गुरुवार, 6 जनवरी 2011

अनेक मंत्रियों को साईज में लाने पर विचार कर हरा है आलाकमान

मंत्रियों के पर कतरने की तैयारी में सोनिया

अर्जुन को साध कर ही रखेगी कांग्रेस

(लिमटी खरे)

नई दिल्ली। मकर संक्रांति के बाद कांग्रेस अध्यक्ष श्रीमति सोनिया गांधी द्वारा सत्ता और संगठन की लगाम कसने की कवायद की जाएगी। इस फेरबदल में लाल बत्ती की मलाई खाने वाले अनेक कांग्रेसी नेताओं के पर कतरकर उन्हें संगठन की जवाबदारी सौंपी जा सकती है, वहीं बेहतर परफार्मेंस वाले मंत्रियों को पदोन्नति या संगठन में महत्वपूर्ण काम सौंपा जा सकता है।

कांग्रेस के सत्ता और शक्ति के शीर्ष केंद्र 10 जनपथ (श्रीमति सोनिया गांधी का सरकारी आवास) के भरोसेमंद सूत्रों का कहना है कि कांग्रेस अध्यक्ष श्रीमति सोनिया गांधी ने अपनी टीम की रूपरेखा पर अपने राजनैतिक सचिव अहमद पटेल, महासचिव द्वय राहुल गांधी और दिग्विजय सिंह से अनेक चरणों में रायशुमारी पूरी कर ली है। सोनिया को पूस माह के समाप्त होने का इंतजार है।

सूत्रों का कहना है कि सोनिया की मंशा भांपकर केंद्रीय मंत्रियों अंबिका सोनी, सी.पी.जोशी, जयपाल रेड्डी, वी.नारायण सामी, आनंद शर्मा, जतिन प्रसाद सहित गिरिजा व्यास, मुकुट मिथि, लालथनवाला, आदि ने सोनिया की टीम में काम करने अपनी अपनी सहमति जता दी है।

माना जा रहा है कि योजना आयोग के उपाध्यक्ष मांटेक सिंह अहलूवालिया द्वारा प्रधानमंत्री को सौंपी गई मंत्रियों की परफारमेंस रिपोर्ट के आधार पर केंद्र सरकार में मंत्रियों के विभागों का नए सिरे से बटवारा होगा। कांग्रेस के महाधिवेशन में एकाएक उभरकर सामने आए युवा तुर्क ज्योतिरादित्य सिंधिया को या तो सरकार में ही पदोन्नति दी जाएगी या फिर संगठन में महत्वपूर्ण जवाबदारी दी जा सकती है। मध्य प्रदेश कोटे से चार मंत्रियों में से एक मंत्री की पदावनति के संकेत भी सूत्रों द्वारा दिए गए हैं। इसके साथ ही साथ कानून मंत्री वीरप्पा मोईली से भी प्रधानमंत्री खासे नाराज बताए जा रहे हैं। माना जा रहा है कि उन्हें सत्ता से बाहर का रास्ता दिखाकर संगठन में महत्वपूर्ण काम सौंपा जा सकता है। पीएमओ के सूत्रों का कहना है कि देश के कानून मंत्री की कुर्सी पर डॉ.मनमोहन सिंह एक बार फिर हंसराज भारद्वाज को देखने को आतुर हैं।

बीसवीं सदी के अंतिम दशकों में कांग्रेस की राजनीति के चाणक्य रहे पूर्व केंद्रीय मंत्री कुंवर अर्जुन सिंह जिन्हें 2009 में हाशिए पर ढकेल दिया गया था, की सुध भी कांग्रेस लेने जा रही है। जहर बुझे तीर चलाने में महारथ हासिल रखने वाले सिंह को कांग्रेस अपनी कार्यसमिति में सम्मानित सदस्य के तौर पर रखकर उन्हें व्यस्त रखने के लिए महती जवाबदारी देने पर गंभीरता से विचार कर रही है।

