मंगलवार, 4 जनवरी 2011

हीरो समूह का अधिकारी गिरफ्तार

300 करोड़ का सिटी बैंक घोटाला: हीरो समूह का अधिकारी गिरफ्तार
नई दिल्ली (ब्यूरो)। दिल्ली एनसीआर के गुड़गांव की पुलिस ने 300 करोड़ रुपये के अनुमानित सिटी बैंकधोखाधड़ी मामले में हीरो समूह के एक वरिष्ठ अधिकारी संजय गुप्ता को सोमवार को गिरफ्तार किया। हीरोसमूह की इकाई हीरो कारपोरेट सर्विसेज के एसोसिएट उपाध्यक्ष (वाणिज्य) गुप्ता को भारतीय दंड संहिता कीआपराधिक साजिश से संबंधित धारा 120 बी के तहत गिरफ्तार किया गया है। उन्हें बाद में मुख्य न्यायिकमजिस्ट्रेट सह अतिरिक्त सविल जज डीएन भारद्वाज के समक्ष पेश किया गया। पिछले सप्ताह पुलिस ने सिटीबैंक के गुड़गांव शाखा में धोखाधड़ी मामले में पूछताछ के लिए शिवराज पुरी के साथ गुप्ता को बुलाया था। करीबकरोड़ रुपये की धोखाधड़ी गलत तरीके से निवेश उत्पादों को बड़ी हैसियत वाले ग्राहकों को बेचे जाने सेजुड़ा है। बैंक में व्यावसायिक संपर्क प्रबंधक ख्रिलेशनशिप, पुरी 18 फीसदी का उच्च रिटर्न का दावा कर निवेशउत्पादों को बेचता था। उसे पिछले सप्ताह गिरफ्तार किया गया और एक सप्ताह के लिए पुलिस हिरासत में भेजदिया गया। पिछले सप्ताह बृजमोहन लाल मुंजाल के नेतृत्व वाले हीरो समूह ने स्वीकार किया था कि उसका इसधोखाधड़ी मामले में 28.75 करोड़ रुपये लगा है। 300

स्‍वास्‍थ्‍य मंत्रियों की बैठक 12 को

डेंगू पर स्वास्थ्य मंत्रियों की 12 को बैठक हैदराबाद में
नई दिल्ली (ब्यूरो)। देश में डेंगू, चिकन गुनिया, मलेरिया और मच्छर जनित अन्य रोगों से निपटने के लिएराज्यों के स्वास्थ्य मंत्रियों की अहम बैठक इसी माह 12 तारीख को हैदराबाद में आहूत की गई है। इस बैठक मेंनवजात शिशु मृत्यु दर, बाल मृत्यु दर और प्रसव दौरान होने वाली मृत्यु पर भी नई कार्ययोजना बनाने पर भीप्रमुखता से विचार किया जाएगा।
स्वास्थ्य मंत्रालय के सूत्रों का कहना है कि स्वास्थ्य मंत्रियों की बैठक के लिए तैयार किये गए एजेंडे में इस बार वेक्टर जनित विशेषकर मच्छरों से होने वाली बीमारियां, रोगों को खास तरजीह दी गई है। केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री ने राज्यों को लिखी अपनी चिट्ठी में इन विषयों पर अब तक की स्थिति और इनसे निपटने की भविष्य की रणनीति के लिए प्रस्ताव लाने को कहा है।

सूर्य ग्रहण

आज दिखेगा आंशिक सूर्य ग्रहण

नई दिल्ली (ब्यूरो)। 2011 में पहली बार मंगलवार को देश के उŸारी हिस्से में आंशिक सूर्य ग्रहण देखा जासकेगा। ग्रहण का यह अनोखा नजारा भारत के अलावा यूरोप, अरब प्रायद्वीपए उŸारी अफ्रीका और पश्चिमएशिया के देशों में देखने को मिलेगा। भारतीय खगोल वैज्ञानिकों के अनुसार आंशिक सूर्य ग्रहण की शुरुआतभारतीय समयानुसार दोपहर 12 बजकर 10 मिनिट 11 सेकन्ड बजे होगी और यह शाम चार बजकर तीसमिनिट 54 सेकन्ड तक चलेगा।
आंशिक सूर्य ग्रहण उस स्थिति में लगता है, जब चंद्रमा पृथ्वी और सूर्य के बीच होकर गुजरता है। ऐसी स्थिति में पृथ्वी से सूर्य आंशिक तौर पर ही नजर आता है। उन्होंने बताया कि भारत में आंशिक सूर्य ग्रहण का यह दृश्य कच्च्छ, राजस्थान, हरियाणा, उŸार प्रदेश, दिल्ली, पंजाब, उŸाराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में देखा जा सकेगा। ज्यादातर जगहों पर ग्रहण को पूर्ण रूप से नहीं देखा जा सकेगा।

नक्सलियों से निपटने नई तैयारियां

नक्सलियों से निपटने नई तैयारियां

नई दिल्ली (ब्यूरो)। देश में नक्सलवाद से निपटने की केंद्र सरकार द्वारा तैयारियां की जा रही हैं, इसी तारतम्यमें पेरा मिलट्री फोर्सेस को अत्याधुनिक हथियार मुहैया करवाए जा रहे हैं। नक्सलवाद से निपटने चिन्हित एंटीनक्सल फोर्स कोबरा को अत्याधुनिक असॉल्ट राइफलें उपलब्ध कराई जा रही हैं। करीब 1000 राउंड प्रतिमिनट फायरिंग करने वाली ये राइफलें अभी तक सेना के विशेष बलों को ही इस्तेमाल के लिए दी जाती हैं।

