स्थानीय लोगों में भारी आक्रोष व्याप्त है। रोपवे के ठप पड़े होने से गढ़वाल मण्डल विकास निगम को भी करोड़ों रुपए का नुकसान उठाना पड़ रहा है।
साई के नैनीताल संवाददाता के अनुसार वहां आज सुबह से ही बर्फबारी हो रही है और बर्फबारी का आनन्द लेने के लिए दूर-दूर से पर्यटक यहां पहंुच रहे हैं। सरोवर नगरी में बारापत्थर, स्नोव्यू, किलबरी रोड, आदि पर्यटक स्थलों पर पर्यटकों की भीड़ हो रही है। उधर, वर्ष के प्रारम्भ में अच्छी बर्फबारी को देखकर होटल व्यवसायियों के चेहरे खिल उठे हैं। इस बीच, रुद्रप्रयाग, टिहरी, चम्पावत, अल्मोड़ा और पिथौरागढ़ सहित राज्य के विभिन्न हिस्सों में कहीं बर्फबारी तो कहीं बारिष के समाचार हैं। 
साई के गुडगांव संवाददाता ने बताया कि हरियाणा के सभी स्कूल आने वाली 16 जनवरी तक के लिए बंद कर दिए गए हैं। उत्तर प्रदेश के साई ब्यूरो का कहना है कि प्रदेश के अधिकांश स्थानों पर पिछले चौबीस घंटों के दौरान रूक-रूक कर हुई बंूदाबांदी और बर्फीली हवाओं के कारण शीतलहर का प्रकोप बना हुआ है। हालांकि आमतौर पर रात और दिन के तापमान मे ं वृद्धि दर्ज की गई है। कल भी इटावा  दिन के तापमान में वृद्धि दर्ज की गई है। कल भी इटावा में सबसे कम न्यून में सबसे कम न्यूनतम  तम तापमान चार दशमलव दो डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। इस दौरान इलाहाबाद में दो दशमलव दो मिलीमीटर वर्षा रिकार्ड की गई जबकि लखनऊ में एक दशमलव सात मिलीमीटर वर्षा हुई।
शिमला साई ब्यूरो ने खबर दी है कि प्रदेश की उपरी पहाड़ियों पर पिछले चार दिनों से हिमपात लगातार जारी है जिससे समुचा प्रदेश ठंड की चपेट में आ गया है तथा आम जनजीवन अस्त-व्यवस्त हो गया है। शिमला, मनाली, डलहौजी सहित धर्मशाला में भी हिमपात हुआ जबकि कांगड़ा जिले के शाहपुर, नुरपुर गग्गल, हमीरपुर तथा उना के चिंतपूर्णी में हिमपात होने से लोग अचंभे मेें पड़ गए। उल्लेखनीय है कि लगभग 6 दशकों बाद इन क्षेत्रों में बर्फबारी हुई है।
भारी हिमपात होने से चंबा तथा मनाली शेष राज्यों से कट गया है। मनाली में अभी तक डेढ फुट बर्फ गिर चुकी है और अभी भी हिमपात जारी है। जनजातीय इलाकों में भारी बर्फबारी के साथ-साथ न्यूनतम तापमान भी काफी गिर गया है। अनेक इलाकों में तामपान शून्य से 24 डिग्री सैल्सियस तक नीचे चल रहा है।
इस बीच मौसम विभाग ने आने वाले 24 घंटों के दौरान प्रदेश भर में भारी बर्फबारी व वर्षा होने की संभावना के राजधानी दिल्ली में भी रातभर बारिश के कारण शीतलहर ने शनिवार दिन में भी अपना पुरजोर एहसास कराया। धूप कुछ देर के लिए ही निकली। कहीं कम, कहीं ज्यादा पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश में भी बारिश हुई।
इस बीच बागवानी व तकनीकी शिक्षा मंत्री नरेन्द्र बरागटा  ने कहा है कि भारी बर्फबारी के दृष्टिगत जिला प्रशासन ने पुख्ता इंतजाम किए हुए हैं। उन्होंने कहा कि शिमला, ठियोग, रामपुर, चौपाल तथा रोहडू के दंडाधिकारियों के साथ वे लगातार संपर्क बनाए हुए हैं और साथ ही राष्ट्रीय उच्च मार्ग के मुख्य अभियन्ता और लोक निर्माण विभाग के अधीक्षण अभियन्ताओं को भी स्थिति पर नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं। बरागटा ने कहा कि सड़कों पर यातायात की बहाली के लिए लगभग 35 जे.सी.बी और बुल्डोजर तैनात किए गए हैंे और चौपाल से नेरवा मार्ग को खोलने के लिए टिप्पर और बड़ी मशीनें भेज दी गई हैं। इसी प्रकार ठियोग से रोहडू व रामपुर मार्गाें पर भी बड़ी मशीनें तैनात की गई हैं। 
मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल ने राज्य तथा जिला प्रशासन के सभी अधिकारियों को निर्देश जारी किए हैं कि प्रदेश में भारी हिमपात को देखते हुए लोगों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि लोगों को पेयजल, बिजली, अनाज और अन्य बुनियादी सुविधाओं की आपूर्ति नियमित रूप से की जाए।
देश के हृदय प्रदेश से नंद किशोर जाधव ने बताया कि मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने प्रदेश में पाले और ओले की वजह से नष्ट हुई फसलों का 1400 करोड़ रुपए का मुआवजा स्वीकृत करने का आग ह किया है। कल देवास में बैंक नोट प्रेस के कार्य क्र म में मुख्यमंत्री ने केंद्रीय वित्तमंत्री प्रणब मुखर्जी से ये मुआवजा राशि मंजूर करने का आग्रह करते हुए कहा कि प्रदेश की वार्षि क वृद्धि दर पिछले वर्ष दस प्रतिशत रही है। कृषि के क्षेत्र में मध्य प्रदेश अग्रणी राज्य है।

