सोमवार, 12 नवंबर 2012

जेल की कार्यवाही नरसंहार!


जेल की कार्यवाही नरसंहार!

(एन.विश्वनाथन)

नई दिल्ली (साई)। हाल ही में वेलीकाड़ा जेल में कथित तौर पर हुए गुटीय संघर्ष को रोकने की गई कार्यवाही को श्रीलंका के विपक्षी दलों ने नरसंहर की संज्ञा दी है। श्रीलंका के मुख्य विपक्षी दल ने वेलीकाड़ा जेल में हुए दंगों से निपटने में सुरक्षाबलों की कार्रवाई की कड़ी निंदा की है और इसे सुरक्षा कर्मियों के हाथों नरसंहार बताया है।
यूनाइटेड नेशनल पार्टी ने इन दंगों में २७ कैदियों की मौत की संसदीय जांच की मांग की है। भारतीय उच्चायोग के सूत्रों ने समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया को बताया कि उच्चायोग के अधिकारी भारतीय कैदियों के बारे में जानने के लिए राजनयिक प्रयास जारी रखे हुए हैें,
यूएनसी पार्टी प्रवक्ता मंगला समरवीरा ने कहा कि सरकार द्वारा गठित जांच कमेटी की बजाय निष्पक्ष जांच होनी जरूरी है।  भारतीय उच्चायुक्त श्री अशोक कांत ने समाचार एजेंसी ऑॅफ इंडिया को बताया कि श्रीलंका सरकार के अनुसार लूटे गए हथियार बरामद होने और जेल में स्थिति पूरी तरह सामान्य होने पर भारतीय अधिकारियों को कैदियों से मिलने के लिए ले जाया जा सकता है। खबरों के अनुसार लूटे हुए हथियारों की संख्या ८० से कई अधिक हो सकती है कितने कैदी लापता है इसकी पुष्टि अभी तक नहीं हो सकी है।
वहीं पुलिस ने दंगों के दौरान जेल से भाग निकले कैदियों की संख्या की न तो पुष्टि की है और न ही मरने वालों की पोस्टमार्टम रिपोर्ट जारी की है।

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