गृह विभाग के सूत्रों ने बताया कि कमांडो बटालियन फॉर रेजल्यूट ऐक्शन (कोबरा) के जवानों को इस्राइल मेंबनी टेवर एक्स 95 सब - मशीनगन दी जाने वाली हैं। इस्राइल वेपन इंडस्ट्रीज का दावा है कि एक्स 95 इसयूनिट के साथ करीबी सहयोग से और उनकी विशेष जरूरतों को पूरा करने के लिए बनाई गई है। कोबरा केजवानों को पहले एके -47 और एमपी 5 रायफलें दी गई थीं।
 
नक्सलियों से निपटने की खास ट्रेनिंग लेने वाले करीब दस हजार जवानों वाली कोबरा यूनिट को बहुत से ऐसेहथियार भी दिए गए हैं, जो सीआरपीएफ के पास भी नहीं हैं। इन हथियारों में ‘‘खुखरी‘‘ भी शामिल है। सेना कीगोरखा रेजिमेंट का हथियार खुखरी कोबरा को आमने - सामने की लड़ाई में घातक क्षमता देने के लिए उपलब्धकराया जा रहा है। कोबरा जवानों को नक्सल प्रभावित राज्यों में तैनात किया गया है, जहां ये विशेष अभियानोंको अंजाम देते हैं।

800 वीं पोस्‍ट गिरीश बिल्‍लोरे जी के साथ लाईव चेट अदभुद और अकल्‍पनीय

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सोमवार, 3 जनवरी 2011

दिल्‍ली में प्रवासी महिलाएं

दिल्ली में एमपी की महिलाओं की भागीदारी नगण्य
 
(लिमटी खरे)

नई दिल्ली। काम के अवसरों की तलाश में भारत गणराज्य की राजनैतिक राजधानी दिल्ली का आकर्षण महिलाओं के सर चढ़कर बोल रहा है। देश की महिलाओं की तादाद में से आधी महिलाएं दिल्ली में रोजगार की तलाश में आती हैं, इनमें उत्तर प्रदेश और बिहार की भागीदारी सत्तर फीसदी है। मध्य प्रदेश महज 6 फीसदी के साथ चौथी पायदान पर है।
 
उद्योग चेम्बर एसोचेम के हालिया सर्वेक्षण में यह बात उभरकर सामने आई है। सर्वे के अनुसार उत्तर प्रदेश की 38, बिहार की 32, राजस्थान की 12 तो एम पी की 6 फीसदी महिलाएं दिल्ली में असंगठित क्षेत्र में कमा खा रही हैं। सर्वे में कहा गया है कि मध्य प्रदेश से आने वाली महिलाओं की तादाद में से बीस फीसदी महिलाएं बेरोजगार ही रह जाती हैं।
 
सर्वे से साफ हो रहा है कि दिल्ली में आकर गुजर बसर करने वाली ‘बाहरी‘ महिलाओं की तादाद में से करीब दो तिहाई महिलाएं असंगठित क्षेत्र में रोजी रोजगार तलाश करती हैं। सर्वे में एक और बात उभरकर सामने आई है कि प्रवासी महिलाओं में 46 फीसदी महिलाएं नौकरी की तलाश में तो महज सात फीसदी ही बेहतर शिक्षा की गरज से दिल्ली की ओर रूख करती हैं।
वोट बैंक पर है सियासी दलों की नजर
गौरतलब होगा कि इस वोट बैंक को लुभाने के लिए भारतीय जनता पार्टी द्वारा पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल की अध्यक्षता में एक प्रकोष्ठ का गठन भी किया है। भाजपा के इस कदम से कांग्रेस ने भी इस वोट बैंक पर डाका डालने का उपक्रम आरंभ कर दिया है। कांग्रेसनीत केंद्र सरकार ने असंगठित क्षेत्र के मजदूरों को स्वास्थ्य, बीमा, पेंशन आदि सुविधाएं देने का मन बना लिया है।
इन क्षेत्रों में पाती हैं महिलाएं रोजगार
असंगठित क्षेत्र में रोजगार पाने वाली महिलाएं घरेलू नौकरानी, भवन एवं अन्य निर्माण क्षेत्र, सिलाई, कढ़ाई, बुनाई, ब्यूटी पार्लर, सब्जी विक्रेता, रेहड़ी, उद्योग धंधों में अकुशल श्रमिक आदि क्षेत्र में सक्रिय भूमिका निभाती हैं।

कांग्रेस में फेरबदल संक्रांति के बाद

मकर संक्राति के बाद होगी कांग्रेस अध्यक्ष की घोषणा 
सोनिया की टीम का गठन भी 14 के बाद
 
सोनिया को है सूर्य के उत्तरायण होने के का इंतजार
 
(लिमटी खरे)
 
नई दिल्ली। कांग्रेस की बहुप्रतिक्षित कार्यकारिणी, मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष और महामहिम राज्यपाल के बारे में कांग्रेस आलाकमान श्रीमति सोनिया गांधी मकर संक्राति के उपरांत ही कोई कोई फैसला लेंगी। गौरतलब होगा कि हिन्दू रीति रिवाज, विधि विधान में पूस के माह में शुभ कार्य करना अच्छा नहीं माना जाता है अतः कांग्रेस भी कार्यसमिति के गठन आदि के मामले में शांत बैठी हुई है।

कांग्रेस आलाकमान के करीबी सूत्रों का कहना है कि वैसे तो श्रीमति सोनिया गांधी को माघ पूस माह में वर्जित या वैध बातों से बहुत ज्यादा सरोकार नहीं है, फिर भी उनके रणनीतिकारों के समझाने पर पिछले कुछ सालों से वे इसके लिए तैयार हो गईं हैं कि हिन्दू विधि विधान में वर्जित बातों का पालन सुनिश्चित किया जाए। हाल ही में चौथी मर्तबा अध्यक्ष चुने जाने के बाद श्रीमति सोनिया गांधी को अभी अपनी टीम की घोषणा करना बाकी है।
 