विदिशा जिला ईकाई के अध्य्क्ष घोषित


विदिशा जिला ईकाई के अध्य्क्ष घोषित



(अंशुल गुप्ता)

भोपाल (साई)। वर्किग जर्नलिस्ट य्ाूनिय्ान के प्रदेश अध्य्ाक्ष श्री राधाबल्लभ शारदा ने भोपाल एवं विदिशा जिला ईकाई के पदाधिकारिय्ाो की निय्ाुक्ति की। प्रंातीय्ा कायर््ाालय्ा तुलसीनगर भोपाल स्थित एक सादे समारोह में प्रदेश अध्य्ाक्ष राधाबल्लभ शारदा ने महेन्द्र सिह पवार को भोपाल जिलाध्य्ाक्ष, सीताराम मालवीय्ा को विदिशा जिलाध्य्ाक्ष, सलील मालवीय्ा को  भोपाल उपाध्य्ाक्ष एवं जमुनाप्रसाद झ्ाा को भोपाल जिला महासचिव निय्ाुक्त किय्ाा। इस अवसर पर प्रंातीय्ा उपाध्य्ाक्ष कृष्ण गोपाल शर्मा,अमिताभ शर्मा,सईद खान,नरेन्द्र विश्वकर्मा उपस्थित थे। विजय्ा शर्मा,रामनिवास करोठिय्ाा,संजय्ा पण्डित,पकंज शर्मा ने नवनिय्ाुक्त पदाधिकारिय्ाो को वधाई दी है एवं प्रदेश अध्य्ाक्ष राधाबल्लभ शारदा का आभार ज्ञापित किय्ाा है।

फतेह बहादुर की बदली


फतेह बहादुर की बदली



(दीपांकर श्रीवास्तव)

