भारत की शान बना अग्नि पांच
(प्रियंका श्रीवास्तव)
नई दिल्ली (साई)। भारत ने परमाणु
हथियार ले जाने में सक्षम अंतर-महाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइल का कल सफल परीक्षण कर इस
दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बढाया है। इसकी मारक क्षमता पांच हजार किलोमीटर है। जमीन
से जमीन पर मार करने वाली अग्नि-५ मिसाइल का
ओडिशा तट के पास व्हिलर द्वीप से एक चलते फिरते प्लेटफार्म से किया गया।
इस परीक्षण के साथ भारत महत्वपूर्ण
पांच देशों के साथ खड़ा हो गया है, जिनके पास अंतर-महाद्वीपीय मिसाइल हैं।भारत ने पहली बार ऐसी मिसाइल का निर्माण किया
है, जिसके दायरे में पूरा चीन आ गया है।राष्ट्रपति, उप राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री
ने अग्नि-५ के सफल परीक्षण पर डी.आर.डी.ओ. के वैज्ञानिकों तथा तकनीशियनों को बधाई दी
है।
रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन- डीआरडीओ
के निदेशक वी० के० सारस्वत ने कहा है कि ये मिसाइल रूख बदलेगा और कई भूमिकाएं निभा
सकता है। उनहेंने कहा कि अग्नि-५ के प्रक्षेपण के साथ भारत एक बड़ी मिसाइल शक्ति के
रूप में उभरा है और यह उन छह देशों के समूह में शामिल हो गया है, जिनके पास इस प्रकार की मिसाइलों
को डिजाइन करने, इनका विकास करने, निर्माण करने की क्षमता है और साथ
ही रक्षा क्षेत्र में सामरिक क्षमता भी है।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार १७ दशमलव
पांच मीटर लंबी और दो मीटर चौड़ी तथा लगभग पचास टन की इस मिसाइल को जब छोड़ा गया तो यह
नारंगी रंग का घुंआ छोड़ते हुए आकाश में तेजी से बढ़ा। इस पर लगभग डेढ़ टन के नकली हथियार
भी थे। हिंद महासागर में पांच हजार किलोमीटर दूर लक्ष्य को बेधने के लिये मिसाइल वायु
मंडल में प्रवेश करने से पहले छह सौ मीटर की ऊंचाई पर पहुंची। यह अत्याधुनिक मिसाइल
एक टन से अधिक भार का परमाणु हथियार ले जाने में सक्षम है।
भारत इस तरह की मिसाइल रखने वाले
अमरीका, चीन, रूस और फ्रांस जैसे चुनिन्दा देशों में शामिल हो गया
है। राष्ट्रपति, उप राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और रक्षा मंत्री ने
अग्नि-५ के सफल परीक्षण पर डी.आर.डी.ओ. के वैज्ञानिकों तथा तकनीशियनों को बधाई दी है।
डॉ० मनमोहन सिंह ने अपने संदेश में कहा कि राष्ट्र इस गौरवशाली सफलता के अवसर पर वैज्ञानिक
समुदाय के साथ है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि अग्नि-५ मिसाइल
का सफल परीक्षण वैज्ञानिकों और वैज्ञानिक समुदाय की राष्ट्र के प्रति समर्पण भावना
और सम्मान का प्रदर्शन है। उन्होंने सभी तकनीकी विशेषज्ञों और वैज्ञानिकों को बधाई
देते हुए कहा कि इस महत्वपूर्ण परियोजना को सफल बनाकर देश को और मजबूत किया है। मिसाइल
मैन और पूर्व राष्ट्रपति डाक्टर ए.पी.जे.अब्दुल कलाम ने कहा है कि हमारे महान वैज्ञानिकों
ने साबित कर दिया है कि सब कुछ संभव है।


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