मंगलवार, 29 मई 2012

सूर्यनारायण के कड़े तेवरों ने झुलसाया देश को


सूर्यनारायण के कड़े तेवरों ने झुलसाया देश को

(प्रियंका श्रीवास्तव)

नई दिल्ली (साई)। देश की राजनैतिक राजधानी दिल्ली सहित समूचा देश भगवान भास्कर की तपन से बुरी तरह जल रही है। देश भर में लू के थपेड़े लोगों का जीना मुहाल किए हुए हैं। अनेक स्थानों में तापमान चवालीस डिग्री सेंटीग्रेट से अधिक है। देश के अनेक हिस्सों में रात में भी तापमान में आंशिक गिरावट ही दर्ज की जा रही है। सुबह सवेरे भी तापमान अठतीस डिग्री सेंटीग्रेट से उपर दर्ज किया जा रहा है।

मौसम विभाग के सूत्रों ने बताया कि इस समय मानसून अंडमान और निकोबार द्वीप तक पहुंच चुका है और वहां बारिश हो रही है। मानसून के पहली जून तक केरल के तट पर पहुंचने की उम्मीद है। अधिकारी ने बताया कि मानसून के लिए इस समय उत्तरी भारत में सकारात्मक माहौल है इसलिए पटना में मानसून के करीब 15 जून के आसपास पहुंचने की संभावना है।

सूत्रों ने आगे कहा कि उसके बाद यह धीरे धीरे यूपी होता हुआ 29 जून को दिल्ली पहुंचेगा। उधर, कृषि वैज्ञानिकों का कहना है कि मानसून से धान, कपास, सोयाबीन और मक्का जैसी खरीफ फसलों के लिए बेहद फायदा होगा, क्योंकि देश में करीब 60 प्रतिशत कृषि भूमि वर्षा जल सिंचित है।

इधर, दिल्ली में भी गर्मी के रिकार्ड टूटने लगे हैं। पिछले दिनों जहां दिल्ली में सामान्य तापमान 44 रहा वहीं दिल्ली के पालम हवाई अड्डे के पास तापमान ने 45.2 डिग्री के रिकार्ड को तोड़ दिया। दिल्ली में आज भी पारा चढ़ा हुआ है और माना जा रहा है कि दिन के तीन बजे तापमान 44 से 45 डिग्री के बीच रहेगा। वहीं इस भीषण गर्मी के चलते कई लोग सन स्टोक का शिकार हो गए हैं जिससे दिल्ली में कम से कम 100 लोग विभिन्न अस्पतालों में भर्ती हैं।

मौसम विभाग का कहना है कि आने वाले दिनों में पारे में और बढ़ोतरी होगी। प्राप्त जानकारी के अनुसार, 25 मई दिल्ली का सबसे गर्म दिन रहा। राजधानी में सबसे अधिक तापमान पालम में रिकार्ड किया गया जहां तापमान 45.2 डि.से. दर्ज किया गया। मौसम विभाग के अनुसार हवाओं का पश्चिमी विक्षोभ उत्तरी पाकिस्तान तथा इसके आसपास बना हुआ है।

उधर, दो दिनों के दौरान पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, राजस्थान और मध्यप्रदेश के कई हिस्सों में गर्म हवाएं चलेंगी। इससे एक से दो डि.से. तक तापमान में बढ़ोतरी हो सकती है। मौसम विभाग का कहना है कि उत्तर पश्चिमी हवाएं थार के मरुस्थल से होकर गुजरकर उत्तरी भारत तक पहुंच रही हैं। तीन दिनों तक गर्मी और बढ़ेगी। राजस्थान, उत्तर प्रदेश, झारखंड, मध्य प्रदेश, बिहार सहित पूरा उत्तर भारत लू एवं तेज धूप की चपेट में है। मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में राहत की कोई उम्मीद नहीं है।

उत्तर प्रदेश से समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया के ब्यूरो दीपांकर श्रीवास्तव ने लखनउ से बताया कि उत्तर प्रदेश में भीषण गर्मी और लू के थपेड़ों ने लोगों को बेहाल कर रखा है। उत्तर प्रदेश मौसम विज्ञान विभाग के निदेशक जेपी गुप्ता ने बताया कि अगले कुछ दिनों में मौसम में बदलाव के आसार नहीं हैं। पछुआ हवाओं के कारण लू के थपेड़े चल रहे हैं। उन्होंने कहा कि लू का दौर अभी कुछ दिनों तक ऐसे ही जारी रहेगा।

साई ब्यूरो के अनुसार सूर्य नारायण के इन तेवरों से पर्यटन उद्योग प्रभावित हुए बिना नहीं है। गर्मी की मार से पूरा प्रदेश तप रहा है। इस तपन ने प्रदेश पर्यटन को पूरी तरह ठंडा कर दिया है। यूपी की तपिश ने पर्यटकों को यहां से दूर ही रखा, जिस कारण यहां भीषण गर्मी में पर्यटन उद्योग ठंडा पड़ गया है। आगरा का ताजमहल हो या देवभूमि काशी व मथुरा हो, यह हमेशा से ही पर्यटकों व श्रद्घालुओं की आस्था का प्रतीक रहा है।

यही कारण है कि उत्तर प्रदेश पर्यटन से हिल स्टेशन छिन जाने के बाद भी यहां पर्यटकों की सं या में कोई खास कमी नहीं आयी लेकिन गर्मी से स त तेवर से सैलानी यहां आने की हि मत नहीं जुटा पा रहे हैं। उत्तरांचल राज्य का गठन हो जाने के बाद प्रदेश पर्यटन के पास जो हिल स्टेशन आदि थे वह छिन गये, बावजूद इसके विश्व के सात अजूबों में शामिल आगरा को देखने की ललक देशी ही नहीं विदेशी सैलानियों को भी यहां खींच लाती है। लेकिन गर्मी के चलते इस नायाब खूबसूरती को देखने पर्यटन कम ही आ सके और बढ़ती गर्मी ने प्रदेश पर्यटन के व्यवसाय को ठंडा कर दिया।

आगरा के साथ ही वाराणसी नगरी जो कि पर्यटकों विदेशी पर्यटकों को भी खासी भाती है वहां भी पर्यटकों की संख्या कम ही रही। लगभग यही हाल सारनाथ व इलाहाबाद आदि शहरों का भी है। साल दर साल पर्यटकों की घटती सं या प्रदेश पर्यटन के घाटे का कारण बनती जा रही है और इस घाटे से उबरने का कोई रास्ता नजर नहीं आ रहा है।

इस बारे में अधिकारियों का तो यही कहना है कि गर्मी के अलावा अन्य मौसम में यहां पर्यटक आते हैं लेकिन विभागीय आंकड़े यहीं बताते हैं कि प्रदेश पर्यटन से सैलानियों की दिलचस्पी कम हो रही है। वहीं पिछले कुछ सालों में ट्रेेवैल एजेन्सी के माध्यम से सैर करने वाले पर्यटकों की सं या में तेजी से इजाफा हुआ है। कारण यह है कि लोगों के पास समय कम है कि वह जाने से पहले ठहरने व साइट सीन आदि की जानकारी ले सके, दूसरे पर्यटन विभाग के सरकारी तंत्र के ज्यादा लोगों को प्राइवेट सुविधाओं आदि पर भरोसा है।

हरियाणा में गर्मी ने हाल बेहाल कर रखा है। चंडीगढ़ से साई संवाददाता अनेशा वर्मा के अनुसार प्रदेश इन दिनों भयंकर लू की चपेट में है। गुडग़ांव, फरीदाबाद, पानीपत, हिसार, जींद व सिरसा में गर्मी ने पिछले 10 साल का रेकॉर्ड तोड़ दिया है। गुडग़ांव में शुक्रवार को अधिकतम तापमान पुराने रेकॉर्ड तोड़ते हुए 44.7 डिग्री पहुंच गया।

इससे पहले मई में तापमान कभी 44 डिग्री से अधिक नहीं गया था। मौसम विभाग के अनुसार, गर्मी से राहत मिलने की संभावना नहीं है। अगले 2 दिनों तक तापमान इसी तरह बना रहेगा। पूर्वानुमान के मुताबिक, शनिवार को तापमान 44 डिग्री तक रहने की संभावना है। गर्म हवाओं की वजह से शहर की सड़के सूनी दिखीं।

वहीं पानीपत से समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया के ब्यूरो अमित कौशल ने बताया कि पानीपत में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस को पार कर गया। करीब 25 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से चल रही गर्म हवाओं से जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित है। मौसम विभाग के विशेषज्ञों के अनुसार अभी तापमान के और बढऩे की संभावना है। शुक्रवार का दिन इस मौसम का अब तक का सबसे गर्म दिन रहा। अधिकतम तापमान 45 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 31 डिग्री सेल्सियस रहा।

जींद से सांई ब्यूरो कामेश भार्गव ने बताया कि जींद में भी अधिकतम तापमान 45 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। न्यूनतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस रहा। सिरसा में अधिकतम तापमान 45 डिग्री सेल्सियस रहा। इस कारण कई इलाकों में दोपहर को कर्फ्यू जैसी स्थिति दिखाई दी। सुबह से ही तन झुलसाने वाली गर्म हवाएं चलने लगीं।

