सोमवार, 18 जून 2012

भीषण गर्मी से उत्तर भारत को राहत नहीं


भीषण गर्मी से उत्तर भारत को राहत नहीं

(प्रियंका श्रीवास्तव)

नई दिल्ली (साई)। देश के उत्तरी हिस्से में लोगों को चिलचिलाती धूप से निजात नहीं मिल पा रही है और कई स्थानों पर सामान्य से अधिक गर्मी पड रही है। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में ज्यादातर लोगों ने चिलचिलाती धूप से बचने के लिए अपने घरों में बंद रहने को ही तरजीह दी। यहां कल के 43.2 डिग्री से आंशिक रुप से अधिक 43.6 डिग्री दर्ज किया गया। उधर, पूर्वोत्तर भारत में बाढ़ का कहर तेजी से बढ़ता ही जा रहा है।
वहीं दिल्ली का न्यूनतम तापमान कल के 32.4 डिग्री सेल्सियस की तुलना में 32.7 डिग्री दर्ज किया गया। यह सामान्य से पांच डिग्री अधिक है। राजस्थान में भी भीषण गर्मी से सामान्य जनजीवन प्रभावित है, जहां श्रीगंगानगर में अधिकतम तापमान 45.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
राजस्थान से समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया के ब्यूरो शैलेन्द्र ने बताया कि चुरु, जैसलमेर, बिकानेर, जयपुर और कोटा में अधिकतम तापमान क्रमशरू 44. 6, 42.3, 41.5, 40.6 और 40.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। राज्य के कुछ भागों में धूल भरी आंधी चली और हल्की बारिश हुई लेकिन बारिश से पारा थोडा सा ही नीचे लुढका।
समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया के एनसीआर ब्यूरो से महेश रावलानी ने खबर दी है कि पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ में भी भीषण गर्मी पड रही है। इन इलाकों में 42-46 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया।
उधर, गुवहाटी से समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया ब्यूरो से गायत्री बरूआ ने खबर दी है कि असम में नलबाड़ी और बारपेटा जिलों में बाढ़ की स्थिति गभीर है। मोरीगांव जिले में मयंग और भूरागांव क्षेत्रों में करीब २५ गांव बाढ़ की चपेट में हैं। चिरांग और धुबरी जिलों में भूमि कटाव के कारण स्थिति और खराब हो गई है। चिरांग में बीस परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। राज्य के कृषि मंत्री नीलमणि सेन डेका ने हालात का जायजा लेने के लिए कल नलबाड़ी और बारपेटा जिलों का दौरा किया। उन्होंने अधिकारियों को राहत और बचाव कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। हमारे संवाददाता ने बताया कि राज्य के १६० गांवों में करीब एक लाख ६० हजार लोग बाढ़ की चपेट में हैं।
बताया जाता है कि बाढ़ की वजह से निचले असम में जनजीवन काफी प्रभावित हुए हैं। लगातार पांचवे दिन भी बारपेटा जिला के कई जगहों पर सड़क यातायात प्रभावित होने के कारण लोगों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। बाढ़ की वजह से बारपेटा जिले के सिर्फ बडाली में ही ११ हजार हेक्टेयर कृषि भूमि बाढ़ की चपेट में है। असम सरकार ने बाढ़ प्रभावित किसानों को मुफ्त धान के बीज मुहैया कराने का फैसला किया है। जिला प्रशासन ने राहत शिविरों में दाल-चावल, नमक और पीने के लिए पानी लोगों में बांट रहे हैं।
हैदराबाद से साई ब्यूरो रितु सक्सेना ने बताया कि आंध्र प्रदेश में दक्षिण पश्चिम मॉनसून कल शाम पहुंच गया है। मौसम विभाग के अनुसार राज्य के तीन संभागों में कल इस मौसम की पहली बारिश हुई। हैदराबाद में कल शाम भारी बारिश हुई। अगले कुछ दिनों में और अधिक वर्षा होने की संभावना है।
उल्लेखनीय होगा कि खासतौर से तब जब तीन चौथाई जिले सूखे से जूझ रहे हैं ११ दिन की देरी से पहुंचे मॉनसून ने राज्य के कई भागों में भारी बारिश से कुछ राहत दी है। राज्य के तीन हिस्सों पर छाए मानसून से लोगों को गर्मी से निजात मिली है जिसकी लोगों को बहुत जरूरत थी। अगले कुछ दिनों में होने वाली बारिश से राज्य में ७० प्रतिशत से भी कम बारिश की समस्या  कुछ कम होने की उम्मीद है। इस बीच धान की बुआई और अन्य कृषि गतिविधियां भी राज्य में बढ़ेंगी।
भुवनेश्वर से साई ब्यूरो नंदनी नायक ने खबर दी है कि दक्षिण-पश्चिम मॉनसून ओड़ीशा तट पहुंच गया है। यह उत्तर-पश्चिम झारसूगुडा, सुंदरगढ़ और बारगढ़, संभलपुर, देवगढ़, क्योंझर और मयूरभंज जिलों के कुछ क्षेत्रों को छोड़कर राज्य के तटीय और दूर-दराज वाले तेईस जिलों में पहुंच गया है।
उधर, कोलकता से साई ब्यूरो काजल दत्ता ने बताया कि पश्चिम बंगाल में गंगा की तराई वाले क्षेत्रों में भी कल मॉनसून पहुंच गया है। मॉनसून के आने से राज्य के दक्षिणी जिलों में सूखे की आशंका कम हो गई है। दक्षिण-पश्चिम मॉनसून कल मुंबई भी पहुंच गया। शनिवार रात से ही मुंबई में लगातार मूसलाधार बारिश हो रही है। उत्तर महाराष्ट्र के कुछ क्षेत्रों को छोड़कर राज्य के सभी क्षेत्रों में मॉनसून पहुंच गया है।

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