बुधवार, 5 जनवरी 2011

पीएम ने कसी मंत्रालयों की मुश्कें

पीएम ने कसी मंत्रालयों की मुश्कें
नई दिल्ली (ब्यूरो)। कंेद्रीय मंत्रालयों में बैठे प्रशासनिक अधिकारियों की झींगा मस्ती से वजीरे आजम डॉ.मनमोहन सिंह खासे खफा हैं। पीएमओ का कहना है कि मंत्रालयों को गंभीर विषयों पर ‘‘नोट‘‘ लिखना भी नहीं आता है। केबनेट सचिव के.एम.चंद्रशेखर द्वारा मंत्रालयों के आला अधिकारियों को भेजे पत्र में पीएम की इस नाराजगी से आवगत कराया गया है।
पीएमओ के सूत्रों का कहना है कि चंद्रशेखर द्वारा लिखा गया पत्र काफी तल्ख भाषा में है, जिसमें अधिकारियों की लेखन क्षमता पर सीधे सीधे प्रश्न चिन्ह लगाया गया है। दिसंबर के तीसरे सप्ताह में लिखे इस पत्र की इबारत में कहा गया है कि मंत्रीमण्डल समितियों और केबनेट के लिए तैयार प्रस्तावों की भाषा पर प्रधानमंत्री काफी नाराज हैं। इसके लिए आवश्यक होगा कि प्रशिक्षण कार्यक्रमों में आला अधिकारी अनिवार्य तौर पर मौजूद रहें।

देश में पूरक राजनीतिक व्यवस्था की जरूरत

देश में पूरक राजनीतिक व्यवस्था की जरूरत
नई दिल्ली (ब्यूरो)। देश में वर्तमान राजनीतिक व्यवस्था के लिए पूरक प्रणाली की वकालत करते हुए भारत विकास संगम के केएन गोविंदाचार्य ने बुधवार को कहा कि देसी सोच और विकेंद्रीकरण वाली राजनीतिक व्यवस्था होनी चाहिए। गोविंदाचार्य आज मीडिया से रूबरू थे।
गोविंदाचार्य ने यहां संवाददाताओं से कहा कि स्वदेशी सोच वाले सभी राजनीतिक लोगों को एक मंच पर लाने के प्रयास किए जा रहे हैं चाहे वे किसी भी राजनीतिक दल से संबंध रखते हों। उन्होंने कहा कि सभी राजनीतिक दलों में देसी और विकेंद्रीकरण की सोच वाले लोग हैं लेकिन वे अपने अपने दलों के भीतर बंधे हुए हैं।
गोविंदाचार्य ने बताया कि ऐसे सभी लोगों की अप्रैल में दिल्ली में एक बैठक होगी और देसी राजनीति के पक्षधरों को एक जगह लाने का प्रयास किया जाएगा। गोविंदाचार्य ने यह भी स्पष्ट किया कि वह खुद किसी राजनीतिक दल या सŸाा का हिस्सा नहीं बनेंगे लेकिन श्इस बात के लिए प्रतिबद्धता रखेंगे कि विदेश परस्त नीति वाले दल सŸाा में नहीं रहें।
देश में माओवाद की समस्या पर उन्होंने कहा कि माओवाद देश में सामाजिकए आर्थिक नीतियों में विसंगतियों का परिणाम है। उन्होंने कहा कि नक्सलियों का तरीका निंदनीय है लेकिन केवल इस विषय पर बहस न करके सरकार को देश में गरीबों के प्रति संवेदनशील भी होना चाहिए। गोविंदाचार्य ने हाल ही में कर्नाटक के गुलबर्गा में संपन्न भारत विकास संगम के दस दिवसीय अधिवेशन में लिए गए फैसलों के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि 2011 में देश के 400 जिलों में ऐसे विकास संगम आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि इसके अलावा 12, 13 और 14 मार्च को वृंदावन में एक बैठक होगी और 51 विशेषज्ञों की एक परामर्शदात्री समिति बनाई जाएगी। उन्होंने बताया कि गुलबर्गा के सम्मेलन में आठ लाख लोगों ने भाग लिया और कर्नाटक के बाहर से साढ़े तीन हजार लोगों ने इसमें शिरकत की।