गर्मी का आलम यह रहा कि पंखे और कूलर भी काम न आए। बाहर निकलते ही शरीर पसीना-पसीना हो गया।ज्यादातर लोग घरों में कैद रहे, जो जरूरी काम से घर से निकले भी तो शरीर को पूरी तरह ढककर। कपड़ों से लैस होने के बाद भी धूप की तेजी बर्दाश्त न हुई।अपरांह तक यही हाल रहा।शाम को सूरज ढलने के बाद लोग घरों से निकले।

चिकित्सकों ने सलाह दी है कि गर्मी में शरीर में पानी की मात्रा कम न होने दें। इसलिए दिन में कम से कम 15 से 20 गिलास पानी अवश्य पिएं। घर से बाहर जाते समय पानी की बोतल हमेशा साथ रखें। गर्मी को ध्यान में रख हल्का भोजन करें।बाहर का खाना और तली भुनी चीजों खाने से बचें।रेहडिय़ों पर बिकने वाले खाद्य पदार्थ खाने से बचें।बासी भोजन न खाएं। खाने में फलों, पेयजल व हरी सब्जियों की मात्रा बढ़ाएं।

इंजीनियरिंग के लिए होगी संयुक्त परीक्षा


इंजीनियरिंग के लिए होगी संयुक्त परीक्षा

(महेश रावलानी)

नई दिल्ली (साई)। संयुक्त मेडीकल प्रवेश परीक्षा (सीपीएमटी) की तर्ज पर अब इंजीनियरिंग के लिए भी संयुक्त रूप से परीक्षा का आयोजन किया जाएगा। केंद्र सरकार ने वर्ष २०१३ से केन्द्रीय सहायता से चलने वाले इंजीनियरिंग संस्थानों में प्रवेश के लिए एक ही संयुक्त प्रवेश परीक्षा आयोजित करने की घोषणा की है।
सरकारी सूत्रों ने बताया कि इनमें भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आई. आई. टी.), राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एन. आई. टी.) और भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान शामिल हैं। इन संस्थानों की संयुक्त परिषदों ने यह भी तय किया है कि परीक्षा प्रणाली में सुधार की प्रक्रिया के तहत प्रवेश के मामले में १२वीं कक्षा के परिणामों को भी पर्याप्त महत्व दिया जाएगा।
मानव संसाधन विकास मंत्री कपिल सिब्बल ने कल नई दिल्ली में बताया कि संयुक्त प्रवेश परीक्षा के नये प्रारूप में दो परीक्षाएं-जे. ई. ई. मेन और जे. ई. ई. एडवांस्ड हों्रगी। यह दोनों परीक्षाएं एक ही दिन ली जाएंगी। आई आई टी में प्रवेश के लिए १२वीं कक्षा के बोर्ड और जेईई मेन परीक्षा परिणामों को ५०-५० प्रतिशत का महत्व दिया जाएगा।
उन्होंने यह भी बताया कि केन्द्रीय सहायता से चलने वाले अन्य सभी संस्थानों में ४० प्रतिशत अंक १२वीं कक्षा के परिणाम के, ३० प्रतिशत अंक, जेईई मेन परीक्षा और शेष तीस प्रतिशत जेईई एडवांस्ड परीक्षा के जोड़े जाएंगे। श्री सिब्बल का कहना था कि इन सुधारों से सैकेंडरी शिक्षा का स्तर बेहतर होगा।
बच्चे १२वीं कक्षा के बोर्ड में अधिक रूचि नहीं ले रहे थे और हम स्कूली व्यवस्था में नयापन और ताजगी लाने के साथ ही १२वीं कक्षा के बोर्ड को मजबूत बनाना चाहते थे। अगर हमारे पास एक मेरिट सूची हो तो विद्यार्थी संस्थान के आधार पर उस निश्चित पाठ्यक्रम में दाखिला ले सकते हैं जिसमें वो पढ़ाई करना चाहते हैं।

मिस्त्र में पहले दौर के परिणाम आए


मिस्त्र में पहले दौर के परिणाम आए

(राजकुमारी)

