शुक्रवार, 1 जून 2012

विकास के नाम पर पर्यावरण की चढ़ाई जा रही बली


0 घंसौर को झुलसाने की तैयारी पूरी . . .  93

विकास के नाम पर पर्यावरण की चढ़ाई जा रही बली

पावर प्लांट के प्रदूषण के होंगे अनेक दुष्प्रभाव

(शिवेश नामदेव)

सिवनी (साई)। पुण्य सलिला जीवन दायनी मां नर्मदा के नाम पर सामाजिक कुंभ भरवाकर, करोड़ों रूपए पानी में बहाने, घर घर जाकर चंदा और अनाज मांगने का स्वांग करने वाली देश के हृदय प्रदेश में शासन करने वाली भारतीय जनता पार्टी द्वारा विकास के नाम पर पर्यावरण को छलनी करने के मार्ग प्रशस्त किए जा रहे हैं। भाजपा द्वारा अपने पितृ संगठन राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ की मंशाओं पर भी पानी फेरने से गुरेज नहीं किया जा रहा है।
उस मां नर्मदा को प्रदूषण का शिकार बनाने का जतन किया जा रहा है जिस मां नर्मदा की जयंती पर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान अपने परिवार के साथ जाकर हजारों मीटर की चुनरी को अर्पित किया जाता है। भारतीय जनता पार्टी के असंगठित मजदूर संगठन के नेशनल प्रेजीडेंट प्रहलाद सिंह पटेल के साथ ही साथ संसद सदस्य अनिल माधव दवे द्वारा मां नर्मदा की यात्रा की जाती है, बावजूद इसके भाजपा सरकार द्वारा नर्मदा को प्रदूषण की गोद में भेजने की तैयारी कर ही ली गई है।
गौरतलब है कि जब रानी अवंती बाई सागर परियोजना अर्थात बरगी बांध की आधार शिला रखी गई थी तब मध्य प्रदेश के किसानों के चेहरों पर गजब का तेज नजर आया था। किसानों को लगा था कि इसके बनने से अथाह जलराशि एकत्र होगी जो साल भर खेती किसानी के काम आएगी। वस्तुतः हुआ भी यही, नर्मदा के तीरे बसे शहर, कस्बे, गांव, मजरे टोले आदि में खेती किसानी के साथ ही साथ दिनचर्या के लिए पानी सुलभ हो गया।
कालांतर में नर्मदा का जल प्रदूषित होना आरंभ हुआ। मध्य प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण मण्डल के सर्वेक्षण में खुलासा हुआ है कि जीवनदायनी मां नर्मदा अमरकंटक से निकलने के कुछ किलोमीटर बाद ही प्रदूषित होना आरंभ हो गई। जबलपुर के उपरांत कई स्थानों पर इसका पानी पीने योग्य भी नहीं बचा।
विडम्बना देखिए, एमपी पीसीबी द्वारा खुद सर्वेक्षण करवाया गया और अब एमपी पीसीबी द्वारा खुद ही मेसर्स झाबुआ पावर लिमिटेड को नर्मदा नदी के मुहाने पर कोल आधारित पावर प्लांट लगाने की अनुमति प्रदाय की जा रही है। इस पावर प्लांट की लगभग एक हजार फुट उंची चिमनी से उड़ने वाली राख जब बरगी बांध में समाएगी तो रानी अवंती बाई सागर परियोजना का पानी जहरीला होने से कोई नहीं रोक सकेगा।
कुल मिलाकर सिवनी जिले की आदिवासी बाहुल्य तहसील घंसौर में पर्यावरण बिगड़े, प्रदूषण फैले, क्षेत्र झुलसे या आदिवासियों के साथ अन्याय हो इस बात से मध्य प्रदेश सरकार के प्रदूषण नियंत्रण मण्डल और केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय को कुछ लेना देना नहीं है। यह सब देखने सुनने के बाद भी केंद्र सरकार का वन एवं पर्यावरण मंत्रालय, मध्य प्रदेश सरकार, मध्य प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण मण्डल, जिला प्रशासन सिवनी सहित भाजपा के सांसद के।डी।देशमुख विधायक श्रीमति नीता पटेरिया, कमल मस्कोले, एवं क्षेत्रीय विधायक जो स्वयं भी आदिवासी समुदाय से हैं श्रीमति शशि ठाकुर, कांग्रेस के क्षेत्रीय सांसद बसोरी सिंह मसराम एवं सिवनी जिले के हितचिंतक माने जाने वाले केवलारी विधायक एवं विधानसभा उपाध्यक्ष हरवंश सिंह ठाकुर चुपचाप नियम कायदों का माखौल सरेआम उड़ते देख रहे हैं।

(क्रमशः जारी)

गर्मी ने तबियत से झुलसाया!


