पांच साल तक काबिज रह सकता है किराएदार
सुप्रीम कोर्ट ने दी नई व्यवस्था
नई दिल्ली (ब्यूरो)। यदि मकान मालिक और किराएदार के बीच हुए अनुबंध की शर्तों के हिसाब से किराए का नियमित भुगतान हो रहा हो तो मकान मालिक कम से कम पांच साल तक अपने किराएदार को बेदखल नहीं कर सकता है। उक्ताशय की व्यवस्था देश की सबसे बड़ी अदालत द्वारा दी गई है।
जस्टिस दीपक वर्मा और जस्टिस दलवरी भण्डारी ने एक प्रकरण की सुनवाई करते हुए कहा कि बजार दर पर निर्धारित किराए का भुगतान अगर किराएदार द्वारा समय समय पर किया जा रहा हो तो मकान मालिक को कम से कम पांच साल तक एसे किराएदार को बेदखल करने का कोई अधिकार नहीं है।

New Delhi Time









कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें