गुरुवार, 7 जून 2012

मीडिया से मिलने दिया जाए: जगन


मीडिया से मिलने दिया जाए: जगन
(रितु सक्सेना)
हैदराबाद (साई)। वाई एस आर कांग्रेस के अध्यक्ष वाई एस जगनमोहन रेड्डी ने आंध्र प्रदेश उच्च न्यायालय में याचिका दायर की है। याचिका में राज्य सरकार और जेल प्रशासन को यह निर्देश देने की मांग की गई है कि वे १२ जून को होने वाले उप-चुनावों के मद्देनजर उन्हें मीडिया के माध्यम से अपने बयान जारी करने की इजाजत दें।
कडप्पा के सांसद जगनमोहन ने कल उच्च न्यायालय से अनुरोध किया कि उन्हें प्रिंट और इलैक्ट्रोनिक मीडिया के माध्यम से अपनी हिरासत की अवधि के दौरान आंध्र प्रदेश के मतदाताओं तक अपने बयान पहुंचाने के लिए कानून के मुताबिक इजाजत दी जाए। आंध्र प्रदेश के दिवंगत मुख्यमंत्री वाई एस राजशेखर रेड्डी के पुत्र जगनमोहन को हैदराबाद की चंचलगुडा जेल में रखा गया है। आंध्र प्रदेश की १८ विधानसभा सीटों और एक लोकसभा सीट पर १२ जून को चुनाव होंगे।

भारत चीन संबंधों में होगा सुधार


भारत चीन संबंधों में होगा सुधार
(एस.के.शर्मा)
ढाका (साई)। भारत ने चीन से कहा है कि द्विपक्षीय संबंधों में सुधार उसकी विदेश नीति की प्राथमिकता है। उसने एशिया प्रशांत क्षेत्र में महत्वपूर्ण सहयोग और बढ़ाने की इच्छा व्यक्त की है। विदेश मंत्री एस एम कृष्णा ने कल पेइचिंग में चीन के उप प्रधानमंत्री ली काचियांग से मुलाकात की और कहा कि दोनों देशों के बीच सुदृढ़ संबंधों के लिए आपसी विश्वास बढ़ाना महत्वपूर्ण है।
विदेश मंत्री एस एम कृष्णा आज चीन के विदेश मंत्री यांग जेइची से मिलेंगे।  श्री कृष्णा शंघाई सहयोग संगठन सम्मेलन में भाग लेने के लिए पेइचिंग में हैं। इससे पहले श्री कृष्णा ने दो भारतीय व्यापारियों श्याम सुंदर अग्रवाल और दीपक रहेजा से मुलाकात की, जिन्हें एक व्यापारिक विवाद के सिलसिले में वहां रोका गया है। उन्होंने इन भारतीय नागरिकों को हर कानूनी मदद उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया है।

भूपति सानिया फायनल में


भूपति सानिया फायनल में
(ब्यूरो)
पेरिस (साई)। भारत के महेश भूपति और सानिया मिर्जा की जोड़ी फ्रैंच ओपन टेनिस प्रतियोगिता के मिक्स्ड डबल्स के फाइनल में पहुंच गई है। सेमीफाइनल में भारतीय जोड़ी ने इटली के डेनियल ब्रेसियाली और कजाकिस्तान की गैलिना वास्कोबोएवा को ६-४, ६-२ से हराया। दूसरे सेमीफाइनल में भारत के लिएण्डर पेस और रूस की एलिना वेसनीना की जोड़ी को हार का सामना करना पड़ा।
मैक्सिको के सेन्टियागो गोंजालिस और पोलैंड की क्लॉडिया जेन्स इग्नाचिक ने उन्हें ७-६, ६-३ से हराया। मिक्स्ड डबल्स का फाइनल मुकाबला आज होगा। इस बीच पुरूष सिंगल्स में स्पेन के राफेल नडाल और डेविड फेरर अपने-अपने मुकाबले जीतकर सेमीफाइनल में पहुंच गए हैं।
इस बीच महिला सिंगल्स के सेमीफाइनल मुकाबले तय हो गए हैं। पहले सेमीफाइनल में ऑस्ट्रेलिया की सामंता स्टोसर का मुकाबला इटली की सारा ईरानी से और दूसरे सेमीफाइनल में रूस की मारिया शारापोवा का मुकाबला चेक गणराज्य की पेट्रा क्विटोवा से होगा। महिला सिंगल्स के सेमीफाइनल मैच भी आज खेले जाएंगे।

पूर्वोत्तर में गर्मी का प्रकोप


पूर्वोत्तर में गर्मी का प्रकोप
(जागृति बरूआ)
नई दिल्ली (साई)। देश के पूर्वी भागों में गर्मी का प्रकोप जारी है। लेकिन उत्तरी इलाकों में कुछ स्थानों पर हल्की वर्षा से गर्मी में कुछ कमी आई है। ओड़िशा में कुछ स्थानों पर तापमान ४७ डिग्री सेल्सियस को पार कर  गया है। समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया की संवाददाता के अनुसार यह स्थिति आगे आने वाले दिनों में भी जारी रहने की संभावना है।
ओडिशा के कई भागों में तापमान ४७ डिग्री से भी ऊपर पहुंच गया है। तलचर में तापमान ४७ दशमलव तीन डिग्री दर्ज किया गया। राजधानी भुवनेश्वर में तापमान ४६ दशमलव सात डिग्री सेल्सियस रहा जो पिछले ४० वर्षों में सबसे अधिक है। तेज गर्मी के कारण राज्य में सामान्य जीवन बुरी तरह से प्रभावित है। पश्चिमी ओडिशा  में पीने के पानी की भारी कमी का सामना करना पड़ रहा है। मौसम विभाग का कहना है कि यह स्थिति अगले ४८ घंटों तक जारी रह सकती है।
उधर कोलकता से साई ब्यूरो दीपाली दास ने बताया कि पश्चिम बंगाल में तेज गर्मी को देखते हुए सरकार ने स्कूल अधिकारियों को गर्मी की छुट्टियां और १० दिन बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। इस बीच, राज्य में विभिन्न जिलों में गर्मी के कारण कुछ और लोगों के मरने की खबर है। खबरों में बताया गया है कि पिछले ४८ घंटों में दक्षिण बंगाल के विभिन्न जिलों में लू लगने से कम से कम ४६ लोग मारे गए हैं।
उधर, समूचे झारखंड में कल तेज गर्मी के कारण ४६ लोगों की मौत हो गई। हमारे संवाददाता ने बताया है कि सबसे ज्यादा मौतें बोकारो जिले में हुईं, जबकि दुमका और धनबाद में सात - सात लोगों के मरने की खबर है। दिल्ली में कल वर्षा की बौछार से गर्मी से कुछ राहत मिली है। आज भी हल्की बारिश की संभावना है। उत्तर प्रदेश में वर्षा होने से अलीगढ़, हापुड, इलाहाबाद और आगरा मंडलों में तापमान में कुछ कमी आई है। राजस्थान में भी तापमान में कुछ कमी आई है।    
इस बीच दक्षिण पश्चिम मानसून कल केरल तट पर पहुंच गया। मौसम विभाग के निदेशक बी पी यादव ने आकाशवाणी को बताया कि केरल तट पर कुछ दिनों से बारिश हो रही है, लेकिन बारिश की जो विशेषतायें हैं, उससे पता चलता है कि मानसून अब पहुंच गया है। उन्होंने बताया कि पूरे केरल में मानसून की वर्षा हो रही है।

शराब व्यवसाई के आगे नतमस्तक कांग्रेस भाजपा!

कांग्रेस भाजपा की प्रतिष्ठा दांव पर!