गर्मी ने तबियत से झुलसाया!

(पियूष भार्गव)
नई दिल्ली (साई)। नौ तपा में इस बार देश जमकर झुलस रहा है। देश भर से पानी के संकट और लू की खबरें आ रही हैं। राजधानी दिल्ली भी बुरी तरह झुलस रही है। पिछले पांच सलों में 30 मई को दिल्ली का तापमान सबसे अधिक दर्ज किया गया। कहा जा रहा है कि सप्ताहांत में बारिश हो सकती है।
पारे ने इस कदर उछाल लिया कि बीते पांच वर्षों में ३० मई का सर्वाधिक अधिकतम तापमान दर्ज किया गया। पालम, आया नगर, रिज, नजफगढ जैसे कई इलाकों में पारा ४४ डिग्री सेल्सियस के आंकडे को भी पार कर गया। पालम में अधिकतम तापमान ४४.९ डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। सफदरजंग में अधिकतम तापमान सामान्य से तीन डिग्री सेल्सियस अधिक यानी ४३.५ दर्ज किया गया।
मौसम विभाग ने आशंका जतायी है कि अगले ४८ घंटों में तापमान में और उछाल दर्ज किया जा सकता है। अधिकतम तापमान ४५ डिग्री सेल्सियस के आंकडे को भी पार कर सकता है। मौसम विभाग के अनुसार पूर्वानुमान में कहा है कि गुरुवार को अधिकतम तापमान ४६ डिग्री सेल्सियस को पार कर जायेगा।
मौसम विशेषज्ञों ने समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया को बताया कि पूर्वी उत्तर प्रदेश और उससे सटे बिहार के ऊपर एक चक्रवातीय सिस्टम बना हुआ है। इसके अलावा उडीसा में भी एक चक्रवातीय सिस्टम बना हुआ है। दूसरी तरफ बंगाल की खाडी में हलचल देखने को मिल रही है। यहां हवा का एक अपर-एयर टर्फ तैयार हो गया है। दूसरी तरफ शुक्रवार से एक पश्चिमी विक्षोभ भारतीय इलाकों में दस्तक देगा।
जानकारों ने साई न्यूज को आगे बताया कि इन मौसमी कारकों की वजह से दिल्ली-एनसीआर के अलावा उत्तर-पश्चिमी भारत के कई इलाकों में बारिश हो सकती है। यूपी में भी लोगों को भीषण गर्मी और लू से तुरंत राहत मिलने की संभावना नहीं है। आने वाले दिनों में तापमान में और वृद्धि ही होने के अनुमान हैं।
वहीं राजस्थान से समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया के ब्यूरो शैलेन्द्र ने बताया कि राजस्थान का सबसे गर्म शहर श्रीगंगानगर में भी पारा ४५ के पार चला गया है। बीकानेर, जयपुर, जोधपुर इन शहरों में भी गर्म हवाओं ने लोगों का हाल बेहाल कर दिया है। एमपी में भोपाल से साई ब्यूरो नन्द किशोर ने बताया कि मध्य प्रदेश में तापमान सामान्य से तीन डिग्री सेल्सियस अधिक हो गया है। मौसम विभाग के अनुसार, अगले दो-तीन दिन तक यही स्थिति बनी रहेगी।
सूरज के तीखे तेवरों ने इन दिनों आम तौर पर ठंडा रहने वाले हिमाचल प्रदेश को भी नहीं बख्शा। राजधानी शिमला सहित कई इलाकों में तापमान सामान्य से अधिक रिकॉर्ड किया गया। शिमला समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया के ब्यूरो से स्वाति सिंह ने बताया कि शिमला का अधिकतम तापमान सामान्य से छह डिग्री सेल्सियस अधिक रहा। मौसम विभाग के अधिकारियों के अनुसार, इस सप्ताह तापमान में कमी आ सकती है।  नरकंडा, कुफरी, कसौली, मनाली, पालमपुर, चंबा और डलहौजी जैसे पर्यटन स्थलों पर भी तापमान सामान्य से अधिक रहा। ऊना ४२.८ डिग्री सेल्सियस के साथ हिमाचल का सबसे गर्म शहर रहा।
राजधानी दिल्ली में बुधवार को पारा पांच वर्ष के सभी रिकार्ड तोड़ते हुए 45 डिग्री तक पहुंच गया जो औसत से पांच डिग्री अधिक रहा। राजधानी दिल्ली में इस समय भीषण गर्मी और लू की चपेट में है। बुधवार को पारा पांच वर्ष के सभी रिकार्ड तोड़ते हुए 45 डिग्री तक पहुंच गया जो औसत से पांच डिग्री अधिक रहा। दस वर्षाे में मई महीने में यहां का तापमान सिर्फ दो बार 45 डिग्री के आंकड़े को पार कर पाया है।