लखनऊ (साई)। उत्तर प्रदेश में निर्वाचन आयोग के निर्देश पर प्रधान गृह सचिव फतेह बहादुर और पुलिस महानिदेशक बृज लाल का तबादला कर दिया गया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार योजना और चिकित्सा शिक्षा संबंधी मुख्य सचिव मनजीत सिंह को प्रधान गृह सचिव बनाया गया है जबकि वरिष्ठ आई पी एस अधिकारी अतुल राज्य के नये पुलिस महानिदेशक होंगे।
राज्य के सभी प्रमुख विपक्षी दल इन अधिकारियों पर सत्तारूढ़ दल बहुजन समाजपार्टी की पक्ष में पक्षपातपूर्ण तरीके से काम करने का अरोप लगाते हुए इन्हें हटाने की मांग करते रहे हैं। निर्वाचन आयोग ने बहुजन समाजपार्टी प्रमुख और राज्य की मुख्यमंत्री मायावती और उनकी पार्टी का चुनाव चिन्ह हाथी की सार्वजनिक ढंग से लगाई मूर्तियों को ढकने के भी निर्देश दिए हैं। ये सभी मूर्तियां पूरे विधानसभा चुनाव के दौरान ढकीं रहेंगी।
मुख्य निर्वाचन आयुक्त डाक्टर एस वाई कुरैशी ने कहा है कि इसे जल्द लागू कर दिया जाएगा क्योंकि यह मामला आदर्श आचार-संहिता से जुड़ा हुआ है। भारतीय जनता पार्टी, कांग्रेस और समाजवादी पार्टी सहित सभी विपक्षी दलों ने आयोग के इस निर्णय का स्वागत किया है। सत्तारूढ़ बहुजन समाजवादी पार्टी ने इसे दलित रोधी करार देते हुए इसे एकतरफा लिया गया निर्णय कहा है।

शिवलिंगी, निःसंतान महिलाओं के लिये वरदान


शिवलिंगी,  निःसंतान महिलाओं के लिये वरदान



(डॉ दीपक आचार्य)

अहमदाबाद (साई)। शिवलिंग की तरह दिखने वाले बीजों की इस बेल को अक्सर खेत खलिहानों, आँगन के बाडों और जंगलों में देखा जा सकता है। इसका वानस्पतिक नाम ब्रायोनिया लेसिनियोसा है। पातालकोट के गोंड और भारिया जनजाति के लोग इस पौधे को पूजते है, इन आदिवासियों का मानना है कि संतानविहीन दंपत्ती के लिये ये पौधा एक वरदान है।
इन आदिवासीयों द्वारा शिवलिंगी के बीजों को तुलसी और गुड के साथ पीसकर निरूसंतान महिला को खिलाया जाता है, महिला को जल्द ही संतान सुख की प्राप्ति होती है। आदिवासी महिलाएं इसकी पत्तियों की चटनी बनाती है, इनके अनुसारे ये टॉनिक की तरह काम करती है।
पत्तियों को बेसन के साथ मिलाकर सब्जी के रूप में भी खाया जाता है, आदिवासी भुमकाओं (हर्बल जानकार) के अनुसार इस सब्जी का सेवन गर्भवती महिलाओं को करना चाहिए जिससे होने वाली संतान तंदुरुस्त पैदा होती है। डाँग- गुजरात के आदिवासी शिवलिंगी के बीजों का उपयोग बुखार और बेहतर सेहत के लिये करते है।
इन आदिवासियों का भी मानना है कि शिवलिंगी न सिर्फ़ साधारण रोगों में उपयोग में लायी जाती है अपितु ये नर संतान प्राप्ति के लिये भी कारगर है, हलाँकि इस तरह के दावों को आधुनिक विज्ञान नकार सकता है लेकिन इन आदिवासी हर्बल जानकारों के दावों को एकदम नकारना ठीक नही।

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शनिवार, 7 जनवरी 2012

षणयंत्र में कमल नाथ का साथ दे रहे हरवंश: भोजराज


षणयंत्र में कमल नाथ का साथ दे रहे हरवंश: भोजराज



(अखिलेश दुबे)