इसके अलावा मध्य प्रदेश के कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष और महामहिम राज्यपाल के मामले में भी अभी फैसला लिया जाना शेष है। कांग्रेस की सत्ता और शक्ति के शीर्ष केंद्र (श्रीमति सोनिया गांधी का सरकारी आवास) 10 जनपथ के उच्च पदस्थ सूत्रों ने संकेत दिए कि मध्य प्रदेश के कांग्रेस अध्यक्ष के लिए चल रहे नामों में केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया आलाकमान की पहली पसंद बनकर सामने आए हैं। इसके अलावा केंद्रीय मंत्री कमल नाथ के करीबी और सांसद सज्जन सिंह वर्मा का नाम सबसे उपर चल रहा है। वर्मा के अतिरिक्त कांग्रेस महासचिव राहुल गांधी की पहली पसंद के तौर पर उनकी टीम की मीनाक्षी नटराजन उभरकर सामने आईं हैं।
महिलाओं पर मेहरबान होंगी सोनिया

कांग्रेस अध्यक्ष श्रीमति सोनिया गांधी भले ही महिला आरक्षण विधेयक को परवान न चढ़ा पाई हों पर कांग्रेस कार्यकारिणी के गठन में महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने में सोनिया गांधी दिलचस्पी अवश्य ही दिखाएंगी। उनके करीबी सूत्रों का कहना है कि अपनी टीम के गठन में सोनिया द्वारा महिलाओं की 33 फीसदी भागीदारी अवश्य ही सुनिश्चित की जाएगी।
सूत्रों का कहना है कि सोनिया गांधी ने अपनी संभावित टीम के लिए अपने राजनैतिक सचिव अहदम पटेल, महासचिव दिग्विजय सिंह के साथ ही साथ अपने पुत्र और महासचिव राहुल गांधी से रायशुमारी के अनेक चरण पूरे कर लिए हैं।
चार साल पहले गठित कर्यकारिणी में राहुल गांधी, मध्य प्रदेश से मीनाक्षी नटराजन के अलावा अलका लांबा और जितेंद्र सिंह अवतार सिंह भड़ाना, सांसद निर्मल खत्री, संजय बाफना, विवेक बंसल जैसे युवाओं को सोनिया ने अपनी कार्यकारिणी में स्थान दिया था।
भले ही संसद में सोनिया गांधी द्वारा महिला आरक्षण विधेयक को परवान न चढ़वाया जा सका हो, किन्तु 24 अकबर रोड़ में महिलाओं की तेंतीस फीसदी भागीदारी सुनिश्चित की जा रही है। सूत्रों ने संकेत दिए कि महिलाओं को पर्याप्त प्रतिनिधित्व देन के मसले पर सोनिया गांधी बहुत ज्यादा संजीदा हैं। वर्तमान में कार्यसमिति में महिलाओं की भागीदारी महज 15 फीसदी है, साथ ही मारग्रेट अल्वा के उत्तराखण्ड के राज्यपाल बनने के बाद अब सांसद मोहसीना किदवई ही अकेली महिला महासचिव बचीं हैं।
युवा कांधे तलाश रही हैं सोनिया

महाधिवेशन के उपरांत जब सोनिया अपनी नई कार्यकारिणी का गठन करेंगी तब उसमें एमडीएमके अध्यक्ष वाईको को धूल चटाने वाले माणिक टैगोर, विजंेद्र सिंगला, कृष्णा बेरे को सचिव पद से नवाजा जा सकता है। इसके अलावा दिल्ली की मुख्यमंत्री शीला दीक्षित के सांसद पुत्र संदीप दीक्षित और पश्चिम बंगाल के सांसद मौसम नूर को भी संगठन में स्थान मिल सकता है।
ये हांेगे सोनिया के निशाने पर

सत्ता और संगठन की मलाई चखने वाले केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री गुलाम नवी आजाद, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण, व्ही.नारायणसामी, वीरप्पा मोईली, ए.के.अंटोनी, जयराम रमेश जैसे दिग्गजों को सरकार या संगठन में से एक पद छोड़ने पर मजबूर होना पड़ सकता है।

जमीनी हकीकत से दूर चिदम्‍बरम

ये है दिल्ली मेरी जान
(लिमटी खरे)

उपजिलाधीश ने किया चिदम्बरम को कटघरे में खड़ा!
केंद्रीय गृह मंत्री पलनिअप्पम चिदम्बरम भले ही नक्सलवाद के लिए संजीदा होने का दावा कर रहे हों, किन्तु जमीनी हकीकत इससे इतर ही नजर आ रही है। सरकार के दावों की पोल नक्सलवादी गतिविधियों के चलते खुलती ही नजर आती है। केंद्र हो या सूबाई सरकारें हर जगह पर सरकारी विफलताएं साफ दर्शाती हैं कि सरकार नक्सलवाद से निपटने कितनी ईमानदारी से प्रयास कर रही हैं। हाल ही में केंद्रीय गृह मंत्री पलनिअप्पम चिदम्बरम ने महाराष्ट्र के गढ़चिरोली का दौरा किया। चिदम्बरम के दौरे को मीडिया ने हाथों हाथ लिया। गढ़चिरोली जिले के उपजिलाधीश राजेंद्र कानफोड़े ने चिदम्बरम को कटघरे में खड़ा कर दिया है। यद्यपि कानफोड़े की बात को मीडिया में पूरा तवज्जो नहीं मिल पाया है पर उनकी बात को सिरे से खारिज कतई नहीं किया जा सकता है। राजेंद्र का कहना है कि होम मिनिस्टर के इस तरह के दौरों से क्या हासिल होगा? कानफोड़े का कहना सच है कि इस तरह से वातानुकूलित बंद कमरों की बैठकों और हवाई भ्रमण से कुछ हासिल होने वाला नहीं है। जिले में काम करने वाले जमीनी हकीकत से रूबरू कानफोड़े का कहना है कि जिले को अर्धसैनिक बल की आवश्यक्ता नहीं है, जरूरत इस बात की है कि स्थानीय पुलिस को ही अत्याधुनिक हथियार मुहैया करवाए जाएं। बंदूक से कुछ नक्सली मारे जा सकते हैं किन्तु नक्सलवाद समाप्त नहीं किया जा सकता है। इसके लिए विकास कार्य के साथ ही साथ वैचारिक क्रांति का श्रीगणेश करने की आवश्यक्ता है। कानफोड़े बेचारे डिप्टी कलेक्टर जैसे छोटे ओहदे पर हैं, सो उनकी बात नक्कारखाने की तूती साबित हो सकती है।