निर्दलीय के जीतने की भविष्यवाणियां पैदा कर रही संदेह

(संजीव प्रताप सिंह)

सिवनी (साई)। जिले की लखनादौन नगर पंचायत के चुनावों में कांग्रेस और भाजपा की प्रतिष्ठा दांव पर लगी हुई है। यहां निर्दलीय के जीतने की भविष्यवाणियों ने कांग्रेस और भाजपा की विश्वसनीयता पर प्रश्नचिन्ह लगा दिया है। कहा जा रहा है कि निहित स्वार्थ के चलते प्रमुख राजनैतिक दलों कांग्रेस और भाजपा ने एक शराब व्यवसाई के आगे घुटने टेक दिए हैं।
ज्ञातव्य है कि चुनाव आयोग द्वारा 4 जून को नगर पंचायत लखनादौन नगर पंचायत के चुनावों की घोषणा कर दी गई है। इस रण में प्रमुख राजनैतिक दल कांग्रेस और भाजपा द्वारा अभी तक अपने पत्ते नहीं खोले हैं। वहीं दूसरी ओर नगर पंचायत लखनादौन के पूर्व अध्यक्ष रहे मूलतः शराब व्यवसाई दिनेश राय मुनमुन ने अपनी मां को इस रण में उतारने का फैसला कर लिया है।
बताया जाता है कि दिनेश की माता जी श्रीमति सुधा हरिशंकर राय अगले मंगलवार 12 जून को अपरान्ह अपना चुनावी पर्चा दाखिल करेंगी। पिछली बार कांग्रेस और भाजपा के हथियार डालने के फलस्वरूप अध्यक्ष की कुर्सी पर काबिज हुए दिनेश राय इस बार अभिमान सहित कांग्रेस और भाजपा को उनकी औकात दिखाते हुए हुंकार लगाते हुए कहते हैं कि पिछली बार निर्दलीय के बतौर उन्होंने जीत हासिल की थी, इस बार उनकी माता जी निर्दलीय ही चुनावी समर में उतरेंगी।
कहा जाता है कि पैसे के दम पर अपनी लोकप्रियता का अभिमान करने वाले दिनेश राय द्वारा पिछली बार 2008 में जब बतौर लखनादौन नगर पंचायत के अध्यक्ष एक साल का कार्यकाल बचा था, तभी लखनादौन वासियों से नाता तोड़कर सिवनी का विधायक बनने की जुगत लगाई थी। विधानसभा चुनावों में निर्दलीय प्रत्याशी के बतौर उतरे दिनेश राय को कांग्रेस और भाजपा के कथित सहयोग के बाद भी मुंह की खानी पड़ी थी।
उस वक्त इसी लखनादौन नगर पंचायत की जनता दिनेश राय मुननुन से पूछा करती थी कि आखिर उसका क्या कसूर था कि दिनेश राय ने एक साल पहले ही लखनादौन का साथ छोड़ दिया। उल्लेखनीय होगा कि अगले वर्ष 2013 में फिर विधानसभा चुनाव हैं और इन चुनावों में उम्मीदवार बनने दिनेश राय की बाजू फड़कती दिखाई दे रही हैं। अगर वे सिवनी से चुनाव लड़ते हैं तो लखनादौन से उनका मोहभंग हो सकता है।
बहरहाल, जिला कांग्रेस कमेटी की कमान संभालने के बाद संभवतः हीरा आसवानी के लिए यह पहला मौका होगा जब वे नगरीय निकायों के चुनावों में कांग्रेस उनके नेतृत्व में उतर रही है वहीं कमोबेश जिला भाजपा अध्यक्ष बनने के उपरांत सुजीत जैन की स्थिति भी है। दोनों ही राजनैतिक दलों के सामने लखनादौन नगर पंचायत प्रतिष्ठा का प्रश्न बनना चाहिए, वस्तुतः एसा होता दिख नहीं रहा है।
लखनादौन नगर पंचायत के लिए जिस तरह से क्षेत्र में दिनेश राय मुनमुन की मां श्रीमति सुधा राय की जीत के दावे किए जा रहे हैं, उसे देखकर पिछली बार दिनेश राय की विजय की यादें ताजा हो जाती हैं। माहौल देखकर लगने लगा है कि मानो लखनादौन में कांग्रेस और भाजपा का वजूद ही नहीं रहा हो।
कहा तो यहां तक भी जा रहा है कि पिछले विधानसभा चुनावों में हैहय क्षत्रिय समाज के लोगों को किसी राजनैतिक दल विशेष के पक्ष में परोक्ष तौर पर संदेश देने वाले दिनेश राय का उपकार चुकाने के लिए कांग्रेस के एक बलशाली नेता द्वारा इस बार लखनादौन में कांग्रेस को शांत कर दिया है।
वहीं दूसरी ओर पिछले विधानसभा चुनावों में भारतीय जनता पार्टी के कनिष्ठ और वरिष्ठ नेताओं द्वारा दिनेश राय के चुनाव चिन्ह कप प्लेट के पक्ष में जिस तरह माहौल बनाने का प्रयास किया गया था और वर्तमान विधायक श्रीमति नीता पटेरिया को हरवाने की जुगत लगाई गई थी उसी तर्ज पर इस बार लखनादौन में भाजपा द्वारा भी हथियार डाल दिए गए हैं।
जिला मुख्यालय में व्याप्त चर्चाओं के अनुसार इस बार लखनादौन में अगर एक बार फिर निर्दलीय प्रत्याशी वह भी पूर्व अध्यक्ष दिनेश राय मुनमुन की माता जी विजयश्री का वरण करती हैं तो यही माना जाएगा कि सिवनी जिले में कांग्रेस और भाजपा का कोई वजूद नहीं बचा है, दोनों ही प्रमुख राजनैतिक दल पूरी तरह से शराब व्यवसाई दिनेश राय के सामने नतमस्तक ही नजर आएंगे।

नक्सलियों ने पटरी उखाड़ी


नक्सलियों ने पटरी उखाड़ी
(आंचल झा)
रायपुर (साई)। दक्षिण बस्तर में मंगलवार को नक्सलियों ने जमकर उत्पात मचाया। पेड़ गिराकर और पत्थर रखकर मार्ग अवरुद्ध करने की कोशिश की। किरंदुल रेल सेक्शन में पटरियां उखाड़ दी। इससे रेलमार्ग पर ट्रेनों की आवाजाही पूरी तरह थमी रही। दहशत फैलाने के लिए नक्सलियों ने कई स्थानों पर सड़क किनारे पेड़ों पर जगह-जगह पर्चे भी चिपकाए हैं। पर्चे में 12 जून को दंडकारण्य बंद का उल्लेख किया गया है।

गैंगवार का नतीजा था हमला


गैंगवार का नतीजा था हमला
(विपिन सिंह राजपूत)
नई दिल्ली (साई)। नजफगढ़ के विधायक भरत सिंह पर जानलेवा हमला करने के मामले में सनसनीखेज खुलासा हुआ है। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने इस मामले में चार अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें एक ने विकास उर्फ विक्की व उसके साथियों को मोहरा बनाकर विधायक पर हमला कराया था। उसने चारों को अत्याधुनिक हथियार व पैसा भी मुहैया कराया था।
इस मामले में पुलिस ने घटना के अगले दिन यानी तीन जून को विक्की व उसके तीन अन्य साथियों कुलदीप मित्तल, सुमित सिंह व वीरेंद्र सहरावत को गिरफ्तार किया था। उसी समय विधायक के परिजन समेत उनके समर्थकों को यह बात हजम नहीं हो रही थी कि ये लोग व्यक्तिगत रंजिश व किसी प्रकार के डर से वारदात को अंजाम दे सकते हैं। कयास लगाया जा रहा था कि इसके पीछे जरूर किसी न किसी बड़े गिरोह व विरोधी गुट का हाथ है, जिसने हमलावरों को मोहरा बनाया है। विधायक के बड़े भाई निगम पार्षद किशन पहलवान का कहना था कि घटनास्थल से जिस तरह 0.30 व 0.38 के कारतूस मिले हैं, वे हथियार हमलावर नहीं खरीद सकते हैं। क्योंकि कई हमलावरों की पारिवारिक हैसियत वह जानते हैं। अब जब इस मामले में चार अन्य लोग पकड़े गए हैं तब जाकर पता चला कि उक्तघटना पुराने गैंगवार का परिणाम था।
सेल के अधिकारी ने अभी गिरफ्तारी की पुष्टि नहीं की है, किंतु सूत्रों के मुताबिक इस मामले में उदयवीर (40), सतीश (25, झड़ौदा कलां), नवीन (25) व रविंदर (25, झड़ौदा कलां) को गिरफ्तार किया गया है। विक्की के साथ हमला करने में सतीश, नवीन व रविंदर भी था। हमलावर न केवल तीन मोटरसाइकिल पर थे, बल्कि इनोवा में भी सवार थे। उदयवीर ढिचाऊं कला का रहने वाला है। इसके पिता व भाई की गुड़गांव में वर्ष 2002 में हत्या कर दी गई थी, जिसमें किशन पहलवान का नाम उछला था।
उसी समय से उदयवीर ने बदला लेने की ठान ली थी, किंतु उसे उपयुक्त मौका नहीं मिल रहा था। इस बीच जब उसने विक्की को देखा कि वह कई बार विधायक से झगड़ा कर चुका है और उन्हें सरेआम थप्पड़ मारकर जलील भी कर चुका है तब उसने विक्की पर हाथ रखना शुरू कर दिया। उसी ने हथियार व पैसा मुहैया कराया था। 

