सोमवार, 17 जून 2013

शराब विरोध अण्णा का स्वागत होगा शराब के पैसों से!

शराब विरोध अण्णा का स्वागत होगा शराब के पैसों से!

(अखिलेश दुबे)

सिवनी (साई)। गांधी वादी समाज सेवी अण्ण हजारे ने भले ही महाराष्ट्र के अपने गृह ग्राम रालेगण सिद्धि में शराब पर प्रतिबंध लगा दिया हो पर सिवनी में उनके स्वागत की तैयारियों में शराब के पैसों के इस्तेमाल की चर्चाएं आरंभ हो गई हैं।
शहर में व्याप्त चर्चाओं के अनुसार 8 जुलाई को अण्णा हजारे का सिवनी आने का कार्यक्रम तय किया गया है। इस कार्यक्रम की रूपरेखा बनाने अण्णा के समर्थकों की फौज सिवनी में सक्रिय हो चुकी है।
चर्चा है कि अण्णा की इस सभा के लिए एक बड़बोले नेता जो शराब व्यवसाय में लिप्त हैं ने अचानक ही अपनी सक्रियता दिखाना आरंभ कर दिया है। एक ओर तो अण्णा हजारे शराब के कारोबार को समाप्त करने पर आमदा हैं, इसका उदहारण उनके गृह ग्राम की शराब वेदी से मिल जाता है।

वहीं, दूसरी ओर शराब के पैसों से अण्णा हजारे के स्वागत की तैयारियों की चर्चाएं भी शहर में तेज हो गई हैं, जिसकी प्रतिक्रियाएं बहुत अच्छी नहीं कही जा रही हैं।

गौर का फूंका पुतला: आज रखेंगे प्रतिष्ठान बंद

गौर का फूंका पुतला: आज रखेंगे प्रतिष्ठान बंद

(महेश रावलानी)

सिवनी (साई)। मप्र शासन के नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री बाबूलाल गौर द्वारा सिंधी समाज के द्वारा दिये गये आपत्तिजनक बयान को लेकर पूरे प्रदेश के सिंधी समाज में आक्रोश व्याप्त है, जिसके चलते आज नगरपालिका के सामने सिवनी के सिंधी समाज के लोगों ने भी विरोध प्रदर्शन करते हुए बाबूलाल पुतला दहन किया।
स्थानीय सिंधी समाज द्वारा जारी एक विज्ञप्ति में उक्ताशय की बात कहते हुए कहा गया है कि प्रदेश के स्थानीय शासन मंत्री बाबू लाल गौर की मति भ्रष्ट हो गई है। विज्ञप्ति में कहा गया है कि सिंधी समाज के सदस्य सोमवार 17 जून को नगर में अपने अपने प्रतिष्ठान विरोध स्वरूप एक बजे तक बंद रखेंगे।
इसके अलावा सोमवार 17 जून को अपरान्ह बारह बजे पूज्य सिंधी पंचायत की अगुआई में सिंधी समाज द्वारा महामहिम राज्यपाल राम नरेश यादव एवं प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के नाम एक ज्ञापन जिला प्रशासन को सौंपा जाकर बाबू लाल गौर को प्रदेश कैबनेट से हटाने की मांग की जाएगी।
पूज्य सिंधी पंचायत द्वारा सिंधी समाज के समस्त सामाजिक व्यवसाईयों के साथ ही साथ अन्य व्यापारी बंधुओं से भी सहयोग की अपील की है।
पुतला दहन करने वालों में प्रमुख रूप से संतोष पंजवानी, हीरा आसवानी, मनोज गुरूनानी, हरीश रावलानी, राजकुमार पंजवानी, विनोद रावलानी, अशोक आहूजा, आनंद पंजवानी, सुशील आडवानी, बलराम गनवानी, भारत चेनानी, मुकेश आहूजा, अनिल बच्छानी, जीतू काछेलानी, दिलीप सच्चानी सहित बड़ी संख्या में सिंधी समाज के लोग मौजूद थे।
सिंधी समाज के लोगों के बीच चल रही चर्चाओं के अनुसार जबसे केंद्र में लाल कृष्ण आड़वाणी कमजोर हुए हैं तबसे भाजपा के आला नेताओं के निशाने पर सिंधी समाज के लोग आने लगे हैं। चर्चा तो यहां तक है कि भाजपा के आला नेता अब सिंधि समाज के प्रतिनिधि ईश्वर दास रोहाणी पर भी बयानों के तीर चलने लगें तो किसी को आश्चर्य नहीं होना चाहिए।

कुरई घाट का बस हादसा!

कुरई घाट का बस हादसा!

(शरद खरे)