पूर्व सीजेआई के करोड़पति दमाद!
भारत गणराज्य की सबसे बड़ी अदालत के पूर्व प्रधान न्यायधीश के.जी.बालाकृष्णन के सीजेआई बनते ही इस बात को प्रतिपादित किया गया था कि एक दलित अपनी योग्यता, क्षमता और अनुभव के आधार पर न्यायपालिका के सर्वोच्च पद पर आसीन हुए हैं। साधारण परिस्थिति वाले इनके दमाद के चंद सालों में ही करोड़ों में खेलने लग जाएंगे एसा किसी को भान भी न होगा। केरल के एक निजी चेनल ने इस बात का खुलासा किया है कि महज चार सालों में ही बालाकृष्णन के दमाद पी.वी.श्रीनिजन ने सात करोड़ रूपयों की संपत्ति एकत्र कर ली। केरल युवक कांग्रेस के उपाध्यक्ष रहे श्रीनिजन ने 2006 में नजरक्कल विधानसभा चुनाव लड़ने के दौरान दिए शपथ पत्र में कहा था कि उनके बैंक खाते में महज पच्चीस हजार रूपए ही जमा हैं, इसके अलावा उनकी कोई संपत्ति नहीं है। यद्यपि वे चुनाव हार गए किन्तु इन चार सालों में उनके पास जादू की छड़ी आ गई और वे करोड़ों के आसामी बन गए। श्रीनिजन के पास त्रिशूर में नदी किनारे ढाई एकड़ जमीन जिसकी कीमत पांच करोड़ रूपए है, के अलावा त्रिशूर और एर्नाकुलम में मंहगी अचल संपत्ति लग्जीरियस वाहन भी मौजूद हैं। जाहिर है इनकी संपत्ति के एकत्र होने में बालाकृष्णन का प्रत्यक्ष या परोक्ष प्रोत्साहन रहा होगा। अनेक न्यायमूर्तियों ने इनकी संपत्ति की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है, क्या केंद्र सरकार यह अनेक जांचों की मांग के बीच इस जांच को कराने का दुस्साहस जुटा पाएगी?

देश नहीं प्रदेश के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं गड़करी
भारतीय जनता पार्टी ने 2009 में नितिन गड़करी को अपना राष्ट्रीय अध्यक्ष चुना था। उस वक्त लग रहा था कि गड़करी के नेतृत्व में भाजपा अपेक्षाकृत युवा और मजबूत होगी। गड़करी वैसे भी महाराष्ट्र प्रदेश की सियासत से उठकर केंद्र की राजनीति में आए हैं। गड़करी के कदम तालों को देखकर लगने लगा है कि वे समूचे देश नहीं वरन् महाराष्ट्र प्रदेश भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं। एक साल में गड़करी देश को नहीं नाप सके हैं। भाजपा का जनाधार बढ़ाने में भी सफल नहीं हो सके हैं। दिल्ली में भले ही वे रात गुजारें पर उनकी गिद्ध दृष्टि महाराष्ट्र पर ही केंद्रित होती है। महाराष्ट्र भाजपा के एक एक निर्णय में उनकी दखल पूरी पूरी ही होती है। हाल ही में मुंबई महानगर पालिका निगम में भाजपा दल के नेता पद को लेकर एक बार फिर गड़करी और गोपी नाथ मुंडे आमने सामने हो गए हैं। भाल चंद शिरसाट की नियुक्ति पर रोक और अशीष शेलार की नियुक्ति से मुंडे खासे खफा हैं। प्रदेश भाजपाध्यक्ष सुधीर मुनगंटीवार मुंडे को मनाने गए पर मुंडे की नाराजगी बरकरार है। माना जा रहा है कि आने वाले समय में महाराष्ट्र के कद्दावर और जनाधार वाले नेता मुंडे द्वारा गड़करी को एकाध अलसेट दे ही दिया जाएगा।

चला चली की बेला में हैं वोरा
मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और पार्टी के कोषाध्यक्ष मोती लाल वोरा उमर दराज हो गए हैं, सो अब उनके स्थान पर किसी और की नियुक्ति की सुगबुगाहटें तेज हो गईं हैं। पिछले दिनों कांग्रेस की राजमाता श्रीमति सोनिया गांधी द्वारा मोती लाल वोरा के प्रति जिस कदर सम्मान का भाव प्रकट किया उससे साफ होने लगा है कि वोरा को किसी न किसी प्रदेश का राज्यपाल बनाकर भेजा जा सकता है। कांग्रेस के स्थापना दिवस समारोह के अवसर पर जब श्रीमति सोनिया गांधी को लेने वोरा उनके आवास पर गए तो बारिश के चलते वोरा ने छतरी तान दी। जैसे ही सोनिया ने वोरा को छतरी ताने देखा उन्होंने तत्काल छतरी अपने हाथ में ली और कहा -‘आईए वोरा जी।‘ इसके उपरांत जब प्रोग्राम समाप्त हुआ तब भी छतरी सोनिया के हाथ ही थी और वोरा उनके बाजू में ही चल रहे थे। जिस तरह एमपी के पूर्व मुख्यंत्री और वर्तमान कांग्रेस महासचिव राजा दिग्जिव सिंह किसी की तारीफ करते हैं तब माना जाता है कि उसकी रूखसती की बेला आ गई है, उसी तर्ज पर माना जा रहा है कि अब कोषाध्यक्ष पद पर वोरा जी के दिन गिनती के ही बचे हैं। आने वाले समय में मोतीलाल वोरा किसी प्रदेश के राजभवन की शोभा बढ़ाते नजर आएं तो किसी को आश्चर्य नहीं होना चाहिए।