सीबीआई पर बरसी भाजपा

सीबीआई पर बरसी भाजपा
0 कहा कांग्रेस जांच ब्यूरो होना चाहिए सीबीआई का नाम
नई दिल्ली (ब्यूरो)। सीबीआई के तौर तरीकों और कार्यप्रणाली पर भाजपा ने कड़ी आपत्ति जताई है। भाजपा ने सीबीआई की कड़ी आलोचना करते हुए बुधवार को कहा कि देश की प्रमुख जांच एजेंसी ने अदालत में यह कहकर बेशर्मी की इंतहा कर दी है कि बोफोर्स मामले में आए आयकर अपीलीय न्यायाधिकरण के फैसले में कुछ भी नया नहीं है।
भाजपा प्रवक्ता सैयद शाहनवाज हुसैन ने यहां संवाददाताओं से कहा कि इतालवी कारोबारी ओŸाावियो क्वात्रोच्चि और विन चड्ढा को बोफोर्स तोप सौदे में दलाली मिलने का खुलासा करता न्यायाधिकरण का फैसला सीबीआई के लिए एक अहम मुद्दा था किन्तु उसने कल एक स्थानीय अदालत में यह कहकर बेशर्मी की इंतहा कर दी कि न्यायाधिकरण के निर्णय में कुछ भी नई बात नहीं है।
हुसेन ने आगे कहा कि सीबीआई पहले ही बोफोर्स मामले को बंद करने की अर्जी दाखिल कर चुकी है लेकिन उसने कल अदालत में यह बात कहकर एक बार फिर मामले पर पर्दा डालने की कोशिश की है। हुसैन ने चुटकी लेते हुए कहा कि सीबीआई का नाम बदलकर कांग्रेस जांच ब्यूरो, कर देना चाहिए।
हुसैन ने कहा कि संप्रग के जहाज में भ्रष्टाचार का पानी इतना भर गया है कि उसका डूबना अब तय है। उन्होंने यह भी दावा किया कि कांग्रेस, कैबिनेट और सŸाारूढ़ गठबंधन के सहयोगी दलों में आपसी मतभेद हैं। पी चिदंबरम गृह मंत्री होते हुए भी महंगाई पर बयान देते हैं, आतंकवाद के मुद्दे पर दिग्विजय सिंह कुछ दावे करते हैं और जर्नादन द्विवेदी कुछ और बात कहते हैं। यही नहीं, सिंह अपनी ही पार्टी के सहयोगी दल राकांपा के नेता तथा महाराष्ट्र के गृह राज्य मंत्री आर आर पाटिल से इस्तीफा भी मांगते हैं।

सरकार के खिलाफ विरोध करेगी भाजपा

सरकार के खिलाफ विरोध करेगी भाजपा
नई दिल्ली (ब्यूरो)। भाजपा ने बुधवार को कहा कि वह आयकर अपीलीय न्यायाधिकरण के बोफोर्स मामले में आए फैसले के मद्देनजर सरकार में व्याप्त भ्रष्टाचार के खिलाफ अपने विरोध को तेज करेगी और गुवाहाटी में होने वाली राष्ट्रीय कार्यकारिणी की अपनी बैठक में इस मुद्दे पर विशेष प्रस्ताव पारित करेगी।
भाजपा कोर समूह की आज यहां बैठक होने के बाद राज्यसभा में विपक्ष के नेता अरुण जेटली ने संवाददाताओं को बताया कि आयकर अपीलीय न्यायाधिकरण के फैसले में हुए खुलासों के बाद प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी राष्ट्र के प्रति जवाबदेह हैं। उन्होंने कहा कि हम सरकार में भ्रष्टाचार के खिलाफ अपने अभियान को तेज करेंगे।
पार्टी आलाकमान ने हाल ही में प्रकाश में आए भ्रष्टाचार के कई मामलों पर सरकार को आड़े हाथ लेने की रणनीति पर चर्चा की। आयकर अपीलीय न्यायाधिकरण के फैसले में पाया गया है कि इतालवी कारोबारी ओŸाावियो क्वात्रोच्चि और एई सर्विसेज के मालिक विन चड्ढा को बोफोर्स तोप सौदे में दलाली मिली थी और इसके लिए उन्हें आयकर का भुगतान करना होगा।
जेटली ने कहा कि गुवाहाटी में होने वाली हमारी राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में हम संप्रग-2 सरकार में व्याप्त भ्रष्टाचार के खिलाफ विशेष प्रस्ताव पारित करेंगे। भाजपा कोर समूह ने भ्रष्टाचार के खिलाफ अभियान मजबूत करने और प्रदेश की राजधानियों में इस मुद्दे को रैलियों के जरिए उठाने का फैसला किया। जेटली ने आरोप लगाया कि कई घोटालों का खुलासा होने के बाद भी सरकार का नजरिया नहीं बदला है और वह बोफोर्स मामले पर पर्दा डालने की कोशिश में शामिल रही है।

सम्‍मान के उपरांत अग्रजा और परिवार के साथ

सम्‍मान के उपरांत अग्रजा और परिवार के साथ

गर्व के क्षण

जवाहर लाल नेहरू विश्‍वविदयालय के कुलपति एवं श्‍याम कटारे जी के हाथों सम्‍मानित

पूज्‍यनीय श्‍याम कटारे जी द्वारा शाल से आर्शीवाद

तिलक

स्‍वागत बंधुवर

साव्‍यासाची अलंकरण सम्‍मान 24 दिसंबर 2010 जबलपुर मध्‍य प्रदेश नमन

साव्‍यासाची अलंकरण सम्‍मान 24 दिसंबर 2010 जबलपुर मध्‍य प्रदेश द्वीप प्रज्‍जवलन

साव्‍यासाची अलंकरण सम्‍मान 24 दिसंबर 2010 जबलपुर मध्‍य प्रदेश

ग्राम न्यायालयों की स्थापना में प्रदेश ने बाजी मारी

ग्राम न्यायालयों की स्थापना में प्रदेश ने बाजी मारी

नई दिल्ली (ब्यूरो)। केंद्र सरकार की ग्राम न्यायालयों की योजना भले ही राज्यों को नहीं भा रही हो पर मध्य प्रदेश ने इसमें बाजी मार ली है। 45 ग्राम न्यायालयों की स्थापना के साथ मध्य प्रदेश दूसरी पायदान पर आ गया है। ग्राम न्यायालय अधिनियम के तहत ग्रामीणों को जल्दी न्याय दिलाने के लिए देश में पांच हजार ग्राम न्यायालय स्थापित करने की योजना है।

कानून मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक, ग्राम न्यायालय अधिनियम वर्ष 2009 में गांधी जयंती के दिन 2 अक्टूबर को अधिसूचित हुआ, इसके उपरांत एक साल में सिर्फ चार राज्यों ने 96 ग्राम न्यायालयों की स्थापना की है, जबकि दिल्ली, आंध्रप्रदेश, तमिलनाडु, उŸाराखंड और केंद्र शासितप्रदेश चंडीगढ़ ने इसके लिए मना कर दिया है। दिल्ली सरकार ने कानून मंत्रालय से कहा कि शहरीकरण के कारण दिल्ली में ग्राम न्यायालयों की आवश्यकता नहीं है। आंध्रप्रदेश सरकार ने कहा कि वर्तमान न्यायपालिका बहुत प्रभावशाली है, इस कारण ग्राम न्यायालयों की स्थापना की कोई आवश्यकता नहीं है।

मध्यप्रदेश ने 45 ग्राम न्यायालयों की स्थापना की है। महाराष्ट्र में नौ, उड़ीसा में एक और राजस्थान में 46 ग्राम न्यायालयों की स्थापना हुई है। मगर कुल स्थापित 96 न्यायालयों में से सिर्फ 48 ही काम कर रहे हैं। इन चार राज्यों में ग्राम न्यायालयों की स्थापना के लिए हाल ही में 13.47 करोड़ रुपये दिए गए हैं। देश के 28 में से सिर्फ 15 राज्यों ने ग्राम न्यायालयों की स्थापना के लिए लिखे गए पत्र का जवाब दिया है। संसद में ग्राम न्यायालय अधिनियम दिसंबर 2008 में पारित हुआ था।

मंगलवार, 4 जनवरी 2011

राजा ने पेश किए काल के रिकार्ड

दिग्विजय ने पेश किए करकरे से बातचीत के काल रिकार्ड

(लिमटी खरे)

नई दिल्ली। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के महासचिव दिग्विजय सिंह ने 26 नवंबर 2008 के दिन देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में हुए अब तक के सबसे बड़े आतंकी हमले के कुछ घंटों पहले ही महाराष्ट्र एटीएस के प्रमुख हेमंत करकरे से हुई बातचीत का कॉल रेकॉर्ड पेश किए हैं, जिनमें उन्होंने दावा किया था कि करकरे ने फोन पर उनसे चर्चा की थी, साथ ही उन्होंने महाराष्ट्र के गृहमंत्री आर. आर. पाटिल से माफी की मांग की है।

दिग्विजय सिंह ने पिछले दिनों यह कहकर सनसनी फैला दी थी कि मरने से कुछ घंटे पहले करकरे ने उन्हें फोन करके दक्षिणपंथी ताकतों से धमकी मिलने की बात कही थी। कांग्रेस महासचिव ने कहा था कि वह बातचीत का रेकॉर्ड उपलब्ध करा सकते हैं। हालांकि, बाद में उन्होंने दूरसंचार महकमे से रेकॉर्ड न मिलने की बात कही थी।

दिल्ली में मंगलवार को दिग्विजय सिंह ने हेमंत करकरे से हुई बातचीत का ब्योरा सार्वजनिक करते हुए कहा कि अब ऐसे लोग कम से कम उनसे माफी मांगें जिन्होंने उन्हें झूठा और देशद्रोही तक करार दिया था। उन्होंने कहा कि बीएसएनएस ने उनके फोन कॉल की जानकारी उपलब्ध कराई है।

दिग्विजय सिंह ने महाराष्ट्र के गृहमंत्री आर. आर. पाटिल के उस बयान पर भी दुख प्रकट किया, जिसमें पाटिल ने दिग्विजय सिंह के दावे पर संदेह जताया था और कहा था कि कांग्रेस नेता और करकरे के बीच किसी भी तरह की बातचीत होने के सबूत उपलब्ध नहीं हैं। मध्य प्रदेश सरकार पर भी आरोप लगाते हुए सिंह ने कहा कि प्रदेश सरकार आतंकी गतिविधियों को छिपाती है। उन्होंने कहा कि समझौता एक्सप्रेस में विस्फोट की साजिश सबरी कुंड में रची गई थी। उन्होंने पाटिल को लिखे पत्र की प्रति भी मीडिया को उपलब्ध कराई है।

