आधार को संसद की लाल बत्ती
संसदीय समिति ने की आधार निरस्तीकरण की मांग
(वरदान कुमार)
नई दिल्ली। केंद्र सरकार की अतिमहात्वाकांक्षी यूनिक आईडेंटी फिकेशन नंबर यानी आधार परियोजना पर ब्रेक लग सकता है। संसद के वित्त मामलात देखने वाली स्थाई समिति ने आधार परियोजना को करारा झटका देते हुए इसे निरस्त करने की सिफारिश कर दी है. संसद में पिछले साल दिसंबर में यूआईडी के लिए विधेयक प्रस्तुत किया गया था जो संसद के वित्तीय मामलों की स्थाई समिति के पास भेज दिया गया था. इस समिति ने लंबे विचार विमर्श और सलाह मशविरे के बाद यूआईडी परियोजना को महत्वहीन बताते हुए सरकार से इस विधेयक पर दोबारा विचार करने के लिए कहा है।
लोकसभा सचिवालय के सूत्रों का कहना है कि पूर्व वित्त मंत्री यशवंत सिन्हा की अध्यक्षता वाली वित्त मामलों की स्थाई समिति जल्द ही अपनी सिफारिशों से संसद को रूबरू करवाएगी, इसके बाद सरकार को आधार के लिए प्रथक मसौदा तैयार करने को कहा जा सकता है। सूत्रों ने कहा कि इससे सरकार पर गाज गिर सकती है। उल्लेखनीय है कि अब तक सरकार इस परियोजना पर 556 करोड़ रूपया खर्च कर चुकी है और 57 लाख से अधिक यूआईडी कार्ड जारी किये जा चुके हैं, लेकिन अब संसद की स्थाई समिति द्वारा सरकार के विधेयक पर ही सवाल उठा दिये जाने के बाद इस परियोजना को विराम दिया जा सकता है।
यूआईडी परियोजना में आधार कार्ड बनाने का ठेका व्यापक स्तर पर दिया गया है। बड़े ठेकेदारों द्वारा जिला स्तर पर छोटे ठेकेदारों से यह काम करवाया जा रहा है। इस परियोजना में अनेक जिलों में आधार कार्ड बनवाने के फार्म दो से पांच रूपए में बिकने की शिकायतें भी मिली थीं। वैसे इस परियोजना का न केवल विपक्ष विरोध कर रहा था बल्कि सरकार के अंदर भी इसको लेकर विरोध है. गृह मंत्रालय यूआईडी की बजाय नेशनल पापुलेशन रजिस्टर को मजबूत किये जाने के पक्ष में है लेकिन नंदन नीलकेणी के प्रभाव में प्रधानमंत्री यूआईडी परियोजना को आगे बढ़ा रहे थे।


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