कक्षा में नेताजी!
भारतीय जनता पार्टी के धाकड़ नेता राजीव प्रताप रूड़ी ने अपने मित्र शहनवाज हुसैन के साथ मिलकर बिहार में दो महीने तक धुआधार प्रचार किया और इसका नतीजा भी सामने आया। भाजपा ने 102 में से 91 सीटों पर अपना परचम लहराया। भाजपा में रूड़ी की खूब वाहवाही हुई। चौपर यानी उड़न खटोले में प्रचार करते करते नेताजी राजीव प्रताप रूड़ी हवाई जहाज उड़ाने में पिछड़ गए हैं। संचालक नागर विमानन (डीजीसीए) के नियम तो नियम हैं। अब रूड़ी को रिफ्रेशर कोर्स के लिए जाना पड़ा। आलम यह है कि रूड़ी को जहाज उड़ाने के बजाए कक्षा में बैठकर पढ़ाई करना पड़ रहा है। बिहार में आरंभिक सत्ता सुख भोगने के बजाए रूड़ी कक्षाओं में व्यस्त हैं। उन्हें इस बात का मलाल शायद ही हो कि वे कक्षा में बैठकर अपना समय काट रहे हैं, इसका कारण यह है कि संसद तो वर्तमान में है नहीं शीतकालीन सत्र भी टू जी स्पेक्ट्रम की भेंट चढ़ गया, सो टाईम पास के लिए क्लास में उपस्थिति ही सही।

पालिका बाजार के तीन सैकड़ा फोन हैं बेकार
उधर सरकार की पेशानी पर दूर संचार के टू जी स्पेक्ट्रम घोटाले ने पसीने की बूंदे उकेर दी हैं, इधर दिल्ली के हृदय स्थल कनाट प्लेस के आलीशान भूमिगत पालिका बाजार के दुकानदारों के लैंड लाईन फोन ने उनकी आफत कर रखी है। महानगर टेलीफोन निगम लिमिटेड के तीन सैकड़ा से अधिक लैंड लाईन फोन पिछले आठ नौ माहों से बिना घंटी के ‘शोभा की सुपारी‘ बनी हुई हैं। दुकानदार इसलिए भी परेशान हैं क्योंकि एमटीएनएल इन बिना करंट के फोन का बाकायदा किराया वसूले जा रहा है। दुकानदारों ने इसके विकल्प के तौर पर मोबाईल फोन ले लिए, विडम्बना तो देखिए कि पालिका बाजार के अंदर मोबाईल के सिग्नल भी आना जाना ही किया करते हैं। एमटीएनएल का आलम सिर्फ पालिका में ही एसा नहीं है, दिल्ली के अंदरूनी इलाकों सहित बाहरी दिल्ली में भी सरकारी फोन सेवाओं की सांसे उखड़ने लगती हैं। आखिर एसा हो क्यों न! समूचा विभाग भ्रष्टाचार के दलदल में जो फंसकर रह गया है।

अरे यह क्या कह दिया कलराज मिश्र जी
विश्व में इन दिनों मोटापा एक बहुत ही बड़ी समस्या बनकर सामने आ रहा है। मोटापे के चलते हर कोई परेशान है, यही कारण है कि मीडिया इन दिनों मोटापे के छुटकारे के मनमोहक और आकर्षक विज्ञापनों से पटा पड़ा है। मोटापे की बढ़ती समस्या को देखकर भारतीय जनता पार्टी के सांसद कलराज मिश्र काफी चिंतित हैं, मिश्र चाहते हैं कि सरकार मोटे लोगों पर टेक्स आहूत करे। दुनिया में किसी देश ने मोटे लोगों पर टेक्स लगाया है कि नहीं यह जानने के लिए मिश्र ने राज्यसभा में एक प्रश्न भी दागा है। उन्होंने पूछा है कि क्या विश्व स्वास्थ्य संगठन ने मोटे लोगों पर कर लगाने का कोई प्रस्ताव किया है? इसके जवाब में केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री गुलाम नवी आजाद ने कहा है कि फिलहाल उन्हें किसी देश में एसा कर लगाए जाने की जानकारी नहीं है। संसद के गलियारों में मिश्र के प्रश्न को चटखारे लेकर सुनाया जा रहा है, कि अरे कलराज मिश्र जी यह आपने क्या कह दिया, अगर एसा हुआ तो आपकी पार्टी के आलाकमान . . .।