पौधे रोपकर लिया पर्यावरण संरक्षण का संकल्प


पौधे रोपकर लिया पर्यावरण संरक्षण का संकल्प
(दिशा कुमारी)
विकासनगर (साई)। विश्व पर्यावरण दिवस पर लोगों ने कई स्थानों पर पौधे रोपकर पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया गया। तहसील परिसर में जहां पौधरोपण कार्यक्रम चला, वहीं वीर शहीदी केसरीचंद महाविद्यालय डाकपत्थर में क्विज आयोजित की गई। डाकपत्थर डिग्री कॉलेज के बीएड पाठयक्रम के छात्र छात्राओं ने विश्व पर्यावरण पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए।
कॉलेज परिसर में पौधे रोपने के बाद पर्यावरण क्विज आयोजित की। इसमें अरविंदो सदन ने बाजी मारी। इस मौके पर प्रवक्ता अटल बिहारी, प्रिंसी कर्णवाल, गौरव भार्गव, खुशहाल सिंह, देवेंद्र सिंह, देवेश मिश्र आदि मौजूद थे। पछवादून विकास मंच की ओर से तहसील परिसर में पौधे रोपे गए और पर्यावरण गोष्ठी आयोजित की गई।
मुख्य अतिथि उप जिलाधिकारी अशोक पांडे ने कहा कि पर्यावरण के साथ छेड़छाड़ से प्रकृति का संतुलन बिगड़ रहा है। जल, जंगल व जमीन की शुद्धता बचेगी, तभी मनुष्य का अस्तित्व बच पाएगा। अध्यक्षीय संबोधन में राशिद आरफी ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण के लिए जरूरी है कि वृक्षों का पातन न हो।
मंच संयोजक अतुल शर्मा ने कहा कि प्रदूषण बढ़ने से तापमान में वृद्धि हो रही है। गर्मी से जंगल जल रहे हैं, जैव विविधता खतरे में है, ऐसे में सभी की जिम्मेदारी पर्यावरण बचाने की है। गोष्ठी में निर्णय लिया गया कि प्रत्येक व्यक्ति पांच-पांच पौधे रोपे। इस मौके पर गुलमोहर, अर्जुन, सिल्वर, शहतूत आदि के पौधे रोपे गए।
इस मौके पर तहसीलदार हरगिरी, बार एसोसिएशन सचिव शूरवीर चौहान, जगमाल सिंह, पुष्पेंद्र त्यागी, हेमचंद सकलानी, सूरत सिंह, अनंत कुमार, एसएस कुशवाहा, अशोक कांबोज, सुभाष वर्मा, खालिद, राकेश कुमार, योगेंद्र नेगी, देवेश्वरी विडालिया व इशिता मौजूद थे।

सीबीआइ ने 30 के खिलाफ मांगी अभियोजन की अनुमति


सीबीआइ ने 30 के खिलाफ मांगी अभियोजन की अनुमति
(दीपांकर श्रीवास्तव)
लखनऊ (साई)। राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन (एनआरएचएम) घोटाले में लखनऊ जिले की जांच कर रही सीबीआइ ने एक सीएमओ, तीन एसीएमओ समेत कुल 30 सरकारी डाक्टरों के खिलाफ अभियोजन की अनुमति मांगी है। संभावना है कि सरकार दो चार दिन के अंदर आवश्यक औपचारिकता पूरी कर सीबीआइ को अभियोजन की अनुमति प्रदान कर देगी। इन सभी को निलम्बित कर देने की भी तैयारी है। प्रमुख सचिव स्वास्थ्य संजय अग्रवाल ने स्वीकार किया कि सीबीआइ ने अभियोजन की अनुमति मांगी है।
उच्च न्यायालय के आदेश पर लखनऊ जिले में एनआरएचएम घोटाले की जांच कर रही सीबीआइ ने व्यापक छानबीन के बाद काफी स्वास्थ्य कर्मियों को इसमें संलिप्त पाया। इस दौरान सीबीआइ ने सीएमओ, एसीएमओ और कम्युनिटी हाल सेंटर तथा बाल महिला चिकित्सालय के प्रभारियों से कई चक्र में पूछताछ की। जांच टीम ने पाया कि सीएमओ और उनके मातहतों ने बड़े पैमाने पर घोटाला किया है।
सूत्रों के मुताबिक सीबीआइ ने सरकार को सीएमओ और एसीएमओ समेत करीब तीस सरकारी डाक्टरों की सूची सौंपकर उनके खिलाफ मुकदमा चलाने की अनुमति मांगी। अनुमति मिलते ही आरोप पत्र दाखिल करने की तैयारी शुरू होगी। सीबीआइ को इस घोटाले में लखनऊ के तत्कालीन सीएमओ डाक्टर एके शुक्ला, एसीएमओ डाक्टर चित्रा सिंह, डाक्टर आरबी लाल और डाक्टर एके चौधरी की सीधी भूमिका मिली।
इसके अलावा कम्युनिटी हाल सेंटर के सुपरिटेंडेंट और बाल महिला चिकित्सालय के सुपरिटेंडेंट की भी संदिग्ध भूमिका पायी गयी। सीबीआइ को जांच में तीस ऐसे लोग मिले, जिन्होंने विभिन्न मदों के पैसों की बंदरबांट की और नियमों की अनदेखी की। सीबीआइ ने जांच के दौरान डिप्टी सीएमओ डाक्टर वाइएस सचान की भी संदिग्ध भूमिका पायी। अब उनका निधन हो चुका है, इसलिए उनका नाम सूची में शामिल नहीं है।
उल्लेखनीय है कि लखनऊ की जांच में सीबीआइ ने अदालत से लगातार समय मांगा और अब जांच पूरी करने की आखिरी तारीख 23 अगस्त है। सीबीआइ आरोप पत्र दाखिल करने से पूर्व सभी औपचारिकता पूरी कर लेना चाहती है। चूंकि लखनऊ के घोटाले ने ही पूरे प्रदेश में एनआरएचएम के बंदरबांट का रास्ता दिखाया और इस मामले को लेकर यहां दो सीएमओ परिवार कल्याण की हत्याएं भी हुई, इसलिए सीबीआइ ने लखनऊ जिले की बहुत ही सूक्ष्म जांच की है। जांच में सीबीआइ को पता चला कि पूरे विभाग में लूट मची हुई थी और जिसे अवसर मिला उसने बहती गंगा में हाथ धोया। घोटाले में शामिल लोगों की सूची और लंबी होने की आशंका जताई जा रही है। 

खत्री हितकारिणी सभा के पदाधिकारियों ने ली शपथ
(समीर त्रिवेदी)
वाराणसी (साई)। खत्री हितकारिणी सभा की महिला शाखा के पदाधिकारियों का मंगलवार को लहुराबीर स्थित एक रेस्तरा में चुनाव किया गया। साथ ही समारोहपूर्वक शपथ ग्रहण कराया गया। इसमें अमिता मेहरा को दोबारा अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी दी गयी। अंकिता खत्री को सचिव, नमिता टंडन को कोषाध्यक्ष व रीतू अरोड़ा को संयुक्त सचिव पद की शपथ दिलायी गयी।
वहीं उपाध्यक्ष पद पर शोभा कपूर, नीति कपूर, जया कपूर, शालिनी बर्मन, दीपाली टंडन, निधि वाही ने शपथ ली। इसके अलावा विंग कन्वीनर, एजुकेशनल जोन, कल्चरल कमेटी, एडवाइजरी बोर्ड, चाइल्ड ग्रूमिंग बोर्ड व हेल्थ जोन के सदस्यों के नाम भी घोषित किए गए।
डॉ. कुसुम चंद्रा संरक्षक व आलोक कपूर वरिष्ठ सलाहकार घोषित किए गए। खत्री मुकुंदलाल टंडन ने शपथ दिलाई। निशा चोपड़ा व कीर्ति मेहरा ने स्वागत गीत प्रस्तुत किए। इस दौरान विजय रमन सेठ, डॉ. अनुराग टंडन, सुनील मेहरोत्रा, विजय कपूर, विजय कक्कड़ आदि उपस्थित थे। 

