डाक तार विभाग की
बदलेगी तस्वीर
(विपिन सिंह राजपूत)
नई दिल्ली (साई)।
घर-घर तक लेटर पहंुचाने वाला पोस्टल डिपार्टमेंट अब नए अंदाज में नजर आएगा। सरकार
इस डिपार्टमेंट में कई तरह के बदलाव करने वाली है। कौन-कौन से बदलाव किए जा सकते
हैं इसके लिए अलग से नीति बन रही है। ज्ञातव्य है कि संचार मंत्री कपिल सिब्बल कह
चुके हैं कि पोस्टल डिपार्टमेंट का पुनर्गठन करने की जरूरत है।
नैशनल पोस्टल
पॉलिसी 2012 को अंतिम
रूप देने के लिए उन्होंने हाल ही में इस डिपार्टमेंट के अधिकारियों के साथ बैठक की
और उन्हें पुनर्गठन की रूपरेखा तैयार करने को कहा। सूत्रों का कहना है कि इस
मुद्दे पर अगली बैठक सितंबर के दूसरे हफ्ते में हो सकती है।
पिछले कुछ सालों से
पोस्टल डिपार्टमेंट दबाव में रहा है। इसके रेवेन्यू में कमी आई है और आमदनी
प्रभावित हुई है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि तेजी से बदल रही तकनीक के मुताबिक खुद
को नहीं ढालने की वजह से डिपार्टमेंट हाशिए पर चला गया है। विभाग में कर्मचारियों
की कमी और नई भर्ती ना हो पाने से यह स्थिति निर्मित हुई है।
संचार मंत्रालय के
सूत्रों ने समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया को बताया कि इस बदलाव के तहत सरकार की सर्विस
और डिलीवरी सर्विस की एक एजेंसी बने और लेटर्स के अलावा तमाम दूसरी तरह की डिलीवरी
के कामों में उसका इस्तेमाल हो, पोस्टल डिपार्टमेंट में अलग-अलग विंग बनाए
जाएं और उन्हें वक्त के हिसाब से काम दिए जाएं, प्राइवेट कुरियर
सर्विसेज से मुकाबले को देखते हुए सर्विस क्वॉलिटी का पारामीटर तय हो, एवं टेलिकॉम
डिपार्टमेंट की तर्ज पर इसे आगे बढ़ाया जाए जैसे सुधार होने की उम्मीद जताई जा रही
है।

New Delhi Time









कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें