सोमवार, 16 अप्रैल 2012

कर्जे से लदे किसान ने इहलीला समाप्त की


कर्जे से लदे किसान ने इहलीला समाप्त की

(आंचल झा)

कांकेर (साई)। कर्ज से लदे फदे एक किसान का क्षत विक्षत शव मिलने से क्षेत्र में सनसनी मच गई है। अनुमान लगाया जा रहा है कि उक्त किसान ने पहले आत्म हत्या की होगी फिर जंगली जानवरों ने उसके शरीर को अपना ग्रास बना लिया होगा। पुलिस ने मर्ग कायम कर घटना की विवेचना आरंभ कर दी है।
एक युवा किसान ने कर्ज से परेशान होकर फांसी लगा ली। नरहरपुर ब्लाक के ग्राम उमरादाह टिकरापारा के 35 साल के किसान विष्णुराम मंडावी पिता सूबेसिंह ने 8 अप्रैल की रात फांसी लगा ली। किसान घर से भोजन कर बाहर निकला था। दो दिनों बाद सुबह उसका शव पहाड़ी में खेत के पास मिला।
फांसी में लटके किसान के शव को जंगली जानवरों ने बुरी तरह नोचा और नीचे का हिस्सा भी खा लिया था। शनिवार को घटना की जानकारी होते ही जनप्रतिनिधि तथा प्रशासनिक अधिकारी दौड़े दौड़े किसान के घर पहुंचे। क्षेत्रीय विधायक ने किसान की मौत पर संवेदना व्यक्त करते हुए उसके परिवार को 50 हजार रुपए मदद के तौर पर देने की घोषणा की है।
शव को देखने से ऐसा लग रहा था कि उसे दूर से घसीट कर लाया गया है। जब ग्रामीण घसीटने के निशान की ओर आगे बढ़ा तो उन्हें पहाड़ी में एक कुसुम के पेड़ में रस्सी बंधी हुई मिली। घटना की सूचना पुलिस को दी गई। पुलिस ने आत्महत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू की। घटना की सूचना मिलते ही विधायक सुमित्रा मारकोले, जिला कांग्रेस का प्रतिनिधि मंडल के अलावा कलेक्टर एनके खाखा, एएसएपी सीडी टंडन के अलावा तहसीलदार नरहरपुर आदी किसान के घर पहुंचे तथा हालात से रूबरू हुए।
एक ओर कर्ज अदा करने चिंता ने किसान की जान ले ली वहीं दूसरी ओर मौत को गले लगाने के बाद जानवर ने शव की जो दुर्दशा की उसे देखकर किसी की भी रूह कांप जाए। जांच अधिकारी एसआई कांगे के अनुसार मौके पर मिली रस्सी, शरीर की लंबाई तथा फांसी के बाद शव के झूल कर नीचे आने से जमीन से उसकी ऊंचाई काफी कम हो गई थी।
हालात देखकर लग रहा था कि जानवर ने शव के कमर तक के हिस्से को नोच खाया था। शव का दाहिना पैर पूरी तरह गायब था तथा बाएं पैर की मात्र हड्डी ही थी। शव के नीचे आने के बाद जानवर ने रस्सी को काट अलग कर लिया तथा निकट के पहाड़ी के पत्थरों तक घसीटते ले गया। वहां कुछ हिस्सों को नोचने के बाद उसे पुनरू खेत तक घसीट लाया। जानवर ने कुल 25 गज तक शव को घसीटा। शव का पोस्ट मार्टम करवाया जा रहा है।
परिजनों के अनुसार किसान ने बोर के नाम पर लिए कर्ज को लेकर परेशान था। किसान ने खेत में बोर खनन कराने के नाम पर वर्ष 2007 में एसबीआई से 92 हजार रुपए का कर्ज लिया था। 70 वर्षीय सूबेसिंह मंडावी ने बताया विष्णु उसका इकलौता पुत्र था तथा उसके पास कुल 1.28 हेक्टेयर कृषि भूमि है जिसमें कृषि कर परिवार का भरण पोषण कर रहा था।
कर्ज राशि से उसने खेत में बोर कराया था लेकिन पर्याप्त पानी नहीं निकलने के कारण सिंचाई के अभाव में फसल प्रभावित हो रही थी जिससे वह कर्ज अदा नहीं कर पा रहा था। घटना के 20 दिन पहले विष्णु ने खेत में एक और बोर कराया था जो असफल हो गया। इसके बाद से वह कर्ज पटाने को लेकर चिंतित रहता था। पिता ने बताया उसके परिवार में अब बहू खोरिन के अलावा दो पोतियां 14 वर्षीय दीपिका तथा 12 वर्षीय राधिका है। अब परिवार के सामने जीवन यापन की समस्या खड़ी हो गई है।
किसान ने खेत में बोर खनन कराने के लिए वर्ष 2007 में एसबीआई से 92 हजार रुपए का कर्ज लिया था। विष्णु के पिता 70 वर्षीय सूबेसिंह ने बताया कि बोर से पर्याप्त पानी नहीं आने से सिंचाई नहीं हो पा रही थी। इस वजह से फसल भी नहीं हुई। हो रही थी जिससे वह कर्ज अदा नहीं कर पा रहा था।

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