जाट महासभा अध्यक्ष के खिलाफ अवमानना याचिका दायर


जाट महासभा अध्यक्ष के खिलाफ अवमानना याचिका दायर
(शैलेन्द्र)
जयपुर (साई)। राजस्थान के चर्चित दारा सिंह एनकाउंटर मामले में भाजपा नेता और पूर्व मंत्री राजेंद्र राठौड़ को अधीनस्थ अदालत द्वारा आरोप मुक्त करने के फैसले पर टिप्पणी करने और हाईकोर्ट के जजों पर आरोप लगाने के मामले में राजस्थान जाट महासभा के अध्यक्ष राजाराम मील सहित तीन के खिलाफ हाईकोर्ट में अवमानना याचिका दायर हुई।
अधिवक्ता शैफाली शर्मा की ओर से दायर याचिका में दारा सिंह की पत्नी सुशीला देवी और दारा के भाई शीशराम को भी पक्षकार बनाया है। याचिका पर सुनवाई बुधवार को होगी। याचिका में कहा कि एक प्रेसवार्ता में राजाराम मील ने राठौड़ के आरोप मुक्त होने पर न्यायपालिका पर भी अंगुली उठाते हुए कहा कि इसमें हाईकोर्ट जजों की भी महलवपूर्ण भूमिका है।
मील ने सीबीआई पर भी मामले में मिलीभगत का आरोप लगाया। याचिका में कहा कि अदालत के फैसले पर टिप्पणी कराना गलत है और यह अदालत की अवमानना है, लिहाजा मील सहित अन्य लोगों के खिलाफ अवमानना की कार्रवाई की जाए।

2016 तक राज्य के सभी दफ्तर होंगे पेपरलेस


2016 तक राज्य के सभी दफ्तर होंगे पेपरलेस
(प्रतिभा सिंह)
पटना (साई)। शिक्षा प्रतिनिधि रू बिहार के सचिवालय सहायकों, पर्यवेक्षकीय संवर्गाे एवं समूह श्गश् के कर्मियों की कम्प्यूटर सक्षमता हेतु प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्घाटन सूबे के विज्ञान एवं अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री शाहिद अली खान ने किया। राजधानी के पाटलिपुत्र अशोक होटल में आयोजित कार्यक्रम को संबोधत करते हुए उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि 2016 तक राज्य सरकार के सभी दफ्तर ‘पेपरलेस‘ हो जायें।
उन्होंने कहा कि इसके लिए हम प्रयासरत हैं। उन्होंने कहा कि भले ही राज्य में आइटी विभाग 2007 से शुरू हुआ हो, कम समय में ही इसने सूचना प्रौद्योगिकी के प्रचार-प्रसार में काफी काम किया है। उन्होंने कहा कि सूबे में इस बात पर जोर दिया जा रहा है कि अगर आप कम्प्यूटर नहीं जानते हैं तो श्साक्षरश् नहीं हैं। उन्होंने कहा कि अब मदरसे के छात्र भी कम्प्यूटर के माध्यम से देश-दुनिया को जान रहे हैं।
इससे पूर्व एनआइएलआइटी के क्षेत्रीय निदेशक एचपी शुक्ला ने संस्था के कार्यकलापों एवं उपलब्धियों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने सूबे के विभिन्न जिलों में कम्प्यूटर प्रशिक्षण एवं साक्षरता के चलाये गए कार्यक्रमों की जानकारी दी व आगामी योजनाओं के बारे में बताया।
सूचना एवं प्रावैधिकी विभाग के प्रधान सचिव अरुण कुमार सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि आइटी एक क्रांति है व आज विदेश में देश की प्रतिष्ठा एवं साख में इसका बड़ा योगदान है। उन्होंने बताया कि सूबे की सरकार इस बात के लिए प्रयासरत है कि आइटी के माध्यम से कैसे शासन में सुधार लाया जाये।
इस अवसर पर संयुक्त सचिव, सामान्य प्रशसन विभाग अजय कुमार चौधरी ने कहा कि अब कम्प्यूटर का युग है। अगर इसमें साक्षर नहीं हैं तो दूसरों पर निर्भर रहेंगे। उन्होंने लोगों से आह्वान किया कि प्रशिक्षण कार्यक्रम में दाखिला लें, परीक्षा दें व सर्टिफिकेट पायें। 

नक्सलियों के लिए पनाहगार बना शिव का राज


नक्सलियों के लिए पनाहगार बना शिव का राज

(विनोद उपाध्याय)

बालाघाट (साई)। छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश में वारदात करने के बाद पुलिस कार्रवाई से बचने के लिए नक्सली मप्र को पनाहगाह बना रहे हैं। जिसके कारण पहले से ही नक्सल प्रभाव से ग्रस्त मंडला, बालाघाट, सीधी, शहडोल, उमरिया जिलों में नक्सलियों की घुसपैठ बढ़ रही है। प्रदेश का बालाघाट जिला तो नक्सलियों का लालगढ़ बनता नजर आ रहा है। मप्र के लिए यह चिंता का सबब बन गया है। जिसके चलते मप्र की खुफिया एजेंसियों की जिम्मेदारियां बढ़ गई हैं। अगर समय रहते नक्सलियों की गतिविधियों पर अंकुश नहीं लगाया गया तो प्रदेश में कोई बड़ी वारदात हो सकती है।
बालाघाट जिले में पिछले 20 सालों में नक्सलियों द्वारा अलग-अलग क्षेत्रों में की गई वारदातों में 81 लोगों की मौत हुई है। वहीं पुलिस मुठभेड़ में 14 नक्सली मारे गए हैं, जबकि 111 नक्सली गिरफ्तार हुए हैं। नक्सलियों ने वर्ष 1999 में कैबिनेट मंत्री लिखीराम कावरे की हत्या भी की थी। जिले में प्रारंभ में मुख्य रूप से संजू उर्फ संजय के नेतृत्व में मलाजखंड दलम, सगन उर्फ जमुना बाई के नेतृत्व में टाडा दलम और दिलीप गुहा के नेतृत्व में बालाघाट गुरिल्ला रकवा दलम ज्यादा सक्रिय था। वहीं देवरी दलम, दड़ेकसा दलम, जाब दलम, कोरची दलम, कुरखेरा दलम,खोब्रामेटा दलम और प्लाटून दलम सहयोगी थे। तीन मुख्य दलम और 7 सहयोगी दलम के साथ नक्सलियों ने जिले में अपनी सक्रियता बढ़ाई थी। बालाघाट के पुलिस अधीक्षक सचिन अतुलकर भी मानते हैं कि पुलिस ने नक्सलियों की सक्रियता को देखते हुए जिले में अपने सर्चिंग आपरेशन को तेज कर दिया है। नक्सल प्रभावित बैहर, लांजी और परसवाड़ा क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों की सुरक्षा बढ़ाई दी गई है।
पिछले 2-3 माह में इस इलाके में नक्सली सक्रियता बढ़ी है। फिलहाल यहां तीन ग्रुप में नक्सलियों की संख्या 100 के आसपास है। लेकिन उन्हें खदेडऩे और अंकुश लगाने के लिए पुलिस पूरी तरह से मुस्तैद है। जानकारों के अनुसार नक्सलियों ने जिले में छत्तीसगढ़ राज्य के राजनांदगांव जिले और महाराष्ट्र राज्य के भंडारा जिले से प्रवेश किया था। आज भी नक्सलियों का इन्हीं सीमावर्ती क्षेत्रों से आगमन होता है। नक्सली मुख्य रूप से घने जंगलों और आदिवासी अंचलों में रहने के लिए अपना स्थान ढूंढते हैं। इतना ही नहीं नक्सली आशियाना तलाशने से पूर्व उस क्षेत्र में कमजोर यातायात व्यवस्था, दूरसंचार सहित अन्य व्यवस्थाओं का जायजा लेते हैं।
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार 5 जनवरी 1990 को नक्सलियों ने जिले में अपनी दस्तक दी थी। नक्सली महाराष्ट्र राज्य के सालेकसा थाना अंतर्गत अदारी गांव से जिले के सीमावर्ती ग्राम मुरकुट्टा में पहुंचे थे। आजाद उइके के नेतृत्व में 9 सशस्त्र नक्सलियों ने जिले में प्रवेश किया था। इसके बाद से ही नक्सलियों की गतिविधि बढ़ी थी। सूचना मिलने पर जब पुलिस ने ग्राम मुरकुट्टा में घेराबंदी कर उन्हें पकडऩे की कोशिश की तब नक्सलियों ने पुलिस पार्टी पर फायर किया और अंधेरे का फायदा उठाकर जंगल की ओर भाग गए। हालांकि इस घटना में कोई जनहानि नहीं हुई थी। अलबत्ता पुलिस ने इस मुठभेड़ के बाद 12 बोर की रॉयफल, देशी कट्टा, 30 बुलैट, 303 रॉयफल के 40 बुलैट, टार्च, ब्लैंकेट और दैनिक उपयोग की सामग्री सहित अन्य सामान बरामद किए थे।