स्वाईन फ्लू नहीं, थोडी सी पी है काक्के
सर्दी की आहट के साथ ही दिल्ली में एक बार फिर स्वाईन फ्लू की दहशत ने फिर सर उठाया है। दिल्ली में सर्दी से बचने गरम कपड़ों के साथ ही साथ स्वाईन फ्लू से बचने के मास्क फिर निकल आए हैं। एक वारदात पर जब दरोगा जी पहुंचे तो वे स्वाईन फ्लू का मास्क लगाए हुए थे। मौके पर मौजूद लोगों ने दरोगा जी की तहे दिल से तारीफ करते हुए कहा कि देखे स्वाईन फ्लू के खौफ के बाद भी दरोगा जी अपनी ड्यूटी पूरी पूरी मुस्तैदी के साथ निभा रहे हैं। वहां मौजूद एक नेताजी ने दरोगा जी के बारे में उच्चाधिकारियों से सिफारिश करने की बात तक कह डाली। यह क्या! अचानक ही नेताजी को छींक आ गई और मास्क उतारना पड़ा। मास्क उतारते ही माहौल मदिरामय हो उठा। तब पता चला कि दरोगा जी ने स्वाईन फ्लू से बचने के लिए नहीं, वरन अपने रंगीन मूड को छिपाने के लिए मास्क धारण किया था। एक मनचले ने धीरे से चुटकी ली -‘‘मास्क स्वाईन फ्लू से बचने के लिए नहीं, वरन् थोड़ी सी पी ली है काक्के।‘‘

रेल और जहाज पर करोड़ों का जुर्माना
दिल्ली विकास प्राधिकरण ने दिल्ली मेट्रो तो भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) ने किंग फिशर एयर लाईन्स पर करोड़ों के जुर्माने ठोंक दिए हैं। दिल्ली के उपनगरीय इलाके द्वारका के सेक्टर 21 में मेट्रो द्वारा बनाए जाने वाले एक होटल को बिना अनुमति निर्माण आरंभ करने के लिए ढाई करोड़ रूपयों का जुर्माना ठोंक दिया है। मेट्रो ने पब्लिक प्राईवेट पार्टनरशिप के तहत होटल का निर्माण आरंभ किया है। पहले माना जा रहा था कि यह होटल कामन वेल्थ गेम्स के पहले ही तैयार करवा दिया जाएगा, किन्तु बाद में यह संभव नहीं हो सका। उधर दूसरी ओर सीसीआई ने चर्चित सांसद विजय माल्या के स्वामित्व वाली किंगफिशर एयरलाईंस द्वारा सीसीआई के महानिदेशक द्वारा मांगी गई जानकारी न उपलब्ध कराने के चलते एयरलाईंस पर एक करोड़ रूपयों का जुर्माना ठोंक दिया है। प्रतिस्पर्धा अधिनियम 2002 की धारा 44बी के मुताबिक किसी जानकारी को छुपाने की स्थिति में जुर्माना आहूत होगा जो कम से कम पचास लाख तो अधिक से अधिक एक करोड़ रूपए तक होगा।

अपनी शैक्षणिक योग्यताओं से अनजान हैं विधायक जी
भारत गणराज्य में लोकतंत्र की स्थापना जिन उद्देश्यों के लिए की गई थी, वह आज पूरा होता नहीं दिखता। जनता की सेवा के लिए आगे आने वाले जनता के नुमाईंदों द्वारा जनता के दुख दर्द को समझने के बजाए अपने आराम तलब को महत्व देने से देश में लोकतंत्र की नींव पूरी तरह से कमजोर होती जा रही है। देश को सबसे अधिक प्रधानमंत्री देने वाले उत्तर प्रदेश की विधानसभा का आलम यह है कि 403 विधायकों वाली विधानसभा में संस्थागत वित्त मंत्री नंदगोपाल गुप्त सहित 59 विधायकों ने अपनी शैक्षणिक योग्यता की जानकारी छुपाई है। यूपी में 112 स्नातक, 35 विधि स्नातक, 9 जूनियर हाई स्कूल, 36 इंटरमीडिएट,19 हाई स्कूल पास विधायक हैं। शैक्षणिक योग्यता को छिपाने वालों में बसपा के 42, सपा के 9, भाजपा के 5, कांग्रेस के 2 और आरएलडी के एक विधायक का समावेश है। अब सवाल यह है कि ये जानकारी छिपाने वाले ये विधायक वाकई अपनी शैक्षणिक योग्यता से अनजान हैं या जानबूझकर इन्होंने अपनी योग्यताओं को छिपाया है।

राजा की रूखसती से कामत की लगी लाटरी
दूरसंचार मंत्री ए.राजा के टू जी स्पेक्ट्रम के चलते त्यागपत्र देने के बाद मानव संसाधन मंत्री कपिल सिब्बल के नए संचार मंत्री बनते ही दूरसंचार राज्यमंत्री गुरूदास कामत की मानो लाटरी लग गई है। कल तक राजा के मंत्री रहते हुए कामत को किनारे लगा दिया गया था। कहा जा रहा है कि पूर्व दूरसंचार मंत्री ए.राजा ने विभाग के संदिग्ध कामों में कामत की पूछताछ और अन्य दखल से खफा होकर कामथ को सभी महत्वपूर्ण कामों से हाशिए पर लगा दिया था। जब से कपिल सिब्बल ने काम काज संभाला है तब से कामथ एक बार फिर मुख्य धारा में लौट आए हैं। कपिल सिब्बल बार बार न केवल कामथ की बढाई करते नजर आते हैं वरन् मंच पर कामथ को बोलने का पर्याप्त अवसर भी प्रदान करते हैं। सियासी गलियारों में चर्चा यह भी है कि मानव संसाधन मंत्रालय के भरी भरकम कामकाज के चलते सिब्बल द्वारा संचार मंत्रालय का काम बमुश्किल संभाला जा पा रहा है, सो उन्होंने कामथ की बैसाखी पर चलना ही बेहतर समझा है।