एक सप्ताह से भी ज्यादा समय से राजधानीवासियों की सुबह गर्म हवाओं के झोंकों के साथ हो रही है जो चढ़ते दिन के साथ लोगों के शरीर को झुलसा रही है। बुधवार को सुबह होने के साथ ही पारे ने चढ़ना शुरू किया और दस बजते-बजते अधिकतम तापमान 40 डिग्री के आंकड़े को पार कर गया।
दोपहर में पारा सारे रिकार्ड तोड़ते हुए 45 डिग्री तक पहुंच गया। इसके साथ ही आज पूरे दिन लू चलने का सिलसिला जारी रहा। मौसम विभाग के अनुसार बृहस्पतिवार को पारा और ऊपर चढ़ने वाला है. उसके अगले दिन मौसम के मिजाज में बदलाव होने का अनुमान है।
मौसम विभाग के अनुसार पिछले दस वर्षाे में केवल दो बार ही मई महीने में यहां का तापमान 45 डिग्री रिकार्ड किया गया है। मौसम विभाग से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार इन दस वर्षाे के दौरान पहली बार 19 मई 2002 और दूसरी बार 18 मई 2010 को पारा क्रमशः 46 और 45.4 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया था।
29 मई 1944 को अधिकतम तापमान 47.2 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया था। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार मई महीने में गरमी पड़ना लाजिमी है। लेकिन इस साल लगातार एक सप्ताह से ज्यादा अधिकतम तापमान 42 डिग्री या उससे ऊपर दर्ज किया गया। बुधवार को भीषण गर्मी का सामना कर रहे दिल्लीवासियों के लिए मौसम विभाग ने राहत की बात कही है।
मौसम विभाग के जानकारों ने समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया को बताया कि बृहस्पतिवार को अधिकतम तापमान 45 और न्यूनतम 29 डिग्री के बीच रहेगा. शुक्रवार को मौसम के मिजाज में बदलाव होने के भी संकेत हैं। शुक्रवार को हल्की बारिश हो सकती है, जिससे तापमान में गिरावट दर्ज की जाएगी। आज का अधिकतम तापमान 45 और न्यूनतम 28.2 डिग्री रिकार्ड किया गया जो औसत से एक डिग्री अधिक रहा।
उत्तर प्रदेश राज्य में बढ़ते हुए तापमान के साथ ही लोगों का कष्ट भी बढ़ता जा रहा है। राज्य की समीक्षा करते हुए लखनउ से समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया के ब्यूरो दीपांकर श्रीवास्तव ने बताया कि शहरों में पेयजल की आपूर्ति सबसे ज्यादा प्रभावित हुई है। किसानों को खरीफ की फसल की तैयारी के लिए अब मानसून पूर्व की वर्षा का बेसब्री से इंतजार है। मानसून पूर्व की वर्षा आमतौर पर २५ मई के आसपास होती है। सामान्य तौर पर मानसून १५ जून तक आता है। किसानों को इस बार मानसून के देर से आने की आशंका होने लगी है। वर्षा न होने से अब धान की बुुआई भी पिछड़ रही है।
झारखंड से समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया के ब्यूरो से प्रतिभा सिंह ने बताया कि राज्य में गढ़वा में कल तापमान ४५ डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इधर भीषण गर्मी से बचने के लिए बड़ी संख्या में पर्यटक कश्मीर घाटी पहुंच रहे हैं। हमारे संवाददाता ने खबर दी है कि श्रीनगर के सभी होटल और हाउसबोट बुक हो चुके हैं।
विश्वप्रसिद्ध डल झील के आसपास और सभी अन्य पर्यटक स्थलों पर चहल-पहल और रौनक अपने चरम पर है। देश के मैदानी इलाकों की भीषण गर्मी से बचने और कश्मीर के सुहावने मौसम और प्राकृतिक सौंदर्य का लुत्फ उठाने के लिए हर दिन हजारों पर्यटक घाटी पहुंच रहे हैं। अनुमान लगाया जा रहा है कि इस वर्ष पिछले वर्ष की तुलना में घाटी आने वाले पर्यटकों की संख्या दोगुनी हो गई है।

