मन्टो को सर्वोच्च
नागरिक सम्मान
(सोहेल अहमद)
करांची (साई)।
उर्दू के जाने माने कहानीकार सआदत हसन मन्टो के निधन के ५७ वर्ष बाद पाकिस्तान
सरकार ने उन्हें देश के सर्वाेच्च नागरिक सम्मान निशान-ए-इम्तियाज से अलंकृत किया
है। मन्टो १९४७ के विभाजन की विभीषिका का जीवंत चित्रण करने वाली टोबा टेक सिंह
जैसी अपनी बेहतरीन कहानियों के लिए खासतौर पर जाने जाते हैं।
ज्ञातव्य है कि
१९४१ में वे ऑल इंडिया रेडियो की उर्दू सर्विस में बतौर नाटकार नियुक्त हुए और
लगभग १८ महीने दिल्ली में रहे। यह उनके लेखन का सर्वश्रेष्ठ काल माना जाता है। इस
दौरान उनके नाटकों की चार किताबें प्रकाशित हुईं। इसके बाद वे मुम्बई चले गए जहां
उन्होंने फिल्मों में पटकथा लेखक के रूप में काम किया और १९४८ में वे अपने परिवार
के साथ पाकिस्तान चले गए। मन्टो के साथ जाने-माने गजल गायक मेहदी हसन को भी
मरणोपरान्त निशान-ए-इम्तियाज से सम्मानित किया गया।

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