पुच्दल तारा
भारत में स्वास्थ्य को लेकर सरकारंे संजीदा होने का प्रहसन अवश्य ही करती हैं, किन्तु वास्वत में वे इस बारे में बहुत गंभीर नहीं हैं। सरकारें चाहे जो नियम बना लें किन्तु देश में निजी अस्पतालों द्वारा गरीबों का खून बखूबी चूसा जा रहा है। अहमदाबाद से सन्नी अर्गल ने एक ईमेल भेजा है। वे लिखते हैं कि एक व्यक्ति बीमार पड़ा तो अस्पताल में काफी दिन रहने के बाद बीमार पड़े पति को उसकी पत्नि ने आश्वासन देते हुए कहा कि प्रिये चिंता मत करो, तुम बिल्कुल ठीक हो जाओगे। पिछले दस दिनों में अस्पताल का बिल बढ़कर तीन लाख हो गया है, और वे बिल की राशि तुमसे वसूले बिना तुम्हें मरने कतई न देंगे।

रविवार, 26 दिसंबर 2010

बुधवार, 22 दिसंबर 2010

लिमटी खरे को साव्यासाची अलंकरण सम्मान

लिमटी खरे को साव्यासाची अलंकरण सम्मान

जबलपुर। राज एक्सप्रेस के दिल्ली ब्यूरो प्रमुख लिमटी खरे को हीरा लाल गुप्ता स्मृति अलंकरण सम्मान से सम्मानित किया जाएगा। स्व.हीरा लाल गुप्ता स्मृति समारोह समिति और साव्यसाची कला गु्रप के संयोजक ने उक्ताशय की जानकारी देते हुए बताया कि शुक्रवार 24 दिसंबर को आयोजित इस कार्यक्रम में पांच लोगों को सम्मानित किए जाने का निर्णय लिया गया है।

उन्होंने बताया कि इस साल हीराल लाल गुप्त स्मृति वरिष्ठ पत्रकार सम्मान स्वतंत्र मत जबलपुर के महेश मेहदेले को, स्व.प्रमिला बिल्लोरे स्मृति साव्यसाची सम्मान डी.जी.केबल जबलपुर के ओम कोहली, कृष्ण कुमार शुक्ला, लिमटी खरे को प्रदाय किया जाएगा। इसके अलावा समिति ने ब्लागर सम्मान के लिए कनाड़ा में रह रहे समीर लाल को चुना है। इसका आयोजन 24 दिसंबर को शाम साढ़े छः बजे मदन महल स्टेशन स्टेशन रोड़ पर भातखण्डे संगीत महाविद्यालय में रखा गया है। कार्यक्रम का मुख्य अतिथ्य महापौर प्रभात साहू एवं अध्यक्षता जवाहर लाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर गौतम कल्लू द्वारा की जाएगी।

अर्जुन का तुणीर

राजा के तीर

लिमटी खरे को साव्‍यासाची सम्‍मान

मंगलवार, 21 दिसंबर 2010

ज्योतिरादित्य चढ़ गए हैं आलाकमान की नजरों में

जल्द ही मिल सकती है महती जवाबदारी

(लिमटी खरे)

नई दिल्ली। बुराड़ी में संपन्न हुए कांग्रेस के 83वें महाधिवेशन में गणेश परिक्रमा के बजाए पराक्रम की राजनीति का नारा देने वाले केंद्रीय वाणिज्य उद्योग राज्य मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया का कद आलाकमान की नजरों में एकाएक बढ़ गया है। वहीं स्थिति को भांपते हुए कांग्रेस के महासचिव दिग्विजय सिंह ने भी सिंधिया की तारीफ में कशीदे गढ़ने आरंभ कर दिए हैं।

कांग्रेस के सत्ता और शक्ति के शीर्ष केंद्र 10 जनपथ और भविष्य की राजनीति के केंद्र राहुल गांधी के सबसे विश्वस्त दिग्विजय सिंह के द्वारा दिए गए संकेतों ने साफ कर दिया है कि ज्योतिरादित्य सिंधिया को जल्द ही कोई महत्वपूर्ण जवाबदारी से नवाजा जा सकता है।

कांग्रेस के उच्च पदस्थ सूत्रों का कहना है कि मध्य प्रदेश में रसातल में जाती कांग्रेस की नैया को खेने के लिए ज्योतिरादित्य को सूबे में कांग्रेस का निजाम बनाकर भेजा जा सकता है। सूत्रों ने कहा कि अगर सिंधिया ने प्रदेश की राजनीति में जाने से इंकार कर दिया तो निश्चित तौर पर उन्हें कांग्रेस संगठन में बड़ा पद या सरकार में उनकी पदोन्नति सुनिश्चत ही है।

सूत्रों ने संकेत दिए कि सिंधिया के इंकार करने की स्थिति में मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के लिए कमल नाथ के करीबी सांसद सज्जन सिंह वर्मा का नाम सबसे उपर चल रहा है। उसके बाद राहुल गांधी की करीबी मंदसौर की सांसद मीनाक्षी नटराजन का नाम है। सूत्रों ने बताया कि मीनाक्षी नटराजन के संसदीय क्षेत्र के अनेक कांग्रेस कार्यकर्ताओं के भाजपा का दामन थामने की खबरें भी आलाकमान को दी गई हैं। अध्यक्ष की दावेदारी में एकाएक उभरे सांसद राजूखेड़ी का नाम अब काफी हद तक पीछे चला गया है।

क्या कहा था सिंधिया ने

बुराड़ी महाधिवेशन में युवा सांसद और केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने अपने उद्बोधन में साफ तौर पर कहा था कि गणेश परिक्रमा के बजाए पराक्रम की राजनीति को पार्टी में स्थान दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि विधानसभा और स्थानीय निकायों के चुनावों की टिकिट दिल्ली से बांटने का क्या ओचित्य है? इसके साथ ही साथ उन्होंने प्रस्ताव दिया कि बागियों को पार्टी में वापस लेने की परंपरा बदली जाए, उन्हें छः साल साल बाद ही पार्टी में लिया जाए।