सिवनी(साई)। मोहगॉंव से खवासा तक जहॉं सड़क खराब होने के कारण आये दिन एक्सीडेंट हो रहे हैं जाम लग रहे हैं वहॉं की सड़क की मरम्मत के लिये एनएचएआई मात्र 39 लाख 80 हजार रूपये जारी कर रही है और सिवनी नगर के अंदर की नेशनल हाइवे के लिये जहॉं यह संभावना ही नहीं है कि बहुत तेज गति से कोई वाहन चला सके वहॉं की सड़क मरम्मत के लिये एनएचएआई 1 करोड़ 31 लाख 44 हजार रूपये जारी कर रही है। ये भी केन्द्रीय मंत्री श्री कमलनाथ का षड़यंत्र है और सबकुछ जानते हुए हरवंश सिंह उनका साथ दे रहे हैं। इस आशय के आरोप जनमंच के सदस्य श्री भोजराज मदने द्वारा लगाये गये हैं।
श्री मदने ने कहा कि एनएचएआई द्वारा हितवाद में सिवनी जिले के अंदर की सड़क का जो विज्ञापन जारी किया गया है वहीं कमलनाथ और हरवंश सिंह के षड़यंत्र की पुष्टी करता है। इस विज्ञापन में सिवनी नगर के अंदर की जो एनएच है उसकी मरम्मत के लिये 1 करोड़ 31 लाख 44 हजार रूपये स्वीकृत किये गये हैं जो कि मात्र 64 किलोमीटर है वहीं मोहगॉंव से लेकर खवासा तक की सड़क जो कि 20 किलोमीटर लंबी है जहॉं सबसे ज्यादा एक्सीडेंट हो रहे हैं उसकी मरम्मत के लिये मात्र 39 लाख 80 हजार रूपये जारी किये गये है जिससे कि कोई ठेकेदार काम करने ही नहीं आ रहा है।
श्री मदने ने कहा कि यह बहुत ही स्वभाविक और समझने वाली बात है कि शहर के अंदर नगर पालिका क्षेत्र में बस-ट्रक पलटने की संभावना बहुत कम है अभी तक एक भी बस ट्रक या वाहन नगर सीमा के अंदर गड्ढों के कारण नहीं पलटा है क्योंक यहॉं रात दिन ट्रेफिक का इतना रश रहता है कि ड्रायवर तेज गति से वाहन चला ही नहीं पाते वहीं इसके विपरीत मोहगॉंव कुरई खवासा तक की जो सड़क है वह बहुत जर्जर हालत में है, आये दिन वहॉं एक्सीडेंट हो रहे हैं, जाम लग रहे हैं ऐसे में वहॉं की सड़क के मरम्मत कार्य के लिये एनएचएआई को ज्यादा पैसा देना चाहिये ताकि वहॉं का काम अच्छा।
श्री मदने ने कहा कि एनएचएआई ने मोहगॉंव कुरई खवासा की सड़क के मरम्मत के लिये मात्र 39 लाख 80 हजार रूपये दिये हैं जिसमें 39 गड्ढे भी नहीं भर पायेंगे क्योंकि कहीं कहीं तो स्थिति यह है कि सड़क ही नहीं है तो कहीं कहीं गड्डों का आकार इतना बड़ा है कि छोटी कारें पूरी की पूरी घुस जाती है, ट्रक पलट जाते हैं। और सिवनी नगर की एनएच जिसके लिये एनएचएआई ने 1 करोड़ 31 लाख 44 हजार रूपये दिये हैं यहॉं सड़क सुधारे जाने की जरूरत तो है किन्तु सड़क सुधारे जाने की प्राथमिकता मोहगॉंव,कुरई,खवासा की सड़क के मुकाबले 10 प्रतिशत भी नहीं है।
श्री मदने ने कहा कि 39 लाख 80 हजार रूपये में मोहगॉंव से लेकर खवासा तक की 20 किलोमीटर की सड़क की मरम्मत नहीं की जा सकती और अगर एन।एच।ए।आई। मरम्मत करवा भी देगी तो भी सड़क कुछ ही समय बाद पुनः पहले जैसी स्थिति में आ जायेगी क्योंकि जो हैवी व्हीकल्स हैं वो नागपुर जाने कगे लिये मोहगॉंव से लेकर खवासा तक की जो सड़क है उससे गुजरेंगे ही गुजरेंगे इसीलिये एनएचएआई को वहॉं की सड़क के लिये ज्यादा पैसा जारी करना चाहिये फिर शहर के अंदर तो सब सुविधाए सुलभ है किन्तु शहर के बाहर सड़को पर न लाइटिंग हैं न तत्काल वहॉं पर्याप्त पुलिस बल पहुँच सकता न एम्बुलेंस न जे।सी।बी। कि पलटे हुए ट्रक या बस को उठाया जाकर रोड मूवेबल बनायी जा सके।
श्री मदने ने हरवंश सिंह पर आरोप लगाते हुए कहा कि हरवंश सिंह सब कुछ जानते हैं और केन्द्र में उनकी सरकार है वे सबकुछ करने में सक्षम भी हैं किन्तु जानबूझकर उनके द्वारा मोहगॉंव से लेकर खवासा तक की सड़क के काम को लटकाया जा रहा है ताकि किसी दिन कोई पुल पुलिया टूट जाये और महाकौशल का महाराष्ट्र से संपर्क ही टूट जाये ऐसी स्थिति में ट्रक वालों के पास छिंदवाड़ा होते हुए महाराष्ट्र में प्रवेश करने के अलावा कोई विकल्प ही नहीं बचेगा और कमलनाथ की जो इच्छा है वह पूरी हो जायेगी।श्री मदने ने कहा कि हरवंश सिंह चाहते तो खवासा से लेकर सिवनी तक की सड़क भी तभी बन गयी होती जब बंडोल से लेकर लखनादौन तक की सड़क का काम हुआ था। पर उन्होंने वैसा नहीं चाहा।