सिंह ने दावा किया कि करकरे ने उन्हें कहा था कि उनकी जान को उन तत्वों से खतरा है, जो उनके द्वारा की जा रही मालेगांव ब्लास्ट की जांच से नाराज हैं। मालेगांव ब्लास्ट में कथित रूप से हिंदू आतंकवादियों के शामिल होने के सुराग हैं। करकरे ने उन्हें यह भी बताया कि आरएसएस से जुड़ी एक पत्रिका में उनके बेटे के बारे में भी गलत जानकारियां दी गई हैं। पत्रिका में लिखा है कि उनके बेटे को दुबई से 50 करोड़ रुपए का ठेका मिला हैए जबकि उनका बेटा केवल 17 साल का है।

पत्रकारों से रूबरू दिग्विजय सिंह ने कहा कि यद्यपि उनकी मुलाकात हेमंत करकरे से कभी नहीं हुई थी, फिर भी मालेगांव विस्फोट के कथित सूत्रधारों की गिरफ्तारी पर उन्होंने करकरे को फोन कर बधाई दी थी। उसी समय करकरे ने दिग्विजय सिंह से कहा था कि नागपुर में मौजूद उनके माता पिता को जान से मारने की धमकियां मिल रहीं थीं। साथ ही सिंह ने कहा कि करकरे ने फोन पर चर्चा के दौरान साफ कहा था कि उनकी जान को उन तत्वों से खतरा है जो मालेगांव ब्लास्ट की जांच से नाराज हैं।

381 सेकण्ड बात की करकरे से
दिग्विजय सिंह द्वारा पेश उनके मोबाईल के रिकार्ड में मुंबई एटीएस के उस नंबर का उल्लेख है जो महाराष्ट्र एटीएस की वेव साईट पर कान्टेक्ट नंबर के तौर पर पड़ा हुआ है। बीएसएनएल के महाप्रबंधक भोपाल कार्यालय के लेखाधिकारी द्वारा उन्हें उपलव्ध कराए गए रिकार्ड में 26 नवंबर 2008 को मुंबई के 23087336 नंबर पर उनके मोबाईल से 381 सेकण्ड बात की जाना दर्शाया गया है, वह भी शाम पांच बजकर 44 मिनिट और नौ सेकण्ड पर। यक्ष प्रश्न तो यह है कि 26 नवंबर को अपरान्ह जब ताज होटल पर आतंकियांे ने कब्जा जमा लिया था, तब शाम पांच बजे मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने करकरे को एटीएस के जनरल लेण्ड लाईन पर फोन करके बधाई देने की बात कहां से सूझी, जबकि उस वक्त करकरे निश्चित तौर पर आतंकियों से निपटने की रणनीति बनाने में व्यस्त होंगे।

तेरह महीने से ज्यादा रिकार्ड नहीं होता बीएसएनएल के पास
भारत संचार निगम लिमिटेड (बीएसएनएल) के सूत्रों का कहना है कि विभाग के पास किसी भी मोबाईल का महज 13 माह का ही काल रिकार्ड होता है, जैसे ही एक दिन भी इस अवधि से ज्यादा होता है पुराना रिकार्ड अपने आप ही डिलीट हो जाता है। सूत्रों ने आगे कहा कि सुरक्षा एजेंसियों के आग्रह पर विभाग छः छः माह का रिकार्ड दे देती हैं। वैसे काल डिटेल रिकार्ड (सीडीआर) में पूना स्थित विभाग के स्विच रूम से ही इस बात का पता किया जा सकता है कि मोबाईल उपभोक्ता किस समय किस टावर के माध्यम से किससे बात कर रहा है।

एमपी की पुलिस पर भरोसा नहीं!
कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने कहा कि उन्हें मध्य प्रदेश की पुलिस की जांच पर भरोसा नहीं है। इसलिए वे चाहते हैं कि इस मामले की जांच केंद्रीय एजेंसी से करवाई जाए। बाद में पत्रकारों के द्वारा महाराष्ट्र पुलिस के बारे में यही प्रश्न दुहराने पर उन्होंने अपनी गल्ति को स्वीकारते हुए कहा कि वे एमपी और महाराष्ट्र दोनों ही सूबे की पुलिस का पूरा आदर करते हैं किन्तु मध्य प्रदेश में जिनकी अगुआई में पुलिस काम कर रही है उससे उन्हें शंका है कि जांच निष्पक्ष होगी।