सिवनी जिले की कुरई घाटी सालों से अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बनी हुई है। दशकों पहले यहां शेरों की दहाड़ सुनाई देती थी। उसके बाद इक्कीसवीं सदी के आगाज के साथ ही कुरई घाट में सड़क निर्माण को अंतर्राष्ट्रीय पत्रिका ने स्थान दिया। इसके उपरांत पहले दशक की समाप्ति के दौरान ही फोरलेन पर लगे फच्चर के कारण यह घाट चर्चित हुआ। सड़क ना बन पाने के कारण हुए हादसों ने सभी को हिला दिया और अंततः 14 जून को यादव ट्रेवल्स की यात्री बस खाई में गिर गई।
बताते हैं कि पचास के दशक के आसपास कुरई के घाट में शेरों की तादाद बहुत अधिक हुआ करती थी। इसके बाद शिकारियों ने इस घाट को शेरों की दहाड़ से वंचित ही कर दिया। एक समय था जब कुरई घाट के विहंगम दृश्य को देखने बाहर से इस मार्ग से होकर गुजरने वाले बरबस ही रूक जाया करते थे। लोक कर्म विभाग द्वारा कुरई घाट के एक स्थान को चौड़ा कर वहां विहंगम दृश्य देखने की बाकायदा व्यवस्था भी की है।
इक्कीसवीं सदी के आरंभ में युवा एवं उर्जावान तथा प्रदेश के उत्कृष्ठ सर गोविंदराम सक्सेरिया इंजीनियरिंग कालेज इंदौर के प्रोडक्ट इंजीनियर प्रसन्न चंद मालू द्वारा उस समय बनाए गए कुरई घाट का जिकर एक अंतर्राष्ट्रीय पत्रिका द्वारा किया गया था। उस समय इस सड़क के घुमावदार रास्ते पर गुणवत्ता के साथ काम करने के लिए अपने आलेख में उक्त पत्रिका ने इंजीनियर प्रसन्न मालू के नाम का भी उल्लेख किया था।
दिसंबर 2008 में सिवनी के लिए मनहूस थी 18 दिसंबर की तारीख। इस काले दिन तत्कालीन जिला कलेक्टर पिरकीपण्डला नरहरि द्वारा सीईसी के निवेदन पर एक आदेश जारी कर फोर लेन का काम मोहगांव से खवासा तक रूकवा दिया। इस आदेश में स्पष्ट निर्देश था कि उसके बाद वन और गैर वन भूमि पर सड़क के निर्माण का काम नहीं हो सकेगा।
बस यहीं से एक बार फिर कुरई घाट में स्याह सन्नाटा पसर गया। इस मार्ग का रखरखाव भी 2008 के उपरांत 2013 तक निर्माण में लगी सद्भाव कंस्ट्रक्शन कंपनी द्वारा नहीं किया गया। ना ही इस काम को करवाने के लिए जिम्मेदार एनएचएआई के जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा ही इस काम को करवाने की जुर्रत की गई।
इसका नतीजा यह हुआ कि मोहगांव से खवासा तक का मार्ग जिसमें कुरई घाट शामिल है बुरी तरह जर्जर हो गया। इस मार्ग पर भारी ओव्हर लोडेड वाहन इस कदर झूलते चलते थे कि लगता था अब गिरे तब गिरे। इनके पास से निकलने वाले दो और चार पहिया वाहनों के चालक इनकी हाथी जैसी मदमस्त चाल को देखकर सहम ही जाया करते थे। सड़क के इस भाग में हुई दुर्घटनाओं में मरने वालों की भी खासी तादाद है।
सिवनी में सड़क के इस भाग के निर्माण के लिए अनेक गैर राजनैतिक संगठन भी लोगों को लामबंद करते रहे पर सड़क के रखरखाव के लिए किसी ने आवाज नहीं उठाई जो आश्चर्य का विषय ही बनी रही। इस सड़क का रखरखाव ना करके सिवनी के जिम्मेदार लोगों द्वारा प्रत्यक्ष और परोक्ष तौर पर सद्भाव कंपनी के करोड़ों रूपए बचवा दिए बताए जाते हैं।
ऐसा नहीं कि अगर जिला प्रशासन, सांसद विधायक एवं सड़क के लिए लड़ने वाले संगठन चाहते तो इस सड़क के रखरखाव का काम आरंभ से ही पूरा होता रहता और सड़क पर हादसों में इस कदर लोग ना तो मारे जाते और ना ही घायल होते। वस्तुतः ऐसा हुआ नहीं। कहा जा रहा है कि इन सभी ने परोक्ष तौर पर सद्भाव कंपनी का ही साथ दिया है। सच्चाई क्या है यह तो निर्माण कंपनी जाने या बाकी सब, पर यह सच है कि हादसों में लोग काल कलवित हुए हैं।
इस साल के आरंभ में पता नहीं ऐसा क्या हो गया कि एनएचएआई ने इस सड़क को मोटरेबल बनवा दिया। कहा जाता है कि एक वरिष्ठ अधिकारी जबलपुर में पदस्थ थे, और उन्हें हर सप्ताह नागपुर जाना आना पड़ता था। दो तीन बार जब उन्हें तकलीफ हुई उन्होंने मामला बुलवाया अध्ययन किया और फिर एनएचएआई सहित सभी को जमकर लताड़ा। बन गई सड़क रातों रात।
अगर यह सड़क 2013 में बन सकती है तो 2008 के बाद क्यों नहीं बन सकती? क्या इसका जवाब कांग्रेस, भाजपा या अन्य विरोध करने वाले राजनैतिक और गैर राजनैतिक संगठनों के पास है? मतलब साफ है कि मामले को अज्ञानता या जानते बूझते गलत दिशा में ले जाया गया था।
बहरहाल, 14 जून के अंक में दैनिक हिन्द गजट ने कुरई घाट में सड़क में गड्ढ़े होने और किनारे की मिट्टी खिसलने की खबर प्रकाशित की थी। इसी दिन यादव ट्रेवल्स की एक बस खाई में गिर गई। यह हादसा हुआ और एनएचएआई अभी भी कुंभकर्णीय निद्रा में है। कुरई घाट बेहद घुमावदार और खतरनाक है।
बस वैध रूप से संचालित थी या अवैध रूप से बिना परमिट वाली थी, इस बारे में भी तहकीकात करना पुलिस का ही काम है। अगर अवैध रूप से चल रही थी तो उस पर एवं रास्ते में पड़ने वाले पुलिस थानों और यातायात प्रभारी पर भी कार्यवाही करना चाहिए। साथ ही साथ आरटीओ को भी शंका के दायरे में लाया जाएगा।

शासन प्रशासन से अपेक्षा है कि कुरई घाट जैसे घुमावदार और दुर्गम मार्ग पर लगातार हो रही दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए एनएचएआई के अधिकारियों की लगाम कसें, और समय सीमा में उन्हें इस सड़क के दुरूस्तीकरण के लिए आदेशित करें, ताकि लगातार घट रही दुर्घटनाओं को रोका जा सके।

रविवार, 16 जून 2013

इस सड़क पर चलना सर्कस के बाजीगरों का काम

इस सड़क पर चलना सर्कस के बाजीगरों का काम

(ब्यूरो कार्यालय)

सिवनी (साई)। नगर के ज्यारत नाका क्षेत्र से पॉलीटेक्निक कॉलेज जाने वाले मार्ग की हालत अत्यंत जर्जर हो चुकी है। कदम कदम पर उभर आए गड्ढों में पानी भर जाने के कारण वाहन चालकों को इन गड्ढों की गहराई का अंदाज न हो पाने के कारण उनका वाहन अनियंत्रित हो जाता है। पैदल चलने वाले भी, इस मार्ग से निकलने वाले वाहनों से उचटने वाले मैले पानी के छींटों के कारण बेतहाशा परेशान हैं।
इस मार्ग से गुजरने वाले कई लोगों को दुर्घटनाओं का शिकार होना पड़ता है। क्षेत्रीयवासी बताते हैं कि इस मार्ग से रेत, ईंट, पत्थर, मुरम से लोडेड डम्फर निकलते हैं जो मार्ग के जर्जर होने का कारण बनते हैं। इन वाहनों का दबाव यह सड़क सह नहीं पाती है और नतीजतन बड़े-बड़े गड्ढे निर्मित हो जाते हैं। क्षेत्रीयवासियों का कहना है कि इस मार्ग का जीर्णोंद्धार किया जाना अत्यंत आवश्यक है और इसके साथ ही भारी वाहनों का प्रवेश भी इस मार्ग पर प्रतिबंधित किया जाना चाहिए।