दबदबा बनाने पीडब्ल्यूजी हुआ सक्रिय
बालाघाट में वर्चस्व गंवा चुके नक्सली संगठन पीपुल्स वार ग्रुप (पीडब्ल्यूजी) ने दोबारा अपना दबदबा बनाने के लिए गोपनीय तरीके से एक बड़ी योजना पर काम करना शुरू कर दिया है। पुलिस सूत्रों ने बताया कि नक्सलियों ने इस जिले को अपनी दमदार मौजूदगी वाले महाराष्ट्र के गढ़चिरौली डिवीजन में शामिल कर अपने पुराने तीनों दलम मलाज खंड, परसवाड़ा और टांडा की गतिविधियां तेज कर दी है। नक्सलियों की योजना छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र  की सीमा से लगे बालाघाट जिले को अपना डिवीजनल मुख्यालय बनाकर इसे पश्चिम बंगाल के लालगढ़ के अभेद्य दुर्ग की तरह बनाने की तैयारी है।
बालाघाट में पिछले कुछ सालों में नक्सलियों के केवल एक दलम मलाजखंड की सक्रियता देखी गई है। इसमें नक्सलियों की संख्या आमतौर पर 14 या 15 ही रही है। जबकि यहां पूर्व में सक्रिय रहे परसवाड़ा और टांडा दलम की यहां मौजूदगी न के बराबर ही बची थी। लेकिन पिछले कुछ माह से यहां नक्सलियों के चार-पांच ग्रुपों के मौजूद होने की खबरें पुलिस को मिल रही हैं। इन ग्रुपों ने लांजी और पझर थाना क्षेत्र बल्कि भरवेली, हट्टा, बैहर, किरनापुर और बालाघाट के ग्रामीण थाना क्षेत्रों में भी मूवमेंट बढ़ा दी है। पुलिस मुठभेड़ में एक महिला नक्सली के मारे जाने के बाद अधिकारियों ने सभी थाने और चौकियों को जवाबी कार्रवाई की संभावनाओं को देखते हुए अलर्ट जारी किया है। साथ ही पुलिस को नक्सल क्षेत्रों में सर्चिंग के दौरान एहतियात बरतने की हिदायत दी है। इसके अलावा भी केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ), कोबरा और राज्य सशस्त्र बल (एसएएफ) जैसे बलों के अधिकारियों को भी आवश्यक सावधानी बरतने के निर्देश जारी किए गए हैं।

नक्सली वारदात
नक्सलियों ने वर्ष 1999 में प्रदेश के कैबिनेट मंत्री लिखीराम कावरे की हत्या उनके गृह ग्राम सोनपुरी में ही की थी। नक्सलियों ने अब तक 36 पुलिस जवानों व अधिकारियों, 4 शासकीय कर्मचारी, 40 आम आदमियों को मौत के घाट उतारा है। वहीं पुलिस के साथ हुई नक्सली मुठभेड़ में 20 वर्षों में केवल 13 ही नक्सली मारे गए हैं जबकि 110 नक्सली गिरफ्तार हुए हैं। गुरिल्ला स्क्वॉड फिर सक्रिय हो गया है। पिछले पांच माह में दो बार पुलिस व नक्सलियों के बीच मुठभेड़ हुई जबकि लगभग 3 बार पुलिस ने नक्सली विस्फोटक बरामद किया। लेकिन बीते 25 दिनों में पुलिस सतर्कता के बीच कोठिया टोला व बिठली में अडोरी कोरका में निर्माण कार्य बंद कराया है। वहीं पुलिस ने एक नक्सली सहयोगी को सोनेवानी निवासी अमर सिंह भलावी को 18 मई को गिरफ्तार किया था व 26 मई को नक्सलियों व पुलिस में मुठभेड़ में एक महिला नक्सली पुलिस की गोली का शिकार हो गई।

फर्नीचर दुकान से शास्त्री वार्डवासी परेशान


फर्नीचर दुकान से शास्त्री वार्डवासी परेशान

एस.डी.एम.न्‍यायालय के आदेश की अवहेलना

कोलाहल व बुरादे से लागों का जीना मुहाल

(अखिलेश दुबे)


सिवनी (साई)। जिले में प्रशासन की उदासीनता और ढुलमुल कायर््ाप्रणाली के चलते सरकारी आदेश की धज्जिय्ाां किस तरह उडाई जा रही हैं इस बात अंदाजा इसी से लगाय्ाा जा सकता है कि न्य्ााय्ाालय्ा अनुविभागीय्ा दण्डाधिकारी के आदेश को भी दरकिनार कर अपने कायर््ा को खुले आम अंजाम दिय्ाा जा रहा है। इस दुकान से महज सौ मीटर की परिधि में विधायक श्रीमति नीता पटेरिया, कमल मस्कोले, हरवंश सिंह, पूर्व विधायक डॉ.ढाल सिंह बिसेन, नरेश दिवाकर, टक्कन सिंह मरकाम सहित विधानसभा प्रत्याशी रहे आशुतोष वर्मा, राजकुमार खुराना और प्रसन्न चंद मालू का निवास है।
जी हाँ अपर बेनगंगा कालोनी रोड स्थित शास्त्र्ाी वार्ड क्रं . 4 बारापत्थर में जहां पर रिहाय्ासी इलाके के बीच स्थित फर्नीचर की दुकान के कोलाहल से आसपडोस के लोग काफी परेशान हो रहे हैं, जहां काम कारीगरों, कारपेंटरों के हाथों से होना चाहिए वहां मशीन के उपय्ाोग से लकडी की छिलाई, कटाई व चिराई खुलेआम दिनरात हो रही है बीच मोहल्ले में स्थित इस फर्नीचर दुकान से निकलने वाली ध्वनि व बुरादे से आसपास पडोस के लोग तथा वहां से गुजरने वाले लोग खासे परेशान हो रहे हैं बार बार दुकान के संचालक को कहने के बाबजूद भी अपनी दादागिरी व दुकान मालिक के नाम का डर बताकर उक्त दुकान का संचालन बेखौफ किय्ाा जा रहा है। एस.डी.एम. न्य्ााय्ाालय्ा के आदेश अवहेलना करते हुय्ो फर्नीचर दुकान के संचालक द्वारा सुबह से देर रात तक ग्राइंडर मशीन, खरात मशीन, मिनी आरा मशीन के कान फोडू कोलाहल से आसपास के लागों का जीना मुहाल हो रहा है, फर्नीचर दुकान की इन मशीनों से निकलने वाली बारीक डस्ट से लोगों के स्वास्थ्य्ा पर बुरा प्रभाव पड रहा है।
ज्ञातव्य है कि उक्त फर्नीचर दुकान के संबध में पूर्व में भी वार्ड वासिय्ाों द्वारा अनेकों बार शिकाय्ातें दर्ज की जा चुकी हैं परन्तु उक्त दुकान के संचालक द्वारा स्थान बदल कर अपने धंधे को ठीक उसी तरह से अंजाम दिय्ाा जा रहा है जिससे आसपडोस के लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड रहा है। विश्वस्त सूत्र्ा बताते हैं कि उक्त दुकान के संचालक  के पास ना तो लाइसेंस है और ना ही वन संपदा को स्टाक रखने के कागजात फिर भी वन विभाग के अधिकारिय्ाों और कर्मचारिय्ाों से अपने खास संबंध को बताकर मेरा कौन क्य्ाा कर लेगा की बात कहते हुय्ो आय्ो दिन नम्बर दो का माल य्ाहां पहुंचता है तथा उक्त मशीन से कटाई, छिलाई होने के पश्चात माल क ो ठिकाने लगा दिय्ाा जाता है। उक्त फर्नीचर दुकान का मामला पूर्व में न्य्ााय्ाालय्ा अनुविभागीय्ा दण्डाधिकारी के समक्ष पहुंच चुका है जहां से दिनांक 02/फरवरी/2011 को पारित आदेश को अगर देेेखा जाय्ा तो स्पष्ट हो जाता है कि इस तरह की फर्नीचर दुकानांे को रिहाय्ाशी इलाकों से दूर होना चाहिए। रिहाय्ाशी इलाकों में इस तरह की फर्नीचर दुकानों का संचालन द.प्र.सं.1973 की धारा 133 जा.फौ. तथा म.प्र. विधि संहिता की धारा तीन की कंडिका (22) के अंतर्गत पब्लिक न्य्ाूसेंस की श्रेणी मेें आता है। परन्तु जंहा प्रशासन ही सुस्त हो, जनप्रतिनिधि ही उदासीन हों तो वहां न्य्ााय्ाालय्ा तक के आदेश की इसी तरह से धज्जिय्ाां उडती रहें

