हर्बल खजाना ----------------- 23
धनिया में हैं अनेक गुण
(डॉ दीपक आचार्य)
अहमदाबाद (साई)। आमतौर पर सब्जियों में मसाले और सुगंध के लिए इस्तेमाल होने वाले धनिया की खेती भारत के हर हिस्से में होती है। औषधीय गुणों से भरपूर धनिये का वानस्पतिक नाम कोरिएंड्रम सटाईवम है। हरे ताजे धनिया की पत्तियाँ लगभग २० ग्राम और उसमें चुटकी भर कपूर मिला कर पीस लें और रस छान लें।
इस रस की दो बूँदे नाक के छिद्रों में दोनों तरफ टपकाने से तथा रस को माथे पर लगा कर हल्का हल्का मलने से नाक से निकलने वाला खून जिसे नकसीर भी कहा जाता है, तुरंत बंद हो जाता है। थोड़ा सा धनिया कूट कर पानी में उबाल कर ठंडा कर के, मोटे कपड़े से छान कर शीशी में भर लें और इसकी दो बूँदे आँखों में टपकाने से आँखों में जलन, दर्द तथा पानी गिरना जैसी समस्याएँ दूर होती हैं।
धनिया महिलाओं में मसिक धर्म संबंधी समस्याओं को दूर करता है। यदि मासिक धर्म साधारण से ज्यादा हो तो आधा लीटर पानी में लगभग ६ ग्राम धनिए के बीज डालकर खौलाएं और इसमें शक्कर डालकर पीएं, फायदा होगा। धनिए को मधुमेह नाशी भी माना जाता है। इसके सेवन से खून में इंसुलिन की मात्रा नियंत्रित रहती है।
धनिया त्वचा के लिए भी फायदेमंद है। धनिए के जूस में हल्दी का चूर्ण मिलाकर चेहरे पर लगाएं, इससे मुहाँसों की समस्या दूर होती है और यह ब्लैकहेड्स को भी हटाता है। सौंफ, मिश्री व धनिया की समान मात्रा लेकर चूर्ण बना कर ६-६ ग्राम प्रतिदिन भोजन के बाद खाने से हाथ पैर की जलन, एसिडिटी, आँखों की जलन, पेशाब में जलन व सिरदर्द दूर होता है। धनिया के बारे में नवीन शोध बताते हैं कि धनिया की पत्ती खाने से किडनी स्वस्थ्य रहती है।
(साई फीचर्स)
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