काहिरा (साई)। मिस्र में राष्ट्रपति चुनाव के लिए १६-१७ जून को दूसरे दौर के मतदान में मुस्लिम ब्रदरहुड के मोहम्मद मुर्सी और हुस्नी मुबारक सरकार में प्रधानमंत्री अहमद शफीक के बीच मुकाबला होगा। पहले दौर में मोहम्मद मुर्सी को ५७ लाख ६४ हजार ९५२ वोट मिले, जबकि अहमद शफीक को ५ लाख ५ हजार ३२७ वोट मिले।
मिस्र के निर्वाचन नियमों के अनुसार किसी भी उम्मीदवार को पहले चरण के मतदान में ५० फीसदी वोट न मिलने की स्थिति में दो प्रमुख उम्मीदवारों के बीच चुनाव के लिए दोबारा मतदान कराया जाता है। साई संवाददाता ने बताया है कि निर्वाचन आयोग ने पिछले सप्ताह हुए मतदान के नतीजों के खिलाफ सभी अपीलें नामंजूर कर दी हैं।
गौरतलब है कि कल शाम मिस्र के चुनाव आयोग ने पहले दौर के नतीजों का एलान कर दिया। वोटों की गिनती से इस बात का खुलासा हुआ है कि करीब ४० फीसदी से ज्यादा लोग न तो इस्लामिक पार्टियां और न ही मुुबारक सरकार में रहे नेताओं के हक में हैं। जानकारों की राय में अब यह तय है कि सभी इस्लामिक पार्टियां जिनमें सलाफी आलूर पार्टी भी शामिल है, मुर्सी के हक वोट डालेंगी। जबकि अल्पसख्ंयक कॉप्टिक इसाई वर्ग के एक मुश्त वोट अहमद शफीक के खाते में जा सकते हैं। दोनों ही पक्ष सभी वर्गों को साथ लेकर चलने की वकालत कर रहे हैं।

इंफाल से मंडाले बस सेवा शीघ्र


इंफाल से मंडाले बस सेवा शीघ्र

(मनीष हिंगवासिया)

यांगून (साई)। प्रधानमंत्री ने कहा है कि भारत के लोग लोकतांत्रिक, स्थिर और समृद्ध म्यांमा की रचना के प्रयासों में समर्थन देने को तैयार हैं। म्यामां में प्रमुख राजनीतिक सुधार शुरू करने के लिए राष्ट्रपति ऊ थीन सेन की सराहना करते हुए डॉक्टर मनमोहन सिंह ने कहा कि म्यामां की जनता ने राष्ट्रीय सुलह सफाई और परिवर्तन के दौर में दूर दृष्टि का परिचय दिया है।
कल म्यामां की राजधानी ने पी था में राष्ट्रपति ऊ थीन सेन द्वारा आयोजित रात्रिभोज में डॉक्टर मनमोहन सिंह ने कहा कि म्यामां के साथ हुई बातचीत और समझौतों से आने वाले वर्षों में दोनों देशों के बीच संबंधों के तेजी से विकास का खाका तैयार हुआ है। उन्होंने कहा कि भारत और म्यामां भूगोल और इतिहास से जुड़े हुए सहयोगी हैं और ऐसे बहुत से क्षेत्र हैं जिनमें सहयोग बढ़ाने से दोनों देशों को लाभ होगा। उन्होंने सुझाव दिया कि दोनों देशों के सांसदों, विद्वानों, वैज्ञानिकों, कलाकारों और बुद्धिजीवियों के बीच और अधिक सम्पर्क होना चाहिए ताकि वे एक दूसरे की संस्कृति और समाज को गहराई से समझ सकें और सीख सकें।
दोनों देशों के बीच ने पी था में १२ समझौते और सहमति ज्ञापनों पर हस्ताक्षर हुए हैं। इनमें सम्पर्क के साधनों, विकास में सहयोग, व्यापार और निवेश , ऊर्जा ,संस्कृति और लोगों के बीच सम्पर्क जैसे क्षेत्र शामिल हैं। दोनों देश इम्फाल से मंडाले के बीच जल्दी ही बस सेवा शुरू करेंगे। भारत मणिपुर और म्यामां के बीच तामू-कलेवा मैत्री सड़क पर ७१ पुलों की मरम्मत और सुधार का काम शुरू करेगा। म्यामां ने यह भी भरोसा दिलाया है कि वह भारत विरोधी किसी ताकत को अपनी धरती का इस्तेमाल नहीं करने देगा।
प्रधानमंत्री डॉक्टर मनमोहन सिंह आज म्यामां की व्यावसायिक राजधानी यांगोन पहुंच रहे हैं। लोकतंत्र समर्थक और नेशनल लीग फॉर डेमोक्रेसी प्रमुख की नेता संसद सदस्य आंग साँग सू की प्रधानमंत्री से मिलने आएंगी। प्रधानमंत्री म्यामां के नेशनल चौम्बर्स ऑफ कॉमर्स इंडस्ट्रीज और म्यामां विकास संसाधन संस्थान द्वारा आयोजित एक समारोह को भी संबोधित करेंगे। वह विश्वप्रसिद्ध श्वेदागोन पगोडा और अंतिम भारतीय मुगल बादशाह बहादुर शाह जफर की मजार पर भी जाएंगे।