मोदी को अदालत की फटकार
(आनंद कुमार)
अहमदाबाद (साई)। गुजरात में २००२ गोधरा कांड के बाद हुए दंगों की जांच कर रहे विशेष जांच दल-एसआईटी ने अहमदाबाद में एक स्थानीय अदालत में अपनी अंतिम रिपोर्ट दाखिल कर दी है। प्राप्त जानकारी के अनुसार पिछले साल १२ सितम्बर को उच्चतम न्यायालय ने दंगों पर काबू पाने में मोदी सरकार की कथित निष्क्रियता पर कोई आदेश देने से इनकार कर दिया था और मजिस्ट्रेट अदालत पर यह जिम्मेदारी छोड़ दी थी कि वह एसआईटी की रिपोर्ट के आधार पर उनके खिलाफ कार्रवाई का फैसला लें।
कल गुजरात हाई कोर्ट द्वारा राज्य की नरेन्द्र मोदी सरकार को २००२ के साम्प्रदायिक दंगों में निष्क्रियता बरतने के लिए बड़ी फटकार मिलने के बाद विशेष जांच दल द्वारा दायर अंतिम रिपोर्ट काफी महत्वपूर्ण है। बंद लिफाफे में दायर की गई अंतिम रिपोर्ट आज खोली जा सकती है। गुलबर्ग हत्या कांड में कांग्रेस के सांसद एहसान जाफरी सहित अनेक लोग मारे गए थे और उनकी पत्नी जकिया जाफरी की शिकायत के आधार पर सुप्रीम कोर्ट ने मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी सहित ६३ लोगों की भूमिका के बारे में विशेष जांच दल गठित किया था।
उधर एक अन्य मामले में गुजरात उच्च न्यायालय ने इस्लामिक रिलीफ कमेटी ऑफ गुजरात की याचिका पर सुनवाई करते हुए गोधरा दंगों के दौरान ध्वस्त हुए लगभग पांच सौ धार्मिक स्थलों के लिए मुआवजा देने का आदेश दिया। न्यायालय ने कहा कि ऐसे ढांचों की मरम्मत और मुआवजे की जिम्मेदारी राज्य सरकार की है।

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