मंगलवार, 5 जून 2012

जीओएम भोपाल में

जीओएम भोपाल में 

(नन्‍द किशोर)

भोपाल (साई)। मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने आज स्टेट हेंगर पर केन्द्रीय गृह मंत्री श्री पी. चिदम्बरम सहित भोपाल गैस त्रासदी के मामलों के लिए केन्द्र सरकार द्वारा गठित ग्रुप ऑफ मिनिस्टर्स के सदस्य केन्द्रीय विधि एवं न्याय मंत्री श्री सलमान खुर्शीद तथा केन्द्रीय कार्मिक, जन शिकायत एवं पेंशन राज्य मंत्री श्री नारायण सामी के एक दिवसीय प्रवास पर भोपाल पहुँचने पर पुष्प-गुच्छ भेंट कर स्वागत किया। केन्द्रीय मंत्रियों की अगवानी करने वालों में भोपाल गैस त्रासदी, राहत एवं पुनर्वास मंत्री श्री बाबूलाल गौर, पर्यावरण मंत्री श्री जयंत मलैया, गृह मंत्री श्री उमाशंकर गुप्ता, पूर्व विधायक श्री पी.सी. शर्मा आदि भी शामिल थे।
इस अवसर पर प्रमुख सचिव भोपाल गैस त्रासदी, राहत एवं पुनर्वास श्री प्रवीर कृष्ण एवं आयुक्त श्री एम.के. वार्ष्णेय के अलावा जन-प्रतिनिधि एवं वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित थे।
केन्द्रीय गृह मंत्री श्री पी. चिदम्बरम तथा ग्रुप ऑफ मिनिस्टर्स के सदस्य केन्द्रीय विधि एवं न्याय मंत्री श्री सलमान खुर्शीद तथा केन्द्रीय कार्मिक, जन शिकायत एवं पेंशन राज्य मंत्री श्री नारायण सामी ने अपने भोपाल प्रवास के दौरान आज भोपाल गैस त्रासदी के पीड़ितों के उपचार के लिए बनाए गए भोपाल मेमोरियल हास्पिटल एवं रिसर्च सेन्टर का भ्रमण कर वहाँ की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस अवसर पर प्रदेश के भोपाल गैस त्रासदी, राहत एवं पुनर्वास मंत्री श्री बाबूलाल गौर, पूर्व विधायक श्री पी.सी. शर्मा एवं अधिकारी उपस्थित थे।
केन्द्रीय मंत्री श्री चिदम्बरम, श्री खुर्शीद एवं श्री नारायण सामी तथा मंत्री श्री गौर ने सबसे पहले हास्पिटल परिसर में भोपाल गैस त्रासदी के मृतकों की याद में बनाए गए स्मारक पर पुष्प-चक्र अर्पित कर अपनी श्रद्धाँजलि अर्पित की। उन्होंने हास्पिटल की तीसरी मंजिल पर स्थित सी.सी.यू. एवं आई.सी.यू., प्रथम मंजिल स्थित पल्मोनरी मेडीकल वार्ड तथा भू-तल पर स्थित नेत्र रोग वार्ड का भ्रमण कर वहाँ की व्यवस्थाओं को देखा तथा भर्ती मरीजों से चर्चा कर उनके उपचार की जानकारी ली।
प्रारंभ में हास्पिटल के प्रबंधन की ओर से बिग्रेडियर डॉ. के.के. कोडार ने ग्रुप ऑफ मिनिस्टर्स को अस्पताल के बारे में जानकारी दी। विभिन्न स्वयंसेवी संगठन के पदाधिकारियों ने केन्द्रीय मंत्रियों को अपने मांग-पत्र भी सौंपे।

पूरे प्रदेश में पात्र गुरुजियों की नियुक्ति प्रक्रिया प्रारंभ

पूरे प्रदेश में पात्र गुरुजियों की नियुक्ति प्रक्रिया प्रारंभ

(ब्‍यूरो कार्यालय) 

भोपाल (साई)।द्वितीय गुरुजी पात्रता परीक्षा में उत्तीर्ण घोषित अभ्यार्थियों की नियुक्ति की कार्यवाही आज से संबंधित जिलों में जिला-स्तरीय समिति द्वारा प्रारंभ कर दी गयी है।
व्यावसायिक परीक्षा मण्डल द्वारा आयोजित द्वितीय गुरुजी पात्रता परीक्षा में उत्तीर्ण अभ्यार्थियों के आवेदन-पत्रों की छानबीन जिला-स्तरीय समिति द्वारा 5 से 15 जून, 2012 तक की जायेगी। अंनतिम सूची जिला कार्यालयों के सूचना-पटल पर 16 जून को प्रदर्शित की जायेगी।
अंनतिम सूची के संबंध में आपत्तियाँ 17 से 27 जून तक संबंधित जिला कार्यालयों में प्राप्त की जायेंगी। जिला-स्तरीय समिति द्वारा 28 जून से 7 जुलाई तक प्राप्त आपत्तियों का निराकरण कर 9 जुलाई तक जिला कलेक्टर से अंतिम सूची पर अनुमोदन प्राप्त किया जाएगा। नियुक्ति हेतु अंतिम सूची 10 जुलाई को जारी की जायेगी।
जिला कार्यालयों को निर्देश दिए गए हैं कि वे सम्पूर्ण कार्यवाही निर्धारित समय-सारिणी में अनिवार्यतः करें।

मंत्रालय सेवा के छह शासकीय सेवक सेवानिवृत्त

मंत्रालय सेवा के छह शासकीय सेवक सेवानिवृत्त
(विनोद कुमार)
भोपाल (साई) ।छह शासकीय सेवकों को सेवानिवृत्त होने पर आज मंत्रालय में समारोहपूर्वक विदाई दी गई। उप सचिव, सामान्य प्रशासन श्री बी.आर. विश्वकर्मा ने सेवानिवृत्त अधिकारियों, कर्मचारियों को शुभकामनाएं दीं। कार्यक्रम का संचालन अवर सचिव (अधीक्षण) सामान्य प्रशासन सुश्री भारती ओगरे और आभार प्रदर्शन श्री अशोक पुरकाम ने किया। इस अवसर पर मंत्रालय कर्मचारी संघ के अध्यक्ष श्री सुधीर नायक, भारतीय स्टेट बैंक की मंत्रालय शाखा के प्रबंधक श्री पी.एल. कोरी उपस्थित थे।
सेवानिवृत्त होने वालों में अवर सचिव श्री टी.जी. पाथरकर, श्री एस.के. राजुरकर, अनुभाग अधिकारी श्रीमती जयश्री नीरद, सहायक ग्रेड-एक श्रीमती शकुन्तला सक्सेना, श्रीमती कमला और सहायक ग्रेड-2 श्री आर.के. खरे शामिल हैं। इन सभी को उनके स्वत्वों का भी भुगतान किया गया।