गौरतलब है कि यह मार्ग ज्यारत नाका क्षेत्र को बारापत्थर, पॉलीटेक्निक कॉलेज, बींझावाड़ा, बबरिया से जोड़ता है। इस मार्ग से रात्रि के समय भी आनाजाना जारी रहता है। कई लोग इस मार्ग के जर्जर हो जाने के कारण सर्किट हाउस चौराहे जाने वाले मार्ग का सहारा लेने को मजबूर होते हैं। यदि इस इस मार्ग का कायाकल्प कर दिया जाए तो प्रमुख मार्ग पर पड़ने वाले यातायात के दबाव को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

मूत्रालय शौचालयों की कमी से जनता हलाकान

मूत्रालय शौचालयों की कमी से जनता हलाकान

(ब्यूरो कार्यालय)

सिवनी (साई)। शहर में सुलभ शौचालयों की कमी निरंतर महसूस की जा रही है। जो पेशाब घर या गिनती के सुलभ शौचालय बने हुए हैं वे भी गंदगी से बजबजा रहे हैं। नगर में सार्वजनिक स्थलों में एक दो ही सुलभ शौचालय हैं। आश्चर्यजनक बात तो यह है कि जनमानस की इस आधारभूत सुविधा की ओर ध्यान तो सभी का जाता है पर कोई पहल नहीं करता। नतीजतन यह समस्या जस की तस बनी हुई है।
सिवनी शहर के प्रमुख स्थलों बारा पत्थर बाहुबली चौक, गांधी भवन, कचहरी चौक, सोमवारी चौक भैरोगंज, पोस्ट ऑफिस का क्षेत्र, बस स्टैंड, शुक्रवारी चौक, नेहरू रोड, नगर पालिका चौक, बुधवारी बाजार, मंगली पेठ, छिंदवाड़ा चौक जैसे व्यस्ततम इलाकों में सुव्यवस्थित पेशाब घर या सुलभ शौचालय की सख्त आवश्यकता है। वर्षाें पूर्व बने पेशाबघरों की हालत अत्यंत जर्जर हो चुकी है लेकिन मजबूरी मंे लोगों को उनका इस्तेमाल करना पड़ता है। बुधवारी के एकमात्र पेशाब घर में गंदगी का साम्राज्य पसरा हुआ है। यहां प्रवेश करने वालों का बदबू से बुरा हाल होता है।
गौरतलब है कि बुधवारी नगर का सबसे व्यस्ततम क्षेत्र है। इस बाजार में विभिन्न क्षेत्रों से लोग खरीदी के उद्देश्य से आते हैं। यहां स्थित पेशाबघर के आसपास एकदम सटे हुए सभी आवश्यक सामग्रियों की दुकाने, होटलें हैं। इससे बीमारियां फैलने का खतरा और बढ़ जाता है। इसके अलावा नगर पालिका के सामने हिन्दी मेन बोर्ड स्कूल से लगा हुआ एक और पेशाबघर है। इस पेशाबघर की हालत तो और भी ज्यादा बेकार है। यहां गंदगी होने के अलावा इस पेशाब घर का इस्तेमाल, जनता बारिश के दिनों में इसलिए ज्यादा नहीं कर पाती क्योंकि यहां ऊपर शेड ही नहीं है।
यही हाल बस स्टैंड परिसर स्थित पेशाबघर का भी है। इसके आसपास भी कई उपयोगी सामग्रियों की दुकानें हैं जिससे लोगों का आना जाना यहां बना रहता है। मजे की बात तो यह है कि इसी पेशाबघर की दीवार से लगी हुई वर्षाें पुरानी कैंटीन भी यहीं से संचालित होती है जहां पेशाबघर से फैलती व्यापक बदबू के बाद भी लोग नाश्ता चाय पान करने मजबूर हैं।

कमोबेश पूरे शहर का ही ये हाल है। सबसे ज्यादा परेशानियों का शिकार महिलाओं को होना पड़ता है। संकोचवश कोई महिला संगठन भी इस पहल के लिए आगे नहीं आता है। पेशाबघरों में व्याप्त अव्यवस्थाओं के कारण लोगों को खुले स्थान तलाशने पड़ते हैं। कई स्थान तो जैसे बलि ही चढ़ गए हैं। जनपद पंचायत कार्यालय और भारत संचार के बीच बनी सीमेंटेड रोड इसका ज्वलंत उदाहरण है। जबकि यह गणेश चौक को भैरोगंज से जोड़ने वाला प्रमुख मार्ग है।

आशुतोष वर्मा की पहल ला सकती है रंग

आशुतोष वर्मा की पहल ला सकती है रंग

(महेश रावलानी)

सिवनी (साई)। वरिष्ठ इंका नेता आशुतोष वर्मा का रामटेक गोटेगांव रेल के लिए पोस्ट कार्ड अभियान अब रंग लाता दिख रहा है।
इंका नेता आशुतोष वर्मा द्वारा विगत कई वर्षों से, रामटेक गोटेगांव ब्रॉडगेज की मांग को लेकर लगातार अभियान चलाया जाते रहा है। इस अभियान में उन्होंने सभी वर्गों के लोगों के साथ जनप्रतिनिधियों को भी शामिल किया और इनके माध्यम से पोस्टकार्ड अभियान चलाकर ब्रॉडगेज की मांग को केंद्र से मनवाने का पूरा प्रयास किया गया। शुरू में इस अभियान को भले ही आशातीत कामयाबी न मिली हो लेकिन आशुतोष वर्मा की निरंतर जारी मेहनत अब रंग लाती नजर आ रही है। 13 जून को केंद्रीय मंत्री कमल नाथ के आगमन ने आशुतोष वर्मा की मांग के पूरा होने के संकेत दिये हैं। इसे आशुतोष वर्मा की सतत् मेहनत का ही नतीजा कहा जायेगा कि कमल नाथ ने गोटेगांव रामटेक ब्राडगेज को मंजूरी दिलाने का आश्वासन दिया है।
उल्लेखनीय है कि जगदगुरू स्वरूपानंद महाराज एवं इंका नेत्री पूर्व केंद्रीय मंत्री कु.विमला वर्मा की मांग को गंभीरता से लेते हुए पूर्व प्रधानमंत्री स्व.नरसिंहराव ने इस रेल लाइन को पूरा किये जाने की घोषणा की थी। सुश्री विमला वर्मा एवं आशुतोष वर्मा  इसके बाद भी निरंतर प्रयासरत रहे, और पूर्ण गांधीवादी तरीके से इस मांग को पूरा किये जाने के लिये कार्य करते रहे।
गौरतलब है कि आशुतोष वर्मा द्वारा इस महत्वपूर्ण योजना के लिये पोस्ट कार्ड अभियान भी चलाया गया। इस अभियान के द्वारा केंद्र सरकार के नेताओं को इस मांग की याद दिलाये जाते रही। इस अभियान की सबसे प्रशंसनीय बात यह रही कि दलगत राजनीति से ऊपर हटकर इस मांग को व्यापक समर्थन मिला। इसके बाद भी केंद्र की सरकारें इस ओर ध्यान नहीं दे रही थी।