क्या कहा था दिग्विजय सिंह ने
कांग्रेस के ताकतवर महासचिव दिग्जिजय सिंह ने तकरीबन एक महीने पहले सिंह ने दावा किया था कि मुंबई पर 26 नवंबर 2008 को हुए आतंकी हमले के करीब साढ़े तीन घंटे पहले, याने शाम 6 से 7 बजे के बीच उनकी करकरे से बातचीत हुई। सिंह ने कहा था कि उन्हें नहीं मालूम है कि हेमंत करकरे की मौत के पीछे आरएसएस का हाथ है या नहीं। लेकिन वे यह कह सकते हैं कि करकरे को लगातार धमकियां मिल रही थीं। यहां तक कि नागपुर में रहने वाले उनके माता पिता को भी धमकियां दी जा रहीं थी।

पीसीसी का मोबाईल उपयोग कर रहे हैं सिंह
मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष रहे वर्तमान एआईसीसी महासचिव दिग्विजय ंिसंह आज भी मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के नाम से आवंटित भारत संचार निगम लिमिटेड का मोबाईल फोन उपयोग कर रहे हैं। 9425015461 नंबर के इस मोबाईल के काल डिटेल आज उन्होंने मीडिया को उपलब्ध करवाए। यह मोबाईल वे बतौर एमपी के चीफ मिनिस्टर भी उपयोग करते रहे हैं।

ममता की नजरें बंगाल पर केंद्रित

बंगाल चुनाव को समर्पित होगा रेल बजट
(लिमटी खरे)
नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल को अघोषित रेल मुख्यालय बनाने वाली केंद्रीय रेल मंत्री ममता बनर्जी ने अगामीरेल बजट की तैयारियों आरंभ कर दी हैं। माना जा रहा है कि देश के अगले रेल बजट पर पश्चिम बंगाल में अगलेसाल होने वाले विधानसभा चुनावों की परछाईं अवश्य ही दिखाई देगी। इस रेल बजट में पश्चिम बंगाल की झोलीभरने की उम्मीद जताई जा रही है। बंगाल विधानसभा का कार्यकाल जून 2011 मंे समाप्त होने वाला है।
गौरतलब होगा कि फरवरी मे केंद्र का रेल बजट आना है और इसी के दो तीन माह के उपरांत पश्चिम बंगाल मेंविधानसभा चुनाव संपन्न होने वाले हैं, लिहाजा ममता बनर्जी पर काम का जबर्दस्त दबाव है। चुनाव के साथ हीसाथ ममता पर रेल बजट की तैयारियों का भी खासा बोझ है। ममता के सामने सबसे बड़ी चुनौति यह उभरकरसामने आ रही है कि उन्हें इस रेल बजट में आम आदमी की जेब के साथ ही साथ रेल की कमाई का भी ध्यानरखना है।
रेल विभाग के जानकारों का कहना है कि इस बार भी आम आदमी के लिए राहत की बात यह हो सकती है किरेल बजट में पश्चिम बंगाल के चुनावों के मद्देनजर किराए में बढ़ोत्तरी की संभावनाएं क्षींण ही हैं। इस रेल बजटमें आम आदमियों के साथ ही साथ मीडिया को भी अनेक तोहफे मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। ममता नेअपने कार्यकाल में मीडिया कर्मियों को साल में एक मर्तबा अपने परिवार के साथ आधे किराए पर यात्रा कीसुविधा प्रदान की है। चुनावों के मद्देनजर ममता द्वारा मीडिया को खुश करने का उपक्रम किया जा सकता है।