प्रार्थी को गुमराह कर आरोपी का साथ दे रही बरघाट पुलिस


प्रार्थी को गुमराह कर आरोपी का साथ दे रही बरघाट पुलिस

चाचा को और दिखा देना भैया ध्यान से



(रोहित सक्‍सेना)

सिवनी,(साई)। एक पीड़ित युवती का पिता थाने रिपोर्ट लिखाने आया, तो थानेदार द्वारा यह कहकर उसकी रिपोर्ट नहीं लिखी गयी लड़की आयेगी तभी रिपोर्ट लिखी जायेगी। थानेदार की बात सुन वह गरीब थाने से पुनः अपने गांव पहुँचा जहॉं को ही एक वर्ग ने उसे ऐसा डराया-धमकाया कि वह थाने तो छोड़ो घर से भी बाहर नहीं निकल पाया।
यह मामला बरघाट थाना अंतर्गत ग्राम कल्याणपुर का है। जहॉं एक प्रभावशाली धनाड्य राजेश पिता झालसिंह उम्र 35 वर्ष द्वारा ग्राम की ही एक नाबालिक लड़की की अस्मत उसके माता पिता के सूने में लूट ली गयी और बताने पर जान से मारने की धमकी दी गयी।
एक स्थानीय दैनिक संवाद कुंजके अनुसार द्वारा जब ग्राम के ही सरपंच पति तामसिंह देशमुख से जब इस संबंध में पूछा गया तो उन्होंने घटना की जानकारी देते हुए बताया कि पिछले दिवस गांव का ही राजेश हिरनखेड़े जो पहले से ही शादीशुदा है के द्वारा गांव के एक गरीब परिवार की नाबालिक लड़की के घर पहुँचा और उसकी अस्मत लूट ली। सरपंच ने बताया कि इस दौरान पीड़िता के माता पिता मजदूरी करने गये थे।
घटना की जानकारी पीड़ित लड़की ने अपने परिजनों को दी। पीड़ित पिता द्वारा अपने 02-03 सहयोगियों के साथ बरघाट थाने जाकर जब इसकी रिपोर्ट शाम के समय लिखानी चाही तो थानेदार द्वारा यह कहकर उन्हें वहॉं से भगा दिया कि जाओ और जाकर लड़की को लेकर आओ।
ग्रामीणों में ऐसी चर्चा है कि इस मामले में थानेदार द्वारा राजेश हिरनहेड़े से लंबी रकम लेकर मामले को रफा-दफा कर दिया गया है। जब इस संबंध में बरघाट थाना प्रभारी श्री आरबी पांडे से चर्चा की गयी तो उन्होंने बताया कि मैंने लड़की के पिता से यह कहा था कि जाओ और जाकर लड़की को साथ ले आओ मुआयजा कराया जाकर रिपोर्ट दर्ज की जायेगी।
रिपोर्ट न लिखने के बाद लड़की के परिजन अपने गांव पहुँचे। तब तक पंवार समाज की एक मीटिंग हो रही थी जिसमें पीड़ित परिजनों को भी बुलाया गया और सभी पंवार समाज के लोगों ने एकतरफा फैसला सुनाते हुए यह तय किया कि आरोपी राजेश हिरनखेे को 05 हजार रूपये का जुर्माना लगाया जाता है जो राशि पंवार समाज के खाते में जमा होगा। इसके बाद मीटिंग स्थगित कर दी गयी। इस घटना के बाद न तो पीड़ित परिजनों को थाने जाने दिया जा रहा है और न ही इस बात की जानकारी किसी को बताने का दबाव व धमकी दी जा रही है।
यहॉं यह भी उल्लेखनीय है कि पुलिस पिता के बयाने के आधार पर आरोपी के विरूद्ध रिपोर्ट दर्ज कर सकती थी और लड़की का मुलायजा बाद में भी कराया जा सकता था किन्तु नाबालिग से बलात्कार जैसे मालमे को पुलिस द्वारा प्रार्थी को गुमराह कर उसकी रिपोर्ट नहीं लिखी गयी जो कि अपने आप में एक अपराध है।