इसे आशुतोष वर्मा की निःस्वार्थ और जनहित के लिये की गई मेहनत का नतीजा ही कहा जा सकता है कि हाल ही में परिवर्तन यात्रा के चलते केंद्रीय मंत्री कमल नाथ का सिवनी आगमन हुआ और कमल नाथ ने सुश्री विमला वर्मा के निवास स्थान जाकर उनसे मुलाकात कर, उन्हें गोटेगांव रामटेक रेल लाइन परियोजना को मंजूरी दिलाये जाने के लिये प्रयास करने का आश्वासन दिया।

आधुनिक भारत निर्माण में सिंधी समाज का अमूल्य योगदान

आधुनिक भारत निर्माण में सिंधी समाज का अमूल्य योगदान

(ब्यूरो कार्यालय)

सिवनी (साई)। हम दिल से हिन्दुस्तानी हैं और रहेंगे। हमें पाकिसतान भेजने की बात करने वाले प्रदेश के मंत्री बाबू लाल गौर अपनी मानसिकता बदले। सिन्धी समाज आज देश के विभाजन के पश्चात् अनेकों तकलीफों के बावजूद देश के विकास में अपना महत्वपूर्ण योगदान देता आ रहा है। हम जिस मुकाम पर हैं वह भी सारा देश देख रहा है। सिन्धी समाज को पाकिस्तान भेजने की धमकी देने वाले बाबू लाल गौर अपने शब्द वापिस लें और सिन्धी समाज से माफी मांगे अन्यथा उनका विरोध प्रदर्शन एवं पुतला दहन किया जावेगा।
इस संबंध में सिन्धी समाज के वरिष्ठ नागरिक हीरा आसवानी, संतोष पंजवानी, मनोज गुरनानी, हरीश रावलानी, विनोद रावलानी, आनंद पंजवानी, सुशील आडवानी, बलराम गनवानी, भारत चैनानी, मुकेश आहुजा, अनिल बच्छानी, जीतू काछेलानी, दिलीप संच्चानी एवं अनेक गणमान्य नागरिकों ने बाबूलाल गौर के बयान की कठोर शब्दों में निंदा करते हुए कहा कि बाबू लाल गौर के बयान से समूचा सिन्धी समाज आहत हुआ है। देश की आन बान और शान के लिए सिन्धी समाज ने विभाजन के समय अपनी समस्त सम्पत्ति छोड़कर भी हिन्दुस्तान में ही रहना पसंद किया। विभाजन की घोर त्रासदी हमारे समाज के बुजुर्गों, महिलाओं एवं बच्चों ने झेली है। बाबू लाल गौर ने नहीं? आज समूचा सिन्धी समाज स्वयं अपने बल पर देश के विकास में समुचित योगदान देता आ रहा है।

बलराम गनवानी द्वारा जारी विज्ञप्ति में बताया गया कि प्रदेश के मंत्री बाबूलाल गौर द्वारा सिन्धी समाज के संबंध में दिए गये आपत्तिजनक बयान के विरोध में 16 जून को दोपहर 1 बजे नगर पालिका चौक में धरना प्रदर्शन कर बाबूलाल का पुतला दहन किया जावेगा। समस्त सामाजिक बन्धुओं एवं सिन्धी समाज से सहानुभूति रखने वाले गणमान्य नागरिकोें से अपील है कि इस विरोध प्रदर्शन में अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर अपना विरोध दर्ज करावें।

नहीं चेता एनएचएआई हो गई दुर्घटना!

नहीं चेता एनएचएआई हो गई दुर्घटना!

(जुगल किशोर श्रीवास)

कुरई (साई)। बार बार दुर्घटनाओं की आशंकाओं के समाचार मीडिया में उछलने के बाद भी एनएचएआई के अधिकारियों के कानों में जूं नहीं रेंगी जिसके परिणामस्वरू शुक्रवार को कुरई में बस दुर्घटना घट गई।
ज्ञातव्य है कि हिन्द गजट ने ‘‘बारिश में उखड़ने लगी कुरई घाट की सड़क‘‘ शीर्षक से शुक्रवार को ही फोटो सहित समाचार प्रमुखता से प्रकाशित किया था। इस खबर में कहा गया था कि बरसात के आगमन के साथ ही कुरई घाटी रोड के उखड़ जाने की खबरें आना शुरू हो गई हैं। बताया जाता है एन.एच.7 की इस रोड को बने हुए अभी एक वर्ष भी नहीं हुआ है और शुरूआती बारिश में ही उसका धसकना शुरू हो गया है।
कुरई घाटी में विहंगम दृश्य के पास के मोड़ पर सड़क बुरी तरह से उखड़ गयी है। दुर्घटना की दृष्टि से इस मोड़ को अत्यंत खतरनाक माना जाता हैं। कई वाहन इस स्थान पर दुर्घटनाग्रस्त हो चुके हैं। ऐसे में इस स्थान पर रोड का उखड़ना गंभीर विषय है। हालाकि ठेकेदार द्वारा सड़क के मरम्मत का कार्य शुरू तो कर दिया गया है, लेकिन यदि तकनीकि दृष्टि से देखा जाये तो सड़क के दोनों छोर पर पानी की निकासी के लिये नाली का होना बेहद आवश्यक है। अन्यथा पूरी बारिश भर इस सड़क की टूट फूट होते रहेगी और फिर लंबे-लंबे जाम लगने की स्थिति पुनः निर्मित हो जायेगी।
एनएचएआई के आला अधिकारी मदमस्त हाथी के मानिंद मौन साधे बैठे हुए हैं। हालात देखकर यह कहना अतिश्योक्ति नहीं होगा कि एनएचएआई को सांसद विधायकों यहां तक कि जिला प्रशासन का भी कोई भय नहीं बचा है।

नाथ के स्वागत में निष्क्रिय रहे कांग्रेस के अनेक धड़े!

नाथ के स्वागत में निष्क्रिय रहे कांग्रेस के अनेक धड़े!