व्यापारी बाबा के चरणों में कारोबारी गडकरी

व्यापारी बाबा के चरणों में कारोबारी गडकरी

आखिरकार तो सब कुछ व्यापार ही होता है. राजनीति करनेवाले नितिन गडकरी भी यही मानते हैं और बाबा रामदेव भी इसी मत पंथ के हैं. ऐसे में सोमवार को अनशन के बिहान जब बाबा रामदेव भाजपा अध्यक्ष नितिन गडकरी के पास पहुंचे तो अधीर गड़करी "सन्यासी" रामदेव के चरणों में उतरने से अपने आपको रोक नहीं पाये. बाद में मीडिया में मुद्दा उछला तो सफाई दे दी कि हमारे यहां सन्यासियों का पैर छूकर आशिर्वाद लिया जाता है तो हमने अपनी संस्कृति का पालन किया है. बस.
नितिन गडकरी ऐसे राजनीतिक प्राणी हैं जो राजनीति का इस्तेमाल कारोबार बढ़ाने में करते हैं. महाराष्ट्र के पूर्ति समूह के अध्यक्ष नितिन गडकरी ने जब अपनी राजनीतिक यात्रा पर किताब लिखी तो पूर्ति समूह के बारे में ज्यादा बताया और साथ में कभी कभी दिया अपना भाषण भी बीच में ठेल दिया. बताते हैं कि पूर्ति समूह का कारोबार हजारों करोड़ में है और वे राजनीतिक कार्यकर्ताओं को व्यावसायिक संभावनाओं से भरे सेल्समैन के रूप में देखते हैं.
कुछ कुछ ऐसी ही कहानी बाबा रामदेव की है. बाबा रामदेव भी विशुद्ध व्यापारी हैं बस बाना संन्यासी का है. अगर अनुमान के अनुसार नितिन गडकरी हजारों करोड़ के कारोबारी हैं तो बाबा रामदेव भी क्या हजार करोड़ से कम के आसामी हैं. आयुर्वेदिक दवाईंयां, चटनी, अचार, बिन्दी लाली क्या ऐसी चीज है जो रामदेव की फैक्टरी में तैयार नहीं होता है. अब अगर सन्यासी का मतलब यही होता है कि उसके पास कई सौ करोड़ का कोराबार भी होना चाहिए तो निश्चित रूप से नितिन गडकरी ने महान भारतीय परंपरा का पालन किया है.
दोनों की मुलाकात नितिन गडकरी के घर पर सुबह ही हुई थी. दोनों आज मिलेंगे इसकी घोषणा कल ही बाबा रामदेव ने कर दी थी. गेट के बाहर चरणवंदना के इस संक्षिप्त कार्यक्रम के बाद दोनों अंदर चले गये और कालेधन को सफेद बनाने की योजनाओं पर विचार विमर्श करने लगे. कारोबारियों से ज्यादा काला सफेद धन के बारे में कौन जान सकता है, इसलिए इन दोनों की कालेधन के मुद्दे पर मुलाकात और एक दूसरे से मुलाकात अनावश्यक तो बिल्कुल नहीं है. वैसे भी रामदेव लाल आडवाणी के भी चहेते हैं और आडवाणी जी को इन्हीं रामदेव और परमार्थ निकेतन के मैनेजरनुमा भ्रष्ट चिदानंद ही महान संन्यासी नजर आते हैं. इसलिए जब आडवाणी की अवस्था यह है तो गड़करी के बारे में कल्पना ही की जा सकती है.
खैर, दोनों व्यापारियों की इस सौहार्दपूर्ण मुलाकात के बीच क्या चर्चा हुई यह तो सार्वजनिक नहीं हुआ लेकिन इतना तो तय है कि भाजपा पहले भी रामदेव में राजनीतिक संभावना देख रही थी और अब भी देख रही है. रामदेव कल भी भाजपा से राजनीतिक संरक्षण चाहते थे और आज भी चाहते हैं. चलिए, इस मुलाकात के बाद कम से कम दिग्विजय सिंह को यह कहने का मौका नहीं मिलेगा कि बाबा चोरी छिपे आरएसएस के एजंट के बतौर काम कर रहे हैं. अब जो कुछ है वह सब खुल्लम खुल्ला है.

मृगनयनी विपणन सेवा के ई-टेण्डर पोर्टल का लोकार्पण

मृगनयनी विपणन सेवा के ई-टेण्डर पोर्टल का लोकार्पण
 
(प्रदीप आर्य)

भोपाल (साई)। मृगनयनी विपणन सेवा के ई-टेण्डरिंग सिस्टम का लोकार्पण म.प्र. लघु उद्योग निगम के अध्यक्ष श्री अखण्ड प्रताप सिंह द्वारा भोपाल में किया गया। इस पोर्टल द्वारा प्रदेश भर की इकाइयों को लाभ प्राप्त हो सकेगा। उल्लेखनीय है कि मध्य प्रदेश लघु उद्योग निगम द्वारा संचालित विभिन्न मृगनयनी म.प्र. एम्पोरियमों के क्षेत्र में आनेवाले विभिन्न शासकीय विभागों एवं संस्थानों द्वारा विभिन्न प्रकार की वस्तुओं के क्रय की कार्यवाही की जाती है, छोटी-छोटी वस्तुओं की आवश्यकता स्थानीय मांग के अनुरूप प्राप्त होती है। इस प्रकार की मांग की पूर्ति हेतु निगम में संचालक मण्डल द्वारा अनुमोदित एक क्रय व्यवस्था पूर्व से ही लागू है, जिसे मृगनयनी विपणन सेवा के नाम से प्रदेश के विभिन्न एम्पोरियमों में चलाया जा रहा है। इस विपणन सेवा के माध्यम से प्रदेश भर की स्थानीय सूक्ष्म एवं लघु उद्योग इकाइयां सामग्री की प्रतिपूर्ति स्थानीय कार्यालयों में उनकी मांग के विरूद्ध इस व्यवस्था के अंतर्गत करते रहे हैं।
इस व्यवस्था के अंतर्गत दरों का निर्धारण आवश्यक पारदर्शी प्रक्रिया के द्वारा किये जाने को दृष्टिगत रखते हुए राज्य शासन के निर्देशों के अनुरूप मध्य प्रदेश लघु उद्योग निगम द्वारा इसे ई-टेण्डरिंग के माध्यम से लागू किये जाने का निर्णय लिया गया। इस प्रक्रिया के अंतर्गत निगम के वेब पोर्टल ूूूण्उचसनदण्वतह पर मृगनयनी विपणन सेवा के अंतर्गत प्रदेश भर की इकाइयों को पंजीकरण का कार्य प्रारम्भ किया जावेगा। इस हेतु पृथक से टेण्डर पोर्टल तैयार किया जाकर निगम के मुख्य वेब पोर्टल के साथ सम्बद्ध कर दिया गया है। इस वेब पोर्टल का लोकार्पण निगम के अध्यक्ष श्री अखण्ड प्रताप सिंह द्वारा पंचानन भवन, छठवे तल पर स्थित सभागार में किया गया। इस अवसर पर निगम के सभी वरिष्ठ अधिकारी एवं मृगनयनी विपणन सेवा से जुड़े हुए मृगनयनी म.प्र. एम्पोरियमों के प्रभारियों के साथ साथ मृगनयनी विपणन सेवा से जुड़े हुए प्रदेश भर के उद्यमी उपस्थित थे।
ई-टेण्डरिंग पोर्टल के शुभारम्भ के अवसर पर एम्पोरियम विभाग के मुख्य महाप्रबंधक श्री आर.पी. सिंह द्वारा पोर्टल के संबंध में एवं इसकी पृष्ठभूमि का उल्लेख करते हुए इसे लघु उद्यमियों के लिए लाभदायक बताया। इस अवसर पर निगम के अध्यक्ष श्री अखण्ड प्रताप सिंह द्वार सम्बोधित करते हुए ई-टेण्डर पोर्टल की सराहना की गई एवं निविदा प्रक्रिया में अधिकाधिक पारदर्शिता बरते जाने की प्रशंसा करते हुए उपस्थित उद्यमियों को ई-पोर्टल के माध्यम से ही अपनी निविदायें प्रस्तुत करने एवं अधिकाधिक पंजीयन करने का सुझाव दिया गया।
चर्चा के दौरान अवगत कराया गया कि मृगनयनी विपणन सेवा की ई-टेण्डरिंग प्रक्रिया के अंतर्गत प्रदेश के उद्यमियों को प्रदाय की जानेवाली सामग्री की कैटगरी में एक बार अपना पंजीयन कराना होगा और आगामी सभी निविदाओं की सूचना उन्हें ई-मेल तथा पंजीकृत मोबाईल नम्बर पर एस.एम.एस. के द्वारा दी जावेगी। इस प्रकार निविदा सूचना को पंजीकृत उद्यमियों के मध्य अत्यन्त पारदर्शी रूप में प्रसारित किया जा सकेगा। इस अवसर पर टेण्डर पोर्टल डव्हलप करनेवाली संस्था के प्रतिनिधि श्री देव चटर्जी द्वारा बताया गया कि टेण्डर पोर्टल में निर्माण में अत्याधुनिक टेक्नॉलॉजी एवं सुरक्षा के मानदण्डों का उपयोग किया गया है। इस टेण्डर पोर्टल को संचालित करने हेतु पृथक से किसी प्रकार की एजेंसी की आवश्यकता नहीं होगी एवं एम्पोरियम प्रभारियों द्वारा ही इसका संचालन किया जा सकेगा। इस प्रकार इस टेण्डर पोर्टल पर सभी प्रकार से निगम का नियंत्रण एवं आधिपत्य होगा और निरंतर व्यय की भी आवश्यकता नहीं होगी।
कार्यक्रम के दौरान प्रदेश भर से आये हुए उद्यमियों को निविदा भरे जाने एवं ऑनलाईन पंजीयन करने इत्यादि हेतु प्रशिक्षण दिया गया ताकि वे अपने स्तर से अपनी इकाई का पंजीयन एवं निविदा भरने का कार्य बिना किसी तकनीकी सहायता के स्वयं कर सकें। इसके साथ ही टेण्डर पोर्टल का उपयोग करने के संबंध में निगम के संबंधित प्रभारी अधिकारियों को भी प्रशिक्षण दिया जाकर पोर्टल पर निविदा जारी करने, पंजीयन स्वीकार करने एवं प्राप्त दरों के तुलनात्मक दर पत्रक के आधार दर निर्धारण की कार्यवाही करने का प्रशिक्षण दिया गया। मृगनयनी विपणन सेवा के ई-टेण्डर पोर्टल के समापन के अवसर पर डॉ. बी.एम. सिंह, मुख्य महाप्रबंधक (तकनीकी) श्री राकेश तिवारी, मुख्य महाप्रबंधक (विपणन), श्री पीयूष माथुर, मुख्य महाप्रबंधक (वित्त एवं लेखा) तथा इंदौर के क्षेत्रीय उप मुख्य महाप्रबंधक डॉ. बी.डी. हेड़ा उपस्थित थे।