पेंच नेशनल पार्क देश का सर्वश्रेष्ठ हन्टिंग ग्राउण्ड बन गया है: तिवारी


पेंच नेशनल पार्क देश का सर्वश्रेष्ठ हन्टिंग ग्राउण्ड बन गया है: तिवारी



(शिवेश नामदेव)

सिवनी (साई)। बेस्ट मेन्टेन्ड इको फ्रेण्डली टूरिज्म और प्रभावकारी प्रबंधीय मूल्यांकन जैसे पुरस्कार प्राप्त कर चुके पेंच प्रोजेक्ट टाईगर रिजर्व की उपलब्धियां सिर्फ कागजों तक सीमित हैं। पेंच पार्क में पदस्थ कुछ अधिकारियों के भ्रष्टाचार और लापरवाही के कारण पेंच राष्ट्रीय उद्यान और इसके आसपास का क्षेत्र देश का सर्वश्रेष्ठ हंटिंग ग्राउन्ड बन गया है। इस आशय की बात जनमंच के सदस्य संजय तिवारी ने अपनी विज्ञप्ति के माध्यम से कही है।
पेंच लैण्ड स्केप के अंतर्गत आने वाले पेंच पार्क से सटे दक्षिण वनमंडल के क्षेत्र में 1995 से 2009 तक वन्यप्राणियों के शिकार के 129 प्रकरण सिवनी के न्यायालय में लंबित हैं जिसमें 7 बाघ, 05 तेन्दुए समेत दुर्लभ बायसन के शिकार भी शामिल हैं। पिछले दो महीनों में पेंच पार्क के आसपास के क्षेत्रों से चार से ज्यादा बाघ और तेन्दुओं की खाल पुलिस के द्वारा जप्त होने के बाद भी पेंच पार्क प्रशासन सुस्त पड़ा है। सूत्र बताते हैं कि बाघों की खालों का अंतर्राष्ट्रीय तस्कर संसारचंद और उसके भाई कल्याण का तैयार किया गया नेटवर्क अभी भी पेंच राष्ट्रीय उद्यान और  उसके आसपास के क्षेत्र में सक्रिय है।
पेंच राष्ट्रीय उद्यान के द्वारा बाघों की मौत के अधिकृत आंकड़े अपनी पोल स्वयं खोलते नजर आते हैं। पेंच पार्क प्रशासन वर्ष 2002-2010 के बीच पार्क और इससे सटे क्षेत्रों में 9 बाघों की मौत की पुष्टि स्वाभाविक मृत्यु के तौर पर करता है जबकि सच्चाई यह है कि पार्क के अंदर और इससे सटे क्षेत्रों में बाघों और तेन्दुओं को फंदे में फंसाकर, जहर देकर एवं बिजली करंट से पार्क प्रशासन के 400 से ज्यादा कर्मचारियों और
अधिकारियों की नाक के नीचे मारा जा रहा है। वेटरनरी से पदस्थापना पर नियुक्त डॉक्टर द्वारा तैयार की गयी मृत बाघ व तेन्दुए की पोस्टमार्टम रिपोर्ट भी अमूमन संदिग्ध रहती है। जवान बाघ के पानी में डूबकर मरने के बिरले उदाहरण पेंच राष्ट्रीय उद्यान में ही देखने को मिलते हैं।