(अखिलेश दुबे)

सिवनी (साई)। केंद्रीय मंत्री कमल नाथ की सिवनी यात्रा के दौरान कांग्रेस के अनेक धड़ों का निष्क्रिय रहना अपने आप में एक आश्चर्य माना जा रहा है। कमल नाथ के स्वागत में उमड़ी भीड़ उनके कद के अनुरूप कतई नहीं मानी जा सकती है। इस भीड़ में छिंदवाड़ा, मण्डला, जबलपुर, बालाघाट आदि जिलों के उनके समर्थकों की तादाद अधिक मात्रा में बताई जा रही है।
जिला कांग्रेस कमेटी के सूत्रों का दावा है कि सिवनी जिले के विभिन्न ब्लाक से कार्यकर्ताओं का टोटा साफ इस परिवर्तन यात्रा में दिखाई दिया। सूत्रों की मानें तो इसका कारण जिला कांग्रेस कमेटी द्वारा इस कार्यक्रम की पूर्व तैयारी ना किया जाना ही प्रमख है।
सूत्रों के अनुसार इसके पूर्व किसी भी नेता की सभा के लिए जब तक ठाकुर हरवंश सिंह जीवित रहे तब तक उन्होंने ब्लाक स्तर की बैठक आहूत कर कार्यक्रमों की सफलता सुनिश्चित की जाती रही है। यह पहला मौका होगा जब जिला कांग्रेस कमेटी इस दिशा में निष्क्रिय ही रही।
कांग्रेस के अंदर चल रही चर्चाओं के अनुसार कांग्रेस के कद्दावर नेता और मध्य प्रदेश विधानसभा के उपाध्यक्ष रहे हरवंश सिह ठाकुर की अंतिम यात्रा में जिस तरह सिवनी जिले के कांग्रेस के कार्यकर्ता उमड़ पड़े थे, उसके प्रकाश में यह माना जा रहा था कि उनके ना रहने पर कार्यकर्ता उन्हें याद करते हुए इस सभा में ज्यादा से ज्यादा तादाद में उपस्थित होंगे।
इस परिवर्तन यात्रा में केंद्रीय संसदीय कार्य और शहरी विकास मंत्री कमल नाथ के अलावा प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष कांतिलाल भूरिया और प्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह भी शिरकत करने वाले थे। स्पष्ट तौर पर सिवनी में कांति लाल भूरिया और अजय सिंह के समर्थक नगण्य ही हैं, इसलिए उनके लिए कार्यकर्ता शायद ही मेहनत करते।
वहीं, दूसरी ओर यह भी माना जा रहा था कि कमल नाथ चूंकि पड़ोसी छिंदवाड़ा जिले के संसद सदस्य हैं और सिवनी से उनका गहरा नाता रहा है, सिवनी जिले की सिवनी, लखनादौन या बरघाट विधान सभा की टिकिट पाने के लिए कार्यकर्ता दिल्ली जाकर उनके दरबार में मत्था टेकते आए हैं। इस लिहाज से यह माना जा रहा था कि वे सभी लोग जो टिकिट की दावेदारी प्रस्तुत कर चुके हैं या भविष्य में करेंगे अपने समर्थकों के साथ इस कार्यक्रम में उपस्थित अवश्य होंगे।
वहीं, दूसरी ओर इसमें हरवंश सिंह के पुत्र रजनीश सिंह को भी अपने पिता का स्थान लेना तय माना जा रहा था, इस लिहाज से हरवंश सिंह के समर्थकों का भी ज्यादा से ज्यादा तादाद में वहां पहुंचना तय ही माना जा रहा था। वैसे देखा जाए तो सिवनी में कुंवर अर्जुन सिंह की अगुआई में नेतागिरी करने वाले अब नहीं बचे हैं। वहीं दिग्विजय ंिसंह, ज्योतिरादित्य सिंधिया, अरूण यादव अािद के गुट के लोग सिवनी में बचे नहीं हैं। रही बात सुरेश पचौरी की तो उनके समर्थक आज भी सिवनी में मौजूद हैं।

कांग्रेस के अंदर अब कमल नाथ के जाने के बाद उनकी यात्रा, उनके वक्तव्यों, कांग्रेस की परिवर्तन यात्रा, नेताओं के रवैए आदि का पोस्ट मार्टम सार्वजनिक तौर पर आरंभ हो गया है। कुछ नेताओं का मानना है कि कमल नाथ की इस सभा में अन्य क्षत्रपों के समर्थकों ने अपने आप को लगभग निष्क्रीय ही रखा।

शुक्रवार, 14 जून 2013

बारिश में उखड़ने लगी कुरई घाट की सड़क

बारिश में उखड़ने लगी कुरई घाट की सड़क

(ब्यूरो कार्यालय)

सिवनी (साई)। बरसात के आगमन के साथ ही कुरई घाटी रोड के उखड़ जाने की खबरें आना शुरू हो गई हैं। बताया जाता है एन.एच.7 की इस रोड को बने हुए अभी एक वर्ष भी नहीं हुआ है और शुरूआती बारिश में ही उसका धसकना शुरू हो गया है।
कुरई घाटी में विहंगम दृश्य के पास के मोड़ पर सड़क बुरी तरह से उखड़ गयी है। दुर्घटना की दृष्टि से इस मोड़ को अत्यंत खतरनाक माना जाता हैं। कई वाहन इस स्थान पर दुर्घटनाग्रस्त हो चुके हैं। ऐसे में इस स्थान पर रोड का उखड़ना गंभीर विषय है। हालाकि ठेकेदार द्वारा सड़क के मरम्मत का कार्य शुरू तो कर दिया गया है, लेकिन यदि तकनीकि दृष्टि से देखा जाये तो सड़क के दोनों छोर पर पानी की निकासी के लिये नाली का होना बेहद आवश्यक है। अन्यथा पूरी बारिश भर इस सड़क की टूट फूट होते रहेगी और फिर लंबे-लंबे जाम लगने की स्थिति पुनः निर्मित हो जायेगी।

क्षेत्रीय नागरिकों के बीच यह चर्चा का विषय है कि पहली ही बारिश को सड़क के न सह पाने से, इस सड़क की गुणवत्ता पर शासन को ध्यान जरूर देना चाहिए।

विमला वर्मा और गुलाम मास्साब के हाल जाने नाथ ने

विमला वर्मा और गुलाम मास्साब के हाल जाने नाथ ने

(गोपाल शर्मा)

सिवनी (साई)। केंद्रीय संसदीय कार्य और शहरी विकास मंत्री कमल नाथ ने आज अपनी सिवनी यात्रा के दौरान पूर्व केंद्रीय मंत्री सुश्री विमला वर्मा और वरिष्ठ कांग्रेसी नेता गुलाम मास्साब के हाल चाल जाने।
आप अपरान्ह जैसे ही वे सिवनी पहुंचे वे सबसे पहले सुश्री विमला वर्मा से मिलने उनके गृह निवास गिरधर भवन पहुंचे जो कभी कांग्रेस का कार्यालय हुआ करता था। सुश्री वर्मा से चर्चा के दौरान कमल नाथ ने उनके स्वास्थ्य की जानकारी भी ली।
श्री नाथ इसके उपरांत युवा एवं उर्जावान कांग्रेस के नेता हाजी सोहेल पाशा के नाना और वरिष्ठ कांग्रेसी नेता गुलाम मास्साब से मिलने उनके निवास पर भी गए।

कमल नाथ ने सुश्री वर्मा और गुलाम मास्साब के स्वास्थ्य की जानकारी ली और उनके लंबे जीवन की कामना की।

पहली बार हुआ अनोखा विरोध! भाजपा रही मौन!