लड़खड़ाती अर्थव्यवस्था को लाना होगा पटरी पर
ममता बनर्जी के दिल्ली से गायब रहने से रेल की अर्थव्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। रेल विभाग कीलगभग एक लाख करोड़ की परियोजनाएं लंबित पड़ी हुई हैं। फंड के अभाव के चलते इन परियोजनाओं परकाम आगे नहीं बढ़ाया जा सक रहा है। रेल मंत्रालय की मेराथन बैठकों के बाद लगभग तीस हजार करोड़ कीपरियोजनाओं को उच्च प्राथमिकता पर रखा गया है। मंत्रालय के सूत्रों का दावा है कि लगभग सत्तर हजार करोड़रूपयों की परियोजनाएं धनाभाव के चलते आरंभ होने का रास्ता देख रही हैं।

नक्षत्र 2011 प्रगति मैदान में 17 से

नक्षत्र 2011 प्रगति मैदान में 17 से
नई दिल्ली (ब्यूरो)। नई दिल्ली के प्रगति मैदान में 17 जनवरी से ज्योतिष एवं वास्तु पर आधारित सात दिवसीयछटवा नक्षत्र मेला आरंभ हो रहा है, जिसमें देश के जाने माने वास्तुविद, अंक ज्योतिषी, हस्तरेखा विशेषज्ञ, चहेरा, हथेली नखून आदि को देखकर भविष्य बांचने वाले और ज्योतिषविदों का जमावड़ा होगा।
इंडिया ट्रेड प्रमोशन ऑर्गनाईजेशन और फ्यूचर प्वाईंट द्वारा संयुक्त तौर पर आयोजित इस मेले का आयोजन 17 सेजनवरी तक किया गया है। इस मेले में इसके अलावा आर्ट ऑफ लिविंग, ब्रम्हाकुमारीज, लाल बहादुर शास्त्रीविद्यापीठ, ऑल इंडिया फेडरेशन ऑफ एस्ट्रोलाजर्स आदि से जुड़े प्रकांड विद्वान व्याख्यान देंगे। 23

शंकर दयाल शर्मा को भूले मध्‍य प्रदेश के क्षत्रप

पूर्व राष्ट्रपति को नमन करने में दिलचस्पी नहीं एमपी के क्षत्रपों की
नई दिल्ली (ब्यूरो)। राष्ट्र के भाल पर सुशोभित होने वाले मध्य प्रदेश के प्रतीक पुरूष पूर्व राष्ट्रपति डॉ.शंकरदयाल शर्मा की पुण्य तिथि से सदा की भांति ही इस बार भी मध्य प्रदेश के क्षत्रपों ने किनारा ही किया। 27 दिसंबर को डॉ. शर्मा की पुण्य तिथि पर उनकी समाधि ‘कर्मभूमि‘ पर एमपी कोटे के सांसद मंत्रियों ने जाकरश्रृद्धा सुमन अर्पित करना मुनासिब नहीं समझा।
भारत गणराज्य के नवमें राष्ट्रपति डॉ. शर्मा की ग्यारवीं पुण्य तिथि पर कर्मभूमि पर आयोजित सर्वधर्म प्रार्थनासभा में उनकी पत्नि विमला शर्मा, पुत्र आशुतोष एवं महामहिम राष्ट्रपति श्रीमति प्रतिभा देवी सिंह पाटिल, उपराष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, मध्य प्रदेश के पिछड़ा वर्ग और अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री अजय विशनोई सहितअनेक आगंतुक उपस्थित हुए।
इस अवसर पर मध्य प्रदेश कोटे से केंद्रीय मंत्री कमल नाथ, कांति लाल भूरिया, अरूण यादव, ज्योतिरादित्यसिंधिया के अलावा वरिष्ठ नेता अर्जुन सिंह एवं मध्य प्रदेश के सांसदों आदि ने कर्मभूमि जाकर उन्हें श्रृद्धांजलीदेने का समय भी नहीं निकाला।