माधवराव ने भी छोड़ी थी कांग्रेस

ज्योतिरादित्य के पिता स्व.माधवराव सिंधिया ने भी तत्तकालीन कांग्रेस अध्यक्ष पी.व्ही.नरसिंहराव की कार्यप्रणाली से खफा होकर 1996 में कांग्रेस से किनारा कर लिया था। बाद में सीताराम केसरी के अध्यक्ष बनने के उपरांत वे कांग्रेस में पुनः वापस लौटे थे।

पीएम जेपीसी के लिए तैयार क्यों नहीं: गडकरी

पीएम जेपीसी के लिए तैयार क्यों नहीं: गडकरी

लिमटी खरे
नई दिल्ली। लोक लेखा समिति के सामने पेश होने की प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की पेशकश के बावजूद भाजपा ने अपनी मांग से पीछे नहीं हटते हुए मंगलवार को कहा कि 2 जी स्पेक्ट्रम आवंटन मामले की जांच के लिए सरकार को संयुक्त संसदीय समिति का गठन करना चाहिए। भाजपाध्यक्ष नितिन गडकरी ने यहां संवाददाताओं से कहा कि प्रधानमंत्री अगर पीएसी का सामना करने को तैयार हैं तो फिर उन्हें जेपीसी से जांच कराने में क्या एतराज है। अगर जांच की आवश्यकता है तो सरकार द्वारा खुद जज तय करना गलत है।

उन्होंने कहा कि पीएसी की तरह जेपीसी में भी कांग्रेस के प्रतिनिधि होंगे। ऐसे में विपक्ष की मांग को मानने में कोई समस्या नहीं होनी चाहिए। गडकरी ने कहाए संसदीय समिति होने के कारण पीएसी की सीमाएं हैं, क्योंकि यह कैग की रिपोर्ट के आधार पर जांच करेगी, जबकि जेपीसी के व्यापक अधिकार हैं।

सोनिया गांधी की इस बात पर कि कांग्रेस भ्रष्टाचार के खिलाफ चंहु मुखी जंग छेड़ेगी, भाजपा के शीर्ष नेता ने कहा कि सोनिया विपक्ष की तरह बात कर रही हैं। पहला सवाल तो यह है कि अगर सरकार उनकी है तो भ्रष्टाचार हुआ ही क्यों, उन्हें इस बात का जवाब देना चाहिए और कार्रवाई करनी चाहिए।

भ्रष्टाचार के खिलाफ राजग की कल की प्रस्तावित रैली के बारे में गडकरी ने कहा कि 1947 के बाद भारत के इतिहास मे 2 जी स्पेक्ट्रम सबसे बड़ा घोटाला है इसलिए इसके खिलाफ जनमत बनाना जरूरी है। प्याज़ की बढ़ती कीमतों के संदर्भ में उन्होंने कहा कि यह खराब शासन और गलत आर्थिक नीतियों का नतीजा है।

फिर रूलाने पर आमदा है प्याज

फिर रूलाने पर आमदा है प्याज

लिमटी खरे

नई दिल्ली। इस साल के अंत तक मंहगाई के कम होने के सरकार के दावों की पोल खुलने लगी हैै। पूरे साल महंगाई रोकने का दावा करती रही केंद्र सरकार के कदमों का नतीजा सामने आने लगा है। पेट्रोल की कीमतों को सरकारी नियंत्रण से मुक्त कर दिए जाने के चलते पेट्रोल के दाम लगातार बढ़ ही रहे हैं। अब प्याज की कीमत देश भर में 60 से 80 रुपये प्रति किलो पहुंच गई है। सरकार इसके लिए मौसम को दोषी बता रही है, लेकिन सच यह है कि सरकार बिना कुछ सोचे समझे प्याज का निर्यात करती रही और अब हालात बेकाबू हो जाने पर उसी पाकिस्तान से प्याज खरीदे जा रहे हैंए जिसे भारत सरकार ने बेचा था।

0 हफ्ते भर में दोगुनी बढ़ोतरी

एक सप्तााह के अंदर देश में प्याज की कीमत 100 से 130 फीसदी तक बढ़ी है। इसके बाद सरकार ने निर्यात पर 15 जनवरी तक के लिए रोक लगाई है और पाकिस्तान से प्याज खरीदने का फैसला किया है। हालांकि कृषि मंत्री शरद पवार ने यह भी साफ कर दिया है कि अभी कम से कम तीन हफ्ते कीमतें नीचे नहीं आएंगी।

राजधानी दिल्ली समेत देशभर में प्याज की कीमत 70 से 80 रुपए प्रति किलो पहुंच गई है। यह कीमतें पिछले हफ्ते 30 से 40 रुपये प्रति किलो थी। पाकिस्तान ने 13 ट्रक प्याज भेजे हैं। ये प्याज सोमवार को अटारी वाघा सीमा होते हुए अमृतसर पहुंच गए। एक ट्रक में पांच से 15 टन प्याज भरा है। लेकिन इससे कीमतों पर कोई असर नहीं पड़ने वाला है।

क्यों बढ़ी कीमतें

बेमौसम बारिश के कारण नासिक की मंडियों में प्याज की आवक कम है। नासिक में पिछले माह हुई बारिश के कारण एक लाख हेक्टेयर पर लगी प्याज की फसल का नुकसान हुआ था। व्यापारियों का कहना है कि गुजरात और राजस्थान में पिछले दिनों आई बरसात से प्याज खराब हो गई है। कुछ खेतों में और कुछ बाहर प्याज काफी हद तक सड़ गई। सारी स्थिति को जानते हुए भी सरकार ने प्याज का निर्यात जारी रखा, इसके चलते जमाखोरों की मौज हो गई है।