पहली बार हुआ अनोखा विरोध! भाजपा रही मौन!

(महेश रावलानी)

सिवनी (साई)। केंद्रीय मंत्री कमल नाथ के सिवनी आगमन पर सिवनी के नागरिकों की पीड़ा को राजनैतिक और गैर राजनैतिक संगठनों द्वारा अपने अपने तरीके से विरोध प्रदर्शित किया, वहीं भारतीय जनता पार्टी की सिवनी जिला इकाई का मौन भी चर्चाओं में रहा।
प्राप्त जानकारी के अनुसार बुधवार से ही अधिवक्ता रीतेश आहूजा और अजय बाबा पाण्डे की जुगल जोड़ी द्वारा बिना किसी के नाम का उल्लेख किए हुए ही कुछ फ्लेक्स काले रंग में तैयार करवाए गए। इनमें से कुछ छोटे बेनर को एक कार में चारों ओर लगाकर अपना विरोध प्रदर्शित कर जनता को जगाने का प्रयास किया गया।
आज प्रातः बारापत्थर में अस्पताल के करीब अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री श्रीवास्तव एवं अनुविभागीय अधिकारी पुलिस की इन दोनों युवाओं से तकरार हुई। दोनों ही पुलिस अधिकारियों ने अधिवक्ता द्वय को मशविरा दिया कि वे अपने वाहन से वे बेनर हटा लें।
अपरान्ह जैसे ही केंद्रीय मंत्री कमल नाथ का काफिला पुराने आरटीओ आफिस के रास्ते बाहुबली चौक पहुंचा वहां उन्हें एसपी बंग्ले की ओर से आ रहे मजदूर संघ के कार्यकर्ताओं का विरोध का सामना करना पड़ा। बड़ी तादाद में उपस्थित मजदूर संघ के कार्यकर्ताओं ने काले बैलून हवा में लहराकर कमल नाथ का विरोध प्रदर्शित किया और नारेबाजी की।
बाहुबली चौक पर जिला असंगठित मजदूर महासंघ के अध्यक्ष संजू मिश्रा के नेतृत्व में लगभग 300 कार्यकर्ताओं ने काली पट्टी, काले झंडे एवं काले गुब्बारों के साथ विरोध प्रकट किया। इस दौरान एन.एच.7 का निर्माण कार्य रूकवाने का दोषी कमल नाथ को ठहराते हुए तीखा आक्रोश व्यक्त किया गया एवं  कमल नाथ मुर्दाबाद, कमल नाथ वापिस जाओ के नारे लगाए गये।
इस विरोध प्रदर्शन में मजदूर महासंघ के अलावा सिवनी विधायक नीता पटेरिया, नगर अध्यक्ष प्रेम तिवारी, युवा मोर्चा अध्यक्ष लालू राय, नगर पालिका अध्यक्ष राजेश त्रिवेदी, कोषाध्यक्ष संतोष अग्रवाल, नरेन्द्र टांक, मुनिया टांक, दीपू मिश्रा, अजय पांडे, मुकेश सोनी, परसराम सनोडिया, बंटी गहलोद, पप्पू सोनी, चिंता सलामे, लक्ष्मी यादव, पार्षद राजा पराते, आशीष माना ठाकुर, नितिन ठाकुर, अभय जैन, जयनाथ बघेल, पप्पू तिवारी, राजू माना ठाकुर, राजू साहू, अलकेश रजक, भुवन अवधिया एवं अन्य कार्यकर्ता मौजूद थे।
विरोध प्रदर्शन के दौरान कांग्रेसियों और मजदूर महासंघ के बीच गहमा-गहमी की स्थिति बन गयी लेकिन वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ तैनात भारी पुलिस बल द्वारा बीच-बचाव कर संभावित किसी भी अप्रिय स्थिति को टाल दिया गया।
कमल नाथ के आगमन को लेकर जोरदार तैयारियां की गई थी। बाहुबली चौक से निकलने में कमल नाथ के वाहन को लगभग 10 मिनिट का वक्त लगा। इस दौरान उपस्थित कार्यकर्ताओं ने जोरदार नारेबाजी करते हुए आतिशबाजी कर फूलमालाओं से कमल नाथ का स्वागत किया। काफिले में कमल नाथ के पीछे चल रहे छिंदवाड़ा विधायक दीपक सक्सेना, गंगा तिवारी के अलावा अन्य कई नेताओं की गाड़ियों में विरोध प्रदर्शन करने वालों ने काले गुब्बारे छोड़े।
श्री नाथ का काफिला जब पूर्व केंद्रीय मंत्री विमला वर्मा एवं वरिष्ठ कांग्रेसी नेता गुलाम मास्साब के निवास से आयोजन स्थल की ओर जा रहा था तब कचहरी चौक पर समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने तो सर्किट हाउस चौराहे पर जनमंच के कार्यकर्ताओं द्वारा कमल नाथ के काफिले का विरोध किया।
सर्किट हाउस चौराहे पर जनमंच एवं गांेडवाना गणतंत्र पार्टी द्वारा कमल नाथ के काफिले के समक्ष काले झंडे दिखाकर विरोध प्रदर्शन किया गया। जनमंच और गोंगपा के प्रदर्शनकारियों ने अपने सिर पर काला रूमाल बांध रखा था। प्रदर्शन के दौरान संजय तिवारी, नरेन्द्र ठाकुर गुड्डू, रविन्द्रनाथ त्रिपाठी, विवेक मिश्रा के अलावा कई कार्यकर्ता और आम नागरिक भी शामिल थे। फोरलेन और बड़ी रेल लाईन को लेकर व्यापक नारेबाजी की गई। इस विरोध प्रदर्शन के दौरान कांग्रेसियों और विरोधियों के बीच बहस-बाजी के चलते उपस्थित पुलिस बल द्वारा हस्तक्षेप कर स्थिति को नियंत्रित कर लिया गया।

शहर भर में यह चर्चा आम रही कि सिवनी के साथ अन्याय करने के लिए जब भी बात आती रही है तब भाजपा की जिला इकाई द्वारा श्री नाथ को सदा ही कटघरे में खड़ा किया गया है, पर इस बार जब अनेक संगठन श्री नाथ का विरोध कर रहे थे, तब भाजपा की जिला और नगर इकाई ने मौन ही साधे रखा।

कांग्रेस को मिला भवन, सिवनी की झोली अभी भी है रीती

कांग्रेस को मिला भवन, सिवनी की झोली अभी भी है रीती

(अखिलेश दुबे)

