एनएचएआई के दोषी अधिकारियों पर
कार्यवाही की गुहार लगाई गुड्डू ने
(अखिलेश दुबे)
सिवनी (साई)। राष्ट्रीय राजमार्ग
क्रमांक सात की दुर्दशा और बारिश में आए दिन लगने वाले जाम से आजिज आकर सामाजिक
कार्यकर्ता नरेंद्र ठाकुर द्वारा जिला कलेक्टर से एनएचएआई के जवाबदेह अधिकारियों
पर कठोर कार्यवाही करने की मांग की है।
आज जिला कलेक्टर भरत यादव को सौंपे एक
पत्र में नरेंद्र ठाकुर ने कहा है कि सिवनी जिले सहित जबलपुर, बालाघाट, मण्डला, नरसिंहपुर आदि जिलों के मरीजों को बेहतर
स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए नागपुर जाने हेतु एनएच 7 ही इकलौता विकल्प है। साथ ही
साथ उपरोक्त समस्त जिले व्यापार, रोजगार आदि के लिए भी एनएच सात पर ही
निर्भर हैं। इस तरह देखा जाए तो यह सड़क इन जिलों के लिए जीवन रेखा से कम नहीं है।
नरेंद्र ठाकुर ने अपने पत्र में आगे कहा
है कि सिवनी जिले के मोहगांव से लेकर खवासा तक का मार्ग पूरी तरह जर्जरावस्था को
पा चुका है, जिससे यहां प्रतिदिन घण्टों जाम लगा रहता है। इतना ही नहीं सड़क के इस
हिस्से में अनेकों दुर्घटनाएं घटी हैं जिसमें ना जाने कितनी मौतें हो चुकी हैं।
आलम यह है कि इस जर्जर सड़क से होकर गुजरने वाले एंबूलेंस में भी जाम में फंसकर
अनेक जाने जा चुकी हैं।
उन्होंने कहा कि वर्तमान में कुरई और
खवासा के बीच पचधार नदी का पुल बुरी तरह जर्जर हो चुका है। इस मार्ग से हल्के वाहन
ही होकर गुजरने की इजाजत दी गई है। यहां से भारी वाहन गुजरना प्रतिबंधित कर दिया
गया है। ज्ञातव्य है कि उक्त पुल काफी पुराना और जर्जर हो चुका है।
नरेंद्र ठाकुर ने कहा कि एनएचएआई के
ध्रतराष्ट्र बने अधिकारियों को इस पुल की स्थिति काफी पहले देखकर इसका निर्माण
करवा लिया जाना था, वस्तुतः ऐसा हुआ नहीं है। उन्होंने पुरजोर तरीके से इस बात को कहा है कि
एनएचएआई के जिम्मेदार अधिकारियों कर्मचारियों की लापरवाही, उदासीनता, अदूरदर्शिता के चलते आज यह जीवन रेखा
बंद होने के कगार पर है। इसके चलते सिवनी सहित पड़ोसी जिलों को काफी अधिक मात्रा
में आर्थिक और जनजीवन की हानि उठानी पड़ रही है।
नरेंद्र ठाकुर ने जिला कलेक्टर से अपील
की है कि उक्त सड़क एवं पचधार के पुल की दुर्दशा के लिए जिम्मेदार भारतीय राष्ट्रीय
राजमार्ग प्राधिकरण के अधिकारियों के खिलाफ कठोर कार्यवाही सुनिश्चित की जाए।


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