विश्वनाथ बने शतरंज के सरताज


विश्वनाथ बने शतरंज के सरताज
(डॉ.अभिजीत चौहान)
मास्को (साई)। शतरंज के सरताज विश्वनाथन आनंद की बादशाहत विश्व चौंपियनशिप में कल लगातार चौथी और कुल पांचवी बार भी कायम रही। मास्को में आनन्द ने इस्राइल के चौलेन्जर बोरिस गेलफंड को रैपिड टाई ब्रेकर में डेढ़ के मुकाबले ढाई अंकों से पराजित किया। राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और खेल मंत्री अजय माकन ने आनन्द को इस विलक्षण उपलब्धी पर बधाई दी है।
उधर, पेरिस में महेश भूपति और सानिया मिर्जा तथा लिएंडर पेस और एलेना वेसनीना की जोड़ी फ्रैंच ओपन टेनिस टूर्नामेंट के मिक्स्ड डबल्स प्री क्वार्टर फाइनल में पहुंच गई है। जबकि रोहन बोपन्ना और लीजा रेमण्ड की जोड़ी पहले दौर में ही हारकर बाहर हो गए।
इस बीच, भारत, अजलान शाह हॉकी प्रतियोगिता से बाहर हो गया है। इपोह में कल पांच बार की विजेता भारतीय टीम को अर्जेंटीना ने अहम मुकाबले में ३-२ से हराया। आज अपने आखिरी लीग मैच में भारत पाकिस्तान के साथ खेलेगा।

नहरों पर नहाना वर्जित


नहरों पर नहाना वर्जित

(अनेशा वर्मा)

करनाल (साई)। नहर में नहाने से जहां गंदे पानी के कारण स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव पड़ता है,वहीं पानी में बहने की घटना होने की भी आशंका बनी रहती है। इसी के मद्देनजर करनाल जिले में नहरों पर नहाने में दो माह तक पाबंदी लगा दी गई है। जनता के लिए जिलाधीश रेनू एस फुलिया ने अपराध संहिता 1973 की धारा 144 लागू की है। यह आदेश आज से आरम्भ होकर आगामी दो मास तक प्रभावी रहेंगे।
इस संबंध में जानकारी देते हुए एक सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि करनाल की जिलाधीश ने आदेशों में कहा है कि गर्मी के मौसम को देखते हुए बच्चे नहरों में नहाते हैं, जबकि नहरों का पानी काफी गंदा होता है जिसका उनके स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव पड़ता है और नहर के पानी का बहाव इतना तेज होता है जिससे कई बार बच्चे या स्नान करने वाले व्यक्ति के बह जाने की घटना हो जाती है, जो कि सुरक्षा की दृष्टि से ठीक नहीं है।
आदेशों में जिलाधीश ने इन्द्री वाटर सप्लाई डिवीजन व करनाल वाटर डिवीजन के कार्यकारी अभियंता को निर्देश दिए हैं कि वे नहरों के आस पास ऐसे सूचना बोर्ड लगाएं, जिन पर नहरों में नहाने पर पाबंदी के निर्देश लिखे हों और आदेशों की अवहेलना करने पर सूचना बोर्डाे पर दिए जाने वाला दंड भी अंकित हो।
उन्होंने आदेशों में जिला के अधिकारियों को भी निर्देश दिए कि वे समय-समय पर नदियों के आस पास क्षेत्रों में नजर रखें, कोई व्यक्ति व बच्चा नहरों में ना नहाएं। आदेशों की अवहेलना करने वाले के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 188 के अनुसार कार्यवाही की जायेगी।