सिवनी (साई)। छिंदवाड़ा से नागपुर टू लेन है और फोरलेन सिवनी का अधिकार है। रजनीश सिंह अपने आप को अकेला ना समझें, कमल नाथ और उनका परिवार रजनीश के साथ सदा खड़ा रहेगा। सिवनी में कांग्रेस कमेटी के भवन का काम तीस दिन के अंदर आरंभ हो जाएगा।‘‘ उक्ताशय की बात केंद्रीय शहरी विकास और संसदीय कार्य मंत्री कमल नाथ ने आज कांग्रेस की परिवर्तन यात्रा को संबोधित करते हुए कही।
श्री नाथ ने कहा कि हरवंश सिंह उनकी जानकारी में फोरलेन ना बनने की बात आई थी। उन्हें इस बात का दुख है कि फोरलेन नहीं बन पाई। सुप्रीम कोर्ट ने इस सड़क को रोका था। उन्होंने कहा कि छिंदवाड़ा में जब भी सड़क की बात आती है वे इस बात को कहते हैं कि छिंदवाड़ा का अधिकार टू लेन का है और सिवनी का अधिकार फोरलेन का।
खचाखच भरे महावीर पेलैस के मैदान में कमल नाथ ने कहा कि सिवनी के फोरलेन के लिए उनसे किसी भी भाजपा के कार्यकर्ताओं या नेताओं ने संपर्क नहीं किया। उन्होंने कहा कि शहरी विकास मंत्रालय से वे सिवनी को काफी कुछ देना चाहते हैं। मध्य प्रदेश की शिवराज सिंह सरकार पर आरोप लगाते हुए कमल नाथ ने कहा कि राज्य में अफसर कर्मचारी बिना पैसे लिए कोई भी काम नहीं कर रहे हैं।
प्रदेश के अधिकारी कर्मचारियों को चेतावनी देते हुए कमल नाथ ने कहा कि कांग्रेस की चक्की बहुत ही धीरे पीसती है पर बहुत ही महीन पीसती है। उन्होंने कहा कि भाजपा ने युवाओं और किसानों के साथ धोखा किया है। उन्होंने कांग्रेस के कार्यकर्ताओं को भी आड़े हाथों लेते हुए कहा कि टिकिट की लड़ाई तो कार्यकर्ता बहुत ही तेजी से लड़ते हैं पर जब बात चुनाव में काम करने की आती है तो चुनावी लड़ाई में कार्यकर्ता पीछे रह जाते हैं।
इस अवसर पर कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष और सांसद कांति लाल भूरिया ने कहा कि प्रदेश में अराजकता का माहौल बन चुका है। श्री भूरिया ने कहा कि वे और राहुल सिंह अब तक 125 विधानसभाओं में परिवर्तन यात्रा को लेकर जा चुके हैं। उन्होंने सोनिया गांधी, राहुल गांधी, कमल नाथ आदि के नाम के नारे लगवाए पर वे कांग्रेस के ही प्रधानंमत्री डॉ.मनमोहन सिंह के नारे लगवाना भूल गए।
कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह राहुल ने कहा कि वे और कांति लाल भूरिया अब तक 120 विधानसभाओं में परिवर्तन यात्रा के माध्यम से जा चुके हैं। मध्य प्रदेश में शिवराज सिंह चौहान की अटल ज्योति योजना का उपहास उड़ाते हुए राहुल सिंह ने कहा कि इसका नाम अटक ज्योति योजना होना चाहिए क्योंकि बिजली आज भी नहीं मिल पा रही है।
कांति लाल भूरिया और अजय सिंह राहुल ने कार्यकर्ताओं को दिए उद्बोधन में सिवनी जिले के विकास की बात ना करना कार्यकर्ताओं में चर्चित रहा।
नरसिंहपुर, होशंगाबाद संसदीय क्षेत्र के कांग्रेस के सांसद राव उदय प्रताप सिंह ने कहा कि शिवराज सरकार चोर है। उन्होंने अपनी ही सरकार को परोक्ष तौर पर कटघरे में खड़ा करते हुए कहा कि यह जानते हुए भी कि शिवराज सिंह के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार चोर है, फिर भी केंद्र की कांग्रेस सरकार लगातार प्रदेश को धन देती जा रही है।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और कमल नाथ के कट्टर समर्थक राज कुमार खुराना ने इस अवसर पर कहा कि उन्होंने अपने जीवन में पहली बार कार्यकर्ताओं में इतना जोश देखा है। उन्होंने कांग्रेस के मठाधीशों पर प्रहार करते हुए कमल नाथ की ओर इंगित होते हुए कहा कि सिवनी में बहुत दिनों से कांग्रेस के कार्यकर्ताओं के मान सम्मान को कुचला जा रहा था।
श्री खुराना ने कमल नाथ से कहा कि टिकिट चाहे जिस को दें पर वे सिवनी के कांग्रेस के कार्यकर्ताओं की ओर से उन्हें आश्वस्त करना चाहते हैं कि चारों सीट इस बार कांग्रेस की झोली में ही जाएगी। सिवनी जिले के हित की बात कांग्रेस के मंच से राज कुमार खुराना द्वारा पुरजोर तरीके से उठाई गई।
उन्होंने कहा कि छिंदवाड़ा से नैनपुर के रेल खण्ड के अमान परिवर्तन का काम जारी है। सिवनी के लोगों को भरोसा दिलाने के लिए कि कमल नाथ इस जिले के लिए कुछ कर रहे हैं, हेतु इसका काम सिवनी के छोर से आरंभ करवाया जाए। साथ ही साथ श्री खुराना ने कमल नाथ से मांग की कि सिवनी के रेल्वे स्टेशन का टेंडर हो चुका है उसका काम भी शीघ्र आरंभ करवाया जाए। साथ ही साथ उन्होंने फोरलेन और पेंच परियोजना को भी जल्द पूरा करने की बात कही।
इस अवसर पर युवक कांग्रेस के नेशनल कार्डीनेटर राजा बघेल ने कहा कि आज भाजपा के लोगों ने कायरता पूर्ण हरकत की है जिसकी निंदा की जानी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट तौर पर कहा कि अब कांग्रेस के कार्यकर्ता ईंट का जवाब पत्थर से देंगे और भाजपा के नेता के आगमन के दौरान उनका इससे सौ गुना ज्यादा विरोध किया जाएगा।
इस अवसर पर ठाकुर हरवंश सिंह के पुत्र अपने भाषण के दौरान बार बार रूआंसे हुए। उन्होंने कहा कि उनके पिता ने छिंदवाड़ा में चाहे तत्कालीन रेल मंत्री लालू प्रसाद आए हों या सी.पी.जोशी, हर बार सिवनी के कार्यकर्ताओं को उनसे मिलवाया। इतना ही नहीं दिल्ली जाकर भी सिवनी के कार्यकर्ताओं को मंत्रियों से मिलवाया।
रजनीश सिंह ने जोरदार तरीके से एक बार फिर सिवनी को गोद लेने का आग्रह कमल नाथ से किया। उन्होंने कहा कि सिवनी अनाथ हो चुकी है, अब कमल नाथ के अलावा और कौन है जो सिवनी वासियों के दुख दर्द को सुनेगा। रजनीश सिंह द्वारा बार बार सिवनी और केवलारी विधानसभा (दोनों सामान्य हैं, बरघाट और लखनादौन सुरक्षित हैं) का जिकर अपने भाषण में किया।
इस अवसर पर नगर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष इमरान पटेल ने अपने संक्षिप्त किंतु सारगर्भित उद्बोधन में कहा कि सिवनी में फोरलेन में मोहगांव से खवासा और जबलपुर की ओर बंजारी के पास कुछ हिस्सा रह गया है उसे पूरा कराया जाए। साथ ही साथ गोटेगांव रामटेक नई रेल लाईन, सतपुड़ा संभाग के गठन को तत्काल करवाया जाए। इमरान पटेल ने कहा कि सिवनी में कांग्रेस के पास अपना एक भवन तक नहीं है।