एनबीईक्यूएफ के पायलट में मध्यप्रदेश को भी शामिल करें: शर्मा

एनबीईक्यूएफ के पायलट में मध्यप्रदेश को भी शामिल करें: शर्मा

(संध्या)

नई दिल्ली (साई)। उच्च शिक्षा एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री श्री लक्ष्मीकान्त शर्मा ने नई दिल्ली में हुए राज्यों के शिक्षा मंत्रियों के सम्मेलन में कहा कि इंजीनियरिंग कॉलेज के लिए संयुक्त प्रवेश परीक्षा (जे.ई.ई.) पर सहमति व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि जे.ई.ई. के आधार पर काउंसलिंग में दो चरण के बाद यदि जे.ई.ई. स्कोरधारी नहीं मिलते हैं तो अर्हताकारी परीक्षा के प्राप्तांकों की मेरिट के आधार पर राज्य सरकार द्वारा प्रवेश दिये जा सकने का विकल्प दिया जाना चाहिये। उन्होंने प्रथम चरण में ही अवधेश प्रताप सिंह विश्वविद्यालय रीवा एवं बरकतउल्ला विश्वविद्यालय भोपाल में संचालित बी.एड. संकाय का उन्नयन इंस्टीट्यूट ऑफ एडवांस्ड स्टडीज इन एजुकेशन में किये जाने का आग्रह किया। सम्मेलन की अध्यक्षता केन्द्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री श्री कपिल सिब्बल ने की।
श्री शर्मा ने कहा कि नेशनल वोकेशनल एजुकेशन क्वालिफिकेशन फ्रेमवर्क के पायलट प्रोजेक्ट में मध्यप्रदेश को शामिल किया जाय। उन्होंने कहा कि महाविद्यालयों में भेदभाव की रोकथाम के लिए यू.जी.सी. विनिमय और लोकपाल की स्थापना के पहले राज्यों से व्यापक विचार-विमर्श किया जाय जिससे लोकपाल की अवधारणा को बेहतर ढंग से क्रियान्वित किया जा सके। उन्होंने शिक्षण संस्थानों में लेखा मानकों के क्रियान्वयन की सराहना करते हुए कहा कि इसके लिए राज्य सरकार को पर्याप्त संसाधन उपलब्ध करवाए जाये।
उच्च शिक्षा मंत्री ने छतरपुर में छत्रपाल विश्वविद्यालय की अनुमति अभी तक नहीं मिलने पर केन्द्रीय मंत्री का ध्यान आकर्षित करते हुए अतिशीघ्र मंजूरी दिलाने का आग्रह किया। उन्होंने भोपाल में इनोवेटिव यूनिवर्सिटी और सिंगरौली में माइनिंग इंजीनियरिंग महाविद्यालय प्रारम्भ करने की अनुमति का भी अनुरोध किया। उच्च शिक्षा विभाग में 419 करोड़ तथा तकनीकी शिक्षा विभाग में 49.2 करोड़ की अनुदान राशि राज्य सरकार को उपलब्ध करवायी जाय ताकि प्राध्यापकांे को एरियर्स का भुगतान किया जा सके।
तकनीकी शिक्षा मंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश के इंजीनियरिंग महाविद्यालयों को दूसरी शिफ्ट में आई.टी.आई. संचालन तथा सभी पॉलीटेक्निक महाविद्यालयों में कम्युनिटी पॉलीटेक्निक योजना संचालित करने की अनुमति दी जाय। वर्तमान में यह 19 पॉलीटेक्निक महाविद्यालयों में संचालित है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की निरीक्षण रिपोर्ट के आधार पर ही केन्द्रीय परिषद द्वारा व्यावसायिक महाविद्यालय प्रारम्भ करने की अनुमति दी जाय। श्री शर्मा ने महाविद्यालयों के शिक्षकीय एवं गैर शिक्षकीय स्टाफ के आवासीय भवन निर्माण की योजना बनाने के लिये भी कहा। उन्होंने विदेश में चल रहे नवीन पाठ्यक्रमों को प्रदेश में भी चलाने की अनुमति दिये जाने पर जोर दिया।
सम्मेलन में श्री शर्मा ने बताया कि प्रदेश में आई.टी.आई. की प्रवेश क्षमता 27 हजार से बढ़ाकर एक लाख करने के साथ ही उत्तीर्ण विद्यार्थियों का नियोजन 50 प्रतिशत से बढ़ाकर 75 प्रतिशत किया जाएगा। प्रदेश की आई.टी.आई. में भी इस वर्ष से ऑन-लाइन प्रवेश दिया जाएगा। उन्होंने इंजीनियरिंग एवं पॉलिटेक्निक के अंतिम वर्ष में विद्यार्थियों को मल्टीनेशनल कम्पनियों की आवश्यकतानुरूप दक्षता में निखार लाने के लिए ’’फिनिशिंग स्कूल योजना’’ प्रारम्भ करने की भी जानकारी दी।
श्री शर्मा ने बातया कि राजीव गॉधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय द्वारा विद्यार्थियों को ट्रेनिंग एवं प्लेसमेंट की सुविधाएॅं उपलब्ध कराने के लिए कैरियर पोर्टल बनाया गया है। प्रदेश में हिन्दी भाषा से उच्च अध्ययन एवं शोध कार्य के लिए हिन्दी विश्वविद्यालय की स्थापना की गयी है।