पेंच राष्ट्रीय उद्यान के आसपास बाघों और तेन्दुओं के शिकार के मामले पकड़े जाने पर पेंच पार्क के अधिकारियों का सीधा उत्तर होता है मारे गये बाघ और तेन्दुये पेंच राष्ट्रीय उद्यान की सीमा से बाहर के हैं जबकि यही पेंच पार्क प्रशासन पेंच लैण्ड स्केप के अंतर्गत इन बाघों को अपनी गिनती में शामिल करता है। राष्ट्रीय बाघ संरक्षण आयोग के अधिकारी डॉ। राजेश गोपाल पेंच राष्ट्रीय उद्यान और इसके आसपास के क्षेत्रों में 64 बाघों की उपस्थिति का जिक्र करते हैं परंतु सच्चाई यह है कि जो बाघ और तेन्दुए पार्क के संरक्षित और सुरक्षा वाले क्षेत्र से बाहर आ जाते हैं उनकी शिकारियों के हाथ बचने की संभावना लगभग खत्म हो जाती है। यही डॉ। राजेश गोपाल राष्ट्रीय उद्यानों के आस पास के क्षेत्रों में मानवीय दखल कम करने के लिये धारा 144 लगाने की सलाह भी देते हैं। पेंच राष्ट्रीय उद्यान में आने वाले दस में से नौ पर्यटकों को उद्यान में बाघ के दर्शन के बिना ही लौटना पड़ता है।
बाघों के संरक्षण और संवर्धन के नाम पर पेंच राष्ट्रीय उद्यान को भारी भरकम राशि प्राप्त होती है। सिर्फ प्रोजेक्ट टाईगर योजना के अन्तर्गत पिछले 18 वर्षों में 27 करोड़ रूपये एवं वर्ष 1996 से 2005 तक इंडिया ईको डेव्हलपमेंट प्रोजेक्ट के अन्तर्गत लगभग 28 करोड़ रूपये की राशि पेंच राष्ट्रीय उद्यान को प्राप्त हो चुकी है। स्पष्ट है सरकार बाघों को बचाने के लिये धन की कमी नहीं कर रही है लेकिन भ्रष्टाचार और अफसरशाही के कारण पेंच पार्क को मिलने वाले धन का एक बड़ा हिस्सा कुछ भ्रष्ट वन अधिकारियों की जेबों में जा रहा है।
दिसंबर 2011 में पेंच पार्क में वन्यप्राणियों के शिकार और इसके कानूनी प्रावधानों को लेकर आयोजित कार्यशाला में पेंच राष्ट्रीय उद्यान के उपसंचालक ओ।पी। तिवारी यह नहीं बता पाये कि गिरफ्त में आये कितने वन्य प्राणियों के शिकारियों को वे न्यायालय से सजा दिलवा पाये। पार्क के डायरेक्टर और डिप्टी डायरेक्टर को शिकार के मामले वाले न्यायालयीन प्रकरणों में कोई रूचि नहीं है जिस कारण अपनी जान को जोखिम में डालकर खतरनाक हथियारों से लैस शिकारियों को पकड़ने वाले पेंच पार्क में पदस्थ छोटे स्तर के साहसी वन कर्मचारियों का मनोबल लगातार गिरते जा रहा है।