कमल नाथ का स्वागत और विरोध!

कमल नाथ का स्वागत और विरोध!

(शरद खरे)

केंद्रीय मंत्री कमल नाथ गुरूवार को सिवनी आए। कांग्रेस ने उनके स्वागत में पलक पांवड़े बिछा दिए, वहीं दूसरी ओर अनेक राजनैतिक और गैर राजनैतिक संगठनों ने उनका जमकर विरोध किया। संभवतः जीवन में पहली बार ही कमल नाथ ने इस तरह का विरोध देखा होगा। स्वस्फूर्त विरोध वाकई में सिवनी के लोगों के दिलों में विकास की किरण से कोसों दूर होने की कसक दर्शाने के लिए पर्याप्त माना जा सकता है।
सिवनी के लोगों के मन में इस बात का दर्द है कि आसपास के सारे जिलों में पहले सिवनी नंबर वन था पर बीस पच्चीस सालों से सिवनी फिसड्डी हो गया है। लोग इसका कारण बेहतर जानते हैं, पर उनकी मजबूरी है कि वे कुछ कह और कर नहीं सकते हैं।
पूर्व केंद्रीय मंत्री सुश्री विमला वर्मा द्वारा प्रदेश में मंत्री रहते हुए जो सौगातें दी थीं उसके बाद सिवनी की झोली रीती ही रह गई। सिवनी को कुछ भी नहीं मिल पाया चाहे शासन कांग्रेस का रहा हो या भाजपा का। सिवनी वासियों की उम्मीदें एक के बाद एक धूमिल होती चली गईं और सिवनी के लोगों ने इसे नियति मानकर अपने पुराने ढर्रे पर चले गए।
सिवनी के सांसद विधायकों ने कभी सिवनी के विकास की बात नहीं सोची। अगर सांसद विधायक चाहते तो सिवनी का आज नक्शा ही कुछ और होता। चुनाव आते ही प्रमुख दल कांग्रेस और भाजपा अपनी तान छेड़कर एक दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप लगाना आरंभ कर देते हैं। वे भूल जाते हैं कि जनता सब कुछ जानती है।
वस्तुतः सांसद विधायक जनता को बरगलाना चाहते हैं। जनता के मन में कसक उठती जरूर है पर वहीं दबकर रह जाती है। जनता पूछना चाहती है कि जब आप सांसद और विधायक हैं तो जो आरोप जनता के सामने लगाते हैं उन आरोपों को संसद या विधानसभा में उठाते क्यों नहीं हैं।
सिवनी के अविकसित रहने का दर्द सिवनी का सच्चा निवासी ही समझ सकता है। राजनैतिक तौर पर किसी भी नागरिक की निष्ठा किसी भी राजनैतिक दल के साथ हो सकती है। कांग्रेस और भाजपा दोनों ही दलों के सिवनी के स्थानीय नुमाईंदों का फर्ज बनता है कि वे भी अपने अपने दलों के माध्यम से सिवनी का विकास सुनिश्चित करवाएं।
पिछले बीस पच्चीस सालों में सिवनी का विकास मानो ठहर सा गया है। नेता अपने भाषणों में चाहे विकास के जो आयामों के गढ़े जाने और भविष्य में गढने की बात कह रहे हों किन्तु सच्चाई जनता के सामने है कि सिवनी पच्चीस सालों में जहां रूका था आज वहीं खड़ा हुआ है।
परिवहन, स्वास्थ्य, शिक्षा हर दृष्टि में सिवनी के लोग अपने आप को हर किसी के सामने बौना पाते हैं, यह बात भी किसी से छिपी नहीं है। ना तो यहां ब्राडगेज है, ना सड़क का उचित परिवहन। स्वास्थ्य के मामले में सरकारी स्तर पर सुविधाएं नगण्य ही हैं। रही बात शिक्षा की तो सरकारी स्कूल कालेज की दशा किसी से छिपी नहीं है।
महाकौशल में कांग्रेस में ही एक कद्दावर नेता हैं और वे हैं कमल नाथ। महाकौशल में कमल नाथ के कद को दूसरा नेता ना तो कांग्रेस में है और ना भाजपा में। इस लिहाज से महाकौशल के कमोबेश केंद्र बिन्दु बन चुके सिवनी को उनसे बहुत ज्यादा आशा है। यह आशा कांग्रेस की ही नहीं वरन हर राजनैतिक दल की होना चाहिए। इसके लिए अन्य राजनैतिक दलों के लोगों को दलगत राजनीतिक भावना से उपर उठने की आवश्यक्ता है।
कमल नाथ का गुरूवार को सिवनी आगमन पर कांग्रेस के गुट विशेष द्वारा उनका स्वागत करना अपने आप में उचित है, वहीं विपक्षी दलों और अन्य गैर राजनैतिक संगठनों द्वारा किया गया उनका विरोध भी तर्क संगत ही माना जा सकता है। कमल नाथ का विरोध और स्वागत दोनों ही उचित माने जा सकते हैं।

स्वागत इसलिए क्योंकि कमल नाथ कांग्रेस के कद्दावर नेता हैं और केंद्र में सालों से मंत्री हैं। उनके कद के हिसाब से उनका स्वागत लाजिमी है। वहीं विरोध इसलिए उचित है क्योंकि कमल नाथ का सूचना तंत्र बेहद तगड़ा माना जाता है और अगर उनकी जानकारी में सिवनी के अविकसित रहने की बात आई (कारण चाहे जो भी हो) तो यह उनका फर्ज था कि वे सिवनी के विकास के मार